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GSTN को सरकारी कंपनी बनाने पर सरकार ने दिखायी हरी झंडी, कारबोरियों को हर माह भरना होगा रिटर्न

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हर माह तीन रिटर्न भरने के झंझट से कारोबारियों को निजात देने पर मुहर लगा दी है। जीएसटी परिषद की शुक्रवार को हुई 27वीं बैठक में हर माह एक रिटर्न भरने की प्रणाली छह माह में लागू करने का ऐलान हुआ। परिषद ने रिटर्न भरने के लिए नया सरल फार्म जारी किया है, इसके तहत करदाता को एक महीने में एक ही रिटर्न भरना होगा। लेकिन यह व्यवस्था अमल में लाने में छह माह लगेंगे। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता की। नई दिल्ली में उनके साथ वित्त सचिव हसमुख अधिया भी मौजूद थे।

जेटली ने कहा कि रिटर्न सरलीकरण पर फैसला ले लिया गया है और इसके लिए जल्द ही रोडमैप जारी होगा। अधिया ने कहा कि प्रति माह एक रिटर्न दाखिल करने की सुविधा छह माह में लागू हो जाएगी। ज्यादातर राज्य डिजिटल या चेक के जरिये भुगतान पर दो फीसदी प्रोत्साहन राशि के प्रस्ताव के समर्थन में थे। लेकिन कुछ राज्यों ने तंबाकू जैसे नकारात्मक उत्पादों को इससे अलग रखने को कहा। लिहाजा यह मुद्दा राज्यों के वित्त मंत्रियों के पांच सदस्यीय समूह देखेगा। 

डिजिटल भुगतान पर मंत्रिसमूह करेगा फैसला

केंद्र सरकार ने डिजिटल लेनदेन पर ग्राहकों और कारोबारियों को राहत देने का मुद्दा भी राज्यों के वित्त मंत्रियों के एक समूह को सौंपने का फैसला किया है। डिजिटल भुगतान पर दो फीसदी कैशबैक देने के प्रस्ताव पर बैठक में विचार किया गया। जीएसटी काउंसिल बैठक: सरकारी कंपनी बनेगी GSTN, चीनी पर सेस का फैसला टला

जीएसटीएन को सरकारी कंपनी बनाने पर मुहर

परिषद ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) की शेयरधारिता में बदलाव करके इसे सरकारी कंपनी बनाने पर भी अपनी मुहर लगा दी। बैठक में यह फैसला लिया कि जीएसटीएन की 51 फीसदी हिस्सेदारी, जो फिलहाल गैर सरकारी संस्थानों के पास है, उसे केंद्र और राज्य सरकार को दिया जाएगा। 

फिलहाल जीएसटीएन में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के पास 24.5-24.5 प्रतिशत की बराबरर हिस्सेदारी है और शेयर 51 फीसदी हिस्सेदारी गैर सरकारी संस्थानों की है। जीएसटीएन पंजीकरण, रिटर्न फाइलिंग, कर भुगतान, रिफंड प्रक्रिया को देखती है और लाखों कारोबारों के आयात- निर्यात समेत कई आंकड़े इसकी निगरानी में हैं। लिहाजा इसे पूर्णत: सरकारी कंपनी बनाने को मंजूरी दी है।

जीएसटीएन का गठन एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के रूप में 28 मार्च 2013 को कंपनी अधिनियम की धारा आठ के तहत किया गया था। इस उद्देश्य देश में जीएसटी लागू करने में केंद्र एवं राज्यों सरकारों के साथ करदाताओं और अन्य हितधारकों को साझी आईटी संरचना और सेवा उपलब्ध कराना है।

कम वोल्टेज की समस्या को लेकर बिफरे वार्डवासी, सौंपा ज्ञापन

बालोद। नगरपालिका बालोद क्षेत्र के जवाहर वार्ड 11 में लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर जिला योजना समिति के सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा के नेतृत्व में वार्डवासियों ने गुरुवार को सीएसईबी कार्यालय पहुंचकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपा। पार्षद, एल्डरमैन और वार्डवासियों ने अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार डहरिया को बताया कि विगत कई वर्षों से जवाहर वार्ड 11 के निवासी लो-वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे हैं। जिसके कारण घर का पंखा, टीवी, कूलर व बोर पंप आदि भी नहीं चल पा रहे हैं। लगातार लो-वोल्टेज के कारण बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। ठंड हो या गर्मी लो वोल्टेज की समस्या वार्ड में बनी रहती है। इसको लेकर शिकायत के बावजूद लो वोल्टेज की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। मुलाकात के दौरान बालोद शहर के जेई हितेंद्र कुमार यादव भी मौजूद रहे।

चर्चा के दौरान सीएसईबी के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार की योजना एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (आईपीडीएस) के तहत बालोद शहर में 1 करोड़ 90 लाख रुपए की लागत से 12 ट्रांसफार्मर लगाने की योजना है। योजना के तहत काम हो जाने के बाद बालोद शहरी क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांगों को पूरा करना आसान होगा। सीएसईबी के ईई और जेई ने मुलाकात के दौरान पार्षद, एल्डरमैन और वार्डवासियों को भरोसा दिलाया कि, योजना के तहत काम शुरू होने से पहले जवाहर वार्ड को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने पूरा प्रयास किया जाएगा। 

वर्षों से वार्ड में लो-वोल्टेज की समस्या को लेकर सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, पर्याप्त गुणवत्तापूर्वक विद्युत के अभाव में न तो विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर पा रहे हैं और न ही विद्युत से होने वाले काम पूरा हो रहे हैं। रात में स्थिति और खराब हो जा रही है, ट्यूबलाइट तो दूर कम वोल्टेज वाले सीएफएल और एलईडी बल्ब भी नहीं जल रहे हैं। 

समस्या के निस्तारण के लिए अविलंब जरूरी उपाय सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सीएसईबी के अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन सौंपने वालो में पार्षद के अलावा नगरपालिका परिषद बालोद के एल्डरमैन विनोद जैन,भाजपा नेता अतिक अहमद, वार्डवासी जफर खान, परदेशी महानंद, शत्रुघ्न गांधी, अमन मंडावी, चंद्रकुमार दीप और सूरज मंडावी आदि प्रमुख रहे। 

बिना रिसर्च व अध्ययन किए बना दिया रेप पर फांसी का प्रावधान: हाईकोर्ट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि हाल फिलहाल में हुए होहल्ले और शोर मचाने (कठुआ और उन्नाव) पर केंद्र ने कानून में संशोधन तो कर दिया, लेकिन उसके लिए न तो कोई रिसर्च की गई और न ही किसी तरह का अध्ययन किया।  दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 साल तक के मासूमों से रेप के दोषियों को मौत की सजा दिए जाने के प्रावधान पर सवाल उठाए हैं।  

बलात्कार पीड़िता की मदद के लिए कुछ  नहीं 

कोर्ट ने सवाल किया कि कानून में संशोधन तो कर दिया गया, लेकिन बलात्कार पीड़िता की मदद के लिए कुछ भी नहीं है, न ही कम उम्र के किशोरों जो बलात्कार के आरोपी हैं, उनको शिक्षित करने के लिए भी कुछ नहीं किया जा रहा। हाईकोर्ट एक्टिंग चीफ जस्टिस गीता मित्तल की यह टिप्पणी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने सीधे सवाल उठाया है कि सिर्फ कानून में संशोधन से बलात्कार की घटनाओं में कोई फर्क नहीं आने वाला। दिल्ली हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी मधु किश्वर की उस याचिका पर की है जिसमें उन्होंने मांग रखी थी कि निर्भया कांड के बाद 2013 में कानून में जो संशोधन किए गए हैं, वो बेहद सख्त हैं और कई बार गलत तरीके से फंसाए गए व्यक्ति की जिंदगी खराब कर देता है। इससे पहले केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में  क्रिमिनल लॉ (अमेंडमेंट) आॅर्डिनेंस-2018 पर मुहर लगने के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी बिना देर किए इस पर मुहर लगा दी।

मेडिसिन फ्री लाइफ पर व्याख्यान 17 अप्रैल को समन्वय भवन में होगा आयोजित

भोपाल। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी तथा दुनियाँ की सबसे बड़ी स्वस्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंबेडकर जयंती के मौके पर किया गया। यह भारत सरकार की 'सभी के लिए स्वस्थ्य' के प्रति ईमानदार प्रतिबद्धता को दर्शित करता है। यह संकल्प जितना ही सराहनीय है, इसे अमलीजामा पहनाना उतना ही दुरूह है।

इस संकल्प को वास्तविक स्वरुप में शहरों के आधुनिक तकनीक से लैस सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा केन्द्रों से दूरस्थ स्थित पिछड़े एवं आदिवासी दुरूह तथा निर्गम सुदूर क्षेत्रों में साकार करने की चुनौती को हम जैसे चिकित्सकों को साकार करना होगा। यह बातें साँची बौद्ध-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्विद्यालय के सहायक प्राध्यपक डॉ अखिलेश सिंह ने अकादमिक परिसर स्थित एक कार्यक्रम में कहीं। डॉ. सिंह ने बताया की साँची विश्वविद्यालय का समन्वित चिकित्सा केंद्र पिछले दो वर्षों से सतत ऐसे प्रकल्प पर कार्य कर रहा है जो आधुनिक, पारम्परिक तथा गैर-पारंपरिक प्रभावी हीलिंग विधाओं को संकल्पनात्मक धरातल पर साथ ला सके।

प्रत्येक हीलिंग विधा में बीमारी को सामान्य से असामान्य की तरफ होने वाले प्रथम विचलन पर ही चिन्हित करने, प्रत्येक विधाओं के चिकित्सा दर्शन को समझने तथा प्रत्येक विधा के अन्तःक्षेप के दर्शन को निक्षेपित कर मौलिक स्तर पर सूत्रीकरण का गुरुतर कार्य किया जा रहा है। इन तमाम हीलिंग विधाओं के सफलतापूर्वक उपरोक्त तीनों पायदानों पर मौलिक सूत्रीकरण से एक हीलिंग विधा का मजबूत पक्ष दूसरी हीलिंग विधा के कमजोर पक्ष से प्रतिस्थापित की जा सकेगी। डॉ. अखिलेश के अनुसार समन्वित चिकित्सा के मौलिक सूत्रीकरण तथा कलन-विधि हेतु देश-विदेश के चोटी के विद्वानों से निरंतर विचार-विमर्श किया जा रहा है।

विश्विद्यालय के समन्वित चिकित्सा केंद्र द्वारा इस हेतु राष्ट्रीय स्तर पर दो कार्यशालाएं भी आयोजित की जा चुकी हैं तथा इस हेतु एक कार्यदल भी गठित किया गया हैं।समग्र स्वस्थ्य यानि शारीरिक, मानसिक, सामाजिक तथा आध्यात्मिक स्वस्थ्य ही सभी चार पुरूषार्थों का मूल है। हम समग्र रूप से तभी स्वस्थ्य रह सकते हैं जब हमारे शरीर की रचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई हमारी कोशिकाएं स्वस्थ्य होंगी। अतः स्वस्थ्य एवं बीमारी दोनों को कोशिका के तल पर समझना होगा। यदि हमारा खान-पान, रहन-सहन, वातावरण बीमारी का कारण है तो मात्र इन्हे सुधारने से हम पूर्ण रूप से स्वस्थ्य नहीं हो सकते।

हमें इनका सुधार कोशिका के स्तर पर करना होगा ताकि समूल एवं अपुनर्भव रूप से बीमारी दूर हो सके। हमें बीमारयों को साइको-सोमेटिक समझकर कारणों की उपेक्षा करने के बजाए उसके प्रभावों को साइको-सेलुलर स्तर पर साइको-मेटाबोलिक घटकों में परखना होगा। विडम्बना है कि आज हम दवा को भोजन की तरह खाने लगे हैं, यह समझना होगा की क्या दवा ही भोजन है।

समन्वित चिकित्सा के इन्हीं निगूढ़ पक्षों को आयाम देने हेतु विश्विद्यालय के समन्वित चिकित्सा केंद्र द्वारा ख्यातिलब्ध मूर्धन्य विद्वान चिकित्सक डॉ. प्रवीण चोरडिया से संपर्क कर उनके असीम अनुभवों तथा ज्ञान का वरण करने हेतु उनका एक व्याख्यान 17 अप्रैल, 2018 को समन्वय भवन, भोपाल में आयोजित है। उनके इस व्याख्यान से भोपाल की आम जनता के साथ ही चिकित्सा व्यवसाय से जुड़े चिकित्सकों, छात्रों तथा चिकित्सा वैज्ञानिकों को फायदा होगा।

साइकिल रैली निकालकर कांग्रेस ने जताया विरोध, कहा सरकार ने जनता को ठगा है

बिलासपुर। पेट्रोल-डीजल के कीमतों में लगातार वृद्धि के विरोध में बिलासपुर युवक कांग्रेस ने साइकिल मार्च निकाल पूरे शहर का भ्रमण किया। इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार को ज़िम्मेदार बताते हुए जमकर नारेबाजी भी की। रेलवे क्षेत्र से शुरू हुई साइकिल यात्रा शहर के मुख्यमार्ग से होते हुए मंत्री अमर अग्रवाल के बंगले तक गई। यात्रा को लेकर कांग्रेसियों ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के कीमतों में लगातार बेतहाशा वृद्धि ने आम जनता का सड़क पर चलना मुश्किल कर दिया है। बावजूद इसके सरकार कीमतों पर कोई नियंत्रण नही कर पा रही है, और कीमतें बढ़ते ही जा रही है। लिहाज़ा इसी के विरोध में युवक कांग्रेस हर जगह साइकिल मार्च निकाल, बढ़े दामों का विरोध कर रही है। कांग्रेसियों ने जल्द दाम करने की मांग की है। 

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दिया स्टे, कहा- एक्ट के खिलाफ नहीं, निर्दोष को बचाना जरूरी 

नई दिल्ली। एससी-एसटी ऐक्ट से जुड़े फैसले की पुनर्विचार याचिका पर केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले पर स्टे देने से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने सभी पक्षों को इस मसले पर तीन दिन के भीतर जवाब देने का आदेश देते हुए 10 दिन बाद अगली सुनवाई की बात कही है। शीर्ष अदालत ने कहा कि हमने ऐक्ट को कमजोर नहीं किया है बल्कि गिरफ्तारी और सीआरपीसी के प्रावधान को परिभाषित किया है। शीर्ष अदालत ने तत्काल गिरफ्तारी के प्रावधान को लेकर कहा कि हमारा मकसद निर्दोष लोगों को फंसाने से बचाना है। निर्दोषों के मौलिक अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की खुली अदालत में सुनवाई करते हुए कहा है कि एससी-एसटी ऐक्ट के प्रॉविजन से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने कहा है कि वह इस ऐक्ट के खिलाफ नहीं है, लेकिन निर्दोषों को सजा नहीं मिलनी चाहिए। शीर्ष अदालत ने कहा कि कोर्ट से बाहर क्या हो रहा है, उससे उन्हें लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा काम कानूनी बिंदुओं पर बात करना और संविधान के तहत कानून का आकलन करना है। कोर्ट ने कहा कि एससी-एसटी ऐक्ट में पीड़ित को मुआवाजा देने में देरी नहीं होगी। उसके लिए एफआईआर के इंतजार की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार की ओर से बार-बार 20 मार्च के फैसले पर स्टे लगाने के आदेश को कोर्ट ने ठुकरा दिया। यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर तंज कसते हुए कहा है कि जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने हमारा जजमेंट पढ़ा भी नहीं है। हमें उन निर्दोष लोगों की चिंता है जो जेलों में बंद हैं।  आपको बता दें कि एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के संदर्भ में केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी। सरकार ने इस फैसले के खिलाफ आयोजित भारत बंद में हुई हिंसा का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट से स्टे की दरख्वास्त की थी।

एससी-एसटी एक्ट मामले में केंद्र सरकार ने लगाई पुनर्विचार याचिका 

नई दिल्ली। एससी-एसटी एक्ट संशोधन मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत नहीं है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस जान बूझकर दलितों के बीच सरकार के प्रति नफरत पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा में सर्वाधिक दलित सांसद और विधायक हैं। इससे साबित होता है की भाजपा दलित और आदिवासियों के साथ है।

जनसंर्पक यात्रा डॉ. रमन सिंह को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के बाद समाप्त होगी- छगनलाल मूंदड़ा

रायपुर। आज जनसंपर्क यात्रा मोहला मानपुर के ग्राम मीडिंग पिडिंग (धुर्रे) एवं मोहला मुख्यालय के हर एक वार्ड में पहुंची। जनसंपर्क यात्रा का विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणजनों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत अभिनंदन किया गया । इस अवसर पर जिला राजनांदगांव एवं मोहला मानपुर विधानसभा प्रभारी छगनलाल मूंदड़ा ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार तथा राज्य शासन की विभिन्ना योजनाओ की विस्तृत जानकारी उपस्थितजनों को दी तथा उनके लाभो से अवगत कराया, साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक यात्रा का जनसंपर्क मुख्य मार्गो तक हुवा है तथा अब ये भारतीय जनता पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता की ज़िम्मेदारी है कि सभी क्षेत्रों के हर गली तथा हर घर तक जनसंपर्क करें तथा कहा कि अब इस जनसंपर्क यात्रा का समापन डॉ. रमन सिंह को फिर से मुख्यमंत्री बनाने के बाद ही होगा ।

मूंदड़ा ने कहा कि डॉ. रमन सिंह इस प्रदेश के मुख्यमंत्री है  इसीलिए इन योजनाओं का लाभ गांव, गरीब एवं किसानों को मिल रहा है । पूर्व विधायक संजीव शाह, यात्रा प्रभारी शशिकांत द्विवेदी, जिला मंत्री कंचनमाला भूआरे, नम्रता सिंह ,मानपुर मंडल अध्यक्ष मदन साहू ने भी अपने उद्बोधन में शासन की महिला सशक्तिकरण, उज्जवल योजना,  शिक्षा संबंधी आदि योजनाओ की विस्तृत जानकारी उपस्थितजनों को दी । मोहला मंडल अध्यक्ष रमेश हेडामे ने अपने उद्बोधन में विशेषतौर पर सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया । उपस्थित सभी आमजनता एवं कार्यकर्ताओं ने आगमी चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनाने का प्रण लिया तथा मोहला मानपुर के प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतों से जीत दिलाने का भरोसा दिलाया ।

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि खोरबहराराम यादव, शिवचरण अमरिया, मानपुर सरपंच भोजेश शाह मंडावी, शिवप्रकाश शर्मा, कार्य विस्तारक मनोज ध्रुव, तुकाराम सहारे, धरमूराम भूआरे, टेकराम भंडारी, शशिकला मंडावी, योगेन्द्र हिडामे, योगेश खत्री, सलभाम सलामे, हेमलता ठाकुर, नरसिंह भंडारी, लखन सलामे, एल्डरमैन यादव, प्रकाश मिश्रा, सुदर्शन खिलवोर, शेखर दास मानिकपुरी, संजू राणा, दर्शन पुजारी, ओमप्रकाश चांडक, हनीफ कुरैशी, आदिल खान, सचिन जैन, बलदाऊ ठाकुर, उदिराम मानकर, पालराखंन यदु, सगुना नायक, परमेश्वर ठाकुर, रामलाल तारम, डॉ. विजय शंकर मंडावी, विजय जंघेल, संतराम साहू, आशाराम पगौरी, दरबार भुआर्थ, चैतराम जुर्रा सहित काफी संख्या में ग्रामीणजन एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे ।

रेलवे स्टेशन में लगी एलईडी, 91.8 लाख की हुई बचत

रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे स्टेशन समेत रेलवे के सभी विभागों में एलईडी बल्ब लगाया गया है। इससे बिजली की बचत होने के साथ ही पैसों की भी बचत हो रही है। इस साल रेलवे में 91.8 लाख रुपए की बिजली में बचत किया गया है, इससे राजस्व का काफी फायदा हुआ है।  रायपुर रेल मंडल के सभी स्टेशन और रेलवे क्वार्टर समेत कॉलोनी में ट्यूब लाइट निकालकर एलईडी बल्ब लगा दी है। इससे रौशनी के साथ बिजली के बिल में काफी बचत हो रहा है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार की योजना को देखते हुए रायपुर रेल मंडल में 100 प्रतिशत एलईडी लगा दी गई है। वहीं में भी एलईडी लगाया गया है, इससे बिजली में काफी बचत हो रहा है। डीआरएम ने बताया कि एलईडी बल्ब से रेलवे कॉलोनी में चकाचक रौशनी रहती है। रेलवे को बिजली बिल में बचत करने के लिए यह कदम उठाया गया है और अब जल्द ही सभी रेलवे स्टेशन में एलईडी लगाकर बिजली की बचत की जाएगी। 

अन्ना हज़ारे का आंदोलन खत्म

नई दिल्ली। 23 मार्च से रामलीला मैदान में सशक्त लोकपाल, चुनाव सुधार प्रक्रिया और किसानों की मांगों को लेकर अनशन कर रहे समाजसेवी अन्ना हजारे ने अनशन खत्म करने का एलान किया है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार से मिले आश्वासन के बाद अन्ना ने यह फैसला लिया। अन्ना का अनशन खत्म कराने के लिए गिरीश महाजन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचे। यहां उन्होंने अन्ना को जूस पिलाया। 

रानीगंज हिंसा पर केंद्र ने बंगाल सरकार से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। राम नवमी के अवसर पर पश्चिम बंगाल के रानीगंज इलाके में जुलूस को लेकर दो समूहों के बीच हुए संघर्ष के बाद से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं अब केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से इस पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है। केन्द्र ने हालात को देखते हुए यह भी कहा है कि यदि पैरामिलिट्री फोर्स की जरूरत है, तो वह मुहैया करा सकती है। बता दें, कि 25 मार्च को रामनवमी के मौके पर जुलूस को लेकर बर्धमान जिले के रानीगंज इलाके में तनाव की स्थिति आगजनी और फायरिंग तक पहुंच गई थी। इस हिसां में एक व्यक्ति की मौत होने की बात सामने आई है। हिंसा के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, पूरे सूबे में बीजेपी और उससे जुड़े हिंदुवादी संगठनों ने तलवार और दूसरे हथियारों के साथ रामनवमी का जुलूस निकाला गया था। केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने भी इस मुद्दे पर ममता सरकार पर जवाब मांगा है। सुप्रियो ने इस संबंध में ट्वीट किया और लिखा कि वह जिहादी सरकार को दिखा देंगे कि बंगाल की आत्मा अभी जिंदा है। उन्होंने ये भी कहा कि सोशल मीडिया पर सैकड़ों तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनमें से अगर 25 फीसदी भी सही निकलीं तो पता चलेगा कि हालात कितने खराब हैं। सुप्रियो ने इस संबंध में गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की है।

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