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15-02-2020
दूरसंचार कंपनियों को बकाया चुकाने का मिला आदेश, जानें किस पर है कितना बकाया

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश दूरसंचार सर्किल ने शुक्रवार को सभी दूरसंचार कंपनियों को नोटिस जारी किया है। शुक्रवार को 11.59 बजे तक बकाए का भुगतान करने का दिया आदेश। आदेश में कहा गया कि 'आपको लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के एवज में बकाया राशि का भुगतान 14.02.2020 को रात 11.59 से पहले करने का निर्देश दिया जाता है।' हालांकि रात 12 बजे से पहले कोई रकम चुकाई गई या नहीं इस जानकारी के आने का अभी इंतजार है। इसके साथ ही अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि बकाया राशि में से कितने का भुगतान आधी रात तक करने को कहा गया है। सभी 15 यूनिट पर लाइसेंस शुल्क के रूप में 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में 55,054 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल मिलाकर इन कंपनियों के ऊपर केंद्र सरकार के 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं।

सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद अचानक से डीओटी ने यह आदेश दिया है। इससे पहले समायोजित सकल राजस्व वसूली के मामले में कंपनियों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं करने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया है। उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के आदेश पर अफसोस जताया। आदेश में एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगाई गई थी। बकाया रकम चुकाने का आदेश सर्किल के संचार लेखा नियंत्रक ने जारी किए हैं। इसके साथ ही अभी यह भी स्पष्ट नहीं है कि बकाया राशि में से कितने का भुगतान आधी रात तक करने को कहा गया है। सभी 15 यूनिट पर लाइसेंस शुल्क के रूप में 92,642 करोड़ रुपये और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क के रूप में 55,054 करोड़ रुपये बकाया हैं। कुल मिलाकर इन कंपनियों के ऊपर केंद्र सरकार के 1.47 लाख करोड़ रुपये बकाया हैं।

सर्वोच्च अदालत के आदेश के बाद अचानक से डीओटी ने यह आदेश दिया है। इससे पहले समायोजित सकल राजस्व  वसूली के मामले में कंपनियों के खिलाफ सरकार द्वारा कार्रवाई नहीं करने की वजह से सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोर्ट ने टेलीकॉम कंपनियों को 17 मार्च तक बकाया जमा करने का आदेश भी दिया है। उच्चतम न्यायालय ने दूरसंचार विभाग के डेस्क अधिकारी के आदेश पर अफसोस जताया। आदेश में एजीआर मामले में दिए गए फैसले के अनुपालन पर रोक लगाई गई थी। बकाया रकम चुकाने का आदेश सर्किल के संचार लेखा नियंत्रक ने जारी किए हैं। 

इस आदेश से वोडाफोन आइडिया के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। वोडाफोन आइडिया पर 53,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 24,729 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम बकाया और 28,309 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के रूप में बकाया है। कंपनी कह चुकी है कि अगर उसे राहत नहीं मिली तो वह अपना कामकाज बंद कर देगी। भारतीय एयरटेल पर देनदारी करीब 35,586 करोड़ रुपये है। इसमें लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क शामिल हैं। बाकी बकाया बीएसएनएल/एमटीएनएल और कुछ बंद या दिवालिया हो चुकीं दूरसंचार कंपनियों पर है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एयरटेल ने बाकायदा पत्र जारी कर 20 फरवरी तक अपने कुल बकाए में से 10 हजार करोड़ रुपये के भुगतान की बात कही है। कंपनी ने कहा है कि बाकी का पैसा वह सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले देगी। इस आदेश से वोडाफोन आइडिया के सबसे ज्यादा प्रभावित होने की आशंका है। वोडाफोन आइडिया पर 53,000 करोड़ रुपये बकाया है। इसमें 24,729 करोड़ रुपये स्पेक्ट्रम बकाया और 28,309 करोड़ रुपये लाइसेंस शुल्क के रूप में बकाया है। कंपनी कह चुकी है कि अगर उसे राहत नहीं मिली तो वह अपना कामकाज बंद कर देगी।

13-02-2020
सुप्रीम कोर्ट ने लगाई समाज कल्याण विभाग में करोड़ों के घोटाले की सीबीआई जांच पर रोक

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश के समाज कल्याण विभाग में हुए करोड़ों रूपए के घोटाल की सीबीआई जांच पर रोक लगाने का आदेश दिया है। बता दें कि समाज कल्याण विभाग में 1 हजार करोड़ का घोटाला सामने आया था। मामले के खिलाफ पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड ने सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी। इस पर 13 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की। उच्चतम न्यायालय ने इस घोटाले पर सीबीआई जांच पर रोक लगाते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। 

13-02-2020
निर्भया केस: दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की याचिका पर कल होगी सुनवाई

नई दिल्ली। निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र व दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को एक दिन के लिए टाल दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को पिछली सुनवाई में नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। हालांकि आज भी उनके ओर से जवाब न दिए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें एक दिन का समय देते हुए इस केस की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी है।

बता दें कि निर्भया के माता-पिता की ओर से एक याचिका दायर की गई थी, जिसमें चारों दोषियों के लिए नया डेथ वारंट जारी करने की मांग की गई है। मंगलवार को अदालत में इसपर सुनवाई हुई। निर्भया की मां ने कोर्ट में कहा कि मेरे अधिकार का क्या हुआ? मैं हाथ जोड़कर खड़ी हूं, कृप्या दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया जाए। मैं भी इंसान हूं। इस केस के सात साल से अधिक हो गए हैं। यह बोलकर वह फूट-फूटकर रोने लगीं।

02-02-2020
शिक्षकों और व्याख्याताओं की रिकवरी आदेश पर रोक

रायपुर। प्रदेश के कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड में कार्यरत 6 शिक्षकों और व्याख्याताओं की रेट पर सुनवाई करते हुए बिलासपुर हाईकोर्ट ने बीते दिन जिला शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी रिकवरी आदेश पर रोक लगा दी है। ब्लॉक के कई स्कूलों में कार्यरत किशोरी टोप्पो दशरू राम मंडावी, आनन्द राम नाग एवं अन्य शिक्षकों ने एडव्होकेट अनिल तावड़कर के माध्यम से  रिट लगाकर कर कहा है कि सभी कोंडागांव शिक्षा जिला विभाग के अंतर्गत आने वाले केशकाल विकासखंड के भिन्न-भिन्न गांवों के स्कूलों में कार्यरत हैं। रिट के मुताबिक जिला पंचायत के माध्यम से पंचायत विभाग में शिक्षाकर्मी के पदों पर हुई थी। सरकार ने निर्देश जारी कर बाद में शिक्षा विभाग में संविलियन कर दिया है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने पत्र में इस बात की जानकारी नहीं दी है कि व्याख्याताओं और शिक्षकों को अधिक भुगतान करने का आधार क्या है।

24-01-2020
भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर को थाने से नोटिस जारी, सबूत के साथ होंगे पेश

रायपुर। शहर के अपहृत कारोबारी प्रवीण सोमानी को छुड़ाकर लाने पर पुलिस की जहां वाहवाही की जा रही है। वहीं बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास को पुलिस की इस सफलता पर तंज कसकर फेसबुक पर पोस्ट कर बधाई देना भारी पड़ गया है। पोस्ट पर धरसींवा पुलिस ने भाजपा नेता श्रीवास को नोटिस जारी कर संबंधित आरोप का दस्तावेज लेकर थाने में मौजूद होने का नोटिस जारी किया है। प्रदेश की पुलिस टीम ने अपहृत कारोबारी प्रवीण सोमानी को 22 जनवरी को उत्तरप्रदेश से अपहरणकर्ताओं से सफलतापूर्वक छुड़ाकर रायपुर लाया। ज्ञातव्य है कि कारोबारी सोमानी को यूपी-बिहार के गैंग ने गत 8 जनवरी को सिलतरा इलाके से अपहरण कर लिया था। पुलिस की इस सफलता पर प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तारीफ की थी। वहीं समूह के सदस्यों को वेतनवद्धि की भी घोषणा कर दी थी। एक ओर पुलिस के कार्यो की सराहना की जा रही थी। दूसरी ओर बीजेपी प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने पुलिस की इस उपलब्धि पर तंज कसते हुए फेसबुक पर बधार्ई पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि चार करोड़ रूपए देकर व्यापारी को उत्तरप्रदेश से से छुड़ाकर लाने के लिए रायपुर पुलिस को बधार्ई। पुलिस ने मामले में भाजपा प्रवक्ता को नोटिस जारी कर सबूत के साथ थाने में उपस्थित होने के निर्देश जारी किए है। 



 

24-01-2020
हाईकोर्ट ने निरीक्षक-एसआई को जारी डिमोट आदेश पर लगाई रोक, शासन से 4 हफ्ते में मांगा जवाब

रायपुर। जस्टिस गौतम भादुड़ी की सिंगल बेंच ने पुलिस रेगुलेशन एक्ट में आईजी को निरीक्षक व एसआई को आरोप पत्र जारी करने का अधिकार नहीं होने के कारण याचिकाकर्ताओं के खिलाफ पारित आदेश पर रोक लगाकर शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता आनन्द राम, श्रवण कुमार टंडन कोरिया जिले में उपनिरीक्षक के पद पर पदस्थ हैं। दोनों के खिलाफ आईजी सरगुजा से शिकायत की गई। मामले की शिकायत पर आईजी ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र जारी कर दिया था। साथ ही दोनों को डिमोट कर तत्काल प्रभाव से एक वेतनवृद्धि रोकने का आदेश पारित किया। आदेश के खिलाफ याचिकाकर्ताओं ने अधिवक्ता धीरज वानखेड़े के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में कहा गया कि पुलिस रेगुलेशन एक्ट 228 में निरीक्षक व उपनिरीक्षक को आरोप पत्र देने का अधिकार एसपी को है। इसलिए आइजी द्वारा जारी किया गया आरोप पत्र नियम विरुद्ध है। इसे निरस्त किया जाए। सिंगल बेंच ने शासन को दोनों अधिकारियों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं करने का निर्देश देते हुए 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है।

22-01-2020
सुविधा : अब विशेष छात्र-छात्राएं परीक्षा में ले जा सकते हैं बेसिक कैलकुलेटर

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा दसवीं और बारवीं के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत दी है। बोर्ड ने इस संबंध में एक नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि विद्यार्थी कक्षा दसवीं और बारवीं बोर्ड परीक्षा में कैलकुलेटर लेकर जा सकते हैं। सीबीएसई ने इसी साल से ये सुविधा देनी शुरू की है। हालांकि ये सुविधा सिर्फ उन छात्रों के लिए है जो विशेष हैं। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक सन्यम भारद्वाज ने इस संबंध में स्कूलों को पत्र भेजा है। इसमें कहा गया है कि 'कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा 2020 में बोर्ड ने उन छात्रों को बेसिक कैलकुलेटर ले जाने की अनुमति देने का फैसला किया है, जो विशेष रूप से सक्षम बच्चों की श्रेणी में आते हैं। यानी सीएसडब्ल्यूएन (CSWN) की श्रेणी में आते हैं।'

कैसे ले सकते हैं लाभ - बोर्ड द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ सिर्फ वे छात्र-छात्राएं उठा सकते हैं, जो पहले से ही सीएसडब्ल्यूएन श्रेणी के तहत 2020 परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए ऐसे छात्र-छात्राओं को अपने स्कूलों के पास 28 जनवरी 2020 तक आवेदन करना है। इसके बाद संंबंधित स्कूलों के प्राचार्य उन आवेदनों को संबंधित सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय में भेजेंगे। सीबीएसई ने कहा है कि जो छात्र-छात्राएं विशेष रूप से सक्षम बच्चों की श्रेणी में आते हैं, लेकिन इसके तहत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें बोर्ड द्वारा दी गई इस सुविधा का लाभ परीक्षा के दौरान नहीं मिल सकेगा। गौरतलब है कि साल 2018 की परीक्षा के दौरान सीबीएसई ने विशेष रूप से सक्षम श्रेणी के तहत आने वाले बच्चों को कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल करने की छूट दी थी।  

 

20-01-2020
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: प्रशिक्षण में अनुपस्थित 10 अधिकारी-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस

मुंगेली। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन को गंभीरता से लिया है। उन्होने त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन के कार्यो के प्रति उदासीनता और लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कड़ी में उन्होने 16 एवं 17 जनवरी को जनपद पंचायत मुंगेली के निर्वाचन  के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करही में आयोजित प्रशिक्षण में अनुपस्थित 10 अधिकारी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनमें शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छाता के शिक्षक एलबी पुनदास डाहिरे, प्राथमिक शाला भथरी के सहायक शिक्षक एलबी रविशंकर कश्यप, शासकीय प्राथमिक शाला केशरूवाडीह के सहायक शिक्षक एलबी प्रदीप दुबे, सहायक संचालक मत्स्य के कार्यालय के मत्स्य निरीक्षक नर्बदे राम ध्रुव, लोक निर्माण विभाग के सहायक ग्रेड-2 अंजन दत्ता, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला डोमनपुर के शिक्षक एलबी विनोद कुमार कश्यप, सहायक खनिज अधिकारी के कार्यालय के प्रोसेस सर्वर सीताराम साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करही के सहायक ग्रेड-3 सुबोध पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला धनगांव गो. के सहायक शिक्षक एलबी मुरलीधर चंद्राकर और सहायक संचालक रेशम विभाग के कार्यालय के प्रवर्तक राजकुमार देवांगन शामिल है।

16-01-2020
पंचायत चुनाव की आरक्षण प्रक्रिया को हाईकोर्ट में चुनौती

बिलासपुर। प्रदेश में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 में दी गई व्यवस्था को संविधान के खिलाफ बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की डिविजन बेंच में सुनवाई की गई है। प्रारंभिक सुनवाई के बाद डिविजन बेंच ने केंद्र और राज्य सरकार के अलावा राज्य निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए है। इसके लिए 4 सप्ताह का समय दिया है। याचिकाकर्ता भुनेश्वर नाथ मिश्रा ने वकील रोहित शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर किया और कहा है कि प्रदेश में पंचायती राज अधिनियम 1993 में जो व्यवस्था दी गई है। वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के साथ ही संविधान में दी गई व्यवस्थाओं के खिलाफ है।

याचिकाकर्ता ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जिसमें ग्राम पंचायत जनपद पंचायत के बाद जिला पंचायत के लिए हो रहे चुनाव में राज्य सरकार ने आरक्षण की जो प्रक्रिया अपनाई है वह संविधान में दी गई व्यवस्था के विपरीत हैं। याचिका के अनुसार ग्राम पंचायत के सरपंच से लेकर पंचवा जनपद व जिला पंचायत के सदस्यों के लिए किए गए। आरक्षण में सुप्रीम कोर्ट की ओर से पूर्व में निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं किया है। राज्य शासन ने आरक्षण की जो प्रक्रिया अपनाई है । वह 50 फ़ीसदी से अधिक है याचिकाकर्ता ने पंचायती राज अधिनियम की धारा 13(4)(2) धारा 17,23,25,32 एवं 129(ई) को निरस्त करने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने नहीं राजनीति में आरक्षण की सीमा 50 दिन के भीतर रखने की मांग की है। याचिकाकर्ता ने पिछड़े वर्ग के नागरिकों में से अल्पसंख्यक, एसिड अटैक सरवाइवर महिला थर्ड जेंडर एंग्लो इंडियन आदि को राजनीतिक रूप से पिछड़ा मानते हुए चुनाव में आरक्षण का लाभ देने की गुहार लगाई है।

10-01-2020
वाइल्ड लाइफ बोर्ड की नियमावली को लेकर जनहित याचिका, शासन को 4 हफ्ते में पेश करना होगा जवाब

रायपुर। छत्तीसगढ़ वाइल्ड लाइफ बोर्ड के कामकाज और नियमावली को लेकर अजय दुबे ने जनहित याचिका दायर की है। हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है।

 

01-01-2020
कलेक्टर ने दिया बीईओ को शो कॉज़ नोटिस

बीजापुर। चुनाव में लापरवाही बरतने के आरोप में उसूर के खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मण सिंह ठाकुर को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर केडी कुंजाम ने शो कॉज नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर बीईओ सस्पेंड हो जाएंगे। सूत्र के मुताबिक़ 31 दिसंबर को सीईओ ने निर्देशन केंद्र का निरीक्षण किया था। बीईओ इस केंद्र के सहायक निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किए गए थे। वे 31 दिसंबर को नदारद थे। नियुक्ति आदेश से परिणामों की घोषणा तक बीईओ का केंद्र में रहना आदेशात्मक है। सचिवों के प्रतिवेदन अनुसार बीईओ पहली जनवरी को भी गैर हाज़िर पाए गए। कलेक्टर केडी कुंजाम ने इसे घोर लापरवाही मानते उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निलंबन की कारवाई  की जाएगी।

 

18-12-2019
व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने वाले 459 उम्मीदवारों को नोटिस जारी

रायपुर। प्रदेश में नगरीय निकाय निर्वाचन के दौरान व्यय प्रेक्षकों द्वारा उम्मीदवारों के खर्चों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। जांच के लिए प्रथम व्यय लेखा प्रस्तुत नहीं करने वाले 459 उम्मीदवारों को नोटिस जारी की गई है। नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में निर्वाचन के लिए प्रदेश भर में कुल 10 हजार 167 उम्मीदवार मैदान में हैं।  प्रथम लेखा जांच के बाद व्यय प्रेक्षकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक किसी अभ्यर्थी द्वारा अधिकतम खर्च की गई राशि एक लाख 10 हजार 810 रूपए है। कोरबा नगर निगम के एक अभ्यर्थी द्वारा यह राशि व्यय की गई है। नगर पालिका में बड़े बचेली में एक उम्मीदवार द्वारा अधिकतम राशि 46 हजार 457 रूपए और बरमकेला नगर पंचायत में 26 हजार 110 रूपए की अधिकतम राशि एक उम्मीदवार द्वारा खर्च की गई है। नगर पंचायत में अब तक किसी उम्मीदवार द्वारा व्यय की गई न्यूनतम राशि 500 रूपए है। इसी तरह नगर पालिका में उम्मीदवार द्वारा न्यूनतम डेढ़ हजार रूपए और नगर निगम में न्यूनतम ढाई हजार रूपए की राशि के व्यय की जानकारी व्यय प्रेक्षकों को प्राप्त हुई है।
 

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