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06-06-2021
उपार्जित धान खराब होने पर तीन समितियों के अधिकारियों को नोटिस जारी

कोंडागांव। जिले में असमय हुई वर्षा से धान खरीदी केन्द्रों में उपार्जित धान को व्यवस्थित एवं सुरक्षित रख-रखाव को सुनिश्चित कराने के लिए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने जिले की सभी समितियों को निर्देश पूर्व में जारी किए थे। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला खाद्य अधिकारी भूपेन्द्र मिश्रा ने खाद्य विभाग के अमले के साथ जिले के उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। वे दल सहित उपार्जन केन्द्र उरदाबेड़ा, अमरावती और चिपावंड पहुंचे। यहां उन्होंने  धान उपार्जन के लिए दिए गए दिशा-निर्देशों एवं जिला कार्यालय द्वारा समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का पालन नहीं किया जाना  पाया। इसके कारण उपार्जित धान असमय हुई वर्षा से भीगा एवं खराब होते पाया गया। इसे देखते हुए कलेक्टर ने लापरवाही पूर्वक कार्य करने एवं इस कारण शासकीय धान की हुई क्षति के लिए उरंदाबेड़ा, अमरावती और चिपावंड के समिति प्रबंधकों और खरीदी प्रभारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जांच दल में जिला खाद्य अधिकारी के नेतृत्व सहायक खाद्य अधिकारी राबिया खान,खाद्य निरीक्षक नवीनचंद श्रीवास्तव, हितेशदास मानिकपुरी, गुलशननंद ठाकुर एवं मनीराम बघेल शामिल थे।

 

10-05-2021
पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने किया लुकआउट नोटिस जारी

नई दिल्ली। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में हुए झगड़े के बाद पहलवान की मौत मामले में ओलंपिक विजेता व पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने लुकआऊट नोटिस जारी कर दिया है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक रविवार देर शाम लुकआऊट नोटिस जारी किया गया है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान को पहले ही दर्ज कर लिया है। उन्होंने बताया कि मॉडल टाउन इलाके में एक फ्लैट को खाली कराने को लेकर पहलवानों के बीच झगड़ा हुआ,जिसमें कई पहलवानों को चोट लगी। इसमें एक की मौत हो गई थी।
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुशील कुमार का नाम एफआईआर में शामिल है, जिसके बाद से पुलिस लगातार सुशील कुमार के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और लगातार सुशील कुमार का पता लगाने में जुटी हुई है लेकिन सुशील कुमार फिलहाल फरार चल रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों का आरोप है कि जब झगड़ा हुआ और घटना को अंजाम दिया गया उस दौरान सुशील कुमार वहां मौजूद थे। बता दें कि बीते मंगलवार छत्रसाल स्टेडियम में एक 23 वर्षीय पहलवान की मौत तब हो गई जब एक फ्लैट को खाली कराने को लेकर पहलवानों का दो गुट आपस में भिड़ में गए थे। इस दौरान सुशील कुमार, अजय, प्रिंस, सोनू, इत्यादि कई लोग इस घटना झड़प के दौरान शामिल थे। इस झगड़े में एक पहलवान की मौत हो गई थी।

 

23-03-2021
अवैध प्लाटिंग पर प्रकरण दर्ज, प्रकरण की सुनवाई 5 अप्रेल को, दावा पेश करने 20 लोगों को नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। जिले की तहसील जांजगीर के ग्राम मुनुन्द में शासकीय भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग एवं अन्य शिकायत पर संयुक्त टीम ने जांच की। इसके पंचनामा प्रतिवेदन के आधार पर प्रकरण दर्ज किया। दर्ज प्रकरण में अपना पक्ष स्वयं, अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होकर जवाब दावा पेश करने 20 लोगों को नोटिस जारी किया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जांजगीर के न्यायालय में 5 अप्रेल को सुबह 11 बजे से इस प्रकरण में सुनवाई होगी। नियत समयावधि के बाद प्राप्त आपत्ति, दावा पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। मामले की सुनवाई के लिए उपरोक्त भूमि पर अवैध प्लाटिंग करने पर अनावेदक/भूस्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी किया गया है लेकिन नोटिस बिना तामिल वापस आ जाने के कारण पुनः समाचार पत्र के माध्यम से उन्हें सूचित किया गया है। 

 

01-02-2021
एक सप्ताह के अंदर टैक्स जमा नहीं करने पर कुर्क होगी संपत्ति, रसूखदार करदाताओं को निगम का नोटिस जारी

रायपुर/बिलासपुर। टैक्स जमा नहीं करने वाले शहर के रसूखदार बिलासपुर नगर निगम के निशाने पर हैं। बिल और डिमांड नोटिस के बाद भी टैक्स जमा नहीं करने पर निगम ने 50 से ज्यादा बड़े और रसूखदार करदाताओं को लास्ट अल्टीमेटम देते हुए कुर्की कार्रवाई की चेतावनी दी है। इनपर निगम का करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स का बकाया है। इसमें कई लोग 10-12 वर्षों से टैक्स जमा नहीं कर रहे हैं। दरअसल, दिसंबर से जनवरी तक निगम ने टैक्स वसूली के लिए करीब 5000 लोगों को नोटिस जारी किया था। इसमें से महज कुछ सौ लोगों ने ही निगम में टैक्स जमा किया। जबकि टैक्स जमा नहीं करने वालों की सूची में शहर के कई रसूखदार टॉप पर हैं। जिन पर करीब 5 करोड़ रुपए से अधिक का टैक्स वसूली बकाया है।

इनमें से कई ऐसे हैं,जिन्होंने 10-12 वर्षों से टैक्स जमा नहीं किया है। निगम ने सभी को पहले बिल नोटिस दिया, इसके बाद डिमांड नोटिस जारी किया, लेकिन इसके बावजूद 50 से ज्यादा बड़े और रसूखदार करदाताओं ने इस वित्तीय वर्ष संपत्ति, समेकित, जल समेत अन्य करों का भुगतान अब तक नहीं किया है। निगम ने 50 से ज्यादा बड़े रसूखदार करदाताओं को लास्ट अल्टीमेटम देते हुए कुर्की की कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। सप्ताहभर के भीतर टैक्स जमा नहीं करने की स्थिति में इनके खिलाफ नगरपालिका अधिनियम के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

19-01-2021
टोल प्लाजा को हटाने के लिए हुए आंदोलन पर हाईकोर्ट में जनहित याचिका मंजूर, सभी पक्षों को नोटिस जारी

राजनांदगांव। नेशनल हाईवे में स्थित राजनांदगांव-दुर्ग रोड में संचालित टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थापित करने की एक जनहित याचिका को स्वीकार करते हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार समेत टोल कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अशोका बिल्डकान नामक कंपनी द्वारा गैरकानूनी तरीके से वाहनों से वसूली करने को आधार बनाकर राजनांदगांव के रईस अहमद शकील ने जनहित याचिका दायर कर हाईकोर्ट से आम जनता के पक्ष में न्याय की गुहार लगाई थी। याचिकाकर्ता ने अपील में कोर्ट को जानकारी देते बताया कि ठाकुरटोला में संचालित टोल प्लाजा में तय दूरी से परे वाहनों से टोल टैक्स लिया जाता है। भारत सरकार की गाइड लाइन में एक टोल प्लाजा और दूसरे टोल नाके के बीच 60 किमी की दूरी में टैक्स लिए जाने का प्रावधान है। याचिका में कहा गया है कि कंपनी द्वारा केंद्र सरकार के नियमों को दरकिनार करते महज 30 किमी की दूरी पर टोल टैक्स लिया जा रहा है। तकरीबन 10 वर्षों से कंपनी ने 4 और दो पहिया वाहनों से भारी भरकम वसूली की है। राजनांदगांव शहर से करीब 8 किमी दूर स्थित अशोक बिल्डकॉन कंपनी की टोल प्लाजा में राजनीतिक दबाव के बाद नांदगांव जिले के कार और दो पहिया वाहनों को टोल टैक्स मुक्त किया।

दीगर जिलों के लोगों से अब भी कंपनी द्वारा टैक्स लिया जा रहा है। ठाकुरटोला के बाद करीब 30 किमी की दूरी में दुर्ग बायपास पर दूसरे टोल प्लाजा में भी टैक्स पटाना पड़ता है। यानी नांदगांव से रायपुर जाने के दौरान लोगों को अनावश्यक रूप से दो बार रोड टैक्स  देना पड़ता है। यहां यह बता दें कि करीब सालभर पहले राजनांदगांव की महापौर हेमा देशमुख ने दलगत राजनीति से उपर उठकर टोलप्लाजा को अन्यत्र हटाने के लिए शहर की जनता के साथ प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के दौरान यह मांग उठी थी कि ठाकुरटोला टोल प्लाजा नियमानुसार नागपुर रोड में टप्पा में स्थापित किया जाए। उनकी इस मांग को राजनांदगांव चेम्बर ऑफ कामर्स, बस यूनियन समेत अन्य व्यापारिक और गैर व्यापारिक वर्ग ने समर्थन किया था। इन्हीं बिन्दुओं को लेकर याचिकाकर्ता अहमद ने हाईकोर्ट में टोल प्लाजा को अन्यत्र स्थापित करने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को स्वीकार करने योग्य मानते संबंधित पक्षों को नोटिस  जारी कर जवाब मांगा है।

21-11-2020
संपत्तिकर के बकायेदारों को नोटिस जारी, भुगतान नहीं करने पर होगी कुर्की की कार्रवाई

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत संपत्तिकर के बकायेदारों को निगम प्रशासन ने सख्ती से कार्यवाही करने के लिए नोटिस जारी करना प्रारंभ कर दिया है। संपत्तिकर के प्रभारी अधिकारी एवं उपायुक्त तरुण पाल लहरें ने छोटे बड़े ऐसे बकायेदारों,जो वर्ष 1999 से वित्तीय वर्ष 2019-20 तक संपत्तिकर की राशि जमा नहीं किए हैं ऐसे लोगों को धारा 173 एवं धारा 174 के तहत नोटिस जारी करना प्रारंभ कर दिया है। अब तक 256 बकायेदारों को नोटिस जारी किया जा चुका है। पहले नोटिस की मियाद खत्म होने के पश्चात 125 लोगों को दूसरी नोटिस भेजी जा रही है, इसके बाद भी यदि समय अवधि में निर्धारित राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो कुर्की की कार्रवाई की जा सकती है। निगम द्वारा ऐसे बकायेदारों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। पूर्व में संपत्तिकर जमा नहीं करने वाले बकायादार को कुर्की का नोटिस आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी द्वारा जारी किया गया था। आयुक्त के लगातार मॉनिटरिंग करने से ही संपत्तिकर जमा करने वाले बकायादार की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। अब बकायेदारों पर शिकंजा कसने की कयावद प्रारंभ कर दी गई है, ताकि लक्ष्य के अनुरूप वसूली की जा सके। 30 नवंबर तक देय संपत्तिकर जमा करने पर 2 प्रतिशत की छूट नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 137 के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए संपत्तिकर निर्धारित अवधि के पूर्व राशि जमा करने वाले भवन/भूमि स्वामियों को 30 नवंबर 2020 के भीतर देय संपत्ति कर जमा करने पर 2 प्रतिशत छूट का फायदा मिलेगा। इसके पूर्व अप्रैल एवं मई माह में 6.25 प्रतिशत की रियायत तथा जून एवं जुलाई माह में 5 प्रतिशत की छूट तथा अगस्त 1 सितंबर में 4 प्रतिशत की छूट निर्धारित देय संपत्तिकर जमा करने पर दी गई थी। करदाता जितनी जल्दी अपनी देय संपत्तिकर जमा करेंगे उन्हें उतना ही छूट का फायदा मिलेगा।

 

27-10-2020
मरवाही उपचुनाव: व्यय लेखा नहीं देने पर 4 प्रत्याशियों को मिला नोटिस, कलेक्टर ने कहा- 3 दिन में जमा करें

रायपुर। मरवाही उप निर्वाचन के व्यय लेखा निरीक्षण समय पर नहीं पूर्ण कराए जाने पर 4 अभ्यर्थियों को नोटिस जारी किया गया है।  कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डोमन सिंह ने इस संबंध में  अभ्यर्थियों को नोटिस जारी करते हुए 3 दिन का समय दिया है। उन्होंने 3 दिनों के अंदर व्यय लेखा निरीक्षण पूर्ण किए जाने का निर्देश दिया है। इसके तहत मरवाही विधानसभा उप निर्वाचन 2020 के लिए रिटर्निंग अधिकारी डोमन सिंह ने प्रत्याशी पुष्पा कोर्चे, लक्ष्मण पोर्ते,  बीर सिंह नागेश, सोनमती सलाम को नोटिस जारी किया है। पत्र में कहा गया है कि निर्वाचन व्यय लेखा का द्वितीय निरीक्षण 26 अक्टूबर 2020 को पूर्ण किया जाना था किंतु  4 अभ्यर्थियों द्वारा निरीक्षण नहीं कराया गया। यह गंभीर चूक है। रिटर्निंग अधिकारी डोमन सिंह ने ऐसे सभी अभ्यर्थियों को तीन दिवस के भीतर व्यय लेखा का निरीक्षण पूर्ण किये जाने के निर्देश दिए हैं।  पत्र में निर्देश का पालन नहीं किये जाने पर नियमानुसार कार्यवाही का उल्लेख है। उल्लेखनीय है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 77 के अंतर्गत निर्वाचन  व्यय लेखा रखने में असफल पर धारा 171 झ के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी।

23-10-2020
चार कर्मचारियों को कर्तव्य स्थल में उपस्थित होने नोटिस जारी

रायपुर/जगदलपुर। जिले के सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने चार कर्मचारियों पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही प्रस्तावित कि है। इसमें पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास धरमपुरा में पदस्थ संगीता जोशी, प्री मैट्रिक बालक छात्रवास बिन्ता विकासखण्ड लोहण्डीगुड़ा में पदस्थ रतिराम मौर्य, पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास धरमपुरा में पदस्थ संगीता डे और प्री मैट्रिक बालक छात्रावास सरगीपाल ग्राम नलपावण्ड विकासखण्ड बकावण्ड में पदस्थ भृत्य कंवरसाय माझी है। कर्मचारी अपने कर्तव्य स्थल से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण सिविल सेवा आचरण नियम के तहत सेवा समाप्ति की कार्यवाही प्रस्तावित किया है। आदिवासी विकास विभाग जगदलपुर में पदस्थ चार कर्मचारियों को कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है। कर्मचारियों को 7 दिवस के भीतर कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होने के निर्देश हैं अन्यथा उनके खिलाफ एक तरफा कार्यवाही करते हुए विभाग द्वारा उनकी सेवा समाप्त कर दी जाएगी।

20-09-2020
सीएमएचओं ने हड़ताली संविदाकर्मियों को 21 सितंबर को काम पर उपस्थित होने का किया नोटिस जारी

जांजगीर-चांपा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बंजारे ने जांजगीर-चांपा जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत कार्यरत हड़ताली संविदा कर्मचारियों को 21 सितंबर को सुबह 11 बजे तक अपने कर्तव्य पर उपस्थित होने नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में कहा गया है कि वर्तमान में कोविड-,19 के संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए राज्य और जिला स्तर पर सक्रिय कार्रवाई की जा रही है। ऐसे समय में आपका 19 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाना सर्वथा अनुचित है।

जारी नोटिस में कहा गया है कि21 सितंबर को ड्यूटी में उपस्थित नहीं होने पर उनके विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 तथा 56, छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विछिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (क्रमांक-10 1979) एस्मा की कंडिका 7 (1) एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिजिस  कोविड- 19 रेगुलेशन 2020 की कंडिका -14 के तहत अनुशासनात्मक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

02-09-2020
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ के प्रसारण पर रोक से किया का इंकार

नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने नेटफ्लिक्स की फिल्म ' गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल' के प्रसारण पर रोक लगाने से बुधवार को इंकार कर दिया। केंद्र की तरफ से भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश करने के आधार पर फिल्म का प्रसारण रोकने का आग्रह किया गया था। न्यायाधीश राजीव शकधर ने बुधवार को फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने से इंकार करते हुए केंद्र से सवाल किया कि 'ओवर द टॉप' (ओटीटी) मंच पर फिल्म के प्रदर्शन से पहले वह मामला न्यायालय के समक्ष क्यों नहीं लाई। न्यायाधीश शकधर ने कहा अब कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता क्योंकि फिल्म प्रदर्शित हो चुकी है। फिल्म 12 अगस्त को ही ओटीटी प्लेटफाॅर्म पर प्रदर्शित हो चुकी है। केंद्र की तरफ से दायर याचिका में कहा गया था कि फिल्म भारतीय वायुसेना की गलत छवि पेश कर रही है।

अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने सरकार की तरफ से दलील रखते हुए कहा कि फिल्म से भारतीय वायुसेना की छवि धूमिल हो रही है। फिल्म में बल मैं लैंगिक भेदभाव होने के संबंध में दिखाया गया है, जिसमें कोई सच्चाई नहीं है।न्यायाधीश शकधर ने केन्द्र की याचिका पर 'धर्मा प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड' और नेटफ्लिक्स से जबाव मांगा है। न्यायालय ने यह भी कहा कि पूर्व फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना को भी मामले में एक पक्ष बनाना चाहिए और उन्हें नोटिस जारी कर उनसे भी जवाब मांगा है।

 

08-08-2020
आकाश गंगा के 28 कब्जाधारियों को निगम ने जारी किया नोटिस, 5 दिन के अंदर कब्जा हटा लेने की दी चेतावनी

भिलाई। नगर पालिक निगम प्रशासन ने आकाश गंगा सब्जी मंडी के 28 कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर पांच दिनों के अंदर स्वयं से कब्जा हटाने लेने कहा है। कब्जा हटाने के बाद चबूतरे का फोटोग्राफ दस्तावेज के साथ जोन-1 आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में कब्जा नहीं हटाने की स्थिति में नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा जेसीबी मशीन के माध्यम से शेड को गिराने और बेदखली की कार्रवाई में होने वाले व्यय की राशि कब्जाधारी से वसूल किए जाने की चेतावनी दी है। तोडफ़ोड़ की कार्रवाई से होने वाले नुकसान के लिए कब्जाधारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। दो दिन पहले ही नेहरू नगर जोन की टीम ने आकाशगंगा सब्जी मंडी में बेदखली अभियान चलाया था। कब्जाधारियों को मौखिक रूप से शेड को हटाने का समय दिया गया था। नेहरू नगर जोन.1 आयुक्त सुनील अग्रहरि के निर्देश पर 28 कब्जाधारियों को लिखित में नोटिस जारी कर अवैध कब्जे को पांच दिनों के भीतर स्वयं से हटाकर जोन कार्यालय में सूचना देने कहा गया है। 

07-08-2020
जांजगीर-चांपा एसडीएम को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब...

रायपुर/बिलासपुर। हाईकोर्ट ने महिला स्व सहायता समूह की याचिका पर सुनवाई करते हुए जांजगीर-चांपा एसडीएम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता स्व सहायता समूह ने एसडीएम पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। ग्राम अमोरा निवासी व जय संवरिन दाई महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष रंजीता यादव ने वकील अब्दुल वहाब खान के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि ग्राम अमोरा में स्व सहायता समूह को उचित मूल्य दुकान का लाइसेंस जारी किया गया है। दुकान के जरिए बीपीएल व एपीएल कार्डधारकों को शासन की योजना के अनुसार प्रति महीने खाद्यान्न का वितरण किया जा रहा है।

याचिका के अनुसार पंचायत चुनाव के बाद से गांव की गुटबाजी और राजनीतिक विद्वेषवश कुछ लोगों ने झूठी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में शक्कर व मिट्टी तेल के आवंटन के एवज में शासन द्वारा निर्धारित राशि से अतिरिक्त राशि लेने की बात कही गई थी। शिकायत के आधार पर जांजगीर-चांपा के एसडीएम ने राशन दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया। इसके बाद दो जुलाई 2020 को एक एसडीएम कार्यालय ने एक आदेश जारी कर दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि पंचायत चुनाव की रंजिश के कारण ग्रामीणों ने झूठी शिकायत की। शिकायत के आधार पर एसडीएम ने एकतरफा कार्रवाई कर दी है। याचिका के अनुसार आदेश जारी करने से पहले एसडीएम ने सुनवाई का अवसर भी नहीं दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस आरसीएस सामंत के एकल पीठ में हुई। जस्टिस सामंत ने जांजगीर-चांपा के एसडीएम को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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