GLIBS
13-05-2020
 टीडीएस और टीजीएस के लिए 25 प्रतिशत भुगतान में छूट : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के रोडमैप को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया की 20 लाख करोड़ का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया जाएगा और इन्हें कितनी राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा। निर्मला सीतारमण ने कहा 14 मई से अगले साल तक टीडीएस और टीजीएस के लिए 25 प्रतिशत भुगतान में छूट दी जा रही है,जो कि अगले साल 31 मार्च 2021 तक जारी रहेगी। इससे 50000 करोड़ रुपये का फायदा होगा।
 

आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही ऑडिट की तारीख 31 अक्टूबर और विवाद से विश्वास योजना को 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ाया गया है। वित्त मंत्री ने 20 लाख करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज का ब्योरा देते हुए कहा कि आर्थिक पैकेज से वृद्धि को गति देने और एक आत्मनिर्भर भारत बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत होने का मतलब दुनिया के अन्य देशों से अपने को काटना नहीं है। वित्त मंत्री ने बताया कि करदाताओं को 18,000 करोड़ रुपए का रिफंड किया गया है, जिससे 14 लाख करदाताओं को लाभ मिला है।


सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा ईपीएफ के लिए दी गई सहायता अगले तीन माह के लिए बढ़ाई जा रही है, जो पहले मार्च, अप्रैल, मई तक दी गई थी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा 15 हजार से कम सैलरी वालों को सरकारी सहायता, सैलरी का 24 फीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी।  टेक होम सैलरी बढ़ाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। जिन कर्मचारियों का 24 प्रतिशत ईपीएफ अंशदान सरकार नहीं भर रही है यानी जिनकी सैलरी 15 हजार से ज्यादा है, उनके मामले में नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के लिए पीएफ में योगदान का प्रतिशत घटाकर 12 से 10 प्रतिशत किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा पीएफ कॉन्ट्रीब्यूशन अगले तीन महीनों के लिए घटाया जा रहा है, ये नियोक्ताओं के लिए किया गया है। सरकारी और पीएसयू को 12 प्रतिशत  ही देना होगा। पीएसयू पीएफ का 12 फीसदी ही देंगे लेकिन कर्मचारियों को 10 प्रतिशत पीएफ देना होगा।
उन्होंने कहा कि सरकारी बैंकों में फंसे हुए पैसे को अगले 45 दिनों में निकलवाया जाएगा। 200 करोड़ से कम वाले काम में ग्लोबल टेंडर नहीं होगा,जिसका फायदा एमएसएमई को मिलेगा।

कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा
निर्मला सीतारमण ने कहा एनबीएफसी के लिए 30 हजार करोड़ की स्कीम लाई जा रही है। डिस्कॉम को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है, उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है। एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा। आंशिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा। इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा।

एमएसएमई की बदली परिभाषा
ज्यादा निवेश वाली कंपनियों को एमएसएमई के दायरे में ही रखा जाएगा। पहले सिर्फ निवेश के आधार पर तय किया जाता था। अब टर्नओवर के आधार पर भी एमएसएमई की परिभाषा तय की जाएगी। माइक्रो यूनिट में 25 हजार का निवेश तक माना जाता था अब एक करोड़ के निवेश करने वाली कंपनियां माइक्रो यूनिट होंगी। अब ये निवेश 1 करोड़ तक हो सकता है और टर्नओवर 5 करोड़ तक हो सकता है लेकिन तब भी आप माइक्रो यूनिट के अंदर ही आएंगे।
जिस एमएसएमई का टर्नओवर 100 करोड़ है वे 25 करोड़ तक लोन ले सकते हैं। जो लोन दिया जाएगा उसे चार सालों में चुकाना होगा। आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई के लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है, जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी। जिस एमएसएमई का टर्नओवर 100 करोड़ है वे 25 करोड़ तक लोन ले सकते हैं। जो लोन दिया जाएगा उसे चार सालों में चुकाना होगा। आकार बढ़ाने की चाहत रखने वाली एमएसएमई के लिए फंड्स ऑफ फंड्स का प्रावधान किया गया है, जिससे 50 हजार करोड़ की इक्विटी इंफ्यूजन होगी। एमएसएमई को तीन लाख करोड़ रुपये का लोन दिया जाएगा। एमएसएमई के लिए सरकार छह कदम उठाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 31 अक्तूबर 2020 से एमएसएमई को लोन की सुविधा मिलेगी। बिना गारंटी के 3 लाख करोड़ तक का लोन दिया जाएगा और 45 लाख एमएसएमई को इसके तहत फायदा होगा। इन्हें एक साल तक मूल धन नहीं चुकाना होगा। तनाव वाली एमएसएमई को 20,000 करोड़ का कर्ज दिया जाएगा।

पावर जनरेटिंग कंपनियों को 90 हजार करोड़ की सहायता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि डिस्कॉम यानी पावर जनरेटिंग कंपनियों को कैश फ्लो की दिक्कत हो रही है इसलिए उनके लिए 90 हजार करोड़ की सहायता तय की गई है। बिजली वितरण कंपनियों की आय में भारी कमी आई है। बिजली उत्पादन और वितरण करने वाली कंपनियों के लिए यह प्रावधान किया गया है। 90 हजार करोड़ रुपये सरकारी कंपनियों पीएफसी, आरईसी के माध्यम से दिया जाएगा। 

 

24-03-2020
कोरोना संकट : आयकर रिटर्न की तारीख बढ़कर हुई 30 जून, आधार-पैन लिंक का समय भी बढ़ा

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बड़ा एलान किया है। वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2018-19 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की डेडलाइन बढ़ाकर 30 जून 2020 किया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी है। इसके साथ ही 30 जून तक डिलेड पेमेंट की ब्याज दर को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी किया गया। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि आधार-पैन लिंक कराने की तारीख को भी आगे बढ़ा दिया गया है। अब 30 जून तक करा सकेंगे। पहले इसकी तारीख 31 मार्च थी। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या 500 के करीब पहुंच चुकी है और नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

Advertise, Call Now - +91 76111 07804