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समर्थन मूल्य में वृद्धि को किसान बता रहे है चुनावी झुनझूना

रायपुर। केंद्र सरकार ने तो धान के समर्थन मूल्य में 200 रूपए की बढ़ोत्तरी कर दी है परन्तु किसानों ने इस बढ़ोत्तरी को सिर्फ चुनावी लाभ लेने वाला बताया है।

2019 के लोकसभा चुनावों से पहले देश भर के किसानों के लिए मोदी सरकार ने खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ा दिया है। जबकी धान का समर्थन मूल्य प्रति क्ंिवटल200 रुपए बढ़ाया गया है। जो कि अब तक की सबसे ज्यादा बढ़ोत्तरी है। कांग्रेस की सरकार में समर्थन मूल्य 175 तक पहुंच चुका था।

किसान नेता रूपन चंद्राकर ने बताया कि भाजपा सरकार और उनके नेता इस साल दिए गए समर्थन मूल्य को सरकार की बड़ी उपलब्धि के रूप में बताने की कोशिश कर रहे हैं। परन्तु यह बढ़ोतरी महज एक दिखावा है। जो चुनावी लाभ के लिए किया गया है।

किसान नेताओं ने मांग की है कि सरकार को पैदावार की खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाकर समस्त फसल खरीदने पर जोर देना चाहिए। साथ ही समर्थन मूल्य को दोगुना कर देना चाहिए। उनका कहना है कि सन 1975 से लेकर अब तक महंगाई ने आसमान छुआ है उस हिसाब से समर्थन मुख्य 25 सौ होना चाहिए। केंद्र की सरकार ने 200 रु मात्र समर्थन मूल्य बड़ा कर ऊंठ के मुह में जीरा दिया है। जिसके कारण असंतुष्ट किसान अपनी बात रखने के लिए विकल्प तलाश रहें हैं। 

किसान नेताओ का कहना है कि सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया है उन्होंने समर्थन मूल्य दोगुना करने की बात कही थी परन्तु उन्होंने केवल एक तिहाई ही समर्थन दिया है ये किसानों के साथ छल है।

बृजमोहन ने कृष्णा राज से कहा-  21 सौ रुपए क्विंटल में धान खरीदी का हमारा वादा पूरा

रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा खरीफ फसल का समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाए जाने के बाद छत्तीसगढ़ प्रवास पर आई  केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णा राज से प्रदेश के कृषि सिंचाई मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पहुना में मुलाकात की। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक,संनिर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष मोहन एंटी,किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पूनम चंद्राकर,महामंत्री द्वारिकेश पांडे,रामकृष्ण धीवर मौजूद थे।

इस दौरान कृष्णराज से चर्चा करते हुए बृजमोहन अग्रवाल ने उन्हें बताया कि छत्तीसगढ़ के ज्यादातर किसान धान की पैदावार करते हैं । ऐसे में केंद्र सरकार का समर्थन मूल्य में वृद्धि करना उनके लिए लाभकारी सिद्ध होगा। अग्रवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के किसानों से हमने 21सौ रुपये प्रति क्विंटल में धान खरीदी का वादा किया था। आज केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपये की वृद्धि से अब हमारा वादा लगभग पूरा हो गया है। छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को प्रति क्विंटल धान बोनस 300 रुपये प्रदान कर रही है। ऐसे में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने के बाद उन किसानों को प्रति क्विंटल 21 सौ रुपये लगभग राशि प्रदान कर सकेंगे।

बृजमोहन ने उन्हें जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में छत्तीसगढ़ को सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन के लिए पुरस्कृत किया गया है। हमारा यह प्रदेश किसानों के अथक परिश्रम के फलस्वरुप नित नए कीर्तिमान रचता जा रहा है। बीते वर्षों में भारत सरकार द्वारा चार बार प्रदान किया गया कृषि कर्मण पुरस्कार भी किसानों की मेहनत का ही परिणाम रहा है।

14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में इजाफा, सीएम रमन बोले, ऐतिहासिक फैसला

रायपुर। केंद्र सरकार के 14 खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी किए जाने के फैसले का मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने ऐतिहासिक फैसला करार दिया है। उन्होंने सरकार के इस निर्णय का स्वागत  करते हुए कहा कि भाजपा शुरू से ही किसान हितैषी रही है। प्रदेश भाजपा इस फैसले को उत्सव के रूप में मनाएगी। भाजपा ने जो वादा किया, उसे पूरा भी किया। धान का समर्थन मूल्य 200 रुपये प्रति क्विटंल बढ़ाया गया है। इसके साथ ही अब धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए के करीब पहुंच गई है। मक्का का समर्थन मूल्य 1400 से बढ़ाकर 1700 कर दिया गया। देश के 12 करोड़ किसानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।  छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में इस फैसले का बड़ा महत्व है।  भाजपा सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी, भाजपा उसी राह पर आगे बढ़ रही है।

आज का दिन किसानों के लिए दिवाली, होली जैसा

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिना मांगे मांग पूरी कर दी। हमने छत्तीसगढ़ में अपना लक्ष्य प्राप्त कर लिया। ये हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है। आज किसान के लिए दिवाली होली जैसा दिन है।

धान का समर्थन मूल्य 2 सौ रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा, 12 करोड़ किसानों को होगा फायदा 

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) बुधवार को 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ा दिया है। इससे देश के 12 करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा होगा। तो वहीं सरकारी खजाने पर 33,500 करोड़ का बोझ आएगा।  सरकार ने यह निर्णय ऐसे समय लिया है जबकि कृषि उपजों के दाम गिरने से किसान परेशान हैं और आम चुनाव एक साल के अंदर होने वाले हैं। बीजेपी ने 2014 में किसानों से साथ चुनावी वादा किया था कि वह किसानों को उनकी लागत का डेढ़ गुना मूल्य दिलाएगी। इसे पूरा करने के लिए सरकार ने इस साल पहली फरवरी को पेश किए गए अपने आखिरी पूर्ण बजट में इस वायदे को पूरा करने की घोषणा की।

इन फसलों का भी बढ़ा एमएसपी:

पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों से संबंधित समिति ने आज 14 खरीफ फसलों के एमएसपी के प्रस्तावों को स्वीकृत किया। सूत्रों के अनुसार, धान (सामान्य किस्म) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 200 रुपए बढ़ाकर 1,750 रुपए प्रति क्विंटल और धान (ग्रेड ए) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 160 रुपए बढ़ाकर 1,750 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है।    

इसी तरह कपास (मध्यम आकार का रेशा) का एमएसपी 4,020 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,150 रुपए प्रति क्विंटल और कपास (लंबा रेशा) का एमएसपी 4,320 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,450रुपए प्रति क्विंटल पर कर दिया गया। अरहर का एमएसपी 5,450 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,675 रुपए प्रति क्विंटल , मूंग का एमएसपी 5,575 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 6,975 रुपए प्रति क्विंटल और उड़द का एमएसपी 5,400 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 5,600 रुपए प्रति क्विंटल किया गया है।

खाद्य छूट पर 11  हजार करोड़ का आएगा बोझ :

विपणन वर्ष 2016-17 की खरीद के आंकड़ों के हिसाब से धान का एमएसपी बढ़ाने से खाद्य छूट पर 11 हजार करोड़ रुपए का बोझ आएगा। धान खरीफ सीजन की मुख्य फसल है। सरकार की ओर से भारतीय खाद्य निगम अनाज की खरीद और वितरण करता है। यह खरीद सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के आधार पर की जाती है।

रिकार्ड उत्पादन होने का अनुमान:

वर्ष 2017-18 में भारत में अनाज उत्पादन 27.95 करोड़ टन होने का अनुमान है। यह एक नया कीर्तिमान होगा। अनाज उत्पादन बढ़ने से चीनी, दाल दलहनों आदि की कीमतों में नरमी है लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि एमएसपी बढ़ाए जाने से खाद्य मुद्रास्फीति सुलग सकती है। इस साल भी मानसून अच्छा रहने की उम्मीद है।

 

2 जुलाई को सतना पहुँचेंगे केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत

भोपाल। 2 जुलाई को केंद्र सरकार के कैबिनेट मंत्री थावरचंद गहलोत भोपाल होते हुए सतना रेवांचल एक्सप्रेस से सुबह 6:00 बजे सतना पहुंच रहे हैं । पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं से स्टेशन पहुंचकर भव्य स्वागत करने की सांसद गणेश सिंह ने अपील की है। केंद्रीय मंत्री गहलोत कल सतना में दिव्यांगों के सहायतार्थ 331

इस विशेष आयोजन का विधिवत उद्घाटन करेंगे। सांसद श्री गणेश सिंह ने सिंह के प्रयासों से जिले के सभी तरह के दिव्यांगों को उनकी आवश्यकता अनुसार निः शुल्क उपकरण उनके उपयोग के लिए दिए जाने का कल भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उक्त कार्यक्रम में सुबह 10:00 बजे बीटीआई मैदान पहुंचने की अपील की है । यह कार्यक्रम भव्य कार्यक्रमो से एकदम अलग होगा केंद्रीय मंत्री सिर्फ उक्त कार्यक्रम में शामिल होने दिल्ली से भोपाल आए हैं और वहां से रेवांचल एक्सप्रेस से सुबह सतना आएंगे और कल 3:00 बजे खजुराहो एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

हाईकोर्ट ने आईजी पवन देव को राहत देने वाली कैट द्वारा पारित आदेश पर लगाई रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण कैट द्वारा आईजी पवन देव के पक्ष में दिए गए आदेश पर पूर्णतः रोक लगा दिया है। ज्ञात हो कि आईजी पवन देव द्वारा प्रताड़ना के पश्चात एक महिला कॉन्स्टेबल ने आईजी पवन देव के खिलाफ कार्रवाई  की मांग की थी जिसके बाद रेणु पिल्लई IAS की अध्यक्षता में गठित इंटरनल कंप्लेंट कमेटी द्वारा जांच की गई थी। इस कमेटी ने आईजी पवन देव पर लगाए यौन उत्पीडन के आरोप को सत्य पाया था एवं दिसंबर 2016 में रिपोर्ट शासन को प्रेसित कर दी गई थी। उस रिपोर्ट पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर पीड़िता ने  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में रिट याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए  उच्च न्यायालय ने 45 दिनों के भीतर आईजी पवन देव पर कार्रवाई करने का आदेश पारित किया था। इसी बीच सरकार ने आईजी पवन देव को बचाने के लिए उनके खिलाफ अप्रैल 2018 में एक नई चार्जशीट जारी कर दी ताकि दिसंबर2016 की रिपोर्ट का महत्व खत्म हो जाए , जो कि लैंगिक उत्पीडन एक्ट 2013 के भी विरुद्ध है।

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण में लंबित प्रकरण में आईजी पवन देव में यह प्रार्थना की थी कि सरकार द्वारा अप्रैल 2018 में जारी चार्जशीट खारिज की जाए। पवन देव द्वारा पीड़िता को उक्त प्रकरण में पक्षकार भी नहीं बनाया गया था। अप्रैल 2018 में जारी चार्जशीट पर स्टे मांगने के लिए दायर अंतरिम आवेदन पत्र पर बहस करते समय आईजी पवन देव ने अधिकरण को गुमराह करते हुए दिसंबर 2016 की रिपोर्ट पर हो रही कार्यवाही पर स्टे का आदेश प्राप्त कर लिया।

आईजी पवन देव के पक्ष में अधिकरण द्वारा दिए गए आदेश के खिलाफ पीड़िता ने  छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में प्रकरण दायर किया था जिसे गुुरुवार को  न्यायालय ने स्वीकार करते हुए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार से शपथ पत्र के माध्यम से जवाब पेश करने का आदेश पारित किया है। साथ ही आईजी पवन देव को भी नोटिस जारी किया है। 

प्रकरण की सुनवाई के दौरान पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि सरकार पवन देव को बचाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है और पवन देव द्वारा प्राप्त आदेश न्यायालय द्वारा पूर्व में 45 दिन के भीतर कार्यवाही करने के आदेश से बचने के लिए प्राप्त किया गया है वह भी अवैध है। उच्च न्यायालय द्वारा 11 जुलाई के पूर्व गृह सचिव एवं DGP को पवन देव के विरुद्ध की गई कार्रवाई से अवगत करने के लिए शपथ पत्र दाखिल करने निर्देश दिया है ।

 

रमजान के बाद अब घाटी में  घमासान दोबारा आॅपरेशन शुरू करने का केंद्र सरकार ने दिया आदेश

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में रमजान के दौरान एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा के बावजूद एक के बाद एक आतंकी हमले, पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब घाटी में आतंकियों के खिलाफ दोबारा आॅपरेशन शुरू करने का आदेश जारी किया है।  सरकार ने सुरक्षाबलों को निर्देश दे दिया है कि वे घाटी में आतंकी घटनाओं और हिंसक वारदातों को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएं।  केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि 17 मई को निर्णय लिया गया था कि रमजान के पवित्र महीने में सुरक्षाबल आॅपरेशन नहीं चलाएंगे।  यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के शांतिप्रिय लोगों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था, ताकि उन्हें रमजान के दौरान कोई दिक्कत न हो।  तमाम उकसाने वाली घटनाओं के बावजूद इस निर्णय को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार सुरक्षाबलों की सराहना करती है। 

आतंकियों के खात्म के लिए शांतिप्रिय लोग भी आएं आगे : गृहमंत्री

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार के एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा का जम्मू-कश्मीर समेत देशभर में स्वागत हुआ और इसकी वजह से आम जनता को काफी राहत मिली।  उम्मीद थी कि सभी इस पहल की सफलता के लिए पूरा सहयोग करेंगे।  एकतरफा संघर्ष विराम के दौरान जहां सुरक्षा बलों ने संयम का परिचय दिया तो दूसरी तरफ आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले जारी रखे।  इसकी वजह से सैनिकों व आम नागरिकों की मौत हुई और घायल भी हुए।  उन्होंने कहा कि, 'सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंक और हिंसा से मुक्त पर्यावरण के निर्माण के लिए अपना प्रयास जारी रखेगी'।

राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकियों के पूर्ण खात्मे के लिए समाज के शांतिप्रिय वर्ग के सभी लोगों को साथ आना चाहिए।  साथ ही ऐसे लोगों को प्रेरित भी करना चाहिये जिन्हें शांति के रास्ते पर आने से भटकाया गया है।  गौरतलब है कि सरकार ने रमजान महीने के दौरान जम्मू-कश्मीर में एकतरफा संघर्ष विराम का ऐलान किया था।  सरकार की ओर से कहा गया था कि रमजान के महीने में अपनी तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होगी।  लेकिन अगर कोई हमला होता है तो सुरक्षा बल अपनी या बेगुनाह नागरिकों की जान बचाने के लिए जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं।  सेना के सूत्रों का कहना था कि अब कासों यानी कि कार्डन एंड सर्च आॅपरेशन और साडो यानी कि सर्च एंड डिस्ट्राय आॅपरेशन पहले के मुकाबले कम होंगे।  हालांकि सरकार की इस घोषणा के बावजूद घाटी में आतंकी घटनाओं में कमी की जगह इजाफा हुआ और कई जवान शहीद हुए।  आम नागरिकों की भी मौत हुई। 

 

नीति आयोग की बैठक में बाढ़ पीड़ित राज्यों को प्राथमिकता 

नई दिल्ली। राष्ट्रपति भवन में चल रही नीति आयोग के गवर्निंग काउंसिल की चौथी बैठक आज हो रही है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ पीड़ित राज्यों को तरजीह दी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ राज्य बाढ़ से पीड़ित हैं। ऐसे राज्यों को हर संभव मदद दी जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीति आयोग एक ऐसा मंच है, जिससे देश में ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत होती है। बैठक में तमाम मुद्दों पर विचार -विमर्श अभी भी जारी है। इस बैठक में तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार के तमाम बड़े मंत्री मौजूद हैं। 

शिवराज सरकार के खिलाफ मैदान में उतरी भाजपा सांसद आलोक संजर की धर्मपत्नी किरण

भोपाल। राजधानी भोपाल से भाजपा सांसद आलोक संजर की पत्नी किरण श्रीवास्तव शिवराज सरकार के खिलाफ नारे लगाते नजर आईं। शिवराज सरकार के खिलाफ सरकारी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि उन्हें भी केंद्र सरकार के बराबर सातवां वेतनमान चाहिए। इस मौके पर बीजेपी सांसद आलोक संजर की पत्नी किरण श्रीवास्तव ने कहा कि सांसद वाली बात अलग है अभी सांसद का टैग आप हटा दीजिए। अभी मैं बैंक की कर्मचारी हूं। किसान परेशान होगा लेकिन हम भी तो परेशान हैं। हमारी मांगें भी तो जायज़ हैं। हमारा साथ दो तो हम सरकार का साथ देंगे। उधर बैंकों में हो रही हड़ताल से किसान मेहनत से कमाए गए अपने ही पैसे के लिए परेशान हैं। सूबे में ग्यारह लाख किसानों के खाते में गेहूं के बोनस के 2245 करोड़ रुपए जमा हुए हैं, लेकिन सहकारी बैंकों में आज से बेमियादी हड़ताल है।

आयुष्मान योजना में नहीं जोड़ा गरीबों का नाम, कलेक्टर से की शिकायत

रायपुर। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई आयुष्मान योजना पर गरीबों का नाम छोड़ दिया गया। इसे लेकर वार्ड नंबर 55 के पार्षद सतनाम सिंह पनाग स्थानीय निवासियों को लेकर आज सोमवार कलेक्टोरेट का घेराव करने पहुंचे, साथ ही आयुष्मान भारत योजना में गरीबों के नाम जोड़ने को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।  

पार्षद सतनाम सिंह पनाग ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना में नाम जोड़ने के लिए मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के पास आवेदन लेकर गए थे लेकिन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आवेदन लेने से मना कर दिया, इसी वजह से आज कलेक्टर जनदर्शन में अपने स्थानीय निवासियों को लेकर आयुष्मान भारत योजना में नाम जोड़ने के लिए  कलेक्टर को आवेदन दिया गया है। साथ ही स्थानीय निवासियों को लेकर प्रदर्शन भी किया गया है। उन्होंने कहा कि 2011 के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ विभाग द्वारा सर्वे रिपोर्ट में गड़बड़ी की गई इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

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