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31-03-2020
Breaking: मुख्यमंत्री से केंद्र के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार पी. विजयकुमार ने की मुलाकात,कई मुद्दों पर हुई चर्चा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मंगलवार को उनके निवास कार्यालय में केंद्र सरकार के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार पी.विजय कुमार ने मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सली सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी,मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू,एडीजी अशोक जुनेजा एवं सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

 

24-03-2020
मिनपा मुठभेड़ में नक्सलियों को खदेड़ने वाले वीर जवानों पर हमें गर्व है : पी सुंदरराज

रायपुर। मिनपा नक्सली मुठभेड़ पर बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मुठभेड़ में 15 से अधिक माओवादी मारे गए हैं। साथ ही 20 से अधिक सीआरसी कम्पनी और पीएलजीए के नक्सली भी घायल हुए हैं। बस्तर आईजी ने कहा कि डीआरजी के जवानों ने नक्सलियों से 20 से 25 मीटर की दूरी से मुकाबला किया। जल्द ही मारे गए नक्सलियों के नामों की तस्दीक कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि 21 मार्च को जिला सुकमा के चिंतागुफा-बुरकापाल क्षेत्रांतर्गत मिनपा-एलमागुड़ा-कोराजडोंगरी के जंगलों में सीपीआई माओवादी नक्सलियों की मौजूदगी की जानकारी होने पर चिंतागुफा और बुरकापाल कैम्प से DRG/STF/CoBRA का संयुक्त बल नक्सल अभियान के लिए रवाना हुआ था। दोपहर लगभग 1.30 बजे कोराजडोंगरी पहाड़ एवं मिनपा जंगल के पास सुरक्षाबलों एवं नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। कोराजडोंगरी पहाड़ के पास हुई मुठभेड़ में DRG/STF/CoBRA द्वारा की गई जवाबी कार्यवाही के 40 मिनट बाद मुठभेड़ में लगभग 6 नक्सली जख्मी हुए जिन्हें माओवादी द्वारा कव्हरिंग फायर देते हुये अपने साथ लेकर Retreat हो गए। 


इस दौरान बुरकापाल DRG/STF ने कम से कम 8 माओवादियों को मार गिराया लेकिन लगातार गोलीबारी होने से माओवादियों का शव व हथियार तत्काल बरामद नहीं किया गया। DRG/STF के कुछ जवान माओवादियों की गोली और ग्रेनेड लगने से घायल हो गये। इसके बावजूद भी जवानों द्वारा लड़ाई को निर्णायक मोड़ तक ले जाने के उद्देश्य से घायल व बाकी साथियों द्वारा नक्सलियों से मात्र 20-25 मीटर की दूरी में पहुंचकर कई माओवादियों को मार गिराया गया। विगत वर्षों में यह पहला अवसर है कि जिसमें सुरक्षाबल-माओवादियों के बीच आमने-सामने की युद्ध जैसी परिस्थिति में मुठभेड़ हुई। अभी तक विभिन्न सुत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार माओवादियों के बटालियन नंम्बर 1, CRC कंपनी एवं PLGA प्लाटून के कम से कम 15 से अधिक माओवादी मारे जाने तथा 20 से अधिक माओवादी गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी प्राप्त हो रही है, जिन्हें तस्दीक किया जाकर बहुत जल्द उसका नाम विवरण सार्वजनिक किया जायेगा।
पी सुन्दरराज ने कहा कि हमें अफसोस है कि 17 वीर जवानों को हमने खो दिया है लेकिन उनकी शहादत और वीरता पर बस्तर पुलिस परिवार पर अत्यंत ही गर्व है। शहीद के परिजनों को सभी प्रकार सहायता के लिए हमारे विभाग संकल्पित है।

23-03-2020
Breaking: मुख्यमंत्री और गृहमंत्री ने नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, के विजय कुमार भी पहुंचे सुकमा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, केंद्रीय गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार विजय कुमार और पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने सोमवार को सुकमा पुलिस लाइन में सुकमा नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा पुलिस लाईन में शहीद जवानों के साथियों और परिजनों से मुलाक़ात की।

22-03-2020
​​​​​​​सुकमा नक्सली हमले की नरेंद्र मोदी ने की निंदा, राहुल ने कहा-घटना से आहत हूं, दी श्रद्धांजली

रायपुर। सुकमा में नक्सली और सुरक्षाबलों की मुठभेड़ में शहीद हुए 17 जवानों और 14 घायल जवानों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्विट कर श्रद्धांजलि दी है। प्रधानमंत्री ने नक्सली घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि आपकी वीरता को कभी नहीं भुलाया जा सकता। उन्होंने घायल जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने ट्वीटर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नक्सली हमले में 17 जवानों के शहीद और 14 जवानों के घायल होने पर आहत हूं। शहीदों के परिवारों के प्रति संवदेना व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ की कामना करता हूं।
 

22-03-2020
सुरक्षाबलों और नक्सलियों की मुठभेड़ में 17 जवान शहीद, हथियार लूट कर ले गए नक्सली

सुकमा। जिले के कसलपाड़ में पुलिस-नक्सल मुठभेड़ के बाद लापता सुरक्षाबलों के 17 जवानों की शहादत हो गई है। मिली जानकारी के अनुसार सभी 17 जवानों के शव को लाने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि 17 जवानों में से 5 एसटीएफ और 12 डीआरजी के जवान हैं। शनिवार को सीआरपीएफ, एसटीएफ और डीआरजी के करीब 450 जवान सर्चिंग पर निकले थे। इस दौरान कसलपाड़ से लौटते वक्त कोराज डोंगरी के करीब नक्सलियों ने एंबुश लगाकर सुरक्षाबलों पर हमला बोल दिया था। इसी बीच 17 जवान लापता हो गए थे और 14 गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल जवानों को रिकवर कर रायपुर रामकृष्ण हॉस्पिटल में रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। नक्सलियों ने जवानों से 16 हथियार भी लूटे है,जिसमें ऐक-47,इंसास, एलएमजी और यूबीजीएल भी शामिल है। शहीद जवानों का शव बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।

 

22-03-2020
14 जवान घायल, 14 लापता और कुछ की मौत होने की भी खबर है इन सबके लिए जिम्मेदार कौन

रायपुर। बीती रात सुकमा के एलमागुड़ा इलाके में नक्सलियों से पुलिस की मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ अचानक नहीं हुई थी। पुलिस पार्टी ने ऑपरेशन चलाया था। पुलिस का ये दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। 14 जवान घायल हुए हैं जिनका रायपुर में इलाज चल रहा है। उनमें दो की हालत बेहद गम्भीर बताई जा रही है। करीब इतने ही जवान लापता बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश आज की जाएगी। और उपलब्धि के नाम पर 7 बड़े इनामी नक्सलियों के मारे जाने की खबर दी जा रही है। लेकिन शव एक भी बरामद नहीं हुआ है। अब सवाल यह उठता है जब सारा देश कोरोना से जूझ रहा है अघोषित इमरजेंसी जैसे हालात हैं आज जनता कर्फ्यू है अस्पतालों में डॉक्टर कोरोना से लड़ने में व्यस्त हैं ऐसे में इतना बड़ा ऑपरेशन चलाना बड़ा अजीब सा लगता है। और फिर जब इतनी बड़ी पार्टी ऑपरेशन के लिए गई तो क्या वजह थी के पुलिस को इतना बड़ा नुकसान उठाना पड़ गया? क्या योजना फुल प्रूफ नहीं थी? और अगर नहीं थी तो हड़बड़ी में ऐसे ऑपरेशन चलाने की जरूरत क्या थी? सबसे हैरानी की बात तो यह है के जब आपको पता है अस्पतालों में सारी ताकत कोरोना से लड़ने के लिए लगी हुई है तब आप ऐसे ऑपरेशन चलाकर क्या साबित करना चाह रहे थे? आज 14 घायलों को रायपुर के अस्पताल लाया गया यहां डॉक्टर उनके इलाज में व्यस्त हो गए हैं। और कोरोना से लड़ाई के लिए लगी ताकत आधी हो गई। फिर पुलिस के कितने जवान मारे गए हैं ये भी पता भी नहीं चला है और 7 नक्सली मारे गए तो उनके शव तक नही मिले है।शव नही मिलने से इस बात को कैसे मान लिया जाए के 7 नक्सली मारे गए है? और सिर्फ 7 नक्सलियों को मारने के लिए आप इतनी बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को क्यो झोंक रहे है? और उसके बदले में 5 गुना जवानों का नुकसान क्यो उठा रहे हैं? यह कौन सी अकलमंदी है? ऐसा लगता है कि पुलिस फोर्स अभी नेतृत्व विहीन है या फिर पब्लिसिटी के लिए कुछ भी करने पर उतारू है।  कल के ऑपरेशन का फेल होना ना केवल नक्सलियों के हौसले बढ़ाएगा बल्कि कहीं न कहीं वह पुलिस के मनोबल को भी तोड़ने वाला साबित होगा। पुलिस को चाहिए ऐसे बड़े ऑपरेशन के पहले कम से कम योजना तो ढंग से बना ले। अपने प्रदेश में अगर योग्य  अफसर ना तो पास पड़े पड़ोस के प्रदेशों के योग्य अफसरों से भी मदद ली जा सकती है। सरकार को भी चाहिए पुलिस की ऐसी निरंकुशता पर अंकुश लगाए। इस तरह के ऑपरेशन और ऐसे कठिन दौर में समझ से परे है।

 

 

 

22-03-2020
Breaking : मुठभेड़ में कई नक्सलियों के मारे जाने और घायल होने का मिला इनपुट, 14 जवान रायपुर में भर्ती

रायपुर। सुकमा जिले के एलमागुंडा के पास शनिवार को 5 घंटे तक पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में कई बड़े नक्सली नेताओं के मारे जाने और घायल होने सूचना मिली है। मुठभेड़ में घायल 14 जवानों को रायपुर के रामकृष्ण केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से 12 जवानों की हालत सामान्य है और 2 जवान गंभीर रूप से घायल हैं। अभी तक किसी भी जवान के शहीद होने की सूचना नहीं है। मुठभेड़ में शामिल 13 जवानों से अभी तक संपर्क नहीं हो सका है। करीब 150 जवान की टीम अभी जंगल मे ही रुकी हुई है। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उनके  निवास कार्यालय में मुलाकात कर मुठभेड़ की जानकारी दी।

19-03-2020
डीआरजी जवानों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़, एक नक्सली ढेर

दंतेवाड़ा। गमपुर के जंगलों में डीआरजी व दंतेश्वरी महिला फाइटर के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर मिली है। बता दें कि गमपुर दंतेवाड़ा और बीजापुर जिले का सरहदी क्षेत्र है। डीआरजी व दंतेश्वरी महिला फाइटर के जवानों के साथ नक्सलियों का मुठभेड़ करीब 1 घंटे तक चली। बड़े नक्सली लीडरों के होने की सूचना मिलने पर जवान सर्चिंग पर निकले थे इसी दौरान मुठभेड़ शुरू हो गई। मुठभेड़ के दौरान जवानों ने एक पुरुष नक्सली को मार गिराया, जिसका शव बरामद कर लिया गया है। वहीं, कई नक्सलियों के घायल होने की सूचना सामने आ रही है अभी भी जवान जंगलों में मौजूद हैं और रुक रुक कर गोलाबारी जा रही है इसकी जानकारी दंतेवाड़ा एसपी अभिषेक पल्लव ने दी है।

 

18-03-2020
किरंदुल थाना क्षेत्र से एक नक्सली गिरफ्तार

दंतेवाड़ा। डीआरजी दंतेवाड़ा व थाना किरंदुल की संयुक्त पुलिस पार्टी ने घेराबंदी कर एक माओवादी को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने किरंदुल क्षेत्र के ग्राम समलवार मड़कामीरास जंगल में सीएनएम सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार माओवादी ग्राम समलवार के ग्रामों में भ्रमण कर नाच गाना करता था और इसके माध्यम से माओवादी संगठन को मजबूत करने के लिए काम करता था।
 

16-03-2020
Breaking :  नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन होगा तेज, डीजीपी और अर्द्धसैनिक बल बना रहे रणनीति

रायपुर। छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की समीक्षा के लिए पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी और अर्द्धसैनिक बल के बीच बैठक जारी है। नक्सलियों के विरूद्ध रणनीति पर चर्चा की जा रही है। बैठक में बस्तर संभाग के आईजी, सीआरपीएफ के आईजी, डीआईजी, बीएसएफ और आईटीबीपी के डीआईजी एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों के एसपी शामिल हैं। पुलिस महानिदेशक अवस्थी सोमवार को दंतेवाड़ा और नारायणपुर के दौरे पर हैं।

16-03-2020
नक्सलियों की राजधानी में आजादी के 73 वर्ष बाद पहुंची बिजली, ग्रामीण महिला के आँखों से छलक पड़े खुशी के आंसू

दंतेवाड़ा। विकाशखण्ड कुआकोंडा का गाँव पोटाली, बुरगुम जहां कभी नक्सलियों की राजधानी हुआ करती थी और जहां माओवादी अपनी जनताना सरकार चलाते थे, लेकिन अब उस इस क्षेत्र में पुलिस कैम्प खुलने के बाद सरकार का सीधा दखल हो गया है। कलेक्टर टोपेस्वर वर्मा, जिला पंचायत सीईओ अलोक वर्मा, डीएन लाल डीआईजी सीआरपीएफ और एसपी डॉ अभिषेक पल्लव खुद ग्रामीणों के साथ फावड़ा तगाड़ी उठा कर काम करते नज़र आते है और गांव के लोग अपनी दुख तकलीफ इनको बताते है। इन अधिकारियों ने इस धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में अपनी जान की परवाह न करते हुए विकाश ओर मूलभूत सुविधाएं पहुँचाने का बीड़ा उठाया और सिर्फ 6 माह के अंदर इस गांव में बिजली, सड़क, पीडीएस राशन की दुकान, आश्रम, तालाब, बाड़ी फेंसिंग बोरबेल , समुदाय स्वास्थ्य केंद्र जैसे कई कार्य कर ग्रामीणों का दिल जीत लिया जो लोग पहले नक्सलियों का साथ देते थे और अपने क्षेत्र में किसी भी सरकारी नुमाइंदे को घुसने नही देते थे आज वो खुद विकाश चाहते है और अपनी समस्या प्रशासन को बता रहे है।

 बता दें कि आजादी के बाद पहली बार यहां बिजली पहुंची है और यह वही पोटाली गांव है जहाँ 6 माह पहले पुलिस कैम्प खोलने में जवानों के पसीने छूट गए थे हज़ारो ग्रामीणों ने पुलिस ओर जिला प्रशासन को घेर लिया था जिसको संभालने पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। कलेक्टर टोपेस्वर वर्मा ने बताया कि जब पोटाली गांव के पटेलपारा में ग्रामीण बुदरी के यहां लाइट लगा कर ब्लब जलाए तो बुदरी पहली बार लाइट देख खुशी से रो पड़ी। जहां उसके चहरे पे खुशी थी वही आँखों मे पानी। अब इस गांव के लोग हमसे जो चाहिए सीधा मांग रहे है और ग्रामीणों के सहियोग से हम यह मूलभूत सुविधाएं पहुंचा रहे है।

14-03-2020
दो इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, कई वारदातों में थे शामिल

राजनांदगांव। मोहला मानपुर क्षेत्र के नक्सली जोड़े ने शनिवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। दोनों मोहला मानपुर एरिया में सक्रिय थे और कमेटी के सचिव थे। इसमें गैंद सिंह कोवाची पर 8 लाख रुपए और रमशीला धुर्वे पर 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। यह दोनों शीघ्र ही शादी करने वाले थे। दोनों 2006 से मोहला मानपुर एरिया कमेटी खूंखार सदस्यों में गिने जाते थे। ये लगभग 30 वारदातों में नामजद आरोपी रहे हैं।

 

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