GLIBS
29-06-2020
साक्षात्कार एवं चयन समिति में एसटी, एससी और ओबीसी वर्ग का अलग-अलग प्रतिनिधित्व अनिवार्य

रायपुर। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़ा वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1994 की धारा-8 में प्रदत्त शक्तियों के तहत प्रत्येक विभाग के अधीन गठित साक्षात्कार एवं चयन समिति में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग का पृथक-पृथक प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा इस संबंध में आज मंत्रालय महानदी भवन से सभी विभागों, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राजस्व मण्डल बिलासपुर, सभी विभागाध्यक्षों, संभागीय आयुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।

16-02-2020
आरक्षण लागू करने कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन,केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

राजनांदगांव। राज्य सरकार की ओर से दिए गए आरक्षण का केन्द्र की भाजपा सरकार विरोध कर रही है। इसे लागू करने में बाधा डाल रही है। इसी के खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश कमेटी के आव्हान पर कांग्रेसियों ने रविवार को प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन दिया और राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा। इसी कड़ी में राजनांदगांव के कांग्रेस कार्यालय के सामने जिला कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सभा स्थल पर राज्य सरकार की ओर से एसटी,एससी व ओबीसी वर्ग के जारी किए गए आरक्षण के लाभ के बारे में बताया। किस प्रकार से इस आरक्षण को लागू नहीं होने दिया जा रहा है इस पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में एसटी,एससी,ओबीसी के आरक्षण को विशेष वर्ग के लोगों के लिए आवश्यक बताया। इसे  लागू करने की अपील की है। पूर्व सांसद करुणा शुक्ला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा ने धरना स्थल पर कांग्रेसियों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला। इस दौरान प्रदेश,जिला,ब्लॉक कांग्रेस सहित मोर्चा,प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे। 

 

02-02-2020
दिल्ली विधानसभा चुनाव : आज से शुरू होगा भाजपा का महा जनसंपर्क अभियान, शाह संभालेंगे कमान

नई दिल्ली। मतदान की तारीख जैसे-जैसे पास आ रही है, राजनीतिक पार्टियों के नेता लोगों तक पहुंचने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। रैलियों और नुक्कड़ सभा के बाद अब बीजेपी रविवार से महा जनसंपर्क अभियान शुरू कर रही है। दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र में इस अभियान की कमान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, ग्रेटर कैलाश में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और आदर्श नगर विधानसभा में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर संभालेंगे। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि महा जनसंपर्क अभियान का मकसद है कि बीजेपी दिल्ली में अपने विकास मॉडल से लोगों को घर-घर जाकर रूबरू कराए।

इसबार कुल 1.46 करोड़ वोटर

इसबार कुल 1.46 करोड़ (1,46,92,136) वोटर्स हैं। इसमें 66.35 महिला और 80.55 लाख पुरुष वोटर हैं। 2 लाख 08 हजार 883 लोग ऐसे हैं जो पहली बार वोट डालेंगे।

70 में से 12 सीट रिजर्व

चुनाव आयोग ने बताया कि दिल्ली में कुल 70 सीटों में से 58 सीट जनरल, 12 सीट एससी के लिए रिजर्व हैं।

QR कोड स्कैन होगा, तभी डाल पाएंगे वोट

सभी वोटरों को QR कोड वाली पर्ची दी जाएगी। चुनाव कर्मी उसे स्कैन करके नंबर देंगे, तभी वोट डालने की अनुमति होगी। अगर कोई QR कोड वाली पर्ची लेकर नहीं आया होगा तो वह अपने मोबाइल पर वोटर हेल्पलाइन से डिजिटल क्यूआर कोड भी जनरेट कर सकेगा।

घर बैठे वोटिंग कर सकेंगे बुजुर्ग

80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को वोट डालने के लिए बूथ तक नहीं जाना होगा। वह इस बार घर बैठे पोस्टल बैलेट से मतदान कर सकेंगे। दिव्यांग मतदाताओं को भी यह सुविधा मिलेगी। इस अभियान के तहत बीजेपी के करीब एक लाख कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता 70 विधानसभा क्षेत्रों के करीब 13,750 पोलिंग स्टेशन के आसपास रहने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें विकास मॉडल की जानकारी देंगे। इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा किए गए जनकल्याण कार्यों के बारे में भी लोगों को बताया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी दिल्ली में विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है। बीजेपी ने शुक्रवार को जो संकल्प पत्र जारी किया है, उसके बारे में भी लोगों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा पिछले पांच सालों में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के लोगों से जो झूठ और फरेब की राजनीति की है, उसका पर्दाफाश किया जाएगा।

18-12-2019
नाम पुराना पर क्षेत्र नया कमल विहार भी इस वार्ड में

रायपुर। वर्तमान 53 बाबू जगजीवन राम वार्ड नाम से तो जो वार्ड था वह बास्टल था, लेकिन इस बार कमल विहार, डूमर तरई, देवपुरी जैसे बड़े-बड़े कमर्शियल क्षेत्र से बने वार्ड का नाम इन्हीं पर रखा गया है। यहां से भाजपा ने गोलू जांगड़े को और कांग्रेस ने सीमा विष्णु वाले को मैदान में उतारा है। वार्ड में कुल मतदाताओं की संख्या 9558 है। इस वार्ड से सटे हुए वार्ड में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। इस वजह से नए नाम वाले इस वार्ड में चुनाव बेहद ही रोमांचक होगा एससी महिला के लिए वार्ड आरक्षित होने के कारण दोनों ही पार्टियों के पास टिकट के उम्मीदवार कम थे।

16-12-2019
मौलाना अब्दुल रऊफ में कांग्रेस का किला ढहाने के लिए भाजपा ने लगाई पूरी ताकत

रायपुर। वार्ड क्रमांक 40 मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड में इस बार चुनाव काफी रोमांचक रहेगा क्योंकि कांग्रेस का गढ़ कहा जाने वाला वार्ड परिसीमन के बाद पहली बार अनुसूचित जाति वर्ग के मतदाता बड़ी संख्या में जुड़े हैं। कांग्रेस तैयारी रिवर वर्तमान पार्षद हैं। वहीं एमआईसी के सदस्य भी हैं। एससी केटेगरी से भाजपा ने पार्षद रह चुके सुनील वांद्रे को मैदान में उतारा है। बता दें कि सुनील बांद्रे के पुराने वार्ड का आधा हिस्सा इस वार्ड में जुड़ गया है। एससी वर्ग से आरक्षित वार्ड खोजने के बजाय पुराने मतदाताओं के भरोसे वांद्रे यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। अब मतदाताओं की संख्या 15620 हो चुकी है। मतलब जीत के लिए प्रत्याशियों के बीच कड़ी मशक्कत होगी।

13-11-2019
ओबीसी आरक्षण के समर्थन में छत्तीसगढ़ बंद का नहीं दिखा असर

कोरबा। ओबीसी आरक्षण के समर्थन में आज छत्तीसगढ़ बंद का ऐलान किया गया। यह बंद ओबीसी आरक्षण का विरोध करने वालों के खिलाफ किया जा रहा है, लेकिन बन्द के असर नजर नहीं आ रहा है। बता दें कि इस बंद को ओबीसी, एससी, एसटी के कई संगठनों का समर्थन मिला है। पूरा मामला हाईकोर्ट में 2। फीसदी ओबीसी आरक्षण पर रोक लगने का है। अभी प्रदेश में ओबीसी को महज 14 फीसदी आरक्षण मिल रहा है। वही पिछड़ा वर्ग सामाजिक समिति ने पिछड़ा वर्ग को 52 प्रतिशत आरक्षण की मांग लेकर बंद के लिए बुलाया है। इस बंद को चेंबर ऑफ कामर्स ने नैतिक समर्थन दिया है, कोरबा में समिति के लोग बंद कराने सड़कों पर उतर गए हंै।
 

13-08-2019
अयोध्या विवाद में एससी ने पूछा- क्या विवादित स्थल पर मंदिर था?

नई दिल्ली। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद पर पांचवें दिन की सुनवाई के दौरान मंगलवार को इस मुद्दे पर बहस शुरू हुई कि क्या इस विवादित स्थल पर पहले कोई मंदिर था? प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष रामलला विराजमान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने मस्जिद के निर्माण होने से पहले इस विवादित स्थल पर कोई मंदिर होने संबंधी सवाल पर बहस शुरू की। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तीन न्यायाधीशों की पीठ अपने फैसले में कहा है कि विवादित स्थल पर मंदिर था। वैद्यनाथन ने कहा कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एसयू खान ने अपने फैसले में कहा था कि मंदिर के अवशेषों पर मस्जिद का निर्माण किया गया। उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 फैसले के खिलाफ  दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एसए बोबड़े, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट इस समय अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि के तीनों पक्षकारों सुन्नी वक्फ  बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बराबर बांटने का निर्देश देने संबंधी उच्च न्यायलय के फैसले के खिलाफ  दायर अपीलों पर सुनवाई कर रहा है। इस मामले की चौथे दिन की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने परासरन से जानना चाहा था कि इस मामले में मुद्दई के रूप में जन्म स्थान को एक कानूनी तौर पर व्यक्ति कैसे माना जा सकता है? इसके जवाब में वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा था कि हिन्दुत्व में किसी स्थान को मंदिर मानने के लिये वहां देवता की मूर्ति होना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा था कि हिन्दू किसी एक रूप में ईश्वर की अराधना नहीं करते हैं बल्कि वे ऐसे दैवीय अवतरण की पूजा करते हैं जिसका कोई स्वरूप नहीं है।

 

 

25-06-2019
कांग्रेस को झटका, एससी ने खारिज की याचिका, कहा, दोनों सीटों पर होंगे अलग-अलग चुनाव

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को गुजरात में राज्यसभा की दो सीटों के लिए अलग अलग उपचुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली कांग्रेस की याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की अवकाश पीठ ने हालांकि गुजरात कांग्रेस के नेता की याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया लेकिन राज्यसभा की दोनों सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव याचिका दायर करने की उन्हें छूट प्रदान कर दी। गुजरात से राज्यसभा की ये सीटें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के गांधीनगर और स्मृति ईरानी के अमेठी लोकसभा सीट से निर्वाचित होने की वजह से रिक्त हुई हैं।
निर्वाचन आयोग ने गुजरात की इन दो सीटों के लिये अलग अलग अधिसूचना जारी करने लेकिन एक ही दिन चुनाव कराने का निर्णय लिया था। आयोग के इस निर्णय को कांग्रेस के विधायक और विधान सभा में प्रतिपक्ष के नेता परेशभाई धनानी ने याचिका दायर कर चुनौती दी थी। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया था कि राज्यसभा सहित सभी सदनों के लिये उपचुनाव के लिए रिक्त हुए स्थानों को ‘अलग अलग रिक्तियां’ माना जाता है और इसके लिये अलग अलग अधिसूचना जारी होती है, भले ही इनका कार्यक्रम एक समान हो।
धनानी ने आयोग के इस निर्णय को निरस्त करने का अनुरोध किया था। उनका तर्क था कि आयोग का यह निर्णय असंवैधानिक, मनमाना और गैरकानूनी है और इससे संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होता है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया था कि आयोग को इन दोनों सीटों के लिये एकसाथ चुनाव कराने का निर्देश दिया जाये।
आयोग ने 15 जून को दिल्ली उच्च न्यायालय के 1994 और 2009 के फैसलों का हवाला दिया था जिनमें जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत एक ही राज्य में अलग अलग उपचुनाव कराने की प्रणाली का समर्थन किया गया था। कांग्रेस का कहना था कि इन दोनों सीटों के लिये एक साथ चुनाव कराने के बजाए अलग-अलग चुनाव कराने की वजह से भाजपा दोनों स्थानों पर जीत हासिल कर लेगी।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804