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16-11-2020
मुख्यमंत्री ने कहा-छत्तीसगढ़ सरकार लगातार बढ़ा रही पत्रकारों के लिए सुविधाएं

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार लगातार पत्रकारों के लिए सुविधाएं बढ़ा रही है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि की राशि दुगुनी करने के साथ ही इसके दायरे में अधिक से अधिक पत्रकारों को लाने के लिए पात्रता की शर्तें शिथिल की गई है। पहले हर माह पांच हजार रुपए दिए जाते थे,अब इसे बढ़ाकर दस हजार रुपए किया गया है। पात्रता के लिए आयु सीमा भी 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई है। पहले इस योजना में शामिल पत्रकारों की पात्रता की हर 5 वर्ष में समीक्षा की जाती थी। नए नियमों के तहत समीक्षा का प्रावधान समाप्त करते हुए अब इसे आजीवन कर दिया गया है। योजना में शामिल पत्रकारों को अक्टूबर-2019 से हर माह दस हजार रुपए की सम्मान निधि दी जा रही है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि योजना के फलस्वरूप दो वर्ष पूर्व जहां 8 वरिष्ठ पत्रकारों को योजना का लाभ मिल रहा था,अब यह संख्या 23 हो गई है।

राज्य शासन की निर्भीक और निष्पक्ष पत्रकारिता में मदद के लिए छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून तैयार करवाया जा रहा है। इसके लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, वरिष्ठ पत्रकार और महाधिवक्ता की 12 सदस्यीय समिति ने कानून का प्रथम प्रारूप तैयार किया। माह नवंबर-2019 में राज्य के पत्रकारों, पत्रकार संगठनों और आम नागरिकों की राय को शामिल कर इसका द्वितीय प्रारूप तैयार किया। द्वितीय प्रारूप पर आॅनलाइन सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। इसके आधार पर इस कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

 

 

02-11-2020
संविलियन अधिकार मंच ने मनाया जश्न,मुख्यमंत्री सहित सभी सहयोगियों का माना आभार

रायपुर। राज्य स्थापना दिवस पर छत्तीसगढ़ सरकार से मिली संविलियन की सौगात के लिए संविलियन अधिकार मंच ने भूपेश सरकार का आभार माना है। संविलियन अधिकार मंच कबीरधाम के सदस्यों ने भारत माता चौक में मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया। मुख्य रूप से मो. अकबर वन मंत्री छत्तीसगढ़ शासन और ममता चंद्राकर विधायक पंडरिया सहित मीडिया और उन सभी लोगों को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से संविलियन के लिए योगदान दिया है।

मंच के सदस्यों ने रंगोली सजाई और दीपमाला से संविलियन आभार लिखा। पटाखे भी जलाये और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई व शुभकामनाएं दी। संविलियन होने पर सभी ने प्रदेश संयोजक विवेक दुबे और उनकी टीम की सफल नेतृत्व के लिए खूब सराहना भी की। इस दौरान तामेश गजेन्द्र, वजन राम साहू, विद्यासागर यदु, नरेश कुमार श्रीवास, विवेक कुमार श्रीवास्तव, महेंद्र कुमार लांझी, राधेश्याम राय, राधेश्याम यादव, अंग नाथ कुंजाम, रवि चतुर्वेदी, संदीप सोनकर, कामराज सोनी, जितेंद्र राजपूत, टोमन सिंह ध्रुव, कुलेश्वर साहू उपस्थित थे।

31-10-2020
स्वामी आत्मानन्द शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना का शुभारंभ करेंगे सीएम स्थापना दिवस पर

रायपुर। प्रदेश में स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना का एक नवम्बर राज्योत्सव पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुभारंभ करेंगे। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए इस योजना के तहत अंग्रेजी माध्यम स्कूल प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। उत्कृष्ट शिक्षा का संकल्प लिए अंग्रेजी माध्यम के इन स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। इन स्कूलों में अत्याधुनिक लाइब्रेरी एवं लैब, कम्प्यूटर और साइंस लैब के साथ ही ऑनलाइन शिक्षा की भी पूरी सुविधा उपलब्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इन स्कूलों को विकसित करने हेतु 130 करोड़ रूपए प्रदान किए गए हैं। शिक्षा हर समाज और देश की प्रगति का प्रतिबिम्ब है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सकारात्मक सोच से छत्तीसगढ़ सरकार ने उन परिवारों के सपनों को साकार करने का बीड़ा उठाया है,जो कमजोर आर्थिक स्थिति की वजह से अपने बच्चों को महंगे अंग्रेजी निजी स्कूलों में शिक्षा दिलाने में समर्थ नहीं थे।

छत्तीसगढ़ शासन ने गरीब परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों के बेहतर शिक्षा के प्रबंध में एक और कड़ी को शामिल कर लिया है। यह कड़ी अंग्रेजी मीडियम के सरकारी स्कूल हैं, जहां बच्चों को मुफ्त में राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा अंग्रेजी माध्यम से दिए जाने की पहल शुरू कर दी गई है। छत्तीसगढ़ जैसे हिन्दी भाषी राज्य के छात्रों की प्रतिभा को निखारने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की सभी प्रकार की प्रतियोगिताओं के काबिल बनाने के उद्देश्य से अंग्रेजी मीडियम में अध्ययन-अध्यापन को बढ़ावा देने के लिए स्वामी आत्मानंद के नाम से इंग्लिश मीडियम के स्कूल की शुरूआत की गई है। प्रथम चरण राज्य में 52 इंग्लिश मीडियम स्कूल राज्य में शुरू किए जा रहे हैं। आगामी शिक्षा सत्र से 100 और नये इंग्लिश मीडियम स्कूल ब्लॉक मुख्यालयों में खोले जाएंगे। यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में जन्मे स्वामी आत्मानंद की स्मृति को अक्षुण्य बनाए रखने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके नाम से इंग्लिश मीडियम में राज्य के बच्चों को सहजता से शिक्षा उपलब्ध कराने की सराहनीय पहल की है। स्वामी आत्मानंद ने अपनी प्रतिभा एवं शिक्षा की बदौलत आईएएस के रूप में चयनित होकर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया था। स्वामी आत्मानंद आजीवन जनकल्याण के कार्यों में लगे रहे और पीड़ित मानवता की सेवा का संदेश दिया। उनके सपनों को साकार करने छत्तीसगढ़ सरकार ने गुणवत्ता युक्त शिक्षा की अलख जगाकर ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल योजना के माध्यम से प्रदेश के 52 शासकीय विद्यालयों को सर्व सुविधायुक्त अंग्रेजी स्कूलों में उन्नत किया है।

वर्तमान शैक्षणिक सत्र से अंग्रेजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों और उनके पालकों के चेहरों पर मुस्कान है। अब उनकी आर्थिक मजबूरियां शिक्षा में अवरोध नहीं बनेगी, यह आत्मविश्वास और सुकून उन्हें है। इन स्कूलों की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं की वजह से निम्न आय वर्ग के साथ ही चिकित्सक, शासकीय सेवाओं में संलग्न अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक, व्यवसायी सभी अपने बच्चों का भविष्य संवारने इन स्कूलों में दाखिला करवा रहे हैं।
बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शैक्षणिक वातावरण में खेल एवं कलात्मक गतिविधियों से बच्चों में उनकी रचनात्मकता-भौतिकता को नया आयाम देने सुविधायुक्त खेल मैदान, एम्फीथिएटर जैसी व्यवस्थाएं की गई हैं। खूबसूरत डिजाइन में तैयार विद्यालय भवन भी बच्चों को प्रेरित कर आत्म सम्मान का भाव विकसित करे, इसके लिए भवन की डिजाइन भी आकर्षक है। ऐसे प्राचार्यों का चयन किया है जो न केवल पढ़ाई और प्रबंधन में विशेष योग्यता हासिल किए है बल्कि उनमें अपनी संस्था को सर्वोत्तम बनाने का जज्बा भी है। इन उत्कृष्ट स्कूलों में गुणवत्ता हेतु जिलों को स्वायत्तता प्रदान की गई है जिससे स्कूल के प्रबंधन और शिक्षकों का चयन सावधानी पूर्वक किया जा सके। उन्हें ऑनलाइन उत्कृष्ट प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है। कोविड-19 के चलते जहां शासन द्वारा सभी स्कूल बंद है। वहीं इन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाओं के साथ ही खेल, कला, सांस्कृतिक सहित अन्य गतिविधियां भी संचालित की जा रही है। गुणवत्तायुक्त अध्ययन और स्कूल प्रबंधन को अनुशासित स्वरूप देने उत्कृष्ट शिक्षक चयनित किए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रारंभ किए गए इन उत्कृष्ट विद्यालयों के बारे में पालकों, शिक्षकों और बच्चों की राय है कि छत्तीसगढ़ सरकार के इस महत्वपूर्ण कदम से अब समाज का हर वर्ग, पूर्ण समानता के साथ अपने सपनों को साकार करेगा और बच्चों का भविष्य स्वर्णिम होगा।

31-10-2020
गौठानों से जुड़ी महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी बढ़ाने का जरिया बन गई है गोधन न्याय योजना

रायपुर। भूपेश भघेल की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना ग्रामीणों, किसानों, गौपालकों के साथ-साथ गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी में सहारा बन गई है। इस योजना के तहत गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों व पशुपालकों, चरवाहों को हर पखवाड़े में अच्छी खासी आमदनी हो रही है, जिसके चलते उनकी दैनिक जीवन की जरूरतें सहजता से पूरी होने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस बहुआयामी व लाभकारी योजना ने देश-दुनिया को आकर्षित किया है। छत्तीसगढ़ राज्य में पशुपालन व जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह योजना वर्तमान में ग्रामीणों के बीच सर्वाधिक लोकप्रिय हो गई है। इस योजना का लाभ उठाकर प्रदेश के पशुपालक, चरवाहा और स्व-सहायता समूह की महिलाएं स्व-रोजगार एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर होने लगे हैं। इस योजना के क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता निभाने वाले जिला प्रशासन द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करने का सिलसिला भी शुरू किया गया है। आज बेमेतरा के कृषि महाविद्यालय ढोलिया में आयोजित ई-मेगा कैम्प में जिला सत्र न्यायाधीश एवं कलेक्टर शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर पशुपालकों और चरवाहों को बधाई और शुभकामनाएं दी तथा योजना की सफलता के लिए सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। इस मौके पर उन्होंने ग्राम रामपुर (भांड) के चरवाहा और पशुपालक रमेश यादव व घनश्याम को योजना से हुए लाभ का प्रमाण पत्र प्रदान किया।
गोधन न्याय योजना के माध्यम से बेमेतरा जिले के गाम रामपुर के चरवाहा रमेश यादव को अब तक कुल 55 हजार रूपए से अधिक की राशि गोबर बेचने के एवज में मिल चुकी है, जिससे उन्होंने नई मोटरसाइकिल क्रय करने के साथ ही अपने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 5 भैंसें खरीदी हैं। चरवाहा  रमेश यादव दुग्ध व्यवसाय से जुड़े हैं, जिससे उन्हें हर महीने अच्छी खासी आमदनी होने लगी हैं। गोधन न्याय योजना शुरू हो जाने से उन्हें गोबर बेचने से अतिरिक्त लाभ होने लगा है। रामपुर गांव के ही प्रगतिशील कृषक घनश्याम यादव ने 35 भैंसें पाल रखी हैं, दूध बेचकर वह रोजाना अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। गोधन न्याय योजना से अब तक घनश्याम को कुल 26 हजार रूपए से अधिक का लाभ हुआ। इस राशि से वह नई कुट्टी-दाना मशीन खरीदने की योजना बनाए हैं। चरवाहा रमेश व कृषक घनश्याम के पशुपालन व्यवसाय से प्रभावित होकर रामपुर गांव सहित आसपास के ग्रामीण भी पशुपालन व दुग्ध व्यवसाय को अपनाने लगे हैं।

27-10-2020
छत्तीसगढ़ में कोरोना संकट के बावजूद त्यौहार पर वाहनों की जमकर खरीदी,इस साल ज्यादा बिके ट्रैक्टर और कार

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की कोरोना काल में आर्थिक विकास को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अपनाई गई रणनीति के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। संकट के बावजूद प्रदेश के त्यौहारी बाजार में अच्छी रौनक दिख रही है। वाहन बाजार से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले नवरात्रि की तुलना में इस बार की नवरात्रि में ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्र के लोगों ने जमकर वाहनों की खरीदी की है। वर्ष 2019 में नवरात्र के दौरान जहां 417 एग्रीकल्चर ट्रैक्टर बिके थे,वहीं इस साल 679 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई। इसी तरह कमर्शियल ट्रेक्टर पिछले साल 28 बिके थे, जबकि इस साल यह संख्या 35 रही। यह आंकड़ा ग्रामीण क्षेत्रों में आ रही समृद्धि और किसानों में बढ़ते आत्मविश्वास को दर्शाता है। इसी तरह मोटर कार की बिक्री में भी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछली नवरात्र को जहां 2426 मोटर कार लोगों ने खरीदी थीं, वहीं इस बार 2795 मोटर कारों की बिक्री हुई। यदि हार्वेस्टर की बात करें तो पिछले नवरात्रि में मात्र एक हार्वेस्टर की बिक्री हुई थी, जबकि इस नवरात्रि में 24 लोगों ने हार्वेस्टर की खरीदी की है। गांवों की तरह शहरी क्षेत्रों में भी लोगों में उत्साह और आत्मविश्वास का वातावरण बना हुआ है। कोरोनाकाल के बाद तेजी से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था संवर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की जेब में पैसा डालने इसे असर माना जा सकता है।
एक ओर जहां पूरे देश में आर्थिक मंदी और बेरोजगारी का माहौल देखा जा सकता है वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से कोरोना काल में लिए गए सकारात्मक और दूरदर्शी निर्णय का परिणाम उपलब्धियों के रुप में देश में सुर्खियां बटोर रहा है। किसानों के खाते में संकट के समय पैसा डालने, लॉकडाउन में उद्योग का संचालन सुचारू रखकर रोजगार के अवसर को बनाए रखने, मनरेगा के माध्यम से सर्वाधिक रोजगार देने जैसे अभिनव प्रयासों का ही यह असर है कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पूरी रफतार से गतिमान रही। राज्य में मंदी का असर नहीं पड़ा। अनलॉक होने के बाद जब बाजार खुले तो व्यवसाय में भी तेजी से रौनक आई और त्योहार का सीजन आने के साथ खरीददारी भी बढ़ गई। इस नवरात्रि में गत नवरात्रि की अपेक्षा अधिक संख्या में कृषि कार्य के लिए ट्रैक्टर, कार और हार्वेस्टर की बिक्री से इसे देखा जा सकता है।

22-10-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष सत्र पर कहा-छत्तीसगढ़ सरकार बहुमत का दुरुपयोग कर रही

रायपुर। भाजपा के पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि विधानसभा के विशेष सत्र का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस की प्रदेश सरकार बहुमत का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई विशेष मामला हो तो उस समय विशेष सत्र बुलाया जाता है। कही बाढ़ आई हो, विकास रूकने की स्थिति हो या युद्ध का समय हो, ऐसी स्थिति में बुलाया जाना चाहिए। यदि बुलाना हो तो सत्र 10 दिन का बुलाए और रेत, शराब, बलात्कार, हत्या, कोकीन सब पर चर्चा कराई जाए।  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र के कानून को निष्प्रभावी करने का अधिकार किसी को नहीं। केंद्र का कानून लागू न करने से छत्तीसगढ़ के किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह तानाशाह हो गई है। मुझे तो लगता है कि छत्तीसगढ़ में 1 मुख्यमंत्री नहीं प्रदेश में 27 मुख्यमंत्री है। यहां कोई कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि कूपमंडूकता से बहार निकलकर पूरे देश के बारे में सोचना चाहिए। छत्तीसगढ़ में एथेनॉल प्लांट ने ही अधिक मात्रा में धान मांगना शुरू किया तो प्रदेश के राशन में कमी हो जाएगी। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार का नया कृषि कानून का प्रयास, खोदा पहाड़ निकली चुहिया होगा।

 

21-10-2020
Breaking: छत्तीसगढ़ विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र 27 और 28 अक्टूबर को, अधिसूचना जारी

रायपुर। आखिरकार राजभवन और भूपेश सरकार के मध्य सहमति बन गई है। इसके बाद ही विधानसभा सचिवालय ने विशेष सत्र के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। छत्तीसगढ़ सरकार केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों से अलग प्रदेश के किसानों के लिए कानून बनाने जा रही है। इसकी घोषणा कैबिनेट की बैठक के बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने मीडिया के समक्ष की थी। इसके बाद से प्रदेश में राजनीतिक गलियारे में काफी गहमा-गहमी का माहौल था। एक ओर प्रदेश सरकार केन्द्र सरकार के कृषि कानूनों को किसान विरोधी बता कर विरोध कर रही है तो दूसरी ओर प्रदेश सरकार को घेरने विपक्ष कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। कैबिनेट की बैठक में विधानसभा के विशेष सत्र के ऐलान के बाद से विपक्षी पार्टी भाजपा की ओर से प्रदेश सरकार को घेरना शुरू हुआ। विपक्षी नेता राजभवन कूच किए। लगातार विशेष सत्र की अनुमति नहीं देने की मांग की गई। गत दिन ही राज्यपाल ने फाइल लौटाई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकारवार्ता में कहा था कि राज्यपाल से फिर बात की जाएगी। इस सबके बीच बुधवार को विधासभा सचिवालय से जारी अधिसूचना ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले को लेकर जारी तकरार थम गई है। विधानसभा का विशेष सत्र इस माह की 27 और 28 तारीख को होगा। इसकी तैयारी विधानसभा सचिवालय ने शुरू कर दी है। प्रमुख सचिव विधानसभा चंद्रशेखर गंगराड़े ने कहा है कि यह छत्तीसगढ़ की पांचवी विधानसभा का आठवां सत्र होगा। पूरे सत्र में दो बैठकें होगी। इस सत्र में शासकीय कार्य संपादित किए जाएंगे।

 

 

21-10-2020
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है भूपेश सरकार

रायपुर। सरकार के सहयोग से नए-नए क्षेत्रों में महिलाएं अपना रोजगार का साधन बना रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त व स्वावलंबी बनाने स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रशिक्षण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके उत्पादों को घर-घर तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है। स्वसहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए मल्टी-यूटिलिटी सेंटर और गौठानों में जगह व संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बिहान की विभिन्न गतिविधियों से प्रदेश की महिलाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। आमदनी बढ़ने से परिवार की माली स्थिति अच्छी होने के साथ बच्चों की बेहतर परवरिश और पढ़ाई-लिखाई भी हो रही है।    
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा टिकाऊ (Sustainable) कृषि को बढ़ावा देने के लिए संचालित समुदाय आधारित संवहनीय कृषि परियोजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को जोड़ा गया है। इसके माध्यम से तीन लाख 76 हजार महिलाएं खेती और पशुपालन कर रही हैं। इन कार्यों में सहायता और मार्गदर्शन के लिए 4110 कृषि सखी एवं 4052 पशु सखी को प्रशिक्षित किया गया है। महिला किसानों के उत्पादों के मूल्य संवर्धन एव विपणन के लिए पांच कृषक उत्पादक संगठन भी बनाए गए हैं। इनमें दस हजार 394 उत्पादकों को जोड़ा गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2020-21 में इन संगठनों द्वारा अब तक कुल एक करोड़ 62 लाख रूपए का व्यवसाय किया जा चुका है।

 

20-10-2020
Breaking: छत्तीसगढ़ सरकार वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी समर्थन मूल्य पर खरीदेगी धान,निर्देश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के वनाधिकार पट्टाधारी किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में वन अधिकार पट्टाधारी किसानों से भी समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर खाद्य विभाग की ओर से वन अधिकार पट्टा वाले किसानों के पंजीयन के लिए साफ्टवेयर में आवश्यक प्रावधान किया जा रहा हैं। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने ऐसे वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को जारी किए हैं, जिन्होंने अपने पट्टे की भूमि पर धान की फसल बोई है। जिला कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदने के लिए किसान पंजीयन का कार्य प्रचलित है। किसान पंजीयन के संबंध में अब ऐसे किसान जिनके पास वन अधिकार पट्टा है और उन्होंने इस भूमि पर धान की फसल बोई है उनका भी धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन किया जाए। जिले में ऐसे कुल किसानों की संख्या और धान का कुल रकबा की जानकारी से एनआईसी और विभाग को ई-मेल और पत्र के माध्यम से अवगत कराया जाए। निर्देश में बताया गया है कि साफ्टवेयर में वन अधिकार पट्टा वाले किसानों के पंजीयन के लिए आवश्यक प्रावधान किया जा रहा है।
विभागीय साफ्टवेयर के अनुसार 1288 समितियों में से अभी भी 20 समितियों में किसान पंजीयन का कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। इनमें बलरामपुर में 10, सरगुजा और सूरजपुर में 3-3, कवर्धा में 2, रायगढ़ और नारायणपुर में एक-एक समितियां है। इन समितियों में भी किसान पंजीयन का कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने और पिछले साल के कैरी फारवर्ड किसानों के खसरा प्रविष्टी के कार्य में तेजी लाने के निर्देश कलेक्टरों को दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर तक निर्धारित है।

 

 

15-10-2020
छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से शुरू होगी फोर्टिफाइड राइस वितरण योजना,मुख्यमंत्री ने बजट भाषण में की थी घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार एक नवंबर राज्य स्थापना दिवस से फोर्टिफाइड राइस वितरण की अभिनव योजना शुरू करने जा रही है। आयरन और विटामिन से युक्त फोर्टिफाइड राईस वितरण की यह योजना राज्य के कोंडागांव जिले में पायलट प्रोेजेक्ट के रूप में शुरू होगी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2020-21 के अपने बजट भाषण में इस योजना को प्रारंभ करने की घोषणा की थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ 80 लाख रूपए का बजट प्रावधान भी किया गया है।गौरतलब है कि फोर्टिफाइड राइस में लौह तत्व, विटामिन बी-12 और फोलिक एसिड युक्त फोर्टिफाइड राइस करनेल (एफआरके) का मिश्रण होता है। जो लोगों को खुराक में आवश्यक पोष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण के नियंत्रण में काफी मददगार साबित होगा। इस राइस का वितरण कोंडागांव जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत किया जाएगा। इस राईस का भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) की ओर से निर्धारित मापदंड अनुसार वितरण किया जाएगा।

कोंडागांव जिले में पीडीएस और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत समस्त चावल को फोर्टिफाइड कर वितरित किया जाएगा। फोर्टिफाइड राईस तैयार करने लिए दो राइस मिल को राइस ब्लेडिंग कार्य सौंपा गया है। कोंडागांव जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 1 लाख 11 हजार 217 राशनकार्ड और राज्य योजना के तहत 23 हजार 204 राशनकार्ड इस तरह कुल 1 लाख 34 हजार 421 राशनकार्ड प्रचलित है। इस जिले में चावल का कुल वार्षिक आवंटन 60 हजार 188 टन है। इसमें पीडीएस चावल का 55 हजार 068 टन है। कल्याणकारी योजना, मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार आदि योजनाओं का वार्षिक आबंटन 5 हजार 120 टन है।

 

13-10-2020
आम आदमी पार्टी ने राजधानी के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक पर हत्या के विरोध में किया आंदोलन का ऐलान 

रायपुर। आम आदमी पार्टी के प्रदेश सहसंयोजक आशुतोष पांडे ने कहा है कि राजधानी रायपुर के हृदय स्थल जयस्तंभ चौक पर हत्या होना छत्तीसगढ़ सरकार के लिए शर्मनाक है। पूरे प्रदेश में दहशत का माहौल है। लूट,भय, भ्रष्टाचार का बोलबाला है,जनता भयभीय है। मृतक इरशाद अहमद कोंडागांव निवासी पत्रकार इसरार अहमद का छोटा भाई था। आशुतोष पांडे ने आरोप लगाया है कि यह सब भूपेश बघेल सरकार में बैठे जनप्रतिनिधियों की शह पर हो रहा है। जयस्तंभ चौक में इस तरह हत्या हो जाने से स्पष्ट है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था लचर हो चुकी है। इस शासन में कब किसकी हत्या हो जाएगी कुछ कहा नहीं जा सकता। प्रदेश में कानून व्यव्स्था की  धज्जियां उड़ाई जा रही है। सरकार खामोश है, ऐसी स्थिति में प्रजातंत्र पर खतरा पैदा हो गया है।  आम आदमी पार्टी ऐसी सरकार और प्रदेश में हो रही लोकतंत्र की हत्या के विरोध में जनांदोलन की घोषणा करती है। बुधवार से प्रदेश में क्रमबद्ध सरकार की विफलता, ध्वस्त कानून व्यवस्था, गुंडाराज,भ्रष्टाचार, भय के राज के विरुद्ध आंदोलन जिला स्तर तक किया जाएगा।

10-10-2020
पत्रकार सुरक्षा कानून की प्रक्रिया अंतिम चरण में,छत्तीसगढ़ सरकार लगातार कर रही है सुविधाओं में इजाफा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों के लिए लगातार बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। जनसंपर्क विभाग की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं की पात्रता और प्रावधानों में संशोधन कर ज्यादा से ज्यादा पत्रकारों को इनके दायरे में लाया जा रहा है। प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। सरकार ने पत्रकारों के कल्याण के लिए पिछले वर्ष ही वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि को पांच हजार रूपए से बढ़ाकर दस हजार रुपए प्रति माह किया है। अधिमान्यता नियमों में संशोधन कर विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। पत्रकार कल्याण कोष से जरुरतमंद पत्रकारों को आर्थिक सहायता की सीमा को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए किया गया है। राज्य शासन के श्रम विभाग ने पत्रकारों के हित में उनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का आदेश जारी किया है।

प्रदेश में कार्यरत पत्रकारों को श्रमजीवी पत्रकार के रूप में पहचान देने और उनके काम में सहूलियत के लिए साल भर पहले नए अधिमान्यता नियम लागू किए गए हैं। मीडिया के बदलते स्वरूप को देखते हुए टीवी चैनलों, वेब-पोर्टल, समाचार पत्रिका और समाचार एजेंसी के पत्रकारों को भी अधिमान्यता देने का प्रावधान किया गया है। मीडिया संस्थानों के लिए अधिमान्यता कोटा करीब-करीब दुगुना कर दिया गया है। नए नियमों के तहत राज्य में पहली बार विकासखंड स्तर के पत्रकारों के लिए भी अधिमान्यता का प्रावधान किया गया है। साथ ही लंबे समय तक इस पेशे में रहे सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए दीर्घकालिक सेवा पत्रकार अधिमान्यता भी शुरू किया गया है। नए अधिमान्यता नियमों के फलस्वरूप वर्तमान में 233 राज्य स्तरीय और 287 जिला स्तरीय अधिमान्य पत्रकार हैं।
पत्रकारों को गंभीर बीमारी के इलाज, वृद्धावस्था में आर्थिक संकट, दैवीय विपत्ति जैसी परिस्थितियों में मदद का दायरा बढ़ाने के लिए पत्रकार कल्याण कोष के नियमों में पिछले वर्ष व्यापक परिवर्तन किए गए हैं। नए नियमों के तहत अब आर्थिक सहायता की सीमा 50 हजार रुपए से बढ़ाकर दो लाख रुपए कर दी गई है। साथ ही दंगों, बाढ़ जैसी विषम परिस्थितियों में समाचार कवरेज के दौरान कैमरा और अन्य उपकरणों के नुकसान पर भी आर्थिक मदद का प्रावधान नए नियम में जोड़ा गया है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश के 49 पत्रकारों को साढ़े 41 लाख रुपए से अधिक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई है।वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि की राशि दुगुनी करने के साथ ही इसके दायरे में अधिक से अधिक पत्रकारों को लाने के लिए पात्रता की शर्तें शिथिल की गई हैं। योजना के तहत पहले जहां हर माह पांच हजार रूपए दिए जाते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर दस हजार रुपए कर दिया गया है। पात्रता के लिए आयु सीमा भी 62 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई है। पहले इस योजना में शामिल पत्रकारों की पात्रता की हर पांच वर्ष में समीक्षा की जाती थी। नए नियमों के तहत समीक्षा का प्रावधान समाप्त करते हुए अब इसे आजीवन कर दिया गया है। योजना में शामिल पत्रकारों को अक्टूबर-2019 से हर महीने दस हजार रुपए की सम्मान निधि दी जा रही है। वरिष्ठ मीडियाकर्मी सम्मान निधि योजना के फलस्वरूप दो वर्ष पूर्व जहां 8 वरिष्ठ पत्रकारों को योजना का लाभ मिल रहा था, अब यह संख्या 23 हो गई है।
राज्य शासन की ओर से निर्भीक एवं निष्पक्ष पत्रकारिता में मदद के लिए छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून तैयार करवाया जा रहा है। इसके लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता में समिति बनाई गई है। उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, वरिष्ठ पत्रकार और महाधिवक्ता की 12 सदस्यीय समिति ने कानून का प्रथम प्रारूप तैयार कर माह नवंबर-2019 में राज्य के पत्रकारों, पत्रकार संगठनों और आम नागरिकों की राय को शामिल कर इसका द्वितीय प्रारूप तैयार किया है। अभी इसके द्वितीय प्रारूप पर आनलाइन सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं जिसके आधार पर इस कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा। पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

 

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