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27-01-2021
Video : प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में होगा इजाफा, लिस्ट में जोड़े जाएंगे छूटे 6 हजार नाम

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने 6 हजार लोगों के नाम निकाले हैं। ये लोग पूर्व में संक्रमित हुए थे, लेकिन नाम परिवर्तन, निजी अस्पताल में इलाज जैसे कारणों से शासकीय आंकड़ों में शामिल नहीं किए जा सके थे। इन 6000 लोगों के नाम सूचीबद्ध कर अब प्रदेश के कुल कोरोना संक्रमित मरीजों की सूची में जोड़े जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने यह जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण के संपर्क में आए एक भी प्रदेशवासी का नाम छूटने नहीं देंगे। उन्हें सूची में शामिल कर पूरे आंकड़े छत्तीसगढ़वासियों के साथ साझा किए जाएंगे। बता दें कि 26 जनवरी की स्थिति में प्रदेश में कुल 297429 मरीजों की पहचान हो चुकी है। इनमें 189173 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 3644 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में एक्टिव केस 5021 है।

27-01-2021
कोरोना के 321 नए मरीजों की पहचान हुई, 152 मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हुए पर 9 लोगों को बचाया न जा सका

रायपुर। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पर डेली बुलेटिन जारी किया है। स्वास्थ विभाग द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार आज 321 नए पॉजिटिव मरीजों की पहचान की गई। जबकि 152 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग में 9 लोगों के कोरोना से मृत्यु की जानकारी दी है।

23-01-2021
आम नागरिकों से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने ऐहतियात बरतने की अपील की कलेक्टर शिव अनंत तायल ने

रायपुर/बेमेतरा। कोविड-19 की सैंपल जांच कार्य में तेजी लाने कलेक्टर शिव अनंत तायल ने स्वास्थ्य विभाग के अमले को निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक विकासखण्ड मे एन्टीजन टेस्ट व टू नॉट टेस्ट के जरिए आम नागरिकों का अधिक से अधिक जांच करने को कहा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मितानिनों का स्वास्थ्य जांच कर ली गई है। कलेक्टर ने आम नागरिकों से कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने ऐहतियात बरतने की अपील की। ’’दो गज की दूरी मॉस्क है जरुरी‘‘ इस नियम का पालन करना बहुत ही आवश्यक है समय-समय पर अपने हाथ को सैनिटाइजर करते रहें। कल शाम संयुक्त जिला कार्यालय के दिशा सभाकक्ष मे आयोजित बैठक में अपर कलेक्टर संजय कुमार दीवान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश शर्मा, जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. ज्योति जसाठी, खण्ड चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने कोविड-19 सेम्पल जांच मे नवागढ़ व बेमेतरा में अपेक्षित प्रगति नही होने पर इस कार्य में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान 31 जनवरी को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध मे चर्चा की गई। सीएमएचओ ने बताया कि जिले में शिशु संरक्षण माह जारी है। कोरोना संक्रमण से निपटने टीकाकरण के द्वितीय चरण की तैयारियों के संबंध में भी चर्चा व विचार विमर्श किया गया। प्रथम चरण के टीकाकरण का कोई साइड इफेक्ट अथवा विपरीत प्रभाव देखने को नहीं मिला अतः इससे घबराने की जरुरत नहीं है। आम नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई।

 

22-01-2021
Breaking : प्रदेश में मौत का आंकड़ा 36 सौ के पार,440 नए कोरोना मरीज मिले,7 मौतें 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को 440 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पहचान हुई है। 697 मरीजों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। आज 5 मरीजों की मौत हुई है। साथ ही पूर्व में हुई 2 और मौत की जानकारी मिली है। प्रदेश में अब तक 3601 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार लक्षण दिखते ही जांच कराने की अपील की जा रही है। डेथ आॅडिट समिति की रिपोर्ट में यह जानकारी मिली है कि जांच कराने में देरी होने से डॉक्टरों के पूरे प्रयास के बाद भी मरीजों को मौत हो रही है। मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक प्रदेश में अब 5308 एक्टिव केस हैं। आज सबसे अधिक मरीज रायपुर जिले में 80 मिले हैं। इसके बाद दुर्ग से 59, बलौदाबाजार से 35, रायगढ़ से 30 मरीजों की पहचान हुई है। दंतेवाड़ा और सुकमा जिले से एक भी मरीज नहीं मिले हैं। मेडिकल बुलेटिन देखने क्लिक करें-

22-01-2021
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने बेहिचक टीका लगवाए नागरिक, स्वास्थ्य विभाग ने की अपील, कहा- कोई दुष्प्रभाव नहीं

रायपुर/बेमेतरा। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से बेहिचक कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने टीका लगवाने की अपील की है। विभाग ने यह भी कहा है कि इसके कोई दुष्प्रभाव की खबरें नही आयी है, अतः अफवाहों पर ध्यान न देवें। जैसा कि आप सभी जनते हैं कि कोरोना वायरस का संक्रमण विश्वव्यापी महामारी के रुप मे सामने आया है। आम जनता का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है, साथ ही विभिन्न आयामों में असंतुलन की स्थिति निर्मित हो गई है। आमजन अपने घर की ओर लौटने लगे। गाड़ी, घोड़ा, हवाईजहाज, रेलगाड़ी मोटर सभी का मार्ग अवरुद्ध हो गया। आर्थिक, सामाजिक, एवं व्यवहारिक दृष्टिकोण बदल गया है। हम सभी को दो गज दूरी मास्क है जरुरी हाथों को धोना, हैण्ड सेनेटाईज के लिए प्ररित किया गया। कलेक्टर श्री शिव अनंत तायल ने भविष्य मे आम नागरिकों से टीकाकरण कार्य मे सहयोग करने की अपील की है।

भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इस बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ दिवस 16 जनवरी को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एस के शर्मा भी टीका लगवाकर सहभागी बने। उन्होंने कहा कि मेरी आयु 65 वर्ष है, मुझे टीका लगने के बाद किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव सामने नहीं आया है, मैं पूर्णतया सुरक्षित एवं स्वस्थ्य हूं। 28 दिवस के पश्चात टीके की दूसरे डोज लगाई जाएगी, जिसके पश्चात् शरीर मे कोविड-19 से लडने के लिए रोध प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने में समय लगता है। इसलिए कोविड संक्रमण से बचने हेतु उचित व्यवहार (मास्क का उपयोग, दो गज दूरी एवं साबुन से हाथ धोना) का पालन हमें करना ही होगा। मेरे साथ जिला सर्वेलेंस अधिकारी डाॅ. ज्योति जसाठी द्वारा भी यह टीका लगवाया गया है, जो कि पूर्व मे संक्रमित होकर पूर्णतया स्वस्थ हो चुंकी है। टीकाकरण के पश्चात पूर्णतः सुरक्षित एवं स्वस्थ है। बेमेतरा जिले मे कोविन पोर्टल मे पंजीकृत स्वास्थ्य अधिकारी/कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिनें एवं अन्य विभाग से पंजीकृत अधिकारी एवं कर्मचारियों से अपील है कि यह टीका अवश्य लगवायें। सुरक्षा ही बीमारी से बचने का मूल मंत्र है। दो गज की दूरी मास्क है जरुरी।

19-01-2021
सड़क सुरक्षा माह की हुई शुरुआत, ऑटो, बस और ट्रक चालकों का होगा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण

जगदलपुर। लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए सोमवार को सड़क सुरक्षा माह की शुरुआत की गई। पद्मश्री धरमपाल सैनी ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की। कल से शुरू हुए इस सड़क सुरक्षा माह के तहत पूरे माह विविध कार्यक्रम किए जाएंगे। यातायात जागरूकता रथ में शहर के सभी वार्ड और बाजारों में घूम कर लोगां को नियमां के प्रति जागरूक करेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर रैली, नुक्कड़ नाटक, ध्वनि विस्तारक यंत्र, पाम्पलेट के माध्यम से यातायात जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही ऑटो, बस एवं ट्रक चालकों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवाई वितरण स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग घाटलोंहगा में बने टोल प्लाजा के पास फस्ट-टेग बनाकर वितरण किया जाएगा। यातायात प्रभारी कौशलेश देवांगन ने बताया कि इस बार सड़क सुरक्षा पखवाड़ा पूरे महीने भर चलाया जाएगा सोमवार से इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।  जयचंद जैन, अनिल लुक्कड़, एडिशनल एसपी ओपी शर्मा व पुलिस विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों के उपस्थिति में कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। करीब 40 लोगों को सोमवार को निःशुल्क ट्रैफिक हेल्प कार्ड बाटा गया। यह कार्ड बनवाने के बाद वाहन चालकों को अलग से गाड़ी के कागजात, इंसोरेंस पेपर्स लाइसेंस रखने की जरूरत नहीं होगी। इस कार्ड में वाहन चालक की सारी डिटेल फिड होगी। इसके साथ ही लोगों को नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यातायात नियमों का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने, दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट धारण करने प्रेरित किया जाएगा। 

 

18-01-2021
टीकाकरण के बाद सिरदर्द, बुखार और दर्द की मिली शिकायत

रायपुर/जगदलपुर। जिले में कोविड के टीकाकरण के बाद जिले सिरदर्द, बुखार और इंजेक्शन लगने वाली जगह पर दर्द की शिकायत मिली है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, उनका कहना है कि सामान्य बात है, लेकिन फिर भी डाक्टरों की टीम को अलर्ट रहकर हालात पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बस्तर जिले के 6 सेंटरों में 100-100 चुनिंदा लोगों को टीके लगाए गए, इसके बाद रविवार को सभी सेंटरों मेकाज, महारानी अस्पताल, बकावंड, बस्तर, बड़ेकिलेपाल और नानगूर से मामूली शिकायत मिली है। सभी लोगों को डाक्टरों की निगरानी में रखा गया है। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ सी मैत्री ने बताया कि जिले के जिन केंद्रों में टीकाकरण हुआ, उनमें से कुछ सेंटर से शिकायत मिली है, सभी शिकायतें सामान्य किस्म की हैं, एक भी मामला गंभीर नहीं है।

18-01-2021
टीएस सिंहदेव ने ली बैठक, स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

रायपुर। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। बैठक सिविल लाइंस के विश्राम भवन में हुई। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के बजट, एम्बुलेंस और अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या, अधोसंरचना विकास और अन्य विभागीय कार्यों की समीक्षा की। इस बैठक में उन्होंने कोरोना की जिलेवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उचित दिशा-निर्देश दिए।

 

15-01-2021
छत्तीसगढ़ में शनिवार से कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत,पहले चरण में 2.67 लाख हेल्थ केयर वर्कर को लगेगी वैक्सीन

रायपुर।  छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीनेशन का कार्य शनिवार से सभी जिलों में शुरू हो रहा है। इसके तहत 2.67 लाख हेल्थ केयर वर्कर को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा। वैक्सीनेशन के कल के लांच के  लिए 97 वैक्सीनेशन साइट बनाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की  ओर से  प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में इन टीकों का वितरण किया जा चुका है । वैक्सीन लांच के टू-वे इंटरेक्शन  के लिए रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय और जगदलपुर के महारानी अस्पताल को चिन्हित किया गया है।

राष्टीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने बताया कि सभी जिलों में टीकाकरण के लिए मॉकड्रिल और आपात स्थिति से निपटने का पूर्वाभ्यास भी किया जा चुका है। छत्तीसगढ़ को भारत सरकार की ओर से पहली खेप में सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया निर्मित कोविशील्ड के तीन लाख 23 हजार टीके उपलब्ध  कराए गए हैं। ये टीके आईसीएमआर की ओर से प्रमाणित हैं। इन सब की जानकारी कोविन पोर्टल में एंट्री की गई है। टीकाकरण के लिए 7116 टीकाकरण कर्मियों को चिन्हांकित कर इसका प्रशिक्षण दिया गया है। सभी 28 जिलों में 83 स्थानों पर कोविड-19 टीकाकरण का पूर्वाभ्यास किया जा चुका है।

टीकाकरण के बाद किसी भी तरह की प्रतिकूल घटना या आपात स्थिति के प्रबंधन के लिए राज्य स्तर से लेकर टीकाकरण स्थलों तक एईएफआई (एडवर्स इवेंट फालोइंग इम्यूनाइजेशन ) प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया गया है। सभी टीकाकरण केंद्रों को नजदीकी एईएफआई प्रबंधन प्रणाली जैसे मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जोड़ा गया है। टीकाकरण के दौरान एवं बाद में जैव चिकित्सकीय अपशिष्टों के प्रबंधन के लिए भी समुचित व्यवस्था की गई है। सभी कोल्ड चैन प्वाइंट में डीप-पिट एवं शार्ट-पिट तैयार किए गए हैं।  

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रोटोकॉल के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में इन टीकों के परिवहन और भंडारण की पुख्ता व्यवस्था की गई है। वैक्सीन लगाने के बाद व्यक्ति को आधे घंटे तक निरीक्षण कक्ष में रखा जाएगा और तबीयत खराब लगने पर तुरंत उपचार  की व्यवस्था की जाएगी। वैक्सीन लगाने वाले वैक्सीनेटर को भी समुचित प्रशिक्षण दिया गया है। एक वैक्सीनेटर एक दिन में 100 लोगों को टीका लगाएगा। वैक्सीन की पहली खुराक के 28 दिनों के अंदर दूसरी खुराक लेना होगा। सेकंड डोज लेने के दो सप्ताह के अंदर आम तौर पर एंटीबाडी का सुरक्षात्मक स्तर  इम्यूनिटी विकसित होती है। वैैैक्सीन लगाने के बाद भी कोविड अनुरूप व्यवहार करना आवश्यक होगा जिससे कोरोना के खतरे को कम किया जा सकेगा।

 

13-01-2021
कोविड अस्पताल की रैंकिंग में बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने में कोण्डागांव रहा पहले नंबर पर

कोंडागांव। प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी कोविड अस्पताल की रैंकिंग में बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के आधार पर कोण्डागांव जिला पहले नम्बर पर है। यह जानकारी जिला चिकित्सालय से मिली है। यह रैंकिंग कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों को समय पर इलाज, दवा और सुविधा देने के आधार पर तय की गई है। ज्ञातव्य है कि शासन की ओर से यह सर्वेक्षण कोविड अस्पतालों में कोरोना के इलाज के बाद डिस्चार्ज होने वाले मरीजों से फीडबैक के आधार पर किया गया है और अस्पतालों को दिए गए सभी रैंकिंग मरीजों के फीडबैक के आधार पर है। इस प्रकार कोण्डागांव जिले में भी सर्वेक्षण के दौरान फीडबैक एकत्रित किए गए थे। इसके तहत डेडिकेटेड अस्पताल कोविड केयर्स सेंटर्स एवं प्राइवेट अस्पताल शामिल थे। इसमें डॉक्टरों ने प्रतिदिन मरीजों की जांच, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं का मरीजों के संग स्वास्थ्य संबंधी दूरभाष वार्तालाप, दवाईयों के किट एवं मास्क वितरण, सहीं समय पर भोजन का वितरण, उसकी गुणवत्ता, पेयजल एवं गर्म पानी की सुविधा, प्रसाधन कक्ष एवं वार्ड की साफ-सफाई, स्वास्थ्य कर्मियों का व्यवहार जैसे सूचकांक शासन की ओर से निर्धारित किए गए थे।

जिला चिकित्सालय ने यह भी जानकारी दी कि अब तक 1 हजार 22 मरीज कोविड अस्पताल में भर्ती किए गए थे, जिसमें से 963 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। अस्पताल में भर्ती किए गए मरीजों में से 4 की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी, जबकि 55 मरीजों को जिले के बाहर बेहतर उपचार के लिए अस्पतालों में रिफर किया है। जिले के कोविड केयर सेंटर और कोविड अस्पताल में 14 डॉक्टर, 34 स्टॉफ नर्स और 8 वार्ड ब्वॉय तैनात हैं। साथ ही 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में 30 बिस्तर सेंट्रल ऑक्सीजन से जुड़े हैं एवं सभी कोविड-19 मरीजों को ‘सीटी स्कैन’ की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इस कोरोना संक्रमण के दौरान 3 सफल प्रसव भी जिला चिकित्सालय में किया गया है। उल्लेखनीय है कि शुरुआत में कोविड-19 अस्पताल में मरीजों ने कुछ असुविधाओं के संबंध में जिला प्रशासन को सूचित किया गया था। इसके बाद कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा ने स्वयं संज्ञान लेते हुए अस्पताल में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर मरीजों को दिए जाने वाले खाने, स्वच्छता का ध्यान रखने के लिए निर्देशित किया था। साथ ही कलेक्टर ने स्वयं प्रत्येक जिले में होने वाले कोरोना से मृत्यु के कारणों की समय-समय पर समीक्षा जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों से करते रहे हैं। इसके अलावा जिले में स्वास्थ्य जांच, मरीजों की स्थिति, वाहनों की उपलब्धता आदि के संबंध में समय-समय पर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठकें होती है। वर्तमान में जिले में कुल 4947 कोरोना पॉजिटीव पाए गए हैं। इनमें से 4869 मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं, जबकि जिले के 32 निवासियों की कोरोना से मृत्यु हुई है।

08-01-2021
परिजनों का आरोप टीका लगने के कारण हुई नवजातों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने नकारा

सूरजपुर। जिले में कुछ महीनों में पांच नवजात शिशुओं के संदिग्ध मौत होने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि शिशु की मौत टीका लगने से हुई है। वही जिले के स्वास्थ्य अधिकारी टीके से मौत होने के आरोप को सिरे से नाकार रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक बीते 3 माह के अंतराल में चार नवजात शिशु की मौत ग्राम रुनिहा डीह में हुई है। वहीं एक शिशुकी मौत नमदगिरी ग्राम में हुई है। जानकारी के मुताबिक जुलाई माह में ग्राम रुनिहाडीह के ग्रामीण  टोन नारायण रजवाड़े के घर एक बच्चे का जन्म हुआ था। बच्चे को 28 जुलाई 2020 को टीका लगावाया था। 3 सितम्बर को मासूम की संदिग्ध अवस्था मे मौत हो गई। वहीं इसी ग्राम के दिनेश कुमार के 4 माह के बच्चे को टीका 6 अक्टूबर 2020 को लगा था। उसकी 19 अक्टूबर को मौत हो गई। रुनिहा डीह ग्राम के ही दुबराज की 2 माह की लड़की अक्टूबर माह में ही टीका लगा था। जो 18 अक्टूबर को मौत हो गई। ग्राम नमदगिरी के आलोक साय डेढ़ माह की बच्ची को 22 दिसम्बर को टीका लगा था।

जिसकी महज 10 घंटे के बाद मौत हो गईं। वहीँ ग्राम रुनिहा डीह के टेकाराम रजवार के दो माह के शिशु 5 जनवरी 2021 को टीका लगा था, जिसकी 7 जनवरी को मौत हो गई। परिजनों के का कहना है कि बच्चे टीका के पहले स्वस्थ थे। किन्तु टीका लगने के बाद ही बच्चों की सेहत खराब हुई और उनकी मौत हो गई।जिला स्वास्थ्य अधिकारी सीएचमो आरएस सिंह ने इस संबंध में बताया कि हाल ही में हुई मौत का सूचना मिली है। हमने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीएम के उपरांत ही मौत का कारण पता चल पाएगा। टीका से मौत होने के सवालों पर कहा कि किसी भी शिशु के टीका लगने के 12 घण्टे के उपरांत ही मौत होती तो टीका कारण हो सकता था। किंतु मौत टीका के 3 दिन बाद हुई है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण सामने आ पायेगा।


 

 

07-01-2021
कोरोना टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने किया मॉक ड्रिल

कोण्डागांव। कोरोना महामारी से रोकथाम एवं बचाव के लिए जिले में कोरोना टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया जाना है। इसके लिए कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा के निर्देशानुसार तथा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. टीआर कुंवर के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा 7 जनवरी को जिला कोण्डागांव के अंतर्गत चिन्हांकित 3 स्थलों में से एक शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय कोण्डागांव में दो सेशन में तथा इसी तरह विकासखण्ड फरसगांव के ग्राम लंजोड़ा में मॉक ड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया।  इस संबंध में कोण्डागांव के मॉक ड्रिल कार्यक्रम में 50 व्यक्तियों का टीकाकरण का ड्राई रन किया गया। जबकि लंजोड़ा में 25 व्यक्तियों का टीकाकरण ड्राई रन हुआ। इस दौरान मॉक ड्रिल स्थल कोण्डागांव के एक एईएफआई केस अस्पताल ले जाने के लिए डेमो भी किया गया।

इसके तहत् उस व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सक सुविधा के साथ एम्बुलेंस के द्वारा चार मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। इस तरह जिले के 3 मॉक ड्रिल स्थल पर कोविड.19 का टीकाकरण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इसमें जिला परिवार कल्याण एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस टोप्पो, जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ.सूरज सिंह राठौर, खण्ड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी डोमेन ध्रुव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सोनल ध्रुव एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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