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18-09-2020
जिले के नीली छतरी वाले गुरुजी ने कोरोना महामारी में भी पढ़ाई की राह बनाई आसान,बच्चों को मिल रहा शिक्षा का लाभ

कोरिया। कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र को बुरी तरह से प्रभावित किया है,जिसमें शिक्षा भी शामिल है। कोरोना अवधि मे बच्चो की पढ़ाई का नुकसान ना हो, इसके लिए राज्य शासन द्वारा ऑनलाइन क्लास के लिए पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम शुरू किया गया है। सुदूर अंचलों में जब नेटवर्क का समस्या आने लगी तो शिक्षकों ने इसके वैकल्पिक नवाचारी प्रयास करना प्रारंभ किये। ‘नीली छतरी वाले गुरूजी आते हैं हमको पढ़ाने, हम लोग देहरी में बैठते हैं दूर-दूर, फिर सर हमको पढ़ाते हैं, अभी स्कूल बंद हैं ना‘‘ ये बात विकासखण्ड खड़गवां के शासकीय प्राथमिक शाला सकड़ा के बच्चे बताते हैं। इनके बारे में ये बात कही गई है,वे शिक्षक हैं रुद्र प्रताप सिंह राणा। जिले में कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी शिक्षकों ने ज्ञान की लौ को जलाए रखा है। नए-नए प्रयास कर बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया जा रहा है,जिसमें शामिल है नीली छतरी वाले गुरुजी। स्कूल तुंहर पारा के अंतर्गत मोटरसाइकिल में छोटा पुस्तकालय एवं व्हाइट बोर्ड लेकर अलग-अलग 5 मोहल्ले में लगभग 62 बच्चों के साथ सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए रुद्र राणा द्वारा बिना एक दूसरे के सीधे संपर्क में आये शिक्षण कार्य किया जा रहा है। इस मोहल्ला क्लास में बच्चे एक स्थान या एक घर में ना बैठ कर अपने अपने घर के सामने डेहरी में बैठते हैं और शिक्षक रुद्र चलते-फिरते उनको सिखाते हैं। उनके पास चित्रों से परिपूर्ण रोचक कहानियों का छोटा पुस्तकालय भी है। भाषा विकास के लिए इन पुस्तकों का उपयोग किया जा रहा है।

बच्चे अलग अलग किताबें पढ़कर उस कहानी को अपने साथियों एवं शिक्षक को सुनाते हैं और एक दूसरे से प्रश्न पूछ कर जवाब देते हैं। राणा बताते हैं कि बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए ऑनलाइन एवं मोहल्ला क्लास के माध्यम से बच्चों तक गुणवत्ता युक्त शिक्षण कार्य करवाने के साथ-साथ मिस कॉल गुरुजी के मेथड पर कार्य करके बच्चों की शंकाओं का समाधान निरंतर किया जा रहा है और टीम के साथ मिलकर अनेक कई प्रतियोगिताओं का सफल संचालन भी कर रहे हैं, जिनमें से कुछ प्रतियोगिताएं तो राज्य लेवल पर भी की जा रही हैं। विभिन्न ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण कार्य भी किया जा रहा है और जानकारी को बच्चों के साथ सफलतापूर्वक साझा किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों द्वारा निरंतर इस कार्य का अवलोकन किया जा रहा है एवं राज्य द्वारा दिए गए प्रत्येक दिशानिर्देश को गंभीरता पूर्वक लेकर हमारे जिले में इसका क्रियान्वयन किया जा रहा है। हमारे जिले की टीम के सहयोगी शिक्षक, जिसमे शशि भूषण पांडेय, खुशबू दास, नीतू कुशवाहा, जेपी साहू, अशफाक उल्ला खान, परवीन खान जैसे कुशल शिक्षकों के द्वारा जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए अनेकों गुणवत्ता युक्त कार्य किए जा रहे हैं,जिसका प्रमाण है कि कोरिया जिले में राज्य द्वारा संचालित प्रत्येक नवाचारी प्रक्रिया बहुत अच्छे तरीके से क्रियान्वयन की जा रही है। हमारे जिले के एपीसी राजकुमार द्वारा मार्गदर्शन के माध्यम से हम अपना संपूर्ण कार्य संचालित कर रहे हैं और बच्चों के हित में नित नए प्रयासों से उन्हें शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

 

 

22-08-2020
बीजापुर के छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में एंड्रायड एप मिल रही मदद

बीजापुर। जिले में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा पढ़ई तुंहर दुआर के तहत कक्षा पहली से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं हेतु एंड्रायड एप्प लांच किया गया है। इस एप्प के माध्यम से छात्र-छात्राएं अपनी कक्षा के पाठ्य पुस्तकों का विडियो-आॅडियो डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप्प की खासियत यह है कि जब इंटरनेट उपलब्ध हो तब कंटेंट डाउनलोड कर सकते हैं और डाउनलोड किये गये विडियो और कन्टेंट इंटरनेट मौजूद नहीं रहने की स्थिति में आॅफ लाईन देखी जा सकती है। यह एप्प जिले के दूरस्थ ईलाके के लिये बहुत उपयोगी है। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने जिले के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को निर्देशित किया है कि वे अपने मोबाईल पर सीजी डॉट स्कूल एप्प डाउनलोड करें और छात्र-छात्राओं से भी उक्त एप्प को डाउनलोड करवा कर अधिकाधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित …

19-08-2020
कौशिक ने कहा, प्रदेश सरकार को छात्रों की चिंता नहीं, स्कूलों में किताबें नहीं होने से पढ़ाई हो रही प्रभावित

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेश के प्राइवेट स्कूलों में अब तक किताबें वितरित नहीं किए जाने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित नहीं है। यही कारण है कि अब तक के प्रदेश के करीब छह हजार प्राईवेट स्कूलों में किताबें नहीं वितरित की गई है। जिसके चलते करीब बारह लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश के पालकों ने शिक्षा मंत्री को पत्र भी लिखा है। उसके बाद भी अब तक किसी तरह की कार्यवाही या फैसले लेने की स्थिति में प्रदेश सरकार नहीं है। प्रदेश सरकार का यह असंवेदनशील रवैय्या है। जिसके चलते प्रदेश भर के छात्र मंझधार में फंसे हुए हैं। वहीं करोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है लेकिन किताबों के अभाव में छात्र अपनी तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश की कांग्रेसी सरकार जिम्मेदार है। किताब वितरण को लेकर पूरे प्रदेश में एक जैसे हालात हैं। जिसके चलते पालक व छात्रों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही है। कौशिक ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार थी तब शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही किताब वितरण को लेकर सारी तैयारी कर ली जाती थी लेकिन प्रदेश सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। उन्होंने प्रदेश के शिक्षा मंत्री से अपील की है कि छात्रों के उज्जवल भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही पुस्तक वितरण को लेकर आवश्यक कार्रवाई शीघ्र ही की जाए ताकि छात्रों को बेहतर ढंग से अपनी पढ़ाई करने में मदद मिल सके।

 

07-08-2020
पात्र स्कूली विद्यार्थियों को 15 अगस्त तक मिलेगी स्काॅलरशिप की पहली किस्त

कोरबा। कोविड 19 वायरस के संक्रमण से बने हालातों में छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई जारी रखने  के लिए राज्य शासन द्वारा हरसंभव मदद दी जा रही है। विद्यार्थियों को घर पहुंचाकर मध्यान्ह भोजन, पुस्तकें, गणवेश आदि का वितरण किया जा रहा है। इसी तारतम्य में राज्य शासन द्वारा सभी पात्र स्कूली छात्र-छात्राओं को स्काॅलरशिप की पहली किस्त 15 अगस्त तक देने का निर्णय लिया गया है। स्काॅलरशिप की पहली किस्त पाने के लिए अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के नियमित विद्यार्थियों से जल्द से जल्द स्कूल पहुंच कर जरूरी दस्तावेज जमा कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों के प्राचार्यो और प्रधानपाठकों को दिए हैं। छात्रवृत्ति की पात्रता रखने वाले विद्यार्थियों को अपने सभी दस्तावेज जातिप्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, अस्वच्छ धंधा छात्रवृत्ति के लिए व्यवसाय प्रमाण पत्र और बैंक खाते की पूरी जानकारी अपने स्कूल में जमा करानी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों एवं प्रधानपाठकों को इस संबंध में स्वयमेव कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की पहली किस्त का भुगतान 15 अगस्त तक किया जा सके।

 

15-07-2020
कलेक्टर ने कहा पढ़ाई,खेलकूद के साथ-साथ मैडिटेशन भी जरूरी,राखी विक्रय स्टाल का किया शुभांरभ

रायपुर। कलेक्टर डॉ.एस. भारतीदासन ने सीईओ डॉ. गौरव कुमार सिंह और सहायक कलेक्टर नम्रता जैन की उपस्थिति में बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित शासकीय बालिका गृह खम्हारडीह का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने निवासरत 40 से अधिक अनाथ बालिकाओं की ओर से बनाए गए राखी के विक्रय स्टाल का शुभारंभ किया। उन्होंने बालिका गृह का निरीक्षण कर व्यवस्था में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बालिकाओं के लिए पढ़ाई,खेलकूद,योगाभ्यास के साथ-साथ मैडिटेशन को प्राथमिकता से कराने कहा। उन्होंने बालिका गृह की प्रतिभावान बालिकाओं की ओर से तैयार आकर्षक राखियां भी खरीदी। इन बालिकाओं की ओर से बनाई गई राखियां बाजार में उपलब्ध राखियों से काफी आकर्षक व सस्ती है।

विदित हो कि पूर्व के वर्षों में बालिकाओं के हाथ से निर्मित राखियां मुख्यमंत्री निवास और राज्यपाल निवास भेजी गई थी। यहां की बालिकाओं ने मुख्यमंत्री निवास और राज्यपाल को बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित राखियां बांटी थी। इस वित्तीय वर्ष में भी बच्चियों की ओर से आकर्षक राखियां बनाई जा रही है, जिसे विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है। राखियों के विक्रय से होने वाली आय से निवासरत गरीब बच्चियों के लिए पाठ्य पुस्तक और आनलाइन पढ़ाई के लिए स्मार्टफोन क्रय किया जाएगा। आम नागरिक बच्चियों की ओर से निर्मित राखियों को सीधे खम्हारडीह स्थित बालिका गृह से या कलेक्टर परिसर स्थित कार्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर से खरीद सकते हैं। स्थानीय व्यापारी भी इन राखियों का क्रय कर बाजार में विक्रय करके बालिकाओं की मदद कर सकते हैं।

04-07-2020
इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई के लिए 3 हिंदी माध्यम स्कूलों का उन्नयन किया गया, संचालन के लिए कलेक्टर ने ली बैठक

रायपुर/बिलासपुर। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बिलासपुर के 3 हिन्दी माध्यम के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में उन्नयन किया गया है। कलेक्टर डॉ.सारांश मित्तर ने इन स्कूलों के संचालन के लिये बैठक ली।कलेक्टर ने इन स्कूलों को बेहतर संचालन के लिये प्राचार्यों और शिक्षकों को महत्वपूर्ण जवाबदारी निभाने कहा । कलेक्टर ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने के इच्छुक बच्चों और उनके पालकों को प्राईवेट स्कूलों के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है। इसको ध्यान में रखते हुए शासन की ओर से अंग्रेजी मीडियम स्कूल संचालित करने की योजना लायी गयी है। शिक्षकों के लिये यह गर्व की बात है कि उन्हें छत्तीसगढ़ शासन की इस योजना में भागीदारी करने का मौका मिल रहा है। अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, साफ-सफाई और स्कूल भवन के बेहतर रख-रखाव, व्यवस्था और अनुशासन से परिणाम भी बेहतर आएगा, इसका ध्यान रखना होगा।

लॉटरी पद्धति से मिलेगा प्रवेश

अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में क्लास-1 से लेकर क्लास-12 तक के कक्षाओं में लॉटरी पद्धति से विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक क्लास में 40-40 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाएगा। क्लास-1 से 5 तक हिन्दी या अंग्रेजी मीडियम से पढ़े बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। किंतु क्लास-6 एवं ऊपर के सभी कक्षाओं में केवल अंग्रेजी मीडियम से पढ़े बच्चों को ही प्रवेश दिया जाएगा। इन स्कूलों में सभी कक्षाओं में प्रवेश के लिये 2939 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद 8 जुलाई को शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला तारबाहर, 9 जुलाई को लाला लाजपतराय शाला और 10 जुलाई को मंगला उच्चतर माध्यमिक शाला में लॉटरी पद्धति से विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इन स्कूलों में शिक्षकों का चयन प्रतिनियुक्ति किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ अतिरिक्त स्वीकृत पदों के अनुसार अतिरिक्त कक्षाएं भी प्रस्तावित की गयी हैं। इन सभी प्रस्तावों का साधारण सभा में अनुमोदन किया गया।

29-06-2020
नगर के गरीब वर्ग के बच्चे भी अब निजी स्कूल की तरह अंग्रेजी माध्यम मेें करेंगे पढ़ाई : हेमा देशमुख

राजनांदगांव। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के सभी जिलों के शासकीय स्कूलों में से एक स्कूल को अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने की पहल की गई ताकि गरीब व मध्यम वर्ग के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर सके। इसी कडी में नगर के सर्वेश्वर दास स्कूल का अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिये चयन किया गया और उक्त स्कूल का अंग्रेजी माध्यम स्कूल के हिसाब के अनुसार जीर्णोद्धार किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान महापौर द्वारा जीर्णोद्धार कार्य के संबंध में जानकारी ली, जिसपर कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी ने बताया कि शासन के मंशानुरूप स्कूल का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। जीर्णाेद्धार के साथ साथ अंग्रेजी माध्यम के लिये लगने वाली अन्य आवश्यक व्यवस्था भी की जा रही है साथ ही डिजिटल क्लास के माध्यम से पढाई कराने की व्यवस्था की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान महापौर देशमुख शाला के शिक्षकों से भी चर्चा की और कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा प्रदेश के सभी जिलों के एक सरकारी स्कूल को अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले जाने की थी,जिससे गरीब परिवार के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण कर सके इसके लिये हमारे निगम के सर्वेश्वर दास म्यूनिसिपल स्कूल का चयन किया गया है और यहॉ हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनो माध्यमों की शिक्षा दो पालियों में दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आप सभी शिक्षकों को सहयोग करना है और आप लोगों की जो भी समस्या होगी उसका भी निराकरण कराया जायेगा। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एचआर सोम से अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए बच्चों के लिये किये जा रहे भर्ती प्रक्रिया एवं शिक्षकों की भर्ती के संबंध में भी जानकारी लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। निरीक्षण के दौरान महापौर परिषद के प्रभारी सदस्य सतीश मसीह व संतोष पिल्ले, प्राचार्य आशा मेनन व संजीव मिश्रा व नगर निगम का अमला उपस्थित था।

 

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