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03-09-2020
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकॉउंट हैक

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्विटर अकॉउंट गुरुवार तड़के साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हैकर ने वेबसाइट को हैक कर तीन से चार ट्वीट भी किए। बताया जा रहा ​है कि पीएम मोदी के तीन आधिकारिक ट्विटर अकॉउंट में से एक नरेंद्रमोदीआईएन ट्विटर अकॉउंट को साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया। हैकर्स ने प्रधानमंत्री मोदी के नरेंद्रमोदी आईएन अकॉउंट से लगातार चार ट्वीट किये जिसमें आखिरी ट्वीट करते हुए हैकर ने ट्वीट कर कहा कि यह अकॉउंट 'जॉन विक' द्वारा हैक किया गया है। साइबर अपराधियों ने मोदी के निजी अकॉउंट से ट्ववीट कर 'बिट कॉइन' के जरिए पीएम राष्ट्रीय राहत कोष में दान करने की बात कही।

हालांकि कुछ मिनटों बाद ही चारों ट्वीट को डिलीट कर दिया गया। मोदी के इस अकॉउंट पर करीब 25 लाख फॉलोवर है और उन्हें इस अकॉउंट पर गृह मंत्री अमित शाह समेत तमाम मंत्री और कई बड़ी हस्तियां फॉलो करती हैं। मोदी यह अकॉउंट मई 2011 में बनाया गया था और यह उनका सबसे पुराना निजी ट्विटर अकॉउंट हैं। श्री मोदी नरेंद्रमोदी_आईएन ट्विटर अकॉउंट का नरेन्द्रमोदी.आईएन वेबसाइट और एप के लिए भी प्रयोग करते हैं।

02-08-2020
अमित शाह की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव, हास्पिटल में हुए भर्ती 

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। इसके बाद उन्हें मेदांता हास्पिटल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा है कि कोरोना के शुरूआती लक्षण दिखने पर मैंने टेस्ट करवाया और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मेरी ​तबियत ठीक है परन्तु डॉक्टर्स की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो रहा हूं। मेरा अनुरोध है कि आप में से जो भी लोग गत कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए हैं, कृपया स्वयं को आइसोलेट कर अपनी जांच करवाएं। 

11-05-2020
प्रधानमंत्री के साथ करीब 6 घंटे तक चली राज्यों के सीएम की बैठक, मुख्यमंत्रियों ने दिए ये सुझाव...

नई दिल्ली। राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए बैठक की। ये बैठक करीब छह घंटे तक चली। इसमें कोरोना वायरस, इसको लेकर लगाए गए लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कोरोना वायरस को लेकर पीएम मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ये पांचवी बैठक थी। मुख्यमंत्रियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे। इसमें राज्यों के सीएम ने अपनी-अपनी बात रखी।

लॉकडाउन जारी रखने का बिंदू क्या है? : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब भारत सरकार ने सीमाओं को खोलने, ट्रेनों को शुरू करने और हवाईअड्डों को खोलने सहित लगभग सब कुछ खोल दिया है, तो लॉकडाउन जारी रखने का बिंदू क्या है? उन्होंने कहा कि हम इस संकट में एक साथ हैं। हालांकि, किसी तरह पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए टारगेट किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से रोज कई गाइडलाइन जारी की जाती है। इसे पढ़ने और फॉलो करने में हम थक जाते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी।

 

हमारे सामने आज प्रवासी मजदूर बड़ी चुनौती: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे सामने आज प्रवासी मजदूर बड़ी चुनौती है। अब तक 9 लाख से ज्यादा कामगारों और श्रमिकों को हम होम क्वॉरन्टीन में भेज चुके हैं। इसमें से 7 लाख श्रमिक अपना होम क्वॉरन्टीन पूरा कर चुके हैं। उनको हम नौकरी और रोजगार देने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अभी यात्री ट्रेन सेवा शुरू नहीं करने का आग्रह किया जिसे देश में कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों के हिस्से के रूप में रोका गया था। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि लॉकडाउन पर विशिष्ट और ठोस मार्गदर्शन’ करें। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सीएम ठाकरे ने प्रधानमंत्री से कहा,‘लॉकडाउन पर हमारा विशिष्ट एवं ठोस मार्गदर्शन करें, राज्य वही लागू करेंगे।’ बयान में कहा गया है कि ठाकरे ने मोदी से आग्रह किया कि मुंबई में आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

 

जोन क्षेत्र घोषित करने की जिम्मेदारी राज्यों को मिलनी चाहिए : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकारों को अपने राज्यों के भीतर आर्थिक गतिविधियों से निपटने के बारे में फैसले लेने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्हें रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन क्षेत्र घोषित करने की जिम्मेदारी भी मिलनी चाहिए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में अप्रवासी बिहारियों के आने पर अगर सही तरीके से नहीं जांच की गई तो बिहार की स्थिति सबसे खराब हो सकती है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन में सावधानी पूर्वक तैयार की गई रणनीति के साथ विस्तार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि राज्यों की राजकोषीय और आजीविका को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जानी चाहिए। तमिलनाडु में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 31 मई तक ट्रेन सेवाओं की अनुमति ना दें। शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण भारत की तरफ श्रमिकों के पलायन और मजदूरों के अपने घर जाने से आर्थिक गतिविधियों की बहाली में आने वाली समस्याओं पर भी इस बैठक में चर्चा की गई। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्यों को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इसलिए उन्हें लॉकडाउन से संबंधित दिशानिर्देशों में उचित बदलाव करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।

 

सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी : मोदी 

वहीं पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आगे के रास्ते और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति बनानी होगी और लागू करनी होगी. उन्होंने कहा, ‘आज आप जो सुझाव देते हैं, उसके आधार पर हम देश की आगे की दिशा तय कर पाएंगे।’ उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मानती है कि भारत खुद को कोविड-19 से सफलतापूर्वक सुरक्षित रख पाया है, राज्यों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा,‘जहां भी हमने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया, हमारी समस्याएं बढ़ गयीं।’ उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी।

09-05-2020
अपने स्वास्थ्य को लेकर अमित शाह ने किया ट्वीट, कहा- मैं स्वस्थ हूं,किसी बीमारी से पीड़ित नहीं

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया, जो उनके स्वास्थ्य को लेकर फैलाई जा रही थीं। उन्होंने कहा, पिछले दिनों से कुछ मित्रों की ओर से सोशल मीडिया के माध्यम से मेरे स्वास्थ्य के बारे में कई मनगढ़ंत अफवाहें फैलाई जा रही हैं।अमित शाह ने आगे कहा, “देश इस समय कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से लड़ रहा है और देश के गृह मंत्री के नाते देर रात तक अपने कार्यों में व्यस्त रहने के कारण मैंने इन सब पर ध्यान नहीं दिया। जब यह मेरे संज्ञान में आया तो मैंने सोचा कि यह सभी लोग अपने काल्पनिक सोच का आनंद लेते रहें, इसलिए मैंने कोई स्पष्टता नहीं की।”उन्होंने कहा, "परंतु मेरी पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं और मेरे शुभचिंतकों ने विगत दो दिनों से काफी चिंता व्यक्त की, उनकी चिंता को मैं नजरअंदाज नहीं कर सकता। इसलिए, मैं आज स्पष्ट करना चाहता हूं कि मैं पूर्ण रुप से स्वस्थ हूं और मुझे कोई बीमारी नहीं है।"गृह मंत्री ने आगे कहा, "हिन्दू मान्यताओं के अनुसार ऐसा मानना है कि इस तरह की अफवाह स्वास्थ्य को और अधिक मजबूत करती हैं।

इसलिए, मैं ऐसे सभी लोगों से आशा करता हूं कि वे यह व्यर्थ की बातें छोड़कर मुझे मेरा कार्य करने देंगे और स्वयं भी अपना काम करेंगे।" शाह ने कहा, "मेरे शुभचिंतकों और पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं के मेरा हालचाल पूछने और मेरी चिंता करने के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं। जिन लोगों ने ये अफवाह फैलाई हैं उनके प्रति मेरे मन में कोई दुर्भावना या द्वेष नहीं है।"गृह मंत्री अमित शाह के स्वास्थ्य को फैलाई जा रही अफवाहों को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निंदनीय करार दिया। उन्होंने कहा- “गृह मंत्री अमित शाह के स्वास्थ्य को लेकर असंवेदनशील टिप्पणियां घोर निंदनीय है। किसी के स्वास्थ्य के बारे में इस तरह की गलत सूचना फैलाने से ऐसे लोगों की मानसिकता का पता चलता है। मैं इसकी कड़ी भर्त्सना करता हूं और भगवान से प्रार्थना करता हूं कि ऐसे लोगों को सदबुद्धि दें।”

09-05-2020
गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी को लिखा पत्र, कहा- प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचने नहीं दे रही पश्चिम बंगाल सरकार

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्‍होंने ममता बनर्जी पर प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली ट्रेनों को मंजूरी नहीं देने का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए उन्हें राज्य सरकार का सहयोग प्राप्त नहीं हो पा रहा है। शाह ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के साथ पश्चिम बंगाल पहुंचने वाली ट्रेनों को राज्य सरकार अनुमति नहीं दे रही है। पश्चिम बंगाल तक ट्रेनों को नहीं आने देना प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है। इससे उनके लिए और मुश्किलें पैदा होंगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर, शाह ने कहा कि ट्रेनों को पश्चिम बंगाल पहुंचने की अनुमति न देना राज्य के प्रवासी श्रमिकों के साथ अन्याय है।

देश के विभिन्न हिस्सों से अलग-अलग गंतव्य स्थानों तक प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेनों का संदर्भ देते हुए, गृह मंत्री ने पत्र में कहा कि केंद्र ने दो लाख से ज्यादा प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने की सुविधा प्रदान की है।शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिक भी घर पहुंचने के लिए बेचैन हैं और केंद्र सरकार ट्रेन सेवाओं की सुविधा भी दे रही है। शाह ने लिखा है कि लेकिन हमें पश्चिम बंगाल से उम्मीद के मुताबिक सहयोग नहीं मिल रहा है।

27-04-2020
मुख्यमंत्रियों संग पीएम मोदी ने की बात, कहा- लॉक डाउन से मिला लाभ

नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से एक बार फिर से मुख्यमंत्रियों के साथ लॉक डाउन को लेकर चर्चा की। बैठक में उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। इस बैठक में महामारी की स्थिति और महामारी रोकने के लिए केंद्र और राज्यों द्वारा उठाए गए कदम पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि सामूहिक प्रयास का लाभ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि लॉक डाउन का हमें लाभ मिल रहा है। देश में 3 मई तक के लिए लॉक डाउन लागू है। पीएम ने कहा कि दूसरे देशों के मुकाबले में भारत बेहतर स्थिति में है। बैठक के दौरान मिजोरम के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो केंद्र सरकार का फैसला होगा उसे राज्य स्वीकार करेगा।

मेघालय के मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि राज्य तीन मई के बाद लॉक डाउन को जारी रखना चाहता है, जिसमें अंतर-राज्यीय और अंतर-जिला गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा। वहीं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने राज्य के कोरोना योद्धाओं के लिए व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) और अन्य चिकित्सा उपकरण प्रदान करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने तीन मई को लॉक डाउन खत्म होने पर उद्योगों को शुरू करने की इच्छा जाहिर की और कोविड-19 से लड़ने के लिए भारत सरकार से वित्तीय सहायता मांगी।

उत्तराखंड के सीएम ने कहा कि पर्यटन और तीर्थयात्री लॉक डाउन से बहुत प्रभावित हुए हैं। पीएम के हस्तक्षेप से हम जल्द ही अपने उद्योग और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर पाएंगे। सभी एहतियाती उपायों पर ध्यान केंद्रित करने के साथ, व्यापार और व्यापार गतिविधियां चरण-वार तरीके से शुरू होनी चाहिए। हमें धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य करने के लिए लोगों के जीवन को आसान बनाना होगा। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि वह लॉक डाउन जारी रखने के पक्ष में हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि आर्थिक गतिविधियों को इजाजत दी जाए। पटनायक ने कहा, मैं केंद्र सरकार से विनती करता हूं कि हम अर्थव्यवस्था के उपायों को शुरू करें क्योंकि हम बीमारी पर लगाम लगाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा में करीब 9 राज्यों के मुख्यमंत्री ने अपनी ओर से रिपोर्ट पेश किया। इनमें मेघालय, मिजोरम, गुजरात, बिहार, ओडिशा, पुडूचेरी, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के सीएम शामिल रहें। इस बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन शामिल नहीं हुए।

22-04-2020
मोदी सरकार का फैसला, स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने पर लगेगा भारी जुर्माना, होगी कड़ी सजा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक के बाद मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया, डॉक्‍टरों और आरोग्यकर्मियों के खिलाफ अब किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों को संरक्षण देते हुए नया अध्यादेश लाया जा रहा है। अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला संज्ञान लेने वाला और गैर जमानती होगा। इसमें कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। हमलावरों को 3 माह से लेकर 5 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही 50 हजार से 2 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

उन्‍होंने बताया, अगर बहुत गंभीर हमला होता है तो 6 महीने से 7 साल की सजा हो सकती है। ऐसे मामलों में 1 लाख से 5 लाख तक का जुर्माना होगा। इसकी जांच 30 दिनों में होगी और इसका फैसला 1 साल में आएगा। गाड़ी या क्लीनिक के नुकसान पर मार्केट कॉस्ट का दोगुना हमलावरों से लिया जाएगा। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, कोरोना वायरस से देश को बचाने की कोशिश कर रहे स्वास्थ्य कार्यकर्ता दुर्भाग्यवश हमलों का सामना कर रहे हैं। अब उनके खिलाफ हिंसा की कोई घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार एक अध्यादेश ला रही है, जो राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद से लागू हो जाएगा। मोदी सरकार के इस फैसले पर प्रतिक्रिया करते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन शर्मा ने पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी बात है कि बहुत ही कम समय में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए यह अध्यादेश लाया गया। डॉक्टरों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। 

 

28-02-2020
नागरिकता कानून पर लोगों को उकसा कर दंगे करवा रहा विपक्षी दल : अमित शाह  

नई दिल्ली। गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को पूर्वी क्षेत्र परिषद की बैठक के लिए ओडिशा के भुवनेश्वर पहुंचे। बैठक के बाद उन्होंने भुवनेश्वर में एक रैली को संबोधित किया जिसमें नागरिकता कानून को लेकर मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाया। अमित शाह ने कहा, विपक्ष संशोधित नागरिकता कानून पर झूठ क्यों फैला रहा है? मैं फिर कहना चाहता हूं कि सीएए के जरिए किसी मुस्लिम या अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं ली जाएगी क्योंकि ये कानून नागरिकता देने का है, लेने का नहीं। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने पूर्वी भारत के विकास के दरवाजे खोले, कांग्रेस पिछले 55 साल में जो करने में विफल रही, उसे हमने पांच साल में कर दिया। अमित शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल नागरिकता कानून पर लोगों को उकसा कर दंगे करवा रहा है। उन्होंने सीएए के समर्थन में आयोजित भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, 'विपक्ष के लोग संशोधित नागरिकता कानून को लेकर भ्रांति फैला रहे हैं कि संशोधित नागरिकता कानून से मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी।'

शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले 70 सालों से लटके कुछ मसलों का समाधान किया है जिसमें अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाना शामिल है। उन्होंने कहा कि मोदी अपनी सरकार के दूसरे कार्यकाल में एक बहुत बड़ी योजना लाए हैं, जिसके तहत 2024 तक देश के हर घर में नल से स्वच्छ पीने का पानी पहुंचाना है। गृह मंत्री ने कहा, 'लोकसभा चुनाव के बाद मैं पहली बार ओड़िशा आया हूं। मैं भाजपा की तरफ से आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने 8 सीटों पर हमे विजय दिलाई।' 

 

16-02-2020
शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी बिना अनुमति आज करेंगे पैदल मार्च, गृह मंत्री से कर सकते है मुलाक़ात

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में करीब दो महीने से धरने पर बैठी शाहीन बाग की दादियां रविवार को गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर इसे वापस लेने की अपील करेंगी। यह दावा शनिवार को शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने किया है। हालांकि, गृह मंत्रालय की ओर अभी मिलने का कोई समय नहीं मिला है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के घर तक पैदल मार्च निकाल सकते हैं, इसको लेकर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को एक पत्र लिखा है, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पैदल मार्च की अनुमति नहीं दी है। वहीं, एक महिला का कहना है कि प्रदर्शनकारी आज गृह मंत्री के आवास की ओर मार्च करेंगे। हम उनसे सीएए-एनआरसी-एनपीआर को वापस लेने की अपील करेंगे। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह की बातचीत की अपील के बाद शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों पर दबाव है। वैसे प्रदर्शनकारियों का एक धड़ा गृह मंत्री से मिलने का विरोध कर रहा है।

शाहीन बाग : प्रदर्शनकारियों में वार्ता पर उभरे मतभेद

कुछ प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, रविवार दोपहर वे गृह मंत्री से मुलाकात करने उनके सरकारी आवास पर पहुंचेंगे। सीएए के मुद्दे पर गृह मंत्री ने पूरे देश को मिलकर चर्चा करने का आमंत्रण दिया है। इसलिए वे उनसे मिलने जा रहे हैं। इस मुलाकात में कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं होगा, बल्कि हर वो व्यक्ति होगा, जिसे सीएए पर आपत्ति है। उधर, प्रदर्शनकारियों की नजर सोमवार को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर भी टिकी है। बातचीत का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के धड़े का कहना है कि आंदोलन सीएए को वापस लेने के लिए शुरू किया गया था। अब सरकार से बातचीत के लिए जाने पर भी इसे वापस लिया जाएगा, ऐसी कोई गारंटी नहीं है।

चुनाव से पहले सरकार का कोई नुमाइंदा उनसे बातचीत के लिए नहीं पहुंचा। इससे साफ है कि सरकार इसे वापस लेने के मूड में नहीं है। चुनाव के बाद गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील की है। सिर्फ इसलिए वहां जाना ठीक नहीं है। इस संभावित मुलाकात के मुद्दे पर दोनों धड़ों में तनाव है। दूसरी ओर, शाहीन बाग का दो महीने से ज्यादा समय से बंद रास्ता खाली कराने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 17 फरवरी को सुनवाई है। कुछ लोगों का कहना है कि पहले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट का रुख देखने के बाद पूरी आशंका है कि रास्ता खाली करने का आदेश दिया जा सकता है। इस सुनवाई के पहले ही प्रदर्शनकारी बीच का रास्ता तलाश रहे हैं। रास्ता खाली करने के पक्ष में फैसला आने की स्थिति में वे आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। उधर, पुलिस भी कोर्ट के रुख पर नजर लगाए है।

 

07-02-2020
विधानसभा चुनाव :

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम से एक वेबसाइट लॉन्च की है। अमित शाह का उल्टा चश्मा वेबसाइट का नाम रखा गया है। इस पर दिल्ली में पहले और केजरीवाल सरकार आने के बाद बदलते हालात को भी दिखाया गया है।
आप ने व्यंगात्मक तरीके से अमित शाह पर हमला किया है। वेबसाइट पर यह दिखाने की कोशिश की गई है कि गृहमंत्री का चश्मा उल्टा है। इसलिए उनको चीजें ठीक-ठीक नहीं दिखाई दे रही हैं। तभी उनको दिल्ली में लगे सीसीटीवी कैमरे नहीं दिखाई दिए, जबकि उनके रोड शो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो रहे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों व अस्पतालों में कोई काम नहीं दिखता है, जबकि देश ही नहीं, पूरी दुनिया में दिल्ली के शिक्षा व स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ हो रही है। एक पदाधिकारी ने बताया कि दिल्ली के लोगों से अपील की जा रही है कि वह www.amitshahkaultachashma.com पर जाएं और अमित शाह का उल्टा चश्मा साफ कर उन्हें दिल्ली में हुए काम को दिखाने में मदद करें। इस पर हर कोई पहुंच सकता है। सोशल मीडिया पर भी इसका प्रचार किया जा रहा है।

04-02-2020
चुनावी मैदान में आज आमने-सामने होंगे मोदी-शाह और राहुल-प्रियंका

 

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के विधानसभा चुनाव में महज चंद दिन बचे हैं। इन चंद दिनों में मतदाताओं को अपनी ओर लुभाने के लिए सभी राजनीतिक दल एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। चुनाव प्रचार कार्यक्रम भी जोर-शोर से चल रहे हैं। इसी कड़ी में भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को कार्यक्रम करेंगे तो कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. मनमोहन सिंह मैदान में होंगे। मनमोहन सिंह राजौरी गार्डन में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारका में एक जन रैली को संबोधित करेंगे। अमित शाह की आज तीन रैलियां होंगी। वह दिल्ली कैंट, पटेल नगर और तीमारपुर में रैलियों को संबोधित करेंगे। वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी और राहुल गांधी जंगपुरा और संगम विहार में रैलियों को संबोधित करेंगे।

आप कार्यकर्ता करेंगे 15 हजार बैठकें

दिल्ली चुनाव के आखिरी चरण में आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में करीब 15,000 बैठकें करने के साथ ही ‘अच्छे होंगे पांच साल, दिल्ली में तो केजरीवाल’ टैग लाइन के साथ आप कार्यकर्ता गलियों में चक्कर लगाएंगे। दिलचस्प यह कि इस दौरान आप कार्यकर्ता भाजपा समर्थकों से भी मुलाकात कर दिल्ली के भविष्य के नाम पर आप को वोट करने की अपील करेंगे। पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने मंगलवार को कहा कि आप तीन दिनों का महाअभियान लांच करने जा रही है। इसमें पार्टी के अनुषांगिक संगठनों के करीब 500 पदाधिकारी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में रोजाना 10-10 बैठकें करेंगे। इस हिसाब से तीन दिनों में करीब 15,000 बैठकें होंगी। उन्होंने बताया कि इस फेज की टैग लाइन ‘अच्छे होंगे पांच साल, दिल्ली में तो केजरीवाल’ होगी।

22-01-2020
भाजपा ने जारी की स्टार प्रचारकों की सूची, नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं के नाम शामिल

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में दिल्ली के नए सांसदों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा लिस्ट में सनी देओल और हेमा मालिनी का भी नाम शामिल है। पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी स्टार प्रचारकों की लिस्ट में सबसे ऊपर हैं। इनके अलावा इस सूची में दिल्ली से सांसद हंसराज हंस, गौतम गंभीर, रविकिशन, भोजपुरी फिल्म स्टार दिनेश लाल यादव, निरहुआ के नाम शामिल हैं।  

8 फरवरी को मतदान

बता दें कि दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए 8 फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को मतों की गणना के बाद नतीजे आएंगे। नामांकन के बाद अब उम्मीदवारों का प्रचार अभियान जोरों पर है। जगह-जगह रोड शो निकाले जा रहे हैं। आप जहां बिजली पानी मुफ्त जैसे अपने कामों को गिनाकर वोट मांग रही है, वहीं भाजपा का जोर अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के केंद्र के फैसले को भुनाने पर है। इसके अलावा नागरिकता कानून मुद्दा भी उसकी लिस्ट में शामिल है। वहीं कांग्रेस आप-भाजपा की लड़ाई को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में है।

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