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18-08-2020
आपदा पीड़ितों को मिली 48 लाख की सहायता

रायपुर। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विभिन्न प्राकृतिक आपदा से पीड़ित व्यक्तियों को जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्व परिपत्र 6-4 के तहत आर्थिक सहायता स्वीकृत की जाती है। प्रदेश के कोण्डागांव जिले में 12 प्रकरणों में पीड़ितों को आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इसमें 48 लाख रुपए की अर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है।

10-08-2020
राज्य में अब तक 666.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज

रायपुर। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से संकलित जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक राज्य में 666.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से संकलित जानकारी के अनुसार सोमवार 11 अगस्त को सुबह रिकार्ड की गई वर्षा की जानकारी के अनुसार सरगुजा में 26.4 मिमी, सूरजपुर में 19.9 मिमी., बलरामपुर में 20.0 मिमी, जशपुर में 26.9 मिमी तथा कोरिया में  4.4 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई है। रायपुर में 3.7 मिमी, बलौदाबाजार में 1.7 मिमी, गरियाबंद में 12.0 मिमी, महासमुन्द में 1.6 मिमी, धमतरी में 95.1 मिमी, मुंगेली में 0.8 मिमी, रायगढ़ में 1.4 मिमी तथा कोरबा में 12.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई। इसी तरह गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 6.0 मिमी, दुर्ग में4.7 मिमी, कबीरधाम में 8.4 मिमी, राजनांदगांव में 28.1. मिमी, बालोद में 92.4 मिमी, बेमेतरा में 3.2 मिमी, बस्तर में 7.6 मिमी, कोण्डागांव में 16.7 मिमी, कांकेर में 31.6 मिमी, नारायणपुर में15.6 मिमी, दंतेवाड़ा में 23.3 मिमी, सुकमा में 33.4 मिमी तथा बीजापुर में, 92.5 मिमी औसत वर्षा आज रिकार्ड की गई।

06-08-2020
वर्षों से जप्त 13 मोटर सायकल को उनके वाहन स्वामियों को सुपुर्द किया गया

कोंडागांव। जिला कोण्डागांव के पुलिस अधीक्षक  सिद्धार्थ तिवारी की ओर से चलाये जा रहे जप्ती वाहन  निराकरण अभियान के तहत थाना फरसगांव में वर्षों से लंबित माल जैसे वाहन, और अन्य वस्तुओं को व्यवस्थित किया गया है। जप्त वाहन के निराकरण के लिए अभियान चलाकर वाहन मालिकों का पता लगाया गया। इसी तारतम्यम मे 5अगस्त को थाना फरसगांव मे 13 लंबित मोटर सायकल को उनके मालिकों के सुपुर्द किया गया।  सुपुर्दनामें में दिये गये वाहनों में से सन 2016 के 3, 2017 के 2, 2018 के 4, 2020 के 1 वाहन हैं। उक्त सभी एक्सीडेंट के प्रकरण वाहन है। वाहन मालिकों को  सूचित कर वाहन सुपुर्दनामें में देने थाना तलब किया गया था। जो सभी वाहन स्वामी अपने रिश्तेदारों के साथ वाहन प्राप्त करने थाना पहुंचे थे, जिन्हे थाने में स्वल्पाहार के साथ  मोटर सायकल सुपुर्द किया गया। वाहन  मिलने के पश्चात  सभी वाहन स्वामियों ने अत्यंत हर्ष व्यक्त किया और पुलिस की इस पहल को सराहा। थानो में जप्त लगभग 380 वाहनों को सूचीबद्ध कर निराकरण की कार्यवाही की जा रही है तथा वाहन स्वामियों का पता तलाश किया जा रहा है

30-07-2020
शराब बेचने की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

कोण्डागांव। शराब बेचने की फिराक में एक व्यक्ति को बांसकोट पुलिस स्टाफ ने घेराबंदी कर पकड़ा। व्यक्ति ने अपना नाम विजय टेकाम, निवासी ग्राम सिंगनपुर बताया। इसके पास से 24 पौवा अंग्रजी शराब बरामद किया। मौके पर धारा 34(1) आबकारी एक्ट के तहत आरोपी पर कार्यवाही की गई।

 

28-07-2020
लॉक डाउन में भी नहीं सुधर रहे लोग,पुलिस ने तीन दिन में वसूली 47 हजार से अधिक की राशि

कोण्डागांव। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से बचाव व रोकथाम तथा आम जनों के सुरक्षा की दृष्टिकोण से कोण्डागांव के नगरीय क्षेत्रों में 24 जुलाई से लॉक डाउन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने लगाया है। लाॅक डाउन के निर्देशों का पालन नही करने वालों के विरूद्ध कार्यवाही की जा रही है। बिना माॅस्क/फेस कवर के सार्वजनिक स्थानों पर घुमते पाये गये एवं निर्देशों का पालन नहीं करने वाले लोगों पर जुर्माना लगाया गया है। थाना एवं यातायात पुलिस ने 25 जुलाई को 54 प्रकरण में 17200 रूपये, 26 जुलाई को 19 प्रकरण में 7300 रूपये और 27 जुलाई को 111 प्रकरण में 23100 रूपये, इस प्रकार कुल 184 प्रकरणों में 47 हजार 600 रूपये की चालानी कार्यवाही की। जिले में कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा अनुभाग में एसडीएम एवं एसडीओपी के द्वारा दल बल के साथ तथा शहर की व्यवस्था देखने पैदल भ्रमण किया जा रहा है। 

 

27-07-2020
ग्राम मयूरडोंगर एवं चारगांव में वनाधिकार पट्टे से प्राप्त 283 एकड़ की भूमि में साकार हुई विकास की परिकल्पना

कोण्डागांव। सघन वनों से घिरे हुए आदिवासी बहुल गांव मयूरडोंगर और चारगांव में दो या तीन वर्ष पहले वनाधिकार पट्टेधारी कृषक अपने पट्टे से प्राप्त कृषि भूमियों में पीढ़ी दर पीढ़ी से चली आ रही धान की काश्तकारी एवं वनोपज पर निर्भर होकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। यूं तो स्थानीय ग्रामीणों का जल एवं जंगल से प्राकृतिक नाता सदियों से है। इन्हीं वनों और वनाधिकार से प्राप्त कृषि भूमि में विकास की सम्भावनाओं को देखकर स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा वर्ष 2017-18 में चारगांव एवं मयूरडोंगर को वृहत्तर कार्ययोजना में शामिल किया गया। इसके अन्तर्गत इन दोनो ग्रामोें में वनाधिकार पट्टाधारी कृषकों को कृषि, उद्यानिकी, क्रेडा, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की समस्त योजनाओं से एक साथ लाभांवित करने का निर्णय लिया गया ताकि वनाधिकार पट्टों के तहत् विकास के नये माॅडल के रूप में इन्हें स्थापित किया जा सके।

दो वर्षों में बदल गयी ग्रामों की तस्वीर
वर्तमान में इन ग्रामों को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि जो गांव पहले बीहड़ की श्रेणी में आते थे आज वहां जगह-जगह मत्स्य पालन के लिए तालाब, कुकुट एवं पशुपालन के लिए शेड, सिंचाई के लिए सोलर ऊर्जा की ईकाईयों की एक श्रृंखला क्रमवार परिलक्षित होती है। इस क्रम में वृहत्तर कार्ययोजना के तहत् ग्राम चारगांव के 27 वनाधिकार पट्टाधारी कृषक परिवारों का चयन करके उनके 168 एकड़ भूमि में फैन्सिंग तार से घेराव कर बोरवेल खनन कराये गये ताकि सभी कृषक परिवारों के पास कम से कम तीन फसलीय कृषि का विकल्प रहे। साथ ही उद्यानिकी विभाग के माध्यम से खेतों के मेड़ो में मुनगा, नारियल, आम के पौधों का रोपण भी किया गया। इसी प्रकार ग्राम मयूरडोंगर में भी चयनित वनाधिकार पट्टाधारी 28 कृषक परिवारों के 115 एकड़ भूमि को तारों द्वारा सुरक्षित कर 08 बोरवेल खनन किया गया। साथ ही इसी भूमि में 10 तालाब और 37 भूमि मरम्मत के कार्य भी प्रारम्भ हुये। वर्तमान में यहां 20 तालाब और 25 कुकुट शेड का निर्माण हो चुका है। साथ ही सिंचाई के लिए ट्यूबवेल बोरखनन, ड्रिप स्प्रिंकलर के माध्यम से आधुनिक खेती की शुरूआत भी की जा चुकी है। साथ ही इन वनाधिकार पट्टाधारी चयनित परिवार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पोल निर्माण जैसे रोजगार परक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस संबंध में ग्राम मयूरडोंगर के कृषक जयसिंह का कहना था कि सौर ऊर्जा पम्प के कारण उसके खेत आज सिंचाई सुविधा से युक्त हुये और उसकी वर्षो की साध पूरी हुई। क्योंकि गर्मियों में जो खेत सूखे और बंजर रहते थे अब उन्हीं खेतों में खरीफ के बाद रबी की फसल भी हो सकेगी। इसके लिये उसे उद्यानिकी विभाग से मुनगा और आम के उन्नत पौधे एवं कृषि विभाग की ओर से निःशुल्क दिये गये। इसके साथ ही उसके जैसे अन्य वनाधिकार पट्टाधारी 13 कृषकों के खेत में भी सौर सुजला योजना के तहत् सोलर पम्प लगाये गये हैं। इसी प्रकार ग्राम चारगांव में भी माॅ शीतला स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष सुमित्रा बाई की अगुवाई में समूह द्वारा हरी सब्जियों के उत्पादन का जिम्मा उठाया गया है। और कृषि विभाग की सहायता से मूंगफल्ली, धनिया जैसे हरी सब्जियों की क्यारियां लगाई गई है।

25-07-2020
होम क्वारेंटाइन का उल्लघंन करने वालों के खिलाफ होगी एफआईआर

कोंडागांव। जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कलेक्टर के आदेश पर कोण्डागांव में 25 से 31 जुलाई तक लगाये गये लाॅकडाउन के प्रथम दिन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय कोविड कोर कमेटी की बैठक कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा एवं पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कलेक्टर ने जिले में कम्युनिटी स्प्रेड की दशा को रोकने के लिए लाॅकडाउन का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कान्टेक्ट ट्रेसिंग  पर ध्यान केन्द्रित करने को कहा। टेस्ट को बढ़ाकर जितने भी अधिक संक्रमितों की जानकारी इक्ट्ठा की जा सके वह कोरोना के संक्रमण को रोकने मे सहायक होगी। शाम 4 बजे के बाद ’जीरो ट्रेफिक’ नीति के तहत् किसी भी व्यक्ति की सड़कों पर आवाजाही प्रतिबंधित की जायेगी एवं उन पर जुर्माना भी लगाया जायेगा। केवल आपातकालीन स्थिति में ही घरो से निकलने की अनुमति होगी एवं मास्क ना पहनने वालो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करने वालो के विरूद्ध जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर करने की कार्यवाही भी की जा सकती है।

इसके अलावा आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के लिए मार्क या गोले बनायें जायेंगें साथ ही दुकानदारों को ’नो मास्क नो गुड’ की नीति के तहत् बिना मास्क लगायें आये किसी भी खरीददार को समान ना देने को कहा गया है। ऐसा करते पाये जाने पर दुकानदारों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगीविगत दिनो होम क्वारेंटाइन किये गये लोगों द्वारा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने ऐसे किसी व्यक्ति जो कि होम क्वारेंटाइन के नियमों का उल्लंघन करते पाये जाते हैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। होम क्वारेंटाइन किये गये लोगों के हाथों में अमिट स्याही के द्वारा होम क्वारेंटाइन होने की मुहर लगाई जायेगी। इसमें गोल घेरे के मध्य अंग्रेजी वर्ण माला का ’’एच’’ (भ्) अंकित होगा। ज्ञात हो कि जिले में 1288 लोगों को होम क्वांरेटाइन किया गया है।

18-07-2020
मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की शुरूवाती प्रक्रिया शुरू,‘नेकाफ‘ प्रतिनिधियों के संग कलेक्टर की हुई मेगा बैठक

रायपुर/कोण्डागांव। बस्तर के आदिवासी बहुल जिले कोण्डागांव में प्रस्तावित महात्वाकांक्षी परियोजना मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण ईकाई निर्माण की शुरूवाती प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। ज्ञातव्य है कि जिला कोंडागांव के किसानों द्वारा किया जा रहा मक्का उत्पादन एक समस्या की तरह नजर आता था क्योंकि स्थानीय स्तर पर मक्के की खपत ना होने की वजह से फसल के दाम नहीं मिल पाते थे। पर छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन की पहल पर कोंडागाँव के 65 हजार किसानों ने एक साझा सपना मक्का प्रसंस्करण इकाई के रूप में देखा। सहकारिता की मूल भावना को केंद्र में रखकर आरंभ किया गया यह भागीरथ प्रयास धीरे-धीरे अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। अनगिनत लोगों के मानसिक श्रम, सोच और संकल्पना के साथ ही असंख्य श्रमवीरों की शुभेच्छा और श्रम साधना अब आकार ले रही है। जिला प्रशासन के प्रयासों की बदौलत ही मक्का प्रसंस्करण के प्रकल्प से 50 हजार के लगभग किसान अल्प समय में जुड़े और परियोजना के हिस्सेदार बने हैं। कोंडागाँव के किसानों के लिए समस्या की तरह नजर आने वाला मक्के का विपुल उत्पादन समाधान में बदलने की कवायद के रुप में यह प्रयास निरंतर आगे बढ़ रहा है और इस सहकारिता की भावना ने आज एक आंदोलन का रूप ले लिया है ।
इस संबंध में जिले के कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में आयोजित आज आवश्यक बैठक रखी गई थी। इस बैठक में कलेक्टर ने प्रस्तावित प्लांट की क्षमता, उत्पादन, मानव शक्ति, मक्के के विभिन्न उत्पादों के निर्यात, परिवहन, बाजार प्रबंधन,किसानों के लाभांश का बारीकी से विश्लेषण करते हुए विभिन्न निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गयी कि कुल 136 करोड़ की लागत से स्थापित होने जा रही यह इकाई मुख्यतः मक्के से स्टार्च, ग्लूटोन, ग्लूकोज, प्रोटीन व फाइबर का निर्माण करेगी साथ में यह भी बताया गया कि इन सभी उत्पादों की राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में जबरदस्त माँग है। 300 टन प्रतिदिन मक्के की खपत वाला यह कारखाना अपने उत्कृष्ट उत्पादन,विपणन व मार्केटिंग कौशल से 4 वर्षों में स्वावलंबी हो सकेगा।

चूंकि इस प्रसंस्करण ईकाई में जिले के 50 हजार कृषक हिस्सेदार बने हैं उसे देखते हुए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी कि बस्तर के अबूझ कहे जाने वाले वनवासी जन अपने श्रम की सामर्थ्य और सहकार भाव से समूचे प्रदेश को विकास की नई राह दिखाने के साथ ही मक्का प्रसंस्करण इकाई के रूप में आर्थिक समृद्धि की एक नई नजीर पेश करने जा रहे हैं,जिससे जिले की आने वाली पीढ़ियां दीर्घकाल तक प्रेरणा लेती रहेंगी। मक्का कारखाने की पूर्ण होने की समय सीमा यूं तो 18 माह नियत है लेकिन जिला कलेक्टर द्वारा त्वरित पहल करते हुये मक्का प्लांट में आने वाली तमाम रूकावटों को दूर कर तत्काल निर्माण कार्य आरंभ करने निर्देशित किया गया और उम्मीद जताई कि परियोजना तय सीमा से पहले ही बन कर तैयार होगी। जहां तक प्लांट की स्थापना से यहां के कृषकों को मिलने वाले दूरगामी लाभ पर दृष्टि डाली जाये तो वर्तमान में जहां कृषकों को मक्का के प्रति क्विंटल मूल्य 1 हजार से 15 सौ रूपये मिल रहा है वहीं प्रोसेसिंग पश्चात् उन्हें 35 सौ रूपये प्राप्त होंगे। इस प्रकार कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी इसके अलावा मौजुदा राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय बाजार के नजरिये से भी प्लांट की एक बड़ी भूमिका होगी। साथ में स्थानीय तौर पर प्रत्यक्ष रूप में 8 सौ से 1 हजार लोगों को तत्काल रोजगार उपलब्ध होगा जबकि अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख व्यक्ति रोजगार की दृष्टि से लाभांवित होंगे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि स्थानीय कृषकों के लिए बेहद अहम इस सयंत्र के स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। और यह पूरे विश्वास के साथ कहा जा सकता है कि आने वाले समय में यहां के कृषकों के सामाजिक आर्थिक बदलाव में इस सयंत्र की प्रमुख भूमिका होगी। और इस संबंध में हर समय-सीमा बैठक में सयंत्र निर्माण की प्रक्रिया चरणबद्ध समीक्षा की जायेगी। जिला कलेक्ट्रट सभाकक्ष में चली आज की मैराथन बैठक में कारखाना के नवनियुक्त प्रबन्ध संचालक केएल उईके, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी डीएन कश्यप, पूर्व प्रबंध संचालक पवन प्रेमी सहित नेकाफ के रवि मानव, एनएफसीडी के सिंटू चकमा, हरि स्टोर के भावेश के अलावा नेकाफ की पूरी टीम ने शिरकत की।

 

18-07-2020
 मक्का प्रोसेसिंग प्लांट की शुरूवाती प्रक्रिया आरंभ, नेकाफ प्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर ने की बैठक

कोंडागांव।  बस्तर के आदिवासी बहुल जिले कोण्डागांव में प्रस्तावित महात्वाकांक्षी परियोजना मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण ईकाई निर्माण की शुरूवाती प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है।  जिला कोंडागांव में स्थानीय स्तर पर मक्के की खपत ना होने की वजह से फसल के दाम नहीं मिल पाते थे। सरकार की पहल पर कोंडागाँव के 65 हजार किसानों ने एक साझा सपना मक्का प्रसंस्करण इकाई के रूप में देखा। सहकारिता की मूल भावना को केंद्र में रखकर आरंभ किया गया यह प्रयास धीरे-धीरे अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहा है। मक्का प्रसंस्करण के प्रकल्प से 50 हजार के लगभग किसान अल्प समय में जुड़े और परियोजना के हिस्सेदार बने हैं। इस संबंध में कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा की अध्यक्षता में आवश्यक  बैठक हुई। बैठक में कलेक्टर ने प्रस्तावित प्लांट की क्षमता, उत्पादन, मानव शक्ति, मक्के के विभिन्न उत्पादों के निर्यात, परिवहन, बाजार प्रबंधन, किसानों के लाभांश का बारीकी से विश्लेषण करते हुए विभिन्न निर्देश दिये। बैठक में जानकारी दी गयी कि कुल 136 करोड़ की लागत से स्थापित होने जा रही यह इकाई मुख्यत: मक्के से स्टार्च, ग्लूटोन, ग्लूकोज, प्रोटीन व फाइबर का निर्माण करेगी साथ में यह भी बताया गया कि इन सभी उत्पादों की राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में जबरदस्त माँग है। 300 टन प्रतिदिन मक्के की खपत वाला यह कारखाना अपने उत्कृष्ट उत्पादन , विपणन व मार्केटिंग कौशल से 4 वर्षों में स्वावलंबी हो सकेगा।

वर्तमान में जहां कृषकों को मक्का के प्रति क्विंटल मूल्य 1 हजार से 15 सौ रुपए मिल रहे हैं वहीं प्रोसेसिंग पश्चात उन्हें 35 सौ रुपए प्राप्त होंगे। इस प्रकार कृषकों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी इसके अलावा मौजुदा राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय बाजार के नजरिये से भी प्लांट की एक बड़ी भूमिका होगी। अप्रत्यक्ष रूप से 1 लाख व्यक्ति रोजगार की दृष्टि से लाभांवित होंगे। जिला कलेक्ट्रट सभाकक्ष में हुई बैठक में कारखाना के नवनियुक्त प्रबन्ध संचालक के एल उईके, जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी डी एन कश्यप, पूर्व प्रबंध संचालक पवन प्रेमी सहित नेकाफ के रवि मानव, एन एफ सी डी के सिंटू चकमा, हरि स्टोर के भावेश के अलावा नेकाफ की पूरी टीम ने शिरकत की।

11-07-2020
डॉ.प्रियंका शुक्ला ने कहा, कोई भी व्यक्ति मास्क के बिना बाहर ना निकले, जिले में चलाएं वृहद अभियान

कोण्डागांव। जिले की प्रभारी सचिव के रूप में नियुक्ति के उपरांत अपने पहले प्रवास पर डॉ.प्रियंका शुक्ला कोण्डागांव पहुंचीं एवं कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में सभी विभागों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य प्राथमिकता देते हुए जिले के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की। कोरोना काल के दौरान कोविड-19 बीमारी के प्रसार को रोकने में कोण्डागांव की सम्पूर्ण जिला प्रशासन के द्वारा किये गए प्रयास से जिले में कोरोना के मामले सबसे कम रहे,जिसके लिए उन्होंने सभी की सराहना की साथ ही धीरे-धीरे मौसम के बदलाव के साथ और भी सतर्कता बरतने एवं सभी व्यक्ति जो बाहर जा रहे हैं उनके लिए मास्क को पहनना अनिवार्य करने और ना पहनने वालों के विरुद्ध आर्थिक दंड लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में सभी स्ट्रीट वेंडरों, ढाबों, होटलों के कर्मचारियों,स्वास्थ्य कर्मियों,प्रवासी मजदूरों एवं सुरक्षा बलों के जवान,जो बाहर से जिले में आये हैं उनकी नियमित रूप से जांच करने एवं अन्य राज्यों से आने वाले लोगो पर कड़ी निगरानी के साथ क्वारेंटाइन सेंटरों के नियमित सेनेटाइजेशन के निर्देश दिए। डॉ शुक्ला ने इसके अलावा जिले में चल रहे मलेरिया मुक्त बस्तर एवं सुपोषण अभियान के अंतर्गत किये गए कार्यों की प्रशंसा की एवं जिले से मलेरिया को एक वर्ष में पूर्णतः समाप्त करने के लिए परजीवी को ही समाप्त करने, मच्छरदानी लगाने, आईआरएस के छिड़काव, पानी के स्रोतों में गम्बूजिया मछली को डालने एवं व्यवहार परिवर्तन पर जोर देने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत सीईओ डीएन कश्यप, उत्तर वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर, दक्षिण वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, सीएमएचओ टीआर कुँवर, सहायक आयुक्त जीआर शोरी समेत सभी विभागों के विभागाध्यक्ष एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

10-07-2020
अनुपयोगी कम्प्यूटर उपकरणों एवं मार्सल के लिए निविदा 13 तक आमंत्रित

रायपुर/कोण्डागांव। जिला पंचायत कार्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिला पंचायत कोण्डागांव में अनुपयोगी एवं अपलेखित कम्प्यूटर उपकरणों एवं मार्सल की नीलामी के लिए द्वितीय निविदा जारी की गई है। इसके अंतर्गत जिला पंचायत (डीआरडीए) की मार्सल (1 नग, अपलेखन मूल्य 22000 रू.) एवं जिला पंचायत (मनरेगा) के स्केनर (1 नग, अपलेखन मूल्य 201 रू.), कॉटरेज (2 नग, अपलेखन मूल्य 392 रू.), माउस (2 नग, अपलेखन मूल्य 30 रू.), कीबोर्ड (1 नग, अपलेखन मूल्य 47 रू.), यूपीएस (6 नग, अपलेखन मूल्य 700 रू.), नीलामी के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी निविदा फॉर्म, नियम शर्तो एवं सामग्री अवलोकन के लिए कार्यालयीन समय में 13 जुलाई तक कार्यालय जिला पंचायत में सम्पर्क कर सकते हैं।

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