GLIBS
06-04-2020
भारत में कोरोना से 24 घंटे में 27 की मौत, मरने वालों का आंकड़ा 100 के पार

नई दिल्ली। देश में जानलेवा कोरोना वायरस थमनें का नाम नहीं ले रहा है। नोवेल कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या में दिन पर दिन इजाफा होता जा रहा है। कोविड-19 का कहर भारत में भी लगातार बढ़ता जा रहा है। देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्य 100 के पार पहुंच गई है, जिसके बाद भारत में कोविड-19 का संकट गहरता जा रहा है। पिछले 24 घंटे में इस बीमारी से 27 लोगों की मौत हो गई है। वहीं अब तक इस बीमारी की चपेट में आने से 109 लोग मारे जा चुके हैं। बता दें कि पूरे देश में रविवार को 27 मरीजों की मौत हुई, जो कि एक दिन में कोरोना के कारण होने वाली सबसे ज्यादा मौत हैं। कोरोना वायरस से भारत में अब तक 3577 लोग संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि 274 लोग इससे ठीक होकर अपने घर भी लौट चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कल बताया कि निजामुद्दीन मरकज का मामला नहीं आता तो भारत में कोविड-19 की रफ्तार बहुत धीमी हो गई थी।

03-04-2020
कोरोना से लड़ने के लिए विश्व बैंक भारत को देगी एक अरब डॉलर की सहायता

नई दिल्ली। भारत को कोरोना वायरस से निपटने के लिए विश्व बैंक ने बड़ा फैसला लिया है। विश्व बैंक ने गुरुवार को विकासशील देशों को तत्काल मदद देते हुए भारत को एक अरब डॉलर की आपातकालीन आर्थिक मदद देना का एलान किया है। बैंक के कार्यकारी निदेशक इस संबंध में एक प्रस्ताव पर सहमति जताई है। बता दें कि विश्व बैंक ने आर्थिक मदद के तौर पर पहले चरण में 25 देशों को विशेष आपातकालीन मदद देने का एलान किया है। इसके बाद वे और 40 देशों की मदद करेंगे। इसके तहत पहले चरण में अफ्रीका, पूर्वी एशिया और पेसिफिक, दक्षिण एशिया, यूरोप और केंद्रीय एशिया, मध्यपूर्व और उत्तरी अफ्रीका के कई देश शामिल होंगे। भारत भी इनमें से एक है। आपातकालीन वित्तीय सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा भारत को दिया जाएगा जो एक अरब डॉलर का होगा। विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशकों के मंडल ने दुनियाभर के विकासशील देशों के लिए आपात सहायता के पहले सेट को मंजूरी दी।

02-04-2020
भारत में कोरोना से अब तक 50 की मौत, संक्रमितों की संख्या हुई 1965 

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस ‘कोविड-19’ के संक्रमण से अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1965 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस का प्रकोप देश के 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में फैल चुका है और अब तक इसके 1965 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 49 विदेशी मरीज भी शामिल हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण से देशभर में अब तक 50 लोगों की मौत हुई है जबकि 151 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।

महाराष्ट्र, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में संक्रमण के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। दिल्ली में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 152 हो गई है। कोरोना महामारी से महाराष्ट्र में 13, गुजरात और मध्य प्रदेश में छह-छह, पंजाब में चार, कर्नाटक, तेलंगाना, और पश्चिम बंगाल में तीन-तीन, दिल्ली, केरल, जम्मू-कश्मीर एवं उत्तर प्रदेश में दो-दो, बिहार, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

29-03-2020
टीएस सिंहदेव ने दक्षिण कोरिया के राजदूत से कोविड-19 नियंत्रण की रणनीति की ली जानकारी

रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने रविवार को भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत शिन बॉग-किल से फोन पर चर्चा कर दक्षिण कोरिया द्वारा कोविड-19 के सफल नियंत्रण की रणनीति की जानकारी ली। उन्होंने किल से वहां कोविड-19 के संक्रमण को रोकने और पीड़ितों के इलाज के लिए किए गए उपायों सहित अस्पतालों में गई त्वरित व्यवस्था की भी जानकारी ली। सिंहदेव ने उन्हें इस बीमारी पर नियंत्रण के लिए छत्तीसगढ़ में त्वरित गति से उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया। किल ने यहां सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को सही दिशा में जाता कदम बताया। उल्लेखनीय है कि दक्षिण कोरिया कोविड-19 के सबसे बेहतर प्रबंधन एवं नियंत्रण में सफलता पाने वाला अग्रणी देश है।

स्वास्थ्य मंत्री ने एम्स रायपुर के निदेशक डॉ.नितिन नागरकर से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से चर्चा कर वहां कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी ली। डॉ. नागरकर ने बताया कि एम्स में 200 लोगों के इलाज के लिए अलग से विशेष यूनिट तैयार किया जा रहा है। सिंहदेव ने वहां उपचाररत कोरोना पाजिटिव्ह पाए गए मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने विभागीय सचिव निहारिका बारिक सिंह, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला से भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए चर्चा कर प्रदेश में युद्ध स्तर पर कोविड-19 से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल स्टॉफ के लिए मुहैया कराए जा रहे मास्क व व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरणों की आपूर्ति और अस्पतालों में वेंटीलेटर्स के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने स्कूलों और छात्रावासों की साफ-सफाई करवाकर आपात स्थिति से निपटने की दिशा में भी तैयारियों के निर्देश दिए। सिंहदेव ने स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ.योगेश जैन से भी प्रदेश में कोविड-19 के नियंत्रण एवं रोकथाम के संबंध में चर्चा की।

29-03-2020
राहुल गांधी ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र, मजदूरों के पलायन को लेकर की चिंता जाहिर

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। तीन पन्नों के पत्र में राहुल ने लॉकडाउन का समर्थन किया है। पत्र में उन्होंने मजदूरों के पलायन को लेकर चिंता जाहिर की है। राहुल ने कहा कि हम सभी इस संकट के समय वायरस के खिलाफ सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परिस्थिति अलग है। हमें दूसरे देशों की लॉकडाउन रणनीति से इतर कदम उठाने होंगे। राहुल ने कहा कि हमारे देश में दिहाड़ी पर काम करने वाले गरीब लोगों की संख्या ज्यादा है इसलिए हम आर्थिक गतिविधियों को बंद नहीं कर सकते। पूरी तरह से आर्थिक बंदी के कारण कोविड-19 वायरस से होने वाली मृत्यु दर बढ़ जाएगी।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे 'राष्ट्रव्यापी देशबंदी का हमारे लोगों, हमारे समाज और हमारी अर्थव्यवस्था पर पड़े संभावित प्रभाव' पर दोबारा विचार करें। उन्होंने कहा कि 'अचानक हुई देशबंदी से दहशत और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई' जिसके कारण बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अपने घर वापस जाने की कोशिश कर रहे हैं। राहुल ने पत्र में लिखा है कि हमारे यहां रोज की कमाई पर निर्भर रहने वाले गरीब लोगों की संख्या काफी ज्यादा है। इसलिए एकतरफा कार्रवाई करके सभी आर्थिक गतिविधियों को बंद नहीं कर सकते हैं। आर्थिक गतिविधियों को बंद कर देने से कोविड-19 की तबाही और बढ़ जाएगी।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी से आग्रह किया कि वे सामाजिक सुरक्षा जाल को मजबूत करें और गरीब मजदूरों की मदद और उन्हें आश्रय देने के लिए सार्वजनिक संसाधनों का उपयोग करें। उन्होंने सरकार द्वारा घोषित किए गए वित्तीय पैकेज को एक अच्छा पहला कदम बताते हुए उसके जल्द से क्रियान्वयन का आह्वान किया। उन्होंने वायरस के प्रभाव और आर्थिक बंदी से प्रमुख वित्तीय और रणनीतिक संस्थानों के आसपास रक्षात्मक दीवार स्थापित करने का सुझाव दिया। राहुल ने कहा कि हमारी प्राथमिकता बुजुर्गों और इस वायरस से ज्यादा खतरा झेल रहे कमजोर लोगों को बचाने और उन्हें आइसोलेट करने की होनी चाहिए। सरकार की तरफ से अचानक लॉकडाउन की घोषमा करने से दहशत और भ्रम की स्थिति पैदा हुई। हजारों प्रवासी मजदूर अपने किराए के घरों को छोड़ने को मजबूर हो गए हैं क्योंकि अब वे किराया नहीं दे सकते। इसलिए सरकार तुरंत कदम उठाए और उन्हें किराया देने के लिए रकम मुहैया कराए। लॉकडाउन की वजह से हजारों प्रवासी मजदूर पैदल अपने घरों की तरफ निकल पड़े हैं और अलग-अलग राज्यों की सीमाओं पर फंस गए हैं। हमें उनसे बात करके, उन्हें विश्वास में लेकर समय पर कदम उठाने की आवश्यकता है।

 

28-03-2020

रायपुर। कभी सड़कों पर जगह-जगह एक नारा लिखा नज़र आता था "अनुशासन ही देश को महान बनाता है"। तब इस नारे का हर तरफ मजाक उड़ाया जाता था। अनुशासन के लिए कहा जाता था कि यह भारत के लिए बना ही नहीं है। अनुशासन नाम की चिड़िया भारत में नहीं पाई जाती। अनुशासनहीनता के जितने चुटकुले भारत में बनते थे भारत के लिए बनते थे उतने किसी और देश के लिए कभी नहीं बने होंगे। लेकिन आज अनुशासन देश को महान बनाएं ना बनाएं कोरोना के खिलाफ लड़ाई में विजयी बनाता दिख रहा है। आत्मानुशासन ने लोगों को घरों में कैद रखने की आदत डाल दी है। लोग घर से बाहर बेवजह नहीं निकल रहे हैं। और इसी कारण कोरोना के संक्रमण में बहुत तेजी से इजाफा नहीं हो रहा है। उसके संक्रमण की संख्या अन्य देशों की तुलना में काफी कम नजर आ रही है। आज अनुशासन ही देश को बचा रहा है। और कोरोना के जाने के बाद अगर देश में यही अनुशासन बना रहता है तो इसमें कोई शक नहीं भारत को एक महान देश बनने से कोई नहीं रोक सकता।

26-03-2020
दिव्यांग ड्राइवर 160 किलोमीटर पैदल चलकर बिहार से पहुंचा छत्तीसगढ़

रामानुजगंज। पूरे भारत में लॉकडाउन होने के कारण दिव्यांग ट्रक ड्राइवर कपड़ा एवं अन्य सामान बैग में लेकर औरंगाबाद बिहार से 160 किलोमीटर पैदल चल गुरुवार को रामानुजगंज पहुंचा। फिर वह बाइक से अपने गृह ग्राम चन्द्रनगर गया। ग्राम चंद्रनगर का दिव्यांग एनुल पिता सुल्तान अंसारी उम्र 26 वर्ष ट्रक ड्राइवर है,जो लॉकडाउन के पहले ट्रक में क्लिंकर लोड कर औरंगाबाद बिहार गया था। परंतु लॉकडाउन के कारण औरंगाबाद में ही फंस गया था। इसके बाद वह बुधवार की सुबह 9 बजे के करीब औरंगाबाद से पैदल चला था,जो रास्ते में रुकते हुए गुरुवार दोपहर 2 बजे के करीब रामानुजगंज पहुंचा। यहां से अपने परिचित के साथ बाइक से अपने गृह ग्राम गया। दिव्यांग एनुल ने बताया कि 2 दिनों तक खाना कहीं नहीं मिला। अपने पास रखें मिक्चर, बिस्किट से ही दो दिन गुजारा किया।

 

25-03-2020
भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या पहुंची 562, अब तक 11 लोगों की मौत

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है, वहीं दुनिया के कई देश इस वायरस की चपेट में हैं। भारत में भी कोविड-19 का कहर बढ़ता जा रहा है। कोरोना के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पीएम मोदी ने संपूर्ण लॉकडाउन का एलान किया है। अब तक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर बुधवार को 562 हो गए, जबकि मरने वालों की संख्या 11 हो गई है। आंकड़ों के अनुसार कोरोना वायरस से पीड़ित 512 लोगों का अभी उपचार चल रहा है जबकि 41 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई या वे देश से बाहर चले गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस आंकड़े में 43 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार कोविड 19 के सर्वाधिक मामले अभी तक केरल में सामने आए हैं। केरल में 109 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं, जिनमें आठ विदेशी नागरिक हैं। इसके बाद महाराष्ट्र में 101 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें तीन विदेशी नागरिक हैं।

23-03-2020
24 मार्च विश्व क्षयरोग दिवस: टीबी से विश्‍व में हर दिन 4000 तो भारत में 1000 की जाती है जान

रायपुर। विश्‍व क्षयरोग दिवस प्रत्येक वर्ष 24 मार्च को मनाया जाता है। इससे इस वैश्विक बीमारी को खत्म करने के प्रयासों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बनाने के लिए मनाया जाता है। क्षयरोग यानी टीबी ऐसा गंभीर रोग है,जिसे शुरुआती चरण में ही पहचानकर इलाज किया जाना आवश्यक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की 27 फीसदी टीबी के मामले भारत में हैं। टीबी की बीमारी भारत की एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। इस बीमारी से प्रत्येक तीन मिनट में दो भारतीय और रोजाना 1000 लोगों की जान चली जाती है।
टीबी दुनिया का सबसे घातक संक्रामक रोग है। इससे विश्‍व में प्रत्येक दिन 4000 से अधिक लोग टीबी से अपनी जान गंवाते हैं और 30,000 से अधिक लोग इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं। टीबी से निपटने के वैश्विक प्रयासों ने वर्ष 2000 से अब तक अनुमानित 5.80 करोड़ लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
 
प्रदेश में 33,000 टीबी के नए मरीज मिले

छत्‍तीसगढ राज्‍य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘2023 तक टीबी मुक्त राज्‍य बनाने की कार्ययोजना तैयार की है। टीबी की खोज के लिए घर-घर जाकर स्‍वास्‍थ्‍य कार्यकर्ता व मितानिन के माध्यम से पहचान किया जा रहा है। इसके अलावा हाटबाजार में स्‍वास्‍थ्‍य शिविर लगाकर भी संबंधित मरीज का सेंपल की जांच सीबीएनएएटी से की जा रही है। राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संसाधन केंद्र के कार्यकारणी निदेशक डॉ.प्रबीर चटर्जी ने बताया प्रदेश के सभी जिलों से वर्ष 2019-2020 में मार्च महीने तक 1.59 लाख से अधिक संदिग्‍ध मरीजों का स्‍पेंल जांच किये गए जिसमें से 32,994 टीबी के मरीज मिले। इसमें 10,140  मरीजों को टीबी की दवाई देकर ठीक कर लिया गया। इसके अलावा जांच के दौरान 364 टीबी के मरीज में एचआईबी पॉजेटिव और 351 मरीज टीबी एमडीआर के मिले। डॉ.चटर्जी के अनुसार प्रदेश में लगभग 40,000 टीबी के मरीज होने काअनुमान हैं। टीबी के मरीजों को मुख्‍यमंत्री पोषण योजना के तहत सोयाबीन का तेल, दूध पाउडर, मुंगफल्‍ली हर महीने स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों के माध्‍यम से प्रदान किया जाता है।
 
 कैसे होता है फैलाव

सीएमएचओ डॉ मीरा बघेल ने बताया टीबी के बैक्टीरिया सांस द्वारा सांस द्वारा फेफड़ों में पहुंच जाते हैं जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकने के समय बलगम व थूक की बहुत ही छोटी-छोटी बूंदें हवा में फैल जाती हैं,जिनमें उपस्थित बैक्टीरिया कई घंटों तक हवा में रह सकते हैं और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस लेते समय प्रवेश करके रोग पैदा करते हैं। इनके संक्रमण से फेफड़ों में छोटे-छोटे घाव बन जाते हैं। यह एक्स-रे द्वारा जाना जा सकता है, घाव होने की अवस्था के सिम्टम्स हल्के नजर आते हैं। यदि व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कमजोर हो तो इसके लक्षण जल्द नजर आने लगते हैं।
 
 टीबी (क्षयरोग) के लक्षण
1. लगातार 3 हफ्तों से खांसी का आना और आगे भी जारी रहना।
2. खांसी के साथ खून का आना।
3. छाती में दर्द और सांस का फूलना।
4. वजन का कम होना और ज्यादा थकान महसूस होना।
5. शाम को बुखार का आना और ठंड लगना।
6. रात में पसीना आना।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804