GLIBS
21-09-2020
विकास के क्षेत्र में अब बस्तर भरेगा नई उड़ान,1939 में रखी गई थी जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव,नाम था जहाज भाटा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय से बस्तर जगदलपुर से रायपुर और हैदराबाद की हवाई यात्रा के लिए 72 सीटर नियमित विमान सेवा का वर्चुअल शुभारंभ किया। जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट से अब बस्तरवासियों को हवाई मार्ग से रायपुर और हैदराबाद आवागमन की सुविधा का लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री, सांसद, संसदीय सचिव, विधायक सहित बस्तर अंचल के जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से शामिल हुए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जगदलपुर से विमान सेवा की शुरुआत कर हम बस्तर को बड़ी संभावनाओं से जोड़ रहे हैं, जो पूरे बस्तर संभाग के विकास को नया आयाम देगी। उन्होंने बस्तर को हवाई सेवा से जोड़ने के प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तरवासियों को उड़ान सेवा का लाभ देने के लिए शासन लगातार प्रयत्नशील रहा है। हमारी सरकार के प्रयासों से गत 2 मार्च को डीजीसीए नई दिल्ली से विमान उड़ान के लिए अनुमति प्राप्त करने में सफलता मिली। इसके परिणाम स्वरूप आज से एयर इंडिया की सहायक कंपनी एलायंस एयर बस्तर में उड़ान सेवा प्रारंभ कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से बस्तरवासियों को विकास के प्रत्येक क्षेत्र में अधिक से अधिक लाभ प्राप्त होगा। बस्तर से रायपुर और हैदराबाद की यात्रा का समय केवल एक घंटा लगेगा। हैदराबाद से आगे विश्व में कहीं भी जाया जा सकता है।

वर्तमान में सड़क मार्ग से रायपुर की यात्रा 6 घंटे में पूरी होती है।  हैदराबाद की यात्रा लगभग 12 घंटे में पूरी होती है। यात्रा के दौरान घाटिया और दुर्गम रास्ता भी पार करना होता है। बस्तर के लोग विषम परिस्थिति में चिकित्सा के लिए रायपुर, विशाखापटनम या हैदराबाद जैसे महानगर की हवाई यात्रा से जल्द से जल्द पहुंच सकेंगे। महानगरों के चिकित्सक, हवाई सेवा का लाभ लेकर बस्तरवासियों को आधुनिक चिकित्सा बस्तर में आसानी से दे सकेंगे। विमान सेवा के प्रारंभ होने से बस्तर के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा,जिससे देश-विदेश के लोगों को बस्तर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत की जानकारी प्राप्त होगी। पर्यटक बस्तर की यात्रा आसानी से कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट टर्मिनल में आमचो बस्तर कैन्टीन की शुरुआत की। इस मौके पर केन्द्रीय विमानन राज्य मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने अपने संदेश में कहा कि हवाई सेवा शुरू होने से जगदलपुर बस्तर में पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि, बस्तर की कला-संस्कृति का अपना महत्व है। उन्होंने इस मौके पर उड़ान योजना के माध्यम से जगदलपुर, अंबिकापुर एयरपोर्ट के विकास के लिए किए जा रहे प्रयास और रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने जगदलपुर को विमान सेवा से जोड़े जाने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी,एयर इंडिया की सहायक कम्पनी अलायंस एयर, राज्य शासन, छत्तीसगढ़ एवं बस्तरवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।    

मां दंतेश्वरी के नाम से जाना जाएगा एयरपोर्ट  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जगदलपुर एयरपोर्ट की नींव सन 1939 में द्वितीय विश्वयुद्ध के पूर्व ब्रिटिश काल में रखी गई थी,तब इसे जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था। 13 मार्च 1953 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं.जवाहर लाल नेहरू ने भी बस्तर के इस जहाज भाटा में अपना कदम रखा था। इसके अतिरिक्त पूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद,डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ.प्रतिभा पाटिल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, मोरारजी देसाई, वीपी सिंह, अटल बिहारी बाजपेयी जैसी महान विभूतियां भी इस पावन धरा में कदम रख चुकी हैं। 20 मार्च 1988 को जगदलपुर से भोपाल के बीच वायुदूत सेवा के नाम से उड़ान की शुरुआत तत्कालीन मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा ने की थी। वोरा ने अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ प्रथम यात्रा भोपाल से जगदलपुर के लिए की थी। जगदलपुर एयरपोर्ट का उपयोग सामरिक कार्यों के लिये किया जाता रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जगदलपुर एयरपोर्ट का नामकरण अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के नाम से किया गया है।

हैदराबाद से जगदलपुर का टिकट 1405,जगदलपुर से रायपुर का 1270 रुपए मात्र

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि बस्तर के लोगों की सुविधा के लिए विमानों की उड़ान प्रतिदिन किया जाना तय किया गया है। टिकट की बुकिंग एलायंस एयर के वेबसाइट, ऐप और टिकट काउंटर से की जा सकती है। यात्री किराया भी न्यूनतम रखा गया है।

 

21-09-2020
विमान सेवा शुरू होने से बस्तर में पर्यटन का होगा विकास: धरमलाल कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी को उड़ान योजना के तहत् बस्तर-रायपुर-हैदराबाद वायुयान सेवा प्रारंभ होने पर ट्वीट करके शुभकामनाएं और बधाई दी है। उन्होंने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से बस्तर की दूरी दुनियां से और भी कम हो जायेगी। बस्तर में पर्यटन विकास के साथ ही आमजनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने सभी को शुभकामनाएं और बधाई दी है।


  

19-08-2020
विषम परिस्थितियों में ही नेतृत्व का विकास होता है, बस्तर टॉक में शामिल हुए युवा वैभव नलगुंडवार

रायपुर। बस्तर टॉक के दूसरे सीजन में आत्मनिर्भर भारत और युवाओं की भूमिका इस विषय पर विचार रखते हुए पॉलीटिकल कम्युनिकेशन एक्सपर्ट वैभव नलगुंडवार ने कहा कि हम में नेतृत्व की क्षमता नैसर्गिक होती है। जब हम विषम परिस्थितियों में होते हैं तो नेतृत्व क्षमता मजबूती के साथ सामाजिक जीवन में सहयोग करती है।उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब स्वयं के स्किल्स को और मजबूत कर के युवा भविष्य में अपनी भूमिका को और महत्वपूर्ण कर सकते हैं। अगर आप अपना भविष्य सुरक्षित रखना चाहते हैं तो हमेशा संघर्ष के रास्ते में चले तो बेहतर होगा। वर्तमान में हम संघर्ष के रास्ते नहीं चलेंगे तो भविष्य में हमारी चुनौतियां भी बढ़ जाएगी। नेतृत्व का विकास जीवन के हर आयाम में होता है। नेतृत्व के बल पर राजनीति, खेल, व्यापार या किसी भी क्षेत्र में सफल हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि जीवन में नेतृत्व क्षमता का विकास सतत् प्रक्रिया है और यह आपके अध्ययन और चिंतन से ही मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर क्षेत्र में आने से पहले कारगर योजनाओं को मजबूत करना चाहिए। जितना आप मेहनत करेंगे, उतना ही नेतृत्व क्षमता मजबूत और विकसित होगा। त्याग, परिश्रम, तपस्या यह हमारे नेतृत्व क्षमता के गुणों को और विकसित करता है। हमें जीवन में हमेशा नई पहल करने की जरूरत होती है। इससे कि सपनों को हकीकत में बदला जा सकता है। उन्होंने कहा कि जब आप योजनाबद्ध तरीके से अपने मजबूत नेतृत्व क्षमता के साथ कार्य करेंगे तो निश्चित ही सफल होंगे। हमेशा असफलता के बीच ही सफलता की कहानियां रची जाती है। युवा वक्ता वैभव नलगुंडवार पुणे के एक संस्थान में राजनीतिक नेतृत्व प्रबंधन के छात्र रहे हैं। इस स्कूल ऑफ गवर्नेंस की स्थापना भारत के पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन ने की थी।

12-08-2020
चारागाह विकास के लिए पशुधन और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर करेंगे काम

रायपुर। गांवों में चारागाह विकसित करने ग्रामीण विकास और पशुधन विकास विभाग मिलकर काम करेंगे। मनरेगा तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग की योजनाओं के अभिसरण से ये कार्य किए जाएंगे। केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा इसके लिए संयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने सभी कलेक्टरों को परिपत्र जारी कर मनरेगा के अंतर्गत चारागाह, पशुधन और डेयरी विकास के कार्यों को प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

मनरेगा से अधोसंरचनागत व्यवस्था और हरे चारे का उत्पादन

मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने कलेक्टरों को ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देश तथा केन्द्रीय पशुपालन एवं डेयरी विभाग के साथ अभिसरण संबंधी संयुक्त दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा है कि पशुधन, डेयरी और चारागाह विकास को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा के अंतर्गत अनुमेय व्यक्तिमूलक एवं सामुदायिक कार्य लिए जाएंगे। इसके तहत व्यक्तिगत एवं सामुदायिक पशु शेड, बकरी शेड, सुअर शेड और मुर्गीपालन शेड बनाए जा सकेंगे। स्वसहायता समूहों के लिए कृषि उत्पादों तथा सार्वजनिक खाद्यान्न भंडारगृह एवं ग्रामीण हाट निर्माण के काम भी इसमें लिए जा सकते हैं। व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वर्मी कंपोस्ट पिट तथा नाडेप व बर्कली कंपोस्ट पिट भी बनाए जा सकते हैं।
पशुपालन केंद्रों और मवेशी आश्रयगृहों को बढ़ावा देने वहां मनरेगा से सिंचाई के लिए अधोसंरचना तैयार किए जा सकते हैं। पर इन कार्यों में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन नेटवर्क, बोरवेल या ट्यूबवेल के काम मनरेगा से नहीं किए जा सकेंगे। संबंधित तकनीकी विभाग से परामर्श लेकर हितग्राही के या सार्वजनिक जमीन पर चराई-भूमि विकास, चारा वाले वृक्षों या उद्यानिकी पौधों के रोपण, साल भर उगने वाले घास जैसे अजोला, नैपियर, अंजन और फॉक्स-टेल ग्रास तथा पशुओं के खाने योग्य फली वाले पौधे उगाने के काम मनरेगा के तहत लिए जा सकते हैं। इस तरह की गतिविधि एक जमीन पर केवल एक बार ही ली जा सकती है। इनकी खेती के लिए एक बार बीज या थरहा पर खर्च की अनुमति चारागाह भूमि विकास के अंतर्गत दी जा सकेगी।

 
मवेशी संवर्धन का जिम्मा पशुधन विकास विभाग का, आकांक्षी जिलों में चारागाह विकास के लिए त्रिवर्षीय योजना पशुपालन को बढ़ावा देने पशुधन उत्पादन, डेयरी विकास, पशुओं की बीमारियों से सुरक्षा व संरक्षण तथा पशुधन व चारा विकास में सुधार से संबंधित कार्यों की जिम्मेदारी पशुधन विकास विभाग की होगी। विभाग जिला स्तरीय अधिकारियों, दुग्ध संघों, स्वसहायता समूहों तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से चर्चा व समन्वय कर मनरेगा के तहत अनुमेय कार्यों के चयन में सहायता करेगी। साथ ही चारागाह विकास को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी सहयोग प्रदान करेगी। पशुपालन और डेयरी विकास के लिए मनरेगा के अंतर्गत निर्मित संसाधनों के सफल उपयोग के लिए पशुधन विकास विभाग पशुपालकों को लिंकेज व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगी। व्यक्तिमूलक और सामुदायिक चारागाह के विकास के लिए पंचायतों का चयन कर उनकी सूची राज्य सरकार और केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भेजेगी।


पशुधन विकास विभाग ऐसे हितग्राही किसानों और पशुपालकों की भी पहचान करेगी,जो हरे चारे या अजोला की खेती में रुचि रखते हों, किसी दुग्ध संघ के सदस्य हों या जिन्हें पशु शेड की जरूरत हो। वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के लिए यह सूची संबंधित ग्रामसभा को उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामसभा में ही हितग्राहियों का चयन किया जाएगा। सभी आकांक्षी जिलों में से हर वर्ष चारे की कमी वाले 100 ग्राम पंचायतों का चयन कर अगले तीन वर्ष तक के लिए चारागाह विकास के कार्य लिए जाएंगे। गैर-आकांक्षी जिलों के लिए राज्य शासन का पशुधन विकास और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर सामुदायिक व व्यक्तिमूलक चारागाहों के विकास की रूपरेखा बनाएंगी।
मनरेगा अभिसरण से होने वाले चारागाह, पशुधन और डेयरी विकास कार्यों का समन्वय एवं मॉनिटरिंग अभिसरण के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पहले से ही गठित राज्य स्तरीय समन्वय समिति तथा जिला स्तर पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कार्यरत जिला स्तरीय समन्वय समिति द्वारा की जाएगी। मनरेगा आयुक्त कार्यालय ने सभी कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने कहा है कि अभिसरण से लिए जाने वाले कार्य मनरेगा के अंतर्गत अनुमेय हों और उनकी स्वीकृति में सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया जाए।

20-07-2020
जिले के विकास के लिए टीम भावना से करें काम : डाॅ.अय्याज़ तम्बोली

बीजापुर। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त एवं जिले के प्रभारी सचिव डाॅ. अय्याज तम्बोली ने जिले में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा की। उन्होंने जिले के समग्र विकास के लिए सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी समन्वय कर टीम भावना के साथ दायित्व निर्वहन करने का निर्देश दिया। डाॅ. अय्याज तम्बोली ने स्वास्थ्य विभाग में चल रहे कार्यो एवं गतिविधियों की जानकारी लेते हुए हाट-बाजार में लाभान्वित ग्रामीणों मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के के प्रगति रिपोर्ट, कोविड-19 के संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यो के समीक्षा की। जिले में कोविड जांच रिपोर्ट पाॅजीटिव लोगों की स्थिति, क्वारेंटाइन सेंटर, कोविड हाॅस्पिटल, मेडिकल स्टाॅफ के बारे में विस्तृत जानकारी लिया। जिले में चल रहे वृक्षारोपण की जानकारी लिया एवं मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अन्तर्गत समीक्षा किया। उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के बारे में स्कूलो में बच्चों के प्रवेश, शिक्षको की भर्ती संबंधी जानकारी लिया। शिक्षा विभाग के अंतर्गत 148 स्कूलों में एकल शिक्षकीय की समस्या डीईओ द्वारा प्रभारी सचिव को अवगत कराया गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा भोपालपटनम में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्य चल रहा है,जिसके कार्य में तेजी लाने एवं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिया गया। इस प्लांट के पूर्ण होने पर क्षेत्र के 17 गांवों में पेयजल की निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

 

14-07-2020
उद्योगों को मूलभूत समस्याओं से जल्द मिलेगी निजात, महापौर की उद्योगपतियों से विकास पर हुई चर्चा

भिलाईनगर। भिलाई महापौर देवेन्द्र यादव ने औद्योगिक क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर औद्योगिक संगठन के प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों से विस्तार से चर्चा की। इस दौरान निगम आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी भी मौजूद रहे।  महापौर यादव ने प्रतिनिधि मंडल से औद्योगिक क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने की आग्रह किया। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं सहित अन्य समस्याओं की जानकारी ली। प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने निगम प्रशासन से चोरी की घटनाओं पर नियंत्रण, प्रकाश व्यवस्था में सुधार, अतिक्रमण पर रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने और ग्रीन बेल्ट के लिए आरक्षित जमीन का सौंदर्यीकरण की मांग की। महापौर यादव ने प्रतिनिधि मंडल के सुझाव के मुताबिक निगम और जिला औद्योगिक विकास निगम के अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्र में अतिक्रमण पर रोक लगाने, मूलभूत सुविधाओं को बढ़ाने और उद्योगों तक आने जाने वाले एप्रोच रोड निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। औद्योगिक क्षे़त्र की स्वच्छता और सुंदरता के लिए औद्योगिक संगठन को निगम प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया गया।

औद्योगिक क्षेत्र के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए निगम प्रशासन और औद्योगिक संगठन के साथ मिलकर बेहतर कार्ययोजना बनाने की बात कही। सभी औद्योगिक इकाइयों के पहुंच मार्ग का मार्किंग और सड़कों के किनारे साइन बोर्ड लगाने पर सहमति जताई। औद्योगिक क्षेत्र की हरियाली के लिए निगम प्रशासन की ओर से पौधे प्रदान करने, उद्योगों के आस पास खाली जमीन पर पौधे रोपने और सुरक्षा के लिए फेंसिंग कराने की कराने का आश्वासन दिया। बैठक में भिलाई स्टील प्लांट के अधिकारी ने टाउनशिप क्षेत्र में 50 हजार पौधा लगाने के लक्ष्य की जानकारी दी। लक्ष्य के अनुसार खाली जमीन पर पौधे लगाने का कार्य जारी होना बताया।बैठक में निगम उपायुक्त तरूण पाल लहरे, भिलाई वायर ड्राइंग एसोसिएशन के सदस्य अतुलचंद साहू, मनोज शुक्ला, डी.पी. तिवारी, राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ एंसीलरी उद्योग एसोसिएशन भिलाई के रामभगत अग्रवाल, संतोष शर्मा, चरणजीत खुराना मौजूद रहे।

30-06-2020
जामुल नगर के विकास के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी : मंत्री गुरु रूद्रकुमार

 रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने मंगलवार को दुर्ग जिले के अहिवारा विकासखंड के जामुल में 1.32 करोड़ रुपए की लागत के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि जामुल नगर के विकास के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। इसी कड़ी में राज्य प्रवर्तित योजना के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 9 के रावण भाटा में 25.03 लाख रुपए की लागत से पौनी पसारी का निर्माण कार्य किया जाएगा। साथ ही स्टेडियम में 25.03 लाख रुपए की लागत से बाउण्ड्री वाल का निर्माण और 21.23 लाख रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक 28 के उद्यान में बाउण्ड्रीवाल का निर्माण कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वार्ड क्रमांक 4 के पुरैना तालाब में 14 लाख रुपए की लागत से पेवर ब्लॉक का निर्माण कार्य और जिला खनिज न्यास मद से वार्ड क्रमांक 2,4,14,16 व 18 में 47.30 लाख रुपए की लागत से बेहतर पेयजल व्यवस्था के लिए पाइप लाइन विस्तार का कार्य भी किया जाएगा।मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने नगर पालिका परिषद जामुल में आयोजित कार्यक्रम में राज्य शासन की राजीव गांधी आश्रय योजना के अंतर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले 262 हितग्राहियों को पट्टा वितरित किया। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छ भारत योजना के अंतर्गत नगर निगम के 54 सफाई कर्मियों को जूता व रेनकोट और जामुल क्षेत्र के दिव्यांगजनों को ट्रायसायकिल भी प्रदान किया। इस  दौरान नगर पालिका अध्यक्ष सरोजनी चन्द्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

 

29-06-2020
भरतपुर के ग्राम पंचायतों में बनेंगे शेड

कोरिया। भरतपुर-सोनहत के विकास के कलेक्टर ने 7 लाख 50 हजार रूपये की राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि से जिले के विकासखंड भरतपुर के ग्राम पंचायत डोम्हरा, ग्राम पंचायत मोहनटोला में पंडाल के पास, ग्राम पंचायत मट्ठा में पंडाल के पास, ग्राम पंचायत केसौडा में स्कूल के पास तथा ग्राम पंचायत खमरौध में महादेवन के पास सांस्कृतिक शेड निर्माण कार्य किया जायेगा। उन्होंने उक्त निर्माण कार्य के लिए जनपद पंचायत भरतपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त करते हुए निर्माण कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिये हैं।

 

13-06-2020
आठ हजार गौ वंशों की भूख से मौत पर बृजमोहन चुप रहे, अब हाथियों की मौत के बहाने कर रहे सवाल : विकास तिवारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाथियों की मौत पर विधायक बृजमोहन अग्रवाल के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी ने पलटवार किया है। विकास ने कहा कि आज हाथियों के मौत पर प्रदेश को कब्रगाह की संज्ञा देने वाले भाजपा के पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में लगभग आठ हजार से अधिक गौवंश की मौत भूख से हुई थी और लगातार गौवंशों की हत्या और तस्करी अनवरत चल रही थी। लगातार भाजपा चुनाव में गौ माता और गौवंश की बात तो करती थी लेकिन उन्हीं के शासनकाल में और जबकि विधायक बृजमोहन अग्रवाल खुद इस विभाग के प्रमुख रहे उस समय पूर्व गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने गौवंश के चारे और भोजन में घोटाले पर सनसनीखेज बयान दिया था। और कहा था कि इसलिए गौवंश को कम भोजन दिया जाता था। इतने बड़े खुलासे पर तत्कालीन कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की चुप्पी प्रदेश की जनता के समझ से परे थी।

विकास तिवारी ने कहा कि प्रदेश में हाथियों पर जो मौत हुई है उस पर वन मंत्री मोहम्मद अकबर संजीदा और गंभीर हैं। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने एक जांच कमेटी गठित की है जो अपनी रिपोर्ट 30 दिन के अंदर प्रस्तुत करेगी लेकिन पूर्व कृषि मंत्री और भाजपा के विधायक बृजमोहन अग्रवाल को प्रदेश की जनता और गौ प्रेमियों को यह बताना चाहिए कि उन्होंने प्रदेश में उनके शासनकाल में हुए आठ हजार से अधिक गौवंश की भूख से मौत पर कौन सी जांच कमेटी गठित की थी और किन-किन दोषियों पर उन्होंने अपने अधो हस्ताक्षर युक्त कार्रवाई करने के लिए आदेश जारी किए थे। केवल हाथियों की मौत पर बयान देकर अपने समय में हुए गौवंश की भूख से मौत भारतीय जनता पार्टी का क्या कहना है यह बात प्रदेश की जनता जानना चाहती है। विकास ने कहा पूर्व कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गौ माता और गोवंश के हत्यारों पर कार्यवाही करने के लिए अपने अधो हस्ताक्षर युक्त आदेश यदि जारी किए थे तो उसको जनता के सामने लाना भाजपा का दायित्व है।

10-06-2020
मुख्यमंत्री ने गौठानों को आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप विकसित करने,चारागाह विकास के कार्य कराने दिए निर्देश

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को जिलों में शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गौठानों को आय मूलक गतिविधियों के केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। राज्य में इस योजना के तहत नरवा के उपचार की स्थिति की भी उन्होंने जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि भू-जल स्तर को बेहतर बनाने के साथ ही खेती किसानी को समृद्ध बनाने के लिए नालों में बहते पानी को रोकना जरूरी है। उन्होंने नालों के उपचार के कार्य को प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को गौठान समितियों को सक्रिय करने और समिति को प्रदाय की जा रही राशि से पशुओं के चारे-पानी का बेहतर प्रबंध तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुली चराई प्रथा पर रोक लगे, इसके लिए ग्राम सभा की बैठक में आवश्यक पहल की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गांव के युवाओं के भी समूह बनाने और उन्हें आय उपार्जन की गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। गौठान समितियों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से उत्पादित सामग्री की मार्केटिंग की भी व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय समूहों की ओर से उत्पादित सामग्री की क्वालिटी एवं पैकेजिंग बेहतर हो इसके लिए भी आवश्यक मार्गदर्शन और प्रशिक्षण जरूरी है।बैठक में चारागाह विकास के काम को भी प्राथमिकता से कराए जाने के निर्देश दिए गए ताकि गौठानों में पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा मिलता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पशुओं के स्वास्थ्य एवं दुग्ध उत्पादन बेहतर होगा। वन क्षेत्रों से लगे ग्रामों में गौठान की स्थापना के लिए आवर्ती चराई योजना के अंतर्गत सुनिश्चित करने और वन समितियों के माध्यम से हरे चारे के उत्पादन को बढ़ावा देने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने बाड़ी विकास कार्यक्रम की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सामूहिक और व्यक्तिगत बाड़ियों से उत्पादित होने वाली सब्जी की आपूर्ति स्कूलों, आश्रमों छात्रावासों, सुरक्षा बलों के मेस में कराने की व्यवस्था करने को कहा ताकि सब्जी उत्पादक को साल भर आमदनी हो सके।

07-06-2020
सरकार के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की गति और सही दिशा निर्धारित करना अत्यधिक चुनौतीपूर्ण : प्रकाशपुंज पांडेय 

भारतीय अर्थव्यवस्था की मंद पड़ी गति पर राजनीतिक विश्लेषक और समाजसेवी प्रकाशपुंज पांडेय ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि, हमारी अर्थव्यवस्था के लिए पहली चुनौती यह है कि देश में इस वक्त बजट घाटा सकल घरेलू आय के प्रतिशत के रूप में काफी बढ़ गया है। खासकर कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण हुए देशव्यापी लॉक डाउन के कारण स्थिति और बिगड़ रही है। साथ ही राजनीति से प्रेरित लोकलुभावन वादों के कारण उस पर अंकुश लगाना कठिन हो रहा है। इस बजट घाटे का असर मुद्रास्फीति पर तो पड़ेगा ही अन्ततोगत्वा बजट को संतुलित करने के लिए जनहित की कई महत्वपूर्ण योजनाएं स्थगित करनी भी पड़ सकती हैं। इसलिए तो केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि मार्च 2021 तक कोई भी नई सरकारी परियोजनाओं का आरंभ नहीं हो सकता। इससे जनसाधारण की क्षमता और आय पर विपरीत प्रभाव पड़ना अवश्यम्भावी है।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि इसलिए अब यह आवश्यक हो गया है कि सरकार को अनुपयोगी, लोकलुभावन घोषणाओं पर लगाम लगानी चाहिए और बजट को संतुलित करने के लिए ठोस प्रयत्न करने चाहिए। साथ ही अनावश्यक खर्चों पर भी रोक लगानी चाहिए जैसे लॉकडाउन के समय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात करके भी काम चलाया जा सकता है, वैसे ही आने वाले समय में जहां जरूरी नहीं हो वहां खर्चों पर लगाम लगाना आवश्यक है। प्रकाशपुन्ज पाण्डेय ने कहा कि दूसरी चुनौती केन्द्र और राज्यों में बढ़ते हुए व्यापारिक ऋण की समस्या है। यद्यपि बजट को संतुलित रखने के लिए और व्यापारिक ऋण की हद बांधने के लिए कई प्रस्ताव पारित किए गए हैं, जिनमें से कइयों को कानूनी दर्जा भी दे दिया गया है, फिर भी केन्द्र और राज्यों की सरकारें निरंतर बड़े प्रमाण में बाजार से ऋण ले रही हैं और इसके कारण केन्द्र और राज्य के बजट का बड़ा भाग ब्याज़ चुकाने में ही खर्च हो रहा है। इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को रोजगार उत्सर्जन और आय के साधन तलाश करने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। 

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय के नजरिए से तीसरी चुनौती उद्योगों की मंद विकास गति है। केन्द्र और राज्य सरकारें देश और विदेशों से बड़े उद्योगपतियों को बुलाकर उनसे निवेश की अपेक्षा कर रही हैं। 'मेक इन इण्डिया' के तहत बड़े उद्योगों को कई सुविधाएं और प्रलोभन देकर हर राज्य आमंत्रित कर रहा है। अधिकतर बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ और देश के बड़े उद्योगपति भी, भारत में सस्ता उत्पादन कर विदेश में निर्यात करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। परंतु हकीक़त में देश से औद्योगिक निर्यात बहुत कम हो पाया है, क्योंकि विश्वभर में औद्योगिक पदार्थों की मांग कम हो रही है। फलस्वरूप अनेक प्रलोभनों के बाद भी औद्योगिक उत्पादन में आशातीत वृद्धि नहीं हो रही है। इस नीति की दूसरी कमी है कि बहुत कम प्रमाण में रोजगार सृजन किया जा रहा है जो भारत जैसे देश में, जहां दिनोंदिन बढ़ती हुई संख्या में युवा रोजगार की तलाश में है, एक संकट पैदा कर सकता है। स्पष्टत: जब तक छोटे और मझोले उद्योगों को भी उतना ही प्रोत्साहन नहीं दिया जाएगा जितना कि बड़े उद्योगों को मिल रहा है, भारत की अर्थव्यवस्था की यह कमज़ोरी दूर नहीं हो पाएगी।

प्रकाशपुन्ज पाण्डेय के मुताबिक चौथी चुनौती जो सबसे गंभीर है वह कृषि उत्पादन में आया हुआ स्थगन है। पिछले तीन वर्षों में कृषि में दो-तीन प्रतिशत की वृद्धि भी नहीं हो रही है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनकी आय बढ़ नहीं पा रही है। खेती के उत्पादन में वृद्धि के लिए अब तक किए गए निवेश का पूरा लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। मसलन, सिंचाई पर खर्च की गई रकम के प्रमाण में सिंचित क्षेत्र की वृद्धि नहीं है और जिसे हम सिंचित क्षेत्र कहते हैं, वहां भी सिंचाई के स्रोतों की फसल में पानी देने की क्षमता कम है। इसी प्रकार कृषि प्रौद्योगिकी की उपलब्धियों की बार-बार घोषणा की जाती है परंतु अब तक किसी भी बड़ी फसल में चमत्कारिक वृद्धि नहीं हुई है। छोटे किसानों की बदहाली और बड़ी संख्या में हो रही किसानों की आत्महत्या स्पष्ट करती है कि इस क्षेत्र में हमारी नीतियाँ सफल नहीं हो रही हैं। साथ ही लॉकडाउन के बाद मज़दूरों को जो क्षति हुई है वह किसी से छिपी नहीं है। अब मज़दूर दूसरे राज्यों में पलायन कम से कम 2 से 3 साल तो नहीं ही करेंगे और उनकी रुचि स्थानीय रोज़गार में ज्यादा बढ़ेगी जिसके कारण औद्योगिक विकास की गति पर शत प्रतिशत पर पड़ेगा। यह भी सरकार के लिए एक सोचनीय विषय है। कोरोनोवायरस के संकट के बाद वैश्विक मंदी का मुकाबला करने और सतत आर्थिक विकास करने में हम तभी सक्षम होंगे जब ऊपर बताई गई कमजोरियों को दूर कर सकेंगे।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804