GLIBS
23-09-2020
Video: किसानों के लिए पास किए गए बिल के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा

दुर्ग। आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के लिए पास किए गए बिल के विरोध में जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। आम आदमी पार्टी के  जिला अध्यक्ष मेहरबान सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी दुर्ग जिला के सांसद से सवाल करती है क्या विजय बघेल ने इस बिल के आने के पहले जिला के किसानों से किसान संगठनों से चर्चा की? नहीं क्योंकि ये बिल किसानों के फायदे के लिए नहीं बड़े बड़े व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है।

 

06-09-2020
राष्ट्रपति ने शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से किया सम्मानित, दुर्ग की सपना सोनी भी हुई शामिल

दुर्ग। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शिक्षक दिवस के अवसर पर पहली बार वर्चुअल तरीके से आयोजित पुरस्कार समारोह में देश भर के 47 शिक्षकों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अपने भाषण में पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और स्कूली शिक्षा में गुणात्मक रूप से सुधार लाने के लिए शिक्षकों द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं में लगभग 40 प्रतिशत महिलाएं है। उन्होंने शिक्षक के रूप में महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका की सराहना की जिसमें छत्तीसगढ़ से दुर्ग जिले में एकमात्र शिक्षिका जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जेवरा सिरसा, में फिजिक्स की व्याख्याता सपना सोनी इस वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्‍कार से सम्मानित होने वाली राज्य से एकमात्र शिक्षक है तथा पूरे देश से केवल 47 शिक्षक की सूची में शामिल हुई हैं।

05-09-2020
नई शिक्षा नीति पर राष्ट्रपति सभी राज्यपालों से 7 को वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगे

रायपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद “नई शिक्षा नीति 2020” विषय पर सभी राज्य के राज्यपालों के साथ 7 सितंबर को वीडियो कॉफ्रेंसिंग करेंगे। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे से 5 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश ओखरियाल निशंक भी उपस्थित रहेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुईया उइके और सभी राज्यों के राज्यपाल, उपराज्यपाल व कुलपति शामिल होंगे।

 

31-08-2020
प्रणब दा स्मृति शेष.... आसान नहीं थी क्लर्क से राष्ट्रपति बनने तक की राह

नई दिल्ली। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह भारतीय राजनीति के उन गिने-चुने नेताओं में से हैं,जिनका सम्मान सभी दलों के सदस्य करते थे और उन्हें प्रणब दा बुलाते हैं। एनडीए सरकार ने पिछले साल उन्हें भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया था। प्रणब मुखर्जी का जन्म 11 दिसंबर 1935 को पश्चिम बंगाल के वीरभूमि जिले के मिराती नामक गांव में कामदा किंकर मुखर्जी और राजलक्ष्मी मुखर्जी के घर में हुआ। उनके पिता कामदा किंकर मुखर्जी एक स्वतंत्रता सेनानी थे और बाद में उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। प्रणब मुखर्जी ने वीरभूमि जिले के सुरी विद्यासागर कॉलेज से अपनी प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर (एमए) और विधि में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। प्रणब मुखर्जी 13 जुलाई, 1957 को सुव्रा मुखर्जी के साथ परिणय सूत्र में बंधे। इन दोनों के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। पुत्रों का नाम है अभिषेक मुखर्जी और अभिजीत मुखर्जी। पुत्री का नाम है शर्मिष्ठा मुखर्जी। अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद प्रणब मुखर्जी कलकत्ते में ही पोस्ट एंड टेलिग्राफ विभाग में अपर डिविजन क्लर्क थे। प्रणब दा ने 1963 में पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में स्थित विद्यानगर कॉलेज में कुछ समय के लिए राजनीति शास्त्र भी पढ़ाया। उन्होंने कुछ समय के लिए 'देशेर डाक' नामक समाचार पत्र में पत्रकार की भूमिका भी निभाई। प्रणब मुखर्जी का राजनीति से पहला वास्ता तब पड़ा जब उन्होंने 1969 में मिदनापुर उपचुनाव में एक निर्दलीय उम्मीदावर के तौर पर खड़े वीके कृष्णमेनन के लिए चुनाव प्रचार किया।

तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी उस उपचुनाव में प्रणब मुखर्जी के चुनावी रणनीतिक कौशल से बहुत ज्यादा प्रभावित हुईं और उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का सदस्य बना दिया। इसी साल जुलाई में प्रणब मुखर्जी को कांग्रेस ने राज्यसभा भेज दिया। और इस तरह प्रणब मुखर्जी का राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश हुआ। प्रणब दा साल 1969 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर पहली बार उच्च सदन यानी राज्यसभा पहुंचे। फरवरी 1973 से जनवरी 1974 तक वह 'इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट मिनिस्टर' रहे। जनवरी 1974 से अक्टूबर 1974 तक वह 'शिपिंग एंड ट्रांस्पोर्ट मिनिस्टर' रहे। अक्टूबर 1974 से दिसंबर 1975 तक वह 'वित्त राज्य मंत्री' रहे। जुलाई 1975 में वह दूसरी बार राज्यसभा के लिए चयनित हुए। दिसंबर 1975 से मार्च 1977 तक वह 'रेवेन्यू एंड बैंकिंग मंत्रालय' में राज्य मंत्री  (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर जुड़े रहे। साल 1978 से 1980 तक वह राज्यसभा में कांग्रेस पार्टी के उप नेता रहे। प्रणब दा 27 जनवरी 1978 से 18 जनवरी 1986 और 10 अगस्त 1997 से 25 जून 2012 तक कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य रहे। वह 1978 से 1979 तक अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के ट्रेजरर। साल 1978 से 1986 तक वह अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड के सदस्य रहे। जनवरी 1980 से जनवरी 1982 तक वह 'स्टील एंड माइंस एंड कॉमर्स' मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री रहे। साल 1980 से 1985 तक वह राज्यसभा में सदन के नेता रहे। अगस्त 1981 में वह तीसरी बार राज्यसभा सदस्य बने।

वह 1984, 1991, 1996, 1998 और 1999 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की कैम्पेन कमेटी के चेयरमैन रहे। साल 1985 और अगस्त 2000 से जून 2010 तक प्रणब मुखर्जी पश्चिम बंगाल कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे। उन्होंने जून 1991 से 1996 तक तब के 'योजना आयोग डेप्युटी चेयरमैन रहे। वह 1993 में चौथी बार राज्यसभा के सदस्य बने। फरवरी 1995 से से मई 1996 तक वह विदेशी मंत्री रहे। साल 1996 से 2004 तक वह राज्यसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक रहे। साल 1999 में वह पांचवीं बार राज्यसभा के लिए चुने गए। प्रणब दा साल 2004 में पहली बार पश्चिम बंगाल के जंगीपुर संसदीय सीट से चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंचे और जून 2012 तक सदन के नेता रहे। वह 23 मई 2004 से 24 अक्टूबर 2006 तक भारत के रक्षा मंत्री रहे। प्रणब दा 25 अक्टूबर 2006 से 23 मई 2009 तक भारत के विदेश मंत्री रहे। 24 जनवरी 2009 से मई 2012 तक वह देश के वित्त मंत्री भी रहे। 20 मई 2009 को वह जंगीपुर संसदीय सीट से ही 15वीं लोकसभा के लिए दूसरी बार चुने गए। प्रणब दा ने 25 जून 2012 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया और 2012 से 2017 तक राष्ट्रपति रहे। इस प्रकार राष्ट्रपति बनने के साथ ही प्रणब दा का लगभग 45 वर्ष लंबे राजनीतिक करियर पर विराम लगा।

 

14-08-2020
पुलिस वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक के नामों की घोषणा, छत्तीसगढ़ से 14 नाम

रायपुर। स्वतंत्रता दिवस 2020 पर राष्ट्रपति की ओर से छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के लिए वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक के लिए नामों की घोषणा की गई है। इसमें पुलिस वीरता पदक के लिए कोरबा एसपी अभिषेक मीणा, नारायणपुर से निरीक्षक मालिक राम और एसआई महेन्द्र सिंह ध्रुव कांकेर के नाम की घोषण की गई है। वहीं सराहनीय सेवाओं के लिए 11 नामों की घोषणा की गई है, जिसमें सहायक पुलिस महानिरीक्षक राजेश अग्रवाल, सेनानी 7वीं वाहिनी छसबल भिलाई विजय अग्रवाल, सहायक सेनानी 3री वाहिनी दुर्ग संजय कुमार दीवान, इंस्पेक्टर मोहम्मद याकूब मेमन, एएसआई सुनीता साहू, एएसआई संजय सिंह राजपूत, सहायक प्लाटून कमांडर हरविलास जटाव, हेड कांस्टेबल जयसिंह स्वाधु, हेड कांस्टेबल बंधुराम नेताम, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार शर्मा, हेड कांस्टेबल स्वर्णा कुमार इक्का का नाम है।

 

11-08-2020
रुस ने किया दावा, कहा- बना ली दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनके देश ने कोरोना की पहली वैक्सीन बना ली है। व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि ये दुनिया की पहली सफल कोरोना वैक्सीन है, जिसे रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। इतना ही नहीं व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनकी बेटी ने भी इस वैक्सीन को लिया है। समाचार एजेंसी एएफपी की जानकारी के मुताबिक, इस वैक्सीन को मॉस्को के गामेल्या इंस्टीट्यूट ने डेवलेप किया है। मंगलवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को सफल हुई। इसी के साथ व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया कि रूस में जल्द ही इस वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू किया जाएगा और बड़ी संख्या में वैक्सीन की डोज़ बनाया जाएगा। व्लादिमीर पुतिन ने बताया कि उनकी बेटी को कोरोना हुआ था, जिसके बाद उसे ये नई वैक्सीन दी गई। कुछ देर के लिए उसका तापमान बढ़ा लेकिन अब वो बिल्कुल ठीक है। बता दें कि दुनिया में इस वक्त कोरोना वैक्सीन बनाने का कई जगह ट्रायल चल रहा है, विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक करीब 100 से अधिक वैक्सीन बनाने पर काम किया जा रहा है। इसमें अमेरिका, ब्रिटेन, इजरायल, चीन, रूस, भारत जैसे देश शामिल हैं। भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन अभी ह्यूमन ट्रायल स्टेज में है, ये वैक्सीन बनाने की दूसरी स्टेज है।

 

 

09-08-2020
जंगल जमीन पर आदिवासी समुदाय का हक हैं : विक्रम मंडावी

बीजापुर। नगरीय क्षेत्रों में शासकीय ज़मीनों के विक्रय व पांचवीं अनुसूची का पालन न करने को लेकर आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बीजापुर स्थित गोंडवाना भवन में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने परिचर्चा  आयोजित कर राज्यपाल,राष्ट्रपति व प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।समाज प्रमुखों की चर्चा में नजूल भूमि को शुल्क दे कर पट्टा आबंटित करना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) पाँचवी अनुसूची के उलंघन पर नाराजगी जाहिर की है। साथ ही श्रीराम पथ गमन के नाम पर बस्तर के सांस्कृतिक सामाजिक ऐतिहासिक एवमं रूढ़ि प्रथा परम्परा पर सीधा  हमला बताया।  जेल में बंद सैकड़ों निर्दोष आदिवासियों को रिहा करने व बस्तर में आदिवासी विश्वविद्यालय की स्थापना व अल्प वर्षा के कारण क्षेत्र को सूखा ग्रस्त इलाका घोषित किये जाने की मांग पर चर्चा की गई।कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियाम, नीना रावतिया उद्दे, लक्ष्मी नारायण गोटा,कांग्रेस जिला अध्यक्ष लालू राठौर, कामेश्वर दुब्बा, हरिकृष्ण कोरसा, गुज्ज़ा पवार, बीएल पदमाकर, डॉ बीआर पुजारी, डॉ.अरुण सकनी,मंगल राना, राधिका तेलम, कमलेश कारम, सोनू पोट्टम, कमलेश पैंकरा, दसरथ कश्यप, राकेश गिरी,आदिनारायण पुजारी, पोचे राम भगत, अमित कोरसा, सुशील हेमला विनय उइके मौजूद थे।

बीजापुर विधायक व बस्तर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष विक्रम मण्डावी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस के माध्यम अपनी बात रखने का अवसर मिलता है। विक्रम ने कहा कि जल जंगल जमीन पर आदिवासी समुदाय का नैसर्गिक हक है और प्रदेश सरकार लगातार आदिवासियों के हक के लिए कार्य कर रही है। आज पट्टा वितरण कार्य मे जिले के 1500 परिवारों को पट्टा तैयार किया गया। बीजापुर जिले में बंद 51 बंद स्कूलों को शुरू किया गया, दूरस्थ अंचल के गांवों में पेयजल के लिए बोर कराए गए है। सरकार बुनियादी सुविधाओं को जनजन तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। बीजापुर जिले के नगरीय क्षेत्रों में नजूल भूमि पर अतिक्रमण पर पट्टा समाज के विरोध के कारण अभी लंबित है। 

 

03-08-2020
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने देशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी

नई दिल्ली। रक्षाबंधन का त्यौहार आज यानी सोमवार को पूरे देशभर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। भाई-बहन के रिश्ते के पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन पर आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट करके कहा, रक्षाबंधन पर सभी देशवासियों को बधाई! राखी प्रेम और विश्वास का वह अटूट धागा है जो बहनों को भाइयों से जोड़ता है। उन्होंने आगे लिखा,  आइए, आज हम सब महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दोहराएं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने शुभकामना संदेश देते हुए ट्वीट किया, रक्षा बंधन के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

01-08-2020
जानिए राज्यपाल ने किन्हें भेजी गोबर और बांस से बनी राखी,त्यौहार पर विशेष सावधानी बरतने की अपील

रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके शनिवार को लोक संस्कृति मंच राष्ट्रगाथा संस्था की ओर से आयोजित स्नेह बंधन त्यौहार और संस्कृति-स्वास्थ्य-स्वरक्षा विषय पर आयोजित वेबिनार में शामिल हुई। उन्होंने कहा कि, रक्षा बंधन का पर्व भाई और बहन के मध्य प्रेम का प्रतीक है। इस अवसर पर भाई बहन की रक्षा का संकल्प लेता है। इस कोरोना के संक्रमण के समय यह पवित्र त्यौहार आया है। यह प्रयास करना है कि, उत्साह में कोई कमी न आएं, पर हम त्यौहार मनाते समय विशेष सावधानी रखें। साथ ही कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। राज्यपाल ने सभी को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं भी दी। 

राज्यपाल उइके ने कहा कि, उन्होंने राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को गोबर और बांस से बनी राखी भेजी है। स्थानीय उत्पादों और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं ने यह राखियां बनाई है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत बनाने के संकल्प लेने का आह्वान किया है। इस कोरोना काल में हमें स्थानीय स्तर पर बनाए गए उत्पादों को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि हमारी अर्थव्यवस्था सशक्त हो सके। राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि, जान है तो जहान है। हम सबको कोरोना वायरस के संक्रमण से सावधान रहने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा कि, रक्षाबंधन हमारे प्रमुख त्यौहारों में से एक है। यह स्नेह का, प्यार का आशीर्वाद का, रक्षा के वादे का बंधन है। हमारी संस्कृति ही वसुधैव कुटुम्बकम की है। सर्वे भवन्तु सुखिन: की है। हमारी परम्परा हमें सिखाती है कि सभी कल्याण हो और सभी स्वस्थ और सुखी रहें। उन्होंने कहा कि,आज पूरा विश्व कोरोना के वायरस के संक्रमण से जुझ रहा है। यह त्यौहार रक्षा का त्यौहार है अत: हम इस अवसर पर कोरोना वायरस से रक्षा करने का संकल्प लें। कोशिश करें भीड़ वाली जगह पर ना जाए और आपस में मिलते समय मास्क का जरूर उपयोग करें। हमारे डॉक्टर्स, पुलिस कर्मचारी, प्रशासन के लोग, सैनिक सभी बहुत मेहनत से सबकी सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। हमारी थोड़ी भी लापरवाही हमें कई मुसीबतों का सामना कराएगी। राज्यपाल से सभी से प्रसन्न, स्वस्थ, सुरक्षित रहने की अपील की है। कोरोना रूपी अदृश्य वायरस से बचाव के सभी उपाय अपनाकर जीतने की अपील की है। इस दौरान पूर्व राज्यपाल मृदुला सिन्हा, सांसद शंकर लालवानी, गायिका मालिनी अवस्थी ने भी अपना संबोधन दिया। इस मौके पर मंजुषा राजस जोहरी और अन्य नागरिक उपस्थित थे।

01-08-2020
प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने देशवासियों को दी ईद-उल-अजहा की मुबारकबाद

नई दिल्ली। देशभर में आज यानी शनिवार को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संकट के बीच  ईद-उल-अजहा मनाई जा रही है। बकरीद के पर्व पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई दिग्गज हस्तियों ने मुबारकबाद दी है। राष्ट्रपति कोविंद ने जहां अपने संदेश में इस त्यौहार का महत्व समझाते हुए सभी से कोविड-19 की रोकथाम के लिए गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की। वहीं प्रधानमंत्री ने दुआ मांगी कि भाईचारे और दया की भावना और बढ़े। कोरोना वायरस के मद्देनजर दिल्ली की जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में ईद-उल-अजहा की नमाज सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ी गई। कई जगह लोगों से अपील की गई थी कि वे अपने घर पर नमाज पढ़ें।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर मुबारकबाद दी। राष्ट्रपति ने तीन भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी के साथ-साथ उर्दू में भी ट्वीट किया। राष्ट्रपति ने कहा, "ईद मुबारक। ईद-उल-अजहा का त्यौहार आपसी भाईचारे और त्याग की भावना का प्रतीक है तथा लोगों को सभी के हितों के लिए काम करने की प्रेरणा देता है। आइए इस मुबारक मौके पर हम अपनी खुशियों को जरूरतमंद लोगों से साझा करें और कोविड-19 की रोकथाम के लिए सभी दिशानिर्देशों का पालन करें।"

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि ईद मुबारक, ई-उल-अजहा पर बधाई। यह दिन हमें एक न्यायपूर्ण, सामंजस्यपूर्ण और समावेशी समाज बनाने के लिए प्रेरित करता है। इससे प्रेरणा लेकर भाईचारे और करुणा की भावना को आगे बढ़ाया जा सकता है।

27-07-2020
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने सोमवार को राज्यपाल अनुसुईया उइके से मुलाकात की। प्रदेश कांग्रेस ने राज्यपाल से मुलाकात कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश कांग्रेस ने राष्ट्रपति से राजस्थान की निर्वाचित सरकार पर आए संकट को संज्ञान में लेने का आग्रह किया है। राज्यपाल से मुलाकात करने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा, अभनपुर विधायक धनेंद्र साहू, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, प्रभारी महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला, कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी, रायपुर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, नगर निगम रायपुर के सभापति प्रमोद दुबे सहित अन्य राजभवन पहुंचे थे।

25-07-2020
अशोक गहलोत ने कहा, राष्ट्रपति के सामने लगाएंगे गुहार, पीएम निवास के बाहर करेंगे विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। राजस्थान में जारी सियासी घमासान में रोज नए मोड़ आ रहे है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक में कहा कि जरूरत पड़ने पर हम राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन जाएंगे और यदि आवश्यक हो, तो हम पीएम के निवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। अशोक गहलोत का यह बयान राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा विधानसभा का सत्र नहीं बुलाए जाने के संबंध में आया है। बता दें कि अशोक गहलोत अपने समर्थक विधायकों के साथ शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की थी और विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग की थी। राज्यपाल द्वारा सत्र नहीं बुलाए जाने पर कांग्रेस और उसके समर्थक विधायकों ने शुक्रवार को राजभवन में चार घंटे से अधिक समय तक धरना दिया।
शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के एक होटल में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई और विधायकों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर हम राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन जाएंगे। यदि आवश्यक हो, तो हम पीएम के निवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।"

गहलोत ने कहा कि अगर राज्यपाल के कुछ सवाल हैं तो वह सचिवालय स्तर पर समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा,'हमेशा विपक्ष मांग करता है कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। यहां सत्ता पक्ष कह रहा है कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए जहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं विपक्ष कह रहा है कि हम ऐसी मांग ही नहीं कर रहे। यह क्या पहेली है। मुझे उम्मीद है कि कलराज मिश्र जिनका अपना एक व्यक्तित्व है और जिनका दिल्ली में भी पक्ष-विपक्ष सम्मान करता रहा है, वह दबाव में नहीं आएंगे क्योंकि उन्होंने संवैधानिक पद की शपथ ली है।' राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 और बीजेपी के पास 72 विधायक हैं। यदि 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता है तो राज्य विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या घटकर 181 हो जाएगी, जिससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 91 पर पहुंच जाएगा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए बहुमत कायम रखना आसान होगा। 

 

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