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19-09-2020
पिथौरा की गुम महिलाओं का क्या संबंध है हरदोई यूपी में हुईं शोषण का शिकार महिलाओं से...

महासमुन्द। पिथौरा थाने में तीन महिलाओं के गुम होने की शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरअसल सोशल मीडिया पर छत्तीसगढ़ की तीन महिलाओं से उत्तरप्रदेश के हरदोई के तीन युवकों ने दोस्ती की और उन्हें उत्तरप्रदेश बुलाया और उनसे जबरिया शादी कर ली। इस मामले की रिपोर्ट हरदोई पुलिस थाने में तीनों महिलाओं ने की है।पुलिस को महिलाओं ने जानकारी दी है कि उन्हें शकील अहमद, इमरान, और नूर आलम ने पिछले एक बरस से टेलीफोन पर नाम बदलकर उनसे दोस्ती की। उन्हें शादी व रोजगार का झांसा देकर लखनऊ बुलाया। रिपोर्ट में आगे लिखाया है कि वे 16 सितंबर को लखनऊ पहुंचीं तो वहां संडीला नाम के कस्बे में उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया और उनके गहने और पैसे छीन लिए। उन्होंने लिखाया है कि इन तीनों के साथ अन्य युवकों ने जबर्दस्ती शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने रिपोर्ट में लिखाया है कि वे किसी तरह छिप-छिपाकर आई हैं। अत: इन युवकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

पश्चिम उत्तरप्रदेश के एक पत्रकार सचिन गुप्ता ने इस बारे में ट्वीट किया, तो तीन घंटों के भीतर बिलासपुर के आईजी दीपांशु काबरा ने ट्विटर पर जवाब दिया कि इन लड़कियों की शिनाख्त हो गई है। वे छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा की रहने वाली हैं और पुलिस टीम उन्हें वापिस लेने जा रही है।बहरहाल महासमुन्द पुलिस का ये कहना है कि पिथौरा के एक महिला 3 सितम्बर की अपने घर से भाग गई थी,जिसे 5 सितम्बर को बरामद कर लिया गया था। उस महिला ने पुलिस से कहा था कि वह अपने पति के साथ रहेगी, लेकिन 14 सितम्बर को ये महिला अपनी 19 वर्षीय ननद और 35 वर्षीय अपनी चाची के साथ घर से भाग गई थी। इसकी आज पिथौरा थाने में गुम इंसान रिपॉर्ट दर्ज कराई गई है। पिथौरा पुलिस के पास बहरहाल कोई फ़ोटो उत्तर प्रदेश के हरदोई में बरामद महिलाओं का नहीं होने से मामले में अभी पुलिस कुछ नहीं कह पा रही है।

 

19-09-2020
एनआईए ने अलकायदा की साजिश को किया नाकाम,नौ आतंकवादियों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में एक साथ छापे मारकर अल-कायदा के नौ आतंकवादियों को शनिवार को गिरफ्तार किया। इन आतंकवादियों की राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के कई इलाकों में हमला करने की योजना थी।एजेंसी ने बताया कि तीन आतंकवादियों को केरल के एर्नाकुलम से और छह को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ के लिए हिरासत में लिये जाने के लिए आतंकवादियों को केरल और पश्चिम बंगाल की अदालतों में आज पेश किया जायेगा।एजेंसी ने कहा,“प्रारंभिक जांच के अनुसार सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित अल-कायदा के आतंकवादियों ने इन्हें राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के कई इलाकों में बड़े हमले करने के लिए तैयार किया था।” उनके पास से बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण, जिहादी साहित्य एवं दस्तावेज ,तेज हथियार,देश बम और रक्षा जैकेट बरामद किए गए हैं।

 

 

18-09-2020
कलेक्टर की फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर ठग मांग रहा लोगों से रुपए, सोशल मीडिया पर दी जानकारी

रायपुर। रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से रुपये मांगने के ​मामले में कलेक्टर ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बता दें कि रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह के नाम से फेसबुक में कुछ लोगों से रुपए मांगे गए। संदेह होने पर इसकी जानकारी कलेक्टर को दी गई। तब पूरा मामला सामने आया है। उन्होंने स्वयं आगे आकर लोगों को ठग के बारे में जानकारी दी है। दरअसल कलेक्टर भीम सिंह ने फेसबुक पर जानकारी दी है कि कुछ लोग उनके नाम से रुपए मांग रहे हैं। उन्होंने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि दोस्तों मेरी फर्जी प्रोफाइल किसी ने बना ली है और कुछ लोगों से रुपए की मांग रहा है। मैंने इसकी रिपोर्ट की और पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई है। आगे उन्होंने लिखा है कि कोई भी आपसे किसी भी कारण रुपए मांगे तो उस पर विश्वास न करें।

16-09-2020
भाजपा नेता मनोज प्रजापति का निधन, भाजपा आगामी तीन दिनों तक कोई कार्यक्रम नहीं करेगी

रायपुर। भाजपा नेता मनोज प्रजापति ​का निधन हो गया। भाजपा ने आने वाले 3 दिनों के सारे कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। बता दें कि मनोज प्रजापति रायपुर के शंकर नगर इलाके से पार्षद रहे और वर्तमान जिला भाजपा उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वे कोरोना संक्रमित होने के बाद एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे थे। मंगलवार देर शाम उनकी मौत की खबर आई। इसके बाद शोक श्रद्धांजलि से पूरा सोशल मीडिया भर गया। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

13-09-2020
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस अधिकारियों को किया जा रहा प्रशिक्षित

कोरबा। जिले में बढ़ते साइबर अपराध एवं अपराधों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की भूमिका पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन पुलिस की ओर से लगातार किया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला पुलिस कोरबा की ओर से वर्तमान में बैंकिंग फ्रॉड, एटीएम फ्रॉड, मोबाइल फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, फेसबुक, व्हाट्सएप, सोशल मीडिया फ्रॉड जैसे तमाम साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित कर प्रत्येक पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही आम जनता से अपील की जा रही है कि किसी भी साइबर अपराध की जानकारी प्राप्त होते ही तत्काल नजदीकी थाने को सूचित करें। इस बारे में कोरबा डीएसपी मुख्यालय रामगोपाल करियारे ने बताया कि साइबर अपराध एवं अपराधों में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य की भूमिका पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन पुलिस की ओर से लगातार किया जाता है।

12-09-2020
सोशल मीडिया में अच्छी फॉलोविंग वाले युवाओं से मिले कलेक्टर, कहा-जागरूकता फैलाने में करें सहयोग

दुर्ग। सामाजिक संगठनों की बैठक के बाद कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने उन युवाओं के साथ चर्चा की और खासे टैकसेवी हैं और जिनके फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम में हजारों फालोवर हैं। कोविड जागरूकता फैलाने में इनसे अब प्रशासन को मदद मिलेगी। कलेक्टर ने कहा कि आप लोगों के मैसेज युवा बड़ी गंभीरता और रुचि से देखते हैं, आप कोविड की लड़ाई में बड़ी मदद कर सकते हैं। युवाओं ने कहा कि हमें बहुत खुशी होगी कि हम इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। बैठक में डिप्टी कलेक्टर दिव्या वैष्णव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 इस तरह से सहयोग करेंगे- व्हाटसएप ग्रुप के माध्यम से कोविड संबंधित जानकारी देने के लिए युवाओं को जोड़ा जाएगा। यहां पर क्रिएटिव्ज आदि शेयर किये जाएंगे। इन क्रिएटिव्ज का उपयोग युवा अपने सोशल मीडिया एकाउंट में करेंगे। साथ ही वे प्रशासन द्वारा दिये जा रहे कोविड से जुड़े हुए उपयोगी डिटेल्स भी देंगे। युवाओं ने बताया कि हम लोग अपने साइट में फीवर क्लिनिक के लोकेशन, टेस्ट वैन आदि के अपडेट्स आदि की जानकारी देते रहेंगे। साथ ही जो वालंटियर्स इस ओर काम करना चाहेंगे, उन्हें भी प्रेरित करेंगे। इन लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया में कई बार फेक न्यूज भी वायरल होते हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कर वे इस तरह के फेक न्यूज की सच्चाई से भी लोगों को अवगत कराएंगे ताकि अफवाहों की वजह से किसी को किसी तरह का नुकसान न हो।

किस तरह से करेंगे मदद

कलेक्टर ने कहा कि कोरोना का संक्रमण थामने के लिए टेस्टिंग बेहद जरूरी है। इसमें कुछ समय जरूर लग सकता है लेकिन इसके लिए दिया गया थोड़ा सा समय पूरी जिंदगी बचा सकता है क्योंकि जितनी जल्दी उपचार शुरू हो जाएगा, उतना ही लक्षण घटने लगेंगे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि जिन लोग होम बेस केयर में रह रहे हैं उनके पूरे परिवार को घर में ही रहना है। आप लोग अपने सोशल मीडिया से लोगों को इस बारे में प्रेरित कीजिए कि वे इस तरह के पड़ोसियों को ग्रासरी आदि जुटाने में मदद करें। उन्होंने कहा कि लोगों की मदद के लिए काल सेंटर बनाए गए हैं, जिसमें व्यस्तता न हो, इसे ध्यान में रखते हुए पांच नंबर दिये गए हैं। निजी अस्पतालों में इलाज की दरें शासन द्वारा निर्धारित की गई हैं। शासकीय कोविड केयर सेंटर में इलाज निःशुल्क है। अस्पतालों में बेड की स्थिति के लिए भी लिंक दिया गया है इसे भी शेयर कीजिए। कलेक्टर ने कहा कि आप लोगों की ओर से जिस तरह से भी फीडबैक आएगा, आप लोगों की परेशानियों को साझा करेंगे तो इस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

कोई ट्रैवल पर शेयर करता है कोई छत्तीसगढ़ी मीम्स

सोशल मीडिया पर सक्रिय इन युवाओं के हजारों फालोवर हैं। इन लोगों ने बताया कि कोई फूड पर पोस्ट शेयर करता है और कोई ट्रैवल पर। किसी ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति को ध्यान में रखकर अपना एकाउंट तैयार किया है। सभी ने कहा कि हम अपने फालोवर्स तक इस संदेश को जरूर लेकर जाएंगे।

 

10-09-2020
बिहार : राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने दिया पार्टी से इस्तीफा

पटना। बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने बृहस्पतिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। कोविड-19संक्रमण के बाद की कुछ दिक्कतों को लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स),दिल्ली में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह द्वारा लालू यादव को लिखा पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद को हाथ से लिखे एक पत्र में रघुवंश प्रसाद सिंह ने लिखा है, ‘मैं जननायक कर्पूरी ठाकुर की मृत्यु के बाद 32 वर्षों तक आपके पीछे खड़ा रहा लेकिन अब नहीं।’ उन्होंने पत्र में लिखा है, “पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं और आमजन ने बड़ा स्नेह दिया।

मुझे क्षमा करें।”रघुवंश प्रसाद सिंह के नजदीकी केदार यादव ने राजधानी दिल्ली से फोन पर बताया कि उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है।राजद बिहार इकाई के अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। रघुवंश प्रसाद सिंह के इस्तीफे का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,‘ मैं इसकी पुष्टि करने की भी कोशिश कर रहा हूं।’ उन्होंने कहा कि उन्हें त्यागपत्र की कोई प्रति नहीं मिली है और न ही अभी तक सूचित किया गया है। बिहार में सत्ताधारी राजग में शामिल भाजपा, जदयू और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा ने रघुवंश प्रसाद सिंह के राजद छोड़ने के फैसले का स्वागत किया है।

 

10-09-2020
आत्महत्या रोकथाम दिवस पर, जिंदगियां सहेजने के लिए फिक्र के साथ जिक्र है जरूरी  : सुरेश 

रायपुर/जशपुर। खुदकुशी इंसान का व्यक्तिगत फैसला भर नहीं है। इसके पीछे उसके आसपास मौजूद विचार व्यवहार का एक पूरा तानाबाना होता है जो जिंदगी की डोर को धागे की तरह उलझा देता है। हर एक मन को बिखरने से बचाने की जागरूकता की आवश्यकता है। आत्महत्या की दर में भी बढ़ोतरी का प्रमुख कारण मानसिक, सामाजिक और आर्थिक समस्याएं हैं। आत्महत्या करने वाले अनेक संकेत देते हैं परंतु समझ के अभाव में नजर अंदाज हो जाते हैं। यदि लोग व्यवहारिक संकेतों के प्रति सजग रहे तो आत्महत्या को रोक सकते हैं। इस साल वलर्ड सुसाइड प्रीवेंशन डे 10 सितंबर को मनाया जायेगा। आत्महत्या की प्रवृत्ति के खिलाफ सार्थक संवाद जरूरी है। जीवन अनमोल है इसकी फिक्र तो सबको रहती है,पर इसे बचाने के लिए जरूरी बातों का जिक्र नहीं किया जाता, जबकि जीवन का मोल समझना जरूरी है। जिंदगी सहेजने के लिए खुद का मनोबल और परिवेश का संबल जरूरी है।

कहानी है 35 वर्षीय व्यक्ति सुरेश कुमार (बदला हुआ नाम )की जो स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कोविड-19 के संबंध में प्रशिक्षण लेने रायपुर गया था। उस दौरान ही व्यक्ति के मन में विचार आने लगा कि भविष्य में उसे सैंपल लेने के लिए ड्यूटी भी लगाई जाएगी। कोविड-19 का संक्रमण उसे भी हो जाएगा। यह विचार उसके मन में लगातार घूमने लगे इस दौरान वह अकेला रहने लगा उसे नींद की अनियमितता होने लगी कोरोना के डर की वजह अत्यधिक घबराहट बेचैनी होने लगना, अचानक से आंखों के सामने अंधेरा छाना, अचानक से दिल की धड़कन बढ़ जाना उसे डराने लगे। उसने बताया लक्षण अत्यंत तेजी से बढ़ने के साथ ही उसे लगने लगा कि वह करोना संक्रमित हो जायेगा तो फिर परिवार के सभी सदस्यों को भी कोरोना हो जाएगा इससे अच्छा कि वह अपनी जान ले। ‘मेरे जीने से मेरे परिवार के जीवन को खतरा है। मेरे जीवन में सब कुछ बुरा हो रहा है, जिसका जिम्मेदार मैं स्वयं हूं।’ आत्महत्या का विचार और भविष्य जुड़ी चिंता, को लेकर उसने जिला अस्पताल के स्पर्श क्लीनिक में संपर्क किया, जहां से मिली राह ने उसके मन को बदल दिया और आज वह पुरी तरह से स्वस्थ है।

सुरेश कुमार (बदला हुआ नाम )का मानना है कि परिस्थितियों को पहचानना जरूरी है । आसपास के लोगों की सहायता और संबल से ऐसी दुखद घटनाओं को डाला जा सकता है परेशान व्यक्ति को समय रहते समझने समझाने की जिम्मेदारी हम सब की है । डॉ के आर खुसरो मनोचिकित्सक स्वास्थ्य विभाग जशपुर ने बताया,” अपनी बहन के साथ लक्षणों के साथ जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में संपर्क किया था व्यक्ति को मानसिक रोग के लक्षणों को कम करने हेतु आवश्यक दवाइयां दी गई साथ ही व्यक्ति को लक्षणों का सामना करते हुए अपने जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने हेतु मनोवैज्ञानिक उपचार चार सत्रों में प्रदान किया गया। उक्त व्यक्ति उपचार के चैथे सत्र में पूरी तरीके से ठीक हो गया आज व्यक्ति में भोजन नींद घबराहट व अन्य लक्षण विद्यमान नहीं है साथ ही अब व्यक्ति के मन में आत्महत्या का विचार भी नहीं आ रहा व्यक्ति अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है।“

उन्होने बताया, “इन दिनों खुदखुशी के जो भी मामले सामने आ रहे हैं उसमें ज्यादातर लोग ऐसा कदम उठाने से पहले सोशल मीडिया पर अपने दिलो-दिमाग की उलझनों को साझा करते हैं। वह कभी सपने पूरे ना होने की शिकायत करते हैं तो कभी हालातों के प्रति असंतोष जताते हैं ऐसे में उनसे जुड़े लोगों का सतर्क रहना बहुत आवश्यक है ।उनके शब्दों में छिपे इशारों को समझना जरूरी है वर्चुअल हो या असल दुनिया इतनी जागरुकता जरूरी है ।“ कोविड-19 जैसी विषम परिस्थिति ने हर किसी को सुरक्षा भय और चिंता में घेर लिया है अनेक लोगों को वित्तीय संकट ने भी प्रभावित किया है व्यक्ति सामाजिक तौर पर भी अलग-थलग हो गया है कुल मिलाकर लोगों की मानसिकता पर गहरा प्रभाव पड़ा है कुछ लोग जिनमें समाधान कौशल बहुत अच्छा है इस संकट का सामना करने में सफल हुए हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर 26.4प्रति लाख जनसँख्या है जो राष्ट्रीय दर 10.4 प्रति लाख जनसँख्या है। भारत में छत्तीसगढ़ चौथा सबसे ज्यादा आत्महत्याओं वाला प्रदेश है। प्रदेश में इन आंकड़ों में कमी लाने के उद्देश्य से मानसिक स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा बल दिया जा रहा है। हर जिले में एक स्पर्श क्लिनिक है जहाँ मानसिक स्वास्स्थ्य की सेवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।

09-09-2020
लोन दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले शातिर ठग गिरोह उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार

रायपुर। लोन दिलाने के ​नाम से युवक से डेढ़ लाख रुपए वसूलने का मामला सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के नाम पर युवक को लोन दिलाने का झांसा देकर ठगों ने युवक से ठगी की है। युवक को सोशल मीडिया पर फर्जी आईकार्ड और आधार, पैन कार्ड दिखाकर पहले युवकों ने भरोसे में लिया और फिर कई किश्तों में रकम वसूली। युवक ने उरला थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपियों की पतासाजी की और उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि यह संगठित गिरोह इसी तरह से पूरे देश में अपना नेटवर्क फैला कर कई लोगों काे ठगी का शिकार बना चुके हैं।

शिकायतकर्ता पीयूष कुमार देवांगन ने पुलिस को बताया कि वह मठपारा कैलाशनगर बीरगांव में रहता है। 7 को उसके माेबाइल फोन पर सोनू कुमार का कॉल आया। उसने खुद को चंडीगढ़ के सेक्टर 52 का निवासी बताया और उसने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत युवक को पांच लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही। इसके बाद उसने युवक को पूरे विश्वास में लेते हुए उससे ढाई हजार रुपये आवेदन शुल्क के रूप में चंद्रवीर नाम के अपने साथी के बैंक खाते में डलवा लिए। पुलिस अधीक्षक अजय यादव के निर्देश पर आरोपियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम गठित की थी। इस टीम ने ठगी का शिकार हुए युवक से मिली जानकारी के आधार पर तकनीकी विश्लेषण कर आरोपियों के ठिकानों का पता लगाया। टीम काे आराेपियों के दिल्ली में हाेने की जानकारी मिली। टीम ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर, नाेएडा में घूम-घूम कर आरोपियों के ठिकानाें की तस्दीक की। इस दौरान वे लगातार अपना लोकेशन बदलते रहे। फिर सभी आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में आरोपियों के सभी दस्तावेज भी फर्जी पाए गए।

पुलिस ने बताया कि आरोपी गैंग बनाकर कई हिंदी भाषी राज्यों में अलग- अलग बैंक और फाइनेंस कंपनी तथा सरकार की योजनाओं के नाम पर इसी तरह लोन दिलाने का झांसा देकर कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। सभी आरोपी सिर्फ हाईस्कूल तक ही पढ़े हैं। पुलिस को इन आरोपियों को पकड़ने में काफी मशक्कत भी करनी पड़ी। पकड़े गए आरोपियों के नाम नीरज कुमार, आनंदस्वरूप और चंद्रवीर बताए गए हैं। यह सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।

07-09-2020
एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष को व्हाट्सएप पर पहले मैसेज फिर वीडियो कॉल कर किया ब्लैकमेल...

रायपुर। एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा का फेक अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत उन्होंने सिविल लाइन साइबर सेल में दर्ज कराई है। पुलिस ने फोन नंबर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि आकाश शर्मा आपराधिक षड्यंत्र में फंसते-फसते बच गए। मिली जानकारी के अनुसार, आकाश शर्मा को एक अपरिचित नंबर से कई बार वीडियो कॉल किए गए। परेशान होकर आकाश शर्मा ने जैसे ही फोन उठाया, वीडियो में एक महिला ने अश्लील हरकतें करते हुए वीडियो बना लिया। महिला द्वारा बनाए गए अश्लील वीडियो को वायरल करने की धमकी दी गई। वीडियो को सार्वजनिक नहीं करने के बदले में महिला ने आकाश शर्मा से पैसों की मांग की। आकाश ने बताया कि 30 अगस्त 2020 से एक नंबर से लगातार मैसेज और कॉल आ रहे थे। उस समय आकाश की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और वह इसका इलाज करवा रहे थे। आकाश ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया में दी है।

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