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16-09-2020
राहत भरी खबर : प्रदेश में जल्द कोविड मरीजों के लिए 2 हजार ऑक्सीजन युक्त बेड की होगी व्यवस्था

रायपुर। पूरे प्रदेश में जल्द ही ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 2000 और बढ़ाई जा रही है। इसे मिलाकर अब राज्य में इसकी संख्या 4283 हो जाएगी । वर्तमान  में यह संख्या 2283 है,जिसमें 787 ऑक्सीजन युक्त बेड सरकारी अस्पतालोें, 616 बेड निजी और 880 बेड कोविड केयर सेंटर में हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ.प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य में वर्तमान में कोविड मरीजों के लिए कुल 32938 जनरल बेड हैं। उन्होंने कहा है कि,  शासकीय अस्पतालों में 3727 कुल बेड हैं, जिनमें 2940 जनरल, 787 ऑक्सीजन युक्त और 406 आईसीयू हैं। इसी प्रकार कोविड केयर सेंटर में कुल जनरल बेड 26758 और ऑक्सीजन बेड 880 हैं। निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 957 जनरल बेड , 616 ऑक्सीजनयुक्त बेड और 436 आईसीयू बेड निर्धारित किए गए हैं। विभाग की ओर से लगातार कोविड मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

 

15-09-2020
ट्रैफिक सिग्नल को नजरअंदाज करना पड़ेगा महंगा, 2-3 सेकंड पहले निकलने पर की हड़बड़ी भी पड़ेगी भारी

रायपुर। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर शहर की यातायात व्यवस्था और चौक चौराहों को स्मार्ट बनाने व सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने के लिए यातायात पुलिस रायपुर लगातार नित नए प्रयोग कर रही है, व्यवस्था बनाई जा रही है। इसी क्रम में स्मार्ट सिटी की ओर से लगाए गए आईटीएमएस कैमरों के माध्यम से नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालाक के विरुद्ध ई चालान नोटिस जारी की जा रही है। यह चालान नोटिस वाहन चालक को अनिवार्य रूप से पटाना होगा। यदि वह चालान नहीं पटाता तो आरटीओ से मिलने वाली समस्त सेवाएं बाधित रहेगी।  इसके अतिरिक्त एक ही नियम को बार-बार उल्लंघन करने पर ने दोगुना चालान पटाना पड़ेगा। सिग्नल उल्लंघन करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत 200 का चालान बनता है, किंतु यही गलती दोबारा करने पर वह चालान 1000 तक भरना पड़ेगा। कोरोना संकट के कारण संक्रमण की रोकथाम और उल्लंघन करता वाहन चालकों की सुविधा के लिए यातायात पुलिस रायपुर की ओर से आनलाइन ई पेमेंट की सुविधा जारी की गई है। इसके तहत नियमों को उल्लंघन करने वाले चालकों को घर बैठे मोबाइल एप के माध्यम से चालान भरने की सुविधा दी गई है।

बताया गया है कि, ई चालान जारी होने वाले ज्यादातर उल्लंघन करता वाहन 2 से 3 सेकंड  पूर्व यलो लाइट में ही सिग्नल पार कर रहे हैं। वाहन चालकों से अपील की गई है कि, ट्रैफिक सिग्नल को नजरअंदाज ना करें। सिग्नल ग्रीन होने पर ही आगे बढ़े। ग्रीन सिग्नल के पहले निकलने पर ई चालान जनरेट हो सकता है। यातायात पुलिस के मुताबिक ज्यादातर उल्लंघन करने वाले वाहन चालक यह मानकर की चौक पर कोई पुलिस अधिकारी कर्मचारी नहीं है, सिग्नल तोड़कर चले जाता है किंतु चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों की नजर से नहीं बच पाता। उसे तहत ई चालान नोटिस जारी हो जाता है। स्मार्ट सिटी की ओर से स्थापित आईटीएमएस सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से यातायात पुलिस रायपुर को ई चालान नोटिस जारी करते 1 वर्ष से भी अधिक समय हो चुका है। इन 1 वर्षों में ई चालान  उल्लंघन करता वाहन चालकों की संख्या में लगातार कमी होनी शुरू हो चुकी है। लोग जागरूक हो रहे हैं और चौक चौराहों पर यातायात नियमों का पालन करने लगे हैं। शहर में अनुशासन दिखने लगा है और चौक चौराहों में भी वाहन चालक सिग्नल का पालन कर रहे हैं।

 

14-09-2020
प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है : शिवरतन शर्मा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना संक्रमण के इलाज की व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शर्मा ने कहा है कि एक ओर प्रदेश में रोज हजारों कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं और दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है। कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की सोच व तैयारियां उसकी अक्लमंदी और समझ पर सवाल खड़ा कर रही हैं। शर्मा ने कहा है कि सितंबर की शुरुआत से ही प्रदेश में जिस रफ़्तार के साथ कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, उसे देखकर यह लग रहा है कि छत्तीसगढ़ बहुत जल्द देश का कोरोना संक्रमण वाला अव्वल राज्य हो जाएगा। जिस छत्तीसगढ़ की तुलना न्यूजीलैंड से करके और राहुल गांधी के टिप्स का हवाला देकर प्रदेश सरकार कोरोना मुक्त छत्तीसगढ़ के दावे करती इठला रही थी, उस छत्तीसगढ़ के हर गली-मुहल्लों में कोरोना संक्रमण को पहुंचाकर प्रदेश सरकार ने अपने निकम्मेपन की इबारत खुद अपने हाथों लिख दी है। शर्मा ने कहा है कि, हजारों-हजार कोरोना मरीजों के लिए महज 560 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करके प्रदेश सरकार को अपनी वाहवाही कराने में जरा-सी भी शर्म महसूस क्यों नहीं हो रही है? जिस छत्तीसगढ़ में रोजाना ढाई से तीन हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहां 22 हजार बेड्स का दावा करने वाली प्रदेश सरकार के मौजूदा इंतजाम देखकर उसकी अक्लमंदी पर तरस आ रहा है। सरकार का यह रवैया फिर यह साबित कर रहा है कि, प्रदेश सरकार की सूझबूझ और समझ पर पूरी तरह पाला पड़ गया है और वह इस महामारी से निपटने के लिए कतई गंभीर और संवेदनक्षम नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अब भी आंखों पर पट्टी बांधे, कानों में रुई ठूसे और मुंह में दही जमाए बैठे हैं। वे न तो प्रदेश के कोविड सेंटर्स का मुआयना करना जरूरी समझ रहे हैं और न ही प्रदेश के सभी लोगों को साथ और विश्वास में लेकर इस जंग का मुकाबला करने तैयार हैं। प्रदेश के कोविड सेंटर्स में न तो पर्याप्त चिकित्सा उपकरण हैं, न ही ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। मरीजों को इलाज के अस्पतालों में भर्ती तक नहीं किया जा रहा है, जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, उनके फेफड़ों की जांच के लिए एक्स-रे मशीन नहीं है।  मरीजों को समय पर चाय, नाश्ता, काढ़ा, भोजन और दवाएँ तक समय पर नहीं मिल पा रही हैं।  कोरोना टेस्टिंग में छत्तीसगढ़ 20वें स्थान पर है।

13-09-2020
सोमवार से जिला अस्पताल में फीवर क्लिनिक में 3 काउंटर और होंगे शुरू,आइसोलेशन वार्ड में बेड बढ़कर होंगे 30

दुर्ग। सोमवार से जिला अस्पताल में फीवर सेंटर में 3 काउंटर आरम्भ हो जाएंगे। इस संबंध में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रविवार को कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने पुनः जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां वे कैसुअल्टी वार्ड भी पहुंचे। यहां 15 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसमें 15 अतिरिक्त बेड की व्यवस्था भी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। उन्होंने अस्पताल आने वाले पेशेंट को आते ही स्टेबल करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में दवा की उपलब्धता के संबंध में भी जानकारी ली। साथ ही उन्होंने  कोरोना वारियर के लिए आवश्यक पीपीई जैसे सुरक्षा उपकरणों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जो गंभीर मरीज आते हैं और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षणों से गुजर रहे हों, उन्हें आपात कालीन कोरोना प्रोटोकॉल के मुताबिक स्टेबल करे। इसके लिए पूर्व में प्रशिक्षण भी दिए गए हैं।

कलेक्टर ने कहा कि फीवर क्लिनिक में व्यवस्था बेहद अहम है। सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। नए काउंटर आरम्भ होने के पश्चात समय काफी घट जाएगा, इससे सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने में आसानी होगी। कलेक्टर ने फीवर क्लिनिक में कार्य कर रहे हेल्थ स्टाफ से भी चर्चा की। उन्होंने सिविल सर्जन से लगातार इस दिशा में मॉनिटरिंग करने कहा ताकि जल्द से जल्द सैंपल लेने की प्रक्रिया पूरी की जा सके और लोगों को टेस्ट के लिए न्यूनतम समय लगे। कलेक्टर ने रात की पाली में जिला चिकित्सालय की व्यवस्था की जानकारी भी ली। सिविल सर्जन ने रात के समय डयूटी के लिए लगाए गए स्टाफ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी को दायित्वों की जानकारी दे दी गई है और वे इसका निर्वहन कर रहे हैं। आपात केस के लिए आवश्यक प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बताया कि रात के समय सैंपलिंग के लिए भी दल बनाया गया है। इस दौरान एसडीएम खेमलाल वर्मा भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि नए काउंटर की तैयारियां हो गई हैं। सोमवार से यह आरम्भ हो जाएंगी। कलेक्टर ने अस्पताल परिसर के नियमित सैनिटाइजेशन तथा साफ सफाई की उत्तम व्यवस्था के संबंध में भी अधिकारियों को निर्देशित किया।

 

10-09-2020
निजी अस्पतालों से आ रही शिकायतों पर कलेक्टर के सख्त निर्देश,कहा- व्यवस्था बेहतर करें

दुर्ग। निजी अस्पतालों के प्रबंधन कि लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने गुरुवार को निजी अस्पताल के प्रबंधकों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने निजी अस्पताल प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार के मामले में किसी भी तरह की शिकायत आने पाने पर स्वास्थय विभाग की गाइड लाइन के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रत्येक अस्पताल में रिफरल मरीज एवं डेड बॉडी मैनेजमेंट तथा अन्य मामलों में समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। नोडल अधिकारी अस्पताल प्रबंधन के साथ इस संबंध में समन्वय करेंगे ताकि मरीजों को और उनके परिजनों को किसी तरह की दिक्कत ना आए। रिफरल की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन नोडल ऑफिसर को जानकारी देंगे। कलेक्टर ने कहा कि गंभीर मरीजों, बुजुर्ग मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक हॉस्पिटल में आइसोलेशन वार्ड पृथक से होंगे। कलेक्टर ने हाइटेक हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 7 दिन का प्रतिबंध भी लगाया है। उन्होंने कहा कि सारी स्थिति की कड़ाई से मॉनिटरिंग की जा रही है। नोडल अधिकारियों से समन्वय कर सबसे अच्छा इलाज दें।

 

09-09-2020
होम आइसोलेशन के संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने जारी की चेकलिस्ट, व्यवस्था और कार्यवाही के निर्देश

रायपुर। कोविड-19 के अलाक्षणिक और हल्के लक्षण वाले मरीजों के होम आइसोलेशन में इलाज की व्यवस्था और जरूरी कार्यवाहियां तय करने स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों के लिए चेकलिस्ट जारी की है। होम आइसोलेशन की व्यवस्था देख रहे सभी अधिकारियों को इसके अनुसार व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। चेकलिस्ट के अनुसार व्यवस्था व कार्यवाही पूर्ण किए जाने की जानकारी स्टेट कोविड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर को उपलब्ध कराने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने चेकलिस्ट के साथ मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, होम आइसोलेशन की आवश्यकता और मापदंडों के अनुरूप शहरी क्षेत्रों में समुचित व्यवस्था करें। इसके लिए कोरोना नियंत्रण के लिए काम कर रहे सभी कार्यक्रम अधिकारियों को होम आइसोलेशन के लिए जारी दिशा-निदेर्शों व प्रपत्रों के संबंध में संवेदीकरण (Sensitization) किया जाना जरूरी है।

होम आइसोलेशन की व्यवस्था और इसकी निगरानी के लिए सप्ताह में सातों दिन चौबीसों घंटे चलने वाले कॉल सेंटर एवं कंट्रोल रूम की जिला मुख्यालय और प्रमुख विकासखंडों में स्थापना के साथ ही कंट्रोल रूम प्रभारी का नाम और मोबाइल नम्बर जारी किया जाना है।स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को चेकलिस्ट के अनुसार होम आइसोलेशन के कार्य के लिए अलग-अलग चरणों में कार्य संपादन, कन्ट्रोल रूम औरं निगरानी कार्य के लिए नियुक्त स्वास्थ्य कर्मियों का ड्यूटी रोस्टर, प्रबंधन व समन्वय के लिए रैपिड एक्शन टीम के गठन तथा टीम लीडर के नाम व मोबाइल नंबर सहित ड्यूटी रोस्टर जारी करने कहा गया है। होम आइसोलेट होने वाले पॉजिटिव मरीजों को दिशा-निर्देशों व दवाइयों की खुराक के बारे में जानकारी वितरण के लिए तैयार कराने, जिला प्रशासन की ओर से होम आइसोलेटेड मरीज के घर से घरेलू अपशिष्ट के संग्रहण और इसके समुचित प्रबंधन के लिए अंतर्विभागीय चर्चा और इस कार्य के लिए ड्यूटी का निर्धारण भी करने कहा गया है। विभाग ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों की निगरानी व चिकित्सकीय कार्य के लिए नामांकित किए गए डॉक्टरों के संवेदीकरण व निजी चिकित्सकों को दायित्व सौंपे जाने की स्थिति में उनकी सहमति प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं।

08-09-2020
Video: शहर की साफ सफाई की व्यवस्था को लेकर जनता कांग्रेस ने सौंपा महापौर को ज्ञापन

अम्बिकापुर। शहर में बढ़ते कचरे को देखते हुए जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने महापौर को ज्ञापन सौंपा। इसमें शहर की साफ सफाई और शराब दुकान हटाने की बात कही है। बता दें कि अम्बिकापुर शहर स्वच्छता में हमेशा अव्वल रहा है लेकिन शराब दुकान और रोजगार कार्यालय के आसपास शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और इसी कारण गंदगी का भी अम्बार लगा रहता है। लेकिन इस ओर नगर निगम कोई ध्यान नहीं देता। इसे लेकर मंगलवार को जनता कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने महापौर को ज्ञापन सौंप कर कार्यवाही करने की मांग की है। महापौर अजय कुमार तिर्की ने कहा कि तत्काल सफाई कर्मचारियों को भेजा जा रहा है। शराब दुकान के आसपास के दुकानदारों को साफ सफाई करने की समझाइश दी जाएगी। तिर्की ने कहा कि शराब दुकान हटाने की बात है तो इसके लिए जिला प्रशासन से बात की जाएगी।

07-09-2020
कोरोना वारियर्स व आम जनता के उत्तम इलाज की हो व्यवस्था,अस्पताल प्रबंधन मरीजों को भटकने ना दें : वोरा

दुर्ग। जिले में कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए शहर विधायक अरुण वोरा ने सीएमएचओ गंभीर सिंह ठाकुर से विस्तार से चर्चा कर शहर में कोरोना वारियर्स एवं आम जनता के लिए शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। सीएमएचओ ने बताया कि वर्तमान में दुर्ग जिले में चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज मचांदुर एवं शंकराचार्य मेडिकल कालेज जुनवानी में शासन द्वारा निःशुल्क इलाज की व्यवस्था कराई गई है व बिना लक्षण के मरीजों को निःशुल्क दवाइयों एवं डॉक्टरी मार्गदर्शन के साथ होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।

साथ ही जिला अस्पताल दुर्ग, शासकीय अस्पताल सुपेला सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी कोरोना जांच की व्यवस्था की गई है। विधायक वोरा ने कहा कि कोविड पॉजिटिव मरीजों को लगातार अपनी सेवाएं दे रहे कोरोना वारियर्स एवं आम जनता को इलाज के लिए भटकाव की स्थिति नहीं निर्मित होनी चाहिए। सभी का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से भी एक बार पुनः घरों पर रहने व खुद को सुरक्षित रखने की अपील की। गौरतलब है कि विधायक वोरा पहले लॉक डाउन से ही शहर में आम जनता की स्वास्थ्य सुविधाओं एवं राशन की उपलब्धता सुनिश्चित करने जुटे हुए हैं साथ ही विधानसभा में भी नगर निगम द्वारा कोरोना रोकथाम के लिए किए जा रहे कार्यों से संबंधित प्रश्न लगाया था जिसमें बताया गया कि निगम द्वारा टेक्नोस एग्रीकल्चर मशीन, सीकर मशीन एवं सोडियम ह्यपोक्लोराइड क्रय कर लगातार सेनेटाइजेशन का कार्य कराया जा रहा है।

 

31-08-2020
कोरोना संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए मंत्रालय महानदी भवन में नई व्यवस्था

रायपुर। राज्य शासन ने कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए महानदी भवन में शासकीय और बाहरी व्यक्तियों के डाक संग्रहण की नई व्यवस्था की है। मंत्रालय महानदी भवन के कक्ष क्रमांक-ए-बी-02, प्रवेश द्वार क्रमांक-एफ, स्टेट बैंक के एटीएम के पास बनाए गए केन्द्रीय डाक कार्यालय में समस्त प्रकार के शासकीय डाक, बाहरी व्यक्तियों के आवेदन पत्र तथा अन्य समस्त प्रकार के पत्र डाक जमा किए जाएंगे।

केन्द्रीय डाक कार्यालय के दूरभाष क्रमांक-8109440839 और 9755766766 पर संपर्क कर के इस संबंध में जानकारी ली जा सकती है। बता दें कि राज्य शासन ने कोविड-19 के संक्रमण से बचाव के लिए मंत्रालय महानदी भवन में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को पूर्णत:प्रतिबंधित कर दिया है। इसी संदर्भ में डाक संकलन की नई व्यवस्था की गई है।

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