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23-02-2020
व्यवहार न्यायाधीशों के 32 पदों के लिए भर्ती परीक्षा 17 मई से

रायपुर। राज्य में व्यवहार न्यायाधीश के 32 पदों के लिए छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग 17 मई से परीक्षा लेगी। इसके लिए 4 मार्च से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो 2 अप्रैल की रात 12 बजे तक ही रहेगी। 32 पदों में 13 पद अनारक्षित, 4 पद अनुसूचित जाति, 5 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है वहीं महिलाओं के लिए 8 पद आरक्षित है।

13-02-2020
एनएचआरसी की ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग सम्‍पन्‍न

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के लोगों के अधिकारों के उल्लंघन से संबंधित शिकायतों की सुनवाई के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) द्वारा 13 फरवरी को न्‍यू सर्किट हाउस, रायपुर में 'ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग' का आयोजन किया गया।'ओपन हियरिंग एंड कैंप सिटिंग’ का उद्घाटन एनएचआरसी के अध्‍यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने किया। इस अवसर पर एनएचआरसी सदस्य ज्योतिका कालरा और डॉ. डीएम मुले, महासचिव, जयदीप गोविंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। उद्घाटन कार्यक्रम में न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने कहा कि नियमित समय पर जन सुनवाई एससी तथा एसटी और समाज के अन्य कमजोर वर्ग को त्वरित न्याय के लिए मंच प्रदान करती है। त्वरित न्याय के लिए शिकायतकर्ता और अधिकारी एक स्थान पर आते हैं और पीड़ितों के सामने झुक जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा के लिए मानव अधिकार रक्षक महत्वपूर्ण हैं। इस अवसर पर छत्‍तीसगढ़ शासन के अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त विभाग अमिताभ जैन ने उल्लेख किया कि यह छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के बाद आयोग का पहला शिविर था। राज्य एक गरीब राज्य है, जिसमें अनुसूचित क्षेत्र के साथ 32 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति की आबादी अनुसूचित क्षेत्र (159 में से 85 आदिवासी ब्लॉक) है। राज्य का पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान है। वे मलेरिया से निपटने में एक बड़ी समस्या के रूप में शामिल हैं। राज्य में गरीबी का स्तर अधिक है, दंतेवाड़ा जिले में राष्ट्रीय स्तर 22 प्रतिशत के मुकाबले प्रतिशत है। एनएचआरसी के सेक्रेटरी जनरल जयदीप गोविंद ने कहा कि एनएचआरसी शिकायतों को प्रस्तुत करने और शिकायतों के निवारण की सुविधा के लिए एचआर नेट पोर्टल का बड़े पैमाने पर उपयोग कर रहा है।

 

 

13-02-2020
खुली सुनवाई से मानवाधिकार हनन के प्रकरण का त्वरित निदान संभव

रायपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग नई दिल्ली की ओर से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की शिकायतों के निराकरण के संबंध में गुरुवार को सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में कैम्प सीटिंग एवं जन सुनवाई आयोजित की गई। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि मानवा अधिकार संरक्षण और आर्थिक सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में गहरा संबंध है। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए बुनियादी सुविधाओं के लिए ठोस कार्य धरातल पर दिखे। महिलाओं और बालिकाओं को सेनिटेशन की सुविधा उपलब्ध हो। महिलाओं और बालिकाओं की ट्रेकिंग की घटनाओं पर तत्काल और ठोस कार्यवाही की जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार के सभी विभागों के सहयोग से सभी की समस्याओं का निराकरण होगा। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने दीप प्रज्जवलित कर कैम्प सीटिंग सत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि मानव अधिकारों का हनन नहीं हो इसके लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि इस खुली सुनवाई का उद्देश्य पीड़ित और राज्य सरकार के अधिकारियों को एक मंच पर लाकर मानव अधिकार हनन के प्रकरणों का त्वरित निदान करना है।

आयोजन से ऐसा वातावरण निर्मित हो, जिससे सभी नागरिकों के मूलभूत अधिकारों का संरक्षण हो और वे संविधान में प्रदत्त मानव अधिकारों का उपभोग कर सके। उन्होंने बताया कि कैम्प सीटिंग के माध्यम से प्रभावितों को क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाती है और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा भी की जाती है। शिविरों के माध्यम से मानव अधिकार एक्ट 1993 के तहत मानव अधिकार हनन के प्रकरणों को सुनने और निराकृत करने का अवसर मिलता है। न्यायमूर्ति एचएल दत्तू ने मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए बुनियादी सुविधाओं-शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, स्वच्छता के विकास पर विशेष जोर दिया। दत्तू ने कहा कि आयोग का उद्देश्य मानव अधिकार के प्रकरणों की सुनवाई कर न्याय दिलाना है। आम लोगों को उनके मूलभूत अधिकार मिले, स्कूल ठीक से संचालित हो, आंगनबाड़ी प्रभावी ढंग से कार्य करें, लोगों को स्वास्थ्य की सुविधा मुहैया हो। आयोग राज्य में विशेषकर अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के प्रकरणों की सुनवाई करेगा। इस अवसर पर आयोग के सेक्रेटरी जनरल जयदीप गोविंद ने मानव अधिकार से संबंधित प्रकरणों के निराकरण और पीड़ित पक्षों को क्षति पूर्ति राशि वितरित करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग मानव अधिकार के उल्लंघन के संबंध में सुनवाई कर प्रभावितों को न्याय दिलाने का कार्य करता है। आयोग की ओर से प्राप्त शिकायतों की शत्प्रतिशत सुनवाई की जाती है और इसका पालन भी किया जाता है। आयोग की ओर से निःशक्तजनों, ओल्ड एज होम, जेन्डर की शिकायतों का भी निराकरण किया जाता है। मानव अधिकार से संबंधित गतिविधियों का प्रचार-प्रसार हिन्दी और अंग्रेजी में किया जाता है। प्रभारी मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पहली बार राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की फुल बेंच एवं सिंगल बेंच द्वारा एक साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति से संबंधित शिकायतों की खुली जनसुनवाई की जा रही है। इसका लाभ पीड़ित पक्षों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इन वर्गाें से संबंधित प्रत्येक प्रकरणों को आयोग के समक्ष रखने और उनके निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद पहली बार यह अवसर मिला है। जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 32 प्रतिशत जनसंख्या अनुसूचित जनजाति की है। प्रदेश के 150 में से 85 विकासखण्ड अनुसूचित जनजाति के है। राज्य में इन वर्गाें की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। राज्य सरकार की ओर से आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं को गर्म भोजन प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में साप्ताहिक हाट बाजारों में चिकित्सकों की टीम की ओर से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जा रही है। शहरी क्षेत्रों के स्लम एरिया में भी घर पहुंच चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है। वनांचल क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर हर व्यक्ति की जांच कर उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा जिले में गरीबी रेखा का स्तर राष्ट्रीय स्तर के समकक्ष लाने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय से मिशन मोड़ पर काम कर रहे हैं। कैम्प सीटिंग के उद्घाटन के अवसर पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की सदस्य ज्योतिका कालरा, सदस्य डाॅ. डीएम मूले, राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष एमपी सिंघल, सदस्य गिरधारी लाल नायक, सेक्रेटरी जनरल डाॅ. प्रभात सिंह, रजिस्ट्रार सूरजीत डे, एनसी सांखला, पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

 

13-02-2020
आरक्षण को खत्म कर देना चाहते हैं भाजपा और संघ : पीएल पुनिया

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीएल पुनिया ने भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को आरक्षण विरोधी कहा है। उनका कहना है कि भाजपा-संघ आरक्षण को खत्म कर देना चाहते हैं। रायपुर पहुंचे पीएल पुनिया ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पुनिया ने कहा कि दशकों से भाजपा और संघ परिवार अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग विरोधी रहा है। एक बार फिर भाजपा, मोदी सरकार और उत्तराखंड भाजपा सरकार ने मिलकर देश के संविधान में एससी, एसटी, ओबीसी आरक्षण के मौलिक अधिकार पर शरारतपूर्ण हमला बोला है। इसका जीता जागता सबूत उत्तराखंड भाजपा सरकार की सुप्रीम कोर्ट में दी गई दलील है, जिसमें साफ तौर पर कहा गया है कि एसटी, एससी वर्गों को संविधान में सरकारी नौकरियों में आरक्षण का मौलिक अधिकार नहीं है।

पुनिया ने कहा कि यहां तक भी कहा गया कि एसटी, एससी वर्गों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के प्रति सरकारों की कोई संवैधानिक जवाबदेही नहीं है। पुनिया ने कहा कि साफ है कि भाजपा आरक्षण के संविधान निहित अधिकारों को ही पूरी तरह खत्म कर देना चाहती है। मोदी सरकार आरक्षण व्यवस्था को तोड़ने संसद को गुमराह कर रही है। संसद में एक बार फिर मोदी सरकार का एसटी, एससी और ओबीसी के खिलाफ पूर्वाग्रह और षडयंत्र सामने आया, जब आरक्षण तोड़ने की दलील देने पर देश से माफी मांगने की बजाए मोदी सरकार ने अपना पल्लाा झाड़कर इल्जामात की राजनीति शुरु कर दी। संघ परिवार पर हमला बोलते हुए पुनिया ने कहा कि भाजपा और संघ परिवार ने बार-बार आरक्षण पर पुनर्विचार तथा आरक्षण को खत्म करने की मांग रखी है। इस बारे में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और मनमोहन वैद्य का बयान उल्लेखनीय है।

12-02-2020
13 फरवरी को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग करेगा शिकायतों की सुनवाई

रायपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग, नई दिल्ली की ओर से अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की शिकायतों के निराकरण के संबंध में 13 फरवरी गुरुवार को रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में कैम्प सीटिंग व जन सुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एचएल दत्तू, सदस्य ज्योतिका कालरा, सदस्य डॉ. डीएम मूले, सेक्रेटरी जनरल जयदीप गोविन्द सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होगें। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 10 बजे से होगा। इस अवसर पर दोपहर 3:15 से 3:45 तक स्वयंसेवी संगठनों, सिविल सोसायटी और मानवाधिकार के क्षेत्र में कार्य करने वाले नागरिकों से बैठक कर मुलाकात भी करेंगें।

11-02-2020
13 फरवरी को राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की जन सुनवाई  

रायपुर। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग द्वारा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की शिकायतों के संबंध में जन सुनवाई आगामी 13 फरवरी को सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में की जाएगी। जनसुनवाई के संबंध में आज अधिकारियों ने न्यू सर्किट हाउस पहुंचकर प्रारंभिक तैयारियों का जायजा लिया और इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा, अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग के सचिव डीडी सिंह, पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज डॉ. आनंद छाबड़ा, कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शेख आरिफ हुसैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
 

04-02-2020
Breaking : 5 फरवरी को राजीव भवन में मिलेंगे डॉ. प्रेमसाय सिंह

रायपुर। मिलिये मंत्री से कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, सहकारिता विभाग मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह दोपहर 12.30 बजे से राजीव भवन में बैठेंगे। इस दौरान मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह कांग्रेस के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और जनसामान्य से मुलाकात कर अपने विभाग से संबंधित समस्याओं,शिकायत और सुझाव पर आवश्यक कार्यवाही करेंगे। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने यह जानकारी देते हुए कहा कि मुलाकात कार्यक्रम का समन्वय प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री महेन्द्र छाबड़ा करेंगे। 

31-01-2020
बजट से पहले मोदी सरकार 2014-19 के घोषणा पत्र को पढ़े : मरकाम

रायपुर। केन्द्रीय बजट प्रस्तुत किये जाने के पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने केन्द्र की भाजपा सरकार पर तंज कसा है। मरकाम ने कहा कि मोदी सरकार हकीकत से बेखबर है। मजदूर और किसान लूटा जा रहा है, निर्यात गिर रहा है और व्यापार चौपट है। प्रशासनिक दिवालियापन के चलते मोदी सरकार की सोच और दृष्टि शून्य है। उन्होंने कहा बेहतर होता कि बजट पेश करने के पहले मोदी सरकार 2014 और 2019 के घोषणा पत्र को पढ़ लेती। मोदी सरकार को अगले साल तक किसान की आय दुगुनी कर दिखाना है। देश में मोदी सरकार की गलत नीतियों के चलते खेती, किसान, फूड प्रोसेसिंग, गांव, पंचायतीराज, समाज कल्याण, छात्र युवा, महिला, शिक्षा और स्वास्थ्य, अल्पसंख्यक सभी बदहाल है।
अनुसूचित जाति, जनजाति की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा है कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिये 2927 करोड़ का प्रावधान किया गया था,जिसमें से केवल 1731 करोड़ खर्च किए गए। 41 प्रतिशत खर्च ही नहीं किए गए। इसी प्रकार प्रीमैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए बजट का 49 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई। हॉस्टल के लिए 108 करोड़ में से केवल 8 करोड़ खर्च किया गया। 92.6 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई। फ्री कोचिंग के लिए बजट में आंंवटित राशि का 77 प्रतिशत खर्च नहीं किया गया। मोदी सरकार का महिला सशक्तिकरण का नारा कोरा झूठ है। निर्भया योजना और विधवाओं के लिए घर की योजना के लिए बजट में आवंटित राशि का एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। कामकाजी महिलाओं के लिए हास्टल के लिए स्वीकृत राशि का भी 88 प्रतिशत खर्च नहीं किए गए। महिला सशक्तिकरण के लिये आंवटित 1330 करोड़ रुपए में से केवल 205 करोड़, बेटी बचाओ के लिए 280 में से केवल 44 करोड़ अर्थात लगभग 85 प्रतिशत राशि खर्च हीं नहीं किए गए।

 

30-01-2020
भूपेश बघेल के सीएए वापस लेने लिखे पीएम को पत्र का कांग्रेस ने किया स्वागत

रायपुर। सीएए वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे पत्र का कांग्रेस ने स्वागत किया। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मांग पर केंद्र सरकार को तत्काल विचार करना चाहिए, सीएए छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के लिए हानिकारक है। देश की जनता मोदी - शाह के क्रोनोलॉजी को समझ चुकी है। सीएए के बाद एनपीआर और एनआरसी को लेकर देश के जन-जन में भय असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो चुका है। भाजपा के द्वारा चलाए जा रहे सीएए के समर्थन के प्रोपोगंडा से देश में तनाव है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 21 राज्यों के 42 लाख परिवार जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति से आते हैं जो पैतृक रूप से वन भूमि में रहने के बावजूद अपना अधिकार साबित नहीं कर पाए वह कैसे एनआरसी में स्वयं की नागरिकता प्रमाणित करेंगे? निश्चित तौर पर सीएए, एनआरसी, एनपीआर देश की अधिकांश वर्ग के लिए खतरनाक है। केंद्र सरकार तत्काल इस नियम को वापस ले। देश के 21 राज्यों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पारम्परिक रूप से वनों में रहने वाले 42 लाख परिवार माननीय सर्वोच्च न्यायालय में वन अधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत वनभूमि में अपना अधिकार साबित नहीं कर पाए और माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें वहां से बेदखल करने का आदेश दिया। तब केंद्र सरकार 13 फरवरी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय में आदेश में सुधार की अपील करती है और कहती है कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पारंपरिक वनवासी परिवार निरक्षर है, गरीब हैं, कानूनी रूप से वे अपने अधिकार को साबित नहीं कर पा रहे हैं। वन अधिकारों की मान्यता कानून, 2006 लाभ देने संबंधी कानून है और बेहद गरीब और निरक्षर लोगों, जिन्हें अपने अधिकारों और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है की मदद के लिए इसमें उदारता अपनायी जानी चाहिए।

26-01-2020
डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली 

रायपुर। जिला मुख्यालय सूरजपुर के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर के स्टेडियम ग्राउण्ड में आज 26 जनवरी 2020 को 71वें गणतंत्र दिवस मुख्य समारेाह प्रातः 09 बजे मुख्य अतिथि छत्तीगसढ़ शासन के मंत्री स्कूल शिक्षा, अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण तथा सहकारिता विभाग डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने गणतंत्र दिवस के रंगारंग समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर देश-भक्ति से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि द्वारा परेड निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा शांति के प्रतीक सफेद कपोत एवं रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। इसके बाद परेड में शामिल सशस्त्रधारी जवानो द्वारा तीन चक्र में हर्ष फायर किया गया।

17-01-2020
भाजपा ने जारी की दिल्ली विधानसभा के उम्मीदवारों की सूची

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 57 उम्मीदवारों की सूची शुक्रवार को जारी कर दी। पार्टी ने तिमारपुर से सुरेंद्र सिंह बिट्टू को टिकट दिया है। वहीं रिठाला से विजय चौधरी, बवाना से रविंद्र कुमार, रोहिणी से विजेंद्र गुप्ता को टिकट दिया है। आम आदमी पार्टी को छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कपिल मिश्रा को मॉडल टाउन से टिकट मिला है। बीजेपी की जारी सूची में अनुसूचित जाति (SC) के 11 उम्मीदवार जबकि 4 महिलाएं शामिल हैं। पार्टी ने आदर्श नगर से राजकुमार भाटी, बादली से विजय भगत, रिठाला से मनीष चौधरी, बवाना से रविंद्र कुमार इंद्रराज, मुंडका से मास्टर आजाद सिंह चुनाव मैदान में उतारा है।

 

 

16-01-2020
बाबा गुरु घासीदास ने समतामूलक समाज की दिखाई राह : प्रेमसाय सिंह टेकाम

दुर्ग। राज्य स्तरीय गुरु घासीदास लोक कला महोत्सव का गुरुवार को भिलाई 3 स्थित मंगल भवन में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्यअतिथि अनुसूचित जाति जनजाति मंत्री प्रेमसाय सिंह ने शुभारंभ करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने मनखे मनखे एक समान का संदेश देकर समता मूलक समाज का संदेश दिया है। बाबाजी ने सत्य अहिंसा का संदेश देकर सभी जीवों के प्रति प्रेम करुणा का उपदेश दिया है। उन्होंने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती में अनेक संत महात्माओं ने जन्म लिया है। इनमे गुरु घासीदास सर्वोपरि है, जिन्होंने समूचे समाज को एक सूत्र में बांधने और ऊंचनीच के भेद को मिटाने का संदेश दिया। मंत्री टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार बाबाजी के संदेश को आगे बढ़ाने की दिशा में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के माध्यम से काम कर रही है। सरकार राज्य की कला संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों की हितों के संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। इन वर्ग के युवाओं और विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करा रही है,जिससे इनका सही विकास हो सके। मंत्री टेकाम ने लोगों को आहवान करते हुए कहा कि सभी बाबाजी के संदेश को आत्मसात कर अपने जीवन में उतारकर अपना जीवन सिद्ध करें। 2 दिवसीय राज्य स्तरीय लोक कला महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आये 30 पंथी नर्तक दलों के बीच प्रतियोगिता होगी। समापन दिवस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 17 जनवरी को पुरस्कृत करेगें। संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके पूर्व राज्य सरकार द्वारा राज्य की संस्कृति को सहेजने के उद्देश्य से आदिवासी महोत्सव  युवा महोत्सव का आयोजन रायपुर में कर चुके हैं।

 

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