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18-09-2018
BJP : दो दिग्गज मंत्रियों की लीड को लेकर बीजेपी में चिंता, नगर निगम की गलती से पिछड़ रहे बृजमोहन और मूणत

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के चुनावी सर्वे में दो दिग्गज मंत्रियों की लीड कम होती नजर आ रही है। ये मंत्री हैं रायपुर दक्षिण विधानसभा सीट से विधायक बृजमोहन अग्रवाल और रायपुर पश्चिम से विधायक राजेश मूणत। दोनों ही रमन कैबिनेट में मंत्री हैं और भाजपा संगठन में भी खासा रुतबा रखते हैं। रायपुर में चार विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें से तीन पर भाजपा से विधायक हैं, एक सीट कांग्रेस के पास है। भाजपा के हालिया सर्वे में रायपुर की दो सीटों पर जनता में खासी नाराजगी है और इसका खामियाजा भाजपा को विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ सकता है। मतदाताओं की नाराजगी की जो वजह सामने आई है, उसे सुनकर खुद भाजपा भी आश्चर्य में हैं। दरअसल मतदाता सीधे तौर पर मंत्रियों से नाराज नहीं हैं, बल्कि उनकी शिकायत नगर निगम रायपुर से है। लोगों का कहना है कि गंदगी, आवारा पशु और शहर की गलत रोड इंजीनियरिंग के कारण वे अपने विधायकों के खिलाफ वोट करने का मन बना रहे हैं।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही जनता के मन में भाजपा के प्रति नाराजगी पैदा कर रही है। यह चिंतनीय विषय है। राज्य की भाजपा सरकार शहरों की स्थिति सुधारने पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन रायपुर नगर निगम के कारण कहीं-कहीं लोग परेशान हो रहे हैं।

रायपुर नगर निगम के कमिश्रनर रजत बंसल कहते हैं कि हमने सफाई व्यव्स्था को लेकर एक सिस्टम लागू किया है। शहर के 70 वार्डों में से 40 वार्डों में यह सिस्टम सुचारू रूप से लागू हो गया है। अब खुद कमिश्नर मान रहे हैं कि शहर के आधे हिस्से में ही सफाई सुचारू रुप से हो पा रही है। शहर में हर इलाके में लोगों पर हमला कर रही आवारा कुत्तों की टोली और गायों के झुंड के सवाल पर वे कोई ठोस जबाव नहीं दे पाते हैं।

रायपुर महापौर प्रमोद दुबे भी वही कहते हैं, जो नगर निगम के कमिश्नर का कहना है। पिछले 17 वर्षों में रायपुर के 70 वार्डों में सफाई के लिए ही कोई व्यवस्था ना कर पाना नगर निगम का बड़ा सिरदर्द बन गया है। रायपुर उत्तर से भाजपा विधायक श्रीचंद सुंदरानी भी मानते हैं कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा जनता भी भुगत रही है और इससे हमारी पार्टी को भी नुकसान पहुंचेगा।

कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने पिछले छह बार से विधायक हैं। वे लगातार अच्छी लीड से चुनाव जीतते आए हैं। उन्होंने रायपुर दक्षिण से 2008 में 24हजार और 2013 में 34 हजार वोट से चुनाव जीता था। इस सीट को भाजपा का अभेद किला माना जाता है, उसके बावजूद  इस बार कांग्रेस के तीन दर्जन नेता चुनौती देने को तैयार हैं। वहीं राजेश मूणत वर्ष 2003 में पहली बार विधायक बने और उन्हें रमन कैबिनेट का हिस्सा बनने का मौका मिला। फिर वर्ष 2008 और 2013 में भी वे लगातार विधानसभा चुनाव जीतकर कैबिनेट मंत्री बनते रहे। वर्ष 2013 में कांग्रेस के विकास उपाध्याय को उन्होंने 6500 वोटों से हराया था। यह भी बहुत कम अंतर था, लेकिन इस बार भाजपा के सर्वे में यह लीड और कम होती दिख रही है।

बहरहाल, भाजपा शहर की हालत बिगाड़ने के जिम्मेदार नगर निगम को दुरस्त करने के लिए अपनी ही सरकार के मुखिया डॉ रमन सिंह की शरण में जाती है, या खुद मंत्रियों को अपनी स्थिति दुरस्त करने के निर्देश देती है, यह देखने वाली बात होगी। 

 
 
 
 

 

16-09-2018
Medical Waste : खुले में फेंकी गई जेनरिक दवाएं खाकर 24 गायों की मौत, 20 की हालत नाजुक

रायपुर। शहर में नगर निगम और मेडिकल प्रबंधन की लापरवाही से मेडिकल वेस्ट खाकर 2 दर्जन से अधिक गायों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घटना डुमरतराई की है। यहां बड़ी मात्रा में जेनरिक दवांए फेंक दी गर्इं थी। जानवरों से इसे खा लिया। कुछ देर बाद वे जोर-जोर चिल्लाने लगी और आखिरकार 2 घंटे के बाद उनकी मौत हो गई। बताया जा रह है कि 20 से अधिक गायों की हालत नाजुक बताई जा रही है।

बता दें कि शहर में मेडिकल वेस्ट का प्रबंधन सही तरीके से नहीं हो रहा है। अस्पताल संचालक मेडिकल वेस्ट शहर के आउटर में खुले में फेंक देते हैं। यह वातावरण के भी काफी हानिकारक है।

12-09-2018
Bhilai Municipal: सुअर से पूरा शहर परेशान, निगम अमला पकड़ने गए तो पालकों का हंगामा, कर्मचारियों से दुर्व्यवहार 

भिलाई। एक तरफ पूरा शहर सुअरों से परेशान है। इसकी शिकायत जब प्रशासन अधिकारियों सकी गई तो नगर निगम अमला सुअर पकड़े पहुंचा। नेवई में निगम की टीम ने 4 सुअर पकड़ भी लिया, लेकिन इसी बीच सुअर पालक आ गए। उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों से दुर्व्यवहार भी करने लगे। आखिरकार पकड़े गए सभी सुअरों को छोड़ना पड़ा। विरोध को देखते हुए रिसाली जोन कमिश्नर टीके रणदीवे ने शुकरों को छोड़े के लिए कह दिया। जैसे ही सुअरों को छोड़ा गया। प्रदर्शनकारी वापस अपने डेरे की ओर लौट गए।

बता दें कि  स्वास्थ्य विभाग की टीम बुधवार को नेवई थाना के पीछे बस्ती से आवारा सुअरों को पकड़े पहुंची थी। जाल बिछाकर दो घंटे के अंदर चार सुअरों पकड़ चुके थे। सुअरों को पकड़ने की खबर डेरा में रहने वाले लोगों को मिली। सभी मौके पर पहुंच गए। कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने लगे।

विवाद को बढ़ता देखकर कर्मचारी नेवई थाने पहुंचे, तो जोन कमिश्नर रणदीवे ने पकड़े गए सुअरों को छोड़े के लिए कहा दिया। वहीं स्वच्छता निरीक्षक रवि कुशवाहा ने सुअरों को खुला छोड़े पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। अज्ञात के नाम पर थाने में शिकायत भी की है।नगर निगम अब अभियान चलाकर कैंप, खुसीर्पार, छावनी, शारदापारा, सुपेला, संजय नगर क्षेत्र से 170 से अधिक शुकर पकड़ चुकी है। शहर से दूर सरायपााली और नंदनी नगर माइंस एरिया में ले जाकर छोड़ देते हैं।

06-09-2018
Dengue : डेंगू से रायपुर में एक और मौत, आंकड़ा पहुंचा 46

रायपुर। डेंगू पीड़ित एक महिला का रायपुर में निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला भिलाई के वार्ड क्रमांक 29 बापू नगर खुर्सीपार में रहती थी। 25 अगस्त से महिला सुष्मा तिवारी बीमार थी और इलाज कराया गया इसमें पता चला कि महिला डेंगू से पीड़ित है। रायपुर में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। वहीं डेंगू का आंकड़ा 46 पहुंच चुका है। 

बता दें कि कुर्सीपार वार्ड-29 बापू नगर निवासी 45 वषीर्या सुषमा तिवारी को तेज बुखार, पेट, सीने में दर्द और उल्टी की शिकायत पर 25 अगस्त को जिला चिकित्सालय दुर्ग में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में रिपोर्ट डेंगू पॉजीटिव और 7 हजार प्लेटलेट्स बताया गया। नाजुक हालात को देखते हुए रायपुर के लिए रेफर किया गया था। जहां 9 दिनों तक इलाज चला। इस बीच मल्टी आर्गन फेलियर होने की वजह से मरीज की मौत हो गई। अब तक भिलाई में डेंगू से मरने वालों की सख्या 40 हो गई है।

डेंगू के फैले प्रकोप से दुर्ग-भिलाई सहित प्रदेशभर के हजारों लोग हलाकान हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग मौत के सटीक आंकड़े तक नहीं दे पा रहा है। विभाग की ओर से एलाइजा जांच में पॉजिटिव आए मरीजों की मौत के बावजूद वजह जानने की कवायद की जा रही है। ऐसे में दुर्ग-भिलाई में ही 39 लोगों की मौत के बाद भी सरकारी आंकड़ा 8 पर ही पहुंच पाया है।

नहीं हो रही एंटी लार्वा का छिडकाव

नगर निगम के जोन के अधिकारी-कर्मचारी इतने अधिक बेपरवाह हो गए हैं कि फोन करने के बावजूद न तो फाङ्क्षगग कराते और न ही एंटी लार्वा दवा का छिडकाव करने के लिए कर्मचारी भेजते हैं।

जबकि खुद अधिकारियों ने जोन स्तर पर फॉर्गिंग के लिए रोस्टर बनाया है। इस रोस्टर के अनुसार ही फागिंग नहीं की जाती है, जबकि रजिस्टर में फागिंग होने का उल्लेख किया जाता है। इसी तरह एंटी लार्वा दवा का छिडकाव भी महीने में एक बार ही की जाती है, वो भी निगम के आला अधिकारियों को फोन करने पर । नगर निगम के जोन के अधिकारी-कर्मचारी इतने अधिक बेपरवाह हो गए हैं। 

आकड़ों पर नजर (30अगस्त तक)

भर्ती मरीज 3522

डिस्चार्ज मरीज 2745

दुर्ग से बाहर रेफरल 185

05-09-2018
Dr. Raman Singh: बिलासपुर में मशीनीकृत सफाई व्यवस्था की मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह करेंगे शुरूआत

बिलासपुर। शहर में जीआईएस आधारित मशीनीकृत व मैनुअल सफाई परियोजना का उद्घाटन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह गांधी चैक पर करेंगे। इस परियोजना के तहत शहर के 27 किलोमीटर मुख्य मार्गों की सफाई होगी, वहीं मैनुअल आधारित वार्ड क्रमांक 1 से 59 तक में 475 किलोमीटर की सफाई होगी। उक्त बातें मंगलवार की दोपहर नगर निगम विकास भवन स्थित दृष्टि सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में मेयर किशोर राय ने कही। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर का 22वां रैंक आया है। मशीनीकृत और मैनुअल सफाई परियोजना से निश्चित तौर पर रैंक में और सुधार होगा। कमिश्नर सौमिल रंजन चैबे ने कहा कि जीआईएस आधारित मशीनीकृत और मैनुअल सफाई परियोजना तीन वर्ष के लिए होगा। इसमें प्रतिमाह 1 करोड़ 55 लाख और पूरा परियोजना की लागत 55 करोड़ रुपए होगी। परियोजना की लागत में केंद्र व राज्य से भी सहयोग मिलेगा। वर्तमान में ठेकेदारों से कराए गए कार्य में सफाई नहीं होने की शिकायतें रहती है, लेकिन जीआईएस बेस्ड स्वीपिंग में यह शिकायत नहीं होगी।

इसके लिए नव तकनीकी पर आधारित एक कंट्रोल रूम विकास भवन में ही बनाया जाएगा, जहां से मशीनीकृत व मैनुअल दोनों सफाई व्यवस्था पर कंपनी के कर्मचारी नजर रखेंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के आने से सफाई कर्मियों को काम से निकालने वाली दिक्कत नहीं है। यही कर्मचारियों को लायन सर्विसेस कंपनी द्वारा ट्रेनिंग देकर कार्य कराया जाएगा और जो नियमित सफाई कर्मचारी हैं उन्हें निगम के दूसरे टास्क बेसेस कार्यों में लगाए जाएंगे। लायन सर्विस लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट सुनील सिंह ने बताया कि पूर्व में विभिन्न नगर निगमों में आए मशीनों से यह बेहतर मशीन है। इसमें एक सेंटर ब्रश लगा हुआ है। हाई पावर का सक्शन लगा हुआ है, जो सड़कों पर आने वाले पत्थर, मिट्टी या मृत जंतुओं को उठाने में सफल होगा, चुंकि मशीनकृत सफाई रात्रिकालीन होगी। इसलिए मशीन के आवाज को सर्वोच्च न्यायाल के गाइड लाइन के अनुसार नियंत्रित किया गया है। इसमें खास फिल्टर तकनीक है, जो सड़कों से मिट्टी व धूल को फिल्टर करेगा। पूर्व रूप से यह मशीन पर्यावरण प्रदुषण को ध्यान में रखकर बनाया गया है। उन्होंने कहा कि गूगल मैप के आधार पर पूरे शहर का जीआईएस रूट तैयार किया गया है। इसमें 30 सफाई कर्मचारियों पर एक सुपरवाइजर होगा, जो मोबाइल एप के माध्यम से कर्मचारियों की उपस्थिति लेगा। इसमें सफाई से संतुष्ट होने पर ही कर्मचारियों की उपस्थिति मान्य होगी। जीआईएस बेस्ड होने के कारण हर रूट में होने वाली सफाई का कंट्रोल रूम से नजर रखा जा सकेगा।

24 घंटे एमरजेंसी सुविधा भी

लायन कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट सुनील सिंह ने बताया कि एक एमरजेंसी टीम भी होगी, जो शहर में घूम कर सुविधा प्रदान करेगी। इसमें कहीं पर भी एक्सीडेंट हो जाता है या डेड एनीमल पड़ा है या किसी भी कारण से गंदगी पड़ी है तो टीम द्वारा वहां जाकर तत्काल सफाई की जाएगी। एक्सीडेंट होने पर कांच टूकड़े सड़क पर फैले होते हैं या जुलुस रैली के दौरान पानी के पाउच, बाटल, डिस्पोज गिलास, पेपर प्लेट सड़क में पड़े होते हैं। इसकी भी तुरंत सफाई होगी।

वीडियो प्रेजेंटेशन से दी गई सफाई की जानकारी

प्रेसवार्ता के दौरान लायन सर्विस लिमिटेड के अधिकारियों द्वारा पत्रकारों के समक्ष एक वीडियो प्रदर्शित किया गया। इस दौरान वीडियो में कंपनी द्वारा किस तरह से मशीनीकृत और मैनुअल सफाई कराई जाएगी उसकी जानकारी दी गई।

नगर घड़ी का भी लोकार्पण

मुख्यमंत्री डा. रमन् सिंह नेहरू चैक स्थित नगर घड़ी का लोकार्पण बुधवार की शाम 6.30 बजे करेंगे। यह घड़ी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित होगा। नगर घड़ी में पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के चित्र के साथ उनके कविताओं के कुछ पक्तियां लिखी होगी।

01-09-2018
Dengue : बिलासपुर में डेंगू की दस्तक, दो पीड़ित मिले

बिलासपुर। राज्य में डेंगू ने महामारी का रुप धारण कर  लिया है। शहर में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या दिनोदिन बढ़ती ही जा रही है। फिर भी अब तक नगर निगम बेपरवाह नजर आता है। अब तीन और मरीज डेंगू पीड़ीत मिले हैं जो करबला, सरकंडा और लालखदान के निवासी हैं। इन तीनों का इलाज जिला अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं एक संदेही का सैंपल लिया गया है।

शहर में अभी तक विनोबा नगर, वसंत विहार,साकेत अपार्टमेंट, ओम जोन, हेमूनगर, कंस्ट्रक्शन कालोनी, राजकिशोर नगर, जूना बिलासपुर व मध्य नगरी से मरीज मिल चुके हैं। इन मरीजों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है। इससे शहर में दहशत का माहौल है। तीन मरीज और मिलने से चिंता बढ़ गयी है। डेंगू को कंट्रोल करने में नगर निगम सुस्त है। स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह और जिला प्रशासन असफल दिखाई दे रहा है।

वसंत विहार में चार दिन के भीतर दो मरीज और बढ़ गये। वहीं सरकंडा में डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। नदी किनारे रहने वाले तीन और लोग डेंगू से पीडि़त पाये गये हैं।वहीं अब डेंगू ग्रामीण क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है जिले के कोटा, मस्तूरी, सीपत, रतनपुर, पेंड्रा, लोरमी में भी मरीज मिल चुके हैं। उन्हें उपचार के लिए सिम्स व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब तक जिले में डेंगू से 160 मरीज प्रभावित है।

स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि डेंगू से निपटने के लिए नगर निगम का लगातार अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न वार्डों में दवा झिड़काव के साथ फागिंग की गयी है साथ ही मुनादी कर पर्चो का वितरण कर जागरुकता अभियान चलाया गया। घरों में जाकर कूलर से पानी निकलवाया जा रहा है।

जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. एसके लाल का कहना है कि  जिले में तीन मरीज मिले हैं दो को डेंगू है और एक संदिग्ध है। तीनों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।

     

         

 

28-08-2018
Smart City: चार दिनों की बारिश में ही हांफ गई राजधानी 
र्स्माट सिटी के दावे  फेल, यहां टैक्स देकर नर्क भोगने पर मजबूर हैं लोग
21-08-2018
BJP : राज्य में भाजपा की सरकार, फिर भी भाजपा पार्षद की सुनवाई नहीं

रायपुर। राज्य में भाजपा की सरकार होने के बाद भी भाजपा पार्षद अपने वार्ड में हुकुमत नहीं चल रहा है। भाजपा पार्षद बीते तीन साल से नाली और सड़क के लिए बिरगांव के महापौर और आयुक्त को लिख चुके हैं। बावजूद तीन साल में पक्की सड़क तक नहीं बनी, जनता से पीड़ित पार्षद अपनी समस्या कलेक्टर ओपी चौधरी से मिलकर निराकरण करने के लिए कहा है। कलेक्टरों चौधरी ने आश्वासन देते हुए नाली-सड़क निर्माण करवाने की बात की है। 

राज्य में जहां भाजपा की सरकार और महापौर, विधायक होने के बाद भी भाजपा के पार्षद का नगर निगम से काम नहीं किया जा रहा है। जबकि भाजपा पार्षद ने तीन साल में कई बार महापौर, विधायक और जोन आयुक्त को लिखित में सड़क, नाली निर्माण समेत वार्ड में स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड बनवाने की बात की है। बावजूद तीन साल में उनकी एक भी समस्या का निराकरण नहीं किया गया है। जबकि वार्ड पार्षद खुद के लिए नहीं जनता के लिए अगुवाई कर रहा है। ग्लिब्स टीम को वार्ड पार्षद पतीराम साहू ने बताया कि तीन साल में कई बार चक्कर काट चुका हूं। लेकिन किसी प्रकार से समस्या का निदान नहीं किया जा रहा है। 

बिरगांव के ठाकुर देव वार्ड क्रमांक 18 के पार्षद पतीराम साहू ने बताया कि मेरे क्षेत्र उरकुरा में तीन साल से आम जनता के लिए सड़क नाली निर्माण नहीं किया गया है। वहीं स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड जैसे जरूरी समस्या का निदान भी नहीं किया गया है। जनता की शिकायत लेकर आज कलेक्टर ओपी चौधरी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में होने वाली समस्या का निराकरण करने के लिए कहा गया है। कलेक्टर ने आश्वासन देकर समस्या का निदान करने की बात की है।  

पांच हजार आबादी है उरकुरा में 

बिरगांव के ठाकुर देव वार्ड क्रमांक 18 में करीबन पांच हजार की आबादी है और जनता को बारिश के वजह से कापी परेशानी होती है। बारिश में पानी गिरने से कीचड़ हो जाता है, लोग गिरकर घायल हो जाते हैं। वहीं स्मार्ट कार्ड, राशन कार्ड नहीं होने से क्षेत्र के लोगों के इलाज कराने और राशन नहीं मिल रहा है। जबकि इसकी शिकायत कई बार किया जा चुका है।

18-08-2018
Fogging Machine : मच्छरों को मारने वाली नगर निगम की फॉगिंग मशीन है बीमार, सालभर से नहीं हो रही है फॉगिंग 

रायपुर। राजधानी रायपुर में डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है। इधर नगर निगम की फॉगिंग मशीन सालभर से बीमार चल रही है। उसे सुधारने के लिए भी अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। नगर निगम को सलाना मलेरिया-डेंगू उन्नमूलन के लिए लाखों रुपए मिलता है। इसके बावजूद नगर निगम अफसर मच्छरों के नियंत्रण के लिए किसी प्रकार से कोई कदम नहीं उठाया है। जबकि राजधानी में मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। नगर निगम आयुक्त प्रचार-प्रचार के नाम पर लाखों रुपए फूंक रहा है, लेकिन डेंगू-मलेरिया नियंत्रण के लिए फॉगिंग एंटी लार्वा गंबूसिया मछली नहीं डाला जा रहा है। जबकि गंबूसिया मछली डाले जाने पर एंटी लार्वा खाकर मच्छरों को पनपने से रोका जाता है और मच्छरों का आतंक खत्म हो जाता है। मच्छरों से निदान करने के लिए न तो फॉगिंग किया जा रहा है और न ही गंबूसिया मछली डाली जा रही है। राजधानी में प्रचार के मध्याम से यह बताया जा रहा है कि घरों में गंदा पानी जमा न होने दें। जबकि राजधानी में जरूरत है कि फॉगिंग किया जाए और मच्छरों का आतंक रोकने के लिए एंटी लार्वा डाला जाना चाहिए। 

इस तरह खाएगी ये मछली लार्वा 

इसके लिए गम्बूसिया मछली को बारिश के मौसम शुरू होने के साथ ही पनपने वाले मच्छरों पर रोक लगाने के लिए तालाबों में छोड़ने की योजना शुरू कर दी है। ये मछलियां डेंगू और मलेरिया के लार्वा मिलते ही उन्हें बहुत तीव्रता के साथ खाना शुरू कर देती है। साथ ही ये मछलियां उतनी ही तेजी से बढ़ती है जितनी तेज गति से इन बीमारियों का लार्वा बढ़ता है।  

गम्बूसिया मछली की खासियत

गम्बूसिया मछली को मच्छरों का दुश्मन कहा जाता है। इस मछली की खासियत है कि यह दूसरी मछलियों की तुलना में नाले के पानी में भी जिंदा रह लेती है। स्थानीय भाषा में इसे गटर गप्पी के नाम से जाना जाता हैं। यह अंडे नहीं देती, बल्कि बच्चे देती है। ये मछली तीन इंच तक लंबी होती है। इस मछली के बच्चे भी 2 होने पर मच्छरों के लार्वा को खाने लगते हैं। आपको बता दें 24 घंटे में एक गम्बूसिया मछली 100 से 300 लार्वा खा सकती है। गम्बूसिया मछली को बढ़ाने के लिए 3 से 6 महीने का समय लगता है। एक मछली लगभग 4 से 5 साल तक जीवित रह सकती है और एक मछली में एक महीने में करीब 50 से 200 अंडे देने की क्षमता होती है।  

सालभर से नहीं हो रहा है फॉगिंग- प्रफुल्ल विश्वकर्मा 

नगर निगम सभापति प्रफुल्ल विश्वकर्मा ने बताया कि शहर में नगर निगम की ओर से सालभर से फॉगिंग नहीं हो रहा है, इसी वजह से मच्छरों का आतंक बढ़ गया है और लोग डेंगू-मलेरिया के चपेट में आने लगे हैं। जोन और नगर निगम में रखी गई मशीन भी कंडम हो चुकी है। 

शहर में हो रही है फॉगिंग -डॉ. बीके मिश्रा

नगर निगम स्वास्थ्य विभाग अधिकारी डॉ. बीके मिश्रा ने बताया कि शहर में फॉगिंग करने के लिए सात मशीन चालू है, जिसमें लगातार फॉगिंग हो रही है। वहीं तीन मशीन बंद होने के वजह से फॉगिंग कई जगह प्रभावित हो रहा है। जल्द ही फॉगिंग की व्यवस्था की जाएगी।

17-08-2018
Municipal Corporation: निगम के पास 26 करोड़ रुपए, तीन महीने के बाद भी एक धेला खर्च नहीं

रायपुर। राजधानी रायपुर के नगर निगम को तीन महीना पहले शासन से 26 करोड़ की बजट मिली थी। लेकिन बजट का अभी तक खर्च नहीं किया गया है। जबकि राजधानी में डेंगू से मौत होने लगी है। बावजूद नगर निगम प्रशासन विकास और स्वास्थ्य को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसी वजह से डेंगू और मलेरिया के मरीजों की संख्या बढ़ते जा रही है। 

महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि रायपुर नगर निगम के बजट में लगभग 26 करोड़ मिला है। इसमें सालभर का काम काज किया जाना है। इस साल के बजट में खेल, गार्डन, तालाब, युवा, थर्ड जेंडर, महिला, पेंशन सड़क नाली, बिजली पानी, पाइप लाइन बदलने, स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने समेत गार्डन में जीम और अन्य कार्यो के लिए शासन से पैसा मिला है। इसमें राजधानी में विकास कार्य किया जाना है। वहीं बजट में विधवा पेंशन मकान समेत अन्य कार्य किया जाना है। नई पाइप लाइन बिझाने, पानी सप्लाई करने के लिए टंकी बनवाने जैसे काम किया जाना है। दो महीना पहले नगर निगम को बजट मिल चुका है, लेकिन अभी तक विकास कार्य शुरू नहीं किया गया है। जबकि कुछ दिनों में बारिश  शुरू होगी और बारिश के दौरान कोई भी विकास कार्य नहीं होगा। ऐसे में नगर निगम विकास कार्य करने के नाम पर चुप्पी साध ली है। इसी वजह से आम जनता को परेशानी होती है।

राजधानी के लोगों ने बताया कि गार्डेन में झूले और जीम की मशीन लगाए गए थे वह भी टूटने लगें हैं जिस पर नगर निगम ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं राजधानी में पीलिया का प्रकोप बढ़ चुका था बजट के दौरान पाइप लाइन बदलने के लिए स्वीकृत की गई है, लेकिन पाइप लाइन भी नहीं बदला जा रहा है। बारिश में गंदा और दूषित पानी की समस्या होगी। बावजूद निगम प्रशासन पाइप लाइन बदलने को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। 

विकास कार्य को लेकर जल्द काम शुरू करेंगे - प्रमोद दुबे 

रायपुर नगर निगम महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि शहर के विकास कार्या के लिए शासन की ओर से 26 करोड़ रुपए मिला है। इसमें शहर की विकास कार्य कर जनता को लाभ पहुंचाया जाना है। विकास कार्य करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। टेंडर पास होने के बाद शहर में पाइप लाइन बदलने, स्वास्थ्य मुहैया, नई पाइप लाइन बिझाने सड़कों को सुधारने समेत अन्य काम करेंगे। 

14-08-2018
Dengue Effect : धमतरी में भी दिखा डेंगू का असर 3 मरीज भर्ती दो की हुई छुट्टी

धमतरी। पड़ोसी जिले दुर्ग में डेंगू का कहर का असर धमतरी में भी देखने को मिल रहा है। 3 मरीज धमतरी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हुए। जिसमें 2 की छुट्टी कर दी गई है।

भिलाई में डेंगू के कहर से इन दिनों 14 की मौत हो चुकी है। जिससे पड़ोसी जिले भी प्रभावित होने लगे हैं ।धमतरी जिले में भी इस के मरीज पाए गए हैं ।जिसमें से एक मरीज धमतरी जिले के ग्राम भेंड्रा निवासी है और 2 मरीज भिलाई से धमतरी के अस्पताल में इलाज करवाने पहुंचे थे। चारामा की डाली मांझी और मुड़ खसरा बालोद जिले के हीरा राम साहू वर्तमान में भिलाई में निवास करते हैं। दोनों को डेंगू होने पर वह धमतरी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती हुए थे। दोनों का प्लेटलेट्स काउंट काफी कम था जिसमें चार दिनों के बाद प्लेटलेट काउंट में सुधार होने पर उनकी छुट्टी कर दी गई।

नर्सिंग होम के डॉ अनिल रावत ने बताया कि दोनों का प्लेटलेट काउंट एक लाख के ऊपर हो गया और दोनों में डेंगू NS1 पॉजिटिव पाया गया था। तबीयत में सुधार होने के बाद दोनों की छुट्टी कर दी गई। इसी तरह एक भेंड्रा की छात्रा इन दिनों जिला अस्पताल में भर्ती है। जिसका इलाज चल रहा है। डॉ अखिलेश देवांगन ने बताया कि 6 तारीख से यह छात्रा भर्ती है। अब इसके स्वास्थ्य में काफी सुधार आया है। इसकी जल्दी छुट्टी कर दी जाएगी। नगर निगम आयुक्त रमेश जायसवाल ने बताया कि वार्ड में लगातार मेलाथियान और नुआन का छिड़काव किया जा रहा है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

10-08-2018
Death Of Cow: गाय की मौत पर भड़के लोग,नगर निगम गेट पर शव रखकर किया प्रदर्शन 

रायपुर। बीती रात इनोवा ने गाय को ठोकर मार दी। ठोकर इतनी भयानक थी कि मौके पर ही गाय की मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने गाय के शव को नगर निगम के गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। लोगों ने घटना की सूचना प्रशासन को भी दी लेकिन किसी ने इस घटना को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। प्रदर्शन में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष जन्मज्य मिश्रा भी शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली से पूरा शहर बदहाल है। पूरे शहर में आवारा मवेशी घूम रहे हैं। इसकी वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। सड़कों पर आवारा घूम रहे मवेशी वाहनों की ठोकर से मारे जा रहे हैं तो वहीं बाइक सवार भी इन मवेशियों के कारण दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष जन्मज्य मिश्रा ने आज नगर निगम घेराव करने की चेतावनी दी है। 

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