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08-01-2021
हाथियों ने 2 मकान तोड़ कर घर में रखे अनाज किया चट, ग्रामीणों में दहशत

अंबिकापुर। हाथियों ने गुरुवार रात 2 ग्रामीणों के घरों को धरासाई कर दिया और घर में रखे अनाजों को भी चट कर गए हैं। इससे ग्रामीण दहशत में है। मिली जानकारी के अनुसार मैनपाट वन परिक्षेत्र के बिलाई डोढी में गुरुवार रात दो ग्रामीणों के घरों को हाथियों ने तोड़ा दिया है। साथ ही घर में रखे अनाजों को भी चट कर गए। इससे ग्रामीणों में दहशत है। कुछ दिन पहले भी मैनपाठ वनपरिक्षेत्र में हाथियों ने तीन घरों को था तोड़ा था। 

 

07-01-2021
शासकीय कार्य में लगे लोहे की एंगल की चोरी, शहर के दो कबाड़ी गए जेल

कांकेर। लोहे के एंगल चोरी मामले में पुलिस ने दो कबाड़ी पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।  जानकारी के अनुसार वन विभाग के कर्मचारी भीरेन्द्र कुमार गोटी 31 वर्ष निवासी फारेस्ट कालोनी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वन विभाग द्वारा आरएफ 69 गढ़पिछवाड़ी में पहाड़ी सीमा पर 206 नग लोहे का एंगल लगाया गया था। इसे अज्ञात चोर चोरी कर ले गये। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भादवि की धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया,जिस पर जांच करते हुए पुलिस ने पहले एक नाबालिग को पकड़ा और उसके माध्यम से मामले में संलिप्त तीन अन्य नाबालिगों को पकड़ कर पूछताछ शुरू की।

नाबालिगों ने बताया कि चोरी के एंगल को रफीक मेमन झुनियापारा व आसिफ मेमन बरदेभाटा के पास बेचे हैं। नाबालिगों के बताये पता पर पुलिस पहुंंची तो कबाड़ी दुकान से 51 नग चोरी के एंगल को जब्त किया गया है। चोरी के सामान खरीदने के आरोप में पुलिस ने  आरोपी रफिक और आसिफ को गिरफ्तार कर लिया है दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

 

04-01-2021
हाथियों के दल ने फसलों और घरों को पहुंचाया नुकसान, रातभर जागते रहे ग्रामीण

रायपुर/गरियाबंद। जिले में 22 हाथियों के दल ने भारी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई है। वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि ओड़िसा के रास्ते से 22 साथियों का दल जिला मुख्यालय गरियाबंद से 15 किलोमीटर दूरी पर ग्राम चिकली में पहुंचा है। वहां उन्होंने गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाते हुए ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पहुंचाया है। हथियों के इस तरह से नुकसान पहुंचाने की घटना से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण भय के कारण रातभर जाग कर रखवाली कर रहे हैं। वही वन विभाग की टीम हाथियों के दल पर नजर बनाए हुए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड को जल्द ही जंगल की और भेजने के लिए रणनीति बना रही हैं।

27-12-2020
आईटीबीपी की गाड़ी से हो रही सागौन की तस्करी, ग्रामीणों ने पकड़ी,वन विभाग ने किया पंचनामा

 

राजनांदगांव। जिले भर में अवैध लकड़ी तस्करी मामला आए दिन सामने आ रहा है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई की देर रात डोंगरगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम तोतलभर्री में ग्रामीणों ने अवैध सागौन तस्करी कर रही आईटीबीपी की गाड़ी को पकड़ा है। इस पर वन विभाग की टीम ने पंचनामा तैयार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार रात्रि में 11 बजे के आसपास तोतलभर्री के ग्रामीणों को यह जानकारी मिली की कुछ लोग सागौन की अवैध तस्करी कर रहे है। इस पर ग्रामवासियों द्वारा घेराबंदी की गई और जंगल की ओर से आ रही गाड़ियों की चेकिंग की। तभी वहां से निकल रही आईटीबीपी की गाड़ियों को भी चेक किया तो उसमें से एक गाड़ी में सीएच 01 जी ए 2444 में सागौन लठ्ठा, बल्ली 11 नग एवं 1 नग ठूठ मिला।

इस पर ग्रामीणों ने कार्यवाही की मांग करते हुए वन विभाग की टीम को बुलाया और आईटीबीपी के जवानों को घेरे रखा। माहौल बिगड़ता देख स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसी बीच वन विभाग की टीम द्वारा ग्राम तोतलभर्री पहुंचकर ग्रामीणों की निशानदेही पर सागौन की जब्ती की और पंचनामा बनाया। इस संबंध में वन विभाग डोंगरगढ़ के एसडीओ खान ने बताया कि ग्रामीणों ने रात्रि में सूचना दी थी कि कुछ लोग सागौन की तस्करी कर रहे है। वन विभाग की टीम गांव पहुंची और गाड़ी में रखे सागौन की 11 नग बल्ली और एक ठूठ का जब्त कर पंचनामा बनाया गया है तथा जांच की जा रही है कि वह लकड़ी निजी भूमि की है या शासकीय जमीन की। जांच के उपरांत की आगे की कार्यवाही की जाएगी।

26-12-2020
वन मंत्री मो.अकबर ने कहा-प्रदेश में 200 करोड़ रुपए के 2148 वानिकी कार्य प्रगति पर

रायपुर। प्रदेश में वन विभाग की ओर से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वानिकी कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं। वन मंत्री मो. अकबर ने शनिवार को जानकारी दी कि इनमें वानिकी और वन क्षेत्रों में भू.जल संवर्धन के अधिक से अधिक कार्य शामिल किए गए हैं। राज्य में इसके तहत वर्तमान में चालू वर्ष 2020 के दौरान स्वीकृत 194 करोड़ 32 लाख रुपए की राशि के 2 हजार 148 कार्य प्रगति पर है। वन मंत्री अकबर ने बताया कि इनमें मुख्य रूप से आवर्ती चराईए पौधा तैयारी, पथ रोपण, पुलिया निर्माण, स्टाप डेम निर्माण, चारागाह विकास, गौठानों में रोपण, भूजल संरक्षण कार्य, निशुल्क वितरण के लिए पौधा तैयारी, बांस रोपण, नदी तट रोपण, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण आदि कार्यों को प्राथमिकता से शामिल किया गया है।

इसके तहत वन वृत्त बिलासपुर के अंतर्गत लगभग 80 करोड़ रुपए की राशि के 756 कार्य प्रगतिरत है। इसी तरह वन वृत्तवार दुर्ग में 30 करोड़ रुपए की राशि के 372 कार्य, जगदलपुर में 41 करोड़ रुपए के 272 कार्य और सरगुजा में 7 करोड़ 38 लाख रुपए की राशि के 116 कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा वन वृत्तवार रायपुर में 14 करोड़ रुपए की राशि के 138 कार्य और कांकेर में 27 करोड़ रुपए की राशि के 494 कार्य प्रगति पर है।

 

24-12-2020
1 वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी राजकीय पक्षी के मौत के बारे में चुप्पी साधे बैठा है वन विभाग : अरुण पाण्डेय

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के राजपत्र में 8 अप्रैल 2002 के घोषणा अनुसार राजकीय पक्षी के रूप में दर्ज़ा प्राप्त पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिये कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान जगदलपुर में लाखों रूपये खर्च कर प्रजनन केंद्र बनाया गया है। इसका उदघाटन तत्कालीन पर्यटन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल एवं क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुभाऊ राम कश्यप ने 26 जनवरी 2005 में किया था। लेकिन इन 14 वर्षों में न तो इनकी वंश वृद्धि हुई और न ही कोई विशेष रखरखाव में अंतर नजर आया है।अब राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना की संख्या भी यहां घट गई है। शिवसेना के जिलाध्यक्ष डॉ.अरुण पाण्डेय ने बताया कि पिछले राज्योत्सव के पहले ही एक मैना की मौत हो गई है। इसे दबाने के लिए पूरा वन अमला लगा हुआ है।
शिवसेना के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण पाण्डेय् ने आरोप लगाते कहा है कि एकतरफ राज्य सरकार राज्योत्सव मना रही थी वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी मैना की मौत की ख़बर को दबाने की कोशिश भी कि जा रही थी। उन्होंने बताया कि पहाड़ी मैना को मरे 1 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है और इन एक वर्ष में वन विभाग ने राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना की मौत की खबर को दबाने की पूरी कोशिश की हैं। वहीं मृत पहाड़ी मैना की सड़ा गला शव अरुण पाण्डेय् और सहयोगियों को नबम्बर माह 2019 में ही जगदलपुर के वन विद्यालय में पाया था, जिसकी जानकारी वन विभाग को दी गई थी।

उन्होंने बताया कि जिस जगह का चयन पहाड़ी मैना के प्रजनन के लिए किया गया है उसके नजदीक ही रेलमार्ग गुजरता है। आने वाले कुछ दिनों में वन विद्यालय का कुछ हिस्सा भी रेलवे लाइन में चले जाने की ख़बर है। जानकार बताते हैं कि पहाड़ी मैना एक बेहद संवेदनशील पक्षी हैं और प्रदूषण इनके लिए बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। राष्ट्रीय पक्षी पहाड़ी मैना को लेकर स्थानीय वन विभाग शुरू से ही कोताही बरतते रहा है। इसमें वन विभाग की लापरवाही साफ़ प्रदर्शित हो रही है। पहाड़ी मैना का प्रजनन का विषय भी चिन्ताजनक है।जब इस विषय पर उन्होंने संबंधित अधिकारी से जानकारी लेने फ़ोन किया गया तब उन्होंने ना ही फ़ोन उठाना ज़रूरी समझा और ना ही मिलना ही। दरअसल इस पूरे मामले को वन विभाग अब तक मीडिया से छिपाने का प्रयास कर रही है, जिसे शिवसेना ने उज़ागर कर दिया है।सवाल उठना लाज़मी हैकि जब छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मैना की प्रजनन व सुरक्षा पर लाखों रूपये खर्च करने के बाद भी वन विभाग उनके संवर्धन व प्रजनन में नाकाम रहा है तो अब तक ख़र्च हुए करोड़ो रूपए कहां गये।शिवसेना के जिलाध्यक्ष ने राजकीय पक्षी के मौत के विषय में सरकार व प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच दल घटित करने व दोषियों को कड़ी सजा देने की अपील की है।

 

21-12-2020
वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद हिंसक भालू को किया पिंजरे में कैद,भेजा गया कानन पेंडारी

कोरबा। हिंसक भालू को वन विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पिंजरे में क़ैद कर लिया है। हिंसक हो चुके भालू को कानन पेंडारी बिलासपुर भेजा गया। कटघोरा वन मंडल के दर्री वन परिक्षेत्र अन्तर्गत नवागांव स्थित झाबू के दो बुजुर्ग महिलाओं समेत कई लोगों को अपना शिकार बनाने वाले खूंखार भालू को वन विभाग ने रेस्क्यू आपरेशन कर पिंजरे में बंद कर दिया है।
रविवार को नवागांव के झाबू में रहने वाली दो वृद्ध महिलाओं लक्ष्मीनिया (70) व पुनिया बाई (65) पर एक हिंसक भालू ने उस वक्त हमला कर दिया था जब वे जंगल में लकड़ी बीनने गई थी। पुनिया बाई को बुरी तरह भालू ने घायल कर दिया वहीं लक्ष्मीनिया बाई को घसीट कर जंगल की ओर ले गया था। लापता महिला की लाश सोमवार को जंगल में मिली। इस बीच ग्रामीण महिला को खोजने एक समूह बनाकर जंगल की ओर निकले थे तभी भालू ने भीड़ पर भी हमला कर दिया था। तब जाकर बिलासपुर के कानन पेंडारी से पहुंची वन विभाग की टीम ने भालू को पकड़ने रेस्क्यू किया। इस दौरान जंगल में लापता महिला लक्ष्मीनिया की लाश मिली।करीब तीन घंटे चले रेस्क्यू के बाद ट्रेंकुलाइज कर भालू को बेहोश करने में टीम सफल रही।
बेहोश अवस्था में पिंजरे में बंद कर भालू को कानन पेंडारी बिलासपुर ले जाया गया। घटना में मृत महिला के परिवार को नियमानुसार वन विभाग ने 25 हजार रुपए की सहायता राशि दी।

21-12-2020
भारतीय वन सेवा के आठ अधिकारियों की नवीन पदस्थापना, देखें सूची...

रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय वन सेवा के 8 अधिकारियों की नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है। यह आदेश वन विभाग के अवर सचिव आरके वचलानी ने जारी किया है। देखिए सूची...

 

18-12-2020
पसान रेंज मे हाथियों ने मचाया उत्पाद, ढहाए मकान

कोरबा। कटघोरा वन मंडल परिक्षेत्र में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा। 43 हाथियों के दल ने बीती रात को मातिन पहाड़ के नीचे बसे धनरासए पत्थरफोड़ गांव के आठ मकान तोड़ दिया। साथ ही खलिहान में रखे धान को नुकसान पहुंचाया है। उधर दो हिंसक हाथी अपने दल की ओर बढ़ने का जगह कोरबा अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग के कांपा नवापारा के पास पहुंच गए। हल्ला पार्टी की मौजूदगी के बावजूद क्षेत्र के ग्रामीण डरे सहमे हैं।हाथियों का दल पसान रेंज से निकलकर अब जटगा रेंज की ओर रूख करने लगा हैं। वन विभाग ने योजना बद्ध तरीके से दो दलों में बंटे हाथियों को एक साथ मिलाकर दूर जंगल खदेड़ने के लिए पश्चिम बंगाल से हल्ला पार्टी को बुलाया है। दोनों दल एक दूसरे के निकट आने के बजाय विपरीत दिशा की ओर बढ़ रहे हैं। हिंसक हाथी राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे ग्राम कांपा नवापारा पहुंच गए हैं। इस मार्ग में आवागमन करने वाले राहगीरों पर खतरा मंडराने लगा है। तीन दिन पहले बुजुर्ग की जान लेने के बाद हल्ला पार्टी ने ट्रेकिंग बंद कर दिया। केवल हाथियों की निगरानी की जा रही है।

हाथियों का दल जिस ओर बढ़ रहा,वहां कच्चे मकान में रह रहे ग्रामीणों को सुरक्षित जगह भेजा जा रहा। दल के साथ हाथी खलिहान में रखे धान खाने के लिए पहुंच रहे। हाथी इस क्षेत्र में कुछ दिनों के अंदर तीन लोगों की जाने ले चुके हैं। मकानों को ढहानें का सिलसिला भी जारी है। सुरक्षा संसाधन बढ़ाने की जगह वन विभाग केवल क्षतिपूर्ति देने की औपचारिकता निभा रही। डरे सहमे ग्रामीणों ने अब हल्ला पार्टी से भी सुरक्षा की उम्मीद छोड़ दी है। ठंड के मौसम में मकान टूटने की वजह से बेघर हो रहे ग्रामीणों की समस्या बढ़ गई है। जिस मार्ग से हाथी गुजर रहे वहां तबाही का मंजर छोड़ जा रहे ।कारीमाटी में बुधवार रात को हाथियों ने दो ग्रामीणों के कच्चे मकान ढहा दिए। इसके पहले ग्राम हरदेवा में दो ग्रामीणों के मकान को नुकसान पहुंचाया था। अब तक 12 ग्रामीणों के मकान ढहा चुके है। रेंजर निश्चल शुक्ला ने बताया कि स्थिति असामान्य होने तक हल्ला पार्टी हाथियों की केवल निगरानी करेंगी। कुछ दिन बाद मिशन को नए सिरे से शुरू किया जाएगा। इस बीच प्रयास रहेगा कि हाथी किसी जन स्थान की ओर न जांए। विभाग की ओर से ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा।

 

17-12-2020
हाथियों के आतंक से प्रभावित डुबानवासियों को राहत राशि देने पहुंची रंजना साहू

धमतरी। गरियाबंद क्षेत्र से धमतरी जिला में चंदा हाथियों का झुंड विचरण करते हुए डुबान क्षेत्र के विभिन्न गांवों में फसल सहित अन्य क्षति पहुंचाते हुए वहां के रहवासियों का काफी नुकसान पहुंचाया। इसका संज्ञान प्रभावित लोगों के द्वारा विधायक रंजना साहू को दिए जाने पर बीते दिनों प्रभावित क्षेत्र का दौरा भी किया तथा राज्य स्तर पर शासन के जिम्मेदार लोगों एवं प्रशासन के अधिकारीयों, कर्मचारियों को अवगत कराते हुए क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करने की मांग की। इस पर त्वरित रूप से अमल करते हुए डुबान क्षेत्र के प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के दृष्टिकोण से विधायक के हाथों वन विभाग ने 71 क्षति पहुंचे परिवार को लगभग 4 लाख 57 की राशि का चेक के माध्यम से प्रदत्त की गई।

राशि वितरण पश्चात विधायक रंजना साहू ने प्रभावित लोगों को ढांढस बंधाते हुए कहां की क्षति के परिपूर्ति पर दी गई राशि पर्याप्त नहीं है लेकिन संकट का यह समय सहयोग प्रदान करने का धेय महत्वपूर्ण है। एक जनप्रतिनिधि के रूप में हर संकट के समय मैं आपके साथ खड़ी रहूंगी। उपस्थित लोगों ने विधायक का आभार मानते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। विधायक के साथ चेक वितरण करने वालों में जिला पंचायत सदस्य खूब लाल ध्रुव, जनपद उपाध्यक्ष अवनेंद्र साहू, नगर निगम पूर्व सभापति राजेंद्र शर्मा,ए पार्षद सरिता आसाई, सरपंच हेमलता तारम, गंगरेल मंडल महामंत्री चंद्रहास जैन, मंडल उपाध्यक्ष अहमद अली खान, परमानंद यादव, सुरेंद्र सिन्हा, राम प्रसाद, पुनीत राम, बिसंबर साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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