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24-12-2020
गोड़वाना गणतंत्र पार्टी की रैली 25 दिसंबर को, अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी

रायपुर/ कांकेर। गोड़वाना गणतंत्र पार्टी के माध्यम से 25 दिसम्बर को प्रस्तावित रैली, आमसभा और विरोध प्रदर्शन आदि को दृष्टिगत रखते हुए कानून और सुरक्षा व्यवस्था बनाये रखने के लिए अनुविभागीय अधिकारी चारामा निशा नेताम, तहसीलदार कांकेर मनोज मरकाम, नायब तहसीलदार गेंदलाल साहू और नायब तहसीलदार सरोना परमानंद बंजारे की मजिस्ट्रीयल ड्यूटी लगाई गई है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी चारामा निशा नेताम मड़ावी कानून व्यवस्था के संपूर्ण प्रभार में रहेंगी।

 

23-12-2020
कैम्प खुले महज 5 दिनों बाद ही ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे 103 गांव के ग्रामीण

कांकेर। जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र कोयलीबेड़ा में बीएसएफ कैंप खोले जाने का विरोध अब थमने का नाम नही ले रहा है। 103 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने पखांजूर मुख्यालय में बुधवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं व  प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। इसके पहले ये सभी ग्रामीण करकाघाट और तुमराघाट में तीन दिन तक आंदोलन करने के पश्चात् 2 दिवस के भीतर कैंप हटाये जाने की मांग की थी लेकिन नहीं हटाये जाने के कारण अब पखांजूर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठ गये है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए ही यह कैंप खोला गया है। असल में कांकेर जिले के कुछ इलाकों में सरकार नक्सल विरोधी अभियान के तहत कैंप खोल रही है। बीते 29 नवंबर को कुछ जगहों पर नए बीएसएफ कैंप खोले गए हैं। इसमें करकाघाट और तुमराघाट भी शामिल हैं। बीएसएफ कैंप खुले अभी सिर्फ 15 दिन हुआ हैं और ग्रामीणों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

यहां के ग्रामीण अपने साथ राशन और बिस्तर लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गये है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक बीएसएफ कैंप नहीं हटाया जाता धरना.प्रदर्शन जारी रहेगा। ग्रामीण लच्छु गावड़े का कहना है कि हमें कैंप से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जिस जगह कैंप खोला गया है। वह आदिवासियों का देवस्थल है, जहां हमारे देवी देवता निवास करते हैं। उनका कहना है कि करकाघाट और तुमराघाट में खोले गए कैंप से आदिवासी समाज के लोगों की आस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।  इसके पहले ग्रामीणों ने बीएसएफ कैंप खोले जाने की सूचना मिलने पर प्रतापतापुर में आंदोलन और रैली की थी प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया था। इस संबंध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपकर इसका विरोध जताया था। इस पर राज्यपाल ने जांच कराए जाने की बात कही थी, जिसके उपरांत सभी ग्रामीणों ने कैंप के नजदीक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया था लेकिन अब यह धरना प्रदर्शन उग्र होगा और मांगे पूरी नहीं होने पर सभी ग्रामीण डटे रहेंगे। दूसरी ओर पुलिस अफसरों का कहना है कि बीएसएफ कैंप इलाके में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए खोला गया है। कैंप ग्रामीणों के हित में हैं। यहां कैंप खुलने से क्षेत्र का विकास होगा और वर्षों से लंबित पड़े विकास कार्य सड़क और पुल के निर्माण कार्य में तेजी आएगी।
 


 

16-12-2020
कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में अभाविप ने किया विरोध प्रदर्शन

कोरबा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कवर्धा के कार्यकर्ताओं द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर उनको अजमानती धारा लगाकर थाने में बंद कर दिए जाने का विरोध कोरबा नगर के अभाविप कार्यकर्ताओं ने बुधवार को सुभाष चौक में प्रदर्शन कर किया। अभाविप के कोरबा के नगर मंत्री मोंटी पटेल ने गिरफ्त हुए कार्यकर्ताओं को जल्द ही रिहा करने की मांग की। जिला संयोजक श्याम ध्रुव ने कहा कि जिस प्रकार से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को बिना किसी तथ्यात्मक सबूत के साथ संघ कार्यालय से उठाकर थाने में बंद किया गया है यह सरकार की नाकामियों को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अभाविप के कार्यकर्ताओं को जल्द ही रिहा किया जाए अन्यथा संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। 

13-12-2020
भाजपा महिला मोर्चा ने मुख्यमंत्री और महिला आयोग की अध्यक्ष के बयान पर किया विरोध प्रदर्शन

कांकेर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक के  महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के विरोध में रविवार को भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदर्शन किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश लाटिया की उपस्थिति व भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत के नेतृत्व में भाजपा महिला मोर्चा ने नगर के घड़ी चौक में मुख्यमंत्री बघेल व किरणमयी नायक का पूरे प्रदेश सहित शहर में भी पुतला दहन किया। पुतला दहन पश्चात शालिनी राजपूत ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विरोधी पार्टी की महिला नेताओं के खिलाफ कैसी सोच व मानसिकता रखते है ये राज्यसभा सांसद डॉ.सरोज पांडेय के खिलाफ दिए बयान से पता चलता है। जब प्रदेश का मुखिया ही महिला विरोधी हो तब महिलाओं को न्याय मिलने की उम्मीद भी बेमानी है। शालिनी राजपूत ने कहा कि महिला आयोग के अध्यक्ष द्वारा ही महिलाओ के विरुद्ध बयान दिया जा रहा है। उन्हें ही दुष्कर्म का दोषी ठहराया जा रहा है। ऐसे बयान हरगिज स्वीकार्य नहीं है। बयान में सीधे सीधे महिलाओं को दोषी ठहराया जा रहा है,जो कि गलत है।

 

12-12-2020
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा-17 दिनों में 11 किसानों ने तोड़ा दम, कितनी और आहुति देनी होगी

नई दिल्ली। किसान आंदोलन शनिवार को 17वें दिन भी जारी है। किसान अपनी मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। तीनों नये कृषि कानूनों को निरस्त करवाने के बाद ही आंदोलन को वापस लेने की बात कह रहे हैं। दूसरी तरफ केंद्र सरकार पर कांग्रेस समेत अन्य दल लगातार हमला कर रही है। इसी कड़ी में एक बार फिर से कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, कृषि क़ानूनों को हटाने के लिए हमारे किसान भाइयों को और कितनी आहुति देनी होगी। इसके साथ राहुल गांधी ने एक अखबार का हवाला देते हुए उसका आर्टिकल भी शेयर किया है, जिसमें 17 दिनों में 11 किसानों की मौत का जिक्र है।कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इसी खबर का हवाला देते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

उन्होंने ट्वीट कर लिखा है कि पिछले 17 दिनों में 11 किसान भाईयों की शहादत के बावजूद निरंकुश मोदी सरकार का दिल नहीं पसीज रहा।  वह अब भी अन्नदाताओं नहीं, अपने धनदाताओं के साथ क्यों खड़ी है।  देश जानना चाहता है, राजधर्म बड़ा है या राजहठ। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब किसानों के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधा हो। इससे पहले उन्होंने कहा था, मोदी सरकार ग़रीबों के मौलिक अधिकार छीन रही है। ये मानवता के विरुद्ध अपराध है। देश के बेहतर भविष्य के लिए हमें हर वर्ग के अधिकारों का सम्मान करना ही होगा।

25-11-2020
कृषि कानूनों के खिलाफ 26 और 27 नवंबर को किसान करेंगे विरोध प्रदर्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ की केंद्रीय ट्रेड यूनियन और किसान संगठन 26 नवम्बर को हड़ताल करेंगे। 27 नवम्बर को अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति कृषि कानूनों के खिलाफ मानव श्रृंखला और प्रदर्शन पूरे प्रदेश में करेगी। इसमें मोदी सरकार के पुतले जलाए जाएंगे और किसान श्रृंखला बनाई जाएंगी। मजदूर-किसानों के आंदोलन को माकपा सहित सभी वामपंथी पार्टियों और कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है।प्रदेश किसान सभा के राज्य अध्यक्ष संजय पराते और महासचिव ऋषि गुप्ता ने बताया कि केंद्र सरकार के कृषि विरोधी कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब सरकार की तर्ज़ पर एक सर्वसमावेशी कानून बनाये, जिसमें किसानों की सभी फसलों, सब्जियों, वनोपजों और पशु-उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य सी-2 लागत का डेढ़ गुना घोषित करने, मंडी के अंदर या बाहर और गांवों में सीधे जाकर समर्थन मूल्य से कम कीमत पर खरीदना कानूनन अपराध होने और ऐसा करने पर जेल की सजा होने, ठेका खेती पर प्रतिबंध लगाने और खाद्यान्न वस्तुओं की जमाखोरी पर प्रतिबंध लगाने के स्पष्ट प्रावधान हो।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ किसान सभा और आदिवासी एकता महासभा सहित 21 से ज्यादा किसान संगठन छत्तीसगढ़ किसान आंदोलन के आह्वान पर 26-27 नवम्बर को आंदोलन के मैदान में होंगे और "कॉर्पोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ" के नारे के साथ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

 

17-11-2020
अवैध शराब के कारोबार व अंकित मूल्य से अधिक में शराब बेचे जाने आप ने किया विरोध

कांकेर। नगर पंचायत अन्तागढ़ में संचालित अवैध शराब के कारोबार सहित अंकित मूल्य से अधिक में शराब बेचे जाने के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने अंतागढ मुख्यालय में एक दिवसीय धरना व विरोध प्रदर्शन किया। वहीं लोगों का कहना है कि अंतागढ़ में संचालित शराब दुकान से अवैध तरीके से गांव-गांव में शराब की बिक्री की जा रही है तथा अंकित  मूल्य से अधिक में शराब बेची जा रही है। इसके ख़िलाफ़ आम आदमी पार्टी ने एक दिवसीय विरोध अन्तागढ़ शराब दुकान के सामने प्रदर्शन कर किया और अंतागढ़ तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।वही आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष हरेश चक्रधारी ने कहा कि कांकेर जिले में अवैध शराब बिक्री बन्द की जाए,अगर नहीं होगा तो जिले में उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। 

04-10-2020
कांग्रेस जिस दिन सत्ता में आएगी, हम कृषि के तीनों काले कानून को खत्म कर देंगे:  राहुल गांधी

नई दिल्ली। देश में कृषि बिल को लेकर घमासान जारी है। कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष इस बिल को लेकर केंद्र पर हमलावर है। इसके साथ ही बिल को लेकर पंजाब और हरियाणा में किसानों का विरोध प्रदर्शन भी जारी है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कृषि कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। पंजाब के मोगा जिले में आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस दिन सत्ता में आएगी, हम तीनों काले कानून को खत्म कर देंगे। वहीं इससे पहले राहुल ने अपने भाषण में हाथरस मामले पर बात कर सरकार को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि शनिवार को मैं यूपी में था,उधर हिन्दुस्तान की एक बेटी को मार दिया गया और जिन लोगों ने मारा उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई और जिस परिवार की बेटी को मारा गया उनको अपने घर के अंदर बंद कर दिया गया।

ज्ञात हो कि राहुल गांधी के साथ सूबे के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू ने एक साथ मंच साझा किया। राहुल ने यह भी कहा कि अगर किसान इस बिल से खुश है तो पूरे देश में इसका विरोध क्यों हो रहा है। कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से सवाल पूछा कि कोरोना के समय इन 3 कानूनों को लागू करने की क्या जरूरत थी? कानून लागू करने थे तो लोकसभा, राज्यसभा में बातचीत करते। पीएम कहते हैं कि किसानों के लिए कानून बनाए जा रहे हैं, अगर किसानों के लिए कानून बनाए जा रहे हैं तो लोकसभा, राज्यसभा में खुलकर बात क्यों नहीं की।राहुल ने आगे कहा कि पंजाब का किसान, हरियाणा का किसान, पूरे हिन्दुस्तान का किसान एक इंच पीछे नहीं हटेगा हम नरेंद्र मोदी की सरकार, इन कानूनों के खिलाफ लड़ेंगे और इन लोगों को हरा के दिखाएंगे।

 

01-10-2020
हाथरस दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पक्ष में आप की महिला प्रकोष्ठ ने किया विरोध प्रदर्शन

रायपुर। हाथरस के थाना चँदोपी के अंतर्गत भुलगड़ी गांव में 14 सितंबर को वाल्मिकी समाज की 19 वर्षीय बालिका के कथित उच्च जाति के 4 दरिंदो ने दरिंदगी की। उस बच्ची के साथ न केवल सामुहिक दुष्कर्म किया बल्कि मारपीट कर पीड़िता की रीढ़ की हड्डी तोड़ कर उसकी गला घोंटकर हत्या करने की कोशिश भी की और साथ ही जीभ भी काट दी। उसे मृत समझकर बाद में खेत छोड़कर चले गए।

आम आदमी पार्टी की महिला प्रकोष्ठ प्रदेश प्रभारी दुर्गा झा ने सभी आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है। रायपुर के अम्बेडकर चौक में हाथरस की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन में दुर्गा झा प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ, के. ज्योति प्रदेश सचिव, वर्णिता सिंदुरिया प्रदेश प्रवक्ता महिला विंग, कलावती मार्को जिला अध्यक्ष महिला विंग, अनु अरुण सिंह जिला संगठन प्रभारी, अनुषा जोशफ प्रदेश प्रवक्ता सेहत बड़ी संख्या में आप कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

30-09-2020
12 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों ने किया विरोध प्रदर्शन

कोरबा। कोयलांचल क्षेत्र की पांच ट्रेड यूनियनों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों के लिए प्रदर्शन शुरू किया। इसमें वाणिज्यिक खनन को रोकना और कोल इंडिया के विनिवेश और अन्य शामिल हैं। अपने विरोध के पहले चरण में यूनियनों ने बुधवार को सभी एसईसीएल क्षेत्रों के महाप्रबंधकों को कोल इंडिया के चेयरमैन को संबोधित ज्ञापन सौंपा। सकारात्मक प्रतिक्रिया के अभाव में ट्रेड यूनियनें जिले की सभी कोयला खानों में विरोध दिवस मनाएंगी। सीटू के महासचिव वीएम मनोहर ने कहा कि कई हमलों के बावजूद, कोल इंडिया और कोयला मंत्रालय अपने फैसले को संशोधित नहीं कर रहे हैं। कोरोना संकट के दौरान काम करने के लिए मजदूर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

लेकिन उनके मुद्दों को हल नहीं किया जा रहा है। सरकार ने विस्थापित होने वाले लोगों को पूर्व-परिपक्व सेवानिवृत्ति देने और रोजगार बंद करने का फैसला किया है। सरकार ने विस्थापित होने वाले लोगों को पूर्व-परिपक्व सेवानिवृत्ति देने और रोजगार बंद करने का फैसला किया है। बुधवार को ट्रेड यूनियन के सदस्यों ने प्रचार अभियान चलाया और खानों में उपस्थिति के बाद नारेबाजी की। सीमित सदस्यों ने संबंधित एसईसीएल क्षेत्रों में महाप्रबंधकों से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। ट्रेड यूनियनों ने कहा है कि अगर उनकी मांगों को सरकार से सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिलती है तो सभी खानों में विरोध दिवस मनाया जाएगा। 

 

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