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11-11-2020
Breaking : रायपुर संभागायुक्त को बस्तर संभाग का अतिरिक्त प्रभार, आदेश जारी 

रायपुर। भूपेश सरकार ने रायपुर संभाग के आयुक्त आईएएस गोविंदराम सुरेंद्र को बस्तर संभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। इस संबंध में बुधवार सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी किया है। जारी आदेश के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा 2003 बैच के अधिकारी आयुक्त रायपुर संभाग को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ आयुक्त बस्तर संभाग जगदलपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

26-10-2020
छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने बस्तर संभाग के पीडीएस सिस्टम की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा ने सोमवार को बस्तर संभाग के सातों जिलों में पीडीएस सिस्टम की वीडियो कांफ्रेंसिंग से समीक्षा की। अध्यक्ष बाबरा ने अधिकारियों से कहा है कि नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से साार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदान की जाने वाली खाद्य सामग्रियों का नमूना रखना जरूरी है। प्रदेश की जनता को गुणवत्ता पूर्ण खाद्य सामग्री मिले इसके लिए खाद्य सामग्रियों की जांच जरूरी है। उन्होंने बस्तर अंचल में अपने मूल पंचायतों में संचालित नहीं होने वाली लगभग 130 उचित मूल्य की दुकानों को उनके मूल पंचायतों में संचालित कराने को कहा है। बस्तर संभाग के 120 पहुंचविहीन उचित मूल्य की दुकानों के लिए सुगम पहुंच मार्ग बनाने के निर्देश दिए। अध्यक्ष बाबरा ने कहा कि कोई भी व्यक्ति संबंधित जिलों के अलावा सीधे आयोग में भी अपनी समस्या रख सकता है। उन्होंने कहा कि शासन की ओर से दी जाने वाली सुविधा का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आमजनों से काल सेंटर में प्राप्त शिकायतों का तत्काल निराकरण कर प्रतिवेदन देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त करें और पात्रता का उल्लंघन हो रहा है तो जिला शिकायत निवारण अधिकारी को सूचित करें। शिकायतों को दर्ज करने के लिए कॉल सेंटर या हेल्पलाइन हो, ताकि नियत समय में निपटारा हो सके। जिस जिले में जितनी दुकानें है वहां पर उतना ही सर्तकता समिति गठित होना चाहिए। राशनकार्डधारियों में से ही सर्तकता समिति के सदस्य नियुक्त किया जा सकता है। वीडियो कांफ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ खाद्य आयोग के सदस्य अशोक सोनवानी अंबिकापुर से, जांजगीर से विद्याजगत व दुर्ग से पार्वती ढीढी सहित आयोग के सदस्य सचिव राजीव कुमार जायसवाल और बस्तर संभाग के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, महिला बाल विकास, स्कूल शिक्षा, खाद्य और आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी शामिल हुए।

 

26-10-2020
शासकीय कातकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय के सीटें बढी

जगदलपुर। विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने बस्तर संभाग के सबसे बड़े शासकीय कातकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जगदलपुर के वाणिज्य संकाय में छात्रों की बढ़ती संख्या और प्रवेश में आ रही दिक्कत को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग को 20 सीटें बढ़ाने की अनुशंसा करते हुए पत्र 20 अक्टूबर को लिखा था। इस पर उच्च शिक्षा विभाग ने जनहित को ध्यान में रखते हुए 20 सीटों को बढ़ाने की अनुमति प्रदान कर दी है। 20 सीटों की इस बढ़ोतरी के बाद शासकीय कातकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय में कुल सीटों की संख्या 200 हो जाएगी। संभाग का सबसे बड़ा कालेज होने एवं वर्तमान में वाणिज्य विषय के प्रति छात्रों की रुचि के कारण वर्तमान की 180 सीटें कम पड़ रही थी। बहुत से छात्र छात्राओं को प्राइवेट कालेजों में बहुत ज्यादा फीस देकर पढ़ने को मजबूर होना पड़ रहा था पर अब 200 सीटें होने से छात्र छात्राओं को आसानी से प्रवेश मिल जाएगा। विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के इस प्रयास पर छात्र छात्राओं ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विधायक के इस प्रयास से अब हमें वाणिज्य संकाय में प्रवेश के लिए निजी महाविद्यालयों में ऊंची फीस देकर पढ़ाई नहीं करना पड़ेगा। अब आसानी से शासकीय कातकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ही प्रवेश मिल जाएगा।

18-10-2020
बस्तर संभाग के होनहार बच्चे गांव में डॉक्टर बनकर करेंगे सेवा,विशेष कोचिंग से मिली नीट परीक्षा में सफलता

रायपुर। प्रदेश के बस्तर संभाग के होनहार बच्चे अब खुद डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करेंगे। छत्तीसगढ सरकार की ओर से प्रतिभावान बच्चों को अखिल भारतीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग की व्यवस्था की गई है। प्रयास विद्यालयों और जिला प्रशासन की पहल पर ऐसे बच्चों की प्रतिभा निखारने के प्रयासों को अच्छी सफलता मिल रही है। नारायणपुर जिले के ताड़ोपाल में रहने वाले हेमंत ने बताया कि वह लघु सीमांत परिवार से ताल्लुक रखते हैं। गांव के अस्पताल में चिकित्सक के अभाव को देखकर खुद डॉक्टर बनने की ठानी और अपने दूसरे प्रयास में सफलता मिली। राज्य शासन की  प्रयास आवासीय विद्यालय गरीब जरुरतमंद और होनहार विद्यार्थियों को सही दिशा  प्रदान कर उनका उनका  तकदीर सुधारने में अत्यंत कारगर साबित हो रही है। इस योजना के अंतर्गत मिले उच्च स्तरीय अध्ययन अध्यापन की सुविधा, परिवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मिले प्रशिक्षण के कारण अनेक होनहारों  के सपनों को पंख मिल रहा है।
जगदलपुर विकासखंड के कुम्हरावंड ग्राम पंचायत के पल्लीगांव में रहने वाले शिक्षक लखन कश्यप के पुत्र लुप्तेश्वर ने भी इस बार नीट की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे घर में खुशियां भर दी हैं। लुप्तेश्वर ने अपनी इस सफलता का श्रेय प्रयास आवासीय विद्यालय और इस योजना को दिया है। लुप्तेश्वर चिकित्सक बनकर गरीबों एवम जरुरतमंदों की सेवा करना चाहतें है।

बीजापुर जिले में जिला प्रशासन और एनएमडीसी के सहयोग से संचालित कार्यक्रम छुू लो आसमान कार्यक्रम के तहत कृषक परिवारों के 5 बच्चों ने देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को क्वालीफाई कर अपनी मेहनत और लगन को साबित कर दिया है। ये सभी बच्चे साधनों की कमी और दूरस्थ इलाके से होने के वाबजूद इस सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गये हैं। परीक्षा में अजय कलमूम, सुरेश मड़कम, सीमा भगत, शुनू झाड़ी और हरीश एगड़े ने नीट प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल की है। देश की सर्वोच्च मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई करने वाले इन बच्चों में उसूर ब्लॉक अंतर्गत कोत्तागुडम निवासी सुरेश मड़कम के पिता का स्वर्गवास हो चुका है। सुरेश ने बताया कि माता शांति सहित दो बड़े भाई संतोष और अर्जुन खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते हैं। सुरेश भी 12वीं में 60 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने भाईयों के सपने को साकार करने कृतसंकल्पित है। अजय ने बताया कि उसके माता-पिता रामेश्वरी और सोमारू खेती-किसानी कर उसे पढ़ाई करवा रहे हैं, अजय को भरोसा है कि उसे मेडिकल कॉलेज में अवश्य प्रवेश मिलेगी। बीजापुर निवासी सीमा भगत ने बताया कि पिता का स्वर्गवास हो चुका है और बड़े भाई अर्जुन भगत उसकी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं। एक छोटा भाई प्रीतम बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। सीमा ने बताया कि माता बृहस्पति भगत गृहणी हैं और उसकी पढ़ाई पर सतत ध्यान देती हैं। बीजापुर के ही रहने वाले हरीश एगड़े और बीजापुर ब्लाक के पापनपाल निवासी शीनू झाड़ी ने भी देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट क्वालीफाई केर जिले का नाम रौशन किया है।

 

16-10-2020
मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को मिली बड़ी सफलता : सितम्बर में मलेरिया के मामलों में 65 प्रतिशत से अधिक की कमी

रायपुर। बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान का असर दिखने लगा है। संभाग में सितम्बर-2019 की तुलना में सितम्बर-2020 में मलेरिया के मामलों में 65.53 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले सितम्बर में संभाग के सातों जिलों में जहां मलेरिया के कुल 4230 प्रकरण मिले थे। वहीं इस साल सितम्बर में कुल 1458 मामले ही सामने आए हैं। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के अंतर्गत इस वर्ष जनवरी-फरवरी में इसका पहला चरण और जून-जुलाई में दूसरा चरण संचालित किया था। पहले चरण में 14 लाख छह हजार लोगों की मलेरिया जांच कर पॉजिटिव पाए गए 64 हजार 646 लोगों का पूर्ण उपचार किया था। वहीं दूसरे चरण में कोरोना संक्रमण से बचने की चुनौतियों के बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 23 लाख 75 हजार लोगों की जांच कर मलेरिया पीड़ित 30 हजार 76 लोगों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराया। 

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के असर से पिछले सितम्बर की तुलना में इस सितम्बर में मलेरिया के मामलों में कांकेर जिले में 75.2 प्रतिशत, कोंडागांव में 73.1 प्रतिशत, सुकमा में 71.9 प्रतिशत, बीजापुर में 71.3 प्रतिशत, नारायणपुर में 57 प्रतिशत, बस्तर में 54.7 प्रतिशत और दंतेवाड़ा में 54 प्रतिशत की कमी आई है। कांकेर जिले में पिछले सितम्बर में जहां मलेरिया के 491 प्रकरण थे, वहीं इस साल केवल 122 मामले सामने आए हैं। कोंडागांव में पिछले वर्ष के 294 मामलों की तुलना में इस साल 79, सुकमा में 480 की तुलना में 135, बीजापुर में 1314 की तुलना में 377, नारायणपुर में 328 की तुलना में 141, बस्तर में 594 की तुलना में 269 तथा दंतेवाड़ा में पिछले वर्ष के 729 मामलों की तुलना में इस वर्ष 335 मामले मलेरिया के दर्ज किए गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अपील पर पूरे बस्तर संभाग में मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान को जन अभियान के रूप में विस्तारित किया है। अभियान के पहले चरण के दौरान दंतेवाड़ा प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री बघेल ने सार्वजनिक सभा में बस्तर को मलेरियामुक्त करने लोगों को शपथ दिलाई थी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और बस्तर के सभी जिलों के कलेक्टरों की बैठक लेकर अभियान की शत-प्रतिशत सफलता के लिए लगातार इसकी मॉनिटरिंग कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे हैं।

मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के तहत दोनों चरणों में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा घने जंगलों और पहाड़ों से घिरे बस्तर के पहुंचविहीन, दुर्गम एवं दूरस्थ इलाकों में घर-घर पहुंचकर प्रत्येक व्यक्ति की मलेरिया जांच की गई है। मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने पर लोगों का तत्काल इलाज भी शुरू किया गया था। पूर्ण इलाज सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता मलेरिया पॉजिटिव पाए गए लोगों को पहली खुराक अपने सामने ही खिला रहे थे। स्थानीय मितानिनों द्वारा पीड़ितों के फॉलो-अप खुराक सेवन की निगरानी करवाई गई थी। पीड़ितों द्वारा दवा की पूर्ण खुराक लिए जाने के बाद खाली रैपर भी संग्रहित किए गए। अभियान के दौरान बस्तर संभाग में मलेरिया पॉजिटिव पाए गए लोगों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे जिनमें मलेरिया के कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे। अलाक्षणिक मलेरिया एनीमिया और कुपोषण का कारण बनता हैं। पहले चरण में मलेरिया पॉजिटिव पाए गए 57 प्रतिशत और दूसरे चरण में 60 प्रतिशत लोग बिना लक्षण वाले थे। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान मलेरिया के साथ ही एनीमिया और कुपोषण दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

13-10-2020
बस्तर में आज रूक-रूककर होगी बारिश

रायपुर। राज्य भर में आने वाले चौबीस घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। वहीं एक-दो स्थाानों पर तेज गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग के नियमित रिपोर्ट के अनुसार एक अवदाब पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी से पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में 3 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। यह बीते सुबह 8.30 बजे विशाखापट्टनम से 280 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में, काकीनाडा से पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर 360 किलोमीटर दूरी पर स्थित है। इस सिस्टम के और प्रबल होकर गहरे अवदाब में परिवर्तित होने की पूरी संभावना नजर आ रही है। इसके प्रभााव से आज प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। प्रदेश के दक्षिणी भाग में भारी वर्षा होने की ज्यादा संभावना नजर आ रही है। बस्तर संभाग में आज रूक-रूककर लगातार हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।

07-10-2020
बस्तर विशेष : दशहरा के लिए रथ निर्माण कार्य शुरू, मां दंतेश्वरी और मावली माता से जुड़ा है पर्व

रायपुर/जगदलपुर। बस्तर संभाग मुख्यालय में बस्तर दशहरा की तैयारियां जोरों पर है। कोरोना संक्रमण काल के बावजूद बस्तर दशहरा की रियासत कालीन परंपराओं के निर्वहन के लिए विशालकाय दुमंजिला रथ निर्माण के लिए लकड़ियों का आना शुरू हो गया है। आने वाले कुछ दिनों में रथ निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। विशालकाय दुमंजिला रथ निर्माण की प्रक्रिया रियासत कालीन ऐतिहासिक बस्तर दशहरा का मुख्य आकर्षण निर्माण के साथ ही जुड़ा हुआ है। ऐतिहासिक बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की प्रक्रिया को यदि समाप्त कर दिया जाए तो बस्तर दशहरा का आकर्षण लगभग समाप्त हो जाएगा। बस्तर दशहरा के आकर्षण को बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि बस्तर दशहरा के रथ निर्माण की प्रक्रिया के परंपराओं को बनाए रखा जाए।

75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध इस दशहरा इस कोरोना संक्रमण काल में अधिमास के कारण 104 दिनों तक मनाया जाएगा। बस्तर दशहरा का संबंध राम-रावण संग्राम से नहीं है, यहां आदिवासियों की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी और बस्तर की मूल देवी मावली माता से जुड़ा पर्व है। बस्तर दशहरा 612 वर्षों से अनवरत मनाए जाने वाली रियासत कालीन परंपरा के साथ इसी रूप में मनाते आ रहे हैं। बस्तर संभाग सहित पड़ोसी ओड़िसा राज्य के 600 से अधिक देवी-देवताओं को आमंत्रित किया जाता है। इसीलिए बस्तर दशहरा को देवी दशहरा भी कहा जाता है। रथ परिक्रमा प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो जाएगी। इस वर्ष 8 पहियों वाला विशालकाय दुमंजिला रथ का निर्माण होगा, जिसे अंतिम दो दिनों के लिए चलाया जाएगा। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के छत्र को रथारूढ़ कर शहर में परिक्रमा लगाई जाती है। विशालकाय दुमंजिला रथ परिक्रमा कराने के लिए 400 से अधिक ग्रामीण की टीम रथ खींचने के लिए जुटती है।

04-10-2020
प्रदेश सरकार सामूहिक दुष्कर्म के लगातार कई मामलों से बेनकाब : भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने आदिवासी बहुल सरगुजा संभाग के बलरामपुर के बाद बस्तर संभाग के कोंडागांव में सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर प्रदेश सरकार पर हमला किया है। कोंडागांव जिले के केशकाल थाना क्षेत्र के ग्राम मदार्पाल निवासी एक युवती के साथ ट्रक में घटी सामूहिक बलात्कार की घटना को लेकर सिंहदेव ने कहा कि आदिवासियों के नाम पर राजनीति कर रही कांग्रेस सरकार एक ही सप्ताह में सामूहिक अनाचार की घटीं लगातार कई गंभीर घटनाओं से बेनकाब हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने मंत्री डहरिया की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह पर छत्तीसगढ़ के सामूहिक अनाचार के मामलों को लेकर किए गए ट्वीट पर ताना मारे जाने पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि मंत्री डहरिया पहले अपने और अपनी कांग्रेस के नेताओं के गिरेबां में झांक लें। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ की घटना पर ट्वीट किया, पर प्रदेश के कांग्रेस नेता छत्तीसगढ़ की बच्चियों से लेकर वृद्ध महिलाओं तक के साथ हो रहे सामूहिक अनाचार पर संजीदा होना जरूरी नहीं समझ रहे हैं। सिंहदेव ने कटाक्ष किया कि प्रदेश सरकार के मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं को इन दिनों अन्य प्रदेशों के मामलों में रुचि लेने का चस्का बढ़ गया है। लेकिन क्या बेटी-बेटी में फर्क करना ही कांग्रेस का राजनीतिक चरित्र रह गया है? कांग्रेस नेता राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका वाड्रा को तो छत्तीसगढ़ आकर यहां की पीड़ित बेटियों और उनके परिजनों को भी इंसाफ दिलाने की पहल करनी चाहिए और भूपेश-सरकार के कृत्यों व नाकारेपन का जायजा लेकर अपनी प्रदेश सरकार पर नकेल कसनी चाहिए। साथ ही मुख्यमंत्री बघेल के कहकर मंत्री डहरिया के मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।

28-09-2020
धर्मांतरण से आदिवासी समाज और संस्कृति को खतरा : सर्व आदिवासी समाज 

रायपुर/कोडागांव। जिला के ग्राम पंचायत चिपावंद, काकड़ा बेड़ा में 1 सप्ताह से धर्मांतरण को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने मोर्चा खोल रखा है। धर्मांतरण को लेकर आंदोलन के समर्थन में सर्व आदिवासी समाज के संभागीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुई बैठक में बस्तर संभाग स्तर में चल रहे धर्मांतरण से आदिवासी समाज और संस्कृति को खतरा बताया गया। सर्व आदिवासी समाज के द्वारा धर्मांतरण को लेकर साथ आने से आगे धर्मांतरण पर आदिवासी समाज और अधिक सजग होता दिख रहा है। सर्व आदिवासी समाज द्वारा आयोजित बैठक में धर्मांतरण के खतरे को भांपते हुए आगामी समय में बस्तर संभाग के सभी जिलों में बैठक आयोजित कर इस विषय पर रणनीति बनाकर कार्य करने की योजना पर निर्णय लिया गया है।

28-09-2020
प्रदेश में सर्वाधिक बस्तर संभाग के बीजापुर में हुई वर्षा

रायपुर/जगदलपुर। प्रदेश में 1 जून से अब तक कुल 1207.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। प्रदेश में सर्वाधिक बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में 2267.5 मिमी. वर्षा अब तक रिकार्ड की गई है। राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के मुताबिक 1 जून से अब तक बस्तर संभाग के बस्तर जिले  में 1367.मिमी., कोण्डागांव में 1487.6 मिमी., कांकेर में 1020.6 मिमी.,नारायणपुर में 1405.1 मिमी., दंतेवाड़ा में 1555.5 मिमी. और सुकमा में 1486.5 मिमी औसत दर्ज की गई है।

26-09-2020
हड़ताली एनएचएम कर्मचारियों के समर्थन में उतरी सीपीआई, कांग्रेस को वादा पूरा करना चाहिए : मनीष कुंजाम

रायपुर/सुकमा। जिले के एनएचएम कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को समर्थन देने के लिए सीपीआई के नेता एवं पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कर्मचारियों को समर्थन देते हुए कहा कि मांगे जायज है। कांग्रेस सरकार में आने से पहले वादा किया था तो वादा पूरा करना चाहिए था। कम से कम सरकार को कर्मचारी संघ से बातचीत करना चाहिए। इस दौरान रामा सोढ़ी, हड़मा राम, महेश कुंजाम, राजेश नाग मौजूद थे। आज सीपीआई नेता व पूर्व विधायक मनीष कुंजाम एनएचएम कर्मचारियों से मुलाकात की। एनएचएम कर्मचारियों ने बताया कि 2005 में बस्तर संभाग में संविदा में भर्ती किया गया था। आज तक नियमित नहीं किया गया है। बल्कि 12 सौ में भर्ती की गई थी उसमें भी नहीं लिया गया। वही चुनाव में कांग्रेस के नेताओं ने वादा किया था। लेकिन सकरार बननें के बाद वादा पूरा नहीं हुआ।
 
सीपीआई नेता व पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगे जायज है। कांग्रेस सरकार में आने से पहले वादा किया था तो वादा पूरा करना चाहिए था। कम से कम सरकार को कर्मचारी संघ से बातचीत करना चाहिए और उनको आश्वस्त करना चाहिए। लेकिन सरकार ने एस्मा व कर्मचारी विरोधी कानून लगा रही है, यह गलत है। एनएचएम कर्मचारी संघ को हमारा पूरा समर्थन है।

22-09-2020
संजय ने कहा- नक्सलियों के सफाए के लिए प्रदेश सरकार कब आक्रामकता दिखाएगी ?

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाके बस्तर संभाग में नक्सलियों की हिंसक और आक्रामक वारदातों को लेकर प्रदेश सरकार से सवाल किया है। उन्होंने कहा है कि, लगातार नक्सलियों की ओर से बस्तर संभाग में जवानों व आदिवासियों को अगवा कर उन्हें मौत के घाट उतारकर दहशत फैलाने और विध्वंसक करतूतों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके खिलाफ प्रदेश सरकार कब आक्रामकता दिखाएगी? इन दिनों नक्सली अपना स्थापना दिवस समारोह मना रहे हैं। इस बात की पूरी आशंका है कि वे इस दौरान प्रदेश, खासकर बस्तर में किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देंगे।
संजय ने कहा है कि लगभग दो साल के अपने कार्यकाल में प्रदेश सरकार नक्सलियों से निपटने के लिए कोई ठोस व कारगर रणनीति तक तैयार नहीं की है। इसी का नतीजा है कि नक्सली प्रदेश की कांग्रेस सरकार को अपनी सरकार बताकर बेखौफ हिंसा कर रहे हैं। प्रदेश सरकार बताए कि उसके और नक्सलियों के इस रिश्ते को क्या नाम दिया जाए? एक तरफ नक्सली हिंसा का तांडव मचाए बैठे हैं, वहीं प्रदेश सरकार सुप्तावस्था से उबर ही नहीं पा रही है। प्रदेश की पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जिस मुस्तैदी से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ रणनीतिक सफलता अर्जित कर नक्सलियों के सफाए की पहल की थी। आज दो साल के कांग्रेस शासन ने उस पूरी रणनीतिक सफलता पर पानी फेरने का ही काम किया है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार ने नक्सलियों के लिए प्रदेश को खुला क्षेत्र मुहैया करा दिया है।

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