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22-09-2020
किसानों के मुद्दे पर कांग्रेस सदन के बाद अब सड़क की लड़ाई लड़ेगी : विकास उपाध्याय

रायपुर। किसानों के मुद्दे पर सदन में आवाज उठाने वाले राज्यसभा सदस्य के निलंबन पर संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया की हत्या है। विकास ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या के गुजरात मॉडल को देश मे भी लागू कर रहे हैं। एक तरफ किसानों के अधिकारों को खत्म कर मंडी और न्यूनतम मूल्य को बड़े-बड़े घरानों के हाथों बेच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ लोकतांत्रिक तरीके से सदन में आवाज बुलंद करने वालों को निलंबित कर आवाज बंद करना चाहते हैं। विकास ने कहा है कि कृषि बिल के प्रावधानों को खत्म हुई जमींदारी प्रथा की वापसी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नियत पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कांग्रेस के राज्य सभा के सदस्य राजीव सातव, सैयद नासिर हुसैन, रिपुन बोरा, टीएमसी सदस्य डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन आप पार्टी सांसद संजय सिंह, सीपीआई (एम) से के के रागेश और एल्मलारान करीम के जज्बे को सलाम है। किसानों की आवाज को राज्य सभा में उठाने के लिए उन्होंने सभी को धन्यवाद दिया है। विकास ने कहा कि अहंकारी शासन संसदीय प्रणाली को तार-तार कर सदन में वोट ना करवा कर बिना बहुमत के कृषि बिल पास कराकर अपनी तानाशाही का एक नमूना पेश किया है। लेकिन किसान और विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है। इस लड़ाई को कांग्रेस किसानों के साथ मिलकर सदन के साथ सड़क पर भी जारी रखेगी।

04-08-2020
भाजपा ने कहा : मंदिर निर्माण में अड़ंगे डालने वाले कांग्रेस के लोग जागृत हिंदू-शक्ति देख अब राम-राम जप रहे

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने श्रीराम मंदिर निर्माण पर कांग्रेस के रवैये पर कहा कि हर तरह से परास्त दानव दल के कालनेमि से जिस तरह राम-राम जपने की माया रची गई, अंतिम हथियार के रूप में हर तरह से पस्त-परास्त कांग्रेस अब वही स्वांग भर रही है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर श्रीराम के अस्तित्व को काल्पनिक बताने वाले दल के लोग अगर अब राम-राम रटने का पाखण्ड रच रहे, तो ऐसे तत्वों पर दया ही की जा सकती हैं। कांग्रेस ने विवादास्पद ढांचा विध्वंस के बाद चुनी हुई सभी भाजपा प्रदेश सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र की हत्या करने के बाद बाकायदा यह वादा किया था कि कांग्रेस सरकार उस जगह पर एर भव्य मस्जिद बनवाएगी। यह तो न्याय और प्रखर हिंदुत्व को इस बात का श्रेय है कि आज भारत सदियों बाद श्रीराम के जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य मंदिर बनने का स्वप्न साकार होते देख रहा है।

उपासने ने कहा कि रामभक्तों के रक्त से सरयू को लाल कर देने वाली सपा जैसी दल का बार-बार समर्थन करने वाली कांग्रेस आज भारतीयता के प्रखर उभार के बाद अगर आज श्रीराम का नाम ले रही है तो उसकी विवशता समझी जा सकती है। उपासने ने संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के राजीव गांधी संबंधी बयान के सन्दर्भ में कहा कि ऐसे असभ्य बयान का क्या जवाब दिया जाय। उन्होंने कहा कि सच तो यह है कि राजीव जी के हत्यारों से बार-बार जेल में मुलाकात कर उनके परिवार ने ही मामले को और संदेहास्पद बना दिया है। कांग्रेस के लोगों ने तो शुरू से मंदिर निर्माण के काम में रोड़े ही अटकाने का काम किया। अब जिन लोगों ने प्रभु राम को काल्पनिक बताया, रामसेतु के अस्तित्व को ही नकारा, रामलला को वर्षों तक टेंट में रहने मजबूर किया, रामसेतु को तोड़ने का कुत्सित प्रयास किया, जो कहते थे कि विवाद छोड़ो और प्रभु की जन्मभूमि पर अस्पताल या स्कूल बना दो, अदालत में प्रभु राम के खिलाफ खड़े थे, जिन्हें कभी जय श्रीराम के नारों से डर लगता था, वही लोग अब देश में जागृत होते  हिंदुओं को देखकर कैसे बढ़-चढ़कर राम-राम जप रहे हैं। उपासने ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों चले राम जन्मभूमि आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया, असंख्य बलिदानों के प्रति जिनके मुख से कभी एक शब्द नहीं निकला, जिन्होंने रामभक्तों पर गोली चलाने का समर्थन किया,  वही सब लोग अब चिल्ला-चिल्ला कर जय सियाराम जय सियाराम जय सियाराम कर रहे हैं।

02-08-2020
लोकतंत्र की हत्या पर मौन क्यों हैं तथाकथित लोकतंत्र के सेनानी : धनंजय ठाकुर

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि,मीसा बंदी पेंशन योजना बंद करना, छत्तीसगढ़ के हित और जनहित में लिया गया फैसला है। पूर्व की रमन सरकार ने 2008 में भाजपा और आरएसएस से जुड़े लोगों को पालने पोषने सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया। बीते 12 साल में सरकारी खजाने पर 100 करोड़ से अधिक की राशि का बंदरबाट किया। 100 करोड़ की राशि छत्तीसगढ़ के किसानों, नौजवानों, मजदूरों, महिलाओं के स्वास्थ, शिक्षा,रोजगार, सुरक्षा पर खर्च की जाती। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों को सरकारी खजाने से दूधभात खिलाते रहे। बीते 6 साल से देश में अघोषित आपातकाल लगा है। लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। ऐसे समय में स्वयंभू लोकतंत्र के सेनानी बीते 6 साल से कहां गायब है? मोदी भाजपा की सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। काले धन की थैलियों से खरीदफरोख्त कर निर्वाचित राज्य सरकारों को अस्थिर किया जा रहा है।

देश के नवरत्न महारत्न  मिनिरत्न सरकारी कंपनियों को बेचा जा रहा है। रेलवे स्टेशन,लाल किला, हवाई अड्डे, विमानन सेवा भेल गेल सहित अनेक सरकारी कम्पनियों संपत्तियों को बेचा जा रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का हनन किया जा रहा है। ऐसे में तथाकथित स्वयम्भू लोकतंत्र के सेनानी क्या मात्र पेंशन लेने के लिए प्रगट होते रहेंगें ? मोदी सरकार के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों के खिलाफ आवाज उठाने से ये तथाकथित सेनानी क्यों डर रहे है? मोदी भाजपा के लोकतंत्र विरोधी कृत्यों को सफल बनाने में तथाकथित सेनानी क्यों जुटे हैं?

11-10-2019
कांग्रेस ने पूछा-झीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं की हत्या को क्या डॉ. रमन रामराज्य मानते हैं?

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भूल गए कि वे खुद तीन लेयर की सुरक्षा व्यवस्था से घिरे हुए थे और परिवर्तन यात्रा के दौरान कांग्रेस के नेताओं को सुरक्षा देने में कोताही बरती थी। डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में राजनीतिक षडय़ंत्र के कारण झीरम घाटी में हुई कांग्रेस नेताओं की हत्या को क्या रमन सिंह रामराज्य मानते हैं? 15 साल के भाजपा शासनकाल में गर्भाशय कांड, अंखफोड़वा कांड, नान घोटाला, अंतागढ़ में लोकतंत्र की हत्या, विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार, आदिवासियों के जल, जंगल, जमीन पर कब्जा जैसी घटनाएं हुईं। इसे रमन सिंह द्वारा रामराज्य कहना बेहद आपत्तिजनक है। राज्य निर्माण के समय बस्तर के सीमावर्ती तीन विकासखंड तक सीमित नक्सलवाद को रमन सिंह पनपने से रोक पाते तो छत्तीसगढ़ के 14 जिले नक्सल प्रभावित नहीं होते और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ का जन-जन सुरक्षित रहता। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सरकार की राजनीतिक महत्वाकांक्षा, विकास कार्यों के नाम से कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार और जल, जंगल, जमीन पर कब्जा करने की नीयत के कारण छत्तीसगढ़ में ही नक्सलवाद बढ़ा था। ऐसी स्थिति में वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था और अपनी कार के काफिले में कटौती करके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और भाजपा को सीख देने का काम किया। पूर्व भाजपा शासन काल में छत्तीसगढ़ का अमन-चैन शांति खत्म हुई, तहस-नहस हुई। तब डॉ. रमन सिंह को एहसास ही नहीं हुआ था कि रामराज्य को उनके ही हाथों से नुकसान पहुंच रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राजनीतिक महत्वाकांक्षा को दरकिनार कर छत्तीसगढ़ के जन-जन की चिंता की होती तो कौशल्या माता का यह राज्य मर्यादा पुरुषोत्तम  राम  का ननिहाल आज सुरक्षित होता।

 

 

25-06-2019
इमरजेंसी पर मोदी, शाह का वार- राजनीतिक हित के लिए की गई थी लोकतंत्र की हत्या

नई दिल्ली। देश के लोकतंत्र में काले दिन के तौर पर याद किए जाने वाले आपातकाल को आज 44 साल पूरे हो गए हैं। 25 जून 1975 को ही तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी का ऐलान किया था। भारतीय जनता पार्टी के नेता और मोदी सरकार में मंत्री हर कोई आज इस पर अपनी राय रख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो क्लिप डालकर इमरजेंसी को याद किया तो वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा कि आज ही के दिन राजनीतिक हितों के लिए लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी ट्वीट कर लिखा कि इस दिन को देश संस्थानों की अखंडता बनाएर रखने के तौर पर याद रखे।

प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो डालकर इमरजेंसी के कालखंड को याद किया। इसमें संसद में दिए गए पीएम के भाषण का हिस्सा भी दिखाया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी इस पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि 1975 में आज ही के दिन मात्र अपने राजनीतिक हितों के लिए देश के लोकतंत्र की हत्या की गई। देशवासियों से उनके मूलभूत अधिकार छीन लिए गए, अखबारों पर ताले लगा दिए गए। लाखों राष्ट्रभक्तों ने लोकतंत्र को पुनर्स्थापित करने के लिए अनेकों यातनाएं सहीं, मैं उन सभी सेनानियों को नमन करता हूं।

 

वहीं, राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 25 जून, 1975 को आपातकाल की घोषणा और इसके बाद की घटनाएं, भारत के इतिहास के सबसे गहरे अध्यायों में से एक के रूप में चिह्नित हैं। इस दिन, हमें भारत के लोगों को हमेशा अपने संस्थानों और संविधान की अखंडता को बनाए रखने के महत्व को याद रखना चाहिए।

 

रक्षा मंत्री के अलावा मोदी सरकार के कई अन्य मंत्रियों ने भी इसको लेकर ट्वीट किया। केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, आज आधी रात को मैं अपना समय स्वतंत्रता के लिए समर्पित करूंगा क्योंकि 25 जून 1975 आधी रात को भारत में आपातकाल लगाया गया था तथा लोकतंत्र की हत्या उस क्षण हुई थी। रिजिजू ने इस ट्वीट में उस समय के अखबार की भी तस्वीर साझा की।

रिजिजू ने लिखा कि ये दिन भारतीय लोकतंत्र में काला दिन के तौर पर याद किया जाता है। जब कांग्रेस की सरकार ने संविधान को ताक पर रखते हुए राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया, मीडिया पर दबाव बनाया गया और जजों पर भी जुल्म किया।

15-05-2019
जनाधार खिसकते ही ममता लोकतंत्र की हत्या पर आमादा हो गईं : डॉ. रमन

 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में पश्चिम बंगाल में कोलकाता यूनिवर्सिटी के पास हुए बर्बर लाठीचार्ज एवं हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपना जनाधार खिसकते देख इस तरह बौखला गई है कि वह लोकतंत्र की हत्या करने पर आमादा हो गई है।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी को लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई विश्वास नहीं है और वे देश के हितों से खिलवाड़ करते हुए केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बांग्लादेशी घुसपैठियों की संरक्षक बनी हुई है। जब उन्हें महसूस हो गया कि पश्चिम बंगाल की जनता इस लोकसभा चुनाव में उन्हें खारिज कर रही है और आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की सत्ता से भी उनका बाहर होना तय हो चुका है तो वह तृणमूल कांग्रेस के गुंडों को अपने राज्य की पुलिस के संरक्षण में तांडव मचाने के लिए तैनात कर चुकी है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी के गुंडे पोलिंग बूथों पर कब्जा कर रहे हैं और ममता की पुलिस उनके इशारों पर काम को अंजाम दे रही है। डॉ. सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह के हालात लोकसभा चुनाव के दौरान सामने आए हैं,  उससे स्पष्ट हो चुका है कि ममता बनर्जी भारत और भारतीय संविधान के साथ ही भारतीय लोकतंत्र के मूल्यों के प्रति कोई आस्था, निष्ठा अथवा विश्वास नहीं रखती। डॉ. सिंह ने कहा कि ममता बनर्जी लोकतंत्र के सबसे बड़े त्यौहार में जिस तरह अराजक तत्वों के माध्यम से खलल पैदा करवा रही है, उससे साफ है कि वह सिर्फ गुंडाराज के बल पर राजनीति में स्थापित रहना चाहती है लेकिन जनता उन्हें हर हाल में उस स्थिति में पहुंचा देगी, जिसकी वह हकदार है।

01-12-2018
Shobha Ojha : चुनाव की निष्पक्षता पर शोभा ओझा ने उठाया सवाल, ट्वीट कर कहा-प्रदेश में हो रही लोकतंत्र की हत्या

भोपाल। प्रदेश में भाजपा नेता के  होटल में ईवीएम मिलने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर हमले तेज कर दिए हैं। इसके पहले चुनाव के दिन लगातार ईवीएम में आई खराबी के बाद अब कांग्रेस ने यह आशका जताई है कि भाजपा सत्ता में आने के लिए ईवीएम का दुरुपयोग कर सकती है। मध्य प्रदेश मीडिया सेल की अध्यक्ष शोभा ओझा ने अपने ट्विटर पर ट्वीट कर कहा है कि शुजालपुर में बीजेपी नेता की होटल में ईवीएम मिलना,भोपाल में स्ट्रांग रूम के कैमरे बंद होना और खुरई में बड़ी मात्रा में मशीनें बरामद होना, चुनाव की निष्पक्षता पर बड़ा सवालिया निशान है व लोकतंत्र की हत्या का प्रयास है। दोषी अधिकारियों पर निलंबन की त्वरित कार्यवाही होना चाहिए।

 

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