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17-09-2020
मुख्यमंत्री ने महानदी जल विवाद के संबंध में लीगल टीम से की चर्चा,कहा-प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखें

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस से छत्तीसगढ़-ओडिशा के बीच महानदी जल विवाद को लेकर लीगल टीम के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री ने टीम के सदस्यों को महानदी के जल के उपयोग के संबंध में प्रदेश का पक्ष मजबूती से रखने कहा। उन्होंने कहा कि, महानदी छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। प्रदेश में खेती, उद्योग और अर्थव्यस्था में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, अपर मुख्य सचिव अमिताभ जैन और सुब्रत साहू, जल संसाधन विभाग के सचिव अविनाश चंपावत और मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रूचिर गर्ग भी इस दौरान उपस्थित थे। लीगल टीम के सदस्य एके गांगुली, किशोर लाहिड़ी और जगजीत सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंस से चर्चा में शामिल हुए।

 

 

16-09-2020
राहत भरी खबर : प्रदेश में जल्द कोविड मरीजों के लिए 2 हजार ऑक्सीजन युक्त बेड की होगी व्यवस्था

रायपुर। पूरे प्रदेश में जल्द ही ऑक्सीजन युक्त बेड की संख्या 2000 और बढ़ाई जा रही है। इसे मिलाकर अब राज्य में इसकी संख्या 4283 हो जाएगी । वर्तमान  में यह संख्या 2283 है,जिसमें 787 ऑक्सीजन युक्त बेड सरकारी अस्पतालोें, 616 बेड निजी और 880 बेड कोविड केयर सेंटर में हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ.प्रियंका शुक्ला ने कहा कि राज्य में वर्तमान में कोविड मरीजों के लिए कुल 32938 जनरल बेड हैं। उन्होंने कहा है कि,  शासकीय अस्पतालों में 3727 कुल बेड हैं, जिनमें 2940 जनरल, 787 ऑक्सीजन युक्त और 406 आईसीयू हैं। इसी प्रकार कोविड केयर सेंटर में कुल जनरल बेड 26758 और ऑक्सीजन बेड 880 हैं। निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 957 जनरल बेड , 616 ऑक्सीजनयुक्त बेड और 436 आईसीयू बेड निर्धारित किए गए हैं। विभाग की ओर से लगातार कोविड मरीजों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।

 

15-09-2020
महिला कांग्रेस ने मनाया 37वां स्थापना दिवस,रायपुर सहित सभी जिलों में हुए विविध कार्यक्रम 

रायपुर। महिला कांग्रेस ने मंगलवार को 37वां स्थापना दिवस मनाया। गांधी मैदान कांग्रेस भवन में महिला कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव के निर्देशानुसार प्रत्येक जिले के कार्यालयों में महिला कांग्रेस का झंडा फहराया गया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष फूलोदेवी नेताम ने कहा है कि, महिला कांग्रेस को झंडा देकर राहुल गांधी व महिला कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सुष्मिता देव ने अलग पहचान दी है। जिस तरह देश में राहुल गांधी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए देशव्यापी मुहिम छेड़ी है। उससे महिलाओं का कांग्रेस के प्रति विश्वास बढ़ा है। महिला कांग्रेस का दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन बंगलोर में 15 से 16 सितंबर 1983 में हुआ था। इसका उद्घाटन स्व.इंदिरा गांधी ने किया था। समापन स्व.राजीव गांधी के उद्बोधन से हुआ था। इसमें एक नए संविधान को अपनाते हुए महिला कांग्रेस सेल को स्वायत्ता दे कर आल इंडिया महिला कांग्रेस नाम दिया गया। आल इंडिया महिला कांग्रेस,एआईसीसी के अंतर्गत एआईसीसी अध्यक्ष की अनुमति से 15 सितंबर 1983 से स्वतंत्र कार्य करने लगी। रायपुर में प्रभारी शकुन्तला डहरिया के उपस्थिति में शहर जिला अध्यक्ष आशा चौहान महिला कांग्रेस ने  मुख्यालय कांग्रेस भवन गांधी मैदान में महिला कांग्रेस का झंडा फहराया। महिला कांग्रेस के 37वें स्थापना दिवस के मौंके पर 1 हजार मास्क का वितरण किया गया। कार्यक्रम में  शकुंतला डेहरिया पीसीसी कार्यकारिणी सदस्य प्रभारी छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस, आशा चौहान अध्यक्ष शहर जिला महिला कांग्रेस, ममता राय, कल्पना सागर, गंगा यादव, कविता बघेल, सायरा खान,अपर्णा फ्रांसिस,राहत परवीन,शेरीन बेगम, नंदा मानिकपुरी, सुषमा यादव,
सुषमा ध्रुव, शिल्पी राय, हेमलता साहू  आदि महिलाएं उपस्थित थीं।

14-09-2020
लोकसभा में याद किए गए अजीत जोगी,परिवार ने माना आभार

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि,कोरोना महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। लोकतंत्र की सबसे बड़ी  पंचायत लोकसभा, संसद में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी व छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री व पूर्व लोकसभा सदस्य (12वीं व 14वीं लोकसभा ) स्व. अजीत जोगी सहित 13 सदस्यों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है। साथ ही सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई। जोगी परिवार के सदस्य स्व. अजीत जोगी की धर्मपत्नी रेणु जोगी, पुत्र अमित अजीत जोगी व पुत्र वधु ऋचा जोगी ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से लोकसभा  के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

14-09-2020
प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है : शिवरतन शर्मा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने कोरोना संक्रमण के इलाज की व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। शर्मा ने कहा है कि एक ओर प्रदेश में रोज हजारों कोरोना संक्रमितों के मामले सामने आ रहे हैं और दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ऊंट के मुंह में जीरे के समान चिकित्सा व्यवस्था देकर व्यर्थ में ही गाल बजा रही है। कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार की सोच व तैयारियां उसकी अक्लमंदी और समझ पर सवाल खड़ा कर रही हैं। शर्मा ने कहा है कि सितंबर की शुरुआत से ही प्रदेश में जिस रफ़्तार के साथ कोरोना का संक्रमण बढ़ा है, उसे देखकर यह लग रहा है कि छत्तीसगढ़ बहुत जल्द देश का कोरोना संक्रमण वाला अव्वल राज्य हो जाएगा। जिस छत्तीसगढ़ की तुलना न्यूजीलैंड से करके और राहुल गांधी के टिप्स का हवाला देकर प्रदेश सरकार कोरोना मुक्त छत्तीसगढ़ के दावे करती इठला रही थी, उस छत्तीसगढ़ के हर गली-मुहल्लों में कोरोना संक्रमण को पहुंचाकर प्रदेश सरकार ने अपने निकम्मेपन की इबारत खुद अपने हाथों लिख दी है। शर्मा ने कहा है कि, हजारों-हजार कोरोना मरीजों के लिए महज 560 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था करके प्रदेश सरकार को अपनी वाहवाही कराने में जरा-सी भी शर्म महसूस क्यों नहीं हो रही है? जिस छत्तीसगढ़ में रोजाना ढाई से तीन हजार कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, वहां 22 हजार बेड्स का दावा करने वाली प्रदेश सरकार के मौजूदा इंतजाम देखकर उसकी अक्लमंदी पर तरस आ रहा है। सरकार का यह रवैया फिर यह साबित कर रहा है कि, प्रदेश सरकार की सूझबूझ और समझ पर पूरी तरह पाला पड़ गया है और वह इस महामारी से निपटने के लिए कतई गंभीर और संवेदनक्षम नहीं है। प्रदेश के मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री अब भी आंखों पर पट्टी बांधे, कानों में रुई ठूसे और मुंह में दही जमाए बैठे हैं। वे न तो प्रदेश के कोविड सेंटर्स का मुआयना करना जरूरी समझ रहे हैं और न ही प्रदेश के सभी लोगों को साथ और विश्वास में लेकर इस जंग का मुकाबला करने तैयार हैं। प्रदेश के कोविड सेंटर्स में न तो पर्याप्त चिकित्सा उपकरण हैं, न ही ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था है। मरीजों को इलाज के अस्पतालों में भर्ती तक नहीं किया जा रहा है, जो मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, उनके फेफड़ों की जांच के लिए एक्स-रे मशीन नहीं है।  मरीजों को समय पर चाय, नाश्ता, काढ़ा, भोजन और दवाएँ तक समय पर नहीं मिल पा रही हैं।  कोरोना टेस्टिंग में छत्तीसगढ़ 20वें स्थान पर है।

14-09-2020
प्रदेश में कोरोना से फिर एक वॉरियर डॉक्टर की मौत,मेकाहारा के अधीक्षक और माता-पिता भी अस्पताल में भर्ती

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर जमकर जारी है। विगत दिनों से कोरोना पॉजिटिव केस और मौत के ग्राफ में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में रविवार की स्थिति में 31505 लोग कोरोना से बीमार है। 555 मरीजों की मौत हो चुकी है। रविवार जरुर राहत भरा रहा क्योकि एक ही दिन में 3953 लोग स्वस्थ हुए। प्रदेश में स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या जरूर एक्टिव केस से आगे निकल गई है, लेकिन रोजाना सामने आ रहे 2 हजार से अधिक नए केस और मौत के आंकड़े चिंता का विषय है।
इधर सोमवार को राजधानी से फिर एक कोरोना वारियर डॉक्टर के मौत की खबर सामने आई है। वहीं प्रदेश के सबसे बड़े रायपुर स्थित शासकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. विनीत जैन और उनके माता-पिता कोरोना संक्रमित हो गए हैं। डॉ. जैन और उनके परिजनों का उपचार मेकाहारा में जारी है। तीनों की स्थिति स्थिर बनी हुई है। कोरोना से सोमवार को 60 वर्षीय डॉक्टर बीपी बघेल की मौत हो गई है। डॉ. बघेल को 8 सितंबर को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लगातार सांस लेने में तकलीफ बनी हुई थी। हरसंभव प्रयास के बावजूद भी बचाया नहीं जा सका। डॉ. बघेल बलौदाबाजार के कसडोल में पदस्थ थे। मूलत: वे बिलासपुर के रहने वाले थे। विदित हो कि, प्रदेश में रोजाना बड़ी संख्या में आमजनों के साथ नेताओं के संक्रमित होने की जानकारी सामने आ रही है। कोरोना से जंग लड़ रहे वॉरियर्स डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस कर्मी लगातार चपेट में आ रहे हैं। 2 विधायकों के भी कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी सामने आई।

 

 

14-09-2020
राहत की खबर : एक ही दिन में ठीक हुए 3953 कोरोना मरीज,प्रदेश में स्वस्थ होने वालों की संख्या एक्टिव केस से अधिक

रायपुर। प्रदेश में 13 सितंबर को एक ही दिन में 3953 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। विभिन्न कोविड अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर्स में इलाज करा रहे 1015 मरीजों के स्वस्थ होने के बाद 13 सितंबर को डिस्चार्ज किया गया है। साथ ही होम आइसोलेशन में रहकर उपचार करा रहे 2938 मरीज भी आइसोलेशन अवधि पूरी कर स्वस्थ हो गए हैं। प्रदेश में कोरोना को मात देने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मरीजों की संख्या से ज्यादा हो गई है। प्रदेश में अब कोरोना की जंग जीतने वाले मरीजों की कुल संख्या 31 हजार 931 पहुंच गई है, जबकि रविवार की स्थिति में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 31 हजार 505 है। प्रदेश में अब तक स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए 28 हजार 195 मरीजों ने कोविड अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर्स में अपना इलाज कराया है। इसी तरह 3736 मरीजों ने होम आइसोलेशन में रहकर स्वास्थ्य लाभ लिया है। प्रदेश में अब तक दुर्ग जिले के 2853, राजनांदगांव के 2423, बालोद के 504, बेमेतरा के 468, कबीरधाम के 384, रायपुर के 10587, धमतरी के 405, बलौदाबाजार-भाटापारा के 1002, महासमुंद के 523, गरियाबंद के 459, बिलासपुर के 1545, रायगढ़ के 1928, कोरबा के 951, जांजगीर-चांपा के 1199, मुंगेली के 316, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के 36, सरगुजा के 794, कोरिया के 401, सूरजपुर के 367, बलरामपुर-रामानुजगंज के 344, जशपुर के 480, बस्तर के 863, कोंडागांव के 364, दंतेवाड़ा के 347, सुकमा के 570, कांकेर के 623, नारायणपुर के 625 और बीजापुर के 521 मरीज कोरोना से जंग जीत चुके हैं।

 

13-09-2020
नीट की परीक्षा में शामिल हुए 82 फीसदी छात्र,एनएसयूआई ने किया मास्क और सैनिटाइजर का वितरण 

रायपुर। नीट परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करने वाले 12610 छात्रों में से लगभग 82 प्रतिशत अभ्यर्थी रविवार को परीक्षा में शामिल हुए। रायपुर के 33 केन्द्रों में दोपहर 2 से 5 बजे के बीच परीक्षा हुई। कुल 10326 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दिलाई। 2284 छात्र अनुपस्थित रहे। इस तरह परीक्षा में 81.89 प्रतिशत छात्र शामिल हुए। रायपुर में 1703 उपस्थिति रही। यह जानकारी जिला जनसंपर्क अधिकारी ने दी है। पिछली बार की तरह रविवार को भी एनएसयूआई ने परीक्षा केन्द्र में हेल्प डेस्क लगाया। रायपुर में नीट परीक्षा केंद्र केंद्रीय विद्यालय नंबर वन डब्ल्यूआरएस में छत्तीसगढ़ एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष अकाश शर्मा के निर्देश पर प्रदेश सचिव हनी बग्गा और साथियों ने अभ्यार्थी और उनके परिजनों को कोरोना से बचाव के लिए सैनिटाइजर और मास्क का वितरण किया।

10-09-2020
53 हजार में हाथ-पैर फूल रहे,तब क्या होगा जब आशंका के मुताबिक आंकड़ा 90 हजार को छू लेगा : शर्मा 

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व विधायक शिवरतन शर्मा ने छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमितों के आंकड़ों पर चिंता जताते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है। शर्मा ने आरोप लगाया है कि, प्रदेश सरकार कोरोना की रोकथाम के लिए अपने दावे तो खूब कर रही है, लेकिन जमीनी सच्चाई यह है कि प्रदेश के कोविड सेंटर्स बदइंतजामी के चलते बदहाल हैं। यहां भर्ती मरीज सही इलाज के मोहताज हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री ने किसी भी कोविड अस्पताल में झांकने तक की जरूरत महसूस नहीं की है। कांग्रेस के नेता बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर रोज अपना गाल बजा रहे हैं। प्रदेश के कोविड अस्पतालों में हजारों बेड खाली होने का दावा करते कांग्रेस नेताओं व प्रवक्ताओं को शर्मा ने चुनौती दी है। उन्होंने कहा है कि, वे अपना-अपना फोन नंबर सार्वजनिक करें ताकि पीड़ित लोग उनसे सतत संपर्क कर कोरोना के इलाज की बेहतर सुविधा का लाभ ले सकें।
शर्मा ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भी चुनौती दी है कि वे विपक्ष के नेताओं के साथ इन कोविड सेंटर्स का निरीक्षण करें। जहां भर्ती मरीज अव्यवस्थाओं के चलते भूखे-प्यासे, दवाओं के अभाव में और अपर्याप्त ऑक्सीजन के कारण तड़प रहे हैं।  रोज धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी कर अपनी व्यथा प्रदेश से साझा कर रहे हैं।

प्रदेश कांग्रेस नेताओं के दावों का जमीनी सच बताते हुए शर्मा ने कहा कि, अब तो राजधानी में ही देर रात तक लोग रोते-चीखते और कराहते हुए एक से दूसरे अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अस्पतालों में भर्ती नहीं किया जा रहा है। अभी तो 53 हजार मामलों में सरकार के हाथ-पैर फूल गए हैं तो तब क्या हालत होगी जब जानकारों की आशंका के मुताबिक यह आंकड़ा 90 हजार को छू लेगा? शर्मा ने कहा है कि कोरोना का जब संक्रमण होता है तो उससे सबसे पहले और ज्यादा प्रभावित फेफड़ा होता है, लेकिन किसी भी कोविड सेंटर में फेफड़ों की जांच के लिए एक्स-रे मशीन की व्यवस्था नहीं की गई है। इसी तरह कोरोना से सर्वाधिक मौतें ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण हो रही हैं। प्रदेश के सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन नहीं होने के कारण मरीज तड़प-तड़पकर मौत के मुंह में जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की संवेदनाएँ तब भी मृतप्राय ही है। शर्मा ने कहा है कि कोविड अस्पतालों में बदइंतजामी का आलम है। कोई भी अव्यवस्थाओं को दूर करने की जिम्मेदारी लेता नहीं दिख रहा है। शर्मा ने कहा है कि, मध्यप्रदेश सरकार ने अपने कोविड सेंटर्स के लिए उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र आदि राज्यों से संपर्क कर सुविधाएं जुटाने के प्रयास किया है, तो प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी सत्तावादी अहंकार से उबरकर केंद्र सरकार से बेहतर समन्वय बनाकर और राज्य सरकारों से सहयोग जुटाने का प्रयास करना चाहिए।

09-09-2020
प्रदेश में हो रहे हादसों पर अंकुश लगाने कारगर कदम जरूरी : कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने एनसीआरबी के रिपोर्ट पर चिंता व्यक्त करते कहा कि प्रदेश मे हो रहे सड़क हादसों व अन्य हादसों को रोकने की दिशा में प्रदेश सरकार कोई कारगर कदम नही उठा रही है। इसके साथ ही अन्य हादसों में मौतों के आकंडों ने सवाल खड़ा कर दिया है कि तत्काल मेडिकल सुविधा नहीं मिलने से मरने वालों की संख्या बढ़ी है। हाल में जारी रिपोर्ट  से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में जो दुर्घटनाओं में मृत्यु की दर है वह राष्ट्रीय औसत से दोगुनी है। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय औसत 31.5 प्रति लाख की जनसंख्या में था। जबकि छत्तीसगढ़ में यह 68.6 है,आज देश में यह दूसरे स्थान पर आ गया है। वहीं महाराष्ट्र,मध्यप्रदेश और अन्य जो बड़े राज्य हैं वह भी दुर्घटनाओं में मृत्युदर के मामले में छत्तीसगढ़ से पीछे हैं। उन्होंने कहा कि   यह बताता है कि छत्तीसगढ़ में जो दुर्घटनाएं होती हैं उसमें तत्काल उपचार और आवश्यक मेडिकल सुविधा नहीं मिल पाने से मृत्युदर बढ़ती जा रही है और इसे रोकने में प्रदेश सरकार पूरी तरह विफल है। उन्होंने कहा कि समय पर एंबुलेंस सुविधा नहीं मिल पाती है। कहीं कानूनी अड़चने भी बनी रहती है। दुर्घटनाजन्य स्थानों का चिन्हांकन भी नहीं किया जा रहा हैं।

प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का नारा  दिया गया था, लेकिन 2019 में दुर्घटना में मृत्यु दर में छत्तीसगढ़ जो देश में दूसरे स्थान पर है। यह बेहद ही शर्मनाक है। प्रदेश सरकार को इस पर सोचना चाहिए। रिपोर्ट से स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष जहां 18839 लोगों की मृत्यु दुर्घटना में हुई थी। वर्ष 2019 में 19789  मृत्यु दुर्घटनाओं में हुई,जो पिछले वर्ष के मुकाबले 5 प्रतिशत ज्यादा है। जबकि राष्ट्रीय औसत देखें तो सिर्फ 1.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय औसत से 5 गुना ज्यादा वृद्धि छत्तीसगढ़ में देखने को मिल रही है। देश में छत्तीसगढ़ का इसमें सातवां स्थान है। गुजरात, उत्तराखंड, दिल्ली, तमिलनाडु, त्रिपुरा यहां पर जो दर है,वह  ऋणात्मक है।  गुजरात जहां पर वाहनों की संख्या हमारे यहां से काफी ज्यादा है वहां पर भी  कम दर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को कार्य योजना बनाकर कार्य करना चाहिए और सिर्फ कहने के लिए गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की बात करने की बजाए वास्तव में इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। आत्महत्या मामले में प्रदेश में दर अन्य राज्यों से दुगनी है। बेरोजगारी भी बढ़ती जा रही है,युवाओं को छला जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि किसानों को उनकी अगली किस्त दिए जाने के संबंध में कोई निर्णय नही लिया गया है।

 

09-09-2020
इस मौसम में अब तक हो चुकी 1097.1 मि.मी. वर्षा

रायपुर। राज्य भर में जून महीने से अब तक 1097.1 मि.मी.वर्षा दर्ज हुई है। कंट्रोल रूम के मुताबिक 1 जून से अब तक कुल 1097.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2157 मि.मी. और सबसे कम सरगुजा में 756 मि.मी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर में 1212.9 मि.मी., बलरामपुर में 1009.6 मि.मी., जशपुर में 1163.5 मि.मी., कोरिया में 959.2 मि.मी., रायपुर में 967 मि.मी., बलौदाबाजार में 981.9 मि.मी., गरियाबंद में 1047.5 मि.मी., महासमुन्द में 1176.7 मि.मी., धमतरी में 1004.9 मि.मी., बिलासपुर में 1137.5 मि.मी., मुंगेली में 782.2 मिमी, रायगढ़ में 1102.5 मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1163 मि.मी. तथा कोरबा में 1221 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। इसी प्रकार गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही में 927.9 मि.मी., दुर्ग में 895.9 मि.मी., कबीरधाम में 823.6 मि.मी., राजनांदगांव में 846.3 मि.मी., बालोद में 961.2 मि.मी., बेमेतरा में 968.8 मि.मी., बस्तर में 1206.6 मि.मी., कोण्डागांव में 1340 मि.मी., कांकेर में 919.2 मि.मी., नारायणपुर में 1232.3 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1442.8 मि.मी. तथा सुकमा में 1312.3 औसत दर्ज की गई है।

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