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06-12-2020
पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार 9 दिसंबर को राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, किसान आंदोलन पर रखेंगे अपनी बात

मुंबई। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसान आंदोलन को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार नौ दिसंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करेंगे। पार्टी ने रविवार को यह जानकारी दी। राकांपा के प्रवक्ता महेश तापसे ने कहा कि पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर राष्ट्रपति को देश के हालात से अवगत कराएंगे। गौरतलब है कि सितंबर में संसद के मानसून सत्र के दौरान कृषि विधेयकों को राज्यसभा में पेश किए जाने के दौरान राकांपा के सदस्य सदन छोड़कर चले गए थे।

06-10-2020
रायपुर में जमकर बरसे बादल,मानसून सत्र में अब तक 1055.9 मिमी बारिश रिकार्ड

रायपुर। मानसून की विदाई में अभी कुछ दिन बाकी है। इसके पूर्व बादलों ने बरसने की ठान ली है। मंगलवार दोपहर राजधानी रायपुर में तेज बारिश हुई। पहले कुछ देर ही सही जमकर बादल बरसे,फिर थोड़ा सुस्ताने के बाद बरसना शुरू किए। घंटे भर के अंदर ही बादलों ने सभी को भींगा दिया। मौसम विभाग ने प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई थी।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश में 1 जून से अब तक कुल 1240.1 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बीजापुर जिले में 2289.5 मिमी. और सबसे कम सरगुजा में 862 मिमी. औसत वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है।

1 जून से अब तक सूरजपुर में 1360.4 मिमी., बलरामपुर में 1135.5 मिमी., जशपुर में 1385.8 मिमी., कोरिया में 1088.4 मिमी., रायपुर में 1055.9 मिमी., बलौदाबाजार में 1085.9 मिमी., गरियाबंद में 1242.2 मिमी., महासमुंद में 1311.0 मिमी., धमतरी में 1154.3 मिमी., बिलासपुर में 1273.2 मिमी., मुंगेली में 922.9 मिमी., रायगढ़ में 1238.4 मिमी., जांजगीर-चांपा में 1352.4 मिमी. और कोरबा में 1366.9 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है।
इसी प्रकार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 1060.9 मिमी., दुर्ग में 1007.5 मिमी., कबीरधाम में 967.1 मिमी., राजनांदगांव में 928.1 मिमी., बालोद में 1038.3 मिमी., बेमेतरा में 1090.1 मिमी., बस्तर में 1414.9 मिमी., कोंडागांव में 1517.8 मिमी., कांकेर में 1034.9 मिमी., नारायणपुर में 1416.0 मिमी., दंतेवाड़ा में 1579.9 मिमी. और सुकमा में 1543.4 मिमी  औसत दर्ज की गई है।

23-09-2020
राज्यसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित,लगातार दस दिनों तक हुआ काम, 25 विधेयक हुए पारित

नई दिल्ली। राज्यसभा का मानसून सत्र बुधवार को अपने निर्धारित समय से करीब आठ दिन पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया। छोटी सी अवधि होने के बावजूद सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया। सभापति एम.वेंकैया नायडू ने सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा क्योंकि इस दौरान उच्च सदन के सदस्यों को बैठने की नई व्यवस्था के तहत पांच अन्य स्थानों पर बैठाया गया। ऐसा उच्च सदन के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। इसके अलावा सदन ने लगातार दस दिनों तक काम किया। शनिवार और रविवार को सदन में अवकाश नहीं रहा।

राज्यसभा के सभापति नायडू ने कहा कि राज्यसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि उपसभापति को हटाये जाने का नोटिस दिया गया। सभापति ने कहा कि उन्होंने इसे खारिज कर दिया क्योंकि वह नियमों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने इसके बाद सदन में हुई घटनाओं को 'पीड़ादायक' बताया। उन्होंने सदन में अनुपस्थित सदस्यों से अनुरोध किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो और सदन की गरिमा बनी रहे। सदन 1 अक्टूबर तक चलना था लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए पहले ही स्थगित कर दिया गया।

20-09-2020
हंगामे के बीच राज्‍यसभा से पारित हुआ कृषि विधेयक,विपक्ष ने बताया काला दिन

नई दिल्ली। संसद में रविवार को मानसून सत्र का सांतवा दिन है। विपक्षी सांसदों के हंगामे के बीच राज्‍यसभा से कृषि विधेयकों को पारित कर दिया है। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 तथा कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी मिली है। ध्‍वनिमत से पारित होने से पहले इन विधेयकों पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी करते हुए सांसद वेल तक पहुंच गए। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। विपक्ष ने इसे 'काला दिन' बताया है। तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा कि यह 'लोकतंत्र की हत्‍या' है। जब उपसभापति हरिवंश ने विधेयकों पर ध्‍वन‍िमत से वोटिंग के लिए कहा तो विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे। वे इन विधेयकों को प्रवर समिति (सिलेक्‍ट कमिटी) में भेजे जाने के प्रस्‍ताव पर मत विभाजन की मांग कर रहे थे। तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी सदस्य आसन के बिल्कुल पास पहुंच गए। हंगामा इतना ज्‍यादा हुआ कि मार्शल को हस्‍तक्षेप करना पड़ा। विपक्षी सदस्‍यों ने विधेयक के टुकड़े हवा में उछाल दिए। यहां तक कि उपसभापति के सामने लगा माइक भी तोड़ दिया गया।

कुछ देर के लिए सदन की कार्यवाही को रोकना पड़ा। दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। राज्‍यसभा में हंगामे के बीच बिल पास होने को लेकर विपक्षी दलों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कांग्रेस प्रवक्‍ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि "बाहुबली मोदी सरकार ने जबरन किसान बिल को पास कराया है। इससे ज्यादा काला दिन कुछ हो नहीं सकता। देश का किसान मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगा।" वहीं डेरेक ओ' ब्रायन ने कहा क‍ि "उन्‍होंने (सरकार) धोखेबाजी की। उन्‍होंने संसद में हर नियम तोड़ा। यह ऐतिहासिक दिन था, सबसे बुरे लिहाज से। उन्‍होंने राज्‍यसभा टीवी की फीड काट दी ताकि देश देख न सके। कृषि विधेयक पास होने पर बीजेपी अध्‍यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि 'नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने किसानों को पिछले 70 सालों के अन्‍याय से मुक्‍त करा दिया है।' उन्‍होंने राज्‍यसभा में हंगामे पर कहा, "विपक्षी दल किसान-विरोधी हैं। प्रक्रिया का हिस्‍सा बनने के बजाय, उन्‍होंने किसानों की मुक्ति को रोकने की कोशिश की। भाजपा उनकी हरकतों की निंदा करती है।

 

 

19-09-2020
Video: सरोज पाण्डेय ने महामारी (संशोधन) विधेयक-2020 के समर्थन में रखा पक्ष,सदन में कहा...

रायपुर। राज्यसभा सांसद एवं राष्ट्रीय महासचिव भाजपा सरोज पाण्डेय ने शनिवार को सदन के मानसून सत्र में महामारी (संशोधन) विधेयक-2020 के समर्थन में अपने विचार व्यक्त किए। सांसद पाण्डेय ने कहा कि आज पूरा देश कोरोना वायरस रूपी महामारी से जूझ रहा है। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  के नेतृत्व में सरकार की ओर से इस महामारी से लड़ने के लिए जो कदम उठाए गए हैं, इसके लिए सांसद पाण्डेय ने उन्हें साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस विधेयक में कोरोना वॉरियर्स की सुरक्षा के लिए और इस संक्रमण काल में स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं को क्षति से बचाने के लिए जो प्रावधान किए गए हैं,वे निम्न हैं-
1-महामारी से लड़ने में जुटे हमारे कोरोना वॉरियर्स पर हमला करने और उनके कार्य में बाधा पहुंचने पर 3 माह से लेकर 5 साल तक की सजा हो सकती है और 50 हजार से लेकर 2  लाख तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
2-स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ हिंसा से यदि गंभीर क्षति पहुंचती है तो यह सजा 6 माह से लेकर 7 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है और जुर्माना 1 लाख से 5 लाख तक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि इस बिल में इन अपराधों को संज्ञेय और गैर जमानती बनाया गया है, ताकि आपरधिक तत्वों में कानून का भय व्याप्त रहे और हमारे इन स्वास्थ्यकर्मियों पर कोई भी हमला या दुर्व्यवहार करने का साहस न कर सकें। साथ ही असामाजिक तत्वों की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के संस्थानों को नुकसान पहुंचाने पर दोषी व्यक्तियों से मुआवजा वसूलने का भी प्रावधान रखा गया है। यह प्रावधान उन तत्वों को हतोत्साहित करेगा, जो शासकीय संपत्ति को नुकसान करना, अपना हक समझते थे। विभिन्न शासकीय और स्वास्थ्य संस्थानों को करोड़ों अरबों नुकसान पहुंचाते थे। कानून के न होने से बच जाते थे। अब इस कानून की मदद से ऐसे लोगों को अपने किए गुनाह का जुर्माना भरना पड़ेगा।

 

17-09-2020
चीन ने की एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश : राजनाथ सिंह

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवाद पर बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चीन ने एलएसी की यथास्थिति बदलने की कोशिश की है। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन पर भारत बड़ा और कड़ा कदम उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, “सदन इस बात से अवगत है कि भारत और चीन सीमा का प्रश्न अभी तक अनसुलझा है। भारत और चीन की बाउंड्री का कस्टमरी और ट्रेडिशनल अलाइनमेंट चीन नहीं मानता है। यह सीमा रेखा अच्छे से स्थापित भौगोलिक सिद्धांतों पर आधारित है।” रक्षा मंत्री ने कहा,“चीन मानता है कि बाउंड्री अभी भी औपचारिक तरीके से निर्धारित नहीं है। उसका मानना है कि हिस्टोरिक्ल जुरिस्डिक्शन के आधार पर जो ट्रेडिश्नल कस्टमरी लाइन है उसके बारे में दोनों देशों की अलग व्याख्या है। 1950-60 के दशक में इस पर बातचीत हो रही थी पर कोई समाधान नहीं निकला।

” राजनाथ सिंह ने आगे कहा, “सदन को जानकारी है कि पिछले कई दशकों में चीन ने बड़े पैमाने पर इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्टिविटी शुरू की है, जिससे बॉर्डर एरिया में उनकी तैनाती की क्षमता बढ़ी है। इसके जबाव में हमारी सरकार ने भी बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का बजट बढ़ाया है, जो पहले से लगभग दोगुना हुआ है।” राजनाथ सिंह ने कहा, “यह सच है कि हम लद्दाख में एक चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं लेकिन साथ ही मुझे भरोसा है कि हमारा देश और हमारे वीर जवान इस चुनौती पर खरे उतरेंगे। मैं इस सदन से अनुरोध करता हूं कि हम एक ध्वनि से अपनी सेनाओं की बहादुरी और उनके अदम्य साहस के प्रति सम्मान प्रदर्शित करें। इस सदन से दिया गया, एकता और पूर्ण विश्वास का संदेश, पूरे देश और पूरे विश्व में गूंजेगा, और हमारे जवान, जो कि चीनी सेनाओं से आंख से आंख मिलाकर अडिग खड़े हैं, उनमें एक नए मनोबल, ऊर्जा व उत्साह का संचार होगा।”

 

14-09-2020
लोकसभा में याद किए गए अजीत जोगी,परिवार ने माना आभार

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश प्रवक्ता भगवानू नायक ने कहा कि,कोरोना महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ। लोकतंत्र की सबसे बड़ी  पंचायत लोकसभा, संसद में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी व छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री व पूर्व लोकसभा सदस्य (12वीं व 14वीं लोकसभा ) स्व. अजीत जोगी सहित 13 सदस्यों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है। साथ ही सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की गई। जोगी परिवार के सदस्य स्व. अजीत जोगी की धर्मपत्नी रेणु जोगी, पुत्र अमित अजीत जोगी व पुत्र वधु ऋचा जोगी ने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से लोकसभा  के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।

28-08-2020
विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त, डॉ.महंत ने कहा-सभी सदस्यों ने दिया अपनी कर्तव्यपरायणता का परिचय

रायपुर। विधानसभा के मानसून सत्र के समापन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने कहा कि कोविड-19 महामारी की विषम परिस्थितियों में विधानसभा का सत्र आहूत कर और उसे सफल बनाने में विधानसभा के सभी सदस्यों ने अपनी कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया है। इससे कोविड-19 के विरूद्ध संघर्ष करने वाले प्रत्येक व्यक्ति, समूह, संस्था और संगठनों को एक नई ऊर्जा मिली है। सभी सदस्यों ने संकट की घड़ी में पूर्ण सजगता और समर्पण के साथ अपना योगदान दिया। कोरोना महामारी के संक्रमण से छत्तीसगढ़ राज्य को हम और अधिक कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। इस पर भी सकरात्मक चर्चा हुई। लोकहित और सर्व कल्याण की सदस्यों की इस सामूहिक भावना को मैं सदन की सबसे बड़ी उपलब्धि मानता हूं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोरोना काल में विधानसभा के सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा लिया और सुरक्षित रहते हुए अपने संवैधानिक दायित्वों का पालन करते हुए अपने मतदाताओं और अपने क्षेत्र की समस्याओं को पुरजोर उठाया। उन्होंने कहा कि कोरोनाकाल में जब सामान्य जीवन कठिन हो गया है। ऐसे में अपने संसदीय दायित्वों को पूरा करने के लिए सदस्यों ने समर्पण से कार्य किया। सदस्यों का यह समर्पण प्रजातंत्र के प्रति उनकी निष्ठा और प्रदेश की जनता और छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति उनके प्रेम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति सभी सदस्यों, अधिकारियों-कर्मचारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्था के लिए आभार प्रकट किया। विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री ने सदन की कार्यवाही के संचालन में दिए गए सहयोग के लिए विधानसभा सचिवालय और राज्य सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों, मीडिया प्रतिनिधियों सहित सभी को धन्यवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत ने जानकारी दी कि मानसून सत्र में विनियोग विधेयक सहित 12 विधेयक चर्चा के बाद पारित किए गए। राज्य सरकार के प्रथम अनुपूरक अनुमान पर 3 घंटे 33 मिनट चर्चा के उपरांत प्रथम अनुपूरक मांगे पारित की गई। इस सत्र की कुल 4 बैठकों में लगभग 24 घंटे 30 मिनट चर्चा हुई। उन्होंने सत्र के दौरान किए गए कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र दिसंबर माह के तीसरे सप्ताह में आहूत होने की संभावना है।

28-08-2020
Breaking: मानसून सत्र के अंतिम दिन विधायक की रिपोर्ट पॉजिटिव, लक्षण नहीं 

रायपुर। मानसून सत्र के आखिरी दिन बीजेपी विधायक डमरूधर पुजारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। विधानसभा में आज कई विधायकों के कोरोना जांच किए गए। इस दौरान विधायक डमरूधर पुजारी का भी एंटीजेन टेस्ट कराया गया। जिसमें कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डमरूधर पुजारी में किसी प्रकार के सिंगटम्स नहीं है।

28-08-2020
विधानसभा में गूंजा आबकारी विभाग के कामकाज का मुद्दा, देखें वीडियो...

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज आबकारी विभाग के कामकाज को लेकर चर्चा के दौरान शराब और शराब की बिक्री पर सत्ता और विपक्ष के बीच काफी देर तक नोकझोंक और रोचक टीका टिप्पणी होती रही। विधायक ने कहा कि मदिराप्रेमियों का कहना है कि शराब पिकअप नहीं दे रहा है। समर्थन में भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने सत्ता पक्ष को घेरते हुए कहा कि माल ओरिजनल नहीं मिल रहा है। अमरजीत भगत ने कहा कि विपक्ष को शराब की बहुत जानकारी है।

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