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02-07-2020
राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरा स्थगित, 3 जुलाई को जाने वाले थे सेना प्रमुख के साथ स्थिति का जायजा लेने

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का लद्दाख दौरान स्थगित हो गया है। वह शुक्रवार को सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के साथ लद्दाख जाने वाले थे। लद्दाख में रक्षा मंत्री को चीनी सेना के साथ सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर भारत की सैन्य तैयारियों का जायजा लेना था। अब उनके कार्यक्रम को दोबारा तैयार किया जा रहा है। अगर रक्षा मंत्री शुक्रवार को लद्दाख जाते तो भारत-चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के दौरान उनका पहला लद्दाख दौरा होता। उनके साथ थल सेनाध्यक्ष नरवणे भी जाने वाले थे। बता दें कि नरवणे कुछ दिन पहले ही लद्दाख दौरे से लौटे हैं। माना जा रहा था कि राजनाथ सिंह के दौरे का मकसद सैनिकों का मनोबल बढ़ाना था। इससे पहले सेना प्रमुख ने 23 और 24 जून को लद्दाख का दौरा किया था। जनरल नरवणे ने जवानों को सम्मानित करते हुए उनका हौसला बढ़ाया था। इसके बाद उन्होंने दिल्ली आकर रक्षा मंत्री को हालात की जानकारी दी थी। बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।

 

01-07-2020
चीन से तनाव के बीच रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख करेंगे लेह का दौरा

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी आक्रामकता को देखते हुए शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करने के लिए लेह का दौरा करेंगे।
बता दें कि वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए दोनों देशों के बीच मंगलवार को चुशुल सेक्टर में कोर कमांडर स्तर की बातचीत हुई थी।  सैन्य अधिकारियों के बीच इस बैठक का तीसरा दौर 12 घंटे तक चला और रात 11 बजे खत्म हुआ। सैन्य सूत्रों ने बताया कि चीन के अड़ियल रवैये के चलते एलएसी पर गतिरोध को खत्म करना एक जटिल प्रक्रिया हो गई है।  शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख सेक्टर में एलएसी के पास लगभग दो डिवीजनों (लगभग 20,000) की तैनाती की है। इसके अलावा चीन ने एक और टुकड़ी (10,000 सै क) को उत्तरी शिनजियांग प्रांत में तैनात किया है, जो लगभग 1,000 किलोमीटर की दूरी पर है और समतल इलाका होने के कारण उसे हमारे मोर्चे तक पहुंचने में अधिकतम 48 घंटे का समय लगेगा।

22-06-2020
रूस के लिए रवाना हुए रक्षा मंत्री...रणनीतिक साझेदारी पर करेंगे चर्चा, चीन भी रहेगा मौजूद

नई दिल्ली। भारत-चीन तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को तीन दिन के दौरे पर रूस रवाना हुए। यहां राजनाथ सिंह मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के 75वें साल पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा को लेकर और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होने की उम्मीद है।

सीमा विवाद के बीच रक्षा मंत्री का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

सोमवार सुबह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रूस के तीन दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। राजनाथ सिंह मॉस्को में विक्ट्री डे परेड के 75वें साल पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम में चीन के मंत्री भी शामिल होंगे, लेकिन भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि रक्षा मंत्री चीनी नेताओं से मुलाकात नहीं करेंगे। यह यात्रा चीन और भारत के बीच हुई हिंसक झड़प के 6 दिन बाद हो रही है।

रक्षा मंत्री का ट्वीट :

रूस रवाना होने से पहले रक्षा मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा कि तीन दिन की मॉस्को यात्रा पर जा रहा हूं। इस दौरान भारत-रूस के बीच रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का मौका मिलेगा। साथ ही 75वें विक्ट्री डे परेड में भी शामिल होऊंगा। विशेषज्ञों की मानें तो रक्षा मंत्री रूस दौरे के दौरान एस-400 मिसाइल सिस्टम की जल्द आपूर्ति समेत कई रक्षा सौदों पर चर्चा कर सकते हैं। भारत और रूस के कूटनीतिक रिश्ते काफी पुराने हैं। हर मुश्किल वक्त में दोनों देश एक-दूसरे के साथ खड़े नजर आते हैं। भारत-चीन सीमा विवाद पर भी रूस नजर बनाए हुए है।

रूस के रक्षा मंत्री को भारत-चीन तनाव की जानकारी देंगे :

माना जा रहा है कि कोरोना के चलते रूस ने एस-400 डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी में दिसंबर 2021 तक देरी की। भारत ने पिछले साल ही इसके लिए रूस को 5.4 बिलियन डॉलर (40 हजार करोड़ रु.) का भुगतान कर चुका है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने रविवार को स्पुतनिक को बताया कि राजनाथ अपनी यात्रा के दौरान चीन और भारत के सीमा तनाव पर रूसी रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू को जानकारी देंगे। वहीं, इस दौरान राजनाथ सिंह की चीनी अधिकारियों से मुलाकात नहीं होगी। उधर, कोरोनावायरस महामारी के बीच किसी भी भारतीय नेता की यह पहली विदेश यात्रा है। रक्षा मंत्री ने रविवार को तीनों सेना प्रमुखों और सीडीएस बिपिन रावत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लद्दाख के हालात की समीक्षा की। इस बीच केंद्र सरकार ने भी सेना को चीन के खिलाफ किसी भी तरह कार्रवाई के लिए खुली छूट दे दी है। साथ ही हथियार और गोलाबारूद खरीदने के लिए इमरजेंसी फंड भी जारी कर दिया गया है।

16-06-2020
चीन से तनाव को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ली हाईलेवल बैठक

नई दिल्ली। भारत और चीन सीमा पर पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में दोनों सेनाओं के जवानों के बीच हिंसक झड़प के मद्देनजर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक बैठक में चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे के साथ स्थिति की समीक्षा की है।सेना ने एक वक्तव्य जारी कर कहा था कि गलवान घाटी में दोनों सेनाओं के जवानों के पीछे हटने की प्रक्रिया के दौरान सोमवार रात को हिंसक झड़प हुई,जिसमें एक अधिकारी और दो जवान शहीद हो गए। सूत्राें के अनुसार राजनाथ सिंह ने सेना के वरिष्ठ नेतृत्व से झड़प के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आगे की योजना पर चर्चा की। बैठक में इस घटना के बाद उत्पन्न स्थिति से संबंधित तमाम पहलुओं पर बातचीत की गई। सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि झडप के दौरान फायरिंग नहीं हुई है।

 

 

11-05-2020
प्रधानमंत्री के साथ करीब 6 घंटे तक चली राज्यों के सीएम की बैठक, मुख्यमंत्रियों ने दिए ये सुझाव...

नई दिल्ली। राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फेंसिंग के जरिए बैठक की। ये बैठक करीब छह घंटे तक चली। इसमें कोरोना वायरस, इसको लेकर लगाए गए लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। कोरोना वायरस को लेकर पीएम मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ ये पांचवी बैठक थी। मुख्यमंत्रियों से संवाद के दौरान प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे। इसमें राज्यों के सीएम ने अपनी-अपनी बात रखी।

लॉकडाउन जारी रखने का बिंदू क्या है? : ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जब भारत सरकार ने सीमाओं को खोलने, ट्रेनों को शुरू करने और हवाईअड्डों को खोलने सहित लगभग सब कुछ खोल दिया है, तो लॉकडाउन जारी रखने का बिंदू क्या है? उन्होंने कहा कि हम इस संकट में एक साथ हैं। हालांकि, किसी तरह पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के लिए टारगेट किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केंद्र की तरफ से रोज कई गाइडलाइन जारी की जाती है। इसे पढ़ने और फॉलो करने में हम थक जाते हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि निषिद्ध क्षेत्रों को छोड़कर राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी जानी चाहिए। सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी।

 

हमारे सामने आज प्रवासी मजदूर बड़ी चुनौती: योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे सामने आज प्रवासी मजदूर बड़ी चुनौती है। अब तक 9 लाख से ज्यादा कामगारों और श्रमिकों को हम होम क्वॉरन्टीन में भेज चुके हैं। इसमें से 7 लाख श्रमिक अपना होम क्वॉरन्टीन पूरा कर चुके हैं। उनको हम नौकरी और रोजगार देने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अभी यात्री ट्रेन सेवा शुरू नहीं करने का आग्रह किया जिसे देश में कोरोनो वायरस के प्रसार को रोकने के लिए निवारक उपायों के हिस्से के रूप में रोका गया था। महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कहा कि लॉकडाउन पर विशिष्ट और ठोस मार्गदर्शन’ करें। एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि सीएम ठाकरे ने प्रधानमंत्री से कहा,‘लॉकडाउन पर हमारा विशिष्ट एवं ठोस मार्गदर्शन करें, राज्य वही लागू करेंगे।’ बयान में कहा गया है कि ठाकरे ने मोदी से आग्रह किया कि मुंबई में आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारियों के लिए लोकल ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाए।

 

जोन क्षेत्र घोषित करने की जिम्मेदारी राज्यों को मिलनी चाहिए : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य सरकारों को अपने राज्यों के भीतर आर्थिक गतिविधियों से निपटने के बारे में फैसले लेने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्हें रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन क्षेत्र घोषित करने की जिम्मेदारी भी मिलनी चाहिए। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री मोदी से 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने की अपील की। नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में अप्रवासी बिहारियों के आने पर अगर सही तरीके से नहीं जांच की गई तो बिहार की स्थिति सबसे खराब हो सकती है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लॉकडाउन में सावधानी पूर्वक तैयार की गई रणनीति के साथ विस्तार करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि राज्यों की राजकोषीय और आजीविका को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जानी चाहिए। तमिलनाडु में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि 31 मई तक ट्रेन सेवाओं की अनुमति ना दें। शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण भारत की तरफ श्रमिकों के पलायन और मजदूरों के अपने घर जाने से आर्थिक गतिविधियों की बहाली में आने वाली समस्याओं पर भी इस बैठक में चर्चा की गई। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राज्यों को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और इसलिए उन्हें लॉकडाउन से संबंधित दिशानिर्देशों में उचित बदलाव करने की स्वतंत्रता दी जानी चाहिए।

 

सबसे बड़ी चुनौती कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी : मोदी 

वहीं पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आगे के रास्ते और सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर संतुलित रणनीति बनानी होगी और लागू करनी होगी. उन्होंने कहा, ‘आज आप जो सुझाव देते हैं, उसके आधार पर हम देश की आगे की दिशा तय कर पाएंगे।’ उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मानती है कि भारत खुद को कोविड-19 से सफलतापूर्वक सुरक्षित रख पाया है, राज्यों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से कहा,‘जहां भी हमने सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया, हमारी समस्याएं बढ़ गयीं।’ उन्होंने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती रियायतों के बाद भी कोविड-19 को गांवों तक फैलने से रोकने की होगी।

11-05-2020
प्रधानमंत्री ने की मुख्यमंत्रियों से चर्चा,मजदूरों के पलायन पर कहा-मानवीय स्वभाव है कि हम घर जाना चाहते हैं

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने एक बार फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। पीएम मोदी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्य सरकारों के योगदान की तारीफ की।कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए देशभर में 17 मई तक लॉकडाउन लागू है। तीसरे चरण का लॉकडाउन खत्म होने से करीब एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की। पीएम मोदी ने बैठक में कहा कि सरकार को आगे बढ़ने के बारे में सोचना होगा और समग्र दृष्टिकोण के बारे में बात करनी होगी। बैठक में गृहमंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे।पीएम मोदी ने कहा, "इस पूरी लड़ाई में दुनिया ने कहा है कि हम कोविड-19 वैश्विक महामारी के खतरे से लड़ने में सफल रहे हैं। इस लड़ाई में राज्य सरकारों ने प्रमुख भूमिका निभाई है।

उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को समझा और इस खतरे का मुकाबला करने में अपनी भूमिका निभाई।" उन्होंने प्रवासी मजदूरों के पलायन पर कहा, "हमने जोर देकर कहा कि लोगों को वहीं रहना चाहिए जहां वे हैं, लेकिन यह मानवीय स्वभाव है कि हम घर जाना चाहते हैं और इसलिए हमें अपने निर्णयों को बदलना होगा। इसके बावजूद, हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह बीमारी न फैले और गांवों में ना पहुंच जाए, यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है।"बैठक में मौजूद गृह मंत्री अमित शाह ने आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन के महत्व पर प्रकाश डाला और मुख्यमंत्रियों से इसके डाउनलोड को लोकप्रिय बनाने का आग्रह किया, क्योंकि इससे वायरस के प्रसार पर नजर रखने में मदद मिलेगी। राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंंत्री नरेन्द्र मोदी की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं।

26-01-2020
गणतंत्र दिवस पर राजपथ से दुनिया ने देखी भारत की सैन्य ताकत

नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस पर रविवार को राजपथ से दुनिया ने भारत की सैन्य का नमूना देखा। इसके साथ ही सांस्कृति झाकियों ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया। समारोह के मुख्य अतिथि ब्राजील के राष्ट्रपति जाईख मेसीआस बोल्सोनारो भी आनंद लेते नजर आए। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह,तीनों सेना प्रमुखों और प्रमुख रक्षा अध्यक्ष बिपिन रावत की मौजूदगी में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परेड का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले तीनों सेनाओं ने अपने हथियारों का प्रदर्शन किया। राजपथ पर भारतीय सेना का T-90 भीष्म टैंक को पेश किया गया। इस टैंक को कैप्टन सन्नी चहर कमांड कर रहे थे। इसके अलावा के-9 वज्र-टी टैंक की भी परेड में शामिल किया गया। कैप्टन अभिनव साहू इस टैंक को कमांड कर रहे थे। नेवी ने बोइंग पी 8I लॉन्ग रेंज मेरीटाइम पट्रोल एयरक्राफ्ट और कोलकाता क्लास डिस्ट्रायर को पेश किया गया। राजपथ पर भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की टुकड़ी भी नजर आई। तीनों सेनाओं के बाद राजपथ पर राज्यों की झाकियों का सिलसिला शुरू हुआ। सबसे पहले छत्तीसगढ़ की झांकी दिखाई दी। झांकियों को लेकर राजपथ पर मौजूद दर्शकों में भारी उत्साह भी देखने को मिला। छत्तीसगढ़, मेघालय,गुजरात, हिमाचल प्रदेश,पंजाब,जम्मू कश्मीर,राजस्थान,ओडिशा,तेलंगाना और गोवा की झाकियां राजपथ पर प्रदर्शित की गईं। सभी झाकियों में उन राज्यों की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इसके साथ ही अलग अलग मंत्रालयों की झांकी ने भी प्रदर्शित की गई। 90 मिनट की परेड में कुल 22 झांकियां देखने को मिलीं। झाकियों के बाद अलग अलग स्कूल के बच्चों ने विभिन्न राज्यों का लोक नृत्य पेश किया। बच्चों के प्रदर्शन के बाद राजपथ पर सीआरपीएफ की महिला डेयर डेविल्स का दस्ता हैरत अंगेज कारनामे दिखाए। यह पहली बार है जब महिला दस्ते ने इस तरह के करतब को अंजाम दिया। इसके बाद आसमान में वायुसेना के हेलिकॉप्टर और जंगी जहाजों के बेड़े ने भी नजर आए। कार्यक्रम के खत्म होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन किया। दर्शकों ने भी उनका अभिवादन किया और उनकी तस्वीरें भी लीं।  

 

05-01-2020
भाजपा का डोर टू डोर कैंपेन आज से होगा शुरू, मंत्री पहुंचेंगे तीन करोड़ लोगों तक

नई दिल्ली। भाजपा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर अब तक का सबसे बड़ा जनजागरण अभियान शुरू करने की तैयारी में है। एक ही दिन में 42 जगहों पर पार्टी के 42 बड़े नेता घर-घर जाकर संपर्क अभियान लांच करेगी। अगले दिन 10 दिन में भाजपा के मंत्री और नेता देश के तीन करोड़ लोगों के पास पहुंचेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह पांच जनवरी को दिल्ली से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी दिल्ली में मौजूद रहेंगे। वहीं पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा गाजियाबाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नागपुर, केंद्रीय मंत्री वी सदानंद गौड़ा बंगलूरू और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण राजस्थान के जयपुर से संपर्क अभियान को लांच करेंगी।  

कई बड़े नेता होंगे शामिल

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मध्य प्रदेश, केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद हरियाणा, थावर चंद गहलोत छत्तीसगढ़ के रायपुर, डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक उत्तराखंड के हल्द्वानी, केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा झारखंड के जमशेदपुर, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी गुरुग्राम, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल मुंबई, केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी रामपुर में घर-घर जाकर संपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं राष्ट्रीय महासचिव भूपेंद्र यादव लक्षद्वीप, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र से अभियान का आगाज करेंगे।

मध्यप्रदेश- छत्तीसगढ़ में होगा बड़ा अभियान

भाजपा ने मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में इस कानून के समर्थन में माहौल बनाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। भाजपा नेताओं ने इस कानून के फायदे बताने और लोगों का समर्थन हासिल करने के लिए गोष्ठियां शुरू कर दी हैं। समर्थन जुटाने के लिए भाजपा के अभियान की शुरुआत उज्जैन से हुई है। ठीक इसी प्रकार छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह और उषा ठाकुर धार, सांसद रामशंकर कठेरिया और मनोहर उंटवाल रतलाम, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल और पूर्व मंत्री विश्वास सारंग राजगढ़ और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत मंदसौर में प्रबुद्धजनों के साथ गोष्ठियां करेंगे। इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह 12 जनवरी को जबलपुर में प्रबुद्धजन सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

19-12-2019
टू प्लस वार्ता में तीन अहम समझौतों पर हुए हस्ताक्षर

नई दिल्ली। अमेरिका और भारत ने बुधवार को टू प्लस टू वार्ता के दौरान रणनीतिक और सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। इसमें आतंकवाद का मुद्दा भी शामिल है। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक औद्योगिक सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए जो रक्षा प्रौद्योगिकी के हस्तांतरण की अनुमति देने वाला है। बता दें कि यह वार्ता विदेश विभाग के फॉगी बॉटम मुख्यालय में आयोजित की गई थी। वार्ता के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने कहा कि भारत के साथ हमारे रक्षा व्यापार और प्रौद्योगिकी संबंध बढ़ते जा रहे हैं। आज हमें औद्योगिक सुरक्षा अनुबंध (आईएसए) को अंतिम रूप देने पर गर्व है, जो हमारे रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग, महत्वपूर्ण सूचना और प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित हस्तांतरण की अनुमति प्रदान करता है। वॉशिंगटन डीसी में अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर ने कहा कि हमने रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार पहल के तहत तीन समझौतों को भी अंतिम रूप दिया है जो आने वाले समय में दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के सह-उत्पादन और सह-विकास की क्षमता को बढ़ाएगा।

वहीं बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बैठक के दौरान हमने अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और हिंद महासागर क्षेत्र की स्थितियों के बारे में अपने आकलन को साझा किया। हमने पाकिस्तानी नेताओं द्वारा भारत विरोधी हिंसा के लिए बयानबाजी शांति के लिए अनुकूल नहीं होने को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की है। इस दौरान भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने व्हाइट हाउस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकाता की।

आतंकवाद से भी मिलकर निपटेंगे दोनों देश

भारत और अमेरिका अपने द्विपक्षीय सहयोग को और बेहतर करने पर, रक्षा सौदे बढ़ाने पर, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति कयम रखने के लिए जापान जैसे देशों के साथ समन्यवय तेज करने की और आतंक के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू करने पर सहमत हुए। दोनों देशों के बीच राज्य प्रायोजित आतंकवाद, सीमापार से आतंकवाद के खतरे और इनसे निपटने पर भी चर्चा हुई। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ट्वीट किया, 2019 में दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ। हम इन संबंधों की कामयाबी की समीक्षा कर इन्हें आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि आज की बैठक में आतंक के खिलाफ हमारे प्रयासों पर भी चर्चा हुई। सीमापार से आतंकवाद और क्षेत्र में आतंकी चुनौतियों की प्रवृत्ति पर बढ़ती सहमति के बाद इन प्रयासों में तेजी लाई गई है। उन्होंने कहा, चाबहार परियोजना के लिए अमेरिकी सरकार के समर्थन को दोहराने के लिए मैं सचिव पोम्पिओ का बहुत आभारी हूं, जो अफगानिस्तान को लाभ पहुंचाएगा।

नागरिकता कानून पर बोले पोम्पियो, भारत में ठोस घरेलू बहस

टू प्लस टू वार्ता के समापन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका भारत के लोकतंत्र का सम्मान करता है क्योंकि वहां नागरिकता और धार्मिक मुद्दों पर ठोस घरेलू बहस होती हैं। उन्होंने कहा कि हम अल्पसंख्यकों और धार्मिक अधिकारों का सम्मान करते हैं और इनकी सुरक्षा के लिए हम हमेशा तैयार रहेंगे। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि टू प्लस टू वार्ता के दौरान भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों का मुद्दा उठा या नहीं। पोम्पियो ने कहा, आतंक कहीं से भी उत्पन्न रहा हो चाहे वह पाकिस्तान से हो या कहीं और से, इसे लेकर हम भारत सरकार के अपनी भागीदारी में हमारा रुख स्पष्ट रहा है। हम आतंक के खतरे से अमेरिकी लोगों को बचाने के लिए और भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देशों के लोगों को सुरक्षित रखने के लिए साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं, मार्क एस्पर ने कहा, हमारे रक्षा संबंध मजबूत हैं और पिछले साल टू प्लस टू का गठन करने के बाद यह और बेहतर हुए हैं। लोकतंत्र के तौर पर, अमेरिका और भारत की रुचि हिंद-प्रशांत क्षेत्र को मुक्त और समृद्ध करने में है। उन्होंने कहा, इसकी सफलता के लिए हमारे करीबी द्विपक्षीय संबंध महत्वपूर्ण हैं। मैं यह बताते हुए खुश हूं कि हम अपने सैन्य संबंधों में पर्याप्त प्रगति कर रहे हैं। हमारे रक्षा और तकनीकी समझौते लगातार बढ़ रहे हैं। हम औद्योगिक सुरक्षा अनुबंध पर गर्व महसूस कर रहे हैं। यह महत्वपूर्ण सूचना और प्रौद्योगिकियों के सुरक्षित हस्तांतरण का समर्थन करके हमारे रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग की सुविधा प्रदान करेगा।

 

18-12-2019
महत्वपूर्ण समझौतो की उम्मीद के साथ भारत-अमेरिका के बीच टू प्लस वार्ता आज

नई दिल्ली। अमेरिकी धरती पर पहली बार भारत और अमेरिका के बीच आज टू प्लस टू वार्ता होगी। वाशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली इस वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद लगाई जा रही है कि यह वार्ता बेहद गुणवत्तापूर्ण और असरदार होगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने को लेकर कुछ महत्वपूर्ण समझौते होने की भी उम्मीद है। इसमें जनरल सिक्योरिटी ऑफ मिलिट्री इंफर्मेशन एग्रीमेंट (जीएसओएमआईए-आईएसए) करार के अलावा लंबित रक्षा सौदों जैसे एमएच-60आर हेलिकॉप्टर, एमके-45 गन और अन्य सुरक्षा साजो-सामान की खरीद पर भी घोषणा हो सकती है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षामंत्री मार्क एस्पर से बुधवार को यह बातचीत होगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहमति से दोनों देशों के बीच टू प्लस टू की पहली वार्ता पिछले साल सितंबर में दिल्ली में हुई थी। 18 दिसंबर को होने वाली बातचीत की खासियत यह है कि इस साल मोदी और ट्रंप के बीच रिकॉर्ड चार बैठकों के बाद यह वार्ता हो रही है, जिसमें सितंबर में ह्यूस्टन में दोनों नेताओं की विशाल संयुक्त सभा की शामिल है। भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने बताया कि टू प्लस टू वार्ता भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संस्थागत मेकेनिज्म है, जिसमें विदेश नीति, रक्षा और सामरिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठ कर बातचीत का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति और रक्षा के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच काफी प्रगति हुई है।

मुश्किल आर्थिक हालात से जल्द उबर जाएगा भारत : राजनाथ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती का प्रभाव भारत पर भी पड़ा है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि देश जल्द ही इस मुश्किल आर्थिक हालात से उबर जाएगा। टू प्लस टू वार्ता के लिए सोमवार को यहां पहुंचे रक्षामंत्री महावाणिज्य दूत की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भारतवंशियों को संबोधित करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, इस वक्त पूरी दुनिया में वैश्विक आर्थिक मंदी की चर्चा हो रही है। मैं भी यह मानता हूं कि अभी वैश्विक आर्थिक मंदी है, जिसका कुछ हद तक भारत पर भी असर पड़ा है। लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत कुछ ही महीनों में इस मुश्किल दौर से बाहर निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बहुत चिंता की बात नहीं है, क्योंकि मोदी सरकार ने आर्थिक विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं और आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।

राफेल होने से अपनी सीमा में रहकर आतंकी शिविरों का सफाया कर सकेगा भारत

राजनाथ सिंह ने कहा है कि राफेल जेट के वायुसेना में शामिल होने के बाद भारत को पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए सीमा पार नहीं जाना पड़ेगा। अपनी सीमा में रहते हुए ही भारत यह काम कर सकेगा। एक कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय सशस्त्र सेना के शौर्य की प्रशंसा करते हुए अक्तूबर में फ्रांस यात्रा को याद किया। राजनाथ ने वहां दसॉल्ट एविएशन से पहला राफेल जेट प्राप्त किया था।

06-12-2019
हैदराबाद रेपकेस के चारों आरोपी पुलिस एनकाउंटर में ढेर। बस इस एनकाउंटर को राजनीति की भट्ठी में न सेंका जाए

रायपुर। हैदराबाद रेप केस के चारों आरोपीयों को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। बस अब इस एनकाउंटर को भी बटला हाउस की तर्ज़ पर राजनीति की भट्ठी में न सेंका जाए। तेलंगाना के हैदराबाद में वेटरनरी डॉक्टर के साथ हुई दरिंदगी मामले में चारों आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। तेलंगाना पुलिस का दावा है कि इन चारों आरोपियों को नेशनल हाईवे 44 पर क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए ले जाया गया था। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उनपर गोलियां चला दीं। इस मुठभेड़ में चारों आरोपियों की मौके पर ही मौत हो गई। इन सभी आरोपियों को अदालत ने पुलिस रिमांड में भेजा था।

वारदात की जांच के दौरान पुलिस इन चारों आरोपियों को उसी फ्लाईओवर के नीचे ले गई थी, जहां उन्होंने पीड़िता को आग के हवाले किया था। यहां पर क्राइम सीन रिक्रिएट किया जा रहा था। इसी दौरान धुंध का फायदा उठाते हुए उन्होंने भागने की कोशिश की। जिसके बाद उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं। इसमें उनकी मौत हो गई। आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में ढेर होने की पुष्टि पुलिस आयुक्त ने की है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। सड़क से लेकर संसद तक आरोपियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की जा रही थी। सभी आरोपियों को फांसी पर चढ़ाने की बात कह रहे थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा था कि सरकार कड़े कानून बनाने के लिए तैयार है।

04-12-2019
इस कारण रक्षामंत्री के काफिले के आगे सड़क पर लेट गया एक शख्स...

नई दिल्ली। एक 35 वर्षीय व्यक्ति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के काफिले के आगे आ गया। पुलिस ने इस आदमी को पकड़ लिया और उसके मानसिक रूप से अस्थिर होने का संदेह बताया है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का रहने वाला विशम्भरदास गुप्ता संसद के पास सड़क पर लेट गया ये उस समय हुआ जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का काफिला आ रहा था। विशम्भर दास गुप्ता के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। विशम्भरदास गुप्ता ने दावा किया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलना चाहते था क्योंकि उसे अपने आधार कार्ड में नाम बदलवाना था। पुलिस ने बताया कि जब रक्षा मंत्री का काफिला संसद के पास था तो यह आदमी सड़क पर लेट गया। उसने कहा कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की अनुमति दी जाए क्योंकि वह आधार कार्ड में अपना नाम बदलना चाहता था।

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