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25-06-2020
पटवारी प्रतिवेदन सालभर से लंबित, कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश

धमतरी। कलेक्टर जयप्रकाश मौर्य ने गुरूवार को नगर पंचायत भखारा का आकस्मिक निरीक्षण किया, जहां पर उप तहसील कार्यालय भखारा में नामातरण के प्रकरणों में पटवारी प्रतिवेदन के साल भर से लंबित मामले को देखकर नाराजगी जाहिर की तथा संबंधित पटवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी तरह लोकसेवा केन्द्र में आवेदकों के लिए समुचित सुविधा नहीं होने पर उन्होंने व्यवस्थाएं दुरूस्त करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरूद योगिता देवांगन को निर्देशित किया।
आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर आज दोपहर उपतहसील भखारा पहुंचे, जहां पर न्यायालय नायब तहसीलदार में नामांतरण प्रकरणों से संबंधित नस्तियों का परीक्षण किया। इनमें से ज्यादातर मामले पटवारी प्रतिवेदन एक साल से अधिक समयावधि तक लंबित पाए गए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इश्तहार प्रकाशन के बावजूद प्रकरणों का समय-सीमा में निबटारा नहीं किया जाना काफी गंभीर मामला है। ऐसे में संबंधित पटवारी द्वारा सालभर तक प्रकरण को पेंडिंग में रखना कार्य के प्रति लापरवाही प्रदर्शित करता है। कलेक्टर ने संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश एसडीएम कुरूद को दिए।

इसके बाद कलेक्टर ने नगर पंचायत भखारा कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में जाकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत नजूल भूमि का पट्टा निर्माण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की जानकारी मुख्य नगरपालिका अधिकारी से ली। इसके बाद वे नगर पंचायत के लोक सेवा केन्द्र का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सेवाओं से संबंधित दर सूची को अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने और परिसर की साफ-सफाई अभियान चलाकर करने के निर्देश सीएमओ को दिए।

26-05-2020
15 दिन पहले जारी होंगे नीट और जेईई मेन की परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड

रायपुर। मेडकिल और इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए नीट 2020 और जेईई मेन की परीक्षा का एलान पहले ही हो चुका है। मेडिकल के यूजी कोर्सेस में प्रवेश के लिए एंट्रेंस एग्जाम नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट रविवार 26 जुलाई और इंजीनियरिंग के यूजी कोर्सेस में प्रवेश के लिए एंट्रेस एग्जामिनेशन मेन का आयोजन 18 से 23 जुलाई तक किया जाएगा। इसके लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नोटिस जारी कर सूचना दी है। बता दें कि इन परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड परीक्षा की तारीख से 15 दिन पहले जारी किए जाएंगे। इसमें एडमिट कार्ड पर अभ्यर्थी के रोल नंबर, एग्जाम सेंटर, तारीख, शिफ्ट टाइमिंग की जानकारी रहेगी। वहीं एडमिट कार्ड एनटीए, जेईई मेन और नीट की संबंधित वेबसाइट पर जारी होगा।

21-04-2020
कार्य में लापरवाही करने वाले 10 नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी

गरियाबंद। जिला कार्यालय द्वारा कोरोना वायरस के सक्रमण एवं बचाव के लिए जिन नोडल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। उनमे 10 नोडल अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। इन नोडल अधिकारियों ने कोरोना वायरस से जुड़े कार्य में बड़ी लापरवाही करते हुए जरूरी प्रतिवेदन नहीं भेजा। साथ ही नोडल अधिकारियों की जरूरी बैठक में उपस्थित नहीं होने पर उन्हें 3 दिन में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। जवाब नहीं मिलने पर इन अधिकारियों पर कार्यवाही की बात नोटिस में कही गई है। नोटिस पाने वाले नोडल अधिकारियों में 6 प्रधान पाठक, 2 सहायक शिक्षक, एक आंतरिक लेखा प्रभारी तथा एक पशु चिकित्सक शामिल है। 

बता दें कि कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए हर ग्राम पंचायत के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिन्हें कोरोना वायरस सँक्रमण एवं बचाव का कार्य दिया गया है। देवभोग जनपद पंचायत क्षेत्र के तहत आने वाले ग्राम पंचायतों में 10 नोडल अधिकारी ऐसे निकले जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई इस संबंध में नोटिस जारी किया। 

जीन अधिकारी कर्मचारियों को नोटिस दी गई है वे निम्नानुसार है :


1. बी एस साहू सहायक पशु चिकित्सा शल्यज्ञ, देवभोग। 
2. मकरन नायक सहा आंत लेखा परी एवं करा अधि देवभोग।
3. सुरेशचद ठाकुर प्रधानपाठक प्रा शा मोखागुडा।
4. टकधर मरकाम धानपाक प्रा शा खुटगाव। 
5. डिकसन लाल डोगरे प्रधानपाठक नो.अधि-ग्रा.प.दहीगाँव।
6. गजेन्द्र बिसी प्रभारी प्रधानपाठक, प्रा.शा दीवानमुडा।
7. मन्नूराम शाडिल्य प्रधानपाउक प्रा.शा. झाखरपारा।
8. वासुदेव मरकाम प्राधान पाठक प्रा शा कोसमकानी। 
9. जयलाल चुरपाल सहायक शिक्षाक एल. बी. नो. अधि-ग्रा.प. कोडकीपारा।
10. पुरनधर यदु सहायक शिक्षाक एल बी. नो.अधि-ग्रा. प सुकलीभाठा नवीन।

31-03-2020
Breaking: आपदा प्रबंधन के कार्य पर अनुपस्थित रहे दो अधिकारियों को नोटिस

रायपुर। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी विनीत नंदनवार ने मंगलवार को कोरोना वायरस के प्रसार की रोकथाम के लिए लगाई गई ड्यूटी आदेश का पालन नहीं करने पर दो अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इनमें प्रेम नारायण साहू,उप अभियंता, कार्यपालन अभियंता जल प्रबंध संभाग क्रमांक-1 और पंकज नेताम,उप अभियंता, कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल रायपुर शामिल है। जारी नोटिस में  कहा गया है कि आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में घोर लापरवाही आदर्श आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। कारण बताओ नोटिस का तीन दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय अवधि में नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर या समाधान कारक जवाब नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

 

17-03-2020
राज्य सरकार और अभिनेता आमिर खान को हाईकोर्ट का नोटिस, पढ़े क्या है मामला

रायपुर। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता आमिर खान को पूर्व में दिए उनके विवादित बयान को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को जस्टिस संजय के अग्रवाल की एकल पीठ में सुनवाई हुई। एकलपीठ ने आमिर खान और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने को कहा है। बता दें कि हाई कोर्ट में सोमवार को मामले में राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता मतीन सिद्दिकी ने पक्ष रखा। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से वकील अमीयकांत तिवारी ने मामले में पैरवी की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद जस्टिस संजय के अग्रवाल ने नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 दिन बाद होगी। अभिनेता आमिर ने 24 नवंबर 2015 में एक पुरस्कार समारोह में कहा था कि देश में असहिष्णुता का माहौल है, इसलिए वे और उनकी पत्नी देश छोड़कर कहीं और जाने की सोच रहे है। देश अब रहने लायक नहीं रह गया है। याचिकाकर्ता ने विवादित बयान के लिए आमिर खान के खिलाफ भादवि की धारा 153 ए व 153 बी के तहत जुर्म दर्ज करने की मांग की है। रायपुर निवासी दीपक दीवान ने इस बयान के खिलाफ रायपुर के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फास्ट ट्रेक के कोर्ट में परिवाद दायर कर कार्रवाई की मांग की थी। मामले की सुनवाई के बाद जेएमएफसी ने परिवाद को खारिज कर दिया। इसके खिलाफ दीवान ने रिवीजन पेश किया था। रिवीजन बाद भी खारिज हो गया था। इस फैसले को उसने हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

 

07-03-2020
चंद्रिका तिवारी की हिरासत में हुई मौत पर हाईकोर्ट ने मांगा पुलिस प्रशासन से जवाब

रायपुर। बिलासपुर में भाजपा नेता की पुलिस पिटाई में हुई मौत के खिलाफ बेटे की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सचिव गृह विभाग,डीजीपी,बिलासपुर एसपी व थाना प्रभारी मरवाही को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। बता दें कि पुलिस अभिरक्षा में पिता की पिटाई से मौत की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुत्र ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है।  मरवाही के दिनेश तिवारी ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि वर्ष 2019 में जमीन के एक मामले में विवाद हुआ था। विवाद में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने 112 को फोन किया था। 112 ने मौके पर पहुंचकर दिनेश और  उनके पिता चंद्रिकाप्रसाद तिवारी को थाना ले जाकर रात भर बिठाए रखा।

थाने में उनके पिता की बेदम पिटाई भी की। पिटाई के बाद पिता की हालत खराब होने पर पुलिस ने इलाज के लिए वाहन बुलाया। लेकिन बीच रास्ते में पिता की मौत हो गई। याचिका के अनुसार पिता की मौत के लिए थाना प्रभारी व स्टॉफ जिम्मेदारी है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के एकलपीठ में हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने गृह सचिव, डीजीपी, एसपी बिलासपुर व थाना प्रभारी मरवाही को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने कहा है। कोर्ट ने चार सप्ताह की मोहलत दी है।

07-03-2020
यस बैंक को बचाने के लिए आरबीआई ने पेश किया रिकंट्रक्शन प्लान, एसबीआई को दी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी

नई दिल्ली। यस बैंक संकट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। आरबीआई ने यस बैंक को बचाने के लिए रिकंट्रक्शन प्लान पेश कर दिया है। इस पर बैंक के शेयर होल्डर्स, निवेशकों और यस बैंक और एसबीआई से से सुझाव मांगे गए हैं। आरबीआई ने इसे 'यस बैंक रिकंट्रक्शन स्कीम 2020' नाम दिया है। आरबीआई ने इसके लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं।

आरबीआई ने अपनी रिकंट्रक्शन स्कीम में बताया है कि एसबीआई को बैंक की 49 फीसदी हिस्सेदारी लेनी होगी। यह अधिग्रहण तीन साल के लिए होगा, तीन साल बाद वो हिस्सेदारी 26 प्रतिशत से नीचे कर सकते हैं। इसके साथ ही अधिग्रहण करने वाले बैंक एसबीआई को यस बैंक के शेयर 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से लेने होंगे। इसमें दो रुपये फेस वैल्यू होगी और आठ रुपये प्रीमियम वैल्य़ू। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात तो आरबीआई ने इस रिकंट्रक्शन स्कीम के तहत कही है वो यह है कि यस बैंक के सभी कर्मचारियों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं है। उन्हें जो भी सुविधाएं मिलती रही हैं वो मिलती रहेंगी।

यस बैंक के पूर्व सीईओ के खिलाफ लुक आउट नोटिस, छापेमारी

यस बैंक के संस्थापक और पूर्व CEO राणा कपूर के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी हो गया है। राणा कपूर अब देश छोड़ कर नहीं जा सकते। वहीं प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की टीम ने मुंबई में देर रात राणा कपूर के घर पर छापा मारा। कपूर का घर मुंबई के वर्ली इलाके में है। रात भर ईडी की टीम ने राणा कपूर से पूछताछ की है।

कपूर ने निजी संबंधों पर दिए बड़े बड़े लोगों को लोन

राणा कपूर के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर चुकी है। आरोप है कि राणा कपूर ने यस बैंक के जरिए मनमाने तरीके से मोटे लोन बांटे।लोन देने और उसे वसूल करने की प्रक्रिया अपने हिसाब से तय की। ये लोन राणा कपूर ने अपने निजी संबंधों के आधार पर बड़े बड़े लोगों को लोन दिए। 2017 में यस बैंक ने 6,355 करोड़ रुपए की रकम को बैड लोन में डाल दिया था।

राणा की बिल्डिंग में नीरव मोदी का भी फ्लैट

वर्ली की जिस समुद्र महल बिल्डिंग में राणा कपूर का घर है। उसमें देश के कई नामी कारोबारियों के भी फ्लैट हैं। उस नीरव मोदी का भी इसमें फ्लैट है। जो 10 हजार करोड़ से ज्यादा के पीएनबी घोटाले में देश छोड़कर भाग चुका है। इसके अलावा कई नामी कंपनियों के गेस्ट हाउस इसी बिल्डिंग में हैं। समुद्र महल मुंबई की ऐसी पहली बिल्डिंग है। जिसने 1 लाख प्रति स्क्वेयर फीट की कीमत को जब छुआ था। तो ये खबर हर तरफ सुर्खियां बनी थी।

क्या यस बैंक का पूरा मामला?

गुरुवार को डूबते यस बैंक को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है। फिल्हाल 3 अप्रैल तक रकम निकासी कि सीमा 50,000/- तक तय कर दी गई है। यहां बता दे कि निवेशक हर रोज़ 50000 तक नही बल्कि 3 अप्रैल तक कुल इतनी राशि निकाल सकेंग। विशेष परिस्थितियों में निकासी की सीमा 5 लाख तक कि तय कि गई है। पढ़ाई, इलाज और शादी के लिए ज्यादा रकम निकाले जा सकेंगे। 3 अप्रैल तक रकम निकासी की लिमिट जारी रहेगी। इधर यस बैंक की वित्तीय हालत सुधारने के लिए आरबीआई ने अगले एक महीने के लिए बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का टेकओवर कर लिया है। बैंक का पुनर्गठन 3 अप्रैल से पहले कर दिया जाएगा।

01-03-2020
सरकार की रेत उत्खनन नीति को हाईकोर्ट में चुनौती

रायपुर। अजय गोपाल ने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर कर राज्य शासन की ओर से वर्ष 2019 में बनाई गई रेत खदान नीति को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि नई रेत नीति प्रदेशवासियों को चौतरफा नुकसान उठाना पड़ रहा है। रेत उत्खनन को ठेके पर लेने के लिए रसूखदार ओने समूह बनाकर खदानों को हथिया लिया गया है। रेत के लिए शराब लॉबी की सक्रियता भी किसी से छिपी नहीं है। सरकार की मंशा के विपरीत उन लोगों को ठेका मिल गया है, जिनको छत्तीसगढ़ से कोई लेना-देना ही नहीं हैं। याचिका की सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के लिए निर्देश दिए थे। कोर्ट के निर्देश पर राज्य शासन ने अपने जवाब में कहा था कि प्रदेश भर में 288 से अधिक लोगों को रेत उत्खनन के लिए खदान ठेके पर दिए गए हैं। इन लोगों को खदान का आवंटन भी कर दिया गया है।

01-03-2020
भू-विस्थापित की याचिका पर हाईकोर्ट ने मांगा प्रबंधन से जवाब

रायपुर। कुसमुंडा के वीर सिंह ने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि एसईसीएल प्रबंधन ने कुसमुंडा ओपन कॉस्ट खदान के लिए जमीन का अधिग्रहण किया था। वर्ष 1983 में उसकी जमीन अधिग्रहित की गई है। इस दौरान भू-विस्थापितों को खदान में नौकरी देने की बात भी हुई थी। याचिकाकर्ता ने याचिका में आगे कहा है कि भू-अर्जन अधिनियम के तहत भू-विस्थापित को नौकरी देनी है। इसके बाद भी एसईसीएल प्रबंधन ने अब तक नौकरी नहीं दी। भू-विस्थापित की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने एसईसीएल के सीएमडी और मानव संसाधन विभाग की जनरल मैनेजर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।  

28-02-2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने राहुल और ओवैसी समेत कई नेताओं के भड़काऊ भाषण पर केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली। उच्च न्यायालय दिल्ली में शुक्रवार को भड़काऊ भाषण देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दायर अलग-अलग याचिकाओं और अर्ज़ियों पर सुनवाई हुई। उच्च न्यायालय ने कथित रूप से नफरत फैलाने वाले भाषणों को लेकर असदुद्दीन ओवैसी, अकबरुद्दीन ओवैसी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई की। इस मामले में हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस, दिल्ली सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 13 अप्रैल को होगी। अदालत ने एक अन्य वकील की याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी किया है, जिसमें एक वकील ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, आरजे साईमा, फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर, अमानतुल्ला खान (आप पार्टी) के खिलाफ आईपीसी और आईटी अधिनियम की उपयुक्त धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने और एनआईए को दिल्ली हिंसा में जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।

15-02-2020
दूरसंचार कंपनियों को बकाया चुकाने का मिला आदेश, जानें किस पर है कितना बकाया

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश दूरसंचार सर्किल ने शुक्रवार को सभी दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को 11.59 बजे तक बकाए का भुगतान करने का दिया आदेश। आदेश में कहा गया कि 'आपको लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के एवज में बकाया राशि का भुगतान 14.02.2020 को रात 11.59 से पहले करने का निर्देश दिया जाता है।' हालांकि रात 12 बजे से पहले कोई रकम चुकाई गई या नहीं इस जानकारी के आने का अभी इंतजार है। इसके साथ ही अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि बकाया राशि में से कितने का भुगतान आधी रात तक करने को कहा गया है। सभी 15 यूनिट पर लाइसेंस शुल्क के रूप में 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में 55,054 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल मिलाकर इन कंपनियों के ऊपर केंद्र सरकार के 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं।

सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद अचानक से डीओटी ने यह आदेश दिया है। इससे पहले समायोजित सकल राजस्व वसूली के मामले में कंपनियों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं करने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया है। उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के आदेश पर अफसोस जताया। आदेश में एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगाई गई थी। बकाया रकम चुकाने का आदेश सर्किल के संचार लेखा नियंत्रक ने जारी किए हैं। इसके साथ ही अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि बकाया राशि में से कितने का भुगतान आधी रात तक करने को कहा गया है। सभी 15 यूनिट पर लाइसेंस शुल्क के रूप में 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में 55,054 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल मिलाकर इन कंपनियों के ऊपर केंद्र सरकार के 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं।

सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद अचानक से डीओटी ने यह आदेश दिया है। इससे पहले समायोजित सकल राजस्व  वसूली के मामले में कंपनियों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं करने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया है। उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के आदेश पर अफसोस जताया। आदेश में एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगाई गई थी। बकाया रकम चुकाने का आदेश सर्किल के संचार लेखा नियंत्रक ने जारी किए हैं। 

इस आदेश से वोडाफोन आइडिया के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। वोडाफोन आइडिया पर 53,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 24,729 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम बकाया और 28,309 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के रूप में बकाया है। कंपनी कह चुकी है कि अगर उसे राहत नहीं मिली तो वह अपना कामकाज बंद कर देगी। भारतीय एयरटेल पर देनदारी करीब 35,586 करोड़ रुपये है। इसमें लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क शामिल हैं। बाकी बकाया बीएसएनएल/एमटीएनएल और कुछ बंद या दिवालिया हो चुकीं दूरसंचार कंपनियों पर है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एयरटेल ने बाकायदा पत्र जारी कर 20 फरवरी तक अपने कुल बकाए में से 10 हजार करोड़ रुपये के भुगतान की बात कही है। कंपनी ने कहा है कि बाकी का पैसा वह सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले देगी। इस आदेश से वोडाफोन आइडिया के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। वोडाफोन आइडिया पर 53,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 24,729 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम बकाया और 28,309 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के रूप में बकाया है। कंपनी कह चुकी है कि अगर उसे राहत नहीं मिली तो वह अपना कामकाज बंद कर देगी।

13-02-2020
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई समाज कल्याण विभाग में करोड़ों के घोटाले की सीबीआई जांच पर रोक

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के समाज कल्याण विभाग में हुए करोड़ों रूपए के घोटाल की सीबीआई जांच पर रोक लगाने का आदेश दिया है। बता दें कि समाज कल्याण विभाग में 1 हजार करोड़ का घोटाला सामने आया था। मामले के खिलाफ पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी। इस पर 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। उच्चतम न्यायालय ने इस घोटाले पर सीबीआई जांच पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। 

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