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12-08-2020
छत्तीसगढ़ के लिए एक राजनीतिक आपदा की तरह है कांग्रेस सरकार : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार को हर मोर्चे पर बुरी तरह विफल बताया है। साय ने कहा कि प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लिए एक राजनीतिक आपदा से जरा भी कम नहीं है। कर्ज के बोझ से प्रदेश दबा जा रहा है, कानून-व्यवस्था सरेआम दम तोड़ रही है, कोरोना का संक्रमण विस्फोटक हो चला है और लोग अब क्वारेंटाइन सेंटर्स ही नहीं, इलाज के दौरान कोविड अस्पतालों में आत्महत्या करने के लिए विवश हो रहे हैं और शराब के गोरखधंधे में भी गबन होना प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। इन सबके बावजूद, राज्य सरकार और कांग्रेस को अपनी विफलताओं पर जरा भी कोफ़्त नहीं होना बेहद शर्मनाक है।


साय ने कहा कि कर्ज पर कर्ज लेकर प्रदेश सरकार राज्य को कंगाली की अंधी सुरंग में धकेल रही है। 18 महीनों में ही रिकॉर्ड तोड़ कर्ज लेकर राज्य सरकार ने यहाँ के अर्थतंत्र को पस्त कर दिया है। कर्ज लेकर राज्य सरकार जिन योजनाओं को लागू करने का ढोंग रच रही है, वे योजनाएँ भी इक साल में ही दम तोड़ रही हैं। किसानों के पिछले खरीफ सत्र के धान-मूल्य की अंतर राशि की दूसरी किश्त देने तक के लिए सरकार के खजाने में पैसे नहीं हैं, जब अंतर राशि के भुगतान के लिए कर्ज लिया ही तो सरकार अब किसानों की शेष अंतर राशि का किश्तों के बजाय एकमुश्त भुगतान करे। दूसरी तरफ चालू खरीफ सत्र की धान खरीदी के लिए पंजीयन की प्रक्रिया सरकार शुरू करने जा रही है। पिछला भुगतान नहीं कर पाने वाली सरकार अगली खरीदी के लिए राशि कहाँ से जुटा पाएगी, यह भी साफ नहीं है। साय ने कटाक्ष किया कि दम तोड़तीं नरवा-गरुवा-घुरवा-बारी, गौठान, रोका-छेका, गौ-धन न्याय योजना, लाउड स्पीकर से पढ़ाई जैसी तमाम योजनाओं के लिए तो सरकार के पास न तो फंडिंग का स्रोत दिख रहा है, न ही सरकार इन योजनाओं के लिए आर्थिक प्रावधान को लेकर गंभीर नजर आ रही है।

 

10-08-2020
कांग्रेस सरकार ने किसानों से कदम-कदम पर धोखाधड़ी कर आत्म-सम्मान को किया लहूलुहान : साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने कहा कि केद्र सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में किए गए सुधार छोटे किसानों के सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं और किसानों के कल्याण और बेहतर जीवन की पूरी चिंता केंद्र सरकार कर रही है। साय ने कहा कि कोरोना संकट काल में भी केंद्र सरकार ने किसानों की पूरी चिंता करते हुए उनके कल्याण और बेहतर आर्थिक स्थिति के लिए प्रयास किए हैं। कोरोना काल में देश के गरीब-मजदूर और किसानों की चिंता करके केंद्र सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपए का आर्थिक पैकेज घोषित करके कृषि क्षेत्र में सुधार और किसानों के सशक्तिकरण से ही आत्मनिर्भर भारत का संकल्प संजोया है।साय ने कहा कि किसानों के साथ वादाखिलाफी करके दगाबाजी करने वाली छत्तीसगढ़ की सरकार है,जिसने किसानों के साथ कदम-कदम पर न केवल धोखाधड़ी की अपितु किसानों के आत्मसम्मान को लहूलुहान किया।

न्याय के नाम पर योजना घोषित करके किसानों के साथ अन्याय और छलावा करने वाली प्रदेश सरकार जन-विश्वास खो चुकी है।साय ने कहा कि एक लोक-कल्याणकारी सरकार जनता के कल्याण, उसके बेहतर व सुरक्षित जीवनयापन और विकास के काम में अपनी प्रामाणिकता के कारण जन-विश्वास अर्जित करती है और इंडिया टुडे-आजतक के हाल ही हुए सर्वे इस बात की साक्षी दे रहे हैं,जिसमें प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज पर देश की 76 प्रतिशत जनता ने भरोसा जताया जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को महज 24 फीसदी लोगों ने भरोसे के काबिल माना है।

 

08-08-2020
निगम-मंडलों में समर्पित कार्यकर्ताओं को मिलेगी जगह, समन्वय समिति की बैठक आज

रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी पीएल पुनिया को कांग्रेसियों ने निगम-मंडल में अपनी दावेदारी के लिए बायोडाटा दिया। बता दें कि शनिवार को कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक होनी है। इस बैठक में निगम मंडलों की दूसरी सूची पर पदाधिकारियों को लेकर चर्चा होगी।

माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नामों की घोषणा हो सकती है। पुनिया ने कल ही कहा था कि कौन काम किया है, कौन सक्रिय है हमें, मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को मालूम है। समर्पित कार्यकर्ताओं को ही निगम मंडलों में जगह मिलेगी। पुनिया ने विधायकों को निगम मंडल में एडजस्ट करने पर कहा ऐसा नहीं है कि सिर्फ विधायकों को ही नहीं लिया जा रहा है। पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी जिम्मेदारी दी जा रही है।

गौरतलब है कि पुनिया आज कांग्रेस समन्वय समिति बैठक के अलावा भी कई ज़िलों में बनने वाले जिला कांग्रेस भवन की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा भी करेंगे, संगठन की आगामी रणनीति पर भी चर्चा करेंगे। साथ ही जिला कांग्रेस कार्यकारणी और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। वहीं छत्तीसगढ़ में माता कौशल्या मंदिर और राम वनगमन परिपथ पर पीएल पुनिया ने कहा राज्य की कांग्रेस सरकार जन आकांक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है, प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के स्थानों को सहेजने का प्रयास कर रही है, ऐसा नहीं है कि राम जन्मभूमि में मंदिर निर्माण के बाद यह निर्णय लिया गया है।

05-08-2020
भूपेश बघेल ने राज्य के सर्वांगीण विकास और सर्वहारा वर्ग का रखा ध्यान : अहसन मेमन

गरियाबंद। एनएसयूआई नेता अहसान मेमन ने  पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार का डेढ़ वर्ष का कार्यकाल उल्लेखनीय सफलताओं से भरा हुआ है। राज्य के सर्वांगीण विकास व सर्वहारा वर्ग का भूपेश बघेल के सरकार ने विशेष ध्यान रखा है। गांव के मजदूर,गरीब किसान व सभी वर्गों के विकास और उत्थान के लिए सरकार के द्वारा कार्य किया जा रहा है। मेमन ने आगे कहा किसानों की कर्जमाफी,समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, शिक्षाकर्मियों का संविलियन, लघु वनोपज का सर्वाधिक समर्थन मूल्य देकर सरकार ने अपना  वचन निभाया है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामीण ईलाकों की आर्थिक समृध्दि के लिए नरवा,गरवा,घुरूवा और बाड़ी और गौधन योजना जैसे अनूठी योजनाएं शुरू की है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक समृध्दि का रास्ता खुल रहा है, गांव गांव में महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलने लगा है गोबर खरीदी योजना से किसानों को न सिर्फ सस्ती दर पर खाद मिलेगी बल्कि गांव और शहर स्वच्छ होंगे। उन्होने कहा पिछले 15 सालों तक छत्तीसगढ में भाजपा राज करने के बाद प्रदेश की जनता को राहत देने में विफल रहे और भाजपा ने जितना भी वायदा जनता से किया था उन वायदों को पुरा नहीं किया।

03-08-2020
राजधानी के विकास के लिए कांग्रेस सरकार ने 18 महीनों में कुछ नहीं किया: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजधानी रायपुर के विकास के लिए कांग्रेस सरकार ने 18  महीनों में कुछ नहीं किया। शहर में विकास के लिए 1 ईंट नहीं रख पाए बल्कि पूर्व में तैयार अरबों की संपत्ति को एक-एक कर नष्ट किया जा रहा है, तोड़ा जा रहा है। अग्रवाल ने कहा कि 18 माह से राजधानी का विकास अवरूद्ध हो गया है। पूर्व सरकार के समय से प्रारंभ योजनाओं को यह सरकार पूर्ण नहीं कर पा रही है। कुछ योजनाओं जिनका शिलान्यास व उदघाटन ये कर भी रहे हैं वे पूर्व के सरकार में स्वीकृत या प्रारंभ किए कार्य है। वहीं अधिकारियों की अदूरदर्शी सोच व मनमानियों के चलते अरबों की सम्पत्ति को एक-एक कर तोड़ा जा रहा है,जो आर्थिक अपराध की श्रेणी में है। पूर्व मंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी के पैसे से सप्रे शाला मैदान में 1.16 करोड़ की लागत से बने हेल्दी हेल्थ ट्रेक को तोड़ा गया। दानी स्कूल परिसर में बने व्यवासियक शिक्षा की बिल्डिंग को तोड़ा गया। नए बनी चारदीवारी तोड़ी गई। हजारों लोग के उपयोग हो रही सप्रे स्कूल मैदान से लगे शुलभ शौचालय को तोड़ा गया। बूढ़ातालाब में सोलर पैनल हाउस व सोलर लाइटों को तोड़ा गया।

गौरव पथ पर निर्मित तीरथगढ़ जल प्रपात की प्रतिकृति व डाॅ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी गौरव वाटिका को तोड़ा गया। रायपुर शहर में बाहर से आकर नौकरी करने वाली महिलाओं के रहने के लिए, कलेक्ट्रेट के पास में बनाई गई 2 मंजिला भवन को तोड़ा गया। कलेक्टर परिसर स्थित जिला उद्योग भवन को तोड़ा गया। सांसद एवं विधायक निधि से कलेक्ट्रेट परिसर स्थित छत्तीसगढ़ पेन्शनर समाज के भवन को तोड़ा गया। कलेेक्ट्रेट स्थित कर्मचारी संघ भवन तोड़ा गया। शांतिनगर आवासीय काॅलोनी में रह रहे शासकीय सेवकों को दबावपूर्वक, दमनपूर्वक घर खाली करवाकर दर्जनों बंगलों को तोड़ा गया। तेलीबांधा चौक स्थित कृषि अभियांत्रिकी परिसर को बलपूर्वक तोड़ा गया। उन्होंने कहा कि 18 माह के सिर्फ यही तोड़ने का क्रम चल रहा है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस प्रकार जनता के पैसों से बनाये इन अरबों रूपयों के भवनों, स्थाई निर्माण कार्य को ढहाया गया है। रायपुर में विकास की एक भी योजना पर राज्य सरकार काम नहीं कर पा रही है।

 

01-08-2020
बृजमोहन ने कहा- मुख्यमंत्री, वनमंत्री, कांग्रेस में तेंदूपत्ता बीमा, बोनस को लेकर विरोधाभास

रायपुर। भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वनमंत्री द्वारा राज्यपाल को लिखे गए पत्र बाहर आने से यह बात अब स्पष्ट हो गई है कि कांग्रेस सरकार ने गरीब आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहको को पिछले दो साल के बोनस, लाभांश, छात्रवृत्ति व बीमा से वंचित कर रखा है। राज्य सरकार की लापरवाही के कारण ही 31/05/2019 को बीमा योजना का नवीनीकरण नहीं हो पाया। बिना बीमा के इस दौरान आकस्मिक व दुर्घटना जनित मौत व एक्सीडेंटल केस से प्रभावित आदिवासी परिवारों को सहायता कहां से मिलेगी, कितनी मिलेगी? इस पर विभाग ने मौन साध रखा है। वन विभाग, वनमंत्री व मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच संवादहीनता का इससे बड़ा उदाहरण क्या होगा कि बीमा व बोनस पर मंत्री, मुख्यमंत्री व सत्ताधारी पार्टी के अलग-अलग तथ्य व बयान आ रहे हैं। वनमंत्री इसी कारण इस मामले में श्वेतपत्र जारी करने से डर रही है।अग्रवाल ने वनमंत्री के पत्र के बाद, फिर तीखे हमले करते हुए कहा कि वनमंत्री ने ये क्यों नहीं बताया कि 31 मई 2019 को बीमा का नवीनीकरण क्यों नहीं कराया गया।

क्यों तेंदूपत्ता संग्राहकों को दो वर्ष का बोनस, लाभांश व छात्रवृत्ति नहीं दी गई। इसके लिए दोषी कौन-कौन है, अनेक बीमा नहीं होने से पीड़ित आदिवासी परिवार सहायता के लिए दर दर भटक रहे हैं। वहीं शिक्षारत बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई है, आखिर इसके लिए दोषी कौन ? इनके खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही है। क्यों सरकार 18 माह तक तेंदूपत्ता संग्राहकों का डाटा इकट्ठा नहीं कर पाई।अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी, मुख्यमंत्री व वनमंत्री के बयान में ही भारी विरोधाभास है। कांग्रेस पार्टी का फोल्डर गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए शुरू करेगी-बीमा योजना में कहा गया है कि इस योजना में संग्राहकों की सामान्य मृत्यु पर 1 लाख रुपए व विकलांग होने पर 50 हजार रुपए देने का प्रावधान है। राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना लेकर आयेगी, वहीं वनमंत्री कह रहे हैं 2 लाख व 4 लाख देंगे। श्रम विभाग की योजना नहीं, अलग से बीमा करायेंगे। आखिर झूठ कौन बोल रहा है ? कांग्रेस पार्टी ? या वनमंत्री ?।

 

28-07-2020
बृजमोहन का आरोप, वन और श्रम विभाग के बीच पिस रहे आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहक, नहीं कोई संवैधानिक संरक्षण

रायपुर। भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस सरकार पर प्रदेश के भोले-भाले आदिवासियों के साथ छल, कपट एवं अन्याय करने का आरोप लगाया है। बृजमोहन ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा में भाजपा सरकार में जहां उन्हें सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए और दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख रुपए देने का प्रावधान था। उसमें कटौती कर वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार की श्रम विभाग की प्रस्तावित योजना अर्थात असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना में मृत्यु होने पर 1 लाख व दिव्यांग होने पर 50 हजार देने का प्रावधान है। यह सीधे-सीधे गरीब आदिवासियों के आर्थिक कमर तोड़ने वाला काम है। अग्रवाल ने राज्य सरकार द्वारा तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए श्रम विभाग द्वारा प्रस्तावित  किए जा रहे योजना को नाकाफी बताते हुए कहा कि श्रम विभाग की योजना असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना सहायता योजना है जबकि पूर्व शासन में जो बीमा होता था वह बीमा-सुरक्षा योजना है। सहायता योजना शासन के परिस्थितियों पर निर्भर है जबकि बीमा योजना विधि अधिनियम अनुसार संचालित है जिसमें बीमित को संवैधानिक संरक्षण है। उन्होंने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि नवीनीकरण के चलते बीमा नहीं होने के कारण अभी तक घटित घटनाओं पर पीड़ित संग्राहकों का क्या होगा ? सरकार जवाब क्यों नहीं देती।

अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार बार-बार श्रम विभाग की असंठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना को लागू करने की बात कर रही है वह योजना पूर्व में भी वन विभाग की बीमा योजना के साथ ही साथ लागू था, और प्रदेश के तेंदूपत्ता संग्राहक जिन्होंने श्रम विभाग में भी पंजीयन कराया था, उसे इस योजना का वन विभाग की योजना के साथ ही लाभ मिल रहा था। अब अधिकारी वन विभाग, आदिवासियों तथा जनता के दबाव में अपने बचाव के लिए जो यह प्रस्तावित  योजना जो बता रहे है, उसमें जिन आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ता की मौत होगी उसे एक लाख रुपए देने का प्रावधान रखा गया है, दिव्यांग होने पर 50 हजार रुपए देने का प्रावधान रखा गया है। पहले भाजपा सरकार में तेंदूपत्ता संग्राहकों का जो बीमा था, उसमें आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहक की सामान्य मृत्यु होने पर 2 लाख रुपए और दुर्घटना मृत्यु होने पर 4 लाख रुपए देने का प्रावधान था, श्रम विभाग के माध्यम से जो आदिवासी तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं को योजना के लिए सूची देने का निर्णय लिया गया है, उसमें एक षड्यंत्र के तहत साईकिल देने का भी प्रावधान रखा गया है।

अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के अधिकारी सरकार को गुमराह कर रहे हैं। बहुत जल्द 13 लाख तेंदूपत्ता संग्रहणकर्ताओं को उनके बीमा कराने के लिए श्रम विभाग के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ करने की बात कह रहे हैं, जबकि श्रम विभाग के पास पहले ही अन्य क्षेत्रों में काम करने वाले असंगठित मजदूर लोगों का 12 लाख लोगों का बीमा करने की प्रक्रिया चालू है, और उसमें भी 1000 असंगठित मजदूरों की मृत्यु हो चुकी है, अभी हाल ही में श्रम विभाग की हुई एक बैठक में उन मृतक श्रमिकों का जो भुगतान शेष है, वह नहीं होने के कारण बैठक में नाराजगी व्यक्त की गई थी। 12 लाख असंगठित मजदूरों के बीमा के लिए विभिन्न कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किया गया है। जो विचाराधीन है। श्रम विभाग तो अपना ही मूल कार्य नहीं कर पा रहा है। फिर इन आदिवासी तेंदूपत्ता संग्राहकों का क्या होगा?

27-07-2020
कांग्रेस की सरकार गिराने का खेल बंद कर कोरोना संकट से निपटने ठोस उपाय करें मोदी सरकार : राजेन्द्र साहू

दुर्ग। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने कहा कि रमन सिंह और धरमलाल कौशिक को प्रदेशवासियों की चिंता है तो छत्तीसगढ़ को केंद्र से फंड क्यों नहीं दिलाया, रोजगार की योजनाएं क्यों नहीं ला सके। देश-दुनिया में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। अन्य देशों में कोरोना संकट से निपटने के उपाय किए जा रहे हैं, वहीं भारत में मोदी सरकार राज्यों में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकारों को गिराने के खेल में व्यस्त है।राजेंद्र ने सवाल किया कि 15 साल तक राज करने वाले डॉ. रमन सिंह और धरमलाल कौशिक ने केंद्र सरकार से कोरोना संकटकाल में छत्तीसगढ़ को आर्थिक पैकेज दिलाने का प्रयास क्यों नहीं किया। केंद्र सरकार से राज्य की जनता के लिए राशि लाने या फंड जुटाने सहित रोजगार देने वाली योजनाओं को लाने का काम क्यों नहीं किया? इस संकट की घड़ी में रमन सिंह या धरम कौशिक जैसे वरिष्ठ भाजपा नेताओं का केवल बयानबाजी करना शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि 2014 और 2019 के आम चुनाव में किए गए वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही मोदी सरकार कोरोना संकट से निपटने में भी पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।

24-07-2020
रमन सिंह ने भूपेश बघेल को लिखा पत्र, कहा गरीबों को आवास दिलाने आप गंभीर नहीं, कदम योजना को बंद कराने की ओर अग्रसर

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही का आरोप लगाया है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार के कदम योजना को बंद कराने की ओर अग्रसर हैं। उन्होंने बजट में पर्याप्त राशि का प्रावधान कर गरीबों को लाभ दिलाने की मांग की।पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के हर गरीब परिवारों को आवास देने का लक्ष्य 2022 तक रखा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी परिवारों को आवास देने का कार्य भाजपा सरकार ने किया था। लेकिन कांग्रेस की सरकार आते ही इस योजना पर ग्रहण लग गया।

डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि वे यह इसलिए लिख रहे हैं क्योंकि प्रधानमत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सरकार ने 2018-19 का 792 करोड़ और 2019-20 का 762 करोड़ रुपए, इस प्रकार कुल 1554 करोड़ रुपए की अपने हिस्से की राशि नहीं दी है, इस कारण केन्द्र सरकार ने आगामी किश्त की राशि राज्य सरकार को जारी नहीं की है। इसके साथ ही वर्ष 2020-21 की राशि का प्रावधान भी प्रदेश के बजट में नहीं किया गया है। इससे यह प्रतीत होता है कि इस योजना को लेकर अर्थात गरीबों को आवास देने के प्रति आप गंभीर नहीं हैं और आपके यह कदम योजना को बंद करने की ओर अग्रसर हैं। डॉ. रमन सिंह ने लिखा कि मुख्यमंत्री से यह आग्रह है कि इस योजना की आवश्यकता को देखते हुए राज्य के हिस्से की राशि शीघ्र अतिशीघ्र जारी करने का कष्ट करें।

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22-07-2020
बृजमोहन ने हरदेव की मौत पर दुख व्यक्त किया, परिवार के सदस्य को नौकरी और 1 करोड़ मुआवजा देने की मांग

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने हरदेव सिन्हा की मौत पर दुख  व्यक्त किया है। अग्रवाल ने मौत के लिए राज्य की  कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया है। उन्होंने कहा है कि इस बेरोजगार युवक की मौत के पीछे  सीधे-सीधे सरकार की नाकामी है। सरकार 40 से 50 प्रतिशत जले इस युवक को पहले काम नहीं दे पाई और बाद में उनकी जान भी नहीं बचा पाई। अग्रवाल ने मृत युवक के गरीब परिवार को एक करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। बृजमोहन ने आरोप लगाया है कि सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवकों को आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए रोजगार व नौकरियां नहीं दे पा रही है। अनियमित कर्मचारियों को रेगुलर करने के बजाए काम से निकाल रही है। अपने पार्टी के कई दर्जन बेरोजगारों की बेरोजगारी दूर करने,आर्थिक तंगी के बीच संसदीय सचिव,निगम,मंडल आयोग में नियुक्ति दे रही है। प्रदेश के युवा जानना चाहते हैं, जब उनके नौकरी के लिए पैसे नहीं हैं,प्रदेश में आर्थिक तंगी है तो इन सब  लोगों के लिए पैसे कहां से आएंगे। बृजमोहन ने कहा है कि सब इंस्पेक्टर, आरक्षक,व्याख्याता और शिक्षक भृत्य सहित अनेक विभागों के पदों की भर्ती प्रक्रिया, जो पूरी हो गई थी उन्हें भी या तो निरस्त कर दिया गया या रोक दिया गया है। कई विभाग ने तो भर्ती की रिजल्ट तक घोषित कर दिया था,उन भर्तियों को भी निरस्त कर दिया गया। पुलिस भर्ती में तो सरकार हाईकोर्ट के आदेश व निर्देश का भी पालन नहीं कर रही ही। 2500 रुपए महीना  बेरोजगारी भत्ता का ख्वाब दिखाकर युवाओं से वोट तो लिया पर उसके बाद उन युवाओं की ओर देखना भी इन्हें पसंद  नहीं है।

 

21-07-2020
संसदीय सचिव ने विभिन्न वार्डों में नागरिकों से कराया विकास कार्यों का भूमिपूजन

रायपुर। पश्चिम विधानसभा विधायक व संसदीय सचिव विकास उपाध्याय की उपस्थिति में मंगलवार को विभिन्न वार्डों में विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। उन्होंने वीर सावरकर नगर वार्ड में जरवाय तालाब में शेड निर्माण कार्य,पंचधाम मंदिर टाटीबंध के सामने हनुमान वाटिका में निर्माण कार्य, संत रविदास वार्ड के सरोना में कला मंच निर्माण कार्य और सरोना नया बाजार में शासकीय भवन अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने के लिए,वार्डवासियों के हाथों भूमिपूजन कराया। विधायक उपाध्याय ने कहा कि जनता की लंबे समय से विकास कार्यों की मांग थी, 15 सालों में नहीं हुए विकास कार्यों की सौगात पश्चिम विधानसभा के विभिन्न वार्डो में मात्र 18 माह के कार्यकाल में विधायक ने दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार हमेशा जनता के हित मे कार्य करती आई है। हर पल जनता की सुविधा का ख्याल करते हुए निरंतर विकास कार्य किए जा रहे हैं। वीर सावरकर नगर जरवाय में तालाब, शमशान घाट के सौंदर्यीकरण और शेड लगाने का कार्य का भूमिपूजन किया गया। इस तालाब के सौंदर्यीकरण होने से आसपास के क्षेत्रवासियों को स्वच्छ और साफ वातावरण मिलेगा। इसके साथ ही सरोना में विधायक निधि से 5 लाख रुपए की लागत से सर्व सुविधायुक्त कला मंच के निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इस कला मंच की वार्डवासियों की ओर से लंबे समय से मांग थी। इसके साथ ही सरोना नया बाजार के आधे-अधूरे भवन को जल्द पूर्ण करने कहा गया। इस भवन के पूर्ण होने से आम जनता को इसका फायदा मिलेगा। इसके साथ ही पंचधाम मंदिर टाटीबंध के सामने हनुमान वाटिका में निर्माण कार्य कर सौंदर्यीकरण करने के निर्देश दिए गए। आधे अधूरे अपूर्ण कार्य को पूर्ण करने के लिए वार्ड की जनता के साथ भूमिपूजन किया गया। इस विकास कार्य के पूर्ण होने से सरोना,चंदनडीह,हीरापुर,जरवाय,टाटीबंध,अटारी,कोटा,रायपुरा,दीनदयाल उपाध्याय नगर और आसपास के क्षेत्रवासियों को सीधा फायदा मिलेगा। भूमिपूजन कार्यक्रम में विधायक एवं संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के साथ जोन 8 कमिश्नर अरुण ध्रुव, पूर्व जोन अध्यक्ष सोमन ठाकुर,ब्लॉक अध्यक्ष अशोक ठाकुर,पूर्व पार्षद संदीप साहू,सोहन शर्मा,देवेंद्र साहू,नीलम सोनकर,सहदेव नायक,शिव यादव,भरत यादव,राजू चंदेल,पप्पू खेरा,शिनोद रात्रे,हैप्पी बाजा और कांग्रेस के कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

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