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18-09-2020
न इंटरनेट न फोर जी नेटवर्क, साधारण मोबाइल फोन से बच्चों को पढ़ा रही है रेकी गांव की सरकारी स्कूल की टीचर इंदू डहरिया

रायपुर/कोरबा। बिना इंटरनेट बिना फोर जी नेटवर्क केवल फोन काॅल से ही बच्चों को पढ़ाई से जोड़ कर रख रही हरदीबाजार संकुल के रैकी की शासकीय माध्यमिक शाला की शिक्षिका इंदू डहरिया। इंदू डहरिया केवल सामान्य फोन काॅल से ही कई किलोेमीटर दूर बैठकर भी रोज विद्यार्थियों को पढ़ा रही हैं। शासकीय मिडिल स्कूल रैकी की शिक्षिका इंदू डहरिया जब बच्चों को अपने मोबाइल काॅल से सूर्य, ग्रह, आकाशगंगा का पाठ समझा रही थी, तभी स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला जिला कलेक्टर किरण कौशल के साथ रैकी पहुंच गये। उन्होंने पहले तो बिना कुछ कहे चुपचाप बैठकर सिस्टम समझा पर, जब जिज्ञासा शांत नहीं हुई तो, समन्वयक सेवनलाल राठौर को बुलाकर जानकारी ली।

डाॅ. शुक्ला ने पूछा कि ना तो वीडियो काॅल है, ना यहां कोई प्रोजेक्टर लगा है, पर फिर भी इतने बेहतरीन तरीके से यहां पढ़ाई कैसे हो रही है? प्रमुख सचिव को संकुल समन्वयक  सेवनलाल ने बताया कि सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से शिक्षिका इंदू डहरिया उरगा में बैठकर मिडिल स्कूल रैकी में बैठे बच्चों को पढ़ा रहीं हैं। डीईओ सतीश पाण्डेय ने बताया कि इस स्पीकर सिस्टम को किसी भी स्कूल कर्मी या छात्र के परिजन के मोबाइल से जोड़कर रखा जाता है। शिक्षिका की ओर से तय समय पर स्कूल परिसर में विद्यार्थियों को बुलाकर कोविड-19 प्रोटोकाॅल का पालन करते हुये मास्क लगाकर व सोशल डिस्टेेंसिंग से बैठाया जाता है। शिक्षिका दिये गये नम्बर पर सामान्य वाॅइस काॅल करती है और काॅल कनेक्ट होने पर स्पीकर से उनकी तेज आवाज निकलती है। सभी बच्चे शिक्षिका द्वारा इस प्रकार पढ़ाये जा रहे पाठ को सुनते हैं तथा अपनी जिज्ञासा शांत करने के लिये प्रश्न भी पूछ लेते हैं। यह पढ़ाई सामान्य मोबाइल वाॅइस काॅल से होती है। इसीलिये स्मार्ट फोन या वीडियो काॅल की जरूरत नहीं होती और शिक्षिका-छात्रों का संवाद आपस में सामान्य काॅल की तरह होता है। इस पूरे सिस्टम को देखकर प्रमुख सचिव डाॅ. आलोक शुक्ला अचंभित रह गये। उन्होंने इस नवाचार के लिये डीईओ सतीश पाण्डेय सहित पूरे शिक्षा विभाग की प्रशंसा की।

डाॅ. शुक्ला ने किया मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण- डाॅ. शुक्ला ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान कोरोना काल मेें बच्चों की पढ़ाई के लिये चलाई जा रही मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण व अवलोकन किया। उन्होंने हरदीबाजार संकुल के सुवामोड़ी की प्राथमिक शाला, रैकी की माध्यमिक शाला तथा नुनेरा संकुल की बांधाखार पूर्व माध्यमिक शाला की मोहल्ला क्लासेस का निरीक्षण किया। डाॅ. शुक्ला ने इन कक्षाओं में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से किताबों में लिखे पाठ पढ़वाकर उनके अक्षर ज्ञान को परखा। प्रमुख सचिव ने बच्चों से गिनती, जोड़-घटाना, गुणा-भाग आदि के सवाल भी किये। डाॅ. शुक्ला ने बच्चों को चित्रों, माॅडलों, कहानियों के माध्यम से पढ़ाने के सरल-सुगम तरीकों की तारीफ की और इस कोरोना महामारी के दौरान बच्चों को सावधानी पूर्वक पढ़ाने पर शिक्षकों की हौसला अफजाई भी की। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार, नगर निगम के आयुक्त एस. जयवर्धन और जिला शिक्षाधिकारी सतीश पाण्डेय मौजूद रहे।

17-08-2020
इस जिले के सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल में आज से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू

रायपुर। वैश्विक प्रतिस्पर्धा में राज्य के विद्यार्थी अच्छा मुकाम हासिल कर सके, इसके लिए राज्य के हर जिले में गवर्नमेंट उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की स्थापना की जा रही है। कोरोना संकटकाल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसकी सार्थक पहल करते हुए जिला महासमुन्द में खोले गये गवर्नमेंट उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल में सोमवार से ऑनलाइन कक्षा शुरू हो गई है। ऑनलाइन कक्षा की शुरूआत महासमुंद जिले के इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्राचार्या अमी रूफस ने कक्षा 10 वीं के विद्यार्थियों को अंग्रेजी विषय की ऑनलाइन कक्षा लेकर की। प्राचार्या रूफस ने बताया कि इस स्कूल में पहली कक्षा से लेकर 11 कक्षा तक कुल पुराने व नये 403 बच्चों ने दाखिला लिया है। इसके वर्तमान संचालन के लिए शिक्षकों की व्यवस्था हो गई है। पहली से लेकर 11 वीं तक कक्षों के लिए 40-40 सीटें है। इसमें गणित, विज्ञान और कॉमर्स के विषय रखें गए है। उन्होंने बताया कि प्रवेश देते समय शासन से मिले दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है। स्कूल में स्टॉफ की तत्कालिक व्यवस्था हो गई है। जिले के कलेक्टर ने पढ़ाई शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि स्कूल सुचारू रूप से संचालित होने पर बच्चों को अच्छा वातावरण मिलेगा। जिले व शहरवासियों को इंग्लिश मीडियम स्कूल के रूप में एक सौगात मिली है। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जिला मुख्यालय में सरकारी इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू होने से दूरगामी अच्छे परिणाम सामने आयेंगे। स्कूल में लैब, लाइब्रेरी हर तरह की सुविधा है।

 

17-06-2020
मुंगेली जिले के सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल में विकसित करने हुई बैठक

रायपुर/मुंगेली।  जिले के अंग्रेजी माध्यम स्कूल मॉडल स्कूल के रूप मे जल्द विकसित होगी। इसी कड़ी में कलेक्टर पीएस एल्मा की अध्यक्षता मे शिक्षा सत्र से जिला मुख्यालय के दाऊपारा स्थित उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का संचालन के लिए जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधियो की बैठक की गई। बैठक में प्रमुख रूप से राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से दिये गये निर्देश के अनुरूप वर्तमान में संचालित हिन्दी माध्यम के प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मुंगेली शहर या आस-पास के शासकीय स्कूलों में स्थानांतरित किये जाने  आवश्यक विचार विमर्श किया गया। इस संबंध में उपस्थित जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधियों  से सुझाव प्राप्त किया गया।

बैठक में कलेक्टर एल्मा ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम स्कूल को जिले के मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने सभी आवश्यक तैयारियॉ प्रारंभ कर दी गई है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए विद्यालय में सभी आवश्यक अद्योसंरचना के गुणवत्तापूर्ण विकास पर कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी गई है। स्कूल में अध्यापन कक्ष, फर्नीचर, प्रयोगशाला, उपकरण और पुस्तकालय का निर्माण उच्च स्तर पर किया जा रहा है। इस अवसर पर  जिला शिक्षा अधिकारी जीपी भारद्वाज ने बताया कि विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया 20 जून से प्रारम्भ होगी। इसके साथ ही 15 जुलाई से सभी कक्षाओं के वर्चअल कक्षायें प्रारंभ हो जाएगा। अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए शासन स्तर से प्राचार्य की नियुक्ति कर शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है। आवश्यकतानुसार शिक्षकों की संविदा भर्ती के लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

 

08-05-2020
सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधा, बच्चों को दिलाएं प्रवेश : शिक्षक फेडरेशन

रायपुर। कोरोना संकट काल में आम लोगों का विश्वास सरकारी अमला के प्रति बढ़ा है। शिक्षक फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी, उप प्रांताध्यक्ष विष्णु सिंह राजपूत व महामंत्री राकेश साहू का संयुक्त रूप से मानना है कि कोरोना के समय में सरकारी तंत्र के प्रति आम जनमानस की सकारात्म सोच और विश्वास बढ़ा है। लॉक डाउन में अधिकांश उच्च, निम्न व मध्यम वर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। अभिभावक निजी स्कूलों की फीस जमा करने में असमर्थ है। वे फीस माफी चाहते हैं लेकिन निजी स्कूल संचालक नहीं मान रहे हैं। सरकार ने निजी स्कूल संचालकों से कहा है कि वे फीस न बढ़ाएं और एकमुश्त फीस जमा करने का दबाव न बनाएं।

लेकिन यह जरूरी नहीं है कि सभी निजी स्कूल, सरकार के फरमान को मानेंगे। उनका कहना है कि, जिस प्रकार संकट के घड़ी में सरकार और जनता ने सरकारी अमले पर भरोसा जताकर सुखद परिणाम पाया है। इसी कड़ी में अभिभावकों को अब सरकारी स्कूल पर भरोसा दिखाते हुए अपने बच्चों को प्रवेश दिलाना चाहिए। सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं तक की शिक्षा मुफ्त है। साथ ही उच्चतम शैक्षणिक अहर्तायुक्त योग्य शिक्षक व शिक्षण उपलब्ध है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, अच्छे भवन, पर्याप्त फर्नीचर, नि:शुल्क यूनिफार्म एवं पुस्तकें, साईकिल, छात्रवृति और पौष्टिक मिड डे मील सरकारी स्कूल में उपलब्ध है। साथ ही घर के निकट होने के कारण स्कूल आने-जाने की सुविधा भी है।

23-12-2019
लायंस क्लब ने किया बच्चों को स्वेटर का वितरण

रायगढ़। लायंस रायगढ़ ग्रेटर के द्वारा सरकारी स्कूल के बच्चों को गर्म कपड़े बांटने का अभियान शुरू किया गया था,जिसका आज आखिरी दिन था। लायंस की टीम शासकीय विद्यालय अंबेडकर आवास में पहुंचकर बच्चों को स्वेटर वितरण किया। इसमें 31 बच्चे प्राथमिक शाला व माध्यमिक शाला के 18 बच्चों को गर्म कपड़े प्रदान किए गए। लायनेस के अध्यक्ष ने बताया कि जब वे ओर उनकी टीम चक्रधर नगर स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में अपने अभियान के दौरान पहुंचे तो उनकी मुलाकात शासकीय माध्यमिक अम्बेडकर आवास के प्रधान पाठक से हुई। प्रधान पाठक उनके काम से प्रभावित होकर लायंस की टीम को अपने विद्यालय में आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि उनके विद्यालय में भी ऐसे बच्चे अध्ययनरत है, जो कि गरीब घर के हैं और उन्हें गर्म कपड़ों की आवश्यकता है। प्रधान पाठक के निवेदन को स्वीकार करते हुए लाइंस क्लब द्वारा आज पूर्व माध्यमिक विद्यालय अम्बेडकर आवास पहुंचकर वहां जरूरतमंद बच्चों को स्वेटर का वितरण किया गया। 

29-09-2019
एक शिक्षक संवार रहा संवरा जाति के बच्चों का जीवन

कोरबा। एक सरकारी स्कूल में पदस्थ शिक्षक ने संवरो की बस्ती में उनका जीवन संवारने के लिए अध्यापन कार्य शुरू किया है। लगातार पांच माह से वे कनबेरी में खानाबदोश की जिंदगी जीने वाले संवरा जाति के बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों को शिक्षा की धारा से जोड़कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं शिक्षक की मनसा है कि यदि उनका जीवन संवर जाए तो समाज की उन्नति होगी। कनबेरी क्षेत्र में सर्प पकडऩे वाले संवरो का अपना एक समाज हैं जो जड़ी बूटी बेचकर अपना जीवकोपार्जन करते हैं सही मायने में यही अंतिम व्यक्ति है जिनका विकास नहीं हो पा रहा है।

इनके जीवन को करीब से देखने के बाद शासकीय स्कूल सीतामढ़ी में पदस्थ शिक्षक सत्यनारायण ने ही इस समाज को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक बीड़ा उठाया और कोरबा से प्रतिदिन कनबेरी पहुंचते हैं जहां खुले मैदान में वे अध्यापन का कार्य करते हैं उनके प्रयास से इस जनजाति के लोगों में भी काफी उत्साह बना हुआ है। शिक्षक सत्यनारायण खुले मैदान में विद्याध्ययन करवाते हैं। झोपड़ी को उन्होंने ब्लैक बोर्ड बनाया है जिसमें तमाम आकृतियों वाले चार्ट के माध्यम से वे शिक्षा दे रहे हैं। उनके शिक्षा देने का तरीका इतना सरल और सहज है की बस्ती के लोग काफी दिलचस्पी से उनकी बातों को सुनते हैं इस मैदान में बच्चे से लेकर बड़े तक बैठे रहते हैं शिक्षक लैपटॉप के माध्यम से तकनीकी के विकास को भी समझाते हैं उनकी इस प्रयास का असर यह है कि बच्चे पूरी एकाग्रता से प्रतिदिन विद्याध्ययन के लिए पहुंच जाते हैं यह सिलसिला उनका रोज का है मौसम की खराबी आने पर अध्यापन कार्य प्रभावित होता है।

लाभ दिलाने की मंशा -

शिक्षक सत्यनारायण का कहना है की इस मुहिम के माध्यम से वे अत्यंत पिछड़ी जन जाति को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना चाहते हैं इनके पास ना आधार कार्ड है ना राशन कार्ड वे यहां के मूलनिवासी तो है लेकिन इनके पास कोई जमीन भी नहीं है शिक्षा के माध्यम से वे जाति को शिक्षित बनाकर शासन से सहयोग की अपील करेंगे ताकि भटक रहे समाज को स्थायित्व मिल जाए और उन्हें भी शासन की विविध योजनाओं का लाभ मिल सके ताकि उनकी जीवन स्तर मे सुधार आ सके।
 
निःशुल्क देते हैं शिक्षा -

शिक्षक सत्यनारायण बस्ती वालों को निशुल्क शिक्षा ही नहीं देते बल्कि उनके लिए शिक्षण सामग्री का वितरण अपने खर्चे से करते हैं इस बात की तस्दीक करते हुए बस्ती की महिलाओं ने बताया की शिक्षक उन्हें पुस्तक काफी देते हैं और काफी सरल ढंग से उन्हें समझाते है इस प्रयास के लिए उन्होंने शिक्षक के प्रति आभार भी जताया है शिक्षक सत्यनारायण सुबह 10:00 बजे से 5:00 बजे तक स्कूल में पढ़ाने के बाद बस्ती पहुचते हैं यहां वे प्रतिदिन 2 घंटे कक्षा चलाते हैं ऐसे गुरुत्तर दायित्व निभाने वाले शिक्षक आज के इस दौर में विरले ही होते हैं शिक्षक सत्यनारायण की समर्पित सेवा का लाभ समाज को मिलेगा।

28-09-2019
सरकारी स्कूल की दीवार गिरी, तीन छात्र-छात्राओं की दबकर मौत

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर जिले के खैरवाड़ा इलाके में एक सरकारी स्कूल में पढऩे वाले तीन छात्र-छात्राओं की मौत हो गई। ये छात्रा-छात्राएं स्कूल की जर्जर दीवार गिरने से उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और वहां लोगों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पुलिस-प्रशासन मौके पर पहुंचा है। मृतकों में दो छात्र और एक छात्रा शामिल है। यह हादसा शनिवार सुबह के थोबावाड़ा गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में हुआ। सरकारी स्कूल की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर ढह गई। इससे बच्चे उसकी चपेट में आ गए। हादसे की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस-प्रशासन को सूचित कर दीवार का मलबा हटाना शुरू किया। बाद में मौके पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से मलब में दबे तीन बच्चों को बाहर निकला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

22-09-2019
शिक्षित युवाओं ने शुरू की निशुल्क कोचिंग, छात्रों को करा रहे बोर्ड, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी

बीजापुर। जिले के कुछ युवाओं ने बिहार के आनंद कुमार की तरह निशुल्क कोचिंग क्लास की नींव रखी है। इसमें सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले दसवीं और बारहवीं के लगभग 147 बच्चे कोचिंग ले रहे हैं। नगर के गर्ल्स हायर सेकेण्डरी स्कूल के दो कमरों में सूर्य प्रकाश संस्थान के नाम से रोज सुबह और शाम दो दो घंटे की क्लासेस लग रही है। इसमें दसवीं के अलावा बारहवीं विज्ञान और कृषि संकाय के विषयों की पढ़ाई हो रही है। क्लासेस शुरू हुए महज 13 दिन ही हुए हैं और यहां पढ़ने वाले बच्चों का परफॉर्मेंस फर्स्ट वीकली टेस्ट में नजर आने लगा है। संस्था के प्रमुख रविकुमार गान्धरला ने बताया कि संस्था का मकसद बोर्ड इम्तिहानों के अलावा मेडिकल, इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा के लिए तैयार करना है। इसलिए बच्चों का चयन भी प्रवेश परीक्षा के जरिए किया गया है। कोचिंग दे रहे सभी युवा बीजापुर के है। पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर करने के साथ बोर्ड एग्जाम में बच्चों को मेरिट में लाने के मकसद से युवाओं ने फ्री कोचिंग की शुरूआत की है, जिसके परिणाम अभी से दिखने लगे हैं। जिन बच्चों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है उन्हें भी निशुल्क कोचिंग दी जा रही है। इस निशुल्क कोचिंग संस्थान को डायरेक्टर रवि गान्धरला, सलमान, खुशबू गांधी, सुरेश शर्मा, पदम्, दिलीप सहित आठ ग्रेजुएट युवाओं की टीम संचालित कर रही है।

13-09-2019
मध्याह्न भोजन के लिए 1044 क्विंटल खाद्यान्न का आबंटन

धमतरी। मध्याह्न भोजन योजना के तहत् अक्टूबर महीने के लिए जिले के 1336 प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों में कुल 1044 क्विंटल 70 किलोग्राम खाद्यान्न का आबंटन किया गया है। इनमें 884 प्राथमिक स्कूलों के लिए 524 क्विंटल 90 किलोग्राम और 452 माध्यमिक स्कूलों के लिए 519 क्विंटल 80 किलोग्राम चावल का आबंटन शामिल है। जिला शिक्षा अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक धमतरी विकासखण्ड के 343 स्कूलों के लिए 322 क्विंटल 70 किलोग्राम चावल आबंटित किया गया है। इनमें 205 प्राथमिक स्कूलों के लिए 146 क्विंटल 70 किलोग्राम और 138 माध्यमिक स्कूलों के लिए 176 क्विंटल चावल का आबंटन शामिल है। इसी तरह कुरूद विकासखण्ड के 302 स्कूलों के लिए 297 क्विंटल 80 किलोग्राम चावल आबंटित किया गया है। यहां के 184 प्राथमिक स्कूलों के लिए 156 क्विंटल 30 किलोग्राम तथा 118 माध्यमिक स्कूलों के लिए 141 क्विंटल 50 किलोग्राम चावल, मगरलोड विकासखण्ड के 224 स्कूलों के लिए 254 क्विंटल 90 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। यहां के 153 प्राथमिक स्कूलों में 131 क्विंटल 70 किलोग्राम और 71 माध्यमिक स्कूलों में 123 क्विंटल 20 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। इसी तरह नगरी विकासखण्ड के 467 स्कूलों में 169 क्विंटल 30 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है। यहां के 342 प्राथमिक स्कूलों के लिए 90 क्विंटल 20 किलोग्राम और 125 माध्यमिक स्कूलों के लिए 79 क्विंटल 10 किलोग्राम चावल का आबंटन किया गया है।

21-07-2019
अब स्कूली बच्चे धूप में खेलकर पूरी करेंगे विटामिन डी की कमी

लखनऊ। यूपी के सभी सरकारी स्कूलों में अब से सुबह की प्रार्थना सभा और पाठ्यक्रम के अतिरिक्त अन्य गतिविधियों को कक्षा व ऑडिटोरियम के अंदर कराने की बजाय खुले में कराया जाएगा। इस विचार के पीछे की वजह छात्रों के शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की मात्रा को बढ़ाना है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा हाल ही में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दिए गए एक निर्देश के बाद यह निर्णय लिया गया है। जिसमें कहा गया है कि विटामिन डी की कमी से होने वाली बीमारियों, जैसे रिकेट्स से निपटने के लिए सूर्य की रोशनी में अधिक से अधिर शारीरिक गतिविधियों का आयोजन किया जाए। राज्य की अतिरिक्त निदेशक (बेसिक शिक्षा) ललिता प्रदीप ने कहा कि स्कूलों को अब सुबह की प्रार्थना सभा और अन्य गतिविधियों का संचालन खुले आसमान के नीचे करना होगा। गांवों में कई स्कूलों में सुबह की सभा बाहर होती है, लेकिन जो स्कूल शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं उन्हें इस निर्देश का पालन करना होगा। इसके तहत खेल कार्यक्रमों को बाहर आयोजित करने पर भी ध्यान होगा। उन्होंने कहा कि एमएचआरडी ने सभी 29 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों को अपने-अपने स्कूलों में सूर्य की रोशनी में कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। कार्यक्रम के तहत राज्य में सरकारी स्कूलों में खाली कक्षा के दौरान बाहरी गतिविधियों के अलावा जागरुकता व्याख्यान भी आयोजित किए जाएंगे।

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