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09-11-2020
जेसीसीजे छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र,जल जीवन मिशन मामले के दोषियों पर कार्रवाई की मांग

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) छात्र संगठन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप साहू ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के माध्यम से जल जीवन मिशन योजना में अनियिमिताओं के दोषियों पर कार्रवाई करने व उन्हें बर्खास्त करने की मांग की है। प्रदीप साहू ने पत्र में मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि आपने ने ही टेंडर को अपनी कैबिनट की बैठक में अनियमिता होने के कारण रद्द किया है। इसमें बाहरी ठेकेदारों को कमीशन की आड़ पर लाभ पहुंचाने का काम करने वाले पीएचई विभाग के अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। उन्हें बर्खास्त किया जाए। साथ ही पीएचई मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई है। कहा गया है कि 15 दिनों के अंदर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करते हुए,उन्हें पद से बर्खास्त नहीं किया जाता है तो मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। मुख्यमंत्री को दर्पण भेंट कर विरोध जाहिर किया जाएगा। इसकी पूरी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।  पत्र के माध्यम से प्रदीप साहू ने कहा है कि छत्तीसगढ़  सरकार के "जीवन मिशन योजना" के अंतर्गत वर्ष 2023 तक राज्य के  लगभग 42 लाख परिवारों  को पीने के शुद्ध पानी के कनेक्शन दिया जाना था। इसके लिए सरकार ने जल जीवन मिशन योजना के लिए 10 हजार करोड़ का अलॉटमेंट किया हैै। इसमें कुल 1376 ठेकेदारों को काम मिला था। टेंडर प्रक्रिया में घोर अनियमितता करते इस योजना में 70 प्रतिशत अर्थात  7000 करोड़  का काम बाहरी 10 ठेकेदारों को मैदानी इलाके में  और बाकी 10366 स्थानीय ठेकेदारों  को बस्तर क्षेत्र में 7000 करोड़ रुपया का काम  दिया गया था। इसमें कुछ  कंपनियां ब्लैक लिस्ट की श्रेणी में है, जबकि छत्तीसगढ़ में एक से बढ़कर एक योग्य ठेकेदार हैं। टेंडर का आउटसोर्सिंग का राज्य में यह बहुत बड़ा उदारहण है।

 

26-10-2020
Breaking : भूपेश कैबिनेट की बैठक खत्म,जल जीवन मिशन के सभी टेंडर निरस्त करने का फैसला

रायपुर। भूपेश कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री निवास में खत्म हो चुकी है। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में जलजीवन मिशन का भी मामला रखा गया। इस पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। जल जीवन मिशन के सभी टेंडर निरस्त होंगे। टेंडर 10 हजार करोड़ का था। इसमें कई अनियमितता और गड़बड़ियां सामने आई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से शिकायत की गई थी। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत कार्य आबंटन प्रक्रिया के संबंध में प्राप्त हो रही विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से लिया था। उन्होंने शिकायतों के परीक्षण के लिए मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव वित्त और सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की तीन सदस्यीय टीम गठित की। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों के घरों में वर्ष 2024 तक पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जल जीवन मिशन में लगभग 7 हजार करोड़ रूपए के कार्यो के आबंटन की प्रक्रिया प्रगति पर है।

25-10-2020
छत्तीसगढ़ प्रेम का ढोंग करने वाले सीएम बघेल बाहरी प्रेम से ग्रसित : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर छत्तीसगढ़ प्रेम के नाम पर दिखावा करने, छल करने और ढोंग करने का आरोप लगाया है। पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.रमन सिंह ने कहा है कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के बहनों भाइयों तक जलापूर्ति करने 9 हजार करोड़ रुपए भेजे हैं ताकि छत्तीसगढ़ के विकास में कोई कमी न रह जाए, छत्तीसगढ़वासियों तक विकास पहुंचे और साथ ही केंद्र की ओर से भेजे गए 9 हजार करोड़ से जो विकास के कार्य हों उसमें भी छत्तीसगढ़ के युवा-बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले। उन्होंने कहा है कि दुर्भाग्य से छत्तीसगढ प्रेम का ढोंग करने वाले मुख्यमंत्री बघेल बाहरी प्रेम से ग्रसित हैं और वे नहीं चाहते कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिले, छत्तीसगढ़ के युवा बेरोजगार केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ के लिए भेजे गए राशि में रोजगार हासिल कर भागीदार बनें।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा है कि प्रदेश में छत्तीसगढ़ प्रेम की आड़ में छत्तीसगढ़ के लोगों को धोखे में रखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ के युवाओं और बेरोजगारों का हक छीना जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राज में बाहरी लोगों को लाभ पहुंचाने सौदेबाजी की जा रही है। कमीशनखोरी के लिए बाहरी लोगों को छत्तीसगढ़ के युवा का हक छीन कर रोजगार और ठेका दिया जा रहा है। स्कूल ड्रेस का काम बंगाल के कारीगरों को देते समय भूपेश बघेल का छत्तीसगढ़ प्रेम कहां गया था? आज जल जीवन मिशन में बाहरी ठेकेदारों को अरबों का काम देने वाले भूपेश बघेल अब किस मुंह से स्थानीय प्रेम की बात करेंगे, उन्हें बताना चाहिए?पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा है कि प्रदेश के युवाओं का हक छीनना, बाहरी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाना, बाहरी लोगों को काम देना, ठेका देना क्या यही हैं आपका छत्तीसगढ़ प्रेम? प्रदेश के युवाओं को कभी रोजगार के नाम पर कभी बेरोजगारी भत्ता के नाम पर छलना क्या यही हैं आपका छत्तीसगढ़ प्रेम? पुलिस भर्ती, एसआई भर्ती, शिक्षक भर्ती, नियमितीकरण के नाम पर छत्तीसगढ के भोले-भाले युवाओं को दिन प्रतिदिन धोखा देना क्या यही हैं आपका छत्तीसगढ़ प्रेम? केंद्र सरकार की ओर से विकास के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध करवाने के मार्ग में बाहरी लोगों को अवसर दे कर बाधा बनना क्या यही है आपका छत्तीसगढ़ प्रेम?

 

24-10-2020
जल जीवन मिशन में नक्सल प्रभावित और पेयजल समस्या वाले गांवों को किया जायेगा शामिल

रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार के मार्गदर्शन में राज्य के ग्रामीण अंचलों में बेहतर पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को कोण्डागांव जिले के कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए प्रारंभ की गई शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना जल जीवन मिशन के प्रथम चरण में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में कलेक्टर ने योजनांतर्गत नल कनेक्शन के लिए चिन्हित ग्रामों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने योजना के लिए ग्रामों के चयन के दौरान सुदूर अंचल में बसे ग्रामों, नक्सल प्रभावित ग्राम एवं ऐसे ग्राम जहां स्वच्छ पेयजल की समस्या है उन्हें प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले चिन्हांकित ग्रामों को योजना के अन्तर्गत लाने के निर्देश दिए साथ ही ऐसे हॉस्टल, स्कूल, आंगनबाड़ी जहां पेयजल की समस्या है, ऐसे स्थानों में भी जल प्रदाय करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने ऐसे नलकूप, सोलर पम्प, जलप्रदाय योजनाएं जो वर्तमान में बंद पड़ी हैं उनके संबंध में अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को निर्देशित किया एवं बिगड़े पम्पों को जल्द से जल्द सुधारने के निर्देश दिए।

 इस बैठक में कार्यपालन अभियंता ने बताया कि जल जीवन मिशन अंतर्गत 98 ग्रामों में प्रोजेक्ट बनाये जाने हैं, जिनमें 57 ग्रामों के लिए 67 योजनाएं तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेज दी गई है। इसमें से 38 ग्रामों की कुल 46 योजानाएं स्वीकृत हो गये हैं। इन सभी प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त कार्यों में कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। अन्य गांवों में सर्वे का कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जायेगा। इस बैठक में कोण्डागांव जिले के जिला पंचायत सीईओ डीएन कश्यप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

20-10-2020
जल जीवन मिशन योजनाओं का अनुमोदन, ग्रामीणों को मिल पाएगा पर्याप्त मात्रा में पेयजल

दुर्ग। जल जीवन मिशन की बैठक में 120 गांवों के लिए 81 करोड़ रुपए की योजनाओं को अनुमोदित किया गया। इनमें 32 हजार 541 नल जल कनेक्शन लोगों को मिल सकेंगे। इनमें रेट्रोफिटिंग योजनाएं भी हैं और सिंगल विलेज योजनाएं भी शामिल हैं। रेट्रोफिटिंग योजनाओं में 80 योजनाएं हैं,जिनमें दुर्ग ब्लाक की 19, धमधा की 16 और पाटन की 38 योजनाएं शामिल हैं। कलेक्टर डा.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने इन योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।
जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। योजनांतर्गत राज्य के सभी ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से 2023 तक पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। इस संबंध में गठित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रोरेट में आयोजित की गयी। बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए किए जाने वाले कार्य योजना एवं व्यवस्था की जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि जिले में 304 ग्राम पंचायत एवं 385 ग्राम हैं। इनमें 419 बसाहटें निवासरत है। वर्तमान स्थिति में कुल 1 लाख 46 हजार 500 परिवारों में से 31 हजार 923 परिवारों को विभिन्न योजनाओं के तहत नल कनेक्शन दिया जा चुका है। शेष परिवारों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन प्रदाय किया जाएगा।

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए वृहद कार्य योजना बनाई गई है। योजना के लक्ष्य को मूर्तरूप देने के लिए बड़े पैमाने पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। निर्धारित लक्ष्य 2023 को ध्यान में रखते हुए कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से कहा है कि नल जल योजना के लक्ष्य को देखते हुए सभी अधिकारी अपने स्तर पर कार्याें का मूल्यांकन कर गतिशीलतापूर्वक कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घरों में नल कनेक्शन निश्चितरूप से दिया जाए। साथ ही सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में भी नल कनेक्शन देने के लिए कार्य योजना बनाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों में कीचन एवं केन्द्र परिसर में कनेक्शन देवें। इसी प्रकार स्कूलों में मध्यान्हन भोजन कक्ष, वाशरूम, शौचालय एवं पेयजल के लिए निर्धारित स्थान पर कनेक्शन दिया जाए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजना के लक्ष्य के अनुरूप कार्याें का संपादन करने कहा है। पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता  समीर शर्मा ने बताया कि रेट्रोफिटिंग योजनाओं के माध्यम से वर्तमान क्षमता में विस्तार के लिए पाइप लाइन का विस्तार, टंकी की क्षमता बढ़ाना आदि कार्य शामिल है ताकि सभी को पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल मिल पाए।

 

03-10-2020
नलजल योजनांतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 240 करोड़ के कार्य होंगे स्वीकृत

दुर्ग। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घरों में नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जाएगा। इसके लिए जिले में 240 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। इस संबंध में कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर अविलंब विस्तृत कार्य योजना बनाने कहा है। विभाग द्वारा कार्य योजना निर्धारित करने पर इसे मूर्तरूप दिया जाएगा। जल जीवन मिशन योजना अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों के शत् प्रतिशत परिवारों को नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध एवं गुणवत्ता योग्य पेयजल प्रदाय किया जाएगा। उल्लेखीय है कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2024 तक प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में नल कनेक्शन के माध्यम से जल प्रदाय करना है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदेेश के लिए समय-सीमा वर्ष 2023 रखी गई है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के शत् प्रतिशत् परिवारों को कार्यरत घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध एवं पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त पेयजल प्रदाय करना है।

जिले में जल जीवन मिशन के कार्यो का सुचारू रूप से संपादन के लिए कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति का गठन किया गया है। समिति के सदस्य सचिव कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खण्ड, दुर्ग है। इनके अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला वन मण्डल अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग, उप संचालक जन संपर्क विभाग, जिला कार्यक्रम अधिकाकरी महिला एवं बाल विकास विभाग, दुर्ग सदस्य के रूप में शामिल है। जिले में कुल 385 ग्राम, 419 बसाहटे है। जिले की वर्तमान ग्रामीण परिवारों की संख्या 1,46,500 है, जिनमें से कुल 39,851 परिवारों को नलजल, स्थलजल एवं मिनीमाता योजना अंतर्गत घरेलू कनेक्शन प्रदाय किये जा चुके है। जिले में वर्तमान में कुल 149 नलजल योजना एवं 40 स्थलजल योजना संचालित है, किंतु ज्यादातर योजना अपने डिजाईन पीरियड पूर्ण कर चुकी है। अतः नये कनेक्शन देने हेतु पूर्व से संचालित योजना का रेट्रोफिटिंग अर्थात पुनः संयोजन किया जाना प्रस्तावित है।

जिसके अंतर्गत पाइप लाइन विस्तार कार्य एवं टंकी निर्माण कार्य किया जावेगा एवं शत प्रतिशत परिवारों का घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किया जावेगा। विकासखण्ड धमधा में कुल 23, विकासखण्ड दुर्ग में 03 एवं विकासखण्ड पाटन में 48 योजनाओं का रेट्रोफिटिंग किया जावेगा। जिन ग्रामों में नलजल अथवा स्थलजल योजना संचालित नहीं है, उन ग्रामों में पेयजल प्रदाय के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही है। विकासखण्ड पाटन में 45 एवं विकासखण्ड धमधा 18 नई योजनाएं बनाई जा रही है। सतही स्त्रोत पर आधारित विभिन्न ग्रामों को सम्मिलित करते हुए समूह योजना बनाया जाना है। जिले में कुल 9 समूह योजना बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसके अंतर्गत कुल 248 ग्रामों को सम्मिलित किया गया है। वर्तमान में विभाग के कार्यों को कराये जाने के लिए निविदा के माध्यम से ठेकेदारों से कार्य कराया जाता था, जिसमें निविदा लगाने से कार्यादेश जारी करने तक कुल एक से डेढ़ माह का समय लग जाता था। किंतु जल जीवन मिशन के अंतर्गत निविदा स्वीकृति एवं अन्य कार्यवाही में लगने वाले समय की बचत होगी। 

 

 

26-09-2020
जल जीवन मिशन के लिए नोडल अधिकारी नामित, आदेश जारी

रायपुर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता अभिषेक बाजपेयी को जल जीवन मिशन के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है। प्रमुख अभियंता कार्यालय की ओर से जारी आदेश के मुताबिक बाजपेयी अधीक्षण अभियंता को छत्तीसगढ़ राज्य के लिए भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यक्रम जल जीवन मिशन अंतर्गत आईईसी एवं क्षमता विकास के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है

 

15-09-2020
पानी की समस्या का शीघ्र निराकरण होगा नल जल प्रदाय योजना से

रायपुर। राज्य के जिलों में अब नलजल प्रदाय योजना से पानी की समस्या का निराकरण होगा। राज्य शासन की ओर से देश के विभिन्न जिलों के सात ग्राम पंचायतों में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल प्रदाय योजना के लिए 4 करोड़ 41 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत यह मंजूरी मिली है। बालोद जिले के विकासखण्ड डौंडी के ग्राम किसनपुरी में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल प्रदाय योजना के लिए 53 लाख 23 हजार रुपए, ग्राम कुर्रूभाट में सोलर ड्यूल पंप के लिए 52 लाख 96 हजार रुपए और ग्राम तुमडीसुर में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल योजना के लिए 58 लाख 80 हजार रुपए की मंजूरी मिली है।

इसी प्रकार मुंगेली जिले के विकासखण्ड लोरमी के ग्राम भूतकछार में सोलर ड्यूल पंप के लिए 58 लाख 54 हजार रुपए, जिला जांजगीर-चांपा विकासखण्ड शक्ति के ग्राम बैलाचुंवा में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल योजना के लिए 73 लाख 5 हजार रुपए, ग्राम चारपारा में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल योजना के लिए 71 लाख 25 हजार रुपए, ग्राम घुईचुवा में सोलर ड्यूल पंप आधारित नलजल योजना के लिए 73 लाख 44 हजार रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

25-12-2019
प्रधानमंत्री ने लॉन्च की अटल भूजल योजना, हर घर तक जल पहुंचाने का काम करेगा जल जीवन मिशन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के मौके पर बुधवार को अटल भूजल योजना को लॉन्च किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में इस योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन हर घर तक जल पहुंचाने का काम करेगा, अटल जल योजना उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी जहां ग्राउंड वॉटर बहुत नीचे गई है या तेजी से नीचे जा रही है। इस मौके पर उन्होंने हिमाचल को लेह-लद्दाख से जोड़ने वाले रोहतांग टनल का नाम अटल टनल करने का भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह टनल सुरक्षा के साथ-साथ टूरिजम की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैंने कभी सोचा नहीं था कि अटलजी के सपने को उनके नाम से जोड़ने का मुझे सौभाग्य मिलेगा।'

ग्राउंड वॉटर का नीचे जाना गंभीर चिंता की बात: मोदी

ग्राउंड वॉटर के नीचे जाने पर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'जब मैं पंजाब में काम करता था तो उस वक्त वहां इस पर चर्चा होती थी कि पानी इतना ऊपर है कि खेती को नुकसान हो रहा है लेकिन आज 20 साल बाद यह चर्चा है कि पानी इतना नीचे है कि खेती को नुकसान हो रहा है।' उन्होंने कहा कि पानी जैसी मूल आवश्यकता के लिए जिस नीति की जरूरत थी, उसे पिछली सरकारों ने नहीं अपनाया।

'अटल जल योजना से 7 राज्यों को होगा सबसे ज्यादा लाभ'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अटल भूजल योजना का सबसे ज्यादा लाभ उन 7 राज्यों को होगा, जहां भूजल का स्तर बहुत तेजी से नीचे जा रहा है। उन्होंने कहा, 'इस योजना से महाराष्ट्र, हरियाणा, कर्नाटक, गुजरात, एमपी, यूपी और राजस्थान 7 राज्यों को बहुत ज्यादा फायदा मिलेगा। कहने को ये 7 राज्य हैं लेकिन एक तरह से यह हिंदुस्तान का 50 प्रतिशत हिस्सा है। इन 7 राज्यों के 78 जिलों में 8300 से ज्यादा गांवों में भूजल की स्थिति बहुत खतरनाक है।'

पीएम ने 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' का मंत्र दोहराया

पीएम मोदी ने 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' का मंत्र दोहराते हुए कहा, 'हमने गुजरात में शुगर मिलों से कहा कि वे सिर्फ उन्हीं किसानों से गन्ना लें जो सिंचाई में स्प्रिंकलिंग का इस्तेमाल करते हैं। इसका नतीजा यह हुआ कि गन्ने का उत्पादन भी बढ़ा और भूजल का स्तर भी नीचे जाने से रुका।' उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक करना होगा कि वे सिंचाई के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल करें। ज्यादा पानी की जरूरत वाली फसलों की सिंचाई में स्प्रिंकलिंग जैसी तकनीक अपनाएं।

'पानी के लिए अच्छा काम करने वाली पंचायतों को मिलेगा इन्सेंटिव'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'बहुत ज्यादा पानी की जरूरत वाली फसलें जहां बोई जा रही हैं, वहां भूजल का स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। इसलिए किसानों को जल संरक्षण के महत्व को समझाना होगा। किसानों को ही इस आंदोलन का नेतृत्व करना होगा। जिम्मेदारी हम सभी नागरिकों और किसानों की है। अटल जल योजना में इसलिए यह भी प्रावधान किया गया है कि जो ग्राम पंचायतें पानी के लिए अच्छा काम करेंगी उन्हें इन्सेंटिव दिया जाएगा।'

'5 साल में साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये से हर घर पहुंचेगा नल का पानी'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जल जीवन मिशन हर घर तक जल पहुंचाने का काम करेगा और अटल जल योजना उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देगी जहां ग्राउंड वॉटर बहुत नीचे गई है या तेजी से नीचे जा रही है। जिस तरह हमने हर घर में शौचालय पहुंचाया है, वैसे ही हमें हर घर में पानी पहुंचाना है। यह हमारा प्रण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 18 करोड़ ग्रामीण घरों में सिर्फ 3 करोड़ घरों में ही नल से पानी पहुंचता है। अगले 5 सालों में हमें ग्रामीण क्षेत्रों में 15 करोड़ घरों में पाइप के जरिए नल का पानी पहुंचाना है। अगले 5 सालों में केंद्र और राज्य सरकारें साढ़े 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च पानी के लिए खर्च करने वाले हैं।

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