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05-03-2021
Video: महापौर ने किया नगर निगम का पहला बजट, विपक्ष ने किया हंगामा

धमतरी। 138 साल बाद निगम की कुर्सी पर कांग्रेस की सत्ता बैठी है,साथ ही निगम की सत्ता में आने के बाद निगम के महापौर विजय देवांगन द्वारा उनके कार्यकाल का आज पहला बजट पेश किया गया है। इस बीच विपक्ष में बैठे भाजपा नेता प्रतिपक्ष और पार्षदों द्वारा जमकर हंगामा किया। बजट सत्र के दौरान 46 प्रश्नों की लिस्ट बनाई गई थी,लेकिन पक्ष और विपक्ष के हंगामे के चलते 9 प्रश्न ही हो पाए। पक्ष और विपक्ष द्वारा जमकर हंगामा करते हुए एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए वहीं विपक्षी 17 पार्षदों द्वारा बजट का विरोध किया गया,वहीं सत्तापक्ष के 22 पार्षदों द्वारा हामी भरी गई है। हंगामे के बीच आज निगम का बजट पेश किया गया है। बजट में बरसात में नालियों और कुछ वार्डों में पानी भरने की समस्या, तालाब सौन्दर्यीकरण,हाईटेक बस स्टैंड, बाला चौक में स्थित शॉपिंग काम्प्लेक्स समेत कई सवाल पूछे गए। शुक्रवार को नगर निगम के सभा कक्ष में प्रश्नकाल आयोजित किया गया। इसके पश्चात महापौर विजय देवांगन द्वारा बजट प्रस्तुत करते हुए उद्बोधन किया। महापौर ने 30 लाख 54 हजार लाभ का बजट प्रस्तुत किया। 2021-22 के लिए कुल आय 421 करोड़ 83 लाख 34 हजार रुपये अनुमानित है। वहीं कुल व्यय 421 करोड़ 52 लाख 80 हजार रुपये अनुमानित है।

भाजपा के आमापारा पार्षद विजय मोटवानी ने प्रश्नकाल के दौरान पूछा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में आज तक कितनी राशि का भुगतान हुआ है और कितने हितग्राहियों को भुगतान लंबित है। इस पर एमआईसी मेम्बर राजेश ठाकुर ने बताया कि वर्तमान में किसी भी हितग्राहियों का भुगतान लंबित नहीं है और 40 करोड़ 90 लाख से अधिक का पेमेंट हो चुका है। इस पर पलटवार करते हुए पार्षद मोटवानी ने कहा कि राज्य शासन से राशि मिली ही नहीं है तो कैसे भुगतान किया गया। महापौर विजय देवांगन द्वारा बताया गया कि बजट में नगर विकास सहित आम नागरिकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। गड़बो नवा धमतरी के परिकल्पना को सार्थक बनाते हुए इस बजट में अनेक प्रकार के विकास कार्य को शामिल किया गया है। इसमें मुख्य रुप से महिमासागर पारा वार्ड स्थित ट्रेचिंग ग्राउण्ड लिगेसी वेस्ट का निष्पादन कार्य 131.68 लाख का प्रावधान किया गया है। सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना कार्य 2506.68 लाख रूपये का प्रावधान किया गया है। जल आवर्धन योजना 3400 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। क्षेत्रातंर्गत पौनी पसारी बाजार निर्माण कार्य 1 करोड़, गौठान निर्माण कार्य 50 लाख, सीसी रोड निर्माण कार्य 10 करोड, नाली निर्माण कार्य 10 करोड़, बी.टी. रोड निर्माण कार्य 2 करोड़, विभिन्न तालाबों का विकास एवं सौंदर्याकरण कार्य 6 करोड, सोरम में गोकुल नगर विकास कार्य 1 करोड़ 14 लाख, हाईटेक बस स्टैण्ड निर्माण कार्य 6 करोड़ 35 लाख, नागरिक सहकारी बैंक के पास पार्किंग निर्माण का 10 करोड़ 4 लाख, ट्रांसपोर्ट नगर निर्माण कार्य 15 करोड़ 34 लाख, स्विमिंग पुल निर्माण कार्य 3 करोड़ 92 लाख 48 हजार, सामुदायिक / सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य 4 करोड, विद्युतीकरण योजना 5 करोड़ व् आदि कार्यो का प्रावधान किया गया है।

 

25-02-2021
हंगामेदार रहा प्रश्नकाल, मंत्री शिव डहरिया के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने किया वॉकआउट

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की शुरुआत हंगामेदार रही। गुरुवार को प्रश्नकाल 5 प्रश्नों में ही सिमट गया। विपक्ष ने सत्ता पक्ष को घेरने की पूरी तैयारी की थी। पहले धान खरीदी और चावल के उठाव के मामले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। इसके बाद एक सावल के जवाब से असंतुष्ट भाजपा के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन (वॉकआउट) किया। दरअसल प्रश्नकाल के दौरान धमतरी विधायक रंजना साहू ने नगर निगम धमतरी के संबंध में सवाल उठाया। रंजना साहू ने कहा कि एक सवाल का दो-दो जवाब देकर गुमराह किया जा रहा है। इस पर मंत्री डॉ.शिव कुमार डहरिया ने सदन में जवाब दिया। विपक्ष ने जवाब से असंतुष्ट होकर नारेबाजी की और बहिर्गमन किया।

24-02-2021
विधानसभा बजट सत्र: आयुर्वेद विभाग पर मंत्री को घेरा विधायक रंजना साहू ने, प्रश्नकाल में उठाया मुद्दा

धमतरी। विधायक रंजना साहू निरंतर क्षेत्र के गंभीर मुद्दों को विधानसभा के पटल पर उठाते आई है। बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन निर्धारित प्रश्नकाल में सदन मे आसंदी के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिहदेव से विधायक रंजना साहू ने प्रश्न पूछा। उन्होंने जिला आयुर्वेद चिकित्सा विभाग के कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया। अनियमितता की ओर विभागीय मंत्री को घेरने का प्रयास किया। विधायक ने प्रश्न करते हुए कहा कि आयुर्वेद देश की प्रमाणित व प्राचीन चिकित्सा पद्धति है,जो कि विश्व को भारत की देन है और उसे बचाने के लिए राज्य सरकार गंभीर नहीं है।

जिले में आयुर्वेद अस्पताल में कर्तव्य में लापरवाही बरतते हुए जनता को आवश्यक सुविधाएं नहीं दी जा रही है। इस संबंध में ध्यान आकर्षित करते हुए विधायक ने कहा कि विभागीय स्तर पर त्वरित रूप से कार्यवाही करते हुए हमारी धरोहर चिकित्सा पद्धति को समृद्ध करना अति आवश्यक है। इस विषय पर सदन में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक का भी साथ मिलते हुए विधायक के प्रश्न का उन्होंने समर्थन करते हुए बात को आगे बढ़ाई। स्वास्थ्य क्षेत्र मानवता के लिए पवित्र माना जाता है। इसलिए किसी प्रकार की कोताही बरता जाना गंभीर लापरवाही की परिधि में आता है। 

 

24-02-2021
सदन में उठा जमीन आवंटन में गड़बड़ी का मामला,कवासी लखमा ने प्रबंधक को किया निलंबित 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान जमीन आवंटन में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया गया। मनेंद्रगढ़ विधायक विनय जायसवाल ने मंत्री कवासी  लखमा को बताया कि प्रबंधक शैलेश रंगा ने मनमाने तरीके से 17 लोगों को औद्योगिक भूमि का आवंटन किया है। न तो कोई विज्ञापन जारी किया गया और न ही आरक्षण नियमों का पालन किया गया। मंत्री कवासी लखमा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सदन में निलंबित करने की घोषणा की। दरअसल मनेंद्रगढ़ विधायक जायसवाल ने प्रश्न के माध्यम से औद्योगिक क्षेत्र परसगढ़ी के विकास के लिए और उद्योगों को आबंटित भूमि की जानकारी मांगी थी। इस मामले में मंत्री कवासी लखमा ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र परसगढ़ी के औद्योगिक विकास कार्य प्रगति पर होने के कारण उद्योगों को भूमि का आवंटन नहीं किया गया है।

10-02-2021
Video: सांसद सरोज पांडेय ने सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए उठाया सवाल

रायपुर/नई दिल्ली। राज्यसभा सांसद सरोज पांडेय ने बुधवार को संसद बजट सत्र के प्रश्नकाल में प्रश्न किया। उन्होंने सरकार की ओर से सामान्य श्रेणी के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए कोटा के तहत आयु सीमा में छूट पर प्रश्न किया।

14-09-2020
संसद मानसून सत्र: अधीररंजन चौधरी ने कहा,प्रश्नकाल संसद प्रणाली में होना जरूरी

नई दिल्ली। कोरोना महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। कांग्रेस सांसद अधीररंजन चौधरी ने चीन का मुद्दा उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कई महीनों से हमारे देश के लोग तनाव में है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अधीर रंजन को रोकते हुए कहा कि संवेदनशील मुद्दे पर संवेदनशील तरीके से बात रखी जाएगी। ओम बिरला ने कहा कि असाधारण परिस्थितियों में यह सत्र हो रहा है, इसकी वजह से कुछ असुविधा भी हो सकती है। यह सब असुविधा आप लोगों की सुरक्षा के लिए है। पक्ष-विपक्ष दोनों ही जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर आगे बढ़ेंगे। स्पीकर ने कहा कि इस बार हमने सांसदों को सदन में बैठकर बोलने की इजाजत दी है। वहीं कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रश्नकाल संसद प्रणाली में होना बहुत जरूरी है। यह सदन की आत्मा है।

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि प्रश्नकाल को हटाकर लोकतंत्र का गला घोटने की कोशिश की जा रही है।विपक्ष के अन्य सदस्यों ने भी कहा कि प्रश्नकाल और प्राइवेट मेंबर बिजनेस होना जरूरी है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि प्रश्नकाल और प्राइवेट मेंबर बिजनेस होना बहुत जरूरी है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी कहा कि प्रश्नकाल संसदीय प्रणाली के मूलभूत ढांचे से जुड़ा है। इसका प्रमुख अंग है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रख्यात शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, वर्तमान लोकसभा सदस्य वसंतकुमार और 13 पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई।

टीएमसी सांसद ने की निर्मला सीतारमण के पहनावे पर टिप्पणी, हुआ हंगामा

तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने सोमवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पहनावे को लेकर टिप्पणी कर दी, जिस पर सत्ता पक्ष के लोगों ने आपत्ति जताई। संसदीय कार्य मंत्री ने इसे महिलाओं का अपमान बताया और मांग की कि वे बिना शर्त माफी मांगें। स्पीकर ने सौगत रॉय की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।शून्यकाल में टीएमसी सांसद की टिप्पणी को लेकर हंगामा होने लगा। कई सदस्यों ने इस पर आपत्ति जाहिर की। संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, 'एक वरिष्ठ सदस्य होते हुए व्यक्तिगत पहनावे पर कॉमेंट करना, वह क्या बात कर रहे हैं? उन्हें बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यह महिलाओं का अपमान है।' इस दौरान स्पीक ओम बिरला ने कहा कि उनकी टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटा दिया जाए।इस दौरान टीएमसी सांसद को अपनी गलती का अहसास नहीं हुआ और वह बार-बार पूछते रहे कि आखिर उन्होंने क्या गलत कह दिया है? इसमें क्या गलत है? पश्चिम बंगाल के दमदम से सांसद सौगत रॉय मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री रहे हैं। वह सदन के वरिष्ठ सदस्य हैं।

 

02-09-2020
लोकसभा के मानसून सत्र में नहीं होगा प्रश्नकाल, छुट्टी के दिन भी होगी बैठक

नई दिल्ली। कोरोना महामारी की वजह से पहली बार संसद के मानसून सत्र के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। 14 सितम्बर से एक अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही और समय में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। इसके तहत पहले दिन लोकसभा सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक बैठक होगी, वहीं बाकि दिनों में दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक सदन की कार्यवाही चलेगी।लोकसभा से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मानसून सत्र में प्रश्नकाल नहीं होगा लेकिन शून्य काल की कार्यवाही होगी। प्राइवेट मेंबर बिल नहीं पेश किया जा सकेगा।

इसी तरह राज्यसभा की बैठक पहले दिन यानी 14 सितम्बर को दोपहर तीन बजे से शाम सात बजे तक चलेगी लेकिन बाकी दिन सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक ही बैठक होगी। इसके साथ ही शनिवार और रविवार को अवकाश नहीं होगा और दोनों सदनों की बैठक होगी। सत्र के दौरान 14 सितम्बर से एक अक्टूबर तक कुल 18 बैठकें होंगी।

 

03-02-2020
ओवैसी ने संसद में उठाया जामिया गोलीकांड का मुद्दा, बोले- बच्चों पर जुल्म कर रही सरकार  

नई दिल्ली। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान जामिया में हुई गोलीबारी का मुद्दा जोरशोर से उठा। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों पर जुल्म कर रही है। बच्चों को गोली मारी जा रही है। संसद में बढ़ते हंगामे के कारण लोकसभाध्यक्ष ने प्रश्नकाल को स्थगित कर दिया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं हुकूमत को बताना चाहता हूं कि हम तमाम जामिया के बच्चों के साथ हैं। ये हुकूमत बच्चों पर जुल्म कर रही है। एक बच्चे की आंख चली गई, बेटियों को मारा गया...बच्चों को मार रहे हैं। शर्म नहीं आई इनको, गोली मार रहे है। सदन में हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने सदस्यों से अपने स्थान पर जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब वे चर्चा करेंगे तभी संविधान और लोकतंत्र बचेगा।
 
सीएए, एनपीआर के मुद्दे पर कांग्रेस का हंगामा

कांग्रेस सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान संशोधित नागरिकता कानून, राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के मुद्दे पर भारी हंगामा किया। विपक्षी सदस्यों ने दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विवादित बयान देने का आरोप लगाते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर का भी भारी विरोध किया। सदन की कार्यवाही शुरू होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे प्रश्नकाल शुरू करने को कहा वैसे ही कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए अध्यक्ष के आसन के निकट पहुंच गए। कई सदस्यों ने 'लोकतंत्र बचाओ-भारत बचाओ' और ‘नो सीएए-एनआरसी-एनपीआर’ के नारे वाली तख्तियां ले रखी थीं। शोर शराबे के बीच प्रश्नकाल में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर जब पूरक प्रश्नों का उत्तर देने खड़े हुए तो कांग्रेस सदस्यों ने ‘अनुराग ठाकुर शेम शेम’ और ‘गोली मारना बंद’ करो के नारे लगाए।

 

02-12-2019
सारेकुंडा मामले को लेकर विपक्ष ने किया सदन में हंगामा, सभापति ने स्थगित की सदन की कार्यवाही

रायपुर। विधानसभा में शीतकालीन सत्र में सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने सारेकुंडा का मामला उठाते हुए जोरदार हंगामा किया। सारेकुंडा पर सदन में सवाल सोमवार को पेश किया गया, जबकि इसकी खबर एक दिन पहले ही लीक हो गई थी। रविवार को ज्यादातर सोशल मीडिया पर यह खबर छाई रही, वहीं सोमवार को प्रदेश के प्रमिख अखबारों की हेडलाइन थी। विपक्ष ने विशेषाधिकार हनन की सूचना देते हुए आक्रोश जताया और जोरदार हंगामा किया। सदन में विपक्ष ने सत्तापक्ष को इस मामले में किसी तरह की सफाई पेश नहीं करने दी। बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति सत्यनारायण शर्मा ने सदन की कार्यवाही को 5 मिनट के लिए स्थगित कर दिया। विधानसभा के जारी शीतकालीन सत्र में यह दूसरी बार है, जब विपक्ष ने विशेषाधिकार की सूचना दी है। इससे पहले आबकारी मंत्री के बयान के बाद ब्रेवरेज कार्पोरेशन के एमडी ने खंडन जारी कर दिया था, जिसे लेकर सदन में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया था।

01-12-2019
कई राज्यों को निर्भया फंड के इस्तेमाल में रुचि नहीं

नई दिल्ली। हैदराबाद में महिला डाक्टर को सामूहिक बलात्कार के बाद जिंदा जला दिए जाने की घटना से देशभर में रोष है। लेकिन ऐसे मामलों में बढ़ोतरी होने के बावजूद अधिकतर राज्य सरकारें उदासीन हैं। महिला सुरक्षा के लिए स्थापित निर्भया फंड  में से कुछ राज्यों ने जहां नाममात्र की धनराशि खर्च की तो वहीं कई राज्यों ने विभिन्न मदों में से एक के लिए भी धनराशि ली ही नहीं। हैदराबाद में महिला डॉक्टर से बलात्कार की घटना से देश में आक्रोश के बीच एक तथ्य यह भी है कि केंद्र सरकार द्वारा महिला सुरक्षा के लिये गठित निर्भया फंड के पैसे खर्च करने में सभी राज्य विफल रहे और कुछ राज्यों ने तो एक पैसा भी खर्च नहीं किया। लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान निर्भया कोष के आवंटन के संबंध में सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार आवंटित धनराशि में से 11 राज्यों ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया। इन 11 राज्यों में महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा के अलावा दमन और दीव शामिल हैं। न्याय विभाग द्वारा 11 राज्यों को दिए गए फंड में से किसी भी राज्य ने एक पैसा खर्च नहीं किया। न्याय विभाग ने निर्भया कोष के तहत परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिये झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, नगालैंड, ओडि़शा, राजस्थान, त्रिपुरा तथा उत्तराखंड को धन आवंटित किया था।

29-11-2019
आदिवासी इलाकों में नवोदय की तर्ज पर खुलेंगे एकलव्य विद्यालय

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आदिवासियों के बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराने के इरादे से आदिवासी क्षेत्रों में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर एकलव्य स्कूल खोलने का फैसला किया है। 50 फीसदी आदिवासी आबादी और कम से कम 20 हजार लोगों वाले इलाकों में 2022 तक ये विद्यालय खोले जाएंगे। केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह सरुता ने गुरुवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। आदिवासी मामलों में राज्यमंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान सदन को बताया कि आदिवासियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सरकार ने फैसला किया है कि 2022 तक 50 फीसदी आदिवासी आबादी वाले हर एक ब्लॉक में एक एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय खोला जाएगा। इसमें स्थानीय कला, संस्कृति, खेल और कौशल विकास की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इन विद्यालयों के निर्माण के लिए सरकार 20 करोड़ रुपये प्रति विद्यालय अनुदान देगी। साथ ही इनमें पूर्वोत्तर, पहाड़ी और सुदूर क्षेत्र के इलाकों में स्कूल खोलने के लिए अतिरिक्त 20 फीसदी मदद दी जाएगी। मंत्री ने बताया कि 2019-20 के दौरान एकलव्य विद्यालयों के लिए 765.08 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड के लिए कुल 46 एकलव्य स्कूल मंजूर किये गए हैं। 

27-11-2019
विधानसभा शीतकालीन सत्र : अजय चंद्राकर को जान से मारने की धमकी को लेकर सदन में हंगामा

रायपुर। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन बुधवार को प्रश्नकाल शुरु होते ही सदन में  हंगामा हो गया। भाजपा की ओर से विधायक शिवरतन शर्मा ने आसंदी को जानकारी दी “हमारे सीनियर सदस्य अजय चंद्राकर को जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि सदन में सवाल उठाने पर धमकी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत ने तुरंत ही संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे से कहा, पता करें कि ऐसा क्या हुआ है। उन्होंने कहा कि पूरी जानकारी दे और उचित सुरक्षा उपलब्ध कराएं। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा विधायक जनहित के मुद्दे ना उठाएँ तो कहां जाएंगे। अब ऐसे मामले प्रदेश में आ रहे हैं, ऐसे में कहां जाएं हम। इस पर संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने सदन को जानकारी दी कि सरकार को जानकारी है, आपने भी अवगत कराया है। अजय चंद्राकर ने भी अवगत कराया था। व्यक्ति को ट्रेस किया गया है, उसकी गिरफ़्तारी भी हुई है। हम मानते हैं मामला गंभीर है। सरकार उचित कार्यवाही कर रही है।

 

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