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16-04-2021
छत्तीसगढ़ सरकार ने केन्द्र से जल्द मांगे 285 वेटिंलेटर,अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने लिखा पत्र

रायपुर। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के मद्देनजर केन्द्र सरकार से 285 वेटिंलेटर जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की है। राज्य की अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण रेणु जी. पिल्ले ने 12 अप्रैल को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय केन्द्र सरकार के सचिव को पत्र भेजा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि छत्तीसगढ़ को भारत सरकार से पिछले वर्ष 230 वेटिंलेटर प्राप्त हुए थे। राज्य सरकार की ओर से  प्रदेश के सभी जिलों में ऑक्सीजनयुक्त बेड और आईसीयू की सुविधावृद्धि के लिए समुचित उपाय किए जा रहे हैं। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने पत्र में उल्लेख किया है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में कोविड-19 के अपेक्षित मामलों की अनुमानित संख्या को देखते हुए अप्रैल 2021 के अंत में प्रत्येक कोविड अस्पताल में वेटिंलेटर की आवश्यकता का आंकलन किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए वर्तमान में राज्य में 285 वेटिंलेटर की अतिरिक्त आवश्यकता है। इसे जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

 

11-04-2021
वैक्सीन लगवाने भारत सरकार को नियमों में बदलाव करना चाहिए :  विकास उपाध्याय

रायपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व छत्तीसगढ़ सरकार में संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने वैक्सीनेशन पर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए भारत सरकार को अपने नियमों में अब बदलाव करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर भारत के कुछ राज्यों में आ चुकी है। पहली लहर के मुक़ाबले अब कोरोना तेज़ी से फैल रहा है। विकास उपाध्याय ने कहा कि लोगों में एंटी बॉडी कम है। जहां हॉट स्पॉट बनने का खतरा ज्यादा है।

इस वजह से उन इलाकों में सभी आयु वर्ग के लिए वैक्सीनेशन की इजाजत सरकार को अब देनी चाहिए। इससे दूसरी लहर पर काबू जल्द पाया जा सकता है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि फिलहाल जिस रफ़्तार से भारत में वैक्सीन लग रही है। सभी लोगों को टीका लगने में तीन साल का वक्त लग सकता है। उम्र की सीमा हटा कर इस समय सीमा को और कम किया जाना ही उचित होगा। उन्होंने कहा है कि भारत में केवल 5 फीसदी आबादी को ही अभी तक वैक्सीन लग पाई है, जबकि ब्रिटेन में 50 फीसदी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है। इसराइल में भी वैक्सीनेशन की रफ्तार अच्छी है। इस वजह से वहां मामले कंट्रोल में भी हैं। भारत को ऐसे देशों से सीखना चाहिए।

26-03-2021
बगैर मास्क या फेसकवर के पाएं गए तो खैर नहीं, देना पड़ेगा 500 रुपए का जुर्माना

रायपुर। कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सार्वजनिक स्थलों में बगैर मास्क या फेसकवर के पाए जाने पर 500 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने इसके लिए महामारी रोग अधिनियम-1897 के तहत पूर्व में जारी अधिसूचना में संशोधन का आदेश जारी कर दिया है। कोरोना महामारी से बचाव के लिए लोगों से मास्क लगाकर ही अपने घरों से बाहर निकलने, सोशल और फिजिकल डिस्टेसिंग का कड़ाई से पालन करने कहा गया है।

22-03-2021
प्रदेश के 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि और अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन की दरें निर्धारित

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत प्रदेश के 45 अनुसूचित नियोजनों, कृषि नियोजन और अगरबत्ती नियोजन में कार्यरत श्रमिकों के लिए न्यूनतम मूल्य वेतन व परिवर्तनशील महंगाई भत्ता की दरें निर्धारित कर दी हैं। एक अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2021 तक अकुशल, अर्धकुशल, कुशल और उच्चकुशल श्रमिकों को शासन की ओर से निर्धारित अलग-अलग श्रेणी में न्यूनतम मूल वेतन और परिवर्तनशील महंगाई भत्ते प्रदान किए जाएंगे। 
उल्लेखनीय है कि श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन की ओर से न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के अंतर्गत श्रमिकों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण लेबर ब्यूरो शिमला से जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वर्ष में दो बार (एक अप्रैल एवं एक अक्टूबर) किया जाता है। छत्तीसगढ़ शासन में श्रमायुक्त एलेक्स पॉल मेनन ने विभिन्न अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए 1 अप्रैल 2020 से परिवर्तनशील महंगाई भत्ता निर्धारित किया है।

श्रमायुक्त छत्तीसगढ़ शासन में अकुशल श्रमिक श्रेणी अ के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ता के साथ प्रतिमाह 9720 रुपए अथवा प्रतिदिन 374 रुपए , श्रेणी ब के तहत प्रतिमाह 9460 रुपए  अथवा प्रतिदिन 364 रुपए  और स श्रेणी के तहत प्रतिमाह 9200 रुपए  अथवा प्रतिदिन 354 रुपए  न्यूनतम मूल वेतन का प्रावधान किया है। 

इसी प्रकार अर्धकुशल श्रमिकों में श्रेणी अ के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ता के साथ 10370 रुपए  अथवा प्रतिदिन 399 रुपए , ब श्रेणी के तहत 10110 रुपए  अथवा प्रतिदिन 389 रुपए  और स श्रेणी के तहत 9850 रुपए  अथवा प्रतिदिन 379 रुपए  देय होगा। कुशल श्रमिकों में श्रेणी अ तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ता के साथ प्रतिमाह 11150 रुपए  अथवा प्रतिदिन 429 रुपए , ब श्रेणी के तहत प्रतिमाह 10890 रुपए  अथवा प्रतिदिन 419 रुपए  और स श्रेणी के तहत प्रतिमाह 10630 रुपए  अथवा प्रतिदिन 409 रुपए  तय किया गया है। 
इसी तरह उच्चकुशल श्रमिकों में अ श्रेणी के तहत परिवर्तनशील महंगाई भत्ता के साथ प्रतिमाह 11930 रुपए अथवा प्रतिदिन 459 रुपए , ब श्रेणी के तहत प्रतिमाह 11670 रुपए अथवा प्रतिदिन 449 रुपए और स श्रेणी के तहत प्रतिमाह 11410 रुपए  अथवा प्रतिदिन 439 रुपए  का दर निर्धारित की गई है।

कृषि कार्यों में नियोजित श्रमिकों के लिए एक अप्रैल 2020 से 30 सितंबर 2021 के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता के साथ न्यूनतम मूल वेतन प्रतिमाह 7845 रुपए  अथवा प्रतिदिन 262 रुपए  का दर निर्धारित की गई है। अगरबत्ती उद्योग में नियोजित श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते 3.66 रुपए  प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण में निर्धारित की गई है। प्रति एक हजार अगरबत्ती रोल करने पर श्रमिकों को 30 रुपए  62 पैसे और वहीं साधारण सुगंधित अगरबत्ती रोल करने पर 31 रुपए 32 पैसे की दर निर्धारित की गई है। प्रभावशील न्यूनतम वेतन की दरें राज्य शासन के श्रम विभाग की वेबसाइट www.cglabour.nic.in पर भी उपलब्ध है।

21-03-2021
किसानों, गरीबों, मजदूरों की मदद में सबसे आगे हैं छत्तीसगढ़ सरकार : राहुल गांधी

रायपुर। लोकसभा सांसद राहुल गांधी ने कहा है कि किसानों, गरीबों और मजदूरों की मदद करने में छत्तीसगढ़ सरकार सबसे आगे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार एक के बाद एक अच्छे कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ की सरकार ने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा कर रही है। लोकसभा सांसद राहुल गांधी आज वर्चुअल रूप से राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं गोधन न्याय योजना के तहत मुख्यमंत्री निवास रायपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य के 19 लाख किसानों के खाते में 1104 करोड़ 27 लाख रूपए की राशि अंतरित की। यह राशि राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को चौथी किश्त के रूप में दी गई है, जिसे मिलाकर किसानों को एक साल में कुल 5628 करोड़ रुपए की राशि आदान सहायता के रूप में दी गई है। किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपए की आदान सहायता दिए जाने के अपने वायदे को छत्तीसगढ़ सरकार ने आज चौथी किश्त देकर पूरा कर दिया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मौके पर छत्तीसगढ़ सरकार की बहुआयामी गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के एक लाख 62 हजार से अधिक पशुपालकों एवं ग्रामीणों से बीते एक माह में क्रय किए गए गोबर के मूल्य के एवज 7 करोड़ 55 लाख रुपए की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की। उल्लेखनीय है कि 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व के दिन से शुरू हुई गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के पशुपालकों एवं ग्रामीणों को अब तक 88 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। 

मुख्यमंत्री आवास कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री  रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडि़या, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, संसदीय सचिव शिशुपाल सोरी और शकुन्तला साहू, राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष राम गोपाल अग्रवाल और अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टीएस सिंहदेव, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत और राज्य सभा सांसद पी एल पुनिया कार्यक्रम से वर्चुअल जुड़े।

23-02-2021
अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले यात्रियों की होगी कोविड स्क्रीनिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग, निर्देश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अन्य राज्यों से विभिन्न माध्यमों से छत्तीसगढ़ आ रहे यात्रियों की कोविड स्क्रीनिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी कमिश्नरों और जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी निर्देशों में कहा गया है कि देश में कोरोना संक्रमण प्रभावित व्यक्तियों की संभावित वृद्धि को देखते हुए विभिन्न माध्यमों से अन्य राज्यों से छत्तीसगढ़ आ रहे यात्रियों की कोविड स्क्रीनिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग की व्यवस्था की जाए। रायपुर व जगदलपुर (बस्तर) एयरपोर्ट पर विशेष रूप से मुबंई और दिल्ली से आने वाले यात्रियों सहित सभी यात्रियों की निर्धारित एसओपी अनुसार निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। विशेषकर महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व दिल्ली से सड़क और रेल मार्ग से आने वाले यात्रियों की भी कोविड स्क्रीनिंग व कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए आवश्यक व्यवस्था रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और अंतर्राज्यीय एंट्री पॉइंट पर की जाए।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए प्रदेशवासियों से कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूर्व में जारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जब तक हम कोरोना पर विजय प्राप्त नहीं कर लेते तब तक इससे बचने के लिए मास्क पहने, सोशल और फिजिकल डिस्टेंस का पालन करें। थोड़ी-थोड़ी देर में हाथों को धोते रहें। इन उपायों का पालन करने से ही हम अपने प्रदेश में कोरोना को रोकने में काफी हद तक सफल हुए हैं। आगे भी इनका कड़ाई से पालन करते हुए कोरोना संक्रमण की रोकथाम कर सकेंगे।

23-02-2021
विधानसभा सत्र : दो साल में छत्तीसगढ़ सरकार ने आरबीआई से लिया 36 हजार करोड़ का कर्ज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सत्र में शुरुआत से वाद-विवाद का दौर शुरू हो चूका है। इसी कड़ी में भाजपा से शिवरतन शर्मा ने कांग्रेस से पूछा कि दिसंबर 2018 से जनवरी 2021 तक राज्य सरकार के कितना-कितना ऋण किस-किस एजेंसी से कब-कब लिए? इस सवाल पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब देते हुए पूरा डिटेल बताया। उन्होंने कहा- छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते दो सालों के दौरान भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से बाजार ऋण, नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि, केन्द्र सरकार के माध्यम से जीएसटी ऋण और एशियन डेवलपमेंट/विश्व बैंक से कुल 36,170 करोड़ ऋण लिया है। बीजेपी विधायक शिवरतन शर्मा ने पूछा राजस्व व्यय और पूँजीगत व्यय कितना किया गया? इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि यह बता पाना मुमकिन नहीं है। सरकार जरूरत के हिसाब से राशि खर्च करती है। शिवरतन शर्मा ने इस पर पूछा कि राज्य सरकार के कर्ज लेने की अधिकतम सीमा क्या है? भूपेश बघेल ने कहा कि जीएसडीपी का 25 फीसदी तक कर्ज लिया जा सकता है। राज्य सरकार ने अभी 20 फीसदी तक कर्ज लिया है।

17-02-2021
छत्तीसगढ़ सरकार यहां के तीज त्यौहारों पर छुट्टी देकर संस्कृति बचा रही है, मड़ई का आनन्द लेते कहा डॉ. डहरिया ने

रायपुर। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया आरंग विकासखण्ड़ के ग्राम पलौद में आयोजित मड़ई मेला और विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मड़ई मेला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को सहेजने का काम हो रहा है। राज्य की सरकार भी छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परम्परा को सहेजने का काम कर रही है। छत्तीसगढ़ी संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ यहा के तीज-त्यौहारों में शासकीय अवकाश देने की शुरूआत की गई है। नौकरी में भी स्थानीय लोगों को अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गांव में मड़ई मेला खुशियों का त्यौहार है। गांव के लोग आपसी-भाईचारें के बीच इस मेले को आयोजित कर मनाते हैं। इस तरह का आयोजन गांव में होता रहे और आप सभी सुख-शांति से सद्भावनापूर्वक रहे यहीं कामना है।

पलौद में जिला पंचायत सदस्य माखन कुर्रे के माध्यम से रंगमंच के लिए दो लाख राशि की घोषणा की। मंत्री डॉ. डहरिया ने पलौद की सभा में कहा कि हमारे किसान ही इस प्रदेश और देश की नींव और अर्थव्यवस्था है। किसान मजबूत होंगे तो गांव और प्रदेश मजबूत होगा, देश मजबूत होगा। मंत्री डॉ. डहरिया ने कहा कि किसानों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए राज्य की सरकार सदैव सबके साथ है। गांव में गौठान बनने से होने वाले फायदे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गौ-पालकों से दो रुपए किलों की दर से गोबर खरीद रही है। किसानों को लाभान्वित करने सरकार द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं। इससे किसानों में आर्थिक समृद्धि आएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में विकास के कार्य किए जा रहे हैं। बिजली बिल भी हाफ किया गया है। स्थानीय बेरोजगारों की भर्ती भी शुरू कर दी गई है। 36 में से 24 वादे पूरे कर दिए गए हैं, जल्दी ही शेष वादों को भी पूरा कर दिया जाएगा।

12-02-2021
पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम को मिला ई-गवर्नेंस अवार्ड, मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री ने दी बधाई

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार के पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम को राष्ट्रीय स्तर पर ई-गवर्नेंस अवार्ड मिला है। यह अवार्ड शुक्रवार को लखनऊ में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में प्रदान किया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से संचालक लोक शिक्षण एवं प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा जितेन्द्र शुक्ला, सहायक संचालक समग्र शिक्षा डॉ. एम. सुधीश और एनआईसी की वैज्ञानिक ललिता वर्मा ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।  छत्तीसगढ शासन स्कूल शिक्षा विभाग की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और पूरी टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने इस पुरस्कार को छत्तीसगढ़ के सभी सक्रिय शिक्षकों को समर्पित किया है। जिन्होंने एक उत्कृष्ट कोरोना वारियर के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 

बता दें कि पढई तुंहर दुआर कार्यक्रम का शुभारंभ 7 अप्रैल 2020 को किया गया। छत्तीसगढ़ में 20 मार्च 2020 को स्कूलों के लॉकडाउन की घोषणा होते ही इस कार्यक्रम को शीघ्रताशीघ्र तैयार कर पूरा परीक्षण किया गया। इस कार्य्रकम को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने कोविड लॉकडाउन के दौरान कार्यालयों के बंद होने की स्थिति में अपने निवास पर एनआईसी और विभाग की टीम के साथ बहुत ही कम लागत में बिना किसी बाहरी एजेंसी की सहायता लिए पूरी तरह विभागीय संसाधनों से तैयार किया। पढई तुंहर दुआर की वेबसाइट में बहुत ही कम समय में शिक्षकों और बच्चों को जोड़ा गया। इस कार्यक्रम के विभिन्न घटकों के प्रचार-प्रसार के लिए राज्य और निचले स्तर तक मीडिया सेल गठित किया गया। नोडल अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को इस वेबसाइट से परिचय व पंजीयन कर उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। वर्तमान में वेबसाइट में 25.97 लाख विद्यार्थी व 2.07 लाख शिक्षक जुड़े हुए हैं।

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