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17-05-2020
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान, मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की पांचवीं और आखिरी किस्त का ब्योरा दे रही हैं। सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि आपदा को अवसर में बदलने की जरूरत है। उसी के मुताबिक ये आर्थिक पैकेज तैयार किया गया है। उन्होंने प्रोत्साहन पैकेज की पांचवीं किस्त की घोषणा करते हुए रविवार को बताया कि मनरेगा के लिए अतिरिक्त 40 हजार करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। इससे गांव वापस जा रहे प्रवासी मजदूरों को काम मिल सकेगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा 'मनरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपए का आवंटन बढ़ाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में काम की कमी ना आए और आमदनी का साधन मिले, इसके लिए ऐसा किया जा रहा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में निर्मला सीतारमण ने कहा कि मजदूरों को घर ले जाने के लिए ट्रेनें चलाई गई हैं। मजदूरों को ट्रेनों से ले जाने का 85 फीसदी खर्च केंद्र सरकार ने वहन किया है। 15 फीसदी खर्च राज्य सरकारों ने किया है। श्रमिकों को ट्रेनों में खाना भी उपलब्ध कराया गया। आठ करोड़ प्रवासी मजदूरों के लिए राशन की व्यवस्था की है।

उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में कोरोनावायरस से जंग में हेल्थ संबंधी कदमों में राज्यों में 4113 करोड़ रुपए जारी किए गए। जरूरी सामानों पर 3750 करोड़, टेस्टिंग लैब्स और किट्स के लिए 550 करोड़ रुपए की घोषणा की गई। उन्होंने कहा कि पीएम गरीब कल्याण योजना के तहत 20 करोड़ महिला जनधन खाताधारकों के खातों में सीधी मदद भेजी गई। साथ ही निर्माण से जुड़े श्रमिकों के अकाउंट में भी सरकार ने पैसे डाले। जनधन के 20 करोड़ लोगों के खाते में पैसे भेजे गए। मजदूरों के लिए चलाए गए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में 85 फीसदी पैसे केंद्र सरकार दे रही है। उज्ज्वला योजना के तहत गरीबों को मुफ्त रसोई गैस सिलिंडर दिए गए।
 
जनस्वास्थ्य क्षेत्र के लिए घोषणा :

जनस्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाएगा। इसके लिए रिफॉर्म्स किए जाएंगे। ग्रामीण स्तर पर ऐसी सुविधाएं देने की आवश्यकता है जो महामारी की स्थिति में लड़ने की क्षमता हो। इसके लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश बढ़ाया जाएगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में वेलनेस सेंटरों को बढ़ावा दिया जाए। सभी जिला स्तर के अस्पतालों में संक्रामक रोगों से लड़ने की व्यवस्था  की जाएगी। लैब नेटवर्क मजबूत किए जाएंगे। सभी जिलों में प्रखंडस्तर पर एकीकृत लैब बनाए जाएंगे।   

दिवालियापन के लिए सीमा 1 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए :

जिस तरह एमएसएमई की परिभाषा बदलकर उनके लिए विस्तार का रास्ता खोला। उन पर दिवालियापन की कार्रवाई ना हो इसके लिए न्यूनतम सीमा को एक लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ कर दिया गया है। इससे एमएसएमई सेक्टर को फायदा होगा। विशेष दिवालियापन रेज्यूलेशन फ्रेमवर्क को आईबीसी के 240 ए में जोड़ दिया जाएगा। एक साल तक दिवालियापन की कोई कार्रवाई शुरू नहीं होगी।

13-05-2020
रेलवे, सड़क, हाईवे और अन्‍य जगह काम कर रही निर्माण कंपनियों को राहत

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 हजार लाख करोड़ के रोड मैप पर बुधवार को दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस ली। इसमें उन्होंने उद्योग सहित अन्य सेक्टरों के लिए राहत पैकेज की घोषणाएं की। इसमें उन्होंने रेलवे, सड़क, हाईवे और अन्‍य जगह काम कर रही निर्माण कंपनियों को राहत दी। यह राहत 6 महीने के समय के रूप में है। उन्होंने कहा कि 25 मार्च 2020 को और उसके बाद खत्‍म होने वाले प्रोजक्‍ट की रजिस्‍ट्रेशन और कंप्‍लीशन की डेट को 6 महीने आगे बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा। ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए 6 महीने और मिलेंगे। वित्तमंत्री ने कहा कि निर्माण के काम के लिए 6 महीने तक के लिए एक्सटेंशन दिया जा रहा है, निर्धारित समय में किए जाने वाले काम को तय तारीख से 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यानी सभी सरकारी एजेंसियां जैसे रेलवे, हाइवे आदि छह महीने तक ठेकेदारों को राहत देंगे। पीपीपी में भी छह महीने तक राहत दी जा सकती है। बिल्डरों को भी मकान पूरा करने के लिए वक्त मिलेगा।

 

13-05-2020
आज शाम चार बजे वित्त मंत्री करेंगी प्रेस कॉन्फ्रेंस, बताएंगी कैसे होगा 20 लाख करोड़ के पैकेज का इस्तेमाल

नई दिल्ली। कोरोना संकटकाल में मंदी से जूझ रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आगाज किया है। बता दें कि कल सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया था। इस राहत पैकेज के इस्तेमाल के बारे में अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण विस्तार से बताएंगी। वित्त मंत्री आज यानी बुधवार को शाम चार बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी ने लॉक डाउन 4.0 का भी ऐलान किया। ये बिल्कुल नए रंग रूप में होगा। वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि आज सोमवार की शाम चार बजे निर्मला सीतारमण प्रेस कान्फ्रेंस करेंगी। भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर भारत को आत्म-निर्भर बनाने में मदद के लिए मंगलवार को कुल 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की और स्थानीय कारोबारों को प्रोत्साहित करने की वकालत की। प्रधानमंत्री ने बड़े आर्थिक सुधारों का संकेत देते हुए कहा कि आर्थिक पैकेज के बारे में विस्तृत ब्योरा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार से अगले कुछ दिनों तक देंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘‘यह आर्थिक पैकेज हमारे श्रमिकों, किसानों, ईमानदार करदाताओं सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों और कुटीर उद्योगों के लिये होगा।

पैकेज में भूमि, श्रम, नकदी और कानून सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। यह पैकेज भारतीय उद्योग जगत के लिए है, उसे बुलंदी पर पहुंचाने के के लिए है। कुल 20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में आरबीआई द्वारा अब तक कोविड-19 संकट से निपटने के लिए घोषित उपाय भी शामिल हैं। हालांकि इस बारे में कोई स्पष्टता नहीं है कि यह राशि कहां से आएगी और इससे देश की राजकोषीय सेहत पर क्या असर पड़ सकता है। इस कदमों की श्रृंखला में वित्त मंत्रालय ने गरीबों, बुजुर्गों और किसानों के लिए 1.74 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज की घोषणा की थी।

16-04-2020
वीडियो कांफ्रेसिंग से हुई कैट की पहली कार्यकारिणी बैठक, 17 अप्रैल को केंद्र से होगी राहत पैकेज की घोषणा

रायपुर। कॉनफेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की वीडियो कांफ्रेसिंग से गुरुवार को पहली कार्यकारणी बैठक हुई। बैठक की शुरुआत प्रदेश अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी को सौंपा। पारवानी ने गत दिनों मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वाणिज्यकर मंत्री टीएस सिंहदेव के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई चर्चा और दिए गए सुझावों से सभी को अवगत कराया। परवानी ने बताया कि 17 अप्रैल को वित्त मंत्री की ओर से राहत पैकेज की घोषणा की जाएगी। इसके बाद फिर एक बैठक होगी। परवानी ने सभी से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि लॉक डाउन में व्यापार एवं उद्योग बंद है तो राज्य विद्युत कंपनी को वास्तविक इकाइयों की खपत के आधार पर बिजली शुल्क एकत्र करना चाहिए। लॉक डाउन अवधि के लिए राज्य के सभी व्यापार और उद्योगों से सभी निर्धारित मांग शुल्क माफ करना चाहिए। कुछ  राज्य गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी  ने पहले ही अपने राज्य में इस आशय की घोषणा कर चुकी है। इसी प्रकार लॉक डाउन अवधि के दौरान कर्मचारियों के वेतन का भुगतान ईएसआईसी के प्रावधानों के अनुसार ईएसआईसी से किया जाना चाहिए। इस लाक डाउन के दौरान की अनुपस्थिति को चिकित्सीय अनुपस्थिति मानते हुए कर्मचारियों को अनुपस्थिति अवधि का वेतन प्रदान किया जाना चाहिए।  

आवश्यक वस्तुओं के बाजार को साफ करना बहुत महत्वपूर्ण
उन्होंने कहा कि इनमें डुमरतराई, सब्जियां, फल, चिकित्सा आदि थोक बाजार शामिल है, जहां ट्रक देश भर से आ रहे हैं। ग्राहकों के प्रवाह बहुत अधिक हैं। पारवानी ने आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई में लगे सभी टीम मेम्बर्स को उनके राष्ट्र सेवा के इस कार्य में आबाध रूप से लगे होने पर पर आभार व्यक्त किया है। सभी टीम मेंबर्स उचित मूल्य पर सतत सप्लाई में लगे हुए है और कोरोना वारियर्स की तरह कार्य कर रहे हैं। इसकी उन्होंने सराहना की और आने वाले समय में भी इसी प्रकार से सेवा में लगे होने की अपेक्षा भी की।

कैट के प्रयास की सराहना
दल्ली राजहरा के रूप कुमार ने कैट की ओर से उठाए जा रहे प्रयास की सराहना की। कैट दुर्ग इकाई के अध्यक्ष प्रहलाद रुंगटा और पवन बड़जात्या ने अपनी बात रखी। अतिआवश्यक वस्तुओं के विक्रय करने वाले व्यपारियों एवं कर्मचारियों के लिए पास के लिए रायपुर दवाई विक्रेता संघ अध्यक्ष विनय कृपलानी ने विस्तार पूर्वक जानकारी प्रदान की। बस्तर चेम्बर आफ कॉमर्स के अध्यक्ष किशोर पारख ने बताया कि अभी वनोपज सामग्रियों का सीजन चालू है। बस्तर की बड़ी अर्थव्यवस्था इसी पर निर्भर करती है। अत: वनोपज सामग्रियों के आवगमन में लगने वाली गाड़ियों को नहीं रोका जाना चाहिए। बशर्ते वे सोशल डिस्टेंस का पालन कर रही हो। इसी बीच कैट के महामंत्री जितेन्द्र दोशी ने बताया कि कैट के प्रदेश कार्यलय द्वारा लगतार केंद्र एवं राज्य सरकार से प्राप्त नोटिफिकेशन एवं सूचनाएं भेजी जा रही है,समस्त व्यापारी एवं व्यापारी संगठन इसका अवलोकन करे अगर किसी भी प्रकार का संशय हो तो संपर्क करें।

बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में रायपुर से अमर पारवानी, मागेलाल मालू,विक्रम सिंहदेव,जितेंद्र दोषी,परमानंद जैन,  अजय तनवानी, अजय अग्रवाल, राम मधान,कैलाश खेमानी,राकेश ओछवानी,वासु मखीजा,  भरत जैन, सुरिंदर सिंह,कन्हैया गुप्ता,ननवानी,विजय शर्मा,उत्तम गोलछा,संजय जयसिंह, अमरदास खट्टर, आशीष कुमार सोनी, जितेंद्र गोलछा, प्रेम पाहुजा, रतन लाल अग्रवाल, मोतीलाल सचदेव, जनक वाधवानी, मोहम्मद आशिफ वैद, अजीत सिंह कैंबो, सय्यद सफीक अमन, दल्लिराजहरा से डॉक्टर दसानी , कोरिया  से रफीक मेमन एवं आनंद अग्रवाल , कोरबा  से राम सिंह  अग्रवाल , भाटापारा से तोरण साहू एवं  कमलेश कुकरेजा , तिल्दा राम पंजवानी एवं रमेश भाई वीरानी , बस्तर  से किशोर पारेख , राजिम  से राजा भाई , अभनपुर से  संतोष अग्रवाल , धमतरी  से महेश रोहरा एवम कैलाश कुकरेजा, कांकेर से आरिफ मोहम्मद एवं  शैलेन्द्र सिंह, दुर्ग से प्रहलाद रूंगटा, संजय चौबे,पवन बड़जात्या, मोहम्मद अली हिरानी  एवं प्रकाश सांखला, कवर्धा से आकाश आहूजा , राजनांदगांव  से राजा मखीजा , भिलाई ज्ञानचंद जैन एवम दिनेश सिंघल,महासमुंद से श्रेयांश चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए।

03-03-2020
समावेशी विकास पर आधारित एक आदर्श बजट: उमेश पटेल 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वित्त मंत्री की हैसियत से आज विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2020-21 के मुख्य बजट को उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने समावेशी विकास पर आधारित एक आदर्श बजट बताया है। पटेल ने कहा है उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, खेल गतिविधियों, स्वास्थ, पोषण सहित अधोसंरचना विकास और सामाजिक विकास के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा है बजट में राज्य के विकास में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए 15 हजार युवा मितान क्लब गठित करने का लक्ष्य है। इसके लिए नवीन मद में 50 करोड़ का प्रावधान है। युवाओं में अर्न्तनिहित बहुआयामी प्रतिभा को अवसर प्रदान करने के लिए इस वर्ष बहुस्तरीय युवा महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रतिवर्ष युवा महोत्सव के लिए नवीन मद में पांच करोड़ का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के तहत प्रतिभावान खिलाड़ियों को उच्च स्तर का प्रशिक्षण, खेल-सामग्री एवं राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जायेगी। इसके लिए 10 करोड़ का प्रावधान है। 
 

29-02-2020
मंदी अस्थायी, ऐतिहासिक मौके लाएगा अगला दशक : मुकेश अंबानी

नई दिल्ली। बिजनेस मैन मुकेश अंबानी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक सुस्ती अस्थायी है और बाहरी उतार-चढ़ाव से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि देश को अगले दशक के लिए और अधिक आशावादी होने की वजह है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने कहा कि आने वाला दशक कारोबारों की तरक्की लिहाज से ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करने वाला होगा और भारत को दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शुमार करेगा। अंबानी ने कहा कि मुझे लगता है कि हमने अस्थायी पीड़ाएं झेली हैं लेकिन वित्त मंत्री ने जो नेतृत्व प्रदान किया है, उससे हम इससे उबरने वाले हैं। विदेशी उतार-चढ़ावों ने हमें प्रभावित किया है, लेकिन मैं बहुत बहुत आशावादी हूं।’

23-02-2020
बढ़ सकता है 100 अरब डॉलर का राजस्व, डिजिटल कंपनियों से कर वसूलने जी-20 देश हुए एकजुट

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था के ताजा हालातों को लेकर जी-20 देशों के वित्त मंत्री और इनके केंद्रीय बैंकों के गवर्नरों ने दो दिन की चर्चा के लिए एकत्रित  हुए। डिजिटल कंपनियां गूगल, फेसबुक और अमेजन से कर वसूलने को लेकर जी-20 देशों के अधिकारी शनिवार को एकजुट नजर आए। अधिकारियों ने कहा, दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं को इन कंपनियों से कर वसूलने की चुनौतियों से निपटने को एकता दिखानी होगी। डिजिटल कंपनियों से कर वसूलने के लिए आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन वैश्विक नियम तैयार कर रहा है। नियम ऐसे होंगे कि कंपनियां वही भुगतान करें जहां वे व्यापार कर रही है, न कि सिर्फ उस देश को जहां वे पंजीकृत है। ओईसीडी का कहना है कि इससे प्रति वर्ष कुल 100 अरब डॉलर का राष्ट्रीय कर राजस्व बढ़ सकता है।

कई अधिकारियों ने कहा, यह नियम हर देश की सरकार को बड़ी कमाई करने वाली ऐसी कंपनियों से अपना कानूनी हिस्सा लेने का अधिकार देगा। तकनीकी बदलाव के दौर में वित्तीय बाजार और कारोबार को भी नवीन नीतियों की जरूरत है। नियमों में सुधार कर बड़ी कंपनियों की कर चोरी पर लगाम कसनी चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार बड़ी डिजिटल कंपनियां वैश्विक स्तर पर 35 लाख करोड़ रुपये की सालाना कर चोरी करते हैं। जबकि भारत में फेसबुक के करीब 30 करोड़ उपभोक्ता है। वही भारत डिजिटल शॉपिंग का बड़ा गढ़ बनता जा रहा है, इससे अमेजन जैसी कंपनियां बड़ा मुनाफा कमा रही है। ऐसे में नियमों के लागू होने से भारत को कर के रूप में बड़ा राजस्व प्राप्त हो सकता है।

02-02-2020
बजट के दूसरे दिन आम जनता को राहत, कम हुए पेट्रोल-डीजल के दाम

नई दिल्ली। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया और इसके अगले ही दिन आम लोगों के लिए राहत भरी खबर आई। रविवार को लगातार चौथे दिन तेल कंपनियों ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर दी है। यानी आज ग्राहकों को एक लीटर पेट्रोल-डीजल के लिए शनिवार के मुकाबले कम कीमत चुकानी होगी।

चार महानगरों में इतने हुए पेट्रोल-डीजल के दाम

दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत में नौ पैसे की कमी आई है। वहीं कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल आठ पैसे सस्ता हुआ है। इसके बाद इन राज्यों में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 73.10, 75.77, 78.75 और 75.95 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल की बात करें, तो दिल्ली में एक लीटर डीजल आठ पैसे कम हुआ है, कोलकाता में पांच पैसे, मुंबई में छह पैसे और चेन्नई में सात पैसे, जिसके बाद इसकी कीमत क्रमश: 66.14, 68.54, 69.36 और 69.89 रुपये प्रति लीटर हो गई है।

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत

बता दें कि प्रति दिन सुबह छह बजे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। सुबह छह बजे से ही नई दरें लागू हो जाती हैं। पेट्रोल व डीजल के दाम में कीमत में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन और अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है।

कीमत तय करने का ये है आधार

विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव होता है। इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट और डीजल रेट रोज तय करने का काम तेल कंपनियां करती हैं।

पेट्रोल में कितना हिस्सा टैक्स का

खुदरा बिकने वाले पेट्रोल और डीजल के लिए जितनी रकम का आप भुगतान करते हैं, उसमें आप 55.5 फीसदी पेट्रोल के लिए और 47.3 फीसदी डीजल के लिए आप टैक्स चुका रहे होते हैं।

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन

डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं। वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों और अपने स्वयं के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं। पेट्रोल रेट और डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है।

 

01-02-2020
सरकार मानने को तैयार नहीं की देश की अर्थव्यवस्था संकट में है : पी. चिदंबरम

नई दिल्ली। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने मोदी सरकार के बजट 2020-21 पर अपनी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सरकार ये मानने को तैयार नहीं है कि देश की अर्थव्यवस्था पर संकट है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की उम्मीद भी छोड़ दी है। चिदंबरम ने लंबे बजट पर चुटकी लेते हुए कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैं 160 मिनट तक चले लंबे भाषण को देखा लेकिन मुझे कोई ऐसी घोषणा, यादगार विचार या बयान नहीं दिखा जिससे पता चले कि सरकार का क्या संदेश देने का का इरादा था। चिदंबरम का कहना है कि बजट में रोजगार सृजन के लिए कुछ भी नहीं कहा गया है। बजट से लगता है कि सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, निजी निवेश को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर सृजित करने की उम्मीद छोड़ चुकी है। सरकार इस बात से गुरेज कर रही है कि उसे अर्थव्यवस्था को लेकर वैश्विक और व्यापक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित कर आगे बढ़ाने, निजी निवेश को प्रोत्साहन देने, रोजगार सृजन, विश्व व्यापार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के बजाए सभी महत्वपूर्ण हिस्सों को छोड़ दिया है।

चिदंबरम ने सवाल किया कि क्या वित्त मंत्री ने आर्थिक समीक्षा नहीं पढ़ी, मुझे लगता है कि नहीं पढ़ी। जनता ऐसा बजट नहीं चाहती थी, इसके लिए भाजपा को वोट नहीं दिया था। उनका कहना है कि एलआईसी को निजी बीमा कंपनियों के आने से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है लेकिन निजी क्षेत्र की भागीदारी को लेकर इस पर चर्चा होनी चाहिए थी संसद में भी इस पर बहस हो। चिदंबरम का कहना है कि पिछली छह तिमाहियों में विकास दर लगातार गिरकर पांच प्रतिशत से कम हो गई है। ऐसे में 2020-21 में विकास दर की गति कैसे बढ़ेगी, न तो वो सामने है और न ही आंकड़ों में दर्शाया जा सकता है। वित्त मंत्री का छह से साढ़े 6.5 प्रतिशत की विकास दर का दावा अपने आपमें या तो आश्चर्यचकित करता है या गैर जिम्मेराना है। उन्होंने कहा कि पहली बार बजट में खाद्य सब्सिडी कम कर दी गई है। पिछले साल खाद्य सब्सिडी एक लाख 84 हजार करोड़ रुपये थी। वित्त मंत्री ने एक लाख 15 हजार करोड़ रुपये खाद्य सब्सिडी प्रस्तावित की है।  देश के गरीब की थाली में जो खाना जाना है खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उसमें कटौती हुई है। किसान की फसल की खरीदी का जो पैसा है उसमें 68.650 करोड़ की कटौती कर दी गई है।

इसी प्रकार लगभग 9 हजार करोड़ रुपया किसान के खाद्य की सब्सिडी कम कर ली है जो गरीब के ऊपर एक गहरा प्रहार करने वाला है। किसानों की आय न तो दोगुनी हुई और 75 प्रतिशत किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। चिदंबरम ने कहा कि ये सरकार आर्थिक सुधारों में विश्वास नहीं करती है। एक तरफ संविधान पर राजनैतिक हमला बोलती है, प्रजातंत्र को पंगु बनाने का प्रयास करती है। संवैधानिक अधिकारों को पांव के तले रौंदती है और दूसरी तरफ आर्थिक चुनौतियों का सामना करने से गुरेज करती है। उनका कहना है कि माइनिंग, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं लेकिन सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। वित्त मंत्री ने बजट में निजी निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार सृजन,  युवाए विकास दर और दक्षता बढ़ाने की दिशा में भी कोई बात नहीं कही।  

अर्थव्यवस्था चिंताजनक है : कपिल सिब्बल

कांग्रेस सांसद कपिल सिब्बल ने बजट पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि राजकोषीय घाटे के आंकड़े से साफ है कि अर्थव्यवस्था चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने भी ये माना है कि राजकोषीय घाटा 3.8 प्रतिशत है। सिब्बल का कहना है वित्त मंत्री देश को बताएं कि अगर केंद्रीय और राज्यों का घाटा जोड़ा जाए तो यह आठ प्रतिशत से ज्यादा है जो चिंता का विषय है।

 

01-02-2020
बजट 2020 : वित्त मंत्री ने कहा, करदाताओं को उत्पीड़न से बचाएंगे, टैक्स चार्टर लाया जाएगा

नई दिल्ली। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के सभी करदाताओं के लिए अच्छी खबर सुनाई है। उन्होंने कहा कि देश में कानून के तहत टैक्स चार्टर लाया जाएगा। टैक्स पेयर चार्टर बनेगा। टैक्स पेयर को उत्पीड़न से बचाया जाएगा। व्यापारियों के लिए टैक्स को लेकर न्याय हुआ। करदाताओं का व्यवस्था पर भरोसा बढ़ाएंगे। टैक्स को लेकर किसी को परेशान नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी करने वालों के लिए कड़ा कानून बनेगा। लोगों के मन से टैक्स का डर दूर किया जाएगा।

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