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28-07-2021
इंद्रावती नदी में पुल की सुरक्षा व्यवस्था देखने पहुंचे पुलिस महानिरीक्षक, ग्रामीणों से हुए रूबरू

जगदलपुर। इंद्रावती नदी पर चार पुल का निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदाय करने के लिए 4 सुरक्षा बेस कैम्प स्थापित किए गए है। विगत दिनों पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी. एवं पुलिस अधीक्षक, दन्तेवाड़ा डॉ. अभिषेक पल्लव ने ग्राम छिन्दनार का भ्रमण कर पुल निर्माण कार्य प्रगति की समीक्षा। इस दौरान ग्रामीणों ने पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज से रूबरू होते हुए पुल निर्माण से ग्रामीणों को हो रही सुविधा एवं फायदा से अवगत कराते हुए शासन-प्रशासन तथा सुरक्षाबलों के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि छिन्दनार पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने पर पहुनार, काऊरगांव, बड़ेकरका, छोटेकरका, चेरपाल, तुमरीगुंडा, पदमेटा, हितावर, हांदावाड़ा एवं बेड़मा सहित दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र की सैकड़ो गांव लाभान्वित होने के साथ-साथ यह पुल पूर्वी बस्तर, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर एवं अबूझमाड़ क्षेत्र की जनता के लिए सेतु के रूप में कार्य करेगा। पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुंदरराज पी. द्वारा बताया गया कि बस्तर क्षेत्र के वनांचल ईलाकों में जनता की आवागमन के लिए शासन-प्रशासन की ओर से स्वीकृत पुल-पुलिया एवं सड़कों का निर्माण कार्य को सुरक्षा प्रदान किए जाने के लिए बस्तर पुलिस एवं क्षेत्र में तैनात केन्द्रीय अर्द्धसैनिक बल दृढ़ संकल्पित है।

 

22-07-2021
वार्डो में सफाई व्यवस्था देखने पैदल निकले महापौर, वार्डवासियों से लिया फीडबैक

दुर्गं। नगर निगम महापौर धीरज बाकलीवाल गुरुवार को वार्ड 20 और 21 की की साफ सफाई और मूलभूत सुविधाओं को देखने पैदल निकले। महापौर ने लोगों से फीडबैक भी लिया और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिये। निगम महापौर ने किया सफाई व्यवस्था का किया निरीक्षण करते हुए वार्ड 20 आदित्य नगर विवेकानंद भवन के पीछे लोगों ने सीवरेज लाइन की समस्या को लेकर अवगत कराया। उन्होंने अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा जल्द समस्यों को निराकरण और सड़क के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा। आदित्य नगर क्षेत्र नया पारा नवीन स्कूल के पीछे कही कही नालियों में जाम की स्थिति बनी रहती है, समस्या को देखते हुए स्वस्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता को साफ़ सफाई करवाने के निर्देश दिए। वही बारिश के कारण सड़क में पानी जाम होने से आवागमन में लोगों को परेशानी न हो इसके लिए पानी निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था करें, महापौर ने आदित्य नगर साई गुरु कृपा किराना स्टोर्स के सामने गार्डन का संधारण करके वहां बैटमिंटन कोट बनवाने के लिए अधिकारी को निर्देश दिए। इस दौरान स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां से गुजर रही पानी की पाइप लाईन में से पुलिया और सड़क डेमेज है और इसकी वजह से काफी परेशानी होती है। इस पर महापौर ने अमृत मिशन के मौजूद सदस्यों को सड़क और पुलिया तुरन्त इसे दुरूस्त करवाने के निर्देश दिये। इसके बाद उन्होंने वार्ड 21 सिंधिया नगर,तितुरडीह और विराट नगर समेत क्षेत्र का साइकिल से भ्रमण किया। महापौर अधिकारियों को निर्देश दिये कि मरम्मत का कार्य शीघ्र पूरा करवाया जाए। छोटे - छोटे कार्यो के लिए लेटलतीफी न करें। इस दौरान विनीश साहू,नंदू ध्रुव,राहुल अग्रवाल,सन्नी साहू,अमोल जैन,मायूब अली और अन्य मौजूद थे।

22-07-2021
एम्स के सामने फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने किया मौन प्रदर्शन, कहा-मांग पूरी नहीं होने पर दवा व्यवस्था करेंगे बाधित

रायपुर। राजधानी के एम्स अस्पताल के सामने फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने गुरुवार को मौन प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने कहा कि अगर जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं होती है तो अस्पताल के दवा व्यवस्था को पूर्ण रूप से बाधित कर दिया जाएगा। दरअसल, एम्स रायपुर प्रबंधन के अड़ियल रवैए के खिलाफ फार्मासिस्टों ने मानव श्रृंखला बनाकर मौन प्रदर्शन किया। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA) विगत कई वर्षों से रायपुर एम्स में फार्मासिस्ट की नियमित भर्ती करने, ड्रग इनफार्मेशन सेंटर (DIC) शुरू करने और ड्रग इनफार्मेशन सेंटर में फार्मासिस्ट नियुक्त करने के साथ ही फार्मेकोविजिलेंस विभाग शुरू करने, एम्स परिसर में जन औषधी दवा दुकान खोलने आदि की मांग कर रहा है। लेकिन एम्स रायपुर प्रबंधन ने एक भी मांग पूरी नहीं की।

पिछले दिनों प्रबंधन से उक्त विषयों को लेकर पैनल मीटिंग भी हुई थी लेकिन, भर्तियां करने के बजाय उल्टा संविदा फार्मासिस्ट वंदना देवांगन को बिना कोई कारण नौकरी से निकाल दिया गया। इसका कारण उप निदेशक से जानना चाहा तब उनके द्वारा निकाले गए कर्मचारी फार्मासिस्ट वंदना देवांगन को आईपीए से त्यागपत्र देने, आईपीए के द्वारा माफीनामा पत्र लिखने पर दोबारा नौकरी पर रखने की बात कही गई। एम्स रायपुर 2012 से स्थापित है, नौ साल हो चुके लेकिन आज तक स्वीकृत 40 फार्मासिस्ट संवर्ग के एक भी पद पर भर्ती नहीं हुई है, बल्कि 32 सुपरस्पेसीलीटी वाले अस्पताल में दवा प्रबंधन वार्ड ब्वाय और नर्स कर रहे हैं। भारत सरकार के कानून फार्मेसी एक्ट 1948 नियम 42 के मुताबिक गैर पंजीकृत फार्मासिस्ट द्वारा दवा डिस्पेन्स करने पर छः माह कारावास और एक हजार जुर्माने का प्रावधान है। एम्स प्रबंधन के तानाशाही रैवैय्ये और अमानवीय व्यवहार से प्रदेश भर के फार्मासिस्ट आक्रोशित हैं। आईपीए ने चेतावनी दी है कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर देशभर में प्रदर्शन होंगे और दवा व्यवस्था को पूर्णरूपेण बाधित किया जाएगा।

20-07-2021
कलेक्टर एल्मा ने जिला अस्पताल की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर की, कहा- सप्ताह में दो दिन दौरा कर लेंगे जानकारी

धमतरी। कलेक्टर पीएस एल्मा ने मंगलवार शाम को जिला चिकित्सालय का के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सम्पूर्ण अस्पताल परिसर का मुआयना करने हुए आईपीडी एवं ओपीडी वार्ड, ब्लड बैंक, ड्रेसिंग रूम, वेटिंग हाल, लैब, हेल्प डेस्क, प्रसूति कक्ष, पोषण पुनर्वास केन्द्र, एसएनसीयू, स्टाफ एवं चिकित्साधिकारी कक्ष, औषधि वितरण कक्ष सहित महिला व पुरूष वार्डों का निरीक्षण कर भर्ती किए गए मरीजों से चर्चा कर अस्पताल प्रबंधन की टीम को आवश्यक समझाइश दी। अस्पताल में मौजूदा व्यवस्था पर कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर करते हुए सभी व्यवस्थाओं को फौरी तौर पर व्यवस्थित करने के सख्त निर्देश चिकित्साधिकारी को दिए। साथ ही यह भी कहा कि वे सप्ताह में दो दिन दौरा करके दिए गए निर्देशों पर अमल का प्रतिपरीक्षण करेंगे।


कलेक्टर एल्मा ने कहा कि अस्पताल में उपयोग में नहीं आने वाली सामग्री का जल्द से जल्द अपलेखन करें। उन्होंने स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही जिला अस्पताल में आने वाले औसतन मरीजों व उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं के बारे में भी पूछा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अस्पताल जैसी अत्यावश्यक सेवाओं के मामले में सदैव गम्भीरता बरतें। उन्होंने ऑक्सीजन प्लांट एवं आपातकालीन सेवाओं के बारे में भी जानकारी लेकर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की समझाइश चिकित्सकों की टीम को दी। इस पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध 200 बिस्तर में से 85 बिस्तरों में ऑक्सीजनयुक्त बेड हैं, जिनमें से 40 बिस्तर कोविड हॉस्पीटल तथा शेष ऑक्सीजनयुक्त बिस्तर महिला, पुरूष एवं शिशु वार्ड में उपलब्ध हैं। इस दौरान उन्होंने कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर को लेकर सतर्क व मुस्तैद रहने के निर्देश स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए।

 

19-07-2021
लचर बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग पर किसान सभा ने अधीक्षण अभियंता के नाम सौंपा ज्ञापन

कोरबा। विद्युत विभाग के हरदीबाजार वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले अनेकों गांव के ग्रामीण बिजली की लचर व्यवस्था से परेशान है। बार बार की ट्रिपिंग की समस्या से क्षेत्र में विद्युत विभाग के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। समस्या के निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कोरबा जिले के विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता के नाम ज्ञापन हरदीबाजार के कनिष्ठ अभियंता को सौंपा। इसमें बिजली कटौती की समस्या का समाधान तत्काल करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से किसान सभा के जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह कंवर, प्रशांत झा,दीपक साहू,बग्गू सिंह राजपूत, सुरज खूंटे,प्रकाश भारद्वाज, त्रिवेंद्र पाटले, प्रशांत जायसवाल उपस्थित थे। बिजली व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं होने पर ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। 

 

16-07-2021
जिले में स्वास्थ्य केंद्रों के लिए राशि स्वीकृत, स्वास्थ्य व्यवस्था होगी बेहतर

अम्बिकापुर।  सरगुजा में स्वास्थ्य के क्षेत्र में परिवर्तन लाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने जिले के लिए 27 उप स्वास्थ्य केंद्र, एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं दो शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वीकृति दी है। सभी के लिए राशि का आबाँटन भी जारी करा दिया है। अम्बिकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत भकुरा, टपरकेला, सकालो, दरिमा,छिंदकालो, सोहगा, कतकालो, रनपुरकला, बड़ादमाली, सकालो, भकुरा तथा लुंड्रा ब्लॉक के पड़ौली, बरडीह, ड्डूमरडीह, लुंड्रा, कोरिमा, बरगीडीह, झेराडीह, पतराडीह, पुन्नी सहित लखनपुर के रेमहला, तिरकेला, ढोंढाकेशरा, कुंवरपुर, जमगला, बेलदगी सहित उदयपुर ब्लॉक के पेंडरखी हेतु कुल 27 उप स्वास्थ्य केंद्रों हेतु 28.51 लाख रुपये एवं 27.73 लाख प्रति केंद्र के लिए साथ ही एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुखरी हेतु 75 लाख एवं दो शहरी स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ एवं गांधीनगर हेतु 75-75 लाख की राशि जारी हुई है। कुल 29 नये स्वास्थ्य केंद्र जिले में बनेंगे, इससे लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा अब गांव में और करीब तक पहुंचेगा। सरगुजा जिले के लिए एक साथ 29 केंद्रों की स्वीकृति एवं राशि की स्वीकृति पहली बार हुआ है।

07-07-2021
जैविक खाद के विक्रय की व्यवस्था आउटलेट से करें:  रविन्द्र चौबे

रायपुर। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे ने राज्य के गौठानों में महिला स्व-सहायता समूह द्वारा निर्मित वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट की दिनों-दिन बढ़ती डिमांड को देखते हुए अब इसके विक्रय की व्यवस्था आउटलेट के जरिए  करने के निर्देश दिए हैं। आज दुर्ग संभाग के कृषि अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री चौबे ने जैविक खाद के लिए जिला मुख्यालयों में आउटलेट आरंभ करने अथवा संजीवनी जैसे आउटलेट में इसे उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मंत्री चौबे ने दुर्ग संभाग के कृषि तथा अनुषांगिक विभागों के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी काम करने का सबसे महत्वपूर्ण समय है। राज्य में बारिश उम्मीद के मुताबिक हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को लगातार फिल्ड का दौरा कर खेती-किसानी की स्थिति पर निगरानी और किसानों के समस्याओं का निदान करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही उन्हें लाभकारी फसलों की खेती के समझाईश देने की बात कही। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्वक कृषि सामग्री उचित मूल्यों पर मिल सके, इसके लिए बाजार पर नजर रखें। जहाँ इसका उल्लंघन होता दिखे, उस पर कड़ी कार्रवाई करें। कृषि मंत्री ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत धान के बदले दूसरी फसल लेने किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह किसानों की आय बढ़ाने का बेहतरीन माध्यम है। किसानों को इसके लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करें। मंत्री चौबे ने बैठक में उद्यानिकी विभाग की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को दुर्ग संभाग को उद्यानिकी फसलों की खेती का माडल संभाग बनाने का आव्हान किया। बैठक में मत्स्यपालन एवं पशुपालन विभाग की समीक्षा भी की। 

 

23-06-2021
खरीफ फसलों की बुआई और कृषि ऋण वितरण में आई तेजी, किसानों को 2040 करोड़ का कृषि ऋण वितरित 

रायपुर। राज्य में हो रही अच्छी बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुआई तेजी से शुरू हो गई है। कृषि विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार किसान धान, अन्य अनाज के फसलों सहित तिलहन और साग-सब्जी की बुआई करने लगे हैं। अब तक 2 लाख 86 हजार 330 हेक्टेयर में धान, 8380 हेक्टेयर में अन्य अनाज की फसलों सहित 6607 हेक्टेयर में तिलहनी तथा 15000 हेक्टेयर में साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की बुआई का काम पूरा कर लिया गया है।

राज्य में खरीफ सीजन 2021 में 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर रकबे में खरीफ फसलों की बुआई का लक्ष्य है। इसमें 36 लाख 95 हजार 420 हेक्टेयर में धान, 3 लाख 60 हजार हेक्टेयर में अन्य अनाज की फसलें और 3 लाख 76 हजार 670 हेक्टेयर में दलहन, 2 लाख 55 हजार 490 हेक्टेयर में तिलहन और एक लाख 32 हजार 340 हेक्टेयर में साग-सब्जी एवं अन्य फसलों की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 3 लाख 16 हजार 580 हेक्टेयर में फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो कि बुवाई के लक्ष्य का लगभग 7 प्रतिशत है। 

खरीफ सीजन 2021 के लिए खाद एवं बीज की किसानों को आपूर्ति की व्यवस्था सहकारी समितियों के माध्यम से की गई है। खरीफ की विभिन्न फसलों के बीज की कुल मांग 11 लाख 7 हजार 989 क्विंटल के विरुद्ध अब तक 7 लाख 36 हजार 915 क्विंटल बीज का भंडारण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का 67 प्रतिशत है। किसानों की ओर से अब तक 4 लाख 56 हजार 951 क्विंटल बीज का उठाव कर लिया गया है। फसल विविधीकरण को ध्यान में रखते हुए इस बार एक लाख 55 हजार 489 क्विंटल धान के अतिरिक्त अन्य खरीफ फसलों के बीज की व्यवस्था की गई है। खरीफ में 11 लाख 75 हजार मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक के वितरण के लक्ष्य के विरुद्ध 8 लाख 88 हजार 168 मीट्रिक टन खाद का भंडारण और 3 लाख 69 हजार 267 मीट्रिक टन खाद का वितरण किया जा चुका है। 

राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता एवं कृषि लागत को कम करने के उद्देश्य से किसानों की ओर से जैविक खाद का भी उपयोग किया जा रहा है। गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में दो रूपए किलो में गोबर क्रय कर बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट एवं सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन किया जा रहा है। अब तक राज्य में 5 लाख क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट और 2 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट का उत्पादन गौठानों में किया गया है। इसमें से 2 लाख 75 हजार क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट और 15 हजार 817 क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों की मांग के अनुरूप आदान सहायता के रूप में प्रदाय किया गया है। इस साल खरीफ सीजन के लिए 5300 करोड़ रुपए कृषि ऋण के रूप में किसानों को उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य है। अब तक 2040 करोड़ रुपए से अधिक का ऋण किसानों को दिया जा चुका है। 
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में फसल विविधीकरण के तहत धान के बदले 3 लाख 44 हजार 398 हेक्टेयर रकबे में अन्य फसलों की खेती का लक्ष्य है। इसके विरुद्ध अब तक 3 लाख 75 हजार 473 किसानों के 2 लाख 34 हजार 490 हेक्टेयर रकबे का चयन किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 68 प्रतिशत है।

20-06-2021
नई सोच के साथ पंचायत के अधिकारों का संरक्षण और शक्तिशाली बनाने में सहयोग करने की अपील की कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने

जगदलपुर/रायपुर। बस्तर संभाग कमिश्नर जीआर चुरेन्द्र ने पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कांकेर जिले के अधिकारियों की जिला पंचायत के सभाकक्ष में बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सभा को मजबूत करने, ग्राम विकास एवं न्याय समिति का गठन कर सरकार की योजनाओं को सुचारू रूप से क्रियान्वयन करने के साथ ग्राम पंचायतों को स्वायत स्वरूप प्रदान करने के निर्देश दिए। राजस्व प्रशासन को पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित एवं त्रुटीहीन बनाकर कम्प्यूटर में एन्ट्री कर राजस्व अभिलेख का अद्यतन जानकारी रखने के लिए निर्देशित करते हुए उन्होंने पटवारियों पर नियंत्रण की व्यवस्था बनाने के लिए ग्राम पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देकर दायित्व का निर्वहन गंभीरता से करने कहा। शासकीय भूमि का सर्वेक्षण कर चिन्हांकित करने और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए आरक्षित रखने के निर्देश दिए। अवैध कटाई एवं अवैध माईनिंग उत्खनन को रोकने के लिए ग्राम समिति के माध्यम से व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी कमिश्नर से दिए गए। कमिश्नर चुरेन्द्र ने कहा कि महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत विशेष प्राथमिकता के कार्यों जैसे-डबरी, तालाब का पानी भरने नाली का निर्माण करने लोक प्रयोजन के स्थलों से कब्जा हटाकर उसका समग्र विकास, लोगों को आर्थिक समृद्धि के लिए विशेष पहल कर शासकीय निजी एवं पड़त भूमि अथवा भर्री-भाटा वाली भूमि एवं वनाधिकार पट्टे, व्यक्तिगत पट्टा एवं सामुदायिक वन संसाधन पट्टों की भूमि का चिन्हांकन एवं सूचीकरण कर विकास कार्यों को बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया, साथ ही किसानों के लिए मत्स्य पालन, उद्यानिकी विकास, फसल प्रतिरूप परिवर्तन, रेशम पालन, डेयरी व कुक्कुट पालन, कुटीर एवं लघु उद्योगों का विकास, जल जंगल जमीन की विशेष प्रबंधन करने के लिए पहल करने के लिए भी उनकी ओर से जिले के अधिकारियों को निर्देशित किया गया।

अधिकारियों को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि नई सोच के साथ पंचायत के अधिकारों का संरक्षण और शक्तिशाली बनाने के लिए जनप्रतिधियों का सहयोग करें। समाजिक संगठनों से मिलकर सरकार की योजनाओं का सफलता पूर्वक क्रियान्वयन करें। जिले के सभी सरकारी कार्यालयों के परिसरों में पौधरोपण कराना सुनिश्चित करें। कलेक्टर चन्दन कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त एवं सुदृढ़ बनाने के लिए कमिश्नर के दिए गए मार्गदर्शन का तन्मयता से पालन करते हुए क्रियान्वयन करने का भरोसा दिलाया। बैठक में कांकेर जिले के जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौज, वनमण्डाधिकारी कांकेर अरविंद पीएम, अपर कलेक्टर एसपी वैद्य, उपायुक्त आदिवासी विकास माखनसिंह ध्रुव, एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

18-06-2021
कैसे लड़ेंगे तीसरी लहर से जब छत्तीसगढ़ सरकार सर्दी खांसी की दवा की व्यवस्था कर पाने में विफल हैं: भाजपा

रायपुर। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ.विमल चोपड़ा ने बीते ढाई वर्षों में स्वास्थ्य के मामले में प्रदेश सरकार को विफल बताया हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ बीते लगभग डेढ़ वर्षों में कोरोना के विरुद्ध लड़ाई और ऐतियातन कदम उठाने स्वास्थ्य सुविधा की दृष्टि से पर्याप्त व्यवस्था करने में प्रदेश सरकार की लापरवाहियां खुल कर जनता के सामने आ चुकी हैं। ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था, पर्याप्त बिस्तर और वेंटिलेटर की व्यवस्था में प्रदेश सरकार की लापरवाहियों का खामियाजा प्रदेश की जनता ने भुगता हैं। वहीं वर्तमान में कोरोना के तीसरी लहर की आशंका के बीच प्रदेश में सामान्य बीमारियों सर्दी खांसी की दवाओं का अभाव ना सिर्फ चिंता का विषय हैं अपितु प्रदेश सरकार की लापरवाही और प्रदेश की जनता के प्रति गैरजिम्मेदाराना रवैय्ये और असंवेदनशीलता का प्रमाण हैं।

 

11-06-2021
एजेंसी को व्यवस्था सुधारने जोन आयुक्त ने थमाया पत्र

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 5 पीली मिट्टी चौक स्थित एसएलआरएम सेंटर में सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए पत्र थमाया है। एसएलआरएम सेंटर के संचालन एजेंसी द्वारा सेंटर के बाहर कचरा डंप होने किया जा रहा है, जिसका मार्निंग विजिट के दौरान आयुक्त ने नाराजगी जाहिर करते हुए तत्काल व्यवस्था सुधारने कहा गया था। एजेंसी द्वारा ऐसी कृत्य को घोर लापरवाही मानते हुए मामले में जोन 1 आयुक्त आयुक्त सुनील अग्रहरि ने एजेंसी को पत्र जारी किया है। भिलाई निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड 5 पीली मिट्टी चौक स्थित एसएलआरएम सेंटर के परिसर में एसएलआरएम सेंटर संचालन एजेंसी पीव्ही रमन द्वारा कचरा डंप किया गया है, निगम आयुक्त रघुवंशी ने एसएलआरएम सेंटर का निरीक्षण के दौरान डंप कचरे को व्यवस्थित कर तत्काल व्यवस्था सुधारने कहा था, जिस पर आज जोन 1 आयुक्त सुनील अग्रहरि ने एसएलआरएम की एजेंसी को पत्र जारी कर तत्काल व्यवस्था दूरूस्त करने कहा गया है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि पीली मिट्टी चौक स्थित एसएलआरएम सेंटर में कचरा पृथक्करण का कार्य की जिम्मेदारी ली गई है, परंतु एसएलआरएम सेंटर के निरीक्षण के दौरान बाहर कचरा डंप पाया गया, डंप कचरे को आवारा मवेशियों द्वारा फैलाया जा रहा है, जिससे आस पास के नागरिकों को परेशानी हो रही है, बारिश के दिनों में बरसाती बीमारियों के रोकथाम के प्रयास पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, आपका कृत्य नियम शर्तों के विरूद्ध है, शीघ्र ही एसएलआरएम सेंटर की समुचित सफाई व्यवस्था करना सुनिश्चित करे।

 

10-06-2021
टेल एरिया से हटाया गया कचरा और जलकुंभी,शंकर नाला में पानी निकासी की बनाई गई व्यवस्था  

दुर्ग। दो दिनों से रुक-रुककर एवं कल रात को हुई निरंतर बारिश से शंकर नाला में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने की सूचना पर विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल ने उन क्षेत्रों का भ्रमण किया।  नाला में जाम वाली जगह से निकासी व्यवस्था बनाने अधिकारियों को निर्देश दिये। आयुक्त हरेश मंडावी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग का अमला शंकर नाला में शदाणी दरबार, सतराबाड़ी, शंकर नगर, दुर्गा चौक और विजय नगर क्षेत्र में जहां-जहां पानी जाम होने की सूचना मिली थी। उन जगहों पर मेनपावर के माध्यम से नाला में बहकर आये कचरा और जलकुंभियों को बाहर निकाला गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग का एक दल उरला टेल एरिया में जाकर नाला के अंदर से कचरा और जलकुंभी निकालने का कार्य किया। इससे शंकर नाला में पानी का निकासी की व्यवस्था बनाई गई। शंकर नाला से कचरा निकालने जेसीबी और मेनपावर के सहयोग से कचरा बाहर निकाला गया ।

 

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