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27-11-2020
धान खरीदी में गड़बड़ी न हो कलेक्टर ने नियुत किया नोडल अधिकारी   

जांजगीर-चांपा। राज्य सरकार ने 1 दिसंबर से किसानों का धान समर्थन मूल्य में खरीदी करने के लिए कलेक्टर को निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जांजगीर चांपा जिला में धान खरीदी के लिए कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। किसानों की धान खरीदी में कोई गडबड़ी न हो इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं। वहीं 1 दिसंबर के होने वाली धान खरीदी के लिए 27 नवंबर से टोकन वितरण करने के भी निर्देश दे दिए हैं। कलेक्टर यशवंत कुमार ने बताया कि कोविड 19 के कारण इस वर्ष जूट मिलो से बोरा निर्माण नही हो पा रहा है। इसके कारण धान खरीदी के लिए बारदानों का व्यवस्था बनाने के लिए विशेष प्रयास किए गए और पीडीएस के चावल वाले बोरों काे एकत्र कर व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है। जिले में बारदानों की कमी के कारण धान खरीदी प्रभावित नहीं होने का दावा किया है।

25-11-2020
 वेबसाइट दो माह से बंद,कोरोना मरीजों को अस्पताल और बेड की नहीं मिल रही जानकारी : कौशिक

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ  नेता धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उपलब्ध चिकित्सा सेवा की पर्याप्त और ताजा जानकारी कोरोना संक्रमितों को देने में प्रदेश सरकार लापरवाही का परिचय दे रही है। आज हालात ये हैं कि हॉस्पिटल में बेड की उपलब्धता की जानकारी देने वाली वेबसाइट पिछले दो माह से बंद पड़ी है। इसके कारण कोरोना मरीजों को अस्पताल और वहां बेड की उपलब्धता की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा है कि कोरोना संक्रमण के विषय में प्रदेश सरकार शुरू से ही दुर्लक्ष्य करती आ रही है। कोरोना की रोकथाम के बजाय प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत मंत्रियों और कांग्रेस नेताओं का पूरा ध्यान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रलाप में ही केंद्रित रहा। प्रदेश आज तक कोरोना की यंत्रणा के दंश झेल रहा है। अब भी प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कोरोना के बढ़ते मामलों के प्रति फिर लापरवाही का परिचय दे रहे हैं। कोरोना के विषय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब देशभर के मुख्यमंत्रियों से निर्णायक चर्चा कर रहे थे, तब भी प्रदेश में कोरोना मामलों के तथ्य सामने रखने के बजाय मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री फिर पैसों को लेकर रोना-धोना मचाने में लगे रहे। कोरोना के मद्देनजर की गई व्यवस्थाएं प्रदेश सरकार की उदासीनता के कारण दम तोड़ चुकी है। प्रदेश फिर कोरोना के बढ़ते मामलों से चिंतित है।

24-11-2020
धान खरीदी और भुगतान की होगी माॅनीटरिंग, कलेक्टर ने नियुक्त किए 44 नोडल अधिकारी

कोरबा। राज्य सरकार के निर्देश अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में जिले में धान खरीदी के लिए 49 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। कलेक्टर किरण कौशल ने इन सभी उपार्जन केन्द्रों पर धान खरीदी की समुचित व्यवस्था के निरीक्षण-पर्यवेक्षण के लिये 44 नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिये हैं। सभी नोडल अधिकारियों को समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के समय खरीदी गई मात्रा, किसानों को किये गये भुगतान आदि की माॅनीटरिंग के निर्देश भी जारी किये गये हैं। इस संबंध में कलेक्टर किरण कौशल ने बताया कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यापक रूप से की जाती है। खरीदी केन्द्रों में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने में कोई परेशानी न हो और वे आसानी से अपनी फसल को सही समय पर सही दाम पर बेच सकें, इसके लिये जिला प्रशासन ने तैयारियाॅं शुरू कर दी हैं। उपार्जन केन्द्रों में मूलभूत आवश्यकताओं जैसे- साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कम्प्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस, इंटरनेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। किरण कौशल ने बताया व्यवस्थाओं को सही ढंग से समय पर पूरा करने के लिये 44 नोडल अधिकारी भी नियुक्त कर दिये गये हैं। उपार्जन केन्द्रों पर आर्द्रतामापी यंत्र, तौल यंत्र, बारदानों के साथ-साथ चबूतरों की संख्या और बारिश की स्थिति में धान को ढॅंकने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था भी की जा रही है।

किसानों को उपार्जन केन्द्रों पर मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आपात स्थिति में प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था की जायेगी। धान खरीदी शुरू होने के पहले पटवारियों से पंजीकृत किसानों की सूची और उनकी पूरी डाटा एन्ट्री कम्प्यूटर साॅफ्टवेयर में कर ली जायेगी।
किरण कौशल ने बताया कि धान खरीदी के लिये नियुक्त सभी 44 नोडल अधिकारी उपार्जन केन्द्रों में धान की आवक, मिलरों को प्रदाय धान की मात्रा, धान की शेष मात्रा, प्राप्त बारदानों की संख्या, धान खरीदी में उपयोग किये गये बारदानों की संख्या तथा शेष बारदानों का सत्यापन भी करेंगे। धान खरीदी के समय किसानों के धान की तौलाई उसी दिन होगी। बोरों की सिलाई कर स्केटिंग लगाने का काम भी साथ-साथ किया जायेगा। उपार्जन केन्द्रों द्वारा आधे नये एवं आधे पुराने बारदानों का उपयोग धान खरीदी के लिये किया जायेगा। धान खरीदी केन्द्रों में केवल पंजीकृत किसानों से ही धान का उपार्जन होगा। बिचैलियों से धान की खरीदी नहीं की जायेगी। धान खरीदी केन्द्रों में पंजीकृत किसानों से खरीदे गये धान का तत्काल भुगतान ऑनलाइन किया जायेगा। धान खरीदी केन्द्रों के निरीक्षण के दौरान नोडल अधिकारी मौके पर उपस्थित किसानों से पर्याप्त पूछताछ भी करेंगे और उनकी ऋण पुस्तिकाओं का अवलोकन कर विक्रय की गई धान की मात्रा आदि जानकारियों की पुष्टि भी करेंगे। दो से अधिक बार धान बेचने आने वाले किसानों से उनकी उपज के संबंध में सम्पूर्ण ब्यौरा लिया जायेगा और संबंधित पटवारी से सत्यापन भी कराया जाएगा।

 

23-11-2020
श्रम विभाग में दो अधिकारियों की पदोन्नति

रायपुर। राज्य सरकार ने श्रम विभाग के दो अधिकारियों की पदोन्नति की हैं। मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार उप श्रमायुक्त एसएल जांगडे़ और उप श्रमायुक्त सविता मिश्रा को अपर श्रमायुक्त के पद पर पदोन्नत किया है। इनकी पदस्थापना श्रमायुक्त कार्यालय इन्द्रावती भवन नया रायपुर में की गई है।

 

17-11-2020
धरमलाल कौशिक ने कहा, राज्य सरकार रकबा घटाने की कोशिश में लगी हुई है

अंबिकापुर। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक सरगुजा संभाग के दौरे पर पहुंचे। उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रकबा घटाने की कोशिश में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि यहां हर किसान 30 क्विंटल या उससे अधिक की खेती करता है लेकिन राज्य सरकार 15 क्विंटल की ही धान खरीदी कर रही है। इसमें भी रकबा घटाने की बात भी चल रही है। धरमलाल कौशिक ने कहा कि कोविड को लेकर प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल साबित हुई है। यह राज्य अन्य राज्यों को भी कोविड के मामले में पीछे छोड़ दिया है।

 

09-11-2020
गोधन न्याय योजना: सूरज को गोबर बेचकर करीब 47 हजार रूपयें का मिला अतिरिक्त लाभ

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना ग्रामीणों, किसानों, गौपालकों के साथ-साथ गौठानों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी में इजाफे का सबब बन गई है। इस योजना के तहत गौठानों में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों एवं पशुपालकों, चरवाहों को हर पखवाड़े  अच्छी खासी आमदनी हो रही है, जिसके चलते उनकी दैनिक जीवन की जरूरतें सहजता से पूरी होने लगी है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस बहुआयामी एवं लाभकारी योजना ने देश-दुनिया को आकर्षित किया है। गोधन न्याय योजना से हो रही अतिरिक्त आय से पशुपालक व किसानों के चेहरे पर खुशी का माहौल है। गोबर से हो रही अतिरिक्त आमदनी से किसानों में समृद्धि आयी है। आर्थिक समृद्धि से खेती-बाड़ी के विस्तार के  हौसलें बढ़े है। वे अपने सुख सुविधाओं और अपने खेती-बाड़ी को विस्तार करने मे रूची ले रहें हैं। गाय, भैंस पालने वाले पशुपालकों को पहले केवल दूध व खाद से ही आमदनी होती थी। अब हर पंद्रह दिनों में गोबर बेचने का पैसा भी मिल रहा हैं। राज्य सरकार ने गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदना प्रारंभ किया है। इसी कड़ी में नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पचेड़ा के युवा कृषक सूरज कश्यप ने बताया कि उसे गोधन न्याय योजना से अतिरिक्त लाभ होने लगा है। इससे वे धान की खेती के साथ-साथ सब्जी भाजी उत्पादन के लिए भी तैयारी कर रहें है।

गोधन न्याय योजना से उसे अब तक करीब 47 हजार रूपयें की आमदनी हुई है। इससे वे अपने खेतों में सिचाई सुविधा के लिए बोर खुदवाने की तैयारी कर रहें हैं। वे खेती-बाड़ी की सुरक्षा के लिए 05 एकड़ खेत में तार घेरा का कार्य धान कटाई के बाद शुरू करेंगें। सूरज ने बताया कि पैसों के अभाव के कारण सब्जी-भाजी उत्पादन के लिए बोर व तार घेरा नहीं करवा पा रहे थे। गोधन न्याय योजना से गोबर से नकदी आय होने लगी है। खेती किसानी के विस्तार के लिए हिम्मत बढ़ी है। अपनी इच्छा अनुसार अब अपने खेत पर धान के अलावा सब्जी भाजी मसाला आदि की भी खेती कर सकेंगें। उन्होने गोधन न्याय योजना की तारीफ करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया हैं। उल्लेखनीय है कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का राज्य में सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है और इसका लाभ ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों सहित समाज के गरीब तबके के लोगों को मिलने लगा है। वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य सामग्रियों के निर्माण के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। सुराजी गांव , गोधन न्याय  और राजीव गांधी किसान न्याय योजना  से किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हो रहा है इसकी चर्चा पूरे देश में हो रही है।

 

09-11-2020
पेंशनरों ने की दीपावली से पहले डीए देने की मांग

रायपुर। छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज चेतन भारती ने सोमवार कोजारी प्रेस विज्ञप्ति में राज्य सरकार से पेंशनरों के लिए भी महंगाई राहत (डीए) और सातवें वेतनमान के अनुरूप एक जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक 27 महीने का एरियर्स भुगतान दीपावली से पहले करने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान का एरियर्स दे रही है, वहीं वह इन कर्मचारियों को महंगाई भत्ता भी दे रही है। उसी प्रकार पेंशनरों को भी इसका लाभ दिया जाना चाहिए।

 

07-11-2020
गोधन न्याय योजना: 240 गौठानों में 1 करोड़ से अधिक की गोबर खरीदी,किसानों को मिला लाभ

जांजगीर- चांपा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी  गोधन न्याय योजना से गौ पालकों और गोबर संग्राहकों को लाभ मिलने से खुशी माहौल है। जिला पंचायत कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 जुलाई से 31 अक्टूबर तक जिले के 240 गौठानों के माध्यम से एक करोड़ 13 लाख 9 हजार 86.18 किलो ग्राम गोबर की खरीदी की गई है। इसके एवज में गौ पालकों और गोबर संग्राहकों  को 2 करोड़ 26 लाख 18 हजार 172.36 रूपयें का भुगतान किया जा चुका है।
जनपद पंचायत अकलतरा के 36 और बलौदा के 16 गौठानों के माध्यम से खरीदी की जा रही है। इसी प्रकार जनपद पंचायत बम्हनीडीह के 25, डभरा के 20, जैजैपुर के 25, मालखरौदा के 25, नवागढ़ 27, पामगढ़ के 23 और सक्ती के  28 गौठानों के माध्यम से गोबर खरीदी की जा रही है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के 15 गौठानों से भी गोबर खरीदी के लिए पंजीकृत है।

जिले मे सभी विभागों के समन्वित प्रयास से गौठान और गोधन न्याय योजना का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है और इसका लाभ ग्रामीणों, किसानों, पशुपालकों सहित समाज के गरीब तबके के लोगों को मिलने लगा है। गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट का उत्पादन और विक्रय भी शुरू हो चुका है। इससे अब महिला समूहों को भी लाभ मिलने लगेगा। वर्मी कम्पोस्ट सहित अन्य सामग्रियां जैसे दिया, फिनाइल, अगरबत्ती निर्माण, मशरूम, फल-सब्जी-मसाला उत्पादन के लिए महिला समूहों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। निर्माणाधीन एवं अप्रारंभ गौठानों को तेजी से पूरा कराने और इसे आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित करने के भी निर्देश दिए गए हैैं।

06-11-2020
आयरन और स्टील सेक्टर उद्योग के लिए विशेष पैकेज भूपेश सरकार का सराहनीय कदम: राजीव शर्मा

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टरों के उद्योग के लिए भूपेश सरकार की ओर से घोषित किए विशेष पैकेज को कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष राजीव शर्मा ने राज्य सरकार का सराहनीय कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अल्ट्रा मेगा प्रोजेक्ट के निवेश पर 500 करोड़ का पैकेज राज्य सरकार देगी। मुख्यमंत्री की मंशानुरूप बस्तर में स्टील उद्योग स्थापित करने के लिए राज्य सरकार 60 से 150 प्रतिशत फीसदी तक के छूट का एलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के निर्णय से कोरोना संकटकाल में भी छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को गति मिली लॉकडाउन के दौरान जब देश में सब कुछ बंद था तब भी छत्तीसगढ़ में कोयला और लौह अयस्क की खदानें चालू रही। यही वजह है कि लॉकडाउन के दौर में यहां अन्य राज्यों की तुलना में स्टील का उत्पादन सर्वाधिक रहा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार में मेगा निवेशकों के लिए घोषित किए गए पैकेज में अधिकतम 500 करोड़ रुपए तक का निवेश प्रोत्साहन (बस्तर संभाग के लिए 1000 करोड़ तक) मान्य होगा,भूपेश सरकार के इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा कि सरकार ने कोर सेक्टर के उद्योगों को पूरे राज्य में बिजली शुल्क में छूट की पात्रता भी दी है बिजली में सब्सिडी मिलने से इस्पात सहित कोर सेक्टर के उद्योगों को नहीं संजीवनी मिली है। राजीव शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उद्योगों को बिजली दर में रियायत अनुदान सहायता विभिन्न स्वीकृति प्रदान करने की सरल और सुविधाजनक व्यवस्था के साथ स्थानीय उद्योगों के उत्पादों को प्राथमिकता देने जैसी कई संवेदनशील फैसलों ने छत्तीसगढ़ के उद्योग जगत के लिए मील का पत्थर बनकर संजीवनी का काम किया है।

सुभाष रतनपाल की रिपोर्ट

05-11-2020
कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ किसानों ने किया चक्का जाम,केंद्र के साथ राज्य सरकार को किया कटघरे में खड़ा

 कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा और छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के आह्वान पर मोदी सरकार द्वारा बनाये गए किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था सुनिश्चित करने, खाद्यान्न आत्मनिर्भरता और ग्रामीण जनता की आजीविका बचाने तथा पूरे प्रदेश में सहकारी समितियों के माध्यम से 10 नवम्बर से धान की खरीदी शुरू करने और  छत्तीसगढ़ सरकार से वन अधिकार का पट्टा देने की मांग पर आज रैनपुर में दीपका पाली रोड पर सैकड़ो किसानों ने चक्काजाम किया और कई जगह मोदी सरकार के पुतले जलाए और इन कॉर्पोरेटपरस्त कानूनों को निरस्त करने की मांग की। आंदोलनकारी संगठनों ने केंद्र सरकार के बनाये कानूनों के दुष्प्रभावों को निष्प्रभावी करने के लिए राज्य के स्तर पर एक सर्वसमावेशी कानून बनाने की भी मांग की है।

उल्लेखनीय है कि आज 500 से अधिक किसान संगठनों द्वारा "कॉर्पोरेट भगाओ-खेती-किसानी बचाओ-देश बचाओ" के केंद्रीय नारे पर देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया गया था। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति  के कार्यकर्ता भी  इस आंदोलन के समर्थन में आज सड़कों पर उतरे। मोदी सरकार के कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ जिले में छत्तीसगढ़ किसान सभा,मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जनवादी महिला समिति,छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के बैनर तले दो घंटे तक चक्काजाम  चला और कई जगह पर पुतला फूंका गया। चक्काजाम से कोल परिवहन की गाड़ियों की कई किलोमीटर तक लंबी लाइन लग गई  और जाम का व्यापक असर देखने को मिला। चक्काजाम को छत्तीसगढ़ किसान सभा के नंद लाल कंवर, जवाहर सिंह कंवर, मुखराम, वेदप्रकाश, छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के दीपक साहू,माकपा जिला सचिव प्रशांत झा,माकपा पार्षद राजकुमारी कंवर, सुरति कुलदीप ने संबोधित किया।

 

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