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सदाकाल गुजरात कार्यक्रम का सीएम रुपाणी ने किया उद्घाटन 

रायपुर। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय भाई रूपाणी ने दीनदयाल आॅडिटोरियम में आयोजित गुजरात सदाकाल गुजरात कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, गुजरात के बिन-निवासी गुजराती प्रभाग एवं गृहमंत्री प्रदीप सिंह जडेजा,कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष धरमलाल कौशिक एवं धरसींवा के विधायक देवजी भाई पटेल समेत बड़ी संख्या में गुजराती समाज के लोग उपस्थित हैं।

गुजराती अपने जड़ से जुड़े हैं : प्रदीप सिंह

सीएम रुपाणी के साथ पहुंचे गृहमंत्री प्रदीप सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गुजराती अपने जड़ से जुड़े हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि मोदी जी ने हर योजना व हर क्षेत्र में ख्याल रखा है।

दोनों राज्यों की परंपरा और संस्कृति का आदान-प्रदान कार्यक्रम का उद्देश्य

दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में हुए सदाकाल गुजरात कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ में आयोजित करने का एक मात्र उद्देश्य दोनों राज्यों की परंपरा, संस्कृति, कला और अन्य प्रणालियों का परस्पर आदान-प्रदान करना है।

इस दौरान छत्तीसगढ़ टूरिस्ट इनफॉरमेंशन ब्यूरो के पास ही गुजरात टूरिस्ट इनफॉरमेंशन ब्यूरों का निर्माण किया गया है। मुख्यमंत्री विजय भाई रूपाणी, व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के द्वारा इसका डिजीटल तरीके से उद्घाटन किया गया।

कृषि विकास केन्द्र 10-10 गांव गोद लेकर किसानों और युवाओं को दें प्रशिक्षण : डॉ. सिंह

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि कृषि विज्ञान केन्द्रों से अधिक से अधिक किसानों और युवाओं को जोड़कर कृषि और इससे जुड़ी गतिविधियों में प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कृषि विज्ञान केन्द्र आस-पास के 10-10 गांवों को गोद ले और वहां किसानों और युवाओं को कृषि, उद्यानिकी, फिशरीज आदि के बारे में प्रशिक्षित करें, इससे कृषि तकनीकों को गांवों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। डॉ. सिंह शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में राज्य योजना आयोग की कृषि टास्क फोर्स स्थाई कार्य समूह की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। बैठक में किसानों की आय में वृद्धि के लिए कृषि और इससे जुड़े गतिविधियों में बदलाव लाने के लिए राज्य योजना आयोग द्वारा गठित कृषि टास्क फोर्स की स्थाई कार्य समूहों की अनुशंसा का भी प्रस्तुतिकरण किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्काई योजना में 50 लाख परिवारों को स्मार्ट फोन देने जा रहे हैं। इस फोन के जरिए कृषि संबंधी जानकारी के लिए जरूरी एप्लीकेशन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर कृषि के प्रति विद्यार्थियों में आकर्षण बढ़ने के लिए कृषि से जुड़ी बातें और इससे होने वाले फायदे के संबंध स्कूली स्तर पर पहल की जाए जिससे शुरू से ही विद्यार्थियों में कृषि के प्रति जुड़ाव पैदा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से कृषि से जुड़ी तकनीकों की जानकारी भी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि गांव के पढ़े-लिखे युवाओं को कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से प्रशिक्षित कर मनरेगा में काम उपलब्ध कराया जा सकता है। 

इस अवसर पर बैठक में राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष  सुनील कुमार अशासकीय सदस्य प्रोफेसर दिनेश मारोथिया सहित कृषि टास्क फोर्स स्थाई कार्य समूह के अध्यक्षों में एसके पाटिल कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर डॉ. पीके जोशी डायरेक्टर साउथ एशिया इन्टरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट नई दिल्ली, प्रोफेसर सुखपाल सिंह आई.आई.एम. अहमदाबाद, डॉ. व्ही.पी.सिंह सीनियर एडवाइजर फार पालिसी एण्ड डेवलेपमेंट आई.सी.आर.एफ. साउथ एशिया नई दिल्ली, डॉ. विश्व वल्लभ प्रोफेसर एण्ड कोआडिनेटर सी.आर.एम. स्कूल आफ बिजनेस एण्ड ह्यूमन रिसोर्सेस एक्स.एल.आर.आई.जमशेदपुर प्रोफेसर ब्रिज गोपाल कोआर्डिनेटर सेन्टर फार इनलेण्ड वाटर्स इन साउथ एशिया जयपुर और मुख्यमंत्री के विशेष सचिव मुकेश बंसल मौजूद थे। 

 

संतों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ का हो रहा लगातार विकास : डॉ. रमन

कवर्धा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति का टापू है, यहां के लोग ईश्वर पर अटूट विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि संतों की कृपा और ईश्वर के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ में सुख, शांति और समृद्धि का विकास होगा। मुख्यमंत्री आज पंडरिया विकासखंड के ग्राम डोंगरिया में आयोजित पंच कुंडीय रूद्र महायज्ञ और मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके पहले मुख्यमंत्री ने जलेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की और प्रदेश के खुशहाली के लिए उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 47 जोड़े वर-वधुओं को प्रत्येक जोड़े के पास पहुंचकर उन्हें सुखी जीवन का आशीर्वाद दिया। यज्ञ समितियों के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विशाल पुष्प माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर संसदीय सचिव मोतीराम चंद्रवंशी, कवर्धा विधायक अशोक साहू, छत्तीसगढ़ पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत के अध्यक्ष संतोष पटेल, जिला कुर्मी क्षत्रिय समाज के संरक्षक लालजी चंद्रवंशी एवं अध्यक्ष नंदलाल चन्द्राकर, विभिन्न समाजों के प्रमुखों एवं प्रभारी कलेक्टर व जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने भगवान जलेश्वर महादेव की कृपा से रूद्र महायज्ञ के साथ-साथ कन्या विवाह के गरिमामय आयोजन के लिए आयोजन समिति को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रख्यात कथावाचक महाराज विशुद्धानंद सरस्वती का भी चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया और कहा कि स्वामी विशुद्धानंद का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन कथा के रूप में मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान के आशीर्वाद के बिना कुछ भी नहीं होता। उन्होंने प्रदेश में हुए विकास कार्यो की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आगामी 14 अप्रैल को दंतोवाड़ा जिले के जांगला में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों के लिए दुनिया की सबसे बड़ी योजना आयुष का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के तहत गरीबों को 5 लाख रुपए तक इलाज की सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि चना उत्पादक किसानों के लिए प्रति एकड़ डेढ़ हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने गरीबों के लिए भोजन का अधिकार, स्वास्थ्य सुविधाएं, सड़कों का जाल, विद्युतीकरण सहित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने डोंगरिया मेला स्थल पर सर्व समाज के लिए सामुदायिक भवन हेतु तीन दिन के भीतर 20 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा की। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा तैयार किये गये पुस्तिका ‘विकास का धाम-मेरा कबीरधाम’ का विमोचन भी किया।

मिशन 65 पर भाजपा की बैठक 15 को 

रायपुर। मिशन 65 को लेकर भारतीय जनता पार्टी की 15 अप्रैल को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बैठक होगी। इसमें मंत्री, सांसद, विधायक समेत प्रदेश के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बैठक में प्रमुख रूप से भाजपा प्रदेश प्रभारी अनिल जैन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सौदान सिंह और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद रहेंगे। बैठक में विशेष रूप से जनसंपर्क यात्रा से मिले फीडबैक पर चर्चा होगी। चुनावी ब्लू प्रिंट तैयार होगा।  पुअर परफॉर्मेंस वाले विधायकों को कार्य में सुधार लाने की हिदायत भी दी जाएगी।

दुर्ग विश्वविद्यालय का नाम किया जाएगा हेमचंद यादव विश्वविद्यालय

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने हेमचंद यादव की विदाई के बाद एक बड़ी घोषणा की है। डॉ. सिंह ने दुर्ग विश्वविद्यालय का नाम हेमचंद यादव विश्वविद्यालय करने की घोषणा की है। गुरुवार को पूर्व मंत्री हेमचंद यादव का अंतिम संस्कार हरणबांधा मुक्तिधाम में किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने दुर्ग विश्वविद्यालय का नामकरण हेमचंद्र यादव के नाम से करने की घोषणा की तथा राजस्व मंत्री प्रेम प्रकाश पांडेय को कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। यादव की अंतिम सभा में बड़ी संख्या में प्रदेश के मंत्री मौजूद रहे।

मोदी के दौरे से पहले RSS और सीएम की बैठक

रायपुर। आरएसएस और बीजेपी की समन्वय  बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह शामिल हुए।  इस समन्वय बैठक में कई विषयों पर सिलसिलेवार बात हुई। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में 8 अनुषांगिक संगठनों ने अपनेअपने कार्यक्षेत्र की लेखाजोखा पेश किया।  बैठक रोहिणीपुरम के सरस्वती शिक्षा संस्थान में संपन्न हुई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी चर्चा हुर्ई। पीएम मोदी 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ आने वाले हैं। इस बैठक में  मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह  संघ के सरकार्यवाहक डॉ.कृष्णगोपाल, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल की मौजूद थे। इस दौरान  छत्तीसगढ़ में आगे की कार्ययोजना को लेकर भी चर्चा हुई है।

रमन के गढ़ में गरजेंगे सिंहदेव और लखमा सहित कांग्रेस के दिग्गज नेता 

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के गढ़ कबीरधाम जिले में भोरमदेव अभ्यारण्य को टाईगर रिजर्व बनाने के निर्णय के विरोध में 11 अप्रैल को कवर्धा में कांग्रेस की बड़ी सभा होगी। जिसमें नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव और कांग्रेस विधायक कवासी लखमा सहित कांग्रेस के दिग्गज नेता गरजेंगे। टाईगर रिजर्व को लेकर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया है कि आदिवासियों का दमन रमन सरकार की प्राथमिकता है। हालांकि छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के भोरमदेव अभ्यारण में प्रस्तावित टाइगर प्रोजेक्ट के निर्णय को राज्य सरकार द्वारा निरस्त कर दिया गया है। 

आईआईएम के दीक्षांत समारोह में पहुंची रक्षामंत्री सीतारमण, मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी हैं मौजूद 

रायपुर। राजधानी के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) के आॅडिटोरियम में आयोजित आईआईएम के 7वें दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंच चुकी हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह भी मौजूद हैं। इस समारोह में आईआईएम रायपुर के 214 स्टूडेंट्स को डिप्लोमा और मेडल प्रदान किए जाएंगे। आईआईएम प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक पोस्ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम के तहत 2015-17 बैच के 49 और 2016-18 बैच के 147 और कार्यकारी अधिकारियों के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन कार्यक्रम के तहत 2016 के बैच के कुल 10 और प्रबंधन में फैलो कार्यक्रम के आठ स्टूडेंट्स को पदक और डिप्लोमा प्रदान किए जाएंगे।  समारोह में आईआईएम रायपुर के बोर्ड आॅफ गर्वनेंस की अध्यक्ष श्यामला गोपीनाथ और आईआईएम रायपुर के डायरेक्टर प्रोफेसर भारत भास्कर भी उपस्थित हैं। 

प्रधानमंत्री के सभा स्थल से 400 मीटर की दूरी पर ब्लास्ट, पीएमओ ने मांगी रिपोर्ट  

रायपुर। बीजापुर में 14 अप्रैल को जहां प्रधानमंत्री की सभा होनी  है, उससे महज 400 मीटर की दूरी पर सोमवार को नक्सलियों ने जवानों से भरे बस को ब्लास्ट कर दिया। इसमें दो जवान शहीद हो गए। इस हादसे से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई। खुफिया अलर्ट के बाद भी सतर्कता नहीं बरती गई। इसे लेकर पीएमओ ने राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। मुख्य सचिव अजय सिंह, डीजीपी एएन उपाध्याय और डीजी एंटी नक्सल आपरेशन डीएम अवस्थी से रिपोर्ट मांगा गया है। बताया जा रहा है कि नक्सल आॅपरेशन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सोमवार को बैठक भी हुई है। बैठक में विस्फोटक से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। 

बताया जा रहा है कि  प्रधानमंत्री के आयोजन को लेकर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था का दावा किया जा रहा है। बस्तर में 12 आईएएस और 22 आईपीएस  तैनात है। चार हजार से ज्यादा डीआरजी जवान ड्यूटी कर रहे हैं। इसके बावजूद इतनी बड़ी घटना को लेकर आला अधिकारियों ने नाराजगी जताई है। खुफिया अलर्ट के बाद भी नक्सलियों की गतिविधियों की जानकारी नहीं मिलना गंभीर चूक मानी मानी जा रही है। 

इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी पुलिस के आला अधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई है। मुख्यमंत्री निवास पर गृह सचिव, डीजीपी और एडीजी इंटेलिजेंस को देर शाम तलब किया और पूरे मामले की रिपोर्ट ली। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा है कि बस्तर में नक्सली हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतने के भी निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल टंडन और सीएम रमन ने शहीद जवानों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया

रायपुर। राज्यपाल बलरामजी दास टंडन और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बीजापुर जिले में आज एक नक्सली हमले में शहीद हुए डिस्ट्रीक्ट रिजर्व गॉर्ड (डीआरजी) के जवानों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल टंडन और डॉ. रमन ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने नक्सली हमले में घायल हुए जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

CM डाॅ. रमन ने किया जल संकट से निपटने बूंद-बूंद पानी बचाने का आव्हान

रायपुर। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राज्य में जल संकट की स्थिति से निपटने के लिए जल संसाधनों के विकास और जल संरक्षण के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख करने के साथ-साथ सभी नागरिकों से बूंद-बूंद पानी बचाने का भी आव्हान किया है। उन्होंने रविवार को आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ की 32वीं कड़ी में कहा-छत्तीसगढ़ को प्रकृति ने जो सौगातें दी हैं, उनमें यहां के सघन वनों के साथ पर्याप्त बारिश का भी प्रमुख स्थान है। राज्य के गांवों और शहरों में लोगों ने इस बार भी मुख्यमंत्री के रेडियो प्रसारण को काफी उत्साह के साथ सुना। कई स्थानों पर महिलाओं ने आंगन में सब्जी काटते हुए तो कहीं मेहनतकश मजदूर पेड़ों की छांव में थकान मिटाते हुए इस कार्यक्रम को सुनते देखे गए। 

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि दुनिया जिस तरह से बदल रही है, उन परिस्थितियों में पर्यावरण का भारी नुकसान हुआ है। इसके फलस्वरूप ’ग्लोबल वार्मिंग’ और ’जलवायु परिवर्तन’ पूरी दुनिया के लिए चिंता के मुख्य विषय बन गए हैं। उन्होंने कहा-विभिन्न कारणों से बरसात की मात्रा प्रभावित हुई है। इसके बावजूद छत्तीसगढ़ में हर साल औसतन 1200 मिलीमीटर बारिश होती है। हमारे यहां मुख्य रूप से अतीत में जल संसाधनों का समुचित विकास नहीं हो पाने के कारण वर्तमान में भीषण गर्मी के दिनों में जल संकट की स्थिति बनती है।

 

 

 

जल संसाधन विकास हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता

डॉ. रमन सिंह ने जल संसाधनों के विकास को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसके लिए अल्पकालीन और दीर्घकालीन, दोनों तरह के उपाय किए गए हैं। उन्होंने श्रोताओं से कहा-आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में निर्मित सिंचाई क्षमता सिर्फ 13 लाख 28 हजार हेक्टेयर थी, जो आज बढ़कर 20 लाख 61 हजार हेक्टेयर हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इसी अवधि में प्रदेश की सिंचाई क्षमता 20 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत हो गई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए अभियान लक्ष्य भागीरथी शुरू करने के फलस्वरूप हमारे यहां सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण करने की रफ्तार दोगुनी हो गई है। राज्य शासन द्वारा उपलब्ध सतही जल से वर्ष 2028 तक 32 लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता प्राप्त करने और शत-प्रतिशत सिंचाई क्षमता निर्मित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्रियों की बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की अभिनव पहल ’अभियान लक्ष्य भागीरथी’ की प्रशंसा करते हुए अन्य राज्यों को भी इसे एक रोल मॉडल के रूप में अपनाने की सलाह दी थी।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में छत्तीसगढ़ की तीन परियोजनाएं शामिल

डॉ. सिंह ने कहा-यह हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत भारत सरकार द्वारा देश में चयनित 99 प्रमुख योजनाओं में छत्तीसगढ़ की तीन योजनाएं-रायगढ़ जिले की केलो सिंचाई परियोजना, बिलासपुर जिले की खारंग सिंचाई परियोजना और मुंगेली जिले की मनियारी सिंचाई परियोजना को अगले दो वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य है। इससे 42 हजार 625 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता निर्मित होगी। 

छत्तीसगढ़ में नदियों को जोड़ने के लिए छह लिंक प्रोजेक्ट

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने दूरगामी योजना के तहत नदियों को जोड़ने की परियोजनाओं पर भी विचार किया है। उन्होंने छह ऐसी लिंक परियोजनाओं के बारे में बताया। डॉ. सिंह ने कहा-इसके अंतर्गत महानदी-तांदुला, पैरी-महानदी, रेहर-अटेंग, अहिरन-खारंग, हसदेव-केवई और कोड़ार-नैनी नाला लिंक परियोजनाएं शामिल हैं। नदियों में हमेशा जल भराव रहे, उनके किनारे वृक्षारोपण हो और जल संरक्षण तथा संवर्धन का अभियान चलाया जाए। इसके लिए तकनीकी मार्गदर्शन हेतु ’ईशा फाउंडेशन’ के साथ एमओयू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके अलावा हमने वर्षा जल को एकत्रित करने के लिए अनेक छोटे-छोटे उपायों को बढ़ावा दिया है, जिससे स्थानीय स्तर पर गांव का पानी गांव में और खेत का पानी खेत में रोकने में मदद मिल सके। 

नाला बंधान कार्यों में सरगुजा पहले, कोरिया दूसरे और कोरबा तीसरे स्थान पर

डाॅ. सिंह ने कहा कि विगत वर्ष नाला बंधान के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना का बेहतर इस्तेमाल किया गया। इसकी वजह से पूरे प्रदेश में दस हजार नाला बंधान के कार्य हुए, जिनमें 948 कार्य पूर्ण करके सरगुजा जिला अव्वल रहा। कोरिया जिला 901 नाले बांधकर दूसरे स्थान पर, राजनांदगांव जिला 742 नाले बांधकर तीसरे स्थान पर और कोरबा जिला 738 नाले बांधकर चौथे स्थान पर रहा। महासमुन्द जिला 682 नाले बांधकर पांचवे स्थान पर रहा। मुख्यमंत्री ने अन्य जिलों को भी इस काम में तेजी लाने की सलाह दी और कहा कि इस वर्ष भी नाला बंधान का काम अच्छी तरह से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा-अनेक स्थानों पर किसान आपसी सहयोग से नाला बंधान का काम करते हैं। ऐसे किसानों, उनके समूहों और अन्य लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए और सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनका सम्मान भी किया जाना चाहिए।

 

श्री संकल्प हॉस्पिटल में मरीजों का होगा मल्टी सुपर स्पेलिस्ट से इलाज 

रायपुर। राजधानी रायपुर के सरोना स्टेशन स्थित श्री संकल्प हॉस्पिटल के नाम से 200 बिस्तर की सुपरस्पेलिस्ट हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। जिसका शुभारंभ 8 अप्रैल को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा किया जाएगा। इस हॉस्पिटल में मल्टी सुपर स्पेलिस्ट सुविधा से मरीजों का बेहतर इलाज किया जाएगा।  न्यूरो सर्जन डॉ. राजीव साहू ने बताया कि राजधानी के नजदीक प्रदेश के मरीजों को बेहतर इलाज करने के उदेश्य से श्री संकल्प हॉस्पिटल के नाम से 200 बिस्तर का हॉस्पिटल संचालित किया जा रहा है। जिसका लोकापर्ण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेंगे। इस अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज के साथ हाइजनिक भोजन तक मरीजों को दी जाएगी। मॉड्लर ओटी हाईटेक सिस्टम से मरीजों का बेहतर इलाज होगा। इस हॉस्पिटल में न्यूरों सर्जन से लेकर आर्थो सर्जन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, कार्डियोलॉजी, शिशु रोग विशेषज्ञ, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, ईएनटी, नेत्र, प्लास्टिक सर्जन समेत अन्य डॉक्टर शामिल होंगे। लोकापर्ण कार्यक्रम में सांसद रमेश बैस, सासंद राज्यसभा सरोज पांडे, राम विचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर, मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, राम सेवक पैकरा, पुन्नूलाल मोहले समेत अन्य मंत्री इस लोकापर्ण कार्यक्रम में शामिल होंगे। 

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