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07-06-2020
जंक फूड स्वास्थ्य के लिए हानिकारक : डाॅ.संजय गुप्ता

कोरबा। 7 जून को दुनियाभर में पहला विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जा रहा है। इस साल की थीम 'खाद्य सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी" पर आधारित है। यानी खेतों से निकलकर हमारी थाली में पहुंचने वाले चीजें सुरक्षित हो, जिससे यह हमारी सेहत को नुकसान न पहुंचाए। इंडस पब्लिक स्कूल दीपका के प्राचार्य डाॅ.संजय गुप्ता ने बताया कि स्कूलों में बच्चों को हेल्दी एवं अनहेल्दी फूड के बारे में स्कूलों में जानकारी दी जाती है,जिससे बच्चे स्वयं समझे की हेल्दी फूड एवं अनहेल्दी फूड के बारे में। आजकल जंक फूड का प्रचलन बढ़ता ही जा रहा है लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। इससे सभी बच्चों और किशोरों को अवश्य जानना चाहिए क्योंकि वे आमतौर पर जंक फूड खाना पसंद करते हैं। कई सारी निबंध प्रतियोगिता में जंक फूड पर निबंध लिखने का कार्य दिया जाता है। जो बच्चों को जंक फूड के विषय में जागरूक करने के लिए दिया जाता है।

आधुनिक समाज में फास्ट फूड हमारे जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है समय के लिए सुविधा और जल्दी के कारण हम में से कई अब हमारे भोजन के लिए फास्ट फूड पर निर्भर हैं। आमतौर पर जंक फूड देखने में बहुत ही आकर्षक और स्वादिष्ट लगते हैं, और सभी आयु वर्ग के लोगों द्वारा इन्हें पसंद भी किया जाता है। लेकिन वास्तव में  जंक फूड स्वास्थ के लिए काफी हानिकारक होते हैं। इसलिए वह जितने आकर्षक दिखते हैं वास्त में अंदर से उतने ही विपरीत होते हैं। जंक फूड को कभी भी स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। जंक फूड स्वास्थ्य के लिए बहुत ही बेकार होते हैं और वे व्यक्ति जो नियमित रुप से इनका सेवन करते हैंए वे बहुत सी बीमारियों को आमंत्रित करते हैं।

07-06-2019
डब्ल्यूएचओ ने मिलावटी भोजन पर जताई चिंता

संयुक्त राष्ट्र। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने पहले विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की शुरूआत से पूर्व असुरक्षित एवं मिलावटी भोजन पर चिंता व्यक्त की है जिसकी वजह से विश्व में हर वर्ष चार लाख 20 हजार लोगों की मौत हो जाती है। असुरक्षित भोजन से मरने वालों के आकड़ो में सबसे ज्यादा पांच साल काम उम्र के बच्चे शामिल है जिनकी संख्या एक लाख 25 हजार है। रिपोर्ट के अनुसार 40 फीसदी बच्चों की खाने में पनपी बीमारी के कारण मौत होती है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रॉस ऐडनोम घेबरियेसुस ने कहा, मिलावटी और गंदा भोजन खाने से होने वाली मौतों को रोका जा सकता है। सरकारों, उत्पादकों तथा उपभोक्ताओं को असुरक्षित भोजन के बुरे पहलुओं के बारे में सचेत करने के लिए विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस एक खास अवसर है।

डब्ल्यूएचोओ की रिपोर्ट के अनुसार गंदे भोजन का मुख्य कारण बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या रासायनिक पदार्थ है जिसकी वजह से हर वर्ष विश्व में 60 करोड़ लोग बीमार पड़ जाते है। कई निम्न और मध्यम आय वाली अर्थव्यवस्थाओं में असुरक्षित भोजन की वजह से कर्मचारी बीमारी, विकलांगता तथा अकाल मृत्यु का शिकार हो जाते है। संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि भोजन और कृषि में अधिक स्वच्छता रखने से पर्यावरण में रोगाणुरोधी जैसी बीमारियों को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पहले विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम खाद्य सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। जानकारों का मानना है कि विश्व में भोजन सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और कदम उठाने की तत्काल जरुरत है जिसको ध्यान में रखते हुए सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाने का फैसला किया गया है।

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