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03-11-2019
पंचायतों के अधिकारों पर कटौती कर रही कांग्रेस : सवन्नी

रायपुर। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता भूपेन्द्र सवन्नी ने कहा कि गौठानों के नींव से निर्माण की प्रक्रिया में जिस तरह से प्रदेश की कांग्रेस की सरकार राजनीति कर रही है वो निंदनीय है । गौठान के निर्माण के जो गौठान समिति का गठन किया गया है। उनके अधिकारों को ग्रामसभा को न देकर प्रशासनिक स्तर पर कांग्रेस सरकार ने खुद ही अपने हाथों में ले रखा है। सवन्नी ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में ग्रामसभा जैसी संस्थायें कमजोर हो रही है। केवल कांग्रेस अपने नरवा, गुरवा, धुरवा, बारी अभियान के नाम पर ग्राम पंचायतों के अधिकारों को छीनने लगी है। महात्मा गांधी का स्वप्न था कि स्वराज के माध्यम से गांव में मजबूती आये लेकिन कांग्रेस उनकी परिकल्पना को ही कमजोर करने में जुटी है। गौठान समिति के लिये जो गौठान समितियों का गठन किया जाना था उनमें अब कांग्रेसियों की ही नियुक्ति इस संस्था ने पिछले  दरवाजे से किया जा रहा है। जिसकी जितनी निंदा की जाये वो कम है। पूरे प्रदेश सहित बिलासपुर जिले में गौठान निर्माण को लेकर प्रशासनिक तंत्र जिस तरह से सरपंचों पर भय का वातावरण निर्मित कर रहा है उससे पंचायतों के काम काज पर सीधा असर पड़ रहा है। इस पूरे मुद्दे पर कांग्रेस की सरकार को  अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए कि ग्राम पंचायतों के अधिकारों यथावत रहेगा या इस तरह से अधिकारों के नाम पर प्रशासनिक आतंकवाद और बदलापुर की राजनीति जारी रहेगी।

01-10-2019
2 अक्टूबर से होगा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ

बलरामपुर। मुख्यंमत्री सुपोषण अभियान के संबंध में कलेक्टर संजीव कुमार झा ने प्रेसवार्ता कर विस्तृत जानकारी पत्रकारों के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जन्म दिवस के अवसर पर राज्य शासन द्वारा प्रदेश भर में मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सम्पूर्ण प्रदेश को कुपोषण एवं एनीमिया से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान कार्यक्रम न होकर एक जन आंदोलन और भागीदारी है, इसमें जन-जन के सहयोग के साथ-साथ पत्रकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सुपोषण अभियान के अन्तर्गत जिला स्तरीय कार्यक्रम रघुनाथनगर में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर संजीव कुमार झा ने प्रेसवार्ता में पत्रकारों से कहा कि जिले में सुपोषण अभियान के अन्तर्गत पूरक पोषण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर चयनित अतिरिक्त पौष्टिक आहार सप्ताह में 3 दिन अण्डा एवं 2 दिन केला तथा गुड़ व मूंगफली का लड्डू दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि 0 से 5 बच्चों एवं 15 से 49 वर्ष के एनीमिक महिलाओं का चिन्हांकन किया जा रहा है, ताकि उन्हें एनीमिया मुक्त किया जा सके। 

प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के साथ-साथ व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता की आवश्यकता है, उन्होंने कहा कि सुपोषण के लिए इस अभियान के माध्यम से जनता में जागरूकता आये एवं न केवल बच्चे सुपोषित हों, बल्कि पूरा परिवार सुपोषण के इस अभियान से लाभान्वित होगा। कलेक्टर ने 2 अक्टूबर के कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को खीर, 643 ग्रामों में सुपोषण रैली का आयोजन साथ ही साथ अतिरिक्ति पौष्टिक पोषण आहार का वितरण 100 नोडल अधिकारियों की उपस्थिति में किया जाएगा। 02 अक्टूबर को आयोजित ग्रामसभा में सुपोषण अभियान के विषय पर चर्चा एवं संकल्प का वाचन किया जाएगा। कलेक्टर ने कार्यक्रम की निगरानी संबंध में जानकरी देते हुए बताया कि पूरे जिले में निगरानी के लिए 100 कलस्टर बनाये गये हैं और प्रत्येक में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो कार्यक्रम की निगरानी करेगें। इसके अतिरिक्त ब्लाक लेवल में एसडीएम की अध्यक्षा में गठित कमेटी के द्वारा निगरानी किया जाएगा। प्रेसवार्ता मे महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जेआर प्रधान सहित जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

01-10-2019
पंचायतों में ग्रामसभा का आयोजन कल से, ग्रामीण बनाएंगे ग्राम विकास की कार्ययोजना

रायपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में 2 अक्टूबर से ग्रामसभा का आयोजन होगा। गांववाले इन ग्रामसभाओं में कृषि, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और बाल संरक्षण जैसे मुद्दों के साथ ही सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे। वे ग्राम विकास की योजनाओं के प्रस्ताव भी पारित करेंगे। पंचायत विभाग ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है। ग्रामसभा में ग्राम पंचायत विकास योजना (हमर गांव हमर योजना) के बारे में ग्रामीण चर्चा कर इसकी कार्ययोजना बनाएंगे। गांव में साफ-सफाई सुनिश्चित करने वहां निर्मित और निर्माणाधीन शौचालयों की समीक्षा की जाएगी। स्वच्छता के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 2 अक्टूबर को समारोह आयोजित कर सम्मानित किया जाएगा। गांवों में ग्रामसभाओं के माध्यम से गांधीवादी विचार-दर्शन का भी प्रचार-प्रसार किया जाएगा। 14वें वित्त आयोग के अंतर्गत कार्य निष्पादन अनुदान प्राप्त करने के लिए इससे संबंधित नियमों और शर्तों का वाचन भी किया जाएगा। 2 अक्टूबर से होने वाली ग्रामसभाओं में चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में माह सितम्बर तक के आय-व्यय, स्वीकृत कार्यों, उनकी लागत और व्यय का अनुमोदन कर खर्चों का उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीणों द्वारा रोजगार की मांग और वर्षा की स्थिति को ध्यान में रखकर कार्ययोजना का अनुमोदन तथा उपलब्ध कराए गए रोजगार की स्थिति की समीक्षा भी ग्रामसभा में की जाएगी। इस दौरान पेंशन योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण और हितग्राही सत्यापन तथा साप्ताहिक बाजार, मवेशी बाजार व कांजी हाउस संचालन की समीक्षा की जाएगी। ग्रामसभा में कृषि, स्वास्थ्य, पेयजल, पोषण एवं बाल संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों के साथ ही नरवा, गरवा, घुरवा और बारी योजना के क्रियान्वयन पर चर्चा की जाएगी। ग्रामसभा में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'कुपोषण मुक्त भारत' के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में बच्चों को पोषण आहार का वितरण, कुपोषण की स्थिति, टीकाकरण, अंधत्व निवारण, फाइलेरिया और डेंगू बुखार के बारे में भी चर्चा की जाएगी। 

 

28-09-2019
ग्रामसभाओं में 2 अक्टूबर से होगा मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ

रायपुर। छत्तीसगढ़ को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर प्रदेशव्यापी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। अभियान के तहत 2 अक्टूबर को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सुपोषण अभियान के संबंध में जारी संदेश का वाचन किया जाएगा। इस दिन जिला स्तर और विकासखण्ड स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्वयंसेवी संगठन, समूह की महिलाओं को आमंत्रित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेडिय़ा के निर्देशन में प्रदेश के सभी जिलों में कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए तैयारी की जा रही है। अभियान के तहत जन्म से 5 वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं सहित 15 से 49 आयु वर्ग की महिलाओं को कुपोषण और एनीमिया से आगामी 3 वर्षों में मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। अभियान का क्रियान्वयन, अनुश्रवण, मूल्यांकन और अभिलेख संधारण जिला प्रशासन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, विकासखण्ड स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच की अध्यक्षता में अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति का गठन किया जाएगा।  अभियान के लिए जन्म से 5 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन फरवरी 2019 के वजन त्यौहार में कर लिया गया है। एनीमिया पीडि़त बच्चों और महिलाओं की वास्तविक संख्या की जानकारी के लिए ग्राम पंचायतों और वार्डों में शिविर लगाया जाएगा। अभियान के तहत कुपोषण प्रभावित बच्चों और महिलाओं को आंगनबाड़ी केन्द्र में दिए जाने वाले पूरक पोषण आहार के अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर उपलब्ध और आवश्यकतानुसार पौष्टिक आहार नि:शुल्क दिया जाएगा। प्रभावितों को आयरन पोलिक एसिड, कृमिनाशक गोली देने की व्यवस्था की जाएगी। जनजागरुकता के लिए सुपोषण रथ, शिविरों और परिचर्चा का आयोजन किया जाएगा। 

26-09-2019
2 अक्टूबर से ग्राम सभा का आयोजन, सर्कुलर जारी

दुर्ग। जिले में आगामी 2 अक्टूबर से सभी ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर अंकित आनंद ने ग्राम सभाओं के आयोजन के लिए सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए है। जारी निर्देश में कहा गया है कि जनपद पंचायत स्तर पर प्रत्येक ग्राम में ग्रामसभा आयोजित करने के लिए एक समय सारिणी निर्धारित की जाएगी, ताकि एक तिथि में किसी ग्राम पंचायत के एक ही ग्राम में ग्राम सभा का आयोजन किया जा सके। इस प्रकार की व्यवस्था से विशेषकर सरपंच एवं सचिव उस ग्राम सभा की बैठक में आसानी से उपलब्ध रह सकेंगे। ग्राम सभा की बैठक के लिए समय निर्धारण में सावधानी बरती जाएगी ताकि ग्रामीणजन सुगमतापूर्वक ग्राम सभा में उपस्थित हो सके। आयोजित ग्राम सभा में ग्राम पंचायत विकास योजना, हमर गांव हमर योजना के निर्माण के संबंध में विस्तृत जानकारी एवं चर्चा की जाएगी। विभिन्न कार्यक्रमों के तहत ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रमों को प्रोत्साहित करने के लिए घरों में निर्मित निर्माणाधीन शौचालय की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान एवं कार्य करने वाले व्यक्ति/संगठन/संस्था को समारोहपूर्वक सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर चैक-चैराहों एवं मूर्तियों की साफ-सफाई का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जल शक्ति अभियान अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन के उपायों पर चर्चा किया जाएगा। नरवा-गरूवा-घुरवा-बाड़ी के निर्माण पर चर्चा की जाएगी।  पूर्व बैठकों में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी पालन प्रतिवेदन का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। पंचायतों के विगत तिमाही के आय-व्यय की समीक्षा की जाएगी। चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्य के नाम, प्राप्त राशि, स्वीकृत राशि, व्यय राशि एवं कार्य की अद्यतन स्थिति का वाचन किया जाएगा। सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन किया जाएगा। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन एवं गतिविधियों की जानकारी ग्रामवासियों को दी जाएगी। स्वामी आत्मानंद वाचनालय के संचालन के संबंध में चर्चा की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए आवश्यक दवाईयां उपलब्ध कराने के संबंध में चर्चा की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे योजना कुपोषण मुक्त भारत हेतु की जा रही गतिविधियों पर चर्चा की जाएगी। बाल उत्पीड़न एवं अन्य दुष्परिणामों के रोकथाम हेतु चर्चा की जाएगी। 

03-09-2019
ग्रामीणों ने छात्रावास की अधीक्षिका पर लगाया मनमानी का आरोप 

राजनांदगांव। जिले के वनांचल क्षेत्र मानपुर ब्लाक के ईरागाँव में छात्रावास अधीक्षिका त्रिसंध्या कांडे की मनमानी को लेकर ग्रामीणों ने पिछले 1 सप्ताह से  मोर्चा खोल दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर क्षेत्र के विधायक से इसकी लिखित शिकायत की गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि अधीक्षिका का बर्ताव गांव के लिए ठीक नहीं है। शिकायती ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि ईरागांव की बालिका छात्रावास में पदस्थ अधीक्षिका त्रिसंध्या काण्डे द्वारा स्वयं नियम कानून बना कर मनमानी की जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अधीक्षिका ने बिना ग्रामसभा के अनुमोदन के हास्टल मे दो स्वीपर को नियुक्ती दे दी है। इसके बारे में जब ग्राम सभा में अधीक्षिका से पूछा गया तो उन्होंने जवाब में कहा कि वह पंचायत एवं ग्राम वासियों को नहीं मानती वह स्वयं के मानदेय पर उपरोक्त स्वीपर को  हास्टल मे नियुक्त की है। अपनी शिकायत में ग्रामीणों ने आगे कहा की सरपंच, पंच, पटेल द्वारा छात्रावास के जांच एवं छात्राओं के रहन-सहन खानपान की जानकारी लेने जाते हैं तो उन्हें हॉस्टल में प्रवेश नहीं देतीनहीं  


छात्रावास को पति ठेकेदार के लिए बनाया गोदाम
ग्रामीणों ने बताया कि हॉस्टल अधीक्षिका का पति विनय कांडे ठेकेदार है और गाँव मे सीसी रोड का निर्माण कर रहा है निर्माण कार्य के सीमेन्ट व अन्य सामग्री कन्या छात्रावास के कमरे को गोदाम बनाकर उपयोग किया जा रहा है जब इसका ग्रामीणों द्वारा विरोध किया गया तो अधीक्षिका ने ग्रामीणों से दुर्व्यवहार किया ।


अधीक्षिका की मनमानी से छात्राएं सुरक्षित नही
सीसी रोड निर्माण कार्य के लिए छात्रावास को अधीक्षिका और उसके पति द्वारा गोदाम बना कर उपयोग किया जा रहा है वही छात्रावास मे दिन रात बाहरी तत्वों का आना जाना  लगा रहता है ग्रामीणों को आशंका है कि ऐसे में कभी भी छात्राओं के साथ अप्रिय घटना हो सकती है ।

 

 

कार्रवाई नहीं हुई तो नहीं भेजेंगे स्कूल मे बच्चे
ईरागांव के ग्रामीण छात्रावास अधीक्षिका त्रिसंध्या के खिलाफ लामबंद होते हुए प्रशासन को सीधे धमकी दे डाली है कि अगर अधीक्षिका के ऊपर कार्रवाई तय नहीं की गई तो वे अपने गांव के स्कूल में बच्चो को पढ़ने नहीं भेजेंगे। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी मानपुर एन. के. निरापुरे से इस विषय  पर कहा कि ग्रामीणों की शिकायत को अग्रिम कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा गया है ।

19-08-2019
ग्रामसभा का आयोजन कल से, कलेक्टर ने दिए जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देश

मुंगेली। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने जनपद पंचायत मुंगेली, लोरमी एवं पथरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20 अगस्त से ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। ग्रामसभा में जनपद पंचायतवार प्रत्येक ग्राम पंचायत एवं उनके आश्रित गांवों में ग्रामसभा का आयोजन करने के लिए समय सारिणी तैयार कर ली जाए। ताकि एक तिथि में किसी ग्राम पंचायत के एक ही ग्राम में ग्रामसभा का आयोजन हो सके। इस प्रकार की व्यवस्था से विशेषकर सरपंच एवं सचिव उस ग्रामसभा की बैठक में आसानी से उपलब्ध रह सकेंगे। ग्रामसभा आयोजन के लिए स्थानीय आवश्यकता अनुसार अधिकारियों-कर्मचारियों को विशेष जिम्मेदारी दी जाए। कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामसभा के पूर्व बैठक में पारित संकल्पों के क्रियान्वयन संबंधी पालन प्रतिवेदन का वाचन किया जाए। ग्राम पंचायतों द्वारा पूर्व में अधिरोपित करों की वसूली-बकाया सूची का वाचन, पंचायतों के वर्तमान अधिकारियों तथा अधिकारी-कर्मचारियों जिनसे पंचायतों के लेखा-हिसाब लेना है, अथवा बकाया राशि है, उनके नामों का वाचन, ग्राम पंचायत या अन्य एजेन्सी द्वारा ग्राम पंचायत परिक्षेत्र में निर्मित परिसम्पत्तियों के निर्माण से संबंधित आय-व्यय एवं कराए गए कार्यों का वाचन कर सामाजिक अंकेक्षण कराया जाए। सामाजिक सहायता कार्यक्रम अंतर्गत संचालित पेंशन योजनाओं का सामाजिक अंकेक्षण एवं हितग्राहियों का सत्यापन कराने की कार्यवाही की जाए। साप्ताहिक बाजार, मवेशी बाजार, कांजी हाउस की स्थापना के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाए। ग्राम पंचायत विकास योजना (हमर गांव हमर योजना) के निर्माण के संबंध में चर्चा की जाए। श्रद्धांजलि योजना के पात्रता और मिलने वाले लाभ का प्रचार-प्रसार किया जाए। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पोषण अभियान के संबंध में चर्चा की जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाये जा रहे 'कुपोषण मुक्त भारत'के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए पोषण आहार का वितरण, कुपोषण की स्थिति, टीकाकरण, अंधत्व निवारण, फाईलेरिया, डेंगू बुखार से पीडि़तों के संबंध में चर्चा की जाए तथा बच्चों की देख-रेख एवं संरक्षण हेतु प्रचलित अधिकारों-नियमों की जानकारी दी जाए। ग्रामसभा का आयोजन सुचारू रूप से संपन्न कराकर संकलित जानकारी जिला पंचायत कार्यालय को उपलब्ध कराने निर्देश दिए गए हंै।

15-06-2019
अब ग्राम सभा को दिए जाएंगे वन प्रबंधन के अधिकार

 

धमतरी। पंचायती राज को और सशक्त करने के लिए ग्रामसभा को संयुक्त वन प्रबंधन समिति के  नियंत्रण का अधिकार देने के उद्देश्य से शनिवार को जिले में कार्यशाला सह परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसमें वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत सामुदायिक वन संसाधन के क्रियान्वयन के लिए प्रशासनिक प्रादर्श विकसित करने के संबंध में द्विपक्षीय चर्चा की गई। इसमें दिल्ली से आई अधिकारियों की टीम ने जिले की वन अधिकार समितियों एवं वन प्रबंधन समितियों के पदाधिकारियों से प्रत्यक्ष तौर पर चर्चा की। टीम में वानिकी एवं जैव-विविधता प्रभाग के निदेशक जेव्ही शर्मा (रिटायर्ड आईएफएस), अशोक पाई पूर्व संयुक्त सचिव, आदिवासी विकास मंत्रालय, डाॅ. रेखा पाई (रिटायर्ड आईएफएस) सहित डाॅ. योगेश गोखले शामिल थे। साथ ही कलेक्टर रजत बंसल एवं प्रशिक्षु आईएफएस मयंक अग्रवाल कार्यशाला में उपस्थित रहे।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए टीम के निदेशक श्री शर्मा ने वन समितियों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया कि राष्ट्रीय वन नीति के तहत वास्तविक वन निवासियों को परम्परागत आजीविका के निर्वाह के लिए वन अधिकार अधिनियम-2006 की अंतर्गत अधिकार प्रदान किए गए हैं। अधिनियम के अधीन वन पर आश्रित रहने वालों को जीविकोपार्जन के लिए सामुदायिक और व्यक्तिगत वनाधिकार मान्यता पत्र शासन द्वारा वितरित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत वन पट्टे की मांग और वितरण होते रहे हैं, किन्तु शासन का फोकस अब सामुदायिक अधिकार पत्र प्रदान करने पर है। श्री शर्मा ने आगे कहा कि सामुदायिक पट्टों के वितरण के लिए ग्रामसभा को स्वत्वाधिकार प्रदान करने के संबंध में जनजागरुकता बेहद जरूरी है। लोग अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों के प्रति भी जागरुक बनें तो वनसम्पदा का संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इन्हीं बिन्दुओं पर सकारात्मक चर्चा करने वन निवासियों से उनका पक्ष एवं अभिमत जानने के लिए उक्त कार्यशाला का आयोजन किया गया है, कि हवा, पानी और पर्यावरण का समुचित व संतुलित विदोहन के लिए शासन द्वारा किस प्रकार का नीति-निर्माण एवं निर्धारण किया जाए। टीम के सदस्य अशोक पाई ने पारम्परिक वनों का इस्तेमाल और जीविकोपार्जन के मध्य पारिस्थितिकी संतुलन के बारे में संक्षिप्त चर्चा की। ़
टीम में शामिल रेखा पाई ने कार्यशाला में ग्लोबल वाॅर्मिंग, पर्यावरण असंतुलन और आने वाले समय में पानी के लिए वनों की महती आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए जल संरक्षण के लिए जंगल के अस्तित्व की अनिवार्यता के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्री बंसल ने वन अधिकार एवं वन प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों से परिचय प्राप्त कर उनकी कार्यशैली तथा समिति के दायित्वों व कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने जंगल बचाने के लिए समितियों द्वारा की जाने वाली कवायद के बारे में भी इस दौरान जानकारी ली। बैठक में उपस्थित प्रशिक्षु आईएफएस श्री अग्रवाल ने वन समितियों के संचालन एवं क्रियान्वयन तथा इस दौरान आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों के बारे में अध्यक्षों व सचिवों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामुदायिक वन अधिकार के संबंध में वन समितियों को ग्रामसभा के जरिए स्वत्वाधिकार सौंपे जाने से व्यापक जिम्मेदारियां आएंगी, अतः समितियां अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने दायित्वों का निर्वहन बखूबी से करे, इसके लिए उन्हें जागरूक होना होगा, जिससे सही मायने में पंचायती राज को सशक्त बनाया जा सके। वनों को प्राथमिकता से बचाने से लेकर वास्तविक हितग्राही को आजीविका हेतु भूमि दिए जाने तक अनेक दायित्वों का निर्वहन करना होगा और वन विभाग सहित संबंधित विभाग इस कार्य में परस्पर सहयोग करेंगे। 
बैठक में मौजूद वन अधिकार समिति एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों व सचिवों ने अपने व्यक्तिगत विचार तथा अनुभव साझा किए। कुछ सदस्यों ने जैविक खेती के माध्यम से जंगल बचाने की बात कही, तो किसी ने अतिक्रमण हटाने पर जोर दिया। इसी प्रकार ग्रामसभा को एफआरए के तहत पट्टा वितरण एवं अन्य दायित्व सौंपे जाने के संबंध में अधिकांश समिति के सदस्यों ने इस बात की पैरवी की कि सचिव के तौर प्रशासनिक अमला यानी वन विभाग के कर्मचारी का होना आवश्यक है, जिससे प्रशासनिक कार्यों को समझने में आसानी हो। इसके अलावा विभिन्न समितियों के सदस्यों ने अपना-अपना अभिमत कार्यशाला में व्यक्त किया। इस पर टीम के श्री शर्मा ने सभी सदस्यों के सुझावों का स्वागत करते हुए प्रशासन को जमीनी स्तर की समस्याओं व सलाहों को अवगत कराने के लिए आश्वस्त किया। इस अवसर पर तीनों अनुविभाग के अनुविभागीय अधिकारी, वन विभाग तथा आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

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