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13-06-2019
अपराधी को है अपना पक्ष रखने का अधिकार, केस लडऩे से वकील नहीं कर सकते इनकार 

नैनीताल। उत्तराखण्ड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा कि अगर कोई मुझे भी गोली मारता है तो भी आप अदालत में आरोपी का प्रतिनिधित्व करने से इनकार नहीं कर सकते। यहां तक कि कसाब को भी अदालत में प्रतिनिधित्व से वंचित नहीं किया गया था। चीफ जस्टिस ने यह टिप्पणी कोटद्वार में एक वकील की हत्या के आरोपी का केस लडऩे से वकीलों के इनकार किए जाने के विरोध में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। बता दें कि 2017 में कोटद्वार में अधिवक्ता सुशील रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी जिसमें पुलिस ने 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजा था।

कोटद्वार बार एसोसिएशन ने आरोपियों का केस न लडऩे का प्रस्ताव पास कर दिया था। आरोपी कुलदीप अग्रवाल की भी जमानत याचिका कोर्ट में सुनवाई के लिए आई तो उसका भी अधिवक्ताओं ने विरोध किया। अधिवक्ताओं द्वारा पारित प्रस्ताव को गलत बताते हुए कुलदीप अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। आज हाईकोर्ट ने पूरे मामले पर नाराजगी जताते हुए कोटद्वार बार एसोसिएशन को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया, उत्तराखण्ड बार काउंसिल को भी जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ता के वकील कार्तिकेय हरि गुप्ता कहते हैं कि नैनीताल हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने कई बार आदेश पारित किए हैं कि किसी भी अभियुक्त को अपना पक्ष रखने का अधिकार होता है। उन्होंने कहा कि अदालत बार काउंसिल के ऐसा प्रस्ताव पारित करने से काफी नाराज थी। किसी भी आरोपी को मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत दोषी करार देती है। वकीलों को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं है और न ही वह इससे इनकार कर सकते हैं।

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