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31-05-2020
तमिलनाडु सरकार ने 30 जून तक बढ़ाया लॉक डाउन, जानिए किन-किन राज्यों ने बढ़ाई सख्ती

नई दिल्ली। देश भर में जानलेवा कोरोना वायरस का कहर जारी है। देश में जारी लॉक डाउन के बाद भी कोविड-19 संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉक डाउन 4.0 का आज आखिरी दिन है। इस वायरस से देश में अब तक 5164 लोगों की मौत हो चुकी है। वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए तमिलनाडु सरकार ने भी लॉक डाउन को बढ़ा दिया है। राज्य सरकार ने रविवार को ऐलान किया कि जारी लॉक डाउन 30 जून तक बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले मध्य प्रदेश, पंजाब जैसे राज्य अपने यहां लॉक डाउन को बढ़ा चुके हैं। हालांकि तमिलनाडु में लॉक डाउन विस्तार के दौरान सार्वजनिक परिवहन की आंशिक बहाली समेत कई तरह की रियायतें मिलेंगी। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने कहा कि धार्मिक स्थलों, अंतरराज्यीय बस परिवहन, मेट्रो और उपनगरीय रेल पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

उन्होंने कहा 'एक जून से कम सेवाओं के साथ सार्वजनिक परिवहन फिर से शुरू होगा, लेकिन राज्य में कोविड-19 मामलों में सबसे अधिक संख्या वाले चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और चेंगलपेट जिलों में बसों का संचालन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कर्फ्यू को 30 जून तक बढ़ाया जाता है। तमिलनाडु उन राज्यों में से एक है, जो कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित हुए हैं। शनिवार को राज्य में 938 नए मामले सामने आए थे। इस तरह अब तक राज्य में 21,184 लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं केंद्र सरकार ने शनिवार शाम को कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक लॉक डाउन को बढ़ाया है। हालांकि, इस बीच एग्जिट प्लान 'अनलॉक 1' के बारे में भी सरकार ने जानकारी दी है। इसके तहत आठ जून से रेस्त्रां, धार्मिक जगहों, मॉल आदि को दोबारा खोलने की अनुमति दे दी गई है।

किन-किन राज्यों ने बढ़ाई सख्ती?

केंद्र सरकार के लॉक डाउन 5.0 की घोषणा के साथ पंजाब और मध्य प्रदेश ने भी लॉकडाउन बढ़ाने का ऐलान कर दिया था। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में लॉक डाउन 15 जून तक बढ़ा दिया है। राज्य में स्कूल 13 जून के बाद खोलने का निर्णय़ होगा। राज्य सरकार ने 66.27 लाख छात्रों के बीच 146 करोड़ रुपए बांटे हैं। वहीं, पंजाब में लॉक डाउन की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार और छूट देंगे। हालांकि, विशेषज्ञों ने शॉपिंग मॉल, होटल-रेस्तरां खोलने को लेकर आगाह किया है। राज्य में कांटैक्ट ट्रेसिंग के लिए आशा वर्कर की मदद ली जाएगी।

बंगाल में लॉक डाउन 15 जून तक बढ़ा :

पश्चिम बंगाल सरकार ने लॉक डाउन को 15 जून तक बढ़ा दिया है। होटल-रेस्तरां और शॉपिंग मॉल केंद्र की गाइडलाइन के अनुसार खुलेंगे। जूट मिल एक जून से 100 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ खुलेंगी। एक जून से धार्मिक स्थल खोले जा सकते हैं। आठ जून से सरकारी कार्यालयों में 70 फीसदी उपस्थिति की इजाजत होगी।

31-05-2020
देश में 24 घंटे में कोरोना के रिकॉर्ड 8380 नए मामले आए, 193 लोगों की मौत, कुल संक्रमित 1,82,143

नई दिल्ली। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से हाहाकार मचा हुआ है। भारत भी कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। देश में जारी लॉक डाउन के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस से निपटने के लिए लगाए गए लॉक डाउन 4.0 का आज आखिरी दिन है। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच देश को फिर से पटरी पर लाने के लिए केंद्र सरकार ने 68 दिनों की बंदी के बाद चरणबद्ध तरीके से लॉक डाउन खोलने का ऐलान कर दिया है।

लेकिन कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 8,380 नए मामले सामने आए हैं और 193 लोगों की मौत हुई है। इसके बाद देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 1,82,143 हो गई है, जिनमें से 89,995 सक्रिय मामले हैं, 86,984 लोग ठीक हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और अब तक 5164 लोगों की मौत हो चुकी है।

30-05-2020
श्रमिक स्पेशल ट्रेन में बॉडी 4 दिन तक पड़े रहने का मामला रेलवे के माथे पर कलंक : कांग्रेस 

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कोरोना से लड़ने के नाम पर केंद्र सरकार और रेलवे की ओर से खिलवाड़ लगातार जारी है। 21 डॉक्टरों की नियुक्ति 1 मई से होनी थी लेकिन पूरा मई माह बीत जाने के बावजूद रेलवे ने इस दिशा में  कोई कार्यवाही नहीं की है।  रेलवे ने 2500 डॉक्टरों और 352 नर्सों की तैनाती का झूठा और खोखला दावा किया था। छत्तीसगढ़ में भी डॉक्टरों के पदों के लिए विज्ञापन निकाले गए और डॉक्टरों के साक्षात्कार भी लिए गए। 20 अप्रैल को 21 डॉक्टरों की नियुक्ति के आदेश जारी भी कर दिए। इन डॉक्टरों को एक मई से ड्यूटी ज्वाइन करना था लेकिन आज तक इन डॉक्टरों की ड्यूटी ज्वाइन नहीं कराया गया है। इससे केंद्र सरकार और रेलवे की कोरोना से लड़ने की गंभीरता को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। 

त्रिवेदी ने कहा है कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन में मुम्बई से लौटे मजदूर की डेड बॉडी चार दिन तक पड़े रहने का झांसी का मामला रेलवे के माथे पर कलंक है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी रेलवे की अव्यवस्था के परिणामस्वरूप संज्ञान लेते हुए इसे यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। रेलवे के अन्य दावे भी खोखले निकले। रेलवे ने कहा था कि देश में 5000 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदला जाएगा। 35 हॉस्पिटल और ब्लॉक कोरोना के लिए चिन्हित किए गए हैं लेकिन अगर डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होगी तो यह आइसोलेशन वार्ड और हॉस्पिटल ब्लॉक चिन्हित करने का क्या फायदा ? त्रिवेदी ने कहा है कि करोना से निपटने के नाम पर मोदी सरकार और रेलवे का रवैया लगातार निराशाजनक बना हुआ है। भारतीय रेल ने कोरोना महामारी से लड़ाई और लॉक डाउन के समय देश को निराश किया है। इस महामारी के समय लाक डॉउन के समय भारतीय रेलवे आम आदमी का सहारा बन सकती थी। कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ जंग में भारतीय रेलवे ने भी पूरी ताकत से जुटने और अपनी भागीदारी निभाने के दावे किये थे। भारतीय रेलवे ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए 2500 डॉक्टरों और 35,000 नर्सों को तैनाती का भी झूठा खोखला दावा किया था। रेलवे के भोजन से लेकर दवाइयों की भी व्यवस्था के दावे झूठे निकले।

30-05-2020
‘इंडिया’ शब्द हटाकर ‘भारत’ या ‘हिंदुस्तान’ करने की मांग, 2 जून को होगी सुनवाई

 नई दिल्ली। देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल हुई है, जिसमें केंद्र सरकार के द्वारा संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन करके इंडिया शब्द हटा कर देश का नाम भारत या हिन्दुस्तान रखने की मांग की गई है। यह अनुच्छेद देश के नाम और इलाके को परिभाषित करता है। अब सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर 2 जून को सुनवाई करेगा। बता दें कि इस याचिका पर 29 मई  को ही सुनवाई होनी थी लेकिन 29 मई को मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के मौजूद न होने के कारण अन्य कुछ मामलों के साथ इस मामले की सुनवाई भी 2 जून तक के लिए टाल दी।

इंडिया शब्द गुलामी का प्रतीक :

दरअसल दिल्ली के रहने वाले एक व्यक्ति ने याचिका दाखिल कर कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन कर इंडिया शब्द हटा दिया जाए। कहा गया है कि अभी अनुच्छेद 1 कहता है कि भारत अर्थात इंडिया राज्यों का संघ होगा। याचिका में कहा गया है कि इसकी जगह संशोधन करके इंडिया शब्द हटा दिया जाए और भारत या हिन्दुस्तान कर दिया जाए। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने कहा है कि इंडिया शब्द गुलामी का प्रतीक लगता है। देश को मूल और प्रमाणिक नाम भारत से ही मान्यता दी जानी चाहिए। इससे लोगों में राष्ट्रीय भावना भी पनपेगी। इंडिया शब्द की जगह भारत करने से हमारे पूर्वजों के कठिन संघर्ष से प्राप्त आजादी के साथ न्याय होगा।

याचिकाकर्ता  द्वारा आर्टिकल 1 में संशोधन की मांग :

गौरतलब है कि याचिका में 1948 में तत्कालीन प्रस्तावित संविधान के आर्टिकल 1 पर हुई संविधान सभा की बहस का हवाला देते हुए कहा गया है कि देश का नाम भारत या हिंदुस्तान रखने के पक्ष में मजबूत धारणा थी। याचिका कहती है, ‘हालांकि, अब देश को इसका मूल और वास्तविक नाम भारत देने का वक्त आ गया है जो है, खासकर तब जब हमारे शहरों के नाम भारत की आत्मा से जोड़कर बदले जा रहे हैं।

29-05-2020
टिड्डियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने 16 राज्यों को दी चेतावनी

नई दिल्ली। कोरोना संकट से जूझ रहे किसानों पर एक और बड़ा खतरा मंडरा रहा है। टिड्डी दल ने भारत के कई राज्यों पर धावा बोल दिया है। दरअसल रेगिस्तानी टिड्डियों के एक बड़े झुंड ने अपनी भूख को संतुष्ट करने के लिए फसलों और हरियाली की तलाश में पाकिस्तान के रास्ते से भारत की सीमाओं में प्रवेश किया है। टिड्डियों के इस दल ने पंजाब, राजस्थान और मध्यप्रदेश में फसलों को तबाह कर दिया है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने टिड्डियों के हमले को देखते हुए देश के 16 राज्यों को अलर्ट जारी किया है। संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी के अनुसार मरुस्थलीय टिड्डियों का झुंड इस साल देश की कृषि के लिए एक गंभीर खतरा है। यह पंजाब, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में वनस्पति और फसलों को काफी नुकसान पहुंचा चुका है। इसके बाद केंद्र ने 16 राज्यों को चेतावनी जारी की है।

ऐसे पहुंचाती हैं नुकसान :

खाद्य और कृषि संगठन की मरुस्थलीय टिड्डियों को लेकर जारी सूचना सेवा के अनुसार टिड्डियां एक दिन में 150 किलोमीटर तक उड़ सकती हैं और एक वर्ग किलोमीटर का झुंड एक दिन में 35,000 लोगों के बराबर का भोजन चट कर सकते हैं। सरकार ने कीटनाशकों के छिड़काव के लिए 11 नए निगरानी स्टेशनों की स्थापना के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों के एक बेड़े को तैयार किया है और इनसे निपटने के लिए नए उपकरणों को आयात कर रही है।

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के भंडारा, गोंदिया, नागपुर और अमरावती जिलों में टिड्डियों के झुंडों ने संतरे, आम के बागों और धान के खेतों को नुकसान पहुंचाया है। महाराष्ट्र के संयुक्त निदेशक (कृषि) रवि भोंसले ने कहा कि एक टीम को प्रभावित क्षेत्रों में कीटनाशकों का छिड़काव करने के लिए गुरुवार को भंडारा भेजा गया। उन्होंने कहा, ‘समय पर कार्रवाई से फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचने से बचा लिया गया।’ बुधवार दोपहर मध्यप्रदेश से उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में घोरावल में टिड्डियों के एक झुंड ने प्रवेश किया और जिले के कई गांवों में फसलों को नुकसान पहुंचाया। जिला कृषि अधिकारी पीयूष राय ने कहा, ‘नुकसान ज्यादा नहीं था क्योंकि ज्यादातर सब्जियों और अन्य फसलों की कटाई हो चुकी थी। आगरा में किसानों ने गुरुवार को तब राहत की सांस ली जब टिड्डियां राजस्थान के दौसा से राजस्थान के भानुगढ़ की ओर चली गईं। टिड्डियों का झुंड अलग-अलग समूह में इस वक्त सक्रिय है। ये अलग-अलग समूह गांवों के ऊपर से गुजरते हैं और सारी खेती को नष्ट कर जाते हैं।

राज्य दर राज्य टिड्डियों का कहर :
मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश में पहुंचे टिड्डियों के दल ने सोनभद्र के घोरावल में फसलों को जोरदार नुकसान पहुंचाया है। राजस्थान से टिड्डियों के दल का आगरा पहुंचने का अनुमान था लेकिन राजस्थान के दौसा से भानुगढ़ जाने के बाद आगरा के किसानों ने राहत की सांस ली।

पांच राज्यों के 100 जिलों में नुकसान :
पाकिस्तान से आईं इन टिड्डियों के दलों ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों के 100 जिलों में जोरदार कहर बरपाया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि टिड्डियों का झुंड अगले एक-दो सप्ताह में अन्य 12 राज्यों में फसलों और खेती को नुकसान पहुंचा सकता है।

हाई अलर्ट पर राज्य :
टिड्डियों के हमले के बीच केंद्र ने जहां राज्यों को चेतावनी जारी कर दी है। वहीं कई राज्य हाई अलर्ट पर हैं। पंजाब ने टिड्डियों से निपटने के लिए मॉकड्रिल की। सरकार ने पठानकोट-जालंधर राजमार्ग पर एक गांव में मॉकड्रिल का आयोजन किया। इसके जरिए विशेषज्ञों की टीम ने किसानों को जागरूक किया। वहीं हरियाणा सरकार ने भी खेतों में छिड़काव के लिए रसायन से भरे ट्रैक्टरों को तैनात कर दिया है। सरकार का कहना है कि हमने सभी आशंकित सात जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। खतरे से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक का भंडार मौजूद है।

29-05-2020
तलाकशुदा बेटी को क्यों नहीं मिलना चाहिए स्वतंत्रता सेनानी पेंशन का लाभ : सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को केंद्र से पूछा है कि स्वतंत्रता सेनानी पेंशन का लाभ स्वतंत्रता सेनानी की तलाकशुदा बेटी को क्यों नहीं मिलना चाहिए? जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने तुलसी देवी की इस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। सरकार को जुलाई के आखिरी हफ्ते तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। इससे पहले हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तुलसी देवी की याचिका को खारिज कर दिया था।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई इस सुनवाई में याचिकाकर्ता महिला की ओर से पेश वकील दुष्यंत पाराशर ने पीठ से कहा कि उनकी मुवक्किल के पिता गोपाल राम स्वतंत्रता सेनानी थे, जिस कारण उन्हें स्वतंत्रता सेनानी पेंशन मिलता था। उनकी तलाकशुदा बेटी तुलसी उनके साथ रहती थी और वह पूरी तरह से अपने माता पिता पर आश्रित थी। पिता की मृत्यु के बाद तुलसी पूरी तरह से अपनी मां कौशल्या पर आश्रित हो गई। अपने जीवनकाल में कौशल्या ने जनवरी, 2018 में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर आग्रह किया कि स्वतंत्रता सेनानी पेंशन का लाभ उसके बाद बेटी को मिले, क्योंकि उनकी बेटी पूरी तरह से उसी पर निर्भर है और उसके पास आमदनी का कोई और जरिया भी नहीं है।

सितंबर 2018 में उनके इस आग्रह को नकार दिया गया, जिसके बाद तुलसी ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि स्वतंत्रता सैनिक सम्मान पेंशन योजना के प्रावधानों में इस तरह की कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके बाद तुलसी ने हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की। याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत पाराशर ने पीठ के समक्ष पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से साल 2016 में दिए उस फैसले का हवाला दिया जिसमें इसी तरह की राहत दी गई थी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को प्रगतिशील और सामाजिक रूप से रचनात्मक दृष्टिकोण वाला बताया था। साथ ही पाराशर ने साल 2012 के उस सर्कुलर का भी हवाला दिया है, जिसमें तलाकशुदा बेटी को पेंशन देने का प्रावधान है।

25-05-2020
ईद की छुट्टी के बाद भी महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 

नई दिल्ली। न्याय की खातिर विभिन्न अवसरों पर आधी रात को सुनवाई करने वाला उच्चतम न्यायालय आज ईद उल फितर के अवकाश के बावजूद एक महत्वपूर्ण मामले की तत्काल(अर्जेंट) सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश राय की खंडपीठ बॉम्बे उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार और एयर इंडिया की अपील पर त्वरित सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत में ईद उल फितर की आज की छुट्टी पहले से निर्धारित थी, लेकिन रविवार देर रात सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की ओर से संबंधित मुकदमे को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया।

बॉम्बे उच्च न्यायालय ने कोरोना महामारी से बचाव को ध्यान में रखते हुए विदेश से आने वाली उड़ान में एयर इंडिया को बीच की सीट खाली रखने का आदेश दिया है, जिसे केंद्र और एयर इंडिया ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। एयर इंडिया के पायलट देवेन कनानी ने विमानों में बीच की सीट खाली ना रखे जाने को लेकर बॉम्बे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार के वंदे भारत मिशन के तहत विदेशों से भारतीयों को स्वदेश वापस लाने में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में बीच की सीटें खाली नहीं रखी जा रही है, जो गत 23 मार्च के गृह मंत्रालय के सोशल डिस्टेंसिंग के आदेश का उल्लंघन है। इसके बाद उच्च न्यायालय ने बीच की सीटें खाली रखने का एयर इंडिया को निर्देश दिया था। अब केंद्र सरकार और एयर इंडिया ने उसे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। साथ ही न्यायालय से अर्जेंट सुनवाई के लिए आग्रह किया, जिसके बाद इस मामले को आज सुबह साढ़े 10 बजे सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश की बेंच के समक्ष सूचीबद्ध कर दिया गया।

23-05-2020
ज्यादा अच्छा होता कांग्रेस मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के खातों में जमा अंतर राशि का ब्यौरा भी देती : भाजपा

रायपुर। भाजपा ने धान के मूल्य की अंतर की राशि को लेकर कांग्रेस पर निम्नस्तर की राजनीति का आरोप लगाया है। किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप शर्मा ने कहा कि लाभान्वित किसानों में भाजपा के बड़े नेताओं के नामों की सूची जारी करके प्रदेश सरकार और कांग्रेस अपनी सोच से उबरने को तैयार ही नहीं हैं। ज्यादा अच्छा तो तब होता जब कांग्रेस अपनी सरकार के मुख्यमंत्री समेत उन सभी मंत्रियों के नाम भी इस सूची में शामिल करती,जिनका हाल ही एक समाचार पत्र में कोरोना वॉरियर्स के तौर पर गुणगान हुआ है। कांग्रेस बताए तो कि इन मंत्रियों के खातों में धान मूल्य के अंतर की कितनी-कितनी राशि जमा हुई है? इनमें से कितने मंत्रियों को अंतर राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में जमा करने के लिए कांग्रेस कहने का साहस दिखाएगी? संदीप शर्मा ने कहा कि भाजपा के नेता तो किसानों के शुरू से हितैषी रहे हैं और किसानों का सम्मान कर इनके कल्याण की कई योजनाओं पर भाजपा की प्रदेश और केंद्र सरकार ने काफी काम किया। कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी तो भाजपा शासन में बोनस समेत किसानों के हित की तमाम योजनाओं का लाभ लिया था। किसानों से धान मूल्य के तौर पर 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल का तुरंत एकमुश्त भुगतान करने का कांग्रेस सरकार ने वादा किया था लेकिन उसने पूरा भुगतान नहीं किया।

23-05-2020
एसपी ने जिलावासियों से की पहल, क्या हैं यह पहल पढ़ें पूरी खबर....

धमतरी। देश में करोना वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ते ही जा रही है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार,राज्य सरकार,शासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के एसपी बीपी राजभानु ने लोगों से एक पहल की है कि प्रत्येक व्यक्तियों को कुछ दिनों के लिए एक पेज या डायरी मेंटेन करनी चाहिए जिस पर वह प्रत्येक दिन में मिलने वालों की जानकारी व नाम दर्ज करें। एएसपी मनीषा ठाकुर रावटे के द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया गया है,जो धमतरी के प्रत्येक सरहदी नाकेबंदी प्वाइंटों में वितरित किया गया है। नागरिकों द्वारा अति महत्वपूर्ण कार्यों से प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर नाकेबंदी पॉइंट से जब भी गुजरेंगे तो प्रत्येक व्यक्ति/वाहन को वह फॉर्मेट उपलब्ध कराकर जानकारी भरने समझाइश दिया जावेगा और जब वह व्यक्ति अपना अति महत्वपूर्ण कार्य संपादित कर धमतरी वापस आएगा तो वह फॉर्मेट नाकेबंदी पॉइंट में वापस जमा कराकर जानकारी अद्यतन की जाएगी। उक्त प्राप्त जानकारी अत्यंत ही गोपनीय रखी जावेगी और विषम परिस्थितियों में आवश्यकता होने पर ही उसका उपयोग किया जावेगा। ऐसा करने से संक्रमित व्यक्ति से मिलने वालों की जानकारी जल्द मिल पाएगी और इसका फैलाव रोका जा सकेगा। इस कांटेक्ट ट्रेसिंग के जरिए प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। बता दें कि अगर कोई संक्रमित व्यक्ति से मिलता है या खुद संक्रमित होता है तो वह किन किन लोगों से मिला है, उसकी पुष्टि जल्द की जा सकेगी,जिससे संक्रमण का फैलाव रोका जा सकेगा। इस छोटे से प्रयासों से संक्रमण का फैलाव रोका जा सकता है। साथ ही एसपी बीपी राजभानु ने लोगों से अपील की है की जरूरत पड़ने पर ही घर से निकले अगर अति आवश्यक कार्य के लिए निकलना पड़े तो सतर्कता बरतें और शासन द्वारा दिए गए नियमों का पालन करें।

 

22-05-2020
अम्फान तूफान: प्रधानमंत्री ने किया ऐलान, ओेडिशा को केंद्र सरकार देगी 500 करोड़ की मदद

नई दिल्ली। कोरोना संकट के बीच साइक्लोन अम्फान प्रभावित ओडिशा को केंद्र सरकार से 500 करोड़ की अग्रिम मदद का ऐलान शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार इसके अलावा भी ओडिशा सरकार की सहायता करेगी और तूफान रूपी संकट के बाद की स्थितियों से निपटने में बाकी बंदोबस्त करेगी। यह काम सर्वे पूरा होने और रीहैब प्लान तैयार होने के बाद किया जाएगा।नरेंद्र मोदी ने चक्रवात ‘अम्फान’ से प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण और ओडिशा के राज्यपाल गणेशीलाल और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद दीर्घकालिक पुनर्वास उपायों के लिए आगे की सहायता दी जाएगी। इन नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक, बालासोर, जाजपुर और मयूरभंज जिलों का हवाई मुआयना किया। यहां बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा परिसर में हुई समीक्षा बैठक में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी भी उपस्थित थे।

 

22-05-2020
 रायपुर एयरपोर्ट प्रबंधन ने 25 मई से 30 जून तक उड़ने वाले विमानों की लिस्ट जारी

रायपुर। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में घरेलू विमान सेवा को नियम व शर्तों के साथ मंजूरी दे दी है। स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से 25 मई से उड़ान भरने की तैयारी शुरू हो गई है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने 25 मई से 30 जून तक उड़ने वाले विमानों की लिस्ट भी जारी कर दी है।

22-05-2020
एयर इंडिया समेत अन्य कंपनियों ने हवाई उड़ानों के आज से शुरू की टिकट बुकिंग

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 25 मई से घरेलू उड़ानों का परिचालन बहाल करने का फैसला किया है। उड्डयन मंत्रालय द्वारा 25 मई से घरेलू यात्री विमान सेवाओं को शुरू करने की घोषणा के बाद आज दोपहर 12.30 बजे से विमान सेवाओं की बुकिंग शुरू हो गई है। बता दें कि देश में हवाई सेवाएं दो महीने के बाद शुरू होंगी। केंद्रीय उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पूरी ने बुधवार को घोषणा की थी कि घरेलू विमान सेवाएं 25 मई से शुरू हो जाएंगी।

एयर इंडिया ने ट्वीट कर दी जानकारी :

एयर इंडिया ने एक ट्वीट जारी कर 12.30 बजे से घरेलू विमानों की टिकट बुकिंग शुरू करने की सूचना दी है। कंपनी की ओर से इसके लिए वेबसाइट की जानकारी दी गई, साथ ही कहा गया कि कस्टमर केयर पर बात भी की जा सकती है।

अन्य एयरलाइंस ने भी शुरू की उड़ानें

इसके अतिरिक्त अन्य सभी एयरलाइंस की ओर से बुकिंग सेवा शुरू कर दी गई है। स्पाइसजेट ने भी ट्वीट कर बताया कि कंपनी ने 25 मई से टिकटों की बुकिंग शुरू कर दी है।

हवाई यात्राओं के लिए दिशानिर्देश :

सरकार ने उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने के लिए एक विस्तृत दिशा निर्देश जारी निर्धारित किया है, जिनमें दो घंटे से कम की उड़ान अवधि के लिए खान-पान की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, कुछ स्नैक्स और पेय पदार्थ दिए जा सकते हैं। प्रोसीजर में बताया गया है कि विमान सेवाओं को सिर्फ मुख्य शहरों के लिए सीमित क्षमता में शुरू किया जाएगा। विमान में यात्रियों और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल स्वस्थ लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। प्रोसीजर के अनुसार विमान में हैंड बैगेज/केबिन बैगेज की अनुमति नहीं होगी और सिर्फ वेब चेक-इन या ऑनलाइन चेक-इन की ही अनुमति होगी।

इसके साथ ही हवाई अड्डों पर धूम्रपान की अनुमति भी नहीं होगी। यात्रियों को अपने स्मार्ट फोन पर आरोग्य सेतु एप्लीकेशन डाउनलोड करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यात्रियों को फेस मास्क और हैंड ग्लव्स पहनना अनिवार्य होगा। अगर यात्री पहले कभी क्वारंटाइन में रहा है तो उसे अपनी कोविड-19 क्वारंटाइन हिस्ट्री बताने के लिए एक फॉर्म भरना पड़ेगा। हाल ही में दिल्ली हवाई अड्डे पर अल्ट्रावायलेट तकनीक पर आधारित डिसइंफेक्टेंट टनल बनाए गए हैं, जिस पर यात्रियों के सामान को कीटाणुरहित किया जाएगा, साथ ही जगह-जगह अल्ट्रावायलेट टावर भी लगाए गए हैं जो आने-जाने वाले यात्रियों को डिसइंफेक्ट करेगा।

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