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29-09-2020
सुप्रीम कोर्ट ने की महबूबा मुफ्ती की नजरबंदी पर प्रशासन की खिंचाई,पूछा-कब तक रखा जा सकता है हिरासत

नई दिल्ली। नजरबंद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को लेकर मंगलवार को सुप्रीम केार्ट ने प्रदेश प्रशासन की खिंचाई की है। सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती की हिरासत के मुद्दे पर कहा कि महबूबा को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता।सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत अधिकतम कितनी हिरासत हो सकती है? और महबूबा को कितने समय तक हिरासत में रखा जाएगा? न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की पीठ ने कहा कि पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती को पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए अधिकारियों से अनुरोध करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इल्तिजा मुफ्ती और उनके मामा को महबूबा मुफ्ती से हिरासत में मिलने की अनुमति दी है।

पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा ने नजरबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने से एक दिन पहले 4 अगस्त की रात महबूबा को हिरासत में लिया गया था। उन्हें पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत नजरबंद रखा गया है। इसके तहत किसी को भी बिना मुकदमे के 2 साल तक की हिरासत में रखा जा सकता है।दरअसल महबूबा जम्मू कश्मीर की एकमात्र प्रमुख नेता हैं जिन्हें अब तक नजरबंद रखा गया है। उनके साथ हिरासत में लिए गए पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया गया है। फारूक अब्दुल्ला को गत 15 मार्च को रिहा किया गया था।

 

24-09-2020
श्रीनगर में वकील बाबर कादरी की हत्या, आतंकवादियों ने मारी गोली

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में आतंकी लगातार आम लोगों को निशाना बना रहे हैं। गुरूवार को आतंकवादियों ने श्रीनगर में एक वकील की गोली मार कर हत्या कर दी। वकील बाबर कादरी श्रीनगर के हवाल इलाके में थे जब वो आतंकियों की गोलीबारी का शिकार हुए। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। वकील बाबर कादरी की हत्या के बाद उनके घर पर इस वक्त पुलिस तैनात है। बाबर कादरी श्रीनगर के जाने माने वकील थे। इस मामले में अभी और जानकारी आनी बाकी है। किसी आतंकी संगठन ने इस हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली थी।

22-09-2020
ऑनलाइन ठगी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से किया गिरफ्तार, जवान से की थी लाखों की ठगी

रायपुर/कोंडागांव। सेना के जवान से 12 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में तैनात भारतीय सेना के जवान प्रभुराम मरकाम से मोबाइल फोन के जरिए संपर्क कर फीमेल फ्रैंडशिप ऑनलाइन डेटिंग सर्विस के नाम पर 12 लाख रुपये की ठगी के दो आरोपियों को पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। सूत्रों के मुताबिक प्रभुराम मरकाम छुट्टी पर अपने घर कोंडागांव जिले के विश्रामपुरी थाना के अंतर्गत अपने गृहग्राम में आए पहुंचे थे। ठगी होने के बाद 9 सितंबर को उन्होंने विश्रामपुरी थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने धारा 420, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू की।

जांच के दौरान पता चला कि ठगों के बैंक खाते कोलकाता पश्चिम बंगाल से संबंधित है। इस पर एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने टीम गठित कर कोलकाता पश्चिम बंगाल भेजा। टीम ने एक सप्ताह तक रहकर आरोपियों तक पहुंच तो गई लेकिन गुपचुप तरीके से उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपियों के पश्चिम मेदिनापुर स्थित कार्यालय में दबिश देकर संचालक जीबन कृष्ण सिंघा और संधी शंकर बारीक को दबोच लिया। दोनों पश्चिम मेदिनापुर निवासी हैं। आरोपियों के कब्जे से 12 लाख रुपये, उपयोग किये जाने वाले विभिन्न कंपनी के कुल 24 मोबाइल फोन, 40 विभिन्न बैंक खाते का एटीएम कार्ड, दो लैपटॉप, ग्राहकों से चैटिंग करने का रिकार्ड रजिस्टर, कैल्कुलेटर व नोट गिनने की मशीन, विभिन्न मोबाइल कंपनियों के सिम कार्ड ​सहित अन्य सामान जब्त किए गए। दोनों आरोपी को अलीगढ़ कोलकाता के न्यायालय में पेश किया गया जहां अदालत ने उन्हें वर्तमान में कोविड-19 के गाइडलाइन का पालन करते हुए अंतरिम जमानत दे दी।

02-09-2020
केंद्रीय कैबिनेट का फैसला, जम्मू कश्मीर के लिए राजभाषा बिल पास,कर्मयोगी योजना को मंजूरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले पर जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि सरकार की ओर से जम्मू कश्मीर के लिए राजभाषा विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी अफसरों की कार्य क्षमता को बढ़ाने के लिए कर्मयोगी योजना को मंजूरी दी गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, पिछले सप्ताह सरकारी नौकरी में भर्ती के लिए अलग-अलग टेस्ट की प्रक्रिया को हटाने और इसके लिए एक ही टेस्ट लेने की बात हुई। कैबिनेट ने कर्मयोगी योजना को मंजूरी दी है, जो सरकारी अफसरों के काम को बढ़िया करने के लिए काम करेगी। ये सरकार की ओर से अधिकारियों की क्षमता को बढ़ाने की सबसे बड़ी योजना है। जावड़ेकर ने कहा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में जम्मू कश्मीर राजभाषा विधेयक 2020 को पेश करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें 5 भाषाएं उर्दू, कश्मीरी, डोगरी, हिंदी और अंग्रेजी आधिकारिक भाषाएं होंगी। यह सार्वजनिक मांग के आधार पर किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कर्मयोगी योजना के तहत सिविल सर्विस के लोगों के लिए नई तकनीक और उनकी क्षमता पर ध्यान देने की कोशिश की जाएगी।

जिसके लिए व्यक्तिगत स्तर से लेकर संस्थागत स्तर तक विकास करने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीओपीटी के सचिव ने बताया कि इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक एचआर काउंसिल का गठन किया जाएगा, जिसका काम पूरे मिशन के तहत नियुक्ति पर निर्णय लेना होगा। साथ ही इस योजना के लिए एक बड़े स्तर पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन एमओयू को मंजूरी दी है। इनमें से एक वस्त्र मंत्रालय और जापान के बीच गुणवत्ता मूल्यांकन पद्धति के लिए, दूसरा खनन मंत्रालय और फिनलैंड के बीच और तीसरा ऊर्जा मंत्रालय और डेनमार्क के बीच है।केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि जम्मू कश्मीर में डोगरी, हिंदी और कश्मीरी को आधिकारिक भाषाओं के रूप में शामिल करना न केवल लंबे समय से लंबित सार्वजनिक मांग को देखते हुए किया गया, बल्कि 5 अगस्त 2019 के बाद समानता की भावना को ध्यान में रखते हुए भी इस फैसले को लिया गया। 

 

14-08-2020
जम्मू कश्मीर:आतंकियों ने नौगाम में पुलिस काफिले पर किया हमला,दो पुलिसकर्मी शहीद

श्रीनगर। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले जम्मू और कश्मीर में आतंकियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को श्रीनगर के बाहरी इलाके में आतंकियों के हमले में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए जबकि तीन जख्मी हुए है। सभी घायल पुलिसकर्मियों को नजदीकी अस्पताल में एडमिट कराया गया है। फिलहाल आतंकियों को दबोचने के लिए सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। रिपोर्ट के मुताबिक आतंकियों ने नौगाम में घात लगाकर पुलिस के काफिले पर हमला किया। आतंकियों की अंधाधुंध गोलीबारी में दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए और कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालांकि मुंहतोड़ जवाब के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश कर रही है।

 

12-08-2020
जम्मू कश्मीर: सुरक्षाबलों और आतंकियों में मुठभेड़, मारा गया हिजबुल कमांडर,एक जवान शहीद

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में बुधवार को तलाश अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहीद्दीन का एक शीर्ष कमांडर मारा गया तथा एक सैनिक शहीद हो गया और एक अन्य जवान घायल हो गया।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता राजेश कालिया ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना के आधार पर राष्ट्रीय राइफल्स, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह ने मंगलवार देर शाम पुलवामा के कमराजीपोरा में संयुक्त घेराबंदी और तलाश अभियान शुरू किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने गांव से आवागमन के सभी मार्गों को बंद करने के बाद लक्षित इलाके की ओर बढ़ना शुरू किया, तभी वहां छिपे हुए आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी,जिसकी चपेट में आकर एक सैनिक घायल हो गया। घायल सैनिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गयी। सुरक्षा बलों ने रात में पूरे इलाके को घेर लिया था और आतंकवादियों के भाग निकलने के सभी रास्तों को बंद कर दिया था और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। बुधवार को सुरक्षा बलों ने दोबारा अभियान शुरू किया और इस कार्रवाई में एक आतंकवादी मारा गया। इस आतंकवादी की पहचान हिज्बुल कमांडर आजाद लल्हारी के तौर पर हुई है,जो संगठन का शीर्ष कमांडर था। पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कि हिज्बुल कमांडर आजाद लल्हारी का मारा जाना सुरक्षा बलों की एक बड़ी सफलता है,जो दक्षिण कश्मीर में कई आतंकवादी घटनाओं में शामिल था। उसके पास से एक एके राइफल, ग्रेनेड का पाउच और अन्य खतरनाक सामान भी बरामद किये गया हैं। कर्नल कालिया ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान एक अन्य जवान घायल हो गया। उसे 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि हिज्बुल कमांडर के खिलाफ आतंकवाद संबंधित हत्याओं के छह मामले दर्ज थे। 

 

 

27-05-2020
जम्मू कश्मीर में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिक आज रवाना होंगे, कटरा से छुटेगी दो स्पेशल ट्रेन

रायपुर। लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों की वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में जम्मू कश्मीर में फंसे श्रमिकों की सुरक्षित वापसी के लिए दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन बुधवार 27 मई को कटरा से छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होगी। पहली श्रमिक ट्रेन कटरा से दोपहर 1 बजे चांपा के लिए रवाना होगी। इसी प्रकार दूसरी श्रमिक ट्रेन कटरा से शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के चांपा के लिए रवाना होगी। कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों, छात्रों और चिकित्सा की आवश्यकता वाले लोगों की वापसी के लिए राज्य सरकार की ओर से कई एहतियाती कदम उठाए गए। छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोगों की वापसी के लिए ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था की गई है।

21-05-2020
जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, कुपवाड़ा में लश्कर के 3 आतंकी गिरफ्तार

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। कश्मीर के कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों ने गुरुवार सुबह तीन आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि तीनों हाल ही में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हुए थे। पकड़े गए आतंकियों से पूछताछ जारी है। इन आतंकियों के पकड़े जाने के बाद कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। इस ऑपरेशन को सेना की 28 आरआर द्वारा सफल बनाया गया। बता दें कि इससे पहले आतंकियों ने श्रीनगर में बीएसएफ जवानों पर हमला किया था। इस हमले में बीएसएफ के दो जवान शहीद हो गए थे।

बताया जा रहा है कि कुपवाड़ा में सुरक्षाबलों को सूचना मिली कि सोगम इलाके के जंगल क्षेत्र में आतंकी मौजूद हैं। आनन-फानन में जवानों ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान तीनों आतंकी पकड़े गए। कुछ दिन पहले इन तीनों की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल हुई थीं। इसके बाद से सुरक्षाबल सतर्क थे।

मंगलवार को मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए थे :

मंगलवार को सुरक्षाबलों को श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी जुनैद था। वह कश्मीर के एक अलगाववादी संगठन तहरीक-ए-हुर्रियत के प्रमुख मोहम्मद अशरफ सहराई का बेटा था। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड फेंका था, जिसमें दो पुलिसवाले और एक सीआरपीएफ जवान घायल हुए थे। इसके बाद सुरक्षाबलों ने उस घर को ब्लास्ट कर उड़ा दिया था, जिसमें जुनैद छिपा था। मंगलवार दोपहर तक चली मुठभेड़ के बाद दो आतंकी मारे गए थे। बता दें कि घाटी में आतंकियों के सफाए का अभियान जारी है। हाल में ही हिज्बुल के टॉप कमांडर रियाज नायकू को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।

20-05-2020
छत्तीसगढ़ में पढ़ रहे जम्मू कश्मीर के 17 विद्यार्थी विशेष वाहन से रवाना,तत्काल मदद के लिए मुख्यमंत्री का माना आभार  

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर रायपुर जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ में रहकर पढ़ाई कर रहे जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राओं को विशेष वाहन से उनके गृह राज्य भेजा।  बुधवार को सभी विद्यार्थियों को महापौर एजाज ढेबर, विधायक विकास उपाध्याय व सभापति प्रमोद दुबे, नगर निगम के एमआईसी सदस्य और पार्षदों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वाहन में रायपुर, दुर्ग और अंबिकापुर जिले के 17 छात्र-छात्राओं को जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले भेजा गया है।
जम्मू कश्मीर के ये सभी छात्र-छात्राएं छत्तीसगढ़ में अपनी पढ़ाई कर रहे हैं और लॉक डाउन की वजह से अपने घर नहीं जा पा रहे थे। इन सभी ने 48 घंटे पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संज्ञान में लाते हुए अपने गृह राज्य भेजने का अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही करते हुए रायपुर जिला और पुलिस प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही कर इन्हें इनके गृह राज्य भेजने की व्यवस्था की गई। आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण कर विशेष वाहन से रवाना किया गया। इस दौरान महापौर एजाज ढेबर, विधायक विकास उपाध्याय व नगर निगम सभापति प्रमोद दुबे ने सभी छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उत्साहित छात्र-छात्राओं ने तत्काल व्यवस्था करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशीलता की सराहना की। इस वाहन में छात्र-छात्राओं के लिए भोजन स्वल्पाहार, फर्स्ट एड बॉक्स सहित सभी आवश्यक जरूरी सामग्री सुलभ कराई गई है।


महापौर एजाज ढेबर ने छात्रों को उनके मूल राज्य भेजने के लिए त्वरित प्रबंध कर मात्र 48 घंटे के भीतर घर वापसी की व्यवस्था करने, प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को नगर निगम रायपुर की ओर से धन्यवाद दिया। महापौर ने कहा उन्हें खुशी है कि ये विद्यार्थी लंबे समय बाद छत्तीसगढ़ शासन की पहल व प्रयासों से शीघ्र ही जम्मू कश्मीर पहुंचकर अपने परिवारजनों से मिलेंगे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक तारकेश्वर पटेल, रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के जनसंपर्क महाप्रबंधक आशीष मिश्रा,एमआईसी सदस्य नागभूषण राव, रितेश त्रिपाठी, अजीत कुकरेजा, सुंदर जोगी, पार्षद प्रमोद मिश्रा, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, पूर्व पार्षद राधेश्याम विभार, अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य उपस्थित थे।

 

 

17-05-2020
जम्मू कश्मीर में फंसे छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के लिए 2 ट्रेनों की मिली अनुमति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर लॉक डाउन में जम्मू कश्मीर में फंसे हुए छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के लिए दो ट्रेनों की अनुमति मिल गई है। ये श्रमिक स्पेशल ट्रेन जम्मू से बिलासपुर-चांपा चलेंगी। पहली ट्रेन 20 या 21 मई को यहां पहुंचने की संभावना है। इसी तरह दूसरी ट्रेन 22 या 23 मई को आएगी। जम्मू कश्मीर में फंसे श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 3 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अनुमति प्रदान की थी। इस संबंध में प्रदेश के मुख्य सचिव आरपी मंडल ने 12 मई को जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर राज्य शासन के निर्णय से अवगत कराया था। उन्होंने छत्तीसगढ़ के इन श्रमिकों को वापस लाने के लिए ट्रेनों के संचालन के लिए अनुमति मांगी थी। इस पर जम्मू-कश्मीर शासन से अनुमति के पश्चात दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन प्रस्तावित की गई है।

17-05-2020
रमन सिंह कर्नाटक,उत्तरप्रदेश से भी ट्रेनों की अनुमति दिलवा दें : कांग्रेस

रायपुर। जम्मू कश्मीर से श्रमिकों के लिए ट्रेन की अनुमति दिलवाने के कथित प्रयासों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने डॉ.रमन सिंह का राजनीतिक हथकंडा कहा है। त्रिवेदी ने कहा कि अगर उनकी इतनी सुनवाई हो रही है तो दो और भाजपा शासित राज्य छत्तीसगढ़ के लिए ट्रेनों की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं। वे उन राज्यों से भी अनुमति दिलवा दें।त्रिवेदी ने कहा कि केंद्र की ओर से पहले तो रेलमंत्री पीयूष गोयल ने गलत बयान जारी करके राजनीति की। अब जबकि इस झूठ की कलई खुल गई है तो डैमेज कंट्रोलके लिए डॉ.रमन सिंह ट्रेनों की अनुमति दिलवाने की बात कर रहे हैं। अगर वे सच में छत्तीसगढ़ के श्रमिकों के हितैषी हैं तो वे कर्नाटक और उत्तर प्रदेश से भी ट्रेनों की लंबित अनुमति दिलवाने की पहल करें। भाजपा उपाध्यक्ष होने के नाते डॉ.रमन सिंह को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमन से भी बात कर लेनी चाहिए और कहना चाहिए कि आर्थिक पैकेज के तहत जो उपाय किए गए हैं उससे न उद्योगपतियों का भला होने वाला है और न किसानों-मजदूरों का। उन्हें चाहिए कि वे वित्तमंत्री से कहें कि वे कर्ज़ देने की जगह उद्योगपतियों को राहत दें। किसानों-श्रमिकों की जेब में नकद रकम डालने के उपाय करें।त्रिवेदी ने रमन सिंह से अनुरोध किया है कि यदि उन्हें श्रमिकों का दर्द महसूस हो रहा है तो वे हिम्मत जुटाएं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहें कि वे मीलों मील पैदल चल रहे मजदूरों के लिए केंद्र सरकार की ओर से घर पहुंचने का इंतजाम कर दें। जब वे बात करें तो रेलमंत्री, वित्तमंत्री और प्रधानमंत्री से यह भी कह दें कि गरीब मजदूरों से ट्रेन यात्रा का पैसा वसूल करना बंद कर दें। वैसे भी मजदूर पिछले दो महीनों में अपना सब कुछ गंवा चुके हैं, उनके पास यात्रा के पैसे भी नहीं हैं।

 

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