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07-07-2020
किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद बीज व अन्य सामग्री उपलब्ध करा रही है भूपेश सरकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से किसानों की मांग के अनुरूप उन्हें खाद-बीज और अन्य सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है। खरीफ सीजन में अभी तक राज्य के किसानों को सहकारी समिति और अन्य संस्थाओं के माध्यम से 7 लाख 05 हजार 521 मीट्रिक टन उर्वरक और 8 लाख 8 हजार 662 क्विंटल विभिन्न किस्मों के बीज का वितरण किया गया है। कृषि विकास और किसान कल्याण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कृषकों को खरीफ मौसम 2020 के लिए उन्नत किस्म के अनाज फसलें जैसे-मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं अरहर, उड़द, मूंग, कुल्थी, दलहनी, फसले, सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, सूरजमुखी तथा अरण्डी के कुल 8 लाख 8 हजार 662 क्विंटल बीजों का वितरण सभी जिलों में अभी तक किया गया है। इसी प्रकार खरीफ सीजन में 11 लाख 30 हजार मीट्रिक टन उर्वरक मांग के विरूद्ध 10 लाख 45 हजार 662 मीट्रिक टन उर्वरक जिलों में भण्डारण कर दी गई है। इसमें विभिन्न प्रकार के कुल 7 लाख 5 हजार 521 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया गया है।

 

07-07-2020
गोधन न्याय योजना गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान प्रदेश के पदाधिकारियों ने जताया आभार

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदने के निर्णय पर गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों ने आभार जताया है। स्वावलंबन अभिायन के पदाधिकारियों ने आज गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू से उनके रायपुर निवास कार्यालय में भेंट कर अभिनंदन पत्र सौंपा हैं। इस अवसर पर गौ ग्राम स्वावलंबन अभियान छत्तीसगढ़ के संरक्षक बिसराराम यादव और प्रांत संयोजक भुवनेश्वर साहू सहित स्वावलंबन अभियान के सदस्यगण उपस्थित थे।

01-07-2020
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने राजस्व मंत्री का किया पुतला दहन

कोरबा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सरकारी नजूल की जमीन को फ्री होल्ड करने के बाद छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना का पूरे प्रदेश भर में सरकार का विरोध शुरू हो गया है। इसी कड़ी में बुधवार को कोरबा निहारका के सुभाष चौक में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया। पुतला दहन की जानकारी जिला प्रशासन को पहले से ही दी गई थी बावजूद इसके छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के कार्यकर्ता राजस्व मंत्री का पुतला दहन करने में सफल रहे। चर्चा के दौरान क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा सरकारी नजूल की जमीन को फ्री होल्ड कर दिया गया है और छत्तीसगढ़ के लोकल स्थानीय लोग जमीन खरीदने में सक्षम नहीं है। इसके चलते बाहरी लोगों का जमीनों पर कब्जा होता जा रहा है। वही सरकार पर आरोप लगाते हुए छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार पैसे की कमी को पूरा करने जमीनों को बेच रही है।

 

30-06-2020
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के यात्री बस संचालकों को दी बड़ी छूट, जून माह के टैक्स में भी छूट

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के यात्री बस संचालकों को कोरोना संकट से उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में बड़ी राहत दी है। उन्होंने यात्री बस संचालकों को जून माह के मासिक कर में भी छूट प्रदान कर दी है। इसके पहले राज्य सरकार द्वारा अप्रैल और मई माह के मासिक कर में छूट प्रदान की गई थी। इस तरह छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस ऑपरेटरों को अप्रैल, मई और जून तीन माह के मासिक कर के भुगतान की छूट मिली है। राज्य शासन के इस निर्णय से प्रदेश के यात्री बस संचालकों को लगभग पांच करोड़ रूपए का लाभ प्राप्त होगा। गौरतलब है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के दौरान लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थिति में प्रदेश के बस ऑपरेटरों की विभिन्न कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। जिनसे राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए थे। लॉक डाउन की अवधि में यात्री बसों का उनके निर्धारित मार्ग में संचालन बंद रहा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर परिवहन विभाग द्वारा बीते 4 जून को प्रदेश के अंतर्राज्यीय व अखिल भारतीय पर्यटक परमिट तथा समस्त मंजिली यात्री वाहनों को माह अप्रैल और मई की अवधि के लिए मासिक कर के भुगतान से पूरी छूट दी गई थी। प्रदेश के विभिन्न मार्गों में नियमित रूप से चलने वाली यात्री बसों का संचालन जून माह की अवधि में भी पूर्णतः बंद रहा है। इससे प्रभावित बस संचालकों द्वारा टैक्स में छूट की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जून माह में भी देय मासिक कर में छूट प्रदान कर दी है। इससे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे बस संचालक लाभान्वित होंगे। राज्य शासन के इस निर्णय से प्रदेश के यात्री बस संचालकों को देय राशि लगभग पांच करोड़ रूपए का लाभ होगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री बघेल ने वाहन निष्प्रयोग में रखने के पूर्व अग्रिम देय मासिक कर जमा करने के प्रावधानों से भी दो माह की अवधि के लिए छूट दिए जाने संबंधी कार्यवाही के निर्देश परिवहन विभाग को दिए हैं।

 

29-06-2020
अमरजीत भगत का एक वर्ष का कार्यकाल पूरा, कहा- हर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया

रायपुर। खाद्यमंत्री अमरजीत भगत ने सोमवार को मंत्री के रूप में अपने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर मीडिया से चर्चा की। 29 जून 2019 को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार में अमरजीत भगत ने 13वें मंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्हें खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण, संस्कृति, योजना व सांख्यिकी विभाग मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था। इस एक वर्ष में अपने दायित्वों का निर्वाह करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के अनेक निर्णयों को क्रियान्वित करने में सक्रिय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि ,उनका संकल्प है कि छत्तीसगढ़ में कोई भूखा न सोए, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने लगातार कार्य किया। लोगों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है कि नहीं मिल रहा, देखने के लिए खुद उनके बीच गए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉक डाउन के दौरान खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभाग की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। इस दौरान 57 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित और नि:शक्तजन राशनकार्डधारियों को 3 माह अप्रैल, मई और जून का चावल नि:शुल्क वितरण किया गया। इन राशनकार्डधारियों को माह अप्रैल में 2 माह अप्रैल और मई का खाद्यान्न शक्कर, नमक एकमुश्त वितरण किया गया है। इसके अतिरिक्त उपरोक्त राशनकार्डधारियों को अप्रैल से जून 2020 तक नि:शुल्क 5 किलो प्रति सदस्य अतिरिक्त खाद्यान्न प्रदान किया गया।

मंत्री भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से एक रहा। इस योजना के तहत अप्रैल व मई माह में शत-प्रतिशत और जून में 98 प्रतिशत खाद्यान्न का वितरण गरीब व जरुरतमंदों को किया गया। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के सभी राशनकार्डधारी परिवारों को 35 किलो हर महीने चावल देने का वचन पूरा किया है। राज्य के सभी निवासियों को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती पर 2 अक्टूबर 2019 से सार्वभौम पीडीएस का शुभारंभ किया गया। सार्वभौम पीडीएस के अंतर्गत सामान्य परिवारों (आयकरदाता एवं गैर आयकरदाता) को भी खाद्यान्न प्रदाय किया जा रहा है। ऐसे तमाम उपलब्धियों पर मंत्री अमरजीत भगत ने प्रकाश डाला। मंत्री भगत ने भविष्य की कार्ययोजना के बारे में बताया कि राज्य में वाइंट आफ सेल डिवाईस के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण पीडीएस के जरिए राशन सामग्री के वितरण में पारदर्शिता और  हितग्राही को अस्थायी प्रवास के दौरान राशन सामग्री प्राप्त करने की सुविधा देने के लिए प्वाइंट आफ सेल डिवाईस के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण की व्यवस्था की जा रही है। भंडारण क्षमता का विकास और उचित मूल्य दुकानों का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है। राज्य के अनुसूचित विकासखंडों और माडा क्षेत्र के 1500 भवनहीन उचित मूल्य दुकानों में नवीन दुकान सह गोदाम निर्माण और शहरी क्षेत्र के 200 व ग्रामीण क्षेत्र के 100 उचित मूल्य दुकानों में निर्मित दुकान सह गोदाम का नवीनीकरण और विस्तारीकरण करने के लिए कार्ययोजना बनाई गई है।

मंत्री भगत ने संस्कृति विभाग के उपलब्धियों के बारे में बताया कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव देश का सबसे बड़ा आदिवासी सांस्कृतिक समागम का आयोजन 27 से 29 दिसंबर 2019 तक रायपुर में किया गया। इसमें देश के 24 राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश के आदिवासियों की प्रतिभागिता रहीं। साथ ही बेलारूस, थाईलैण्ड, युगाण्डा, मालदीव, श्रीलंका, बांग्लादेश के नृत्य समूहों का भी समावेश रहा। जीवन संस्कार, अनुष्ठान और मेले, कृषि चक्र तथा अन्य पारंपरिक नृत्य आदि चार श्रेणी में प्रतियोगिताएं आयोजित कर 16 पुरस्कार राशि रुपए 41 लाख प्रदान किया गया। आयोजन में लगभग 2,000 कलाकारों ने 125 से भी अधिक पारंपरिक जनजातीय नृत्यों का प्रदर्शन किया गया। इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति मिली और राष्ट्रीय एकता और सदभावना की दिशा में जागृति उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि साईंस कॉलेज मैदान, रायपुर में पांच दिवसीय राज्योत्सव का आयोजन हुआ। राज्योत्सव पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक लोक जनजातीय नृत्य, संगीत, गीत और वाद्य यंत्रों पर प्रस्तुतियां आयोजित की गई। इस अवसर पर राज्य की विभिन्न विभूतियों के नाम पर स्थापित सम्मानों के अन्तर्गत प्रतिभाओं को राज्य सम्मान से अलंकृत किया गया।

 

 

28-06-2020
...नहीं तो प्रदेश सरकार को वापस सत्ता में आने लगेंगे 25 साल : सरोज पांडेय

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद ने रविवार को छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विशाल जनसंवाद रैली को संबोधित किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार को चुनौती दी है कि हमारे कार्यकर्तार्ओं को परेशान न करें,अन्यथा कांग्रेस के इतिहास अनुसार पुन: सरकार में आने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस को 25 साल लगेंगें। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के कार्यकाल में बीजेपी के एक प्रदर्शन में लाठीचार्ज हुआ था, सत्ता की इमारत की एक-एक ईंट निकलती चली गई। छत्तीसगढ़ में अब एक कंकड़ नदी में फेंक दीजिए, लहरे गिनी जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में भी भारतीय जनता पार्टी ने सेवा ही संगठन है कि भावना से हर दिन काम किया। सन् 2014 के बाद देश में दूरदृष्टि से युक्त सबल और सक्षम नेतृत्व ने देश को एक नई दिशा दी है। वर्तमान दौर में कांग्रेस को विचार शून्य पार्टी बताते हुए सरोज पाण्डेय ने इस बात पर आक्रोश व्यक्त किया कि कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री को लेकर अपमानजनक टिप्पणियों पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री मौन साधे रहते हैं। जबकि अपने कामकाज पर टिप्पणियों के प्रति वे असहिष्णु होकर एफआईआर दर्ज करवा देते हैं। उन्होनें कहा कि प्रदेश सरकार भाजपा कार्यकर्ताओं को आंख न दिखाए। शराब के ठेके के पैसों से प्रदेश की सरकार चल रही है।

 

27-06-2020
टीएस सिंहदेव ने पेसा पर सर्व आदिवासी समाज से की चर्चा, मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह भी हुए शामिल

रायपुर। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव ने सर्व आदिवासी समाज से पेसा और वनाधिकार कानून को लागू करने के संबंध में चर्चा की। सिंहदेव ने कहा कि पेसा और वनाधिकार कानून को लागू करने छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध है। पेसा पर प्रभावी अमल के लिए अनुसूचित क्षेत्रों के रहवासियों, समुदायों, जनप्रतिनिधियों और आदिवासी मुद्दों के जानकारों से सुझाव लेकर नियम तैयार किए जाएंगे। इसके लिए आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों से लगातार चर्चा जारी है। पंचायत मंत्री सिंहदेव ने निवास कार्यालय में सर्व आदिवासी समाज से पेसा पर चर्चा के दौरान ये बातें कहीं।

आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ.प्रेमसाय सिंह भी चर्चा में शामिल हुए।सिंहदेव ने कहा कि पेसा पर सुझाव प्राप्त करने अनुसूचित क्षेत्रों वाले सभी 85 विकासखंडों के आदिवासी समाज और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। आनलाइन चर्चा के माध्यम से भी उनके विचार लिए जाएंगे। उनकी कोशिश है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र तक अलग-अलग स्तरों पर चर्चा का दौर पूर्ण कर पेसा के लिए नियमों का प्रारूप तैयार कर लिया जाए। इसके लिए पेसा के क्रियान्वयन से जुड़े अलग-अलग विभागों राजस्व, वन, खनिज, आदिवासी विकास, संस्कृति और पर्यावरण विभाग से भी चर्चा और समन्वय की जरूरत होगी।

सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने चर्चा के दौरान पेसा पर अमल के लिए आदिवासी सलाहकार समिति को सशक्त बनाए जाने के सुझाव किए। उन्होंने पेसा पर अमल के लिए आदिवासी समाज को चर्चा में शामिल करने और उनसे सुझाव लेने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सिंहदेव को धन्यवाद दिया। बैठक में सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष बीपीएस नेताम, कोषाध्यक्ष फूलसिंह नेताम, प्रांतीय सचिव आनंद टोप्पो और महिला प्रभाग की अध्यक्ष कमला देवी नेताम सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।

25-06-2020
Breaking: भूपेश सरकार ने दी यात्री बस चलाने की अनुमति, आदेश जारी 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के जिलों के भीतर और अंतर जिला (1 जिला से दूसरे जिला) आवागमन के लिए यात्री बस को तत्काल प्रभाव से राज्य में संचालन की अनुमति दी है।  परिचालन के लिए सरकार ने दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। इस संबंध में छत्तीसगढ़ परिवहन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक केवल निर्धारित स्टॉप पर ही वाहन का ठहराव होगा। बस में चढ़ते उतरते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। यात्रा के दौरान यात्रियों और चालकों को धूम्रपान, पान, गुटखा, खैनी खाना और थूकना प्रतिबंधित रहेगा।  विस्तृत जानकारी के लिए देखें आदेश की कॉपी

24-06-2020
निराश्रितों व अन्य राज्यों से आये श्रमिकों को निशुल्क भोजन व खाद्यान्न पैकेट वितरण जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की मंशानुरूप राज्य के सभी जिलों में गरीबों, अन्य स्थानों के श्रमिकों और निराश्रित लोगों को निःशुल्क भोजन व खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराए जाने का सिलसिला जारी है। कोरोना संक्रमण के कारण लॉक डाउन के कारण जरूरतमंदों की मदद के लिए राज्य भर में जगह-जगह लगाए गए राहत शिविरों में 23 जून को 55 हजार 191 जरूरतमंदों, श्रमिकों एवं निराश्रितों को निःशुल्क भोजन एवं खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराया गया। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मास्क, सैनिटाइजर एवं दैनिक जरूरत का सामान भी जिला प्रशासन, रेडक्रॉस तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की सहयोग से जरूरतमंदों को लगातार मुहैया कराया जा रहा हैं। जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 23 जून को स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से 1363 मास्क व सैनिटाइजर, साबुन आदि का वितरण जरूरतमंदों को किया गया है।

यह उल्लेखनीय है कि जिलों में प्रशासन ने समाजसेवी संस्थाओं एवं दानदाताओं के सहयोग से संचालित राहत शिविरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक 1 करोड़ 4 लाख 23 हजार 476 लोगों को निःशुल्क भोजन और खाद्यान्न पैकेट उपलब्ध कराया है। स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए अब तक 49 लाख 76 हजार 888 मास्क सैनिटाइजर एवं अन्य सामग्री का निःशुल्क वितरण जन सामान्य को किया गया है। प्रदेश में 23 जून को शासन एवं समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से बिलासपुर जिले में सर्वाधिक 13,799 लोगों को निःशुल्क भोजन और राशन प्रदाय किए जाने के साथ ही उन्हें कोरोना संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए मास्क व अन्य सामग्री का वितरण किया गया है। इसी तरह सुकमा जिले में 732, राजनांदगांव जिले में 274, रायगढ़ में 7975, बस्तर में 11,751, कांकेर में 1066, बीजापुर में 240, जशपुर में 8924, कोरिया में 84, बालोद में 54, कबीरधाम में 3310, बलौदाबाजार में 95, धमतरी में 1194, महासमुंद में 2409, बलरामपुर में 2850, कोरबा में 452, रायपुर में 118, कोण्डागांव में 607 तथा गरियाबंद में 2620 जरूरतमंदों को राशन और अन्य सहायता उपलब्ध करायी गई हैं।

23-06-2020
छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत बने गौठान आमदनी का जरिया बन रहे

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए महत्वाकांक्षी सुराजी गांव योजना के तहत बने गौठान अब ग्रामीणों की आमदनी का जरिया बन रहे हैं। गौठान गांव में बहुदेउद्देशीय केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इसके तहत नरवा को सुधारा जा रहा है, घुरवा में खाद का निर्माण और बाड़ी में सब्जी भाजी के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। गौठान में विभिन्न गतिविधियों के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को दायित्व सौंपे गए है। गौठान में महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से जैविक खाद का निर्माण, फेंसिंग पोल का निर्माण, सब्जी उत्पादन इत्यादि गतिविधियां संचालित की जा रही है।कांकेर जिले के नरहरपुर विकासखण्ड के ग्राम श्रीगुहान मे पिछले छः महीने से गौठान संचालित किया जा रहा है, जिसमें श्रीगुहान की जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की दस महिला सदस्यों द्वारा सब्जी उत्पादन किया जा रहा है, लॉकडाउन के समय में भी उनकी ओर से लगभग डेढ़ लाख रूपये की आमदनी प्राप्त की गई है। जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य अमिता वट्टी और अमोत्री सलाम ने बताया कि गौठान में सब्जी उत्पादन करने के लिए पंचायत के माध्यम से बोर खनन करवाया गया है। गौठान की जमीन में समूह की महिलाएं कड़ी मेहनत कर लौकी, करेला, बरबट्टी, चेचभाजी,लालभाजी, टमाटर, बैगन, धनिया इत्यादि सब्जी उत्पादन कर लोगों को घर पहुंच सुविधा के माध्यम से सब्जी बेचकर आय अर्जित कर रहीं हैं। स्व-सहायता समूह की सदस्यों की ओर से गौठान भूमि में हरा चारा का भी उत्पादन किया जा रहा है, जिससे पशुओं को ताजा एवं हरा चारा मिल रहा है। गौठान भूमि के डेढ़ एकड़ जमीन में जोताई का कार्य पंचायत के सहयोग से किया गया है अब सब्जी लगाने का कार्य फिर से शुरू किया जायेगा। स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने गौठान के निर्माण के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया है।

 

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