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25-05-2020
भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ में लाख की खेती से सहमत, कैबिनेट की बैठक में होगी चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा मिलेगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वन विभाग के इस संबंध में प्रस्ताव को उपयुक्त और किसानों के लिए लाभकारी मानते हुए अपनी सहमति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री ने कृषि, वन और सहकारिता विभाग को समन्वय कर लाख और इसके जैसी अन्य लाभकारी उपज को कृषि में शामिल करने का प्रस्ताव कैबिनेट की अगली बैठक में रखने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में लाख की खेती को कृषि का दर्जा मिलने से लाख उत्पादन से जुड़े कृषकों को भी सहकारी समितियों से अन्य कृषकों की भांति सहजता से ऋण उपलब्ध हो सकेगा। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में लाख की खेती की अपार संभावनाएं है।

यहां के कृषक कुसुम, पलाश और बेर के वृक्षों में परंपरागत रूप से लाख की खेती करते हैं। व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से लाख की खेती न होने की वजह से कृषकों को लागत के एवज में अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है। वन विभाग ने लाख की खेती को लाभकारी बनाने के उद्देश्य से इसे कृषि का दर्जा देने और कृषि सहकारी समितियों के माध्यम से अन्य कृषकों की तरह लाख की खेती करने वाले किसानों को भी ऋण उपलब्ध कराने का सुझाव मुख्यमंत्री को प्रेषित कर, प्रस्ताव को मान्य करने का आग्रह किया था।

24-05-2020
दंतैल हाथी को पहनाया गया कालर आईडी, खतरनाक दंतैल को किया गया ट्रेंकुलाइज

कोरबा। ट्रेंकुलाइज के लिए पीछा कर रही वन विभाग की टीम के हाथ हिंसक गणेश हाथी तो हाथ नहीं लगा,लेकिन रायगढ़ में आतंक का पर्याय बन चुके दंतैल हाथी कुदमुरा के जंगल में हाथ लग गया। कुमकी हाथी तीरथ राम की मदद से दंतैल को काबू में कर पहली बार छत्तीसगढ़ के वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर रेडियो कॉलर आईडी लगाने में सफल रही हैं।इसके पहले तक देहरादून से टीम यहां पहुंचती थी और उनकी मदद से ट्रेंकुलाइज किया जाता रहा है। इस मामले में अब छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर हो गया है। पहली बार किसी हाथी को सफलतापूर्वक ट्रेंकुलाइज किए जाने की वजह से हाथी का नाम प्रथम रखा गया है।

18-05-2020
तेंदूपत्ता फड़ों में लॉक डॉउन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है: श्रीनिवास मुदलियार

बीजापुर। जिले में तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रारंभ का कई ग्रामवासियों ने विरोध किया है। बावजूद इसके प्रशासन व वन विभाग द्वारा बाहरी ठेकेदारों व उनके सहयोगियों के माध्यम से तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य प्रारंभ किया गया। इसका भारतीय जनता पार्टी द्वारा विरोध किया गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने वन विभाग और जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है तेंदूपत्ता फड़ों में लॉक डॉउन के नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग,मास्क कवर,सैनिटाइजर के पालन किये बिना कार्य किया जा रहा है। इससे कभी भी जिले में कोरोना के दस्तक से इनकार नहीं किया जा सकता है।

यहां के ग्रामीणों का बहुत बड़ा आय का स्त्रोत और उनका जीवनयापन तेंदूपत्ता संग्रहण व वन उपजों पर आधारित होता है पर इस वक्त कोरोना वायरस से बचाव नियमों का पालन कर अपने को सुरक्षित रख कर किया जाना चाहिए। इसकी सम्पूर्ण जवाबदेही शासन प्रशासन की है। लेकिन शासन प्रशासन की उदासीनता एवं लापरवाही से इसके परिणाम घातक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में यदि एक भी कोरोना के संक्रमण से संक्रमित होता है तो उसकी पूर्ण जवाबदेही प्रशासन व वन विभाग की होगी।

16-05-2020
भूपेश बघेल ने गौठानों में लघु वनोपजों के 50 लाख पौधों का रोपण करने दिया लक्ष्य

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश में बनाए जा रहे गौठानों में अभियान चलाकर जुलाई माह में लघु वनोपजों के 50 लाख पौधों का रोपण करने कहा है। उन्होंने वृक्षारोपण के तहत रोपित पौधों की सुरक्षा के लिए प्रदेश में स्व-सहायता समूहों के बांस ट्री गार्ड के निर्माण की प्रशंसा की और इसे बढ़ावा देने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आवर्ती चराई योजना के तहत वन क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारागाह घेरने, शेड निर्माण और वहां वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन के साथ-साथ देशी मुर्गी पालन और बतख और सूकर पालन जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

राज्य में चालू वर्ष में रायपुर से जगदलपुर तक 300 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग में दोनों ओर वृक्षारोपण किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में 1300 किलोमीटर लंबाई के राम वन गमन पथ के 75 विभिन्न स्थलों में आम, बरगद, पीपल, नीम तथा आंवला आदि फलदार प्रजाति के पौधों का रोपण किया जाएगा। वन मंत्री मो.अकबर ने बैठक में बताया कि इस वर्ष तेंदूपत्ता तोड़ाई के पारिश्रमिक का भुगतान सीधे हितग्राहियों के खाते में करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में चालू वर्ष के दौरान तेंदूपत्ता संग्रहण से 12 लाख 53 हजार परिवारों को लगभग 649 करोड़ रुपए का पारिश्रमिक मिलेगा। प्रदेश के सभी जिलों में होने वाली वनोपजों की जानकारी से संबंधित डाटा एकत्र करने के लिए सर्वे कराया जा रहा है अगले तीन से 4 वर्षों में लघु वनोपजों की आनलाइन खरीदी की व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

कोविड-19 लॉक डाउन के दौरान वन विभाग की ओर से अब तक 80 करोड़ रुपए के विकास कार्यों के माध्यम से जरुरतमंदों को तत्परता पूर्वक रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसी तरह देश में सर्वाधिक 26 करोड़ रूपए की राशि के लघु वनोपजों का संग्रहण कर बड़ी तादाद में लाभ दिलाया गया है। राज्य में अब तक लगभग 165 करोड़ रुपए की राशि के 4 लाख 11 हजार 222 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संर्ग्रहण हो चुका है। इसके माध्यम से लोगों को रोजगार के साथ-साथ आय का लाभ मिल रहा है। इसी तरह वनों में अग्नि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग अंतर्गत कुल 3 हजार 506 बीटों में अग्नि रक्षक लगाकर रोजगार उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा 241 नर्सरियों में पौधा तैयार करने और संयुक्त वन प्रबंधक के अंतर्गत वर्मी कम्पोस्ट, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, तालाब गहरीकरण, बांस ट्री गार्ड निर्माण, लाख चूड़ी उत्पादन और भू-जल संरक्षण कार्य तथा नरवा विकास कार्यों के माध्यम से काफी तादाद में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। बस्तर में इमली की प्रोसेसिंग के माध्यम से लगभग 12 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इन्हें हर माह ढाई हजार से 3 हजार रुपए की आय हो रही है। चिरौंजी, रंगीली लाख, कुसमी लाख, शहद, महुआ बीज संग्रहण और प्रोसेसिंग के माध्यम से 8580 महिलाओं को काम मिला है। जशपुर में महुआ से सेनेटाइजर बनाया जा रहा है।

12-05-2020
मछली चुराने के लिए बोहला बांध में लगाया था जाल, वन विभाग की टीम के पहुंचने पर हुए फरार

रामानुजगंज। नगर सीमा से करीब 1 किलोमीटर दूरी पर स्थित बोहल बांध में देर रात मछली चुराने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बीती रात भी मछली चोरों के द्वारा मछली चुराने के लिए बोहला बांध में जाल लगाया गया था परंतु वन विभाग की टीम के पहुंचने के बाद वहां से रात का फायदा उठाते हुए सभी मछली चोर भाग खड़े हुए। वही बोहल बांध में लगाया जाए जाल को विभाग के द्वारा जला दिया गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार बोहला बांध में आए दिन रात में मछली चोरों के द्वारा 10 बजे रात में जाली लगाए जाता है जिसे 3 बजे भोर के आसपास निकाल कर मछली ले जाया जाता है। बीती रात भी 10 से 15 की संख्या में चोरों के द्वारा जाल बोला बांध में लगाया गया था। इसकी जानकारी वन विभाग को मिली तो तत्काल मौके पर वनरक्षक एवं सुरक्षा श्रमिक को भेजा तब मछली चोर अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग खड़े हुए। वहीं जाली वन विभाग के द्वारा बांध से निकाला गया,जिसे जला दिया गया। आए दिन मछली चोरों के द्वारा बोहला बांध से मछली चोरी कर लेने की सूचना पर देर रात पुलिस भी मौके पर पहुंची थी परंतु मछली चोर फरार हो गए थे।बोहला बांध की मछलियों की डिमांड बाजार में काफी है। वही बोहला बांध में काफी संख्या में मछली है, जिस कारण यहां मछली मारने में प्रतिबंध होने के बावजूद भी मछली चोरी करने का सिलसिला वन विभाग के तमाम प्रयासों के बाद भी थम नहीं रहा है।

 

02-05-2020
शिकारियों को वन विभाग की टीम ने औजार सहित पकड़ा

कोरबा। पाली दमिया जंगल के पी 151 जंगल में अवैध रूप से वन्य प्राणियों का शिकार करने के लिए ग्राम डोगानाला, सरईपाली, के ग्रामीणों के द्वारा वन्य प्राणियों के शिकार के उद्देश्य से जंगल में जाल बिछाया गया था। इस पर पाली वन विभाग के अमले के द्वारा जंगल में 7 आरोपियों को  हिरासत में लिया था,जो अवैध रूप से वन्य प्राणी के शिकार में संलिप्त थे। उनको हथियार एवं औजार के साथ पकड़ा गया। वहीं फरार 4 अन्य आरोपीयो को आज उनके घर से वन्य प्राणी के शिकार के औजार सहित पकड़ा गया।

25-04-2020
संस्कृति संचालक अनिल कुमार साहू की सेवाएं वन विभाग को वापस

रायपुर। राज्य शासन ने संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक अनिल कुमार साहू की सेवाएं तत्काल प्रभाव से वन विभाग को वापस सौंप दी है। अनिल कुमार साहू भारतीय वन सेवा के 1990 बैच के अधिकारी हैं। उनकी सेवाएं वन विभाग को वापस करने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर से आदेश जारी कर दिया गया है।

 

24-04-2020
23 नग बल्ली ले जा रहे ट्रैक्टर को वन विभाग ने किया जब्त

कांकेर। वनपरिक्षेत्र कांकेर के चिवराज में बीती रात वन विभाग को सफलता मिली है। इसमें 23 नग मिश्रित प्रजाति के बल्ली को अवैध रूप से कटाई कर ट्रैक्टर से तस्करी की जा रही थी, जिसे वह विभाग ने जब्त किया है।
वन विभाग से मिली जानकारी अनुसार लॉक डॉउन का फायदा उठाते हुए लकड़ी तस्कर ट्रैक्टर क्रमांक CG19 BD 8789 में 23 नग मिश्रित प्रजाति की बल्ली कटाई कर अवैध रूप से परिवहन कर रहे थे। इसे गश्त पर निकली वन विभाग की टीम ने पकड़ा व ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया। विभाग आगे की कार्यवाही में जुटा है।

 

22-04-2020
वन विभाग की कार्रवाई: छह लाख की अवैध लकड़ी और ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

रायपुर। वन मंत्री मो.अकबर के निर्देशानुसार वन विभाग द्वारा वनों की सुरक्षा और वन्यप्राणियों के अवैध शिकार पर नियंत्रण के लिए सतत् निगरानी रखी जा रही है। इस तारतम्य में प्रधान मुख्य संरक्षक राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि राज्य के बलरामपुर वन मण्डल में लॉक डाउन अवधि 25 मार्च से 19 अप्रैल तक वन अपराध के 180 प्रकरणों में 161 अपराधियों के विरूद्ध कार्रवाई की गई है। इनमें लगभग 6 लाख रूपए की राशि के इमारती आदि लकड़ी के अवैध चिरान और लगभग 7 लाख रूपए की राशि के मोटर साइकिल तथा ट्रॉली सहित ट्रैक्टर की भी जब्ती की कार्रवाई की गई है।इसके अलावा बलरामपुर वनमंडल के अंतर्गत परिक्षेत्र कुसमी तथा राजपुर में वन्य प्राणियों जंगली सुअर और चीतल के अवैध शिकार के कारण 9 अपराधियों के खिलाफ वन्य प्राणी, वन्य संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय राजपुर में प्रस्तुत किया गया है। इस दौरान वनमंडल बलरामपुर के वन मण्डलाधिकारी डॉ.प्रणय मिश्रा द्वारा गठित टीम द्वारा 9 वन परिक्षेत्रों बलरामपुर, रामानुजगंज, चान्दो, राजपुर, शंकरगढ़, कुसमी, वाड्रफनगर, धमनी तथा रघुनाथनगर में 730 नग इमारती लकड़ी के अवैध चिरान सहित 1047 बल्ली आदि जब्त किए गए। इनमें वनपरिक्षेत्र बलरामपुर में 35 हजार रूपए की राशि के 68 नग लकड़ी चिरान, रामानुजगंज में एक लाख 71 हजार रूपए के राशि के 96 नग लकड़ी चिरान और वाड्रफनगर में एक लाख 60 हजार रूपए के राशि के 371 नग लकड़ी चिरान शामिल हैं।

 

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