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Exclusive: कांजी हाउस में चारे की नहीं कोई व्यवस्था, भूख से तड़प रहे बेजुबां

रायपुर। सड़क पर घूम रहे अवारा मवेशियों को पकड़ने के बाद नगर निगम कांजी हाउस में डाल तो देती हैं लेकिन गायों को चारा तक नहीं दी जाती है। ऐसे में 50 से ज्यादा गायों की हालत खराब हो गई है। गायों को खाने के लिए चारा भी नहीं दिया जा रहा है। इससे कई गाय भूख से बीमार हो रही है। 
Glibs.in ने रायपुर के कांजी हाउस की पड़ताल की। लाखे नगर स्थित कांजी हाउस में 50 से ज्यादा गाय और बछड़े हैं खाने के लिए चारा नसीब नहीं हो रहा है। जबकि नगर निगम प्रशासन दावा कर रही है कि कांजी हाउस में गायों के लिए चारे की पूरी व्यवस्था है। लेकिन पड़ताल से बेजुबा जानवरों के साथ हो रहे अत्याचार का खुलासा होता है। चारों में अधिकारी घोटाला करने लगे हैं। जहां कांजी हाउस है वहां गायों के लिए चुन्नी खरी और पैरा कुट्टी तक नहीं दिया जा रहा है। पड़ताल के दौरान देखा गया कि गाय और बछड़े भूख से बिलख रहे थे। लेकिन बेजुआ जानवारों का कोई सुनने वाला नहीं है। 
वहां के गार्ड ने बताया कि गायों को भूखा रखा जाता है। वहीं गायों के बीमार होने पर इलाज के लिए डॉक्टर तक नहीं आते हैं। गायों के मरने पर उन्हें निगम की गाड़ियों में ले जाकर फेंक देते हैं। 

क्या कहते हैं जिम्मेदार 

गायों को देते हैं चारा - बल्लू शर्मा 
लाखे नगर कांजी हाउस प्रभारी बल्लू शर्मा ने बताया कि गायों के लिए नगर निगम से जितना बजट मिलता है उतनी मात्रा में चारा दी जाती है, वैसे भी कांजी हाउस में चारा की व्यवस्था है। लेकिन जब मौके पर चारा दिखाने की बात कही गई तो उन्होंने इसका जवाब नहीं दिया। 
जानकारी लेता हूं - प्रमोद दुबे
वहीं रायपुर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि कांजी हाउस में गायों के लिए निगम में अलग से बजट स्वीकृत होती है। गायों को चारा नहीं दिया जा रहा है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। मैं जिम्मेदारों से बात करता हूं।

संविदा कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन हड़ताल, मरीज हो रहे हैं परेशान

रायपुर। संविदा और डेली विजेस कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है, इसका खामियाजा प्रदेशभर के मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि देखा जा रहा है कि जो कर्मचारी अस्पताल में काम करते थे, वह हड़ताल पर आंदोलन कर रहे हैं। ऐसे में मरीजों का सरकारी अस्पताल में इलाज नहीं हो रहा है। वहीं हड़ताल का असर सरकारी दफ्तरों में भी देखने को मिल रहा है। संविदा कर्मचारी नियमितीकरण की मांग को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं, बावजूद राज्य शासन उनकी मांगे पूर्ण नहीं कर रही है। इसी वजह से अब अनिश्चितकालीन हड़ताल कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दी है।

बता दें कि धरना स्थल पर प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी किया जा रहा है। आंदोलन करने वाले कर्मचारियों की एक ही मांगे है, छत्तीसगढ़ में ठेका प्रथा बंद कर उन्हें रेगुलर की जाए। इधर संविदा कर्मचारियों को प्रदर्शन से सरकारी दफ्तरों में काम काज प्रभावित हो रहा है। प्रदेशभर में संविदा और डेली विजेस कर्मचारियों की संख्या डेढ़ लाख है और उन्हीं के भरोंसे सरकारी दफ्तरों में काम होता है।

सरकारी दफ्तरों में हो रहा काम प्रभावित

संविदा कर्मचारियों के हड़ताल में चले जाने के बाद से नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग में सफाई का काम प्रभावित हो रहा है। नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनाने के लिए कर्मचारियों स्मार्ट कार्ड बनाने की जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग को मिला है, वह भी शहर में नहीं बन रहा है। क्योंकि प्रदेशभर में संविदा कर्मचारियों की संख्या डेढ़ लाख है इसी वजह से परेशानी हो रही है।

हड़ताल में अफसर भी है शामिल

संविदा कर्मचारियों को संविदा में काम करने वाले अफसरों का संरक्षण भी मिलने लगा है। वे अपने सरकारी गाड़ियों में जाकर धरना स्थल पर कर्मचारियों की मदद करने लगे हैं। सूत्रों की माने तो धरना प्रदर्शन में अफसर खुलकर सामने तो नहीं आ रहे हैं। लेकिन पीछे से पूरा मदद किया जा रहा है। इसी वजह से संविदा कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल करने का बड़ा फैसला लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

अफसर का साथ है : राजकुमार कुश्वाहा

संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव राजकुमार कुश्वाहा ने बताया कि कर्मचारियों द्वारा रेगुलर करने को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। शासन द्वारा मांग पूरा नहीं किया गया तो बड़ी कदम उठाकर आंदोलन करेंगे। हमारे साथ अफसर भी है और वे लोग हमारी मदद कर रहे हैं। हालाकि वे धरना प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, लेकिन पीछे से मदद कर रहे हैं।

नगर निगम के वार्ड 41 चुनाव पर जबलपुर हाईकोर्ट ने दिया स्टे, आज से होना था नामांकन

भोपाल। नगर निगम भोपाल के आगामी दिनों में होने वाले वार्ड 41 के चुनाव पर जबलपुर हाई कोर्ट ने स्टे दे दिया है। जबलपुर में जस्टिस संजय द्विवेदी की कोर्ट ने होने वाले चुनाव को स्थगन दिया हैं। ज्ञात हो कि चुनाव के लिए आज से नामांकन की प्रक्रिया शुरू होना थी मगर उससे पहले ही जबलपुर हाईकोर्ट का स्टे आ गया है।

वार्ड 41 की सीट कांग्रेस पार्षद फ़हमीदा अकबर का चुनाव शून्य होने के बाद खाली हो गई थी जिस पर दोबारा से चुनाव कराए जाना है। फर्जी जाति प्रमाण पत्र का उपयोग कर चुनाव जीतने वाली कांग्रेस पार्षद फ़हमीदा अकबर का जाति प्रमाण पत्र रद्द होने के चलते निर्वाचन संभागायुक्त ने दिसंबर 2017 में निर्वाचन को शून्य किया था और यह पूरी कार्यवाही देवास सब डिविजनल मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर की गई थी। 3 साल पहले हुए नगर निगम भोपाल के चुनाव में वार्ड 41 से फहमीदा ने कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ा था और भाजपा की पार्षद प्रत्याशी समीना रेहान को 1951 वोट से हराया था। चुनाव के बाद पार्षद प्रत्याशी समीना और मकबूल अहमद ने फहमीदा के जाति प्रमाण पत्र की जांच करने की मांग की थी क्योंकि वार्ड 41 की सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित थी।

प्राइवेट तालाब पर निगम का कब्जा, मछली पालन के लिए जारी किया टेंडर

रायपर। टिकरापारा स्थित सरजूबांधा तालाब पर नगर निगम ने कब्जा किया है। जबकि यह तालाब सीके अग्रवाल का बताया जा रहा है, और सरकारी रिकार्ड में यह निजी भूमि है। इसके बावजूद नगर निगम ने इसपर कब्जा कर मछली पालन का ठेका दे दिया गया है। सीके अग्रवाल ने जब इस पर आपत्ति लगाया गया, तो वर्तमान में काम रोक दिया गया। इधर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे ने कहा कि निजी तालाब का केस सीके अग्रवाल हार गए हैं। इसी वजह से तालाब में मछली पालन का ठेका दिया गया है।

ग्लिब्स टीम को  इस मामले सूचना मिली थी कि यह मामला विवादित है बावजूद इसके नगर निगम ने सरजूबांधा तालाब में निगम ने कब्जा जमा लिया है ।  यहां मछली पालान और सवा दो करोड़ की लागत से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। शिकायत पर टीम पड़ताल करने तालाब की जमीन पर केस लड़ने वाले राज किशोर अग्रवाल से मिलकर बात की।

केस खत्म होने के बाद दिया ठेका : महापौर

उन्होंने बताया कि लंबे समय से मेरे द्वारा तालाब के लिए लड़ाई लड़ी जा रही है। यह तालाब हमारी पैत्रिक जमीन है और नगर निगम की अवैध तरीके से कब्जा जमाकर यहां से पैसा कमाने की मंशा है। विवादित तालाब में पहले भी मछली पालन का ठेका दिया गया था। जब आपत्ति लगाई गई तो ठेका निरस्त कर दिया गया। अब दोबार हाल ही में ठेका दिया गया है। बार-बार ठेका देकर नगर निगम राजस्व का नुकसान कर रहा है। दो बार पहले भी नगर निगम ने तालाब का मछली पालन ठेका दिया जिसे आपत्ति लगाकर निरस्त करवाया गया है। नगर निगम के अफसरों को तालाब विवादित है जानकारी होने के बाद भी ठेका दिया जा रहा है। इधर पूरे मामले को लेकर नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे  ने  कहा कि सरजूबांधा तालाब निजी जमीन सीके अग्रवाल की है उनके द्वारा केस कोर्ट में लगाया गया था वह केस खत्म हो जाने के बाद निगम द्वारा तालाब में मछली पालन का ठेका दिया गया गया है।

लोगों के सेहत से खेल रहा नगर निगम,  शहर के 17 वार्डों में गंदे पानी की सप्लाई

धमतरी। शहर में तमाम असुविधाओं के बीच अब लोगों को पीने के लिए साफ पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। नगर निगम ने गंदा पानी सप्लाई कर रहा है। लोगों के घरों में लगे नलों से मटमैला पानी आ रहा है। यह शिकायत महीनों से हैं। अफसरों को भी सूचना दे दी गई है। इसके बाद गंदे पानी की सप्लाई को रोकने के उपाय नहीं किए जा रहे हैं। यानि खुले तौर पर नगर निगम प्रशासन आम जनता के सेहत से खेल रहा है।

नगरीय प्रशासन  संचनालय से जारी रिपोर्ट के मुताबिक धमतरी शहर के करीब डेड़ दर्जन वार्ड के लोग गंदा पानी पी रहे हैं। ऐसे मे नगर निगम के शहर वासियों  को साफ पानी पिलाने के तमाम दावे असफल साबित हो गए हैं। दरअसल शासन ने 2017 मे  प्रदेश के सभी नगर निकायों मे वहां के लोगों को पीने के लिए मिलने वाले पानी का सैंपल लेने का आदेश जारी किया था, जसके चलते निगम क्षेत्रों मे रोजना पीने की पानी का सैम्पल वार्ड के मितानिनो के जरिए लेकरऔर जांच के लिए शासन के लैब मे भेजा गया था, जिसमे से शहर के 24 जल स्त्रोतों के पानी मे बीमारी फैलने वाले बैक्टीरिया पाए गए, जिससे कई तरह की संक्रामक बीमारियां फैल सकती है। जुलाई 2017 में शासन ने पत्र भेज कर ऐसे जल स्त्रोतों में दवा डालना या इन्हें बैंड करने के निर्देश दिये थे। लेकिन अभी भी धमतरी के 24 हैंडपंप का पानी प्रदूषित पाया गया है।

रायपुर उत्तर से विधायक बनने भाजपा नेताओं में होड़, आधा दर्जन दावेदार

रायपुर। प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। टिकट के दावेदार आला नेताओं और जनता की गणेश परिक्रमा शुरू कर चुके हैं। प्रदेश की राजधानी रायपुर में उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा नेताओं की पहली पसंद बनी हुई है। दरअसल यही एकमात्र ऐसी सीट है, जिस पर भाजपा नेता आसानी से दावेदारी कर सकते हैं। बाकी तीन सीटों में दो पर मंत्रियों का कब्जा है। वहीं एक सीट रायपुर ग्रामीण है, जिस पर ग्रामीण नेताओं ने का हक है! ऐसे में एक मात्र सीट रायपुर उत्तर ही बची है, जिस पर दावेदारी करना आसान माना जा रहा है। इस सीट पर मौजूदा विधायक भाजपा के श्रीचंद्र सुंदरानी हैं। उनके पहले इसी सीट से सच्च्दिानंद उपासने विधानसभा चुनाव लड़े थे, उन्हें कांग्रेस के कुलदीप जुनेजा ने पराजित किया  था।

वर्तमान विधायक श्रीचंद सुंदरानी को लेकर क्षेत्र में जनता के बीच से अच्छी प्रतिक्रिया नहीं आ रही है। वहीं इस सीट से अन्य दावेदार भी सक्रिय हैं, इनकी वजह से भी श्रीचंद सुंदरानी का प्रभाव व वर्चस्व प्रभावित हुआ है। हालांकि श्रीचंद ने रायपुर उत्तर की हारी सीट को कांग्रेस से छीना था। क्षेत्र में जातिगत समीकरण में भी वे फिट बैठते हैं।

राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा है कि इस सीट से प्रबल दावेदार नगर निगम के पूर्व सभापति और वर्तमान रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव माने जा रहे हैं। उनके अलावा पूर्व महापौर और भाजपा उपाध्यक्ष सुनील सोनी, पर्यटन मंडल के उपाध्यक्ष केदार गुप्ता, भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने, जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल और योगी अग्रवाल भी रायपुर उत्तर सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी में है।

कांग्रेस से इनके नाम आ रहे सामने

उत्तर विधानसभा को लेकर जहां भाजपा पार्टी के अंदर घमसान मचा है वहीं कांग्रेस की ओर से भी दावेदार सामने आ रहें है, जिसमें महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, रमेश वर्ल्यानी, शोभा यादव और पार्षद अजित कुकरेजा शामिल है।

दो एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर भू-माफिया कर रहे अवैध प्लाटिंग, मोहल्लेवासियों ने खोला मोर्चा 

कोरबा। नगर निगम सीमाअंतर्गत राता खार वार्ड क्रमांक 3 में भू-माफियाओं ने दो एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा कर उसके अवैध प्लाटिंग कर बेचना शुरू कर दिया। इसके खिलाफ मोहल्लेवासियों ने मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने इसकी शिकायत तहसीलदार से की। तहसीलदार के आदेश पर जब पटवारी ने जांच की तो अवैध प्लाटिंग की शिकायत सही पाई गई।

इसके बाद नगर निगम आयुक्त ने तोड़ू दस्ता दल के अधिकारी श्रीधन बनाफर को अवैध कब्जा मुक्त  कराने व वहां बन रहे मकानों को तोड़ने का आदेश जारी  किया। इसके बाद भी श्रीध बनाफर ने भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई बरत रहे हैं।  स्थानीय क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस जमीन पर सार्वजनिक निस्तारी होती है। बच्चे यहां खेलते हैं। लोगों ने यहां सार्वजनिक भवन बनाने की भी मांग की है। अवैध कब्जा की शिकायत सही पाए जाने के बाद भी अफसरों द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है।

नगर निगम में नौकरी दिलाने बेरोजगारों से 20 लाख की ठगी, आरोपी युवक-युवती गिरफ्तार 

रायपुर। कोतवाली थाने की पुलिस ने एक युवक और युवती को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। दोनों पर बेरोजगार युवकों को नगर निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 20 लाख रुपए की ठगी करने का आरोप है। इन लोगों ने राजधानी सहित पड़ोसी जिले के आठ लड़कों को ठगी का शिकार बनाया है। मामले का खुलासा एएसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर और क्राइम डीएसपी अभिषेक महेश्वरी ने किया। 

पुलिस के मुताबिक बलौदाबाजार निवासी विनोद निषाद सहित अन्य आठ लोगों ने बोरियाखुर्द निवासी प्रतिभा सेट्ठी उर्फ रुपाली (32) और बलौदाबाजार, भाटापारा निवासी भागवत साहू के खिलाफ ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। प्रतिभा एक एनजीओ द्वारा संचालित कोचिंग सेंटर में ट्यूशन पढ़ाने का काम करती है। वहीं भागवत भी काम करता है। दोनों की पहचान कोचिंग सेंटर में हुई। बताया जा रहा है भागवत अपने क्षेत्र के बेरोजगार युवकों  को रायपुर नगर निगम कर्मचारी होना बताया। युवकों को झांसे में लेने के बाद युवक ने प्रतिभा का उन्होंने रायपुर नगर निगम के बड़े अधिकारी के रूप में परिचय कराया था। 

युवती पर प्लान बनाने का आरोप 

एएसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर के मुताबिक युवती की शादी लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुई है। शादी के बाद गृहस्थी चलाने पैसों की कमी और रईसी जिंदगी जीने के लिए युवती ने युवक को अपने विश्वास में लिया और पूरी ठगी की स्क्रिप्ट तैयार की। इसके बाद दोनों ने मिलकर बेरोजगार युवकों को नौकरी लगाने के नाम पर फंसाने का निर्णय लिया। युवती-युवक को ठगी के 20 प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में देती थी। 

ठगी के पैसों से जमीन खरीदी 

पुलिस के मुताबिक युवती ने ठगी की रकम से हाल ही में टिकरापारा स्थित वृंदावन कालोनी में एक हजार स्केवयर फीट जमीन खरीदा। पुलिस जमीन खरीदी के बारे में जांच कर रही है। दोनों युवक -युवती बेरोजगारों से पैसों की लेन-देन निगम गार्डन में की है। नौकरी नहीं मिलने पर जब युवकों ने इन दोनों के बारे में जानकारी एकत्रित किया तब हकीकत सामने आई और ये लोग शिकायत करने थाने पहुंचे।

सूअर के हमले से महिला घायल  

भिलाई। आवारा सुवरों के हमले के कारण एक महिला बुरी तरह से घायल हो गई। महिला को भिलाई के लाल बहादुर शास्त्री चिकित्सालय में उपचार के लिए भर्ती करा दिया गया है। दरअसल ये घटना उस समय हुयी जब वार्ड 21 में रहने वाली ललिता देवी गोबर उठाने निकली थी, लेकिन कचरों में सो रहे 3 से चार सुअरों ने उस पर हमला कर दिया। राहगीरों की मदद से पीड़िता को किसी तरह से छुड़ाया गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आवारा सुअरो ने ललिता देवी के शरीर पर कई जगहों पर दांत गड़ा कर गहरा घाव कर दिया है । इधर इस घटना के बाद वार्ड के लोगों मे जहां दहशत का माहौल है। तो वहीं भिलाई नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी उपजा हुआ है। आबादी वाले इलाके में विचरण करने वाले आवारा सुअरों से निजात दिलाने के लिए वार्डवासियों ने कई बार शिकायत की है लेकिन अब जब ये हादसा हो गया है। तब नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुचकर आबादी वाले इलाके से सुवरो को खदेड़ने की वाहवाही लूट रहे हैं।

फिल्टर प्लांट में नहीं हो रही बैक्टिरिया की जांच, भड़के महापौर

रायपुर। महापौर प्रमोद दुबे ने आज नगर निगम के फिल्टर प्लांट का दौरा किया। यहां उन्होंने उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें कुछ खामियां भी मिली, जिसे लेकर उन्होंने ठेकेदार को फटकार लगाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त  करने के निर्देश दिए। मेयर ने देखा कि एनीकट के सामने लाइट की व्यवस्था नहीं है। इससे फिल्टर प्लांट की मॉनिटरिंग करने में परेशानी होती है। वहीं पानी की शुद्धता की जांच करने के लिए ऐलम और क्लोरिन कितने मात्रा में डाले जा रहे हैं इसकी भी जांच की गई।

महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि ठेकेदार द्वारा फिल्टर प्लांट में काम करने वाले कर्मचारियों को कलेक्टर दर नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर वहां कर्मचारियों में नाराजगी है। ठेकेदार को कलेक्टर दर पर वेतन दिए जाने का निर्देश दिया गया है। मेयर श्री दुबे ने पानी में बैक्टिरिया जांच नहीं होने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। वहीं उन्होंने स्लम एरिया में सप्लाई होने वाली पानी की नियमित जांच करने के निर्देश दिए हैं

लकड़ी नहीं कंडे से होगा अंतिम संस्कार, महापौर के प्रस्ताव में एमआईसी ने लगाई मोहर

रायपुर। राजधानी रायपुर में अब अंतिम संस्कार करने के लिए लकड़ी के बदले गोबर के कंडे का उपयोग किया जाएगा। ताकि राजधानी में वृक्षों को जीवन दान मिल सके। देखा जा रहा है कि अंतिम संस्कार करने के नाम पर वृक्षों की कटाई किया जा रहा है। इसी वजह से अब नगर निगम के एमआईसी में महापौर प्रमोद दुबे ने प्रस्ताव पारित किया है कि राजधानी के शमशान घाट में शहर के गोबर के कंडे बनाकर अंतिम संस्कार की जाएगी। 

महापौर प्रमोद दुबे ने बताया कि शव का अंतिम संस्कार करने के लिए वृक्षों को काटा जाता है और इससे पर्यावरण का नुकसान होता है। इसे रोकने के लिए अब राजधानी के शमशान घाट में अंतिम संस्कार करने के लिए गोबर के कंडे का उपयोग किया जाएगा। इससे वृक्षों की अवैध कटाई पर रोक लगेगा साथ ही लकड़ी से अंतिम संस्कार किए जाने पर प्रदूषण नहीं होगा। आज मेयर इन काउनसिल की बैठक रखी गई थी। इसमें नगर निगम के महापौर प्रमोद दुबे ने 30 एजेंडा पर चर्चा किया। इसमें अंतिम संस्कार करने को लेकर विशेष कहा रुप से प्रस्ताव पारित की है। बताया गया कि कुटिर उघोग को इससे रोजगार का अवसर मिलेगा। बैठक में कुल 30 एजेंडा पर चर्चा हुआ इसमें नगर निगम की पुरानी दुकान को टेंडर कर किराए पर देने की बात की है। वहीं नगर निगम की भैंस स्थान में खाली जमीन है वहां मल्टी स्टाइल पर कॉम्पलेक्स बनाने की योजना है, इससे नगर निगम को काफी फयदा होगा। अभी तक खाली प्लाट पड़े होने से नगर निगम को यहां किसी प्रकार से फायदा नहीं हो रहा है। कॉम्पलेक्स या दुकान बनाकर यहां किराए से देने पर निगम की आमदानी होगी। महापौर प्रमोद दुबे ने यह भी बताया कि नगर निगम पीछे बैंक वालों को किराए से दुकान दिया जा रहा है, इससे भी निगम को राजस्व का फायदा होगा। 

भाजपा पार्षद दल ने घेरा निगम मुख्यालय, पानी सप्लाई नहीं होने पर जताई नाराजगी

रायपुर। भाजपा पार्षद दल ने गुरुवार को निगम मुख्यालय में जमकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान 70 वार्डों में पानी की सप्लाई नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान महापौर प्रमोद दुबे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद भाजपा पार्षद निगम मुख्यालय की गेट पर ही धरने पर बैठ गए। भाजपा पार्षदों ने आरोप लगाया कि  3 दिनों तक पानी की सप्लाई नहीं होने से आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। वही इंटकवेल भी सूख गया है। इसकी वजह से राजधानी में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है ।

क्या महापौर सो रहे हैं- सूर्यकांत राठौर

नगर निगम के नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर का आरोप है कि महापौर द्वारा शहर की जनता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा इसी वजह से शहर में पानी की सप्लाई ठप है। सूर्यकांत राठौर ने महापौर पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पानी चोरी की जा रही थी उस समय नगर निगम के महापौर सो रहे थे क्या?  जबकि पानी चोरी रोकने के लिए नगर निगम और महापौर की जिम्मेदारी होती है । ऐसी लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

 

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