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14-06-2020
'बस्तर टॉक' में शामिल हुए युवा रंगकर्मी डॉ. योगेंद्र चौबे

रायपुर/जगदलपुर। युवा फिल्म निर्देशक, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय,खैरागढ़ के नाट्य विभाग के सहायक प्राध्यापक व एनएसडी के पूर्व छात्र डॉ.योगेंद्र चौबे ने सिनेमा व रंगमंच के बदलते प्रतिमान विषय पर बतौर वक्ता 'बस्तर टॉक' पहले सीजन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिंदगी में किसी चीज को देखने की नजरिया ही आपके भीतर की कला को विकसित करता है और उसी के माध्यम से आप प्रदर्शन कला के साथ जुड़कर अपनी अभिव्यक्ति को व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि सिनेमा और रंगमंच समाज का दर्पण है,जहां हम अपने प्रतिबिंब को खोजते हैं। राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ.चौबे ने कहा कि वर्तमान में सिनेमा और रंगमंच की विधा में काफी बदलाव आया है तो हम दूसरे शब्दों में कह सकते हैं कि इन विधाओं का आज अत्यधिक विकेंद्रीकरण हुआ है। जिससे हम अधिक से अधिक लोगों को इस माध्यम से जुड़ पा रहे हैं। इसे देखने का नजरिया काफी बदला है और यह माध्यम और भी सहज भी हुआ है। उन्होंने कहा कि आपके विचार और आपके सामने मौजूद बाजार में  संतुलित बिठाकर इस विधा से स्वरोजगार प्राप्त कर सकते हैं। यह एक स्वर्णिम युग है। इस समय सिनेमा बनाना बहुत सहज हुआ है। उन्होंने कहा कि बस्तर की लोक कलाओं की चर्चा पुरी दुनिया में है। इसकी वजह यहां की मौलिक नृत्य शैली और नाट्य शैली है। यहाँ की नाट्य शैली भतरा नाट ऐसी विधा है। जिस पर वहां के लोक कलाकार और रंगकर्मी बेहतर काम कर रहे हैं। इस विधा को आमजन तक पहुंचाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि जीवन के रण में सफल होने के लिए इस में प्रशिक्षण जरूरी है। सिनेमा व रंगमंच  की विधा में युवा पीढ़ी को प्रशिक्षित होकर आना चाहिए ताकि वे खुद को सिद्ध कर एक मुकाम प्राप्त कर सकें।

30-04-2020
ऋषि कपूर के संस्कारों में थी सिनेमा : धरमलाल कौशिक

रायपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने अभिनेता ऋषि कपूर के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा के साथ ही विश्व सिनेमा में ऋषि कपूर अग्रणी अभिनेता के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उनकी फिल्मों से हम सबको जीवन का दर्शनबोध होता रहेगा। उनका जन्म एक ऐसे परिवार में हुआ था जहां वे बचपन से ही सिनेमा में सरोकार और संस्कार के बीच पले-बढ़े हैं। उनमें वो संस्कार सिनेमा के जीवन में देखने को मिलता है। सदी के इस महान सिनेमा के नायक को ईश्वर अपने चरणों में स्थान दे।

 

16-05-2019
यदि आप आराम से लेटे हुए फिल्म देखना चाहते हैं तो जाएं इस देश में

स्विट्जरलैंड। यदि आप चाहते हैं कि सिनेमाघर में फिल्म कुर्सी पर बैठकर नहीं बल्कि आराम से लेटकर पॉपकॉर्न खाते हुए और कोल्ड ड्रिंक्स पीते हुए देखना चाहते हैं तो आपको स्विट्जरलैंड का टिकट कटाना पड़ेगा। यहां आप  वीआईपी बेडरूम सिनेमा में बड़े आराम और मजे से सोते हुए फिल्म देख सकते हैं। फिर आपको दूसरों को रास्ता देने के लिए न कोई सीट एडजस्ट करने की जरूरत पड़ेगी और न ही पैरों को मोड़कर बैठने का कष्ट उठाना पड़ेगा।  ये वीआईपी बेडरूम सिनेमा खुला है स्विट्जरलैंड के इस्प्रेटेनबेक शहर में। यहां आने वाले सैलानियों के सफर को और भी मजेदार अनुभव देने के लिए इस सिनेमा की शुरुआत की गई है। इस सिनेमा को बनाने वाले पाथ कंपनी के सीईओ वेनानजियो दी बैको का कहना है कि इस वीआईपी सिनेमा में साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखा गया है। यहां की बेडशीट्स और कवर्स हर शो के बाद बदल दिए जाते हैं। इस सिनेमा हॉल में 11 डबल बेड लगाए गए हैं, जिनके सिर को आराम देने वाले हेडरेस्ट खुद एडजस्ट हो जाते हैं। इस सिनेमा में फिल्म देखने के लिए आपको 48 डॉलर यानी लगभग 3 हजार 360 रुपए का टिकट लेना होगा। इसके अलावा पाथ सिनेमा ने 350 लोगों की कपैसिटी वाला एक सिंगल सोफा वाला आईमैक्स सिनेमा भी बनाया है। 

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