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13-09-2020
कोविड मृतक के परिवार को 10 लाख मुआवजा और आश्रितों को रोजगार दें सरकार : अमित जोगी

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने कहा है कि,कोरोना वायरस के बढ़ते हुए खतरे और राज्य में कोरोना से बढ़ती मृत्यु दर को देखते हर हुए राज्य सरकार तत्काल कोविड-19 को राज्य आपदा घोषित करें। अमित ने मांग की है कि, कोरोना वायरस के कारण अगर किसी की मृत्यु होती है तो उसके परिजनों को 10 लाख रुपए मुआवजा और आश्रितों को रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही कोरोना वायरस के रिलीफ ऑपरेशन में लगे कर्मचारियों की मौत पर भी सरकार की ओर से इतनी ही सहायता राशि और आश्रितों रोजगार दी जाए।अमित ने कहा है कि,राजस्व पुस्तक पत्रिका की धारा 6 (4) में प्राकृतिक आपदा से मृत व्यक्ति को 4 लाख रुपए आर्थिक सहायता का प्रावधान पहले ही है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से मृत पशु, नष्ट फसल आदि के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

ऐसे में सरकार को आदिवासियों की भूमि को गैर आदिवासियों को अंतरण के लिए धारा 170 (ख) के संशोधन करने में दिलचस्पी दिखाने के बजाए इस वैश्विक महामारी से मृत परिवार को 10 लाख का प्रावधान करने के लिए राजस्व पुस्तक पत्रिका में संशोधन करने की आवश्यकता है।अमित ने कहा है कि,छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। छत्तीसगढ़ में कोरोना मरीजों की संख्या लगभग 58 हजार प्रकरण, एक्टिव केस लगभग 31000 और कोरोना से मृतकों की संख्या 500 पार हो चुकी है। कोरोना मामले में छत्तीसगढ़ 8वें स्थान में है। मृत्यु दर में छत्तीसगढ़ 15 वें स्थान में है। इस भयंकर बीमारी से निपटने के लिए छत्तीसगढ़ को अन्य राज्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए बिहार जैसा राज्य कोरोना से मृत परिवार को 5 लाख रुपए प्रदान कर रहा है। उत्तरप्रदेश में 50 लाख का कोरोना योद्धा बीमा, राजस्थान में किसी भी सरकारी कर्मचारी की कोरोना से मृत्यु होने पर 50 लाख देने का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार कोविड 19 को  राज्य आपदा घोषित कर तत्काल मृतक परिवार को 10 लाख रुपया प्रदान करें।

31-07-2020
भारत सरकार की ऑपरेशन ग्रीन स्कीम का दायरा बढ़ा आलू टमाटर प्याज के साथ फल व सब्ज़ियां भी शामिल

रायपुर। कोरोना संक्रमण के कारण उद्यानिकी की खेती करने वाले कृषकों को आर्थिक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से भारत सरकार की ओर से ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के दायरे को बढ़ाए जाने की घोषणा की गई है। इस स्कीम में आलू, प्याज, टमाटर के साथ अब विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों को भी शामिल किए जाने की घोषणा आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तीसरे भाग में की गई है। इसके तहत अधिक उत्पादन वाले स्थान से कम उत्पादन वाले स्थान पर परिवहन के लिए 50 प्रतिशत परिवहन अनुदान और भण्डारण शीतगृह में योग्य फसलों के भण्डारण के लिए 50 प्रतिशत अनुदान का प्रस्ताव किया गया है। ऑपरेशन ग्रीन स्कीम मुख्य रूप से टमाटर,प्याज और आलू के सामूहिक विकास से संबंधित है जिसके दो प्रमुख घटकों में पहला मूल्य का स्थिरीकरण एवं संतुलन (कम अवधि) व दूसरा सामूहिक श्रृंखला का विकास करना (लंबी अवधी) है। कृषकों को होने वाले आर्थिक नुकसान की क्षतिपूर्ति ही इस स्कीम के दायरे को बढ़ाने का उद्देश्य है। भारत शासन की ओर से जारी नए दिशा-निर्देश से लॉकडाउन की वजह से बाजार में सब्जियों व फलों की कम दर में ब्रिकी और पोस्ट हार्वेस्ट की हानि भरपाई हो सकेगी।

ऑपरेशन ग्रीन स्कीम के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के द्वारा योजना को टमाटर, प्याज और आलू से बढ़ाकर अब इसमें फलों में आम, केला, अमरूद, किवी, लीची, पपीता संतरा, अनानास, अनार व कटहल और सब्जियों में राजमा, करेला, बैंगन शिमला मिर्च, गाजर, फूलगोभी, भिण्डी को शामिल किया गया है। इस योजना में इसके अलावा अन्य फल व सब्जियों को भविष्य में कृषि मंत्रालय की अनुसंशा पर जोड़ा जा सकता है। यह योजना 11 दिसम्बर 2020 तक प्रभावी होगी आवश्यकता होने पर केंद्र शासन की ओर से अवधि बढ़ाई जा सकती है। खाद्य प्रसंस्करण, किसान उत्पादक संगठन एवं किसान उत्पादक संस्था, सहकारी समिति, व्यक्तिगत कृषक, अनुज्ञप्ति धारक प्रतिनिधि, निर्यातक राज्य विपणन, रिटेल आदि जो फलों व सब्जियों के विपणन एवं प्रसंस्करण कार्य में लगे हुए हैं,उन्हें इस योजना के क्रियान्वयन के लिए पात्र संस्था घोषित किया गया है। आवेदक की ओर से सामग्री के परिवहन एवं भण्डारण करने के पूर्व पोर्टल https:/www.sampada-mofpi.gov.in/Login.aspx में पंजीकरण जरूरी है।

 

06-07-2020
डेम में छलांग लगाने वाले युवक की खोजबीन करने एसडीआरफ टीम पहुंची दर्री

कोरबा। दर्री डैम में एक युवक ने रविवार को छलांग लगा दी थी। बांध में कूदने की खबर मिलते ही पुलिस हरकत में आई और गोताखोरों के साथ डेम में युवक की तलाशी शुरू की। पूरे दिन की खोजबीन के बाद भी युवक का सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद सोमवार को एसडीआरएफ की टीम को बिलासपुर से बुलाया गया है। इस टीम में छह विशेषज्ञ गोताखोरों शामिल है, जो ऑक्सीजन इक्विपमेंट्स के साथ डैम की गहराई मे युवक की तलाश कर रहे हैं। फिलहाल अभी तक छलांग लगाने वाले युवक का पता नहीं चल सका है। एसडीआरएफ के प्रमुख बीपी सिदार ने बताया कि डैम की गहराई अधिक होने की वजह से उन्हें कठिनाई आ रही है। बावजूद उनके गोताखोर कुशल तरीके से इस खोजी अभियान में जुटे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह पहला मौका हैं जब एसडीआरएफ की टीम ने कोरबा जिले में ऑपरेशन पर आई है।

 

26-06-2020
पुलवामा के त्राल में हिजबुल के टॉप कमांडर सहित तीन आतंकी ढेर

श्रीनगर। जम्‍मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने अब पुलवामा के त्राल इलाके में एक मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराया है। सूत्रों के मुताबिक मुठभेड़ में हिजबुल के टॉप कमांडर कासिम शाह उर्फ जुगनू का भी खात्मा हो गया है। मोहम्मद कासिम शाह उर्फ जुगनू के साथ ही बासित अहमद पारे और हारिस मंजूर भट को भी मार गिराया गया है। हालांकि इस बात की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सुरक्षाबलों को गुरुवार को पुलवामा जिले के त्राल के चेवा उल्लर इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आतंकियों ने खुद को घिरा देख सुरक्षाबलों पर फायरिंग करनी शुरू कर दी थी। जवाबी कार्रवाई करने से पहले जवानों ने आतंकियों से समर्पण करने के लिए कहा। बावजूद इसके आतंकियों की ओर से फायरिंग जारी रही। इसके बाद सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला।

हालांकि रात में अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन रोक दिया गया था। सुबह एक बार फिर से मुठभेड़ शुरू हुई। इस दौरान सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम ने तीन आतंकियों को मार गिराया। वहीं दो जवानों के घायल होने की भी सूचना है। इससे पहले गुरुवार की सुबह सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो दहशतगर्द ढेर कर दिए गए थे। सेना की 22-आरआर, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम अंजाम दिया था। इसी के साथ इस साल अबतक 110 आतंकियों का सफाया हो चुका है। वहीं, इस महीने सबसे अधिक 35 आतंकी मारे गए हैं।

23-06-2020
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में एक सीआरपीएफ जवान शहीद, दो आतंकी ढेर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबल ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के बुंडजू में मंगलवार सुबह घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया। वहीं आतंकियों के पास से दो एके- 47 बरामद हुई हैं। इस ऑपरेशन को सेना की 55-राष्ट्रीय राइफल्स, एसओजी और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम अंजाम दे रही है। उन्होंने बताया कि इस दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की और यह अभियान मुठभेड़ में तब्दील हो गया। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में दो आतंकवादी ढेर हो गए। मुठभेड़ अब भी जारी है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया।

रविवार को श्रीनगर में सुरक्षाबलों ने मारे थे तीन आतंकी :

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में सुरक्षाबलों के साथ रविवार को हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गये थे। एक पुलिस अधिकारी ने बताया था कि शहर के जूनिमार इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षाबल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दीं। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई।

अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस के बार-बार प्रयास के बाद भी आतंकवादियों के परिवार के सदस्य उन्हें आत्मसमर्पण के लिए मनाने में विफल रहे। बता दें कि सुरक्षाबलों की ओर से लगातार चलाए जा रहे ऑपरेशन और मिल रही सफलता से आतंकी संगठन बौखलाए हुए हैं। लोगों में दहशत पैदा करने के लिए आतंकवादी इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं सेना आतंकियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

21-06-2020
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, तीन आंतकी ढेर

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। श्रीनगर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच रविवार को मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए हैं। अधिकारी ने बताया कि प्राधिकारियों ने शहर में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं एहतियातन निलंबित कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों के अधिकतर हिस्सों में लोगों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस ऑपरेशन को सीआरपीएफ(क्विक एक्शन टीम), सीआरपीएफ की 115वीं व 28वीं बटालियन और जम्मू-कश्मीर पुलिस अंजाम दिया। मारे गए आतंकियों की शिनाख्त की जा रही है साथ ही इलाके में अभी तलाशी अभियान चल रहा है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शहर के जूनिमार इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने रविवार सुबह इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया।

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दीं। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में तीनो आतंकवादियों को मार गिराया। बता दें कि एक महीने में श्रीनगर में यह दूसरा एनकाउंटर है। मई में सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के नवा कदल इलाके में एक घंटे तक चली गोलीबारी के बाद एक कश्मीरी अलगाववादी नेता के बेटे सहित हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकवादियों को मार गिराया था। 19 मई को नवा कदल इलाके में 12 घंटे तक सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच चली मुठभेड़ में एक दर्जन से अधिक घर भी क्षतिग्रस्त हो गए थे।

21-05-2020
जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, कुपवाड़ा में लश्कर के 3 आतंकी गिरफ्तार

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि तीनों हाल ही में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए थे। पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ जारी है। इन आतंकियों के पकड़े जाने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस ऑपरेशन को सेना की 28 आरआर द्वारा सफल बनाया गया। बता दें कि इससे पहले आतंकियों ने श्रीनगर में बीएसएफ जवानों पर हमला किया था। इस हमले में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे।

बताया जा रहा है कि कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों को सूचना मिली कि सोगम इलाके के जंगल क्षेत्र में आतंकी मौजूद हैं। आनन-फानन में जवानों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान तीनों आतंकी पकड़े गए। कुछ दिन पहले इन तीनों की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुई थीं। इसके बाद से सुरक्षाबल सतर्क थे।

मंगलवार को मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे :

मंगलवार को सुरक्षाबलों को श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी जुनैद था। वह कश्मीर के एक अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा था। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका था, जिसमें दो पुलिसवाले और एक सीआरपीएफ जवान घायल हुए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने उस घर को ब्लास्ट कर उड़ा दिया था, जिसमें जुनैद छिपा था। मंगलवार दोपहर तक चली मुठभेड़ के बाद दो आतंकी मारे गए थे। बता दें कि घाटी में आतंकियों के सफाए का अभियान जारी है। हाल में ही हिज्बुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।

11-02-2020
 स्वास्थ्य सचिव ने किया जिला अस्पताल का  निरीक्षण

रायपुर। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक ने जिला अस्पताल पंडरी का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान मिशन संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला भी मौजूद रही। उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से बात की और स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली।  स्वास्थ्य सचिव ने जिला अस्पताल में चल रही गतिविधियों का बरीकी से अवलोकन किया। उन्होंने तीन माह पूर्व घुटने का ऑपरेशन हुए मरीज जावेद खान से बातचीत की और अस्पताल प्रबंधन द्वारा किए जा रहे उपचार और सुविधाओं की भी जानकारी ली। लाभार्थी जावेद खान ने अस्पताल प्रबंधन द्वारा नियमित रूप से किये  जा रहे उपचार की सराहना और प्राप्त होने वाली सुविधाओं की भी जानकारी स्वास्थ्य सचिव को दी ।इस दौरान सिविल सर्जन डॉ रवि तिवारी और अन्य स्टाफ भी मौजूद थे ।
स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने सिविल सर्जन रवि तिवारी को निर्देश दिया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का पूर्ण रूप से क्रियान्वयन होना चाहिए। उन्होंने कहा सूचना शिक्षा संचार(आईईसी) का बेहतर रूप से प्रयोग किया जाना चाहिए । ओपीडी में आए मरीजों की संपूर्ण जांच की जाए और एनसीडी के तहत आने वाले रोगियों की नियमित जांच और जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा टीकाकरण के लिए आए बच्चों के खेल स्थल और परिसर की साफ सफाई अच्छे से रखी जानी चाहिए। स्वास्थ्य सचिव ने कहा व्यवस्था में कोई भी कमी होती है तो विभाग को तुरंत अवगत करवाया जाए । 
 

06-02-2020
छह माह के बच्चे के पेट में मिला भ्रूण, डॉक्टर भी रह गए दंग

नई दिल्ली। बक्सर जिले के अरियांव गांव निवासी मोइनुद्दीन के छह माह के पुत्र इरफान के पेट में जन्म के बाद से ही दर्द रहता था। बच्चें को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ले जाया गया। शिशु विभाग के 15 डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे के दुर्लभ ऑपरेशन के बाद सफलता प्राप्त की। छह माह के बच्चे के पेट से साढ़े तीन माह का डेढ़ किलो का भ्रूण निकला है। 
डॉक्टरों ने बताया कि भ्रूण का पेट, हाथ व सिर विकसित था लेकिन धड़कन नहीं चल रही थी। यदि कुछ दिनों तक और भ्रूण बच्चे के पेट में रहता तो उसकी जान तक जा सकती थी। कभी-कभी गर्भवती महिला के पेट में जुड़वा गर्भ होने की संभावना होती है। ऐसे में एक शिशु विकसित हो पाता है और दूसरा शिशु पहले शिशु के पेट में कैद हो जाता है। 
मोइनुद्दीन ने बताया कि सरकारी व निजी अस्पतालों में इलाज कराकर परेशान हो गया, लेकिन किसी ने इतने छोटे बच्चे की सर्जरी करने की जोखिम नहीं उठाया। इसके बाद किसी ने पीएमसीएच में इलाज कराने की बात कही। उसके पेट में हरदम दर्द रहता था और लगातार पेट फूलता जा रहा था। 20 जनवरी को परिजन इलाज के लिए उसे पीएमसीएच में भर्ती कराया। जांच रिपोर्ट में पेट में भ्रूण निकला तो डॉक्टर भी दंग रह गए। यहां पर बुधवार को बच्चे का ऑपरेशन हुआ है।  

01-02-2020
डीजीपी अवस्थी ने एमएमसी जोन की ली बैठक, नक्सलियों के विरुद्ध तेज ऑपरेशन चलाने के  दिये निर्देश

रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने शनिवार को पुलिस मुख्यालय में एमएमसी जोन (महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़) के नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा की। एमएमसी जोन में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, कवर्धा, मध्यप्रदेश के बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, महाराष्ट्र के भंडारा, गोंदिया, नागपुर और गढ़चिरौली जिलों की सीमाओं में नक्सली विरोधी अभियान की समीक्षा की गई। डीएम अवस्थी ने राजनांदगांव और कवर्धा के पुलिस अधिकारियों से महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश से लगे इलाकों में नक्सली मूवमेंट की जानकारी ली। उन्होंने आईजी और राजनांदगांव, कवर्धा पुलिस अधीक्षक को आगामी 5 माह की नक्सल विरोधी रणनीति बनाने के निर्देश दिये। डीजीपी अवस्थी ने निर्देश दिये कि राजनांदगांव में आईटीबीपी और जिला फोर्स की मदद से, कवर्धा में छत्तीसगढ एसटीएफ, सशस्त्र बल और जिला बल के माध्यम से तेज ऑपरेशन चलाया जाए। डीजीपी ने कहा कि आज की बैठक के एक सप्ताह बाद वे स्वयं राजनांदगांव और कवर्धा में बैठक लेकर निर्देशों के परिपालन में ऑपरेशन की रणनीति की समीक्षा करेंगे।  डीजीपी अवस्थी ने नक्सलियों के विरुद्ध तेज ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिये। बैठक में आईजी विवेकानंद, ज्वाइंट डायरेक्टर आईबी जयदीप सिंह, कवर्धा, राजनांदगांव के पुलिस अधीक्षक और एसआईबी के अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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