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13-06-2021
मध्यप्रदेश की बनी शराब को बेचते पकड़ाया आरोपी, मदिरा जब्त

राजनांदगांव। अवैध शराब बेचते पुलिस ने व्यक्ति को पकड़ा है। दरअसल शहर के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाली सुरगी पुलिस चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक शक्ति सिंह अपने स्टाफ के साथ क्षेत्र में निकले थे। उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि मिलन निर्मलकर थैले में शराब रख कर बेच रहा है। पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से 38 पाव्वा मध्यप्रदेश निर्मित शराब जब्त की गई, मदिरा की कीमत 4900 रुपए बताई जा रही है। आरोपी पर आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत ज्यूडिशियल रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया। 

 

10-06-2021
क्या मध्यप्रदेश में मामा शिवराज की कुर्सी खतरे में, जानिए क्या कहा, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने

रायपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में नेतृत्व परिवर्तन की गूंज सुनाई दे रही है। लेकिन क्या वास्तव में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विदाई तय है। दरअसल कुछ दिनों से मामा फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। उनके बदले जाने की खबर सोशल मीडिया और मीेडिया में जोरों पर हैं। लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि यदि मामा की विदाई होती है तो नया चेहरा कौन होगा। वहीं बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि 16 महीने का उनका कार्यकाल बहुत अच्छा रहा है। उन्होंने कुर्सी से हटने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया है।

 

22-05-2021
मध्यप्रदेश में ब्लैक फंगस महामारी घोषित,5 मेडिकल कॉलेजों में होगा निशुल्क उपचार

भोपाल। राज्य सरकार ने ब्लैक फंगस को महामारी घोषित कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर कई जगह ब्लैक फंगस के उपचार के लिए जरूरी इंजेक्शन की कमी सामने आ रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्लैक फंगस के उपचार के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनकी सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि राज्य में जो भी इसकी चपेट में आएगा उसे इलाज की अच्छी से अच्छी व्यवस्था प्रदान की जाए।. साथ ही ब्लैक फंगस के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवा एम्फोटेरिसिन-बी की आपूर्ति में कोई कमी ना हो इसके भी हरसम्भव प्रयास किए जाएंगे। राज्य में अब तक 600 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 30 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। राज्य सरकार ने ब्लैक फंगस के मरीजों के बेहतर उपचार के लिए 5 मेडिकल कॉलेजों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर,रीवा में निशुल्क उपचार का इंतजाम किया है।

20-05-2021
देश में ब्लैक फंगस तेजी से पांव पसार रहा, मध्यप्रदेश में अब तक 31 की मौत

भोपाल/रायपुर। कोरोना से बुरी तरह प्रभावित महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस तेजी से पांव पसार रहा है। अब मध्यप्रदेश में हालात बेकाबू हो गए हैं। राज्य में ब्लैक फंगस के अब तक 573 मामले सामने आए हैं और 31 की मौत हो गई है। इलाज में इस्तेमाल होने वाला इंजेक्शन नहीं मिलने से मुश्किल और बढ़ गई है। महाराष्ट्र में ब्लैक फंगस के 2 हजार से अधिक केस मिले हैं और अब तक 52 मौतें हुई हैं। मामले बढ़ने के साथ ही अम्फोटेरीसिन-बी इंजेक्शन का संकट गहरा गया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महामारी के बीच ब्लैक फंगस की भयावह स्थिति को देख टास्क फोर्स का गठन किया है। टास्क फोर्स राज्य में ब्लैक फंगस के इलाज की व्यवस्था करने के साथ इलाज में इस्तेमाल होने वाले अम्फोटेरीसिन-बी इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने का काम करेगी। सरकार जरूरत के हिसाब से सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को इंजेक्शन मुहैया कराएगी। उधर, महाराष्ट्र में अब तक 90 लोगों की फंगस से मौत हो गई है।

14-05-2021
Breaking : शिवराज सिंह ने कहा, पत्रकारों और उनके परिजनों की कोरोना से इलाज की चिंता अब सरकार की

भोपाल/रायपुर। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर जानकारी दी है कि कोरोना संक्रमित पत्रकार व उनके परिवार का पूरा इलाज सरकार कराएगी। प्रिंट, इलेक्ट्रानिक और डिजिटल मीडिया के सभी अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों व उनके परिवार की कोरोना से इलाज की चिंता अब सरकार करेगी।

 

13-05-2021
शिवराज सिंह ने किया ऐलान, कोरोना काल में अभिभावकों से बिछड़े बच्चों को मिलेगी हर महीने 5 हजार पेंशन

भोपाल। मध्‍यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी में अपने परिजनों को खोने वाले बच्‍चों को 5 हजार रुपए की पेंशन दी जाएगी। इन बच्‍चों की पढ़ाई का पूरा खर्च भी मध्‍यप्रदेश सरकार उठाएगी और अनाथ हुए परिवार को हर महीने राशन भी दिया जाएगा। यह घोषणा मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को की है। मध्‍यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, हम इस कोविड महामारी में अपने माता-पिता/अभिभावक को खो चुके बच्चों को प्रति माह 5000 रुपए पेंशन देंगे। हम इन बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा और इनके परिवारों के लिए मुफ्त राशन की भी व्यवस्था करेंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, कोरोना महामारी ने कई परिवारों को तोड़ कर रख दिया है, कुछ ने अपने बुढ़ापे की सहारे की लाठी खोई है, कुछ ने पालकों की छाया खोई है। इसलिए, हमने तय किया है कि ऐसे परिवारों को जिनके घर में आजीविकोपार्जन करने वाला कोई नहीं बचा, उन्हें 5 हजार रुपए प्रति माह पेंशन शासन द्वारा दी जाएगी। एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, हम इन परिवारों को सरकार की गारंटी पर लोन देंगे, जो काम करना चाहते हैं। पात्रता न होने के बावजूद भी ऐसे परिवारों को मुफ्त राशन दिया जाएगा। अगर इन परिवारों में कोई सदस्य ऐसा है या पति नहीं रहे तो उनकी पत्नी काम धंधा करना चाहे तो उनको सरकार की गारंटी पर बिना ब्याज का कर्ज काम धंधे के लिए दिया जाएगा।

 

03-05-2021
मध्यप्रदेश में पत्रकारों को मिला कोरोना वॉरियर्स का दर्जा, फ्रंटलाइन वर्कर श्रेणी में शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अहम घोषणा की है। उनकी घोषणा के बाद प्रदेश में अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संक्रमण के दौरान रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को भी कोरोना वॉरियर्स मानते हुए उन्हें भी फ्रंट लाइन वर्कर्स को दी जाने वाली सभी सुविधाओं का लाभ दिए जाने का फैसला लिया है।
मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को ट्विट करके यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ''हमारे पत्रकार मित्र कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में सभी अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को हमने 'फ्रंटलाइन वर्कर' घोषित करने का निर्णय लिया है। उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा और उनकी पूरी चिंता की जाएगी।'' 

03-05-2021
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा,छत्तीसगढ़,मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र में काबू में आ रहा कोरोना,मरीजों की संख्या घटी

नई दिल्ली। देश में बढ़ते कोरोना के नए मामलों के बीच कुछ राज्यों में इनके मामलों में कमी भी आई है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में छत्तीसगढ में दुर्ग, रायपुर, मध्यप्रदेश, लद्दाख, तेलंगाना और महाराष्ट्र के 12 जिलों में कोरोना के मामलों में कमी आई है। सोमवार को प्रेसवार्ता में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए 1500 ऑक्सीजन प्लांट बनाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए नाइट्रोजन इंडस्ट्री को भी ऑक्सीजन प्लांट में बदलने पर काम किया जा रहा है। देश में ऐसे 14 इंडस्ट्री को चिन्हित किया गया है। उन्होंने बताया कि देश के अस्पतालों व स्वास्थ्य केन्द्रों में रिक्त पदों को जल्दी भरा जाएगा। उन्होंने बताया कि कोरोना मरीजों के इलाज में 100 दिन लगातार काम करने वाले मेडिकल प्रोफेशनल को प्रधानमंत्री अवार्ड से नवाजा जाएगा व उन्हें आगे भर्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी।

 

 

28-04-2021
सीआरपीएफ जवान हुआ ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार, खाते से 1 लाख 18 हजार रुपए पार

रायपुर। ओटीपी नंबर पूछकर सीआरपीएफ जवान के खाते से 1 लाख 18 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ कैम्प जीवन विहार तेलीबांधा निवासी संजीव कुमार मिश्रा 39 वर्ष ने थाने में  शिकायत दर्ज कराई है कि प्रार्थी भोपाल मध्यप्रदेश का निवासी है। वर्तमान में सीआरपीएफ कैम्प जीवन विहार में सहायक उप निरीक्षक के पद पर पदस्थ है। पीड़ित के पास इंडसण्ड बैंक का क्रेडिट कार्ड नंबर 5244805222657006 है। 12 दिसंबर 2020 को मोबाइल नंबर 9832744178 के धारक अज्ञात व्यक्ति ने पीड़ित के मोबाइल नंबर में काल आया।

काल कर एक एनीडेस्क एप डाउनलोड करने बोला गया, जिसे डाउनलोड करने पर ओटीपी आया जिसे मोबाइल नंबर 9832744178 के धारक को पीड़ित ने बता दिया। उसके बाद पीड़ित के क्रेडिट कार्ड से 84900, 2040, 13990, 2040, 5025, 397.80, 10050 करके कुल 1,18,442.80 रुपए पार हो गया। इसकी जानकारी मोबाइल में मैसेज के माध्यम से मिलने पर पीड़ित ने मंगलवार को घटना की शिकायत की है। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धारा 420 के तहत अपराध कायम कर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आगे ​की कार्रवाई कर रही है।

25-04-2021
ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए आगे आई ओडिशा सरकार, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश,दिल्ली सहित कई राज्यों को भेजे टैंकर

भुवनेश्वर। ओडिशा ने पिछले 48 घंटों में उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और अन्य जरूरतमंद राज्यों के लिये पुलिस के सुरक्षा घेरे में करीब 510 मीट्रिक टन चिकित्सीय ऑक्सीजन के साथ कम से कम 29 टैंकर रवाना किये हैं। ओडिशा पुलिस की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इसके अलावा कनाल, राउरकेला और अंगुल से 15 और टैंकरों को रवाना किया गया। राज्य पुलिस ने टैंकरों को जल्दी पहुंचाने के लिए एक गलियारा (कॉरिडोर) बनाया है ताकि विभिन्न राज्यों में हजारों जरूरतमंद मरीजों को बिना देरी के ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ओडिशा में मरीजों के लिए रोज 23.78 टन मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता है जबकि राज्य में सिलेंडर ऑक्सीजन का रोज 129.68 टन उत्पादन है। इसके अलावा तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन (एलएमओ) का रोज 60 टन उत्पादन किया जा रहा है। बरहामपुर में एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में 10 मई तक एक एलएमओ संयंत्र शुरू किया जाएगा जबकि 15 कोविड अस्पतालों में भी एलएमओ संयंत्र लगाने की योजना है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण पीके मोहपात्र ने कहा कि ओडिशा अपनी आवश्यकताएं पूरी करने के बाद अन्य जरूरतमंद राज्यों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है। राज्य की जरूरतों को नजरअंदाज करते हुए दूसरे राज्यों को ऑक्सीजन देने का सवाल ही नहीं उठता। 

 

23-04-2021
मध्यप्रदेश में रेमडेसिविर दवा भेजने में ली जा रही विमान और हेलिकॉप्टर की सेवा

इंदौर। कोरोना वायरस की दूसरी लहर के घातक प्रकोप के बीच रेमडेसिविर दवा की करीब 15 हजार शीशियां स्थानीय देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शुक्रवार को हवाई मार्ग के जरिए राज्य के अलग-अलग संभागीय मुख्यालयों में भेजी गईं। अधिकारियों ने बताया कि पिछले आठ दिन में यह चौथी बार है, जब महामारी से संघर्ष कर रही राज्य सरकार ने इस जरूरी दवा की खेप पहुंचाने के लिए सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर लगा दिए हों।  उन्होंने बताया कि रेमडेसिविर के कुल 312 बक्से इंदौर हवाई अड्डे पहुंचे, जिनमें करीब 15000 शीशियां हैं। उन्होंने बताया कि इनमें से 69 बक्से इंदौर में रखे गए, जबकि 67 बक्से भोपाल, 33 बक्से ग्वालियर, 26 बक्से सागर, 45 बक्से उज्जैन, 27 बक्से रीवा और 45 बक्से जबलपुर भेजे गए।
इससे पहले, 15 अप्रैल, 18 अप्रैल और 20 अप्रैल को रेमडेसिविर की शीशियों की खेप इंदौर पहुंची थी। इन खेपों को भी सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर के जरिए राज्य के विभिन्न हिस्सों में भेजा गया था

16-04-2021
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने पकड़ा, मध्यप्रदेश भागने के फिराक में था

राजनांदगांव। नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ की घटना के फरार आरोपी को पुलिस ने पकड़ा है। जिले के बोरतलाव क्षेत्र में ललित प्रजापति उम्र 25 साल ने 15 अप्रेल को नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ की। नाबालिग के चिल्लाने की आवाज सुनकर ड्यूटीरत वन विभाग के अधिकारी ने मौके पर जाकर नाबालिग को बचाया और सुरक्षित बच्ची के माता पिता के पास छोड़ा। पीड़िता, उसके माता पिता तथा वन विभाग के अधिकारी ने थाना बोरतलाव में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी ने टीम गठन कर आरोपी की खोज शुरू की। आरोपी ललित प्रजापति घटना के बाद से फरार था और कुछ ही समय में ही राज्य के बाहर मूल निवास रीवा भाग जाने की फिराक में था। उसे बोरतलाव पुलिस टीम ने पनियाजोब के जंगल में दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। आरोपी को शुक्रवार को गिरफ्तारी कर न्यायालय पेश किया। 

 

 

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