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20-03-2020
काम नहीं आई तिकड़में, कानूनी दांव पेंच और दुष्प्रचार, सब पर भारी पड़ा साथियों का असन्तोष, ले डुबा सरकार

भोपाल/रायपुर। तमाम राजनीतिक और कानूनी दांवपेच के बावजूद कमलनाथ अपनी सरकार बचाने में नाकाम नजर आ रहे हैं। उनके संकट मोचन व खास सिपहसलार दिग्विजय सिंह ने तो फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। और यह भी मान लिया है कि वे अपने बागी विधायकों से संपर्क करने में नाकाम रहे। यानी कल तक जो उनकी पार्टी के सदस्य थे उन्होंने कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से बात तक करना जरूरी नहीं समझा। आखिर ऐसी क्या वजह थी जो इतनी कड़वाहट उनके बीच आ गई। उनका असंतोष ना केवल पार्टी बल्कि सरकार को भी ले डूबा है मध्यप्रदेश में। अब सभी राजनीतिक दलों को इस बात पर भी गौर करना पड़ेगा कि पार्टी के भीतर के असंतोष को हल्के में ना लिया जाए। अगर साथियों की अनदेखी की कीमत सरकार गवा कर चुकानी पड़े तो यह किसी भी सूरत में फायदेमंद सौदा नजर नहीं आता। बहरहाल कमलनाथ की सारी तिकड़में कानूनी दांवपेच सब बेकार जाते नजर आ रहे हैं। उनके दुष्प्रचार का हथियार भी बेअसर ही साबित हुआ है। और धन के दुरुपयोग का आरोप तो अब राजनीतिक पार्टियों को एक दूसरे पर लगाना ही नहीं चाहिए क्योंकि कोई दूध का धुला नहीं है।

20-03-2020
फ्लोर टेस्ट से पहले ही हार मान ली दिग्विजय सिंह ने,यानी कमलनाथ सरकार का जाना तय

भोपाल/रायपुर। कमलनाथ सरकार का जाना अब लगभग तय हो गया है। दिग्विजय सिंह ने फ्लोर टेस्ट के पहले ही हार मान ली है। उन्होंने भाजपा पर धनबल के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। और यह भी माना है कि उनके पास पर्याप्त आंकडा नहीं है। उनका यह कहना है कि बागी विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसलिए उनकी सरकार का बचना मुश्किल लग रहा है। यानी कुल मिलाकर देखा जाए तो कमलनाथ सरकार का जाना तय हो गया है। उनकी हार तय है। संभवत वे फ्लोर टेस्ट से पहले ही इस्तीफा दे दें। कुल मिलाकर देखा जाए तो फायदे में शिवराज सिंह है। उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया  क्या संतोष की नैया पर सवार होकर सिंहासन तक पहुंचने का मौका मिल गया है।

11-03-2020
दिग्विजय ने सिंधिया के इस्तीफे पर कहा- उन्हें नहीं किया गया था दरकिनार

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में सियासी संग्राम दिलचस्प मोड़ पर है। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार के कई विधायकों ने इस्तीफा दिया है। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा। कांग्रेस छोड़ने के बाद चर्चाएं शुरू हो गईं कि पार्टी सिंधिया को दरकिनार कर रही थी। इस तरह की कयासबाजी का जवाब दिग्विजय सिंह ने दिया है। 

दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा कि दरकिनार किए जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि कृपया ग्वालियर चंबल संभाग से विशेष रूप से मध्यप्रदेश के किसी भी कांग्रेस नेता से पूछें तो आपको पता चलेगा कि पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना इस क्षेत्र में कुछ भी नहीं हुआ। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।

11-03-2020
डैमेज कंट्रोल से पहले ही हार मान ली कांग्रेस ने लक्ष्मण सिंह ने कहा एकजुट होकर मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएंगे

रायपुर। मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार अभी गिरी भी नहीं है और कांग्रेस के विधायक लक्ष्मण सिंह ने स्वीकार कर लिया है कि  कांग्रेसी एकजुट होकर विपक्ष की भूमिका निभाएंगे। हार होने से पहले लक्ष्मण सिंह का हार मान लेना हैरानी का सबब है। इससे पहले हैरान कर देने वाला बयान दिया था दिग्विजय सिंह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मनाने की बजाय उन्होंने यह कह दिया था जो कांग्रेसी है वह कांग्रेस में रहेगा। इसे सिंधिया के असन्तोष की आग में घी डालने वाला बयान माना जा रहा है। उसके बाद अब लक्ष्मण सिंह का ये बयान यह बताने के लिए काफी है कि कांग्रेस ने कमलनाथ की सरकार को बचने कोशिश ही नहीं की।

11-03-2020
मध्य प्रदेश सरकार खतरे में, कमलनाथ ने बुलाई आपात बैठक,कांग्रेस के 14 विधायक बेंगलुरु पहुंचे

रायपुर। मध्यप्रदेश में शह और मात का खेल लगता है आखिरी दौर में पहुंच गया है। सरकार बनने के बाद से जोर आजमाइश का दौर चला आ रहा है, जो अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। कांग्रेस के 14 विधायक बेंगलुरु पहुंच गए हैं। उधर कमलनाथ ने आपात बैठक बुला ली है, जिसमें दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हो रहे हैं। अचानक बुलाई बैठक सरकार पर मंडरा रहे खतरे की ओर इशारा कर रही है। उधर ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक सिसोदिया ने 2 दिन पहले सिंधिया की उपेक्षा का खामियाजा भुगतने की बात कही थी, जो आज सामने नजर आ रही है। बहरहाल देखना यह होगा कि क्या कमलनाथ इस संकट को भी मैनेज कर पाते हैं या फिर उनके हाथ से देश का दिल मध्यप्रदेश निकल जाएगा।

04-03-2020
मध्यप्रदेश में सियासी भूचाल, खरीद-फरोख्त के बाद अब विधायकों को बंधक बनाने का आरोप

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को बीजेपी पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया था। भाजपा पर लगाए गए विधायकों के खरीद-फरोख्त के दावों के बाद से ही सियासी संग्राम जारी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने उनके और बसपा के विधायकों को बंधक बनाया हुआ है। कांग्रेस के तीन और एक निर्दलीय विधायक को बंगलूरू ले जाया गया है। वहीं भाजपा ने कहा कि इससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा है कि बीजेपी ने उनके विधायकों को 50-60 करोड़ रुपयों की पेशकश की। उन्होंने कहा कि बीजेपी लोकतंत्र की हत्या करना चाहती है। हमारे विधायकों को 50-60 करोड़ रुपयों की पेशकश की गई। हमारे कुछ विधायक बेंगलुरु में है लेकिन वे सभी हमारे साथ ही हैं। इससे पहले जीतू पटवारी ने कहा था कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराने के लिए बीजेपी के कुछ नेता आठ विधायकों को जबरन हरियाणा के एक होटल में ले गए हैं।

02-03-2020
दिग्विजय ने लगाया भाजपा पर घूस देने का आरोप,शिवराज ने कहा सनसनी फैलाना दिग्गी राजा की पुरानी आदत

भोपाल। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने यह कहकर मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल मचा दी कि भाजपा खुलेआम कांग्रेस के विधायकों को 25-35 करोड़ में खरीदने का ऑफर दे रही है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी दिग्विजय सिंह के इस आरोप का जवाब देते हुए कहा है कि झूठ बोलकर सनसनी फैलाना दिग्विजय सिंह की पुरानी आदत है।

खबर है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश की विपक्षी पार्टी भाजपा के शिवराजसिंह चौहान, नरोत्तम मिश्रा आदि ने मिलकर 15 साल तक प्रदेश को लूटा और अब कांग्रेस के विधायकों की खरीद फरोख्त की कोशिश कर रहे हैं। ये लोग कांग्रेस विधायक को खुलेआम 25 से 35 करोड़ रुपए की रिश्वत ऑफर कर रहे हैं। दिग्विजय सिंह के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पलटवार किया है। चौहान ने कहा कि झूठ बोलकर सनसनी फैलाना दिग्विजय सिंह की पुरानी आदत है। यह भी संभव है कि दिग्विजय सिंह यह सब झूठ बोलकर मध्यप्रदेश के मौजूद मुख्यमंत्री कमलनाथ को ब्लैकमेल करके अपना कद बढ़ाना चाहते हो। इसलिए वे इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।

 

23-02-2020
कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने ठुकराया डोनाल्ड ट्रंप के साथ भोज का न्यौता, कहा - नहीं बनूँगा किसी भी अभियान का हिस्सा  

नई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी को राष्ट्रपति भवन की ओर से मिले अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भोज के न्योते पर पार्टी ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है, लेकिन अधीर रंजन ने वहां जाने से इनकार कर दिया है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को ट्रंप के दौरे से अलग रखने के बीच अधीर रंजन चौधरी को भोज का निमंत्रण भेजा गया है। राष्ट्रपति भवन से कांग्रेस समेत विपक्ष के कुछ अन्य नेताओं को भी न्योता भेजा गया है। कांग्रेस ने अभी तय नहीं किया है कि उसके नेता भोज में शामिल होंगे या नहीं। लेकिन अधीर रंजन ने कहा, वे अमेरिकी राष्ट्रपति के किसी अभियान का हिस्सा नहीं बनेंगे और भोज में शामिल नहीं होंगे।

कांग्रेस ट्रंप की यात्रा का स्वागत जरूर कर रही है लेकिन यात्रा से भारत के नफे-नुकसान को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। अधीर रंजन ने ट्वीट किया, ट्रंप अहमदाबाद से अपने राष्ट्रपति चुनाव अभियान को गति देने जा रहे हैं। एक साथ दो माचो राजनेता मिलेंगे, खाएंगे और मीडिया के लाइमलाइट में आएंगे। संक्षेप में कहें तो, अमेरिका को विक्रेता के रूप में पेश किया जाएगा जबकि भारत खरीदार होगा।

देखते हैं मोदी के मित्र क्या शिक्षा देकर जाते हैं: दिग्विजय सिंह

वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संविधान का पालन नहीं करने का आरोप लगाया और तंज कसते हुए कहा कि अब देखते हैं कि मोदी को उनके परम मित्र अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने भारत दौरे के दौरान क्या शिक्षा देकर जाते हैं। दिग्विजय ने ट्वीट किया कि बराक ओबोमा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री मोदी को जनवरी 2015 में संविधान का पालन करने का अनुरोध कर गए थे, लेकिन संपूर्ण राजनीतिक शास्त्र के ज्ञाता हमारे मोदी ने ठीक विपरीत काम किया। दिग्विजय ने कहा कि अब देखते हैं मोदी के परम मित्र डोनाल्ड ट्रंप क्या शिक्षा देकर जाते हैं। भारत की अर्थ नीतियों का तो वे विरोध कर चुके हैं।

 

12-02-2020
सरगुजा राजमाता का पार्थिव शरीर विशेष विमान से लाया गया, अंतिम दर्शन करने बड़ी संख्या में लोग मौजूद 

अंबिकापुर। सरगुजा राजमाता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव का पार्थिव शरीर विशेष विमान से सरगुजा के दरिमा एयरपोर्ट लाया गया। कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह और रविंद्र चौबे भी विशेष विमान से पहुंचे। बड़ी संख्या में नम आंखों से लोगों ने अपनी राजमाता का स्वागत किया। पुत्र कैबिनेट मंत्री टीएससी देव व राज परिवार के लोग भी मौजूद थे। आज राजकीय सम्मान के साथ सरगुजा राजमाता का अंतिम संस्कार किया जाएगा।  इससे पहले उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास सरगुजा पैलेस में रखा जाएगा।  मंत्री शिव डहरिया, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू , वन मंत्री मो .अकबर सहित कई नेता शामिल हुए हैं। बता दें कि राजमाता देवेंद्रकुमारी सिंहदेव का लंबी बीमारी के बाद 10 फरवरी को निधन हो गया था। मंत्री टीएस सिंहदेव की माता देवेंद्र कुमारी सिंहदेव का इलाज दिल्ली में चल रहा था।

10-02-2020
पुलवामा हमला के एक साल पूरा होने पर दिग्विजय सिंह ने मोदी, शाह पर साधा निशाना, कही यह बात....

नई दिल्ली। पुलवामा हमले के शहीदों का मामला सोमवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को एक साल बीतने के बावजूद कोई मदद नहीं मिली है।
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि पुलवामा हमले को एक साल हो गया है। शहीद की पत्नी मदद के लिए गुहार लगा रही है। अब तो सरकार को सुनना चाहिए। उन्होंने लिखा है कि 'मोदी-शाह' का काम हो गया है और उन्होंने राष्ट्रवाद के नाम पर चुनाव (लोकसभा चुनाव) जीत लिया। अब शहीदों की याद क्यों आएगी, 2024 में देख लेंगे। 

 

14-01-2020
एक बार फिर कमलनाथ सरकार पर हमलावर हुए दिग्विजय सिंह के अनुज लक्ष्मण सिंह

गुना। मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार पर लगातार हमलावर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज वरिष्ठ विधायक लक्ष्मण सिंह ने एक बार फिर अपने बयानों से सरकार को असहज कर दिया है। कुंभराज में जनता को संबोधित कर रहे थे। भारत विकास परिषद के एक कार्यक्रम में जनता को संबोधित करते हुए गुना जिले के कुंभराज कस्बे में लक्ष्मण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार के पास दो-दो विमान और दो-दो हेलीकॉप्टर हैं। पायलट को 5 लाख महीने की तनखा देनी पड़ती है तभी मिल पाते हैं। इन सब पर करोड़ों रुपए हर माह के लिए खर्च करना पड़ता है। सरकार के पास इन सब पर खर्चों के लिए पैसा है लेकिन विकास की योजना के लिए पैसा नहीं है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि मैंने कुंभराज में एक नंबर वार्ड में सिलाई सेंटर खोला था, जिसे भी इस सरकार ने बंद कर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय के अनुरोध किया कि कुछ सहयोग आप कीजिए मैं भी विधायक निधि से सहयोग करूंगा और हम मिलकर एक सिलाई सेंटर चला दे तो गरीब लोगों को बहुत सहायता मिलेगी।

राकेश किरार की रिपोर्ट

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