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23-11-2020
गौठान में चार समूहों को मिला काम, सब्जी भाजी और जैविक खाद उत्पादन से बढ़ी आमदनी

जांजगीर चांपा। राज्य सरकार की महत्वकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के तहत जिले के विभिन्न गांवों में गौठान प्रारंभ किया गया है। सुव्यवस्थित संचालन के लिए गौठान समिति को जिम्मेदारी दी गई है। अब यह गौठान आजीविका केंद्र के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। स्थानीय स्व सहायता समूह को रोजगार मिलने से वे आर्थिक समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा ब्लॉक के औराईकला गौठान में गांव के ही चार स्व-सहायता समूहों को काम मिल रहा है। अब उन्हें काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नही है। गौठान से जुड़े समूहों  को मिनी राइस मिल, मशरूम उत्पादन, सब्जी-भाजी और जैविक खाद के माध्यम से रोजगार का अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। औराईकला की जय मां वैष्णो देवी महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष पार्वती साहू ने बताया कि जैविक पद्धति से खाद तैयार कर सोसाइटी को अब तक गौठान के माध्यम से 48 क्विंटल जैविक खाद 8 रूपए प्रति किलो की दर से दे चुके हैं।  इससे स्व सहायता समूह के सदस्यों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि प्रथम बार उन्होंने 40 क्विंटल जैविक खाद उद्यानिकी विभाग को सहकारी सोसाइटी के माध्यम से बेचा था। आज कृषि विभाग के माध्यम से 8 क्विंटल जैविक खाद बेचा है। बेचे गए जैविक खाद की राशि सोसाइटी के द्वारा समिति  के बैंक अकाउंट में भुगतान की जाती है।

पार्वती साहू ने बताया कि उनकी समिति  8 वर्ष पुरानी है। गौठान प्रारंभ होने से अब उन्हें काम के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें जैविक खाद तैयार करने के लिए गौठान से ही गोबर मिल जाता है।  शासन की योजना के तहत केंचुआ भी उपलब्ध कराया गया है एवं समूह के सदस्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। गौठान परिसर में ही वर्मी टांका व वर्मी बेड तैयार किया गया है। समूह के सदस्यों में लाभ मिलने से उत्साह का माहौल है। इसी गौठान से जुड़े मिनीमाता महिला स्व सहायता समूह के  सदस्यों ने चरागाह परिसर पर सब्जी-भाजी लगाया है। इससे उन्हें आर्थिक लाभ शुरू हो गया है। समूह की अध्यक्ष बहोरीन बाई ने बताया कि वे अभी लाल भाजी, पालक भाजी, गोभी, मूली आदि लगाए हैं। इसके बाद  बाद वे धनिया, भिंडी, लौकी, मेथी, खीरा भी लगाएंग। वे स्थानीय बाजार एवं समीप के शहरों से को सब्जी भाजी की सप्लाई कर रहे हैं। पिछले फसल में सब्जी भाजी का मूल्य कम होने के कारण केवल लागत और समूह के सदस्यों को मजदूरी मिल गई थी। इस मौसम में सब्जी भाजी की कीमत अच्छी मिलने से और अधिक लाभ मिल रहा है। जय मां संतोषी महिला स्व सहायता समूह के सदस्य उमा पटेल ने बताया कि मशरूम उत्पादन के लिए गौठान परिसर में ही स्थान दिया गया है। निशुल्क प्रशिक्षण भी प्राप्त कर चुके हैं। वह अब मशरूम उत्पादन की तैयारी में लगे हुए हैं। इसी प्रकार गौठान से जुड़े एक अन्य समूह को सरकार की योजना के तहत मिनी राइस मिल अभी कुछ दिन पहले ही उपलब्ध कराया गया है। इससे अतिशीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

 

20-11-2020
महिला समूह बनेंगे समृद्ध, गौठान में गोबर से जैविक खाद बनाने का दिया जा रहा प्रशिक्षण

जांजगीर-चांपा। जिले के सक्ती विकासखंड के बासीन और बलोदा विकासखंड के ग्राम बसंतपुर के गौठानों में आस्ट्रेलियन केंचुआ डालकर जैविक खाद बनाने की अंतिम प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है। कुछ दिनों बाद इन गौठानों में जैविक खाद तैयार होना प्रारंभ हो जाएगा। इससे महिला समूहों की आय में वृद्धि होगी और वे आर्थिक दृष्टि से मजबूत और आत्मनिर्भर बनेंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के एडीओ ऋषिकंवर व अरुण यादव द्वारा वर्मी कंपोस्ट के लिए गौठान में बनाएं वर्मी टाका में मास्टर ट्रेनर दीनदयाल यादव की मदद से बिहान के गंगे मैया स्व सहायता समूह बहेराडीह द्वारा तैयार ऑस्ट्रेलियन केंचुआ डाला गया है। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी नरवा,गरवा, घुरवा अऊ बारी योजना के अंतर्गत गोधन न्याय योजना में पूरे राज्य में गौठान बनाए जा रहे हैं,जहां गोबर खरीदी कर एकत्रित किया जा रहा है साथ ही स्वच्छ भारत मिशन क्लीन सिटी के तहत शहरों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर एसएलआरएम सेंटर में गीला व सूखा कचरा अलग-अलग कर एकत्रित किया जा रहा है।

इस संबंध में दीनदयाल यादव ने बताया कि उच्च गुणवत्तापूर्ण वर्मी कंपोस्ट बनाने के लिए कम से कम 1 सप्ताह पुराना गोबर का होना आवश्यक है। वही 45 दिन के भीतर ही अच्छा खाद बनाने के लिए वेस्ट डीकंपोजर और जीवामृत बना कर डाला जा रहा है। उसके साथ साथ केंचुए का सही तरीके से प्रबंधन व कंपोस्ट को पैकेजिंग करने के तरीकों की संपूर्ण जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार की जा रही वर्मी कंपोस्ट को सीधे सेवा सहकारी समितियों में 8 रूपए प्रति किलोग्राम की दर से बेचा जाएगा। गौठान के प्रति चांपा शहर के लगे ब्लाक अंतर्गत जाटा पंचायत के आश्रित ग्राम बहेराडीह के आम लोगों में गठान के प्रति जागरूकता को देखकर बलोदा जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष नम्रता राघवेंद्र नामदेव ने गौठान को गोद लिया है। जिला प्रशासन व रेस्टोरेशन फाउंडेशन की मदद से वे ना सिर्फ ब्लॉक स्तर पर इस गौठान को आदर्श बनाने में लगी है बल्कि जिले में इस गौठान व चारागाह को बिहान समूह की महिलाओं के आर्थिक समृद्धि का आधार भी बनाने में लगी है।

 

18-11-2020
नीति आयोग के अधिकारियों ने की गोधन न्याय योजना की सराहना,नई दिल्ली से आए अधिकारियों ने गौठानों का किया अवलोकन

रायपुर। नीति आयोग नई दिल्ली के अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ सरकार की सुराजी ग्राम योजना के तहत रोजगार सृजन एवं गांवों के विकास के लिए किए जा रहे कार्याें की सराहना की है। नीति आयोग की सलाहकार संयुक्ता समद्दर व उनके सहयोगी ने सरकार की इस अनूठी योजना के सफल क्रियान्वयन और रोजगार सृजन के कार्याें को देखकर प्रसन्नता जाहिर की है। उन्हें यह जानकार खुशी हुई कि गांववासियों द्वारा सुंदर, आकर्षक और उपयोगी वस्तुएं बनाई जा रही है।
नीति आयोग भारत सरकार की सलाहकार संयुक्ता समद्दर ने अपने सहयोगियों के साथ रायपुर जिले के ग्राम सेरीखेड़ी और बैहार स्थित गौठानों का अवलोकन किया और स्व सहायता समूह की महिलाओं से बातचीत की। महिलाओं ने बताया कि सेरीखेड़ी के आजीविका केन्द्र में समूहों की महिलाओं द्वारा साबुन, सैनिटाइजर, अगरबत्ती निर्माण, मशरूम उत्पादन एवं सिलाई-कडाई का कार्य किया जा रहा है।

इस केन्द्र के माध्यम से लगभग 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है। ग्रामीण केन्द्रों में उत्पादित सामग्री के प्रभावी मार्केटिंग के लिए राज्य शासन द्वारा कार्ययोजना बनाई गई है। जिससे इन केन्द्रों में निर्मित सामग्रियों की बिक्री यथा शीघ्र हो जाती है। राज्य शासन द्वारा इन केन्द्रों को मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना और मनरेगा आदि योजनाओं के समन्वय से विकसित किया गया है। राज्य सरकार का यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में प्रभावी कदम है। नीति आयोग के अधिकारियों ने आरंग स्थित बैहार के गौठान का भी अवलोकन किया और नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी व गोधन न्याय योजना की जानकारी प्राप्त की।मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा ने नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी एवं गोधन न्याय योजना के संबंध में नीति आयोग के अधिकारियों को बताया कि गौठानों में पशुओं का संरक्षण, संवर्धन हो रहा है। गौठानों में गोबर से बड़ी मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। स्व सहायता समूह के माध्यम से गमला, दीया, अगरबत्ती, मास्क आदि सामग्रियों का निर्माण किया जा रहा है। इससे कोविड-19 के कठिन दौर में भी गांव वासियों को अतिरिक्त आय हुई है। भ्रमण के दौरान नीति आयोग के अधिकारी डॉ.नीतू गोरडि़या, मुक्तेश्वर सिंह मौजूद थे।

11-11-2020
कोरबा, पोड़ी जनपद में गौठान बनाने के काम ने पकड़ी रफ्तार

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल की नाराजगी के बाद अब कोरबा और पोड़ी-उपरोड़ा जनपदों में गौठान स्थापना के कामों ने रफ्तार पकड़ ली है। कलेक्टर के निर्देश के बाद पिछले एक सप्ताह में इन दोनों जनपदों में 20 गौठान और नौ चारागाह बनाने के काम पूरे कर लिये गये हैं। समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में बुधवार को कलेक्टर किरण कौशल ने नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास योजना की प्रगति की जानकारी सभी जनपदों के सीईओ से ली और साप्ताहिक समीक्षा की। किरण कौशल ने करतला, कटघोरा और पाली जनपदों को एक और मौका देते हुए गौठानों के कामों को अगले एक सप्ताह में पूरा करने के निर्देश दिये।बैठक में जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार ने भी एनजीजीबी के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की और सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को काम में देरी या लापरवाही करने वाली एजेंसियो को बदलने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ने एनजीजीबी के तहत कार्यों की साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश पिछली बैठक में दिये थे। उन्होंने यह भी कहा था कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास के कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के आधार पर जनपद पंचायतों का हर सप्ताह रैंक तय किया जाये और लगातार कमजोर प्रदर्शन वाले सीईओ के विरूद्ध कार्रवाई की जाये। कलेक्टर के निर्देशों के बाद अब काम मे तेजी आई है।बैठक में किरण कौशल ने गौठानों में बन रही वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा और बिक्री की भी जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने प्रमाणीकरण के लिये वर्मी कम्पोस्ट के नमूने जांच कराने रायपुर की लैब भेजने के निर्देश अधिकारियों को दिये ताकि कम्पोस्ट खाद की गुणवत्ता प्रमाणित होने के बाद उसे बेचा जा सके।

कलेक्टर ने वर्मी कम्पोस्ट की पैकेजिंग की तैयारियों के बारे में भी बैठक में अधिकारियों से पूछा। उन्होने पैकेजिंग के लिये बैग, छानने के लिये छन्नी आदि की व्यवस्था की जानकारी ली और अभी तक गौठानों में बन चुकी कम्पोस्ट खाद को जांच के बाद तत्काल पैकेजिंग कर आवश्यकतानुसार-मांग अनुसार बिक्री करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने नरवा विकास कार्यक्रम के तहत भी कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को सभी प्रभारी सब-इंजीनियरों का साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि नरवा विकास के कार्यों में लक्ष्यानुसार प्रगति नहीं ला पाने वाले सब-इंजीनियरों पर भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। कलेक्टर ने गौठानों में बन गई लगभग 80 क्विंटल खाद को विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आवश्यकतानुसार तत्काल खरीदने के भी निर्देश दिये। उन्होंने गौठानों में पानी की व्यवस्था के लिये नलकूप खुदाई, पंप स्थापना और बिजली की व्यवस्था भी तत्काल करने के भी निर्देश दिये। किरण कौशल ने क्रेडा के अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि जिन गौठान और चारागाहों में बिजली की व्यवस्था मुश्किल हो वहां सौर उर्जा चलित पंप स्थापना का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए।

 

11-11-2020
ग्रामीण विकास के लिए गौठान को बनाएं सशक्त, पैरा दान करें : भूपेश बघेल

दुर्ग। ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के लिए गौठान का सशक्तिकरण आवश्यक है। गौठान के बनने से यहां जानवरों के रखने की व्यवस्था हो गई। गोधन न्याय योजना के माध्यम से पशुधन को लोग ज्यादा सहेजने लगे हैं। इससे फसल सुरक्षा भी हो रही है। कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने काफी समय पहले ओन्हारी फसल ली थी। इस बार उन्होंने फिर से यह फसल लगाई है। यह बताता है कि मवेशियों से फसल सुरक्षा बेहद आवश्यक थी। गौठान और गोधन न्याय योजना से इसका रास्ता खुला। यह खेती और पशुपालन की बेहतरी के लिए शानदार योजना है। साथ ही जैविक खेती की ओर भी इससे राह प्रशस्त होती है। उन्होंने कहा कि पिछली बार किसानों ने गौठान के लिए मुक्त हस्त से पैरादान किया था। गोमाता के संवर्धन के लिए ये सबसे उत्तम कार्य है। इस बार भी खेतों में फसल अवशेष जलाएं नहीं अपितु पैरा दान करें।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि गौठान ग्रामीण आजीविका केंद्र के रूप में स्थापित होंगे। अभी स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दीपावली को देखते हुए उत्पाद तैयार किये हैं। इनकी अच्छी बिक्री हो रही है। इन्हें स्थानीय जरूरत के मुताबिक चीजें तैयार करने के लिए कहा जा रहा है। अपने हुनर, गुणवत्ता और मेहनत से ये अपने उत्पादों की बाजार में जगह बना लेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि धान उत्पादन करने वाले किसानों को एथेनॉल का प्लांट लगने से विशेष मदद मिलेगी। इसके लिए केंद्र से अनुमति मांगी गई थी, प्लांट आरम्भ होने से धान उगाने वाले किसानों की समृद्धि और बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों को खेती किसानी में किसी तरह की दिक्कत न आये, इसके लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना की किश्त ऐसे समय में दी गई जब किसानों को खेती के लिए सबसे ज्यादा राशि की जरूरत होती है।

 

10-11-2020
पशुपालकों की जरूरते पूरी करने में सहायक साबित हो रही है भूपेश सरकार की गोधन न्याय योजना

रायपुर/जशपुरनगर। भूपेश सरकार के गोधन न्याय योजना से हो रही आय से ग्रामीण पशुपालकों की जरूरते पूरी होने लगी है। जशपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन करने वाले किसानों को इस योजना का सीधा लाभ मिलने लगा है। 2 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से गौठान में गोबर विक्रय से उन्हें प्रत्यक्ष लाभ होने लगा है, जिससे उनके सपने को सकार करने में भी भरसक सहायता मिली है। जशपुर जिले के विकासखंड कांसाबेल के ग्राम बगिया की निवासी पशुपालक सलेन कुजूर ने गोधन न्याय योजना के अंतर्गत 19 क्विंटल गोबर का विक्रय किया है, जिससे उन्हें लगभग 3800 रुपए की आमदनी हुई है। सलेन ने बताया कि पहले वह अपने घर से निकलने वाले गोबर को खलिहान में डाल देते थे। इससे उन्हें प्रत्यक्ष रूप से कोई लाभ नहीं होता था, लेकिन गोधन न्याय योजना के प्रारंभ होने के बाद वह उन गोबर का गौठान में विक्रय कर रही है। इसका उनका प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। सलेन ने बताया कि वह गोबर बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग अपने दैनिक जीवन की उपयोगी वस्तुओं को खरीदने में कर रही हैं।

हितग्राही सलेन ने अपनी खुशी का बयान करते हुए बताया कि गोधन न्याय योजना उनके लिए अतिरिक्त आय का जरिया बनी है। इसके माध्यम से वे उन चीजों को खरीदने में सक्षम हुई हैं, जिनकी आवश्यकता होने पर भी खरीदी नहीं कर पाती थी। अब वे अपनी मूलभूत जरूरतों को पूरा करने मे सक्षम हो रही है। उनका कहना है कि जल्द ही वे गोबर विक्रय की राशि से अपने लिए नए गाय खरीदेगी। इसके लिए वे धन एकत्र कर रही है। यह योजना उनके इस सपने को पूरा करने में काफी मददगार साबित हो रही है। गाय की खरीदी से वे दुग्ध उत्पादन सहित अन्य उत्पादों का विक्रय कर अपनी आय में वृद्वि करेंगी। उन्होने बताया कि इस योजना के तहत पशुपालकों को गोबर की विक्रय राशि हर पाक्षिक मिलने से उनके नए उम्मीदों को बल मिलने लगा है। उन्होंने जशपुर जिले में गोधन न्याय योजना के बेहतर संचालन के लिए प्रदेश मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है। जिन्होने उनके जैसे ग्रामीण पशुपालकों की आवश्यकता को समझा व उनके लिए अतिरिक्त आय का सरल जरिया प्रदान किया।

07-11-2020
महिलाओं के उत्पाद देख खुश हुए भूपेश बघेल, कहा-उत्पादों को ऑनलाइन भी उपलब्ध कराएं

दुर्ग। मुख्यमंत्री शनिवार को पाटन ब्लाक के ग्राम पतोरा के गौठान पहुंचे। वहां स्वसहायता समूह की महिलाओं ने दिवाली के लिए सुंदर डिजाइनर दीये, सजावटी सामग्री तथा परंपरागत छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के पैकेट की सामग्री उन्हें दिखाई। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बिहान बाजार के बुकलेट का भी लोेकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने इन महिलाओं की प्रशंसा की और कहा कि आपके उत्पाद काफी अच्छे हैं। इनकी गुणवत्ता की तुलना में आप लोगों ने रेट थोड़ा कम रखा है। उन्होंने कहा कि ये काफी अच्छे हैं इन्हें केवल अपने करीबी दायरे में न बेचे। इसके मार्केट का विस्तार करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इनके लिए मार्केट लिंकेज का प्रबंध कीजिए और ऑनलाइन भी इसे उपलब्ध कराएं। अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन प्लेटफार्म के लिए बातचीत चल रही है। इन उत्पादों को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने दुर्ग में बिहान बाजार जिला पंचायत परिसर में आरंभ किया गया है। केवल दो दिनों में 3 लाख रुपए की बिक्री बिहान बाजार में हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से कहा कि आप लोग अच्छी चीजें बना रहे हैं लेकिन बाजार की जरूरतों के मुताबिक भी अपना काम करें।

जिन वस्तुओं की बाजार में ज्यादा माँग हैं उन्हें उपलब्ध कराएं। गुणवत्ता भी बेहतर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जरूरत के मुताबिक उत्पाद तैयार करें। पहले बाजार में इसकी माँग परख लें, फिर इसके बाद उत्पाद बनायें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि इन्हें सिलाई मशीन का प्रशिक्षण भी दें। इसके साथ ही अगरबत्ती, फिनाइल, साबुन जैसे उत्पादों के निर्माण के लिए भी सभी समूहों को प्रेरित करें। कोशिश यह हो कि स्थानीय मार्केट में अधिकाधिक उत्पाद स्थानीय एसएचजी ही उपलब्ध करा दें। इससे ठोस आय का रास्ता खुलेगा। इस मौके पर गुंडरदेही के विधायक  कुंवर निषाद, संभागायुक्त टीसी महावर,आईजी विवेकानंद सिन्हा, सीएफ शालिनी रैना, कलेक्टर डाॅ.सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे, एसपी  प्रशांत ठाकुर, सीईओ सच्चिदानंद आलोक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 

07-11-2020
गम्हरिया गौठान का निरीक्षण कर महिलाओं से वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की जानकारी ली कलेक्टर महादेव कावरे ने

रायपुर/जशपुरनगर। जशपुर विकासखंड के गम्हरिया गौठान का निरीक्षण करके स्व-सहायता समूह की महिलाओं से कलेक्टर महादेव कावरे ने वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने की जानकारी ली।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने और पैकिंग की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि अब तक गौठान में 61 क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है। और समूह की ओर से 13 क्विंटल खाद बनाया गया है। उन्होंने सहकारिता विभाग के माध्यम से खाद का विक्रय कराने के भी निर्देश दिए है। साथ ही महिलाओं को आजीविका  से जोड़ने के लिए पशु पालन, मुर्गी पालन से जोड़ने के लिए कहा गया है।

उन्होंने समूह की महिलाओं को पशुपालन विभाग से मुर्गी के चुजे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। गाय पालन के लिए अनुदान पर गाय की भी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। ताकि दूध विक्रय करके वे आर्थिक आमदनी अर्जित कर सके। गम्हरिया गौठान 8 एकड़ में विकसित किया गया है। जहां पशुओं के लिए चारा, कोटना, सोलर पैनल और शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

06-11-2020
खेतों में फसल अवशेष जलाने पर लगेगा अर्थदण्ड, कलेक्टर ने की गौठानों में पैरा दान करने की अपील

कोरबा। राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण द्वारा खेतों में फसलों के कटने के बाद बचे अवशेषों को जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। खेतों में बचे फसल अवशेषों को जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को संज्ञान में लेते हुए ट्रीब्यूनल द्वारा यह आदेश जारी किया गया है। आदेश में किसानों द्वारा खेतों में फसल अवशेष जलाने पर दण्ड का भी प्रावधान किया गया है। उप संचालक कृषि शुक्ला ने आज यहां बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल के आदेश के अनुसार यदि कोई कृषक अपने खेतों में फसल अवशेष जलाते हुए पाये जाते हैं तो दो एकड़ रकबा वाले कृषकों से दो हजार 500 रूपए, दो से पांच एकड़ वाले कृषकों से पांच हजार रूपए एवं पांच एकड़ से अधिक रकबा वाले कृषकों से 15 हजार रूपए दण्ड वसूलने का प्रावधान किया गया है। उप संचालक ने बताया कि फसल अवशेष को जलाने से खेत की छह इंच परत जिसमें विभिन्न प्रकार के लाभदायक सूक्ष्मजीव जैसे राइजोबियम, एजेक्टोबैक्टर, नील हरित काई के साथ ही मित्र कीट के अण्डें भी नष्ट हो जाते हैं एवं भूमि में पाये जाने वाले ह्यूमस, जिसका प्रमुख कार्य पौधों की वृद्धि पर विशेष योगदान होता है, वो भी जल कर नष्ट हो जाते हैं, जिससे आगामी फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही भूमि की उर्वरा शक्ति भी अवशेष जलाने से नष्ट होती है। फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन जैसे फसल कटाई उपरांत अवशेषों को इकठ्टा कर कम्पोस्ट गड्ढे या वर्मी कम्पोस्ट टांके में डालकर कम्पोस्ट बनाया जा सकता है अथवा खेत में ही पड़े रहने देने के बाद जीरों सीड कर फर्टिलाइजर ड्रील से बोनी कर अवशेष को सडने के लिए छोड़ा जा सकता है। इस प्रकार खेत में अवशेष छोडने से नमी संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण एवं बीज के सही अंकुरण के लिए मलचिंग का कार्य करता है। उप संचालक ने बताया कि एक टन पैरा जलाने से तीन किलो पर्टिकुलेट मैटर (पीएम), 60 किलो कार्बन मोनो आक्साइड, एक हजार 460 किलो कार्बन डाइ आक्साइड, दो किलो सल्फर डाइ आक्साइड जैसे गैसों का उत्सर्जन तथा 199 किलो राख उत्पन्न होती है। अनुमान यह भी है कि एक टन धान का पैरा जलाने से मृदा में मौजूद 5.5 किलोग्राम सल्फर नष्ट हो जाता है।

कलेक्टर ने की पैरा दान करने की अपील

इस संबंध मे कलेक्टर किरण कौशल ने जिले के सभी किसानों से फसल कटने के बाद गौठानों में अधिक से अधिक पैरा दान करने की अपील की है, ताकि गौठानों में आने वाले पशुओं को साल भर पर्याप्त भोजन मिल सके। उन्होंने जिले के सभी सरपंचों से भी मुनादी कराकर किसानों से गौठानों में पैरा दान करने का आग्रह करने की अपील की है। कलेक्टर ने यह भी बताया है कि पैरे को जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। ऐसा करने पर छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत स्वच्छता सफाई एवं न्यूसेंस का निराकरण तथा उपशमन नियम 1999 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। कलेक्टर ने यह भी अपील की है कि सभी सरपंच अपने-अपने गांवों में धान कटाई के बाद बचे हुए फसल अवशेष पैरे को किसानों को जलाने नहीं देवें। कलेक्टर किरण कौशल ने कृषि विभाग के मैदानी अमले को निर्देशित किया है कि धान कटाई के बाद के फसल अवशेष नरई को जलाने की जगह उससे खाद बनाने के तरीके किसानों को बतायें और शासकीय योजना का लाभ उठाने के लिये प्रेरित करें।

 

04-11-2020
भूपेश सरकार की कोशिशों से गौठानों के निर्माण का काम लगातार जारी आर्थिक गतिविधियां हुई तेज

रायपुर/बेमेतरा। भूपेश सरकार के प्रयास से गौठानों का निर्माण कार्य लगातार जारी है। चालन से न केवल स्वयं का वरन अन्य लोगों को रोजगार में वृद्धि की परिकल्पना प्रथम फेस में निर्मित गौठानों मे साकार होते नजर आ रही है । प्रथम फेस के स्वीकृत सभी गौठानों में कार्य पूर्ण कराया जाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं व गौठान समिति के माध्यम से विभिन्न प्रकार के आर्थिक गतिविधियॉं संचालित हो रही है,जिसमें मुख्य रूप से गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन से पशुपालकों के माध्यम से गौठान समिति द्वारा गोबर की खरीदी कर पशु पालकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ के साथ-साथ, गौठान स्थल में मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, फलों उद्यान, मत्स्य पालन, मौसमी त्यौहारों के लिए आवश्यक सामाग्री का निर्माण, कोरोना काल में फुडकीट तैयार करना, अगरबत्ती, पेन, कीटनाशक, बैग, तार-जाली, गोबर से विभिन्न प्रकार के उत्पाद निर्माण जैसे:-दीया, लकड़ी, खाद, गमला, आदि।
ज्ञात हो कि ग्राम पंचायत बेलगांव जनपद पंचायत साजा मुख्यालय से समीपस्थ 13 किमी की दूरी पर स्थित है । यहां पशुओं के प्रबंधन के लिए पारंपरिक तरीके का ही प्रयोग किया जाता रहा। गांव में चारे की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पशु ग्रामीणों की खेती को नुकसान पहुंचाते थे। बेलगांव में लगभग माह मार्च-अप्रैल तक खेतों में फसल लहलहाते है। ऐसे में गौठान निर्माण कर गांव के सभी पशुओं को गौठान के भीतर ही सुनियोजित तरीके से रखे जाने से फसल की नुकसानी में कमी आई हैं । गांव में गौठान निर्माण से ग्रामीण अत्यधिक प्रशन्नता महसूस कर रहे। पशुपालन विभाग के सर्वे के अनुसार कुल 493 पशुधन है। जो कि गौठान स्थल पर उपलब्ध होते । यहां पशु चराई की परंपरागत प्रक्रिया के तहत ग्रामीण चरवाहों के माध्यम से पशुओं की चराई की जाती रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन द्वारा प्रचलित गौठान को आधुनिक रूप से विकसित करने की पहल की गई, जिसमें पशुओं के लिए समुचित पेयजल प्रबंधन के लिए पानी टंकी के निर्माण, छाया व्यवस्था के लिए शेड का निर्माण, पशुओं के लिए ग्रामीण जनो के सहयोग से चारे का संकलन, कोटना का निर्माण कीचड़ आदि के बचाव के लिए भूमि विकास कार्य, सीपीटी निर्माण कार्य, आदि का निर्माण कराया गया है । साथ ही साथ ग्राम पंचायत में लगभग 10 एकड़ भूमि में पशुओं लिए चारागाह का विकास ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है। इसमें मक्का, ज्वार के साथ-साथ नेपियर घास भी रोपित किए गये थे।
साथ ही उक्त चारागाहके लिए चिन्हांकित भूमि में ग्राम की स्व-सहायता समूह की महिलाओं के माध्यम से सब्जी-भाजी के साथ-साथ फलदार पौधारोपण का आर्थिक गतिविधिया संचालित की जा रही हैं। जय बजरंग बली महिला स्व-सहायता समूह से लगभग 2 एकड़ रकबे में टमाटर की खेती कर एक सीजन में ही लगभग 1 लाख रूपये का लाभ प्राप्त किया जा चुका हैं साथ ही आगामी एक माह में उक्त फसल से लगभग 70-80 हजार रूपये का लाभ होना संभावित हैं। स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा उक्त भूमि में विभिन्न फसलें जैसे-अरहर,  हल्दी, जिमीकंद, गोभी, भाजी, प्याज इत्यादि फसलें भी लगाई गई हैं। जय बजरंग बली स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष नीलम, सचिव कल्पना तिवारी के साथ-साथ समूह में कुल 11 महिलायें शामिल हैं।

04-11-2020
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा एक सप्ताह के भीतर गौठानों के काम पूरे करें नहीं तो किया जाएगा ट्रांसफर  

कोरबा। कलेक्टर किरण कौशल ने कोरबा और करतला जनपद पंचायतों के सीईओ पर नाराजगी जताई है। उन्होंने गौठानों की स्थापना का काम धीमा होने पर फटकार लगाई। बैठक में कलेक्टर ने गौठान बनाने के सभी शेष बचे काम एक सप्ताह के भीतर पूरा कराने का कहा है। कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारियों से कहा एक सप्ताह के भीतर गौठानों के काम पूरे नहीं होने पर उनका ट्रांसफर किया जा सकता है। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ कुंदन कुमार ने भी एनजीजीबी के कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की। सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को काम में देरी या लापरवाही करने वाली एजेंसियों को बदलने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी विकास के कार्यों की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा के आधार पर जनपद पंचायतों का हर सप्ताह रैंक तय किया जाये और लगातार कमजोर प्रदर्शन वाले सीईओ के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। बैठक में कलेक्टर ने गौठानों में बन रही वर्मी कम्पोस्ट की मात्रा और बिक्री की भी जानकारी अधिकारियों से ली।

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