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15-06-2019
जिला पंचायत सीईओ ने दिखाया कुष्ठ एवं टीबी रथ को हरी झंडी 

मुंगेली। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर ने जिला पंचायत कार्यालय परिसर से कुष्ठ एवं टीबी रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम एवं पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के समन्वित प्रयास से चर्मरोग निदान एवं उपचार अभियान तथा टीबी खोज अभियान आज 14 जून से 28 जून 2019 तक चलाया जायेगा। उपरोक्त कार्यक्रम के तहत मुंगेली जिले में 921 सर्वे दल बनाये गये है, जिसके द्वारा घर-घर जाकर चर्मरोग एवं टीबी के संदेहास्पद मरीजों की जानकारी प्राप्त करने के लिए साथ-साथ उनकी जांच कराकर तत्काल उपचार प्रारंभ किया जायेगा।

उपरोक्त अभियान दल 673 ग्रामों की 829143 जनसंख्या को कवर करेगा। जहां चर्मरोग एवं टीबी के लक्षणों की पहचान कर संदेहास्पद मरीजों की जांच व उपचार की व्यवस्था करेगा। कुष्ठ एवं टीबी रथ जिले के तीनो ब्लाकों में 2-2 दिवस भ्रमण कर अभियान व रोग के संबंध में जनजागरूकता फैलायेगा। इसमें आॅडियो संदेश के साथ ही साथ पाम्पलेट वितरण की व्यवस्था भी है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीपी आगरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक उत्कर्ष तिवारी, जिला कुष्ठ/क्षय नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुदेश रात्रे, डीपीसी अमिताभ तिवारी, पीएमडीटी समन्वयक धीरज रात्रे, एसटीएस सुमेश जायसवाल, लेखापाल कैलाश जायसवाल, रेवाराम साहू सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

15-06-2019
जिला टास्क फोर्स का छापा : सड्ढू के बिस्कुट फैक्ट्री से 27 नाबालिग बच्चों को कराया रिहा

रायपुर। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. एस. भारतीदासन के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी रायपुर द्वारा जिले में बाल श्रम निषेध सप्ताह अंतर्गत के विभिन्न फेक्ट्रियों और उद्योगों में दबिश देकर 51 बाल श्रमिकों को छुड़ाया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग अशोक पाण्डेय ने बताया कि महिला बाल विकास विभाग के बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, चाइल्ड लाइन, बचपन बचाओं की टीम द्वारा बाल श्रम निषेध सप्ताह के दौरान सघन निरीक्षण किया गया।

जिले के उरला, सिलतरा, आरंग, मंदिर हसौद, भनपुरी, टाटीबंध, हीरापुर और संतोषी नगर इलाक से 18 वर्ष से कम उम्र के 24 बालक तथा आज आमासिवनी के सड्डू इलाके में बिस्कुट फैक्ट्ररी से 27 बालकों को वहां से छुड़ाते हुए सीडब्ल्युसी के समक्ष भेजा गया है। जहां से बालकों को बालगृह काउसलिंग के लिए भेजा जाएगा।

15-06-2019
जब एक बेटी पिता के लिए दुनिया से लड़ गई...यूं पहली बार मनाया गया फादर्स डे

नई दिल्ली। सोनोरा लुईस स्मार्ट डॉड नाम की 16 साल की लड़की ने फादर्स डे मनाने की शुरूआत की। दरअसल, जब वो 16 साल की थी तब उसकी मां उसे और उसके पांच छोटे भाइयों को छोड़कर चली गईं। सोनोरा और भाइयों की जिम्मेदारी उसके पिता पर आ गई। एक दिन 1909 में वह मदर्स डे बारे में सुन रही थी, तभी उसे महसूस हुआ कि ऐसा एक दिन पिता के नाम भी होना चाहिए। सोनोरा ने फादर्स डे मनाने के लिए एक याचिका दायर की। उसमें सोनोरा ने कहा कि उसके पिता का जन्मदिन जून में आता है इसलिए वो जून में ही फादर्स डे मनाना चाहती है। इस याचिका के लिए दो हस्ताक्षरों की जरुरत थी। इस वजह से उसने आस-पास मौजूद चर्च के सदस्यों को भी मनाया।

लेकिन फादर्स डे मनाने की मंजूरी नहीं मिली। लेकिन सोनोरा ने फादर्स डे मनाने की ठान ली थी, इसके लिए यूएस तक में कैंपेन किया। इस तरह 19 जून 1910 को पहली बार फादर्स डे मनाया गया। वहीं, मदर्स डे 1914 में बतौर नेशनल हॉलिडे मनाया जाने लगा था, लेकिन 1972 तक फादर्स डे को राष्ट्रिय अवकाश घोषित नहीं किया गया था। आगे सालों में प्रेजिÞडेंट वुड्रो विल्सन, कैल्विन कॉलिज और लिंडन बी जॉनसन सभी ने पिता के समर्पित इस दिन को राष्ट्रिय अवकाश घोषित करने के बारे में लिखा। आखिरकार साल 1970 में, राष्ट्रपति रिचर्ड दस्तखत कर अपनी रजामंदी दी। धीरे-धीरे फादर्स डे मनाने का ट्रेंड पूरी दुनिया में फैला। अब हर घर में हर फादर्स डे बहुत ही प्यार के साथ मनाया जाता है।

15-06-2019
बीच सड़क चीखती रही महिला, लात-बेल्ट बरसाता रहा कांग्रेसी नेता

नई दिल्ली। एक महिला को दिन-दहाड़े घर से खींचकर बाहर निकाला जाता है और फिर सड़क पर लाकर बेल्ट और लात-घूंसों से पिटाई की जाती है। उसे बचाने आई महिला को भी पीटा जाता है। सरेआम सड़क पर पीटने वाला शख्स कांग्रेस का एक नेता था। मामला पैसे के लेनदेन का बताया जा रहा है। यह घटना पंजाब के मुक्तसर शहर में घटी। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हो गया।

मुक्तसर शहर में दिनदहाड़े घर से खींच कर दो महिलाओं को सड़क पर लाकर पीटने की वारदात ने शहर को हिलाकर रख दिया है। मामला कथित पैसे के लेनदेन का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट होते ही अब बवाल मच गया है। घटना का वीडियो महिला के नौ साल के बेटे ने बनाया था। मुक्तसर में कांग्रेस पार्षद राकेश चौधरी के भाई सन्नी ने गुंडों के साथ मिलकर एक महिला की बुरी तरह पिटाई की। वह महिला से कर्ज वसूलने के बाद 23 हजार रुपए अलग से मांग रहा था। वह दो महिलाओं को घर से खींच कर सड़क पर लाता है और जमकर लात-घूंसों और बेल्ट से पिटाई करता है।

पीटने वाला शख्स कबाड़ की दुकान चलाता है और थोड़े से उधार दिए पैसे के लेनदेन को लेकर दोनों महिलाओं को घर से पकड़ कर खींच सड़क पर लाता देख रहा है अपने साथियों समेत तीन चार लोग बहुत जबरदस्त पिटाई करते हुए नजर आ रहे हैं। महिला को गंभीर जख्मी हालत में सिविल अस्पताल ले जाया जाता है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

15-06-2019
‘ग्राम रक्षा समिति’ के तहत चौपाल लगाकर ग्रामवासियों को किया गया जागरुक

धमतरी। पुलिस अधीक्षक धमतरी के निर्देशन में थाना सिहावा द्वारा पोड़ागाव एवं भीषपुरी में ‘ग्राम रक्षा समिति’ के तहत गांव के लोगों को जागरूक किया गया एवं हेलमेट लगा कर मोटर सायकिल चलाने, कार में सीट बेल्ट लगाकर चलाने के लिए जागरूक किया गया। नौकरी लगाने के नाम पर ठगी, फर्जी फोनकॉल चेहरा पहचानों इनाम जीतो फर्जी लाटरी लगने का झांसा जेवर चमकाने वाले गिरोह से दूर रहने के लिए बताया गया। शराब से होने वाले घटनाओं, गुड टच बेडटच के संबंध में जानकारी दिया गया साथ ही टॉवर लगाने के नाम पर ठगी के संबंध में भी जानकारी दी गई।

किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल फोन से थाना को सूचना देने के लिए थाना एवं पुलिस कंन्ट्रोल रूम का नंबर दिया गया। इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी विपिन कुमार लकड़ा, सहा.उप निरीक्षक राजेंद्र सोरी एवं थाने के अधिकारी, कर्मचारियों, गांव के सरपंच सहित ग्रामवासी अधिक संख्या में महिलाए एवं बच्चे भी उपस्थित रहे।

15-06-2019
कांग्रेस के भीतर बैठे दस दुश्मन

अपने पत्रकारीय जीवन में मैं ने तकरीबन ढाई दशक तक कांग्रेस के भीतर झांक-झांक कर खबरें बाहर निकालीं। उसके बाद अब कांग्रेस के भीतर काम करते-करते भी बारह बरस पूरी तरह पूरे हो गए हैं। मैं 1979 की मई में टाइम्स के बतौर प्रशिक्षु-पत्रकार बंबई पहुंचा था और उसी साल अक्टूबर में नई दिल्ली के नवभारत टाइम्स में भेज दिया गया। सातवीं लोकसभा की चुनावी चहल-पहल तब तक गरमाने लगी थी। दो-ढाई महीने बाद ही इंदिरा गांधी 353 सीटों के साथ फिर अपनी राजगद्दी पर लौट आईं। उन्हें पौने 43 फीसदी वोट मिले। करीब साढ़े आठ करोड़ मतदाताओं ने कांग्रेस के सिर पर दोबारा सेहरा बांध दिया। जनता पार्टी को पौने चार करोड़ वोट मिले। यानी कांग्रेस से आधे।

कोई चार दशक बाद आज हस्तिनापुर का दृश्य करीब-करीब वैसा ही, लेकिन उलट, है। भारतीय जनता पार्टी 303 सीट और सवा 37 फीसदी वोट ले कर राजगद्दी पर बैठी है। नरेंद्र भाई मोदी को पौने 29 करोड़ मतदाताओं ने अपना समर्थन दिया है। कांग्रेस को करीब 12 करोड़ ने। यानी भाजपा से आधे।

अब जब, कांग्रेस को बाहर से तो जो देखा-सो-देखा, भीतर से भी उसे बहुत कुछ देख लिया है; मैं इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि न तो मोदी-शाह (मोशा) की भाजपा कांग्रेस की मुसीबत है और न मोहन भागवत के स्वयंसेवक। कांग्रेस की असली मुसीबत उसके अंत:पुर की गुदगुदी शैयाओं पर पैर पसारे बैठे उसके दस दुश्मन हैं। इन्होंने सोनिया-राहुल-प्रियंका की हर पुण्याई को पिछले दो दशक में कतरा-कतरा नष्ट किया है। जब तक यह शत्रु-दल कांग्रेस के परकोटे में मौजूद है; कोई राहुल, कोई प्रियंका, कोई सोनिया कांग्रेस को आज की खाई से खंीच कर बाहर नहीं ला सकते। कोई बुरा माने-तो-माने, लेकिन आइए, कांग्रेस के इन दस दुश्मनों में से पांच से मैं आपको आज सरेआम मिलवाता हूं और बाकी पांच से आपका तआर्रुफ अगले शनिवार खुलेआम करवाऊंगा।

1. अहंकार: कांग्रेस की चाय से ज्यादा गर्म उसकी केतली है। सोनिया, राहुल और प्रियंका निजी तौर पर बेहद सहज हैं। कुछ और भी हैं, जिन्हें यह गुण अपने पारिवारिक संस्कारों से मिला होगा, सो, वे आंखें तरेर कर नहीं विचरते हैं। मगर कांग्रेसी कुर्सियों पर बैठे नब्बे प्रतिशत चेहरे बेतरह ऐंठे हुए हैं। वे ह्यमैं तो साहब बन गयाह्ण भाव से सने हुए हैं। उनके पास सिर्फ़ अपने लिए और अपनों के लिए वक़्त है। मैं ऐसों को जानता हूं, जिन्होंने मुलाकात की गुजारिश करने वालों को दो-दो-चार-चार महीनों से नहीं, दो-दो-चार-चार साल से समय नहीं दिया है। इनमें खटारा हो रहे बुजुर्ग भी हैं और डाली-डाली कूद रहे छोकरे भी। क्या आपको लगता है कि आशीर्वाद-मुद्रा में टहल रहे इन महामनाओं के रहते राहुल कांग्रेस को आज के गड्ढे से बाहर ला पाएंगे?

2. खोखले हमजोली: छल-प्रपंच रच कर कांग्रेस की भावी अगुआई का वसीयतनामा अपने नाम लिखवा कर दूसरी कतार में जम कर बैठ गए इंतजामअलियों में से तीन चौथाई पूरी तरह खोखले हैं। वे अपने-अपने निजी और पारिवारिक मंसूबे पूरे करने की ख़्वाहिश लिए कांग्रेसी नेतृत्व के इर्द-गिर्द जमा हैं। उन्हें इससे कोई मतलब है ही नहीं कि कांग्रेस का क्या होता है। वे तो कांग्रेसी हाड़-मांस-रक्त से ले कर उसके हर अंग के व्यापार की महारत हासिल कर चुके हैं। शिखर-नेतृत्व की अधिकतर संकल्पनाएं, योजनाएं और निर्देश इसी निष्ठाविहीन गुसलखाने की नाली में बह जाते हैं। क्या आपको लगता है कि इन कारोबारियों के रहते राहुल कांग्रेस को आज की सुरंग से बाहर ला पाएंगे?

3. वैचारिक दिग्भ्रम: कांग्रेस जिस वैचारिक प्रक्रिया, सामाजिक-राजनीतिक दर्शन और सांस्कृतिक मूल्यों की प्रतिनिधि मानी जाती है, उनमें जरा-सा भी भटकाव भारतीय-मानस का मन खट्टा कर देता है। ह्यसर्वत्र संबंध पालनह्ण की विद्या से अलंकृत चेहरों ने खुद को कांग्रेस के भीतर उन आलों में स्थापित कर लिया, जहां से वे नीतियों के क्षीरसागर में अपने मतलब का पानी मिलाते रह सकें। इससे कई मौकों पर कांग्रेसी-विमर्श की धार कुंद हो जाती है। अंतर्विरोध की वजह से नीतिगत सघनता में आई कमियों से जन-मानस में कांग्रेस के प्रति विश्वास दिग्भ्रमित होता है। क्या आपको लगता है कि इन स्वयंभू विचारकों के रहते राहुल कांग्रेस को वानप्रस्थी होने से बचा पाएंगे?

4. जागीरदारी प्रथा: गुलामी, जमींदारी, जागीरदारी और सामंतशाही से लडने वाली कांग्रेस अपनी सांगठनिक व्यवस्था को इन कुरीतियों से बचा कर नहीं रख पाई। नेहरू-गांधी परिवार के त्याग और योगदान को बड़ी चालाकी से वंशवादी करार दे कर देश भर में निहित-स्वार्थों ने कांग्रेस के भीतर-ही-भीतर अपने हित-साधन का एक संघीय ताना-बाना गढ़ा और अपने-अपने सत्ता-द्वीप बना कर बैठ गए। उन्होंने कांग्रेस की पूरी सियासत कभी अपने कुनबों की मुट्ठी से बाहर नहीं जाने दी। बाकी सबका काम महज जाजम बिछाने भर का रह गया। आज देश के हर राज्य में यह जागीरदारी अपने चरम पर है और कांग्रेस की पैदल-सेना हाशिए पर गुलामों की तरह बेबस खड़ी है। क्या आपको लगता है कि इस चंगेजी-व्यवस्था के रहते राहुल कांग्रेस को राजनीति के नंदन-वन की सैर करा पाएंगे?

5. पिलपिले अग्रिम-संगठन: अब से कोई पंद्रह-सोलह साल पहले मैं ने कांग्रेस सेवादल का इतिहास लिखा था, इसलिए मैं कह सकता हूं कि नारायण सुब्बाराव हार्डीकर ने 96 साल पहले, 1923 में, जब सेवादल बनाया था तो कभी यह नहीं सोचा होगा कि आगे चल कर उसका स्वरूप ह्यचाकर-सेवाह्ण का हो जाएगा। हार्डीकर के सेवादल ने तो अंग्रेजी हुकूमत की नींद उड़ा दी थी। झंडा सत्याग्रह और असहयोग आंदोलन में सेवादल की भूमिका के बारे में जिन्हें मालूम है, वे यह देख कर माथा पीटते हैं कि आज का सेवादल तो संघ-कुनबे की फूंक तक का सामना करने की हालत में नहीं है। जबकि जिन केशव बलिराम हेडगेवार ने सेवादल की स्थापना के दो साल बाद उसकी नकल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ बनाया था, वे और हार्डीकर स्कूल में साथ-साथ पढ़े थे।

संघ का आज भारत पर कब्जा है और विदेशों में भी वह धमक जमा रहा है। सेवादल पिछले दस साल से अंतिम हिचकियां ले रहा है। कमोबेश यही हालत युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और छात्र संगठन की है। देश और प्रदेशों की राजधानियों के दफ़्तरों में तो उनके कमरे गुलजार हैं, सभागारों में अग्रिम संगठनों के कर्ताधतार्ओं की व्यक्तिगत उपस्थिति की तस्वीरों से सोशल-मीडिया खदकता रहता है, मगर मैदानों में तो सूनेपन की ही सांय-सांय सुनाई देती है। इंटक जैसे मजदूर संगठन पर भी ऐसे मतलबपरस्त काबिज हो गए हैं, जिनकी दिलचस्पी श्रमिक-कर्मचारी इकाइयों को सक्रिय करने के बजाय परदेस-गमन की जुगाड़ में ज्यादा रहती है। क्या आपको लगता है कि  नियुक्ति-पत्र व्यवसाय की चपेट में आ गए ऐसे अग्रिम-संगठनों के बूते राहुल कांग्रेस को आज के दुर्दिनों से बाहर ला पाएंगे?

केंद्र से लेकर जिलों तक हर शाख पर मौजूद इस रेवड़ के बावजूद नरेंद्र भाई मोदी के खांडव-वन से सोनिया-राहुल कांग्रेस को भस्म होने से थोड़ा बचा कर यहां तक ले आए, यही क्या कम है? लेकिन यहां से आगे की नैया ऐसे नाविकों के भरोसे अब पार होने से रही! कांग्रेस की आस्तीन में आराम फरमा रही अमरबेल-प्रवृत्ति को झटकने में राहुल-सोनिया-प्रियंका ने अगर जरा भी मुरव्वत की तो यह आभासी-आवरण ऐसा चटकेगा कि फिर कोई फलसफा काम नहीं आएगा।

(लेखक न्यूज-व्यूज इंडिया के संपादक और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं।)

15-06-2019
जिला पंचायत एवं उप जेल में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

मुंगेली। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संचालित गैर संचारी रोग प्रकोष्ठ (एनसीडी) कार्यक्रम अंतर्गत गैर संचारी रोग रोकथाम एवं उपचार माह 15 मई से 15 जून 2019 तक आयोजित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सीपी आगरे, जिला कार्यक्रम प्रबंधक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्कर्ष तिवारी के निर्देशानुसार एवं गैर संचारी रोग प्रकोष्ठ सेल के नोडल अधिकारी डॉ. रवि प्रसाद देवांगन के नेतृत्व में जिला पंचायत एवं उप जेल मुंगेली में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का आयोजन किया गया।

शिविर में चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशुतोष कोसले एवं डॉ. रामजी शर्मा के द्वारा उच्चरक्तचाप, मधुमेह संबंधित जांच एवं परीक्षण कर संबंधित बीमारी के रोकथाम के लिए परामर्श दी गई। जिला पंचायत में कुल 75 लोगों का एवं उप जेल मुंगेली में कुल 94 लोगों का स्वास्थ्य जांच एवं परीक्षण किया गया। शिविर में फार्मासिस्ट पीयूष कोरी, स्टॉफ नर्स रूपाली मसीह, सहायक ग्रेड-03 टीकम सिंह सोलंकी, सोसल वर्कर विश्वनाथ चंद्राकर व बलराम साकत उपस्थित थे।

15-06-2019
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह हरनाचाका आएंगे आज

मुंगेली। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शनिवार को जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम हरनाचाका आएंगे। वे रायपुर से दोपहर 1.30 बजे कार द्वारा प्रस्थान कर अपरान्ह 3.30 बजे हरनाचाका पहुंचेंगे। हरनाचाका में 3.30 बजे से 4.30 बजे तक महाराणा प्रताप की मूर्ति का अनावरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। तत्पश्चात 4.30 बजे हरनाचाका से प्रस्थान कर 5 बजे ग्राम बोड़तरा पहुंचेंगे। वहां शाम 5 बजे से 5.45 बजे तक कार्यकतार्ओं से भेंट करेंगे। तत्पश्चात 5.45 बजे ग्राम बोड़तरा से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे।

15-06-2019
जिले में 33 हजार 792 उपभोक्ताओं को मिला बिजली बिल हॉफ का लाभ 

मुंगेली। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बिजली बिल हाफ किए जाने के निर्णय के बाद से मुंगेली जिले के 33 हजार 792 उपभोक्ताओं को बिजली बिल हाफ का लाभ मिल रहा है। जिन उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल का पूरा भुगतान कर दिया गया है। उन्हे शासन के आदेशानुसार 400 यूनिट तक के विद्युत प्रभार में 50 प्रतिशत (आधा) छूट दिया जा रहा है। सहायक यंत्री विद्युत ने आज यहां बताया कि विधानसभा मुंगेली के अंतर्गत 10 हजार 735, लोरमी के अंतर्गत 11 हजार 787 तथा विधानसभा बिल्हा के अंतर्गत 11 हजार 270 हितग्राही शामिल है। जिसे हाफ बिजली बिल छूट का लाभ दिया जा रहा है।

15-06-2019
प्राचार्यों व प्रधान पाठकों को आरटीई के अंतर्गत प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश

मुंगेली। जिला शिक्षा अधिकारी जीपी भारद्वाज ने जिले के समस्त अशासकीय शालाओं के प्रधानपाठकों/प्राचार्यों को सूचित किया गया है कि अपने स्कूल आईडी लागिन से आरटीई के अंतर्गत प्रवेशित बच्चों को प्रवेश की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करें तथा प्रवेश संबंधी हार्डकापी सहायक नोडल अधिकारी के हस्ताक्षर पश्चात जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय मुंगेली में जमा करें।

15-06-2019
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील पहल, मनीष को किडनी के ईलाज के लिए एक लाख रुपये की त्वरित सहायता

कोरबा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवदेनशील पहल पर कोरबा के 13 वर्षीय बालक मनीष को किडनी के ईलाज के लिए 1 लाख रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। कोरबा के बुधवारी बाजार (गांधी चौक) निवासी धनेन्द्र गभेल के 13 वर्षीय बालक मनीष गभेल किडनी की बिमारी से ग्रसित है। भूपेन्द्र चौधरी ने मुख्यमंत्री को ट्वीट कर यह जानकारी दी कि किडनी के ईलाज के लिए परिवार को आर्थिक सहायता की जरूरत है।

जैसे ही यह खबर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंची उन्होंने तत्काल बालक मनीष को ईलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। जिस पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा 50 हजार रुपये और सीएसपी कोरबा ठाकुर द्वारा 50 हजार रुपये की मदद दी गई। स्थानीय एसडीएम  ने एक लाख रुपये सहायता राशि मनीष के घर जाकर उनकी माता अनिता गभेल को प्रदान किया। अनिता गभेल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से उनका बेटा जल्द ही स्वस्थ्य हो सकेगा।

15-06-2019
धार्मिक अनुष्ठान का प्रसाद खाने से चार दर्जन लोग बीमार, एक बच्चे की मौत

भिंड। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के अटेर क्षेत्र के अजुद्धपुरा एवं मधैयापुरा में उल्टी-दस्त से पीडित हुए 44 लोगों में एक 6 साल के एक बच्चे की मौत हो गयी है। इन लोगों द्वारा गांव में आयोजित एक धमार्नुष्ठान के बाद भंडारे में सब्जी, पूडी और बूंदी खाई गई थी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जिले के मधैयापुरा में 12 जून को रामायण पाठ के बाद भंडारे का आयोजन किया गया था। अजुद्धपुरा एवं मधैयापुरा अगल-बगल में होने से इसमें अधिकांश गांव वालों ने प्रसाद ग्रहण किया। इनमें से कुछ लोगों को रात में और कुछ को सुबह उल्टी- दस्त की शिकायत हुई। मधैयापुरा निवासी धर्मवीर यादव की लडकी पूनम की हालत बिगडी तो वह उसे लेकर भिण्ड आ गए जबकि उनकी पत्नी रेखा, बेटा कपिल व छोटी बेटी गांव में ही रह गए जहां इन तीनों की हालत भी बिगडी। कल कपिल की मौत हो गयी। जब इसकी जानकारी गांव वालों को हुई, तब एंबुलेंस बुलवाकर रेखा व छोटी बेटी को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।

अन्य पीडितों में किसी को फूफ स्वास्थ्य केंद्र तो किसी को जिला अस्पताल लाया गया। पीडितों में बच्चे, महिलाएं व पुरुष शामिल हैं। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य महकमा हरकत में आ गया। आधा दर्जन पीडितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा अन्य का गांव में डॉक्टरों की पहुंची टीमों द्वारा इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पानी के अलावा पीडितों के स्टूल (मल) के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भिजवाए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जेपीएस कुशवाह एवं जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी अवधेश सोनी कल शाम को मधैयापुरा व अजुद्धपुरा पहुंचे। जहां पीडित और उनके परिजन से चर्चा की। ग्रामीणों से कहा कि गर्मी के दिनों में खान- पान को लेकर विशेष रूप से सावधानी बरते जाने की जरूरत है। इन दिनों में सुबह की बनी हुई सब्जी रात तक खराब होने लगती है। इससे बैक्टीरिया जल्दी गिरफ्त में लेकर बीमार कर देते हैं।

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