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29-07-2021
कोरोना से मृत आनंद राम के परिवार का सहारा बनी भूपेश सरकार, चंदा सिंह ने माना आभार

रायपुर। कोरोना ने कई परिवारों से उनके एक मात्र कमाने वाले सदस्य को छीन लिया। उन परिवारों के सामने रोजी-रोटी के साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, उनका भविष्य जैसी कई समस्याएं सामने आने लगीं। ऐसी स्थिति में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों का सहारा बन कर उनकी परेशानियां दूर कर रही है। इन्हीं परिवारों में से एक सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत मदनपुर के स्व. आनंद राम का परिवार है। परिवार एक मात्र कमाने वाले सदस्य स्व. आनंद राम की मृत्यु कोरोना से हो जाने के बाद उनका परिवार आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा था। ऐसे में राज्य सरकार ने परिवार का सहारा बनकर उन्हें श्रम विभाग की ओर से मुख्यमंत्री असंगठित कर्मकार मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजनांतर्गत एक लाख रुपए, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर से श्रद्धांजलि योजनांतर्गत 2 हजार रुपए., समाज कल्याण विभाग की ओर से परिवार सहायता योजनांतर्गत 20 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 1 लाख 22 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।

 

स्व. आनंद राम की पत्नी चंदा सिंह को अंशकालीन स्वीपर पद अनुकंपा नियुक्ति और उनके दोनों बच्चों को महतारी दुलार योजना के तहत शासकीय स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मिडियम स्कूल, भूनेश्वरपुर में निशुल्क शिक्षा दी जा रही है। चंदा ने बताया कि उनके परिवार में पति आनंद राम और दो बच्चे थे। आनंद राम शाउमा विद्यालय मदनपुर में अंशकालीन स्वीपर के पद पर कार्यरत थे। अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए कृषि कार्य भी करते थे। पिछले दो वर्षों से उनके पति कैंसर बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति अस्पताल, रायपुर में चल रहा था। उपचार के दौरान आनंद राम कोरोना से पीड़ित हो गए और दुर्भाग्यवश 16 अप्रैल को उनका निधन हो गया। आनंद राम के निधन होने के बाद उनके परिवार को आर्थिक तंगी और कठनाईयों का सामना करना पड़ रहा था। कोरोना से मृत व्यक्तियों के परिवारजनों की सहायता के लिए कराए गए सर्वे में उनके परिवार को चिन्हांकित किया गया। इसके बाद उनकी परेशानियां हल हो गई। चंदा सिंह कहती हैं कि उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिलने और दोनों बच्चों को शासकीय स्वामी आत्मानन्द इंग्लिश मिडियम स्कूल निशुल्क शिक्षण के लिए प्रवेश मिल जाने से उनकी बहुत बड़ी चिंता दूर हो गई है। विभागों से प्राप्त राशि से पति के उपचार लिए लिया गया कर्ज चुकाया गया। दोनों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बैंक में 25-25 हजार रुपए जमा किया गया है। चंदा ने उनके कठिन समय में सहारा बनने के लिए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।

21-07-2021
पूर्व सीएम डॉ.रमन सिंह का सरकार पर तंज, कहा- ढाई साल में युवाओं को ना रोजगार मिला, ना बेरोजगारी भत्ता

रायपुर। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए युवाओं को रोजगार देने के मुद्दे पर तंज कसा है। डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि राहुल गांधी देख लें कि आप की सरकार युवाओं के लिए कैसे काम कर रही है। जो युवाओं को भीख मांग कर अपना हक मांगना पड़ रहा है। ढाई साल में युवाओं को ना रोजगार मिला, ना बेरोजगारी भत्ता। अब सरकार कह देगी कि हमने कसम नहीं खाई थी। बस घोषणापत्र में वादा किया था।

19-07-2021
युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे रायपुर, कहा-राज्य सरकार की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम  

रायपुर। युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राव एक दिवसीय दौरे पर सोमवार को रायपुर पहुंचे। इस दौरान एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया। राहुल राव युवा कांग्रेस मीडिया विभाग के कार्यकर्ताओं का साक्षात्कार करने राजीव भवन पहुंचे। उन्होंने प्रेस वार्ता कर मीडिया से संवाद किया और सभी कार्यकर्ताओं का साक्षात्कार कर उन्हें नई जिम्मेदारी प्रदान करने के लिए प्रेरित किया। छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस मीडिया विभाग प्रमुख निखिल द्विवेदी ने चयनित कार्यकर्ताओं को युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राव के साथ साक्षात्कार कराया। मीडिया विभाग राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब से मोदी सरकार आई है उसके बाद पूरे देश में महंगाई और बेरोजगारी की एक लहर सी उड़ गई है, जो शांत होने का नाम नहीं ले रही है और हमारे पड़ोसी देश जो हमसे भी छोटे और अविकसित है वहां पर भी पेट्रोल डीजल एलपीजी के दाम हमारे देश की तुलना में बहुत कम है। मोदी सरकार देश को महंगाई और बेरोजगारी की ओर ढकेल रही है और देश की संपत्तियों को बेचने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बेहद प्रशंसनीय कार्य कर रही है, चाहे वह किसानों का कर्जा माफ, वन उपज की खरीदी उचित मूल्य पर और आदिवासियों को उनका जमीन दिलाना यह सारे कार्य राज्य सरकार ने बेहद शानदार तरीके से किया है और इसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है। प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष मीडिया प्रभारी राहुल राव, कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, मीडिया विभाग प्रमुख निखिल द्विवेदी, राष्ट्रीय प्रवक्ता संजीव शुक्ला, प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता विपिन मिश्रा, रेणु मिश्रा, मीडिया विभाग प्रमुख तुषार गुहा, सुमित साव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

 

15-07-2021
कोविड रक्षकों को डीए और अतिरिक्त भत्ता दें राज्य सरकार :विजय मोटवानी

धमतरी। केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता(डीए) 17 से बढ़ाकर 28 प्रतिशत कर दिया है। गौरतलब है कि कोविड-19 संक्रमण के चलते महंगाई के प्रभाव को महसूस करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्थिक विषमता के दौर से उबरने के लिए अपने मातहत कर्मचारियों को यह तोहफा दिया है। उदारतापूर्वक तथा प्रोत्साहक निर्णय का स्वागत नगर निगम के पूर्व सभापति व पार्षद राजेंद्र शर्मा एवं पार्षद तथा भाजयुमो जिला अध्यक्ष विजय मोटवानी ने किया। उन्होंने कहा कि महंगाई भत्ता दिया जाने का केंद्र सरकार का कदम वास्तव में कर्मचारी हितेषी एक महत्वपूर्ण कार्य है। केंद्र की तर्ज पर राज्य सरकार को भी अब अपने 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते को बढ़ाकर वादा के अनुरूप 18 प्रतिशत करना चाहिए क्योंकि सरकार के अनेक विभागों के कर्मचारी कोविड-19 संक्रमण के विपरीत दौर में अपनी जान को दांव पर लगाकर जनता को सेवा दिए हैं। राज्य सरकार को कर्मचारी हित के इस निर्णय पर अति शीघ्र अमलीजामा पहनाना चाहिए जो राज्य की आबादी का बहुसंख्यक रूप से प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारी कर्मचारियों के हित के दृष्टिकोण से एक सार्थक कदम होगा। विजय मोटवानी ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के प्रथम एवं द्वितीय दौर में जिन विभाग के कर्मचारियों ने कोरोना रक्षक के रूप में अपनी सेवाएं दी है उन सभी लोगों को दिए डीए के साथ-साथ अतिरिक्त भत्ता भी प्रदान किया जाए।

 

12-07-2021
भूपेश बघेल ने कहा-विकास में कोई भी पीछे न छूटे, मुख्यमंत्री ने एसडीजी सेल गठित करने दी सहमति

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य सरकार का विकास एजेंडा और राज्य सरकार की योजनाएं संयुक्त राष्ट्रसंघ की ओर से अपनाए गए सतत विकास लक्ष्य से जुड़ी हुई हैं। राज्य सरकार का यह प्रयास है कि विकास में कोई भी पीछे न छूटे। राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में सतत विकास लक्ष्य की समीक्षा के लिए गठित राज्य स्तरीय सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) संचालन समिति की प्रथम बैठक ली। संयुक्त राष्ट्रसंघ महासभा के अपनाए गए सतत विकास लक्ष्यों में गरीबी खत्म करना, पर्यावरण की रक्षा, आर्थिक असमानता को कम करना और सभी के लिए शांति और न्याय सुनिश्चित करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं यथा मध्यान्ह भोजन, मुख्यमंत्री खाद्य सुरक्षा योजना, सर्वभौमिक सार्वजनिक वितरण प्रणाली, हाट बाजार एवं मोहल्ला क्लीनिक योजना, महतारी जतन योजना, राजीव गांधी किसान न्याय, सुराजी गांव योजना, गोधन न्याय योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के माध्यम से सतत विकास लक्ष्यों के उद्देश्यों को पूरा करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने सतत विकास लक्ष्य की प्राप्ति के लिए राज्य योजना आयोग की ओर से तैयार किए गए स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क और उस पर आधारित बेसलाइन एवं प्रोग्रेस रिपोर्ट 2020 का विमोचन किया। उन्होंने बैठक में विभागों को सतत विकास लक्ष्य प्राप्ति के लिए तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग की ओर से तैयार किए गए स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क से लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सुनियोजित रुप से मूल्यांकन,अनुश्रवण और अनुशीलन किया जा सकेगा। इससे विभागीय योजनाओं, कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में कसावट आएगी और राज्य की रैकिंग में सुधार होगा। इस फ्रेमवर्क में 17 लक्ष्यों के मूल्यांकन के लिए 275 इंडिकेटर्स का निर्धारण किया गया है। फ्रेमवर्क में प्रत्येक इंडिकेटर को विभागों के साथ मैप किया गया है। साथ ही विभिन्न योजनाओं की भी मैपिंग की गई है। योजना आयोग की ओर से तैयार किए गए प्रत्येक एसडीजी लक्ष्य के लिए इंडिकेटर्स से सभी लक्ष्यों की समयाबद्ध पूर्ति में विभागों को सहायता मिलेगी। व्यवस्थित रुप से मूल्यांकन भी संभव हो सकेगा। मुख्यमंत्री ने राज्य योजना आयोग के स्तर पर एसडीजी सेल गठित करने के प्रस्ताव को सहमति दी। 
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि स्टेट इंडिकेटर फ्रेमवर्क के तर्ज पर जल्द ही डिस्ट्रिक्ट इंडिकेटर फ्रेमवर्क का भी निर्धारण किया जाएगा, इससे सभी जिलों को उनके परफॉरमेंस के आधार पर रैकिंग दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग की ओर से हाल में ही एसडीजी इंडिया इंडेक्स जारी किया गया है। इसमें छत्तीसगढ़ ने 61 अंक हासिल कर परफार्मर राज्य की श्रेणी में स्थान बनाया है। राज्य ने लैगिंक समानता में पूरे देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है।

11-07-2021
1.5 करोड़ से संवरेगा दीपक नगर का उत्कृष्ट इंग्लिश विद्यालय, आबादी और मांग के अनुरूप खुलेंगे और अंग्रेजी स्कूल : वोरा

दुर्ग। राज्य सरकार की ओर से बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के उद्देश्य से लाई गई स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना को बच्चों एवं पालकों की ओर से हाथों हाथ एवं सुनहरे अवसर के रूप में लिया जा रहा है। दुर्ग शहरी क्षेत्र में वर्तमान में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीपक नगर का उन्नयन आत्मानंद स्कूल के रूप में किया गया है। यहां 680 सीटों के लिए 1326 छात्र छात्राओं ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है। सरकार की फ्लैगशिप योजना को संवारने के लिए वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अरुण वोरा की पहल पर शहर में तकिया पारा स्कूल को भी योजना के अंतर्गत लेते हुए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल बनाने एवं दीपक नगर विद्यालय के जीर्णोद्धार एवं नवीन भवन निर्माण के लिए खनिज मद से 1.5 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इसके लिए नोडल एजेंसी नगर निगम दुर्ग की ओर से निविदा की कार्यवाही प्रगतिरत है।

विधायक वोरा ने महापौर धीरज बाकलीवाल के साथ दीपक नगर के साथ ही शहर में और भी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल की संभावना देखते हुए तकिया पारा, नया पारा, बोरसी एवं पटरी पार क्षेत्र के स्कूलों का भी दौरा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की स्पष्ट मंशा एवं शासन का स्लोगन है, सबके अपने सपने हैं, सारे बच्चे अपने हैं। शहर में 4 लाख से अधिक आबादी एवं स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्रवेश की मांग को देखते हुए कम से कम 3 और उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूलों की स्वीकृति देने की आवश्यकता है। बोरसी क्षेत्र , पटरी पार एवं तकिया पारा के स्कूलों के उन्नयन की मांग मुख्यमंत्री से की जाएगी ताकि बच्चों के प्रवेश को लेकर पालकों को भटकना ना पड़े। उन्होंने योजना की तारीफ करते हुए कहा कि भूपेश सरकार ने ढाई वर्ष में ही अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है गांव, गरीब, किसान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ ही बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए अच्छी शिक्षा सभी का अधिकार है। महतारी दुलार योजना के अंतर्गत कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को शासन की ओर से मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति भी दी जाएगी। उन्होंने दीपक नगर स्कूल पहुंच कर प्रस्तावित निर्माण की जानकारी लेकर अतिशीघ्र कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एल्डरमैन राजेश शर्मा, अंशुल पांडेय, स्कूल की प्राचार्या वंदना पांडेय, वरिष्ठ अध्यापिका सरला राणे एवं अधिकारी मौजूद थे।

10-07-2021
अब किसानों को नहीं होगी तकलीफ, राज्य सरकार ने कलेक्टरों को दिए ये निर्देश

रायपुर। राज्य सरकार ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को पंजीयन में किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर सौरभ कुमार ने एसडीएम राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारियों से कहा है कि पंजीयन के लिए किसी भी प्रकार के नोटरीकृत आवेदन का प्रावधान नहीं किया गया है। सभी अधिकारी ये सुनिश्चित करें कि किसानों की ओर से खुद प्रमाणित और कृषि विस्तार अधिकारी की ओर से सत्यापित आवेदन ही किसानों के पंजीयन के लिए पर्याप्त है। पंजीयन के लिए किसानों से किसी भी प्रकार के नोटरीकृत आवेदन लेने से मना किया गया है। इस योजना के अंतर्गत संयुक्त खातेदार कृषकों का पंजीयन नंबरदार के नाम से किया जाएगा।

09-07-2021
छत्तीसगढ़ मिलेट उत्पादन में इनपुट सब्सिडी देने वाला एक मात्र राज्य, खुलेंगे रोजगार और आय के नए रास्ते

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार की ओर से कोदो, कुटकी की समर्थन मूल्य पर खरीदी के निर्णय और इन फसलों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना में शामिल किया गया है। इसके बाद अब छत्तीसगढ़ में कोदो, कुटकी और रागी का वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन की तैयारी है। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोदो-कुटकी का समर्थन मूल्य न केवल 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया है,बल्कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का विस्तार करते हुए अब कोदो-कुटकी की फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपए और धान के बदले कोदो-कुटकी की फसल लेने वाले किसानों को 10 हजार रुपए प्रति एकड़ इनपुट सब्सिडी देने का प्रावधान किया है, ऐसा करने वाला छत्तीसगढ़ देश का एक मात्र राज्य है।

गौरतलब है कि प्रदेशव्यापी मिलेट मिशन का मुख्य फोकस छत्तीसगढ़ के बस्तर और आदिवासी अंचल के जिलों में होगा। इन जिलों में इन मिलेट्स का उत्पादन प्राकृतिक रूप से होता है। समय के साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता के बीजों की उपलब्धता में कमी और तकनीकी मार्गदर्शन के अभाव में किसान मिलेट्स के उत्पादन से दूर होते गए। आदिवासी अंचल विशेष कर बस्तर में मिलेट्स का उत्पादन बढ़ने से जहां किसानों की आय में वृद्धि होगी साथ ही इन क्षेत्रों में कुपोषण की समस्या से निपटने में भी मदद मिलेगी। आने वाले समय में मिलेट्स में बस्तर के किसानों की बड़ी ताकत बनेंगे। 

मिलेट मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में कोदो, कुटकी, रागी आदि विभिन्न प्रकार के मिलेट के क्षेत्र और उत्पादन में वृद्धि करते हुए उनके उचित प्रसंस्करण के माध्यम से विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार किए जाएंगे। राज्य में मिलेट की खपत को बढ़ाने के प्रयास भी किए जाएंगे। इस मिशन से बच्चों, महिलाओं और नागरिकों के लिए पोषक आहार की उपलब्धता बढ़ेगी। साथ ही मिलेट विकास के माध्यम से कृषकों, महिला समूहों को और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। राज्य में उत्पादित और प्रसंस्कृत मिलेट को छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों में उचित मूल्य पर विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। 

गौरतलब है कि प्रदेश में कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, जगदलपुर, दंतेवाड़ा और सुकमा सहित राजनांदगांव, कवर्धा और बेमेतरा और सरगुजा के कुछ क्षेत्रों में इन मिलेट्स का उत्पादन होता है। मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में जहां मिलेट के उत्पादन की अच्छी संभावना है, वहां मिलेट क्लस्टर चिन्हांकित कर उन्नत खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। पोषण से भरपूर मिलेट्स की मांग अब देश-विदेश में काफी बढ़ रही है, ऐसे में मिलेट्स की खेती बस्तर अंचल के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। इस मिशन में मिलेट्स की खेती से महिला स्व सहायता समूहों को जोड़ा जाएगा। मिलेट्स का उत्पादन बढ़ाने के साथ इनकी मार्केटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उत्पादन वाले गांवों में छोटी-छोटी प्रसंस्करण इकाईयां लगाई जाएंगी और पैकेजिंग की इकाईयां स्थापित की जाएंगी। मिलेट्स की खपत और बढ़ाने के लिए गढ़कलेवा के व्यंजनों की सूची में कोदो, कुटकी और रागी से तैयार व्यंजनों को भी शामिल किया जाएगा।

04-07-2021
तेंदूपत्ता संग्राहकों को दो माह में 502 करोड़ रुपए का भुगतान,मो. अकबर बोले-वनवासियों को मिला बड़ा सहारा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार के वनवासियों के हित में लिए गए अहम फैसले के फलस्वरूप छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहकों को दो माह मई-जून में ही 502 करोड़ 49 लाख रुपए का भुगतान हो चुका है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि इससे राज्य के आदिवासी-वनवासी सहित तेन्दूपत्ता संग्राहकों को कोरोना संकट की विषम परिस्थिति में भी रोजी-रोटी की कोई समस्या नहीं आई। उन्हें तेन्दूपत्ता के संग्रहण से बहुत बड़ा सहारा मिला।

 राज्य में कोरोना संकट के बावजूद चालू वर्ष के दौरान तेन्दूपत्ता का संग्रहण कार्य सुचारू रूप से संचालित हुआ। इसका सीधा-सीधा लाभ राज्य के लगभग 13 लाख आदिवासी-वनवासी संग्राहक परिवारों को मिला। राज्य में इस दौरान माह जून के अंत तक 13 लाख 5 हजार 797 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है, जो लक्ष्य 16 लाख 71 हजार 700 मानक बोरा का 78 प्रतिशत से अधिक है। प्रबंध संचालक राज्य लघु वनोपज संघ संजय शुक्ला ने बताया कि इसमें तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 522 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भुगतान योग्य है। राज्य में वर्तमान में तेन्दूपत्ता का संग्रहण दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा निर्धारित है। 

राज्य में इस वर्ष वन मंडलवार सबसे अधिक पूर्व भानुप्रतापपुर में 91 हजार 320 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसी तरह बलरामपुर में 90 हजार 540 मानक बोरा, सुकमा में 76 हजार एक मानक बोरा, बीजापुर में 75 हजार 341 मानक बोरा और पश्चिम भानुप्रतापपुर में 75 हजार 120 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इनमें वन वृत्तवार जगदलपुर के अंतर्गत एक लाख 76 हजार 593 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसमें तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 70 करोड़ 64 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से अब तक 70 करोड़ 26 लाख रुपए की राशि का भुगतान संग्राहकों को किया जा चुका है।

इसी तरह वनवृत्त कांकेर के अंतर्गत 2 लाख 49 हजार 679 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसमें संग्राहकों को 99 करोड़ 87 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से अब तक 98 करोड़ 77 लाख रुपए की राशि का भुगतान कर दिया गया है। वन वृत्त दुर्ग के अंतर्गत एक लाख 58 हजार 651 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसमें 63 करोड़ 46 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से संग्राहकों को 62 करोड़ 29 लाख रुपए का भुगतान हो चुका है। वनवृत्त रायपुर के अंतर्गत एक लाख 88 हजार 527 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण हुआ है। इसमें 75 करोड़ 41 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से 75 करोड़ 30 लाख रुपए की राशि का भुगतान कर दिया गया है।

इसके अलावा वनवृत्त बिलासपुर के अंतर्गत चालू वर्ष के दौरान 2 लाख 76 हजार 670 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसमें 110 करोड़ 67 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से अब तक 104 करोड़ 50 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। इसी तरह वनवृत्त सरगुजा के अंतर्गत 2 लाख 55 हजार 597 मानक बोरा तेन्दूपत्ता का संग्रहण किया गया है। इसमें 102 करोड़ 24 लाख रुपए की भुगतान योग्य राशि में से अब तक संग्राहकों को 91 करोड़ 36 लाख रुपए की राशि का भुगतान हो चुका है।

29-06-2021
हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी उत्तराखंड सरकार आयोजित करेगी चार धाम की यात्रा 

देहरादून/रायपुर। राज्य सरकार ने 1 जुलाई से चार धाम यात्रा शुरू करने का निर्णय लिया था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने निर्णय पर स्‍टे लगा दिया है।  बावजूद इसके सरकार ने कहा कि यात्रा का पहला चरण 1 जुलाई से शुरू होगा। सरकार ने यह घोषणा उत्तराखंड हाईकोर्ट के कैबिनेट के उस निर्णय पर रोक लगाने के कुछ ही घंटे बाद की है, जिसमें चार धाम यात्रा के लिए यात्रियों की सीमित संख्‍या को अनुमति देने का निर्णय लिया गया था।

28-06-2021
वेबिनार में शामिल हुई मंत्री भेंड़िया,कहा-छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास व महिलाओं के लिए खुले नए रास्ते

रायपुर। राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सम्मान के लिए कृत संकल्पित है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास से महिलाओं को जोड़ते हुए उनकी उन्नति के लिए नए रास्ते खोले गए हैं। महिलाओं को गौठानों,वनोपज संग्रहण, प्रसंस्करण सहित कई अनेक आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है। धमतरी में महिला समूहों की ओर से दीया बनाने का काम हो रहा है, जिन्हें बाहर से भी ऑर्डर मिलने लगा है। दंतेवाड़ा में डेनेक्स गॉरमेंट फैक्ट्री का संचालन महिलाएं कर रही हैं। रेडिमेड कपड़े बनाकर बाहर भेज रही हैं। यह आदिवासी नारियों को सशक्त बनाने का एक बढ़िया उदाहरण है। यह बातें सोमवार को महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने कही। वे दुर्ग में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के आॅनलाइन वेबीनार में शामिल हुईं। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में नारी सशक्तिकरण विषय पर उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। 
मंत्री भेंड़िया ने कहा कि ईश्वर के अलावा केवल स्त्री को ही सृजन की शक्ति प्राप्त है। वह घर में मां, बहन, बेटी, पत्नि और बाहर कामकाजी महिला जैसे अनेक स्वरूपों को अपने आप में समेटे रखती है। नारी शक्ति के इस बहुआयामी स्वरूप को सहेजने, निखारने और उन्हें अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ है। मुख्यमंत्री बघेल ने कौशल्या मातृत्व योजना की घोषणा की है,जिसमें द्वितीय संतान कन्या के जन्म होने पर एकमुश्त 5 हजार रुपए माता को प्रदान किया जाएगा। यह कन्या भू्रण हत्या को रोकने के साथ ही माता के पोषण में भी सहायक होगा। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ महिला कोष के माध्यम से महिलाओं और महिला समूहों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। महिलाओं को हाट बाजारों के माध्यम सामान के विक्रय में सहायता भी उपलब्ध करायी जा रही है। महिलाओं में अपने हितों और अधिकारों को लेकर जागरुकता आई है। सरकार भी निरंतर विधिक और महिला जागृति शिविरों के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने का काम कर रही है। सबके सहयोग से हमारा प्रदेश नवा छत्तीसगढ़ के रूप में विकसित हो रहा है।

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