GLIBS
18-02-2020
शिक्षा विभाग के अधिकारियों व प्राचार्यों का राज्य सरकार ने किया तबादला

रायपुर। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों व प्राचार्यों का तबादला कर दिया है। बता दें कि सरकार ने फैसला लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से एक जगह पर जमे हुए अधिकारियों और प्राचार्यों के तबादले कर दिए हैं। इस लिस्ट में संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और प्राचार्य शामिल हैं। इन्हें तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक स्थानांतरित किया गया है।

 

16-02-2020
आरक्षण लागू करने कांग्रेसियों ने किया प्रदर्शन,केंद्र सरकार के खिलाफ की नारेबाजी

राजनांदगांव। राज्य सरकार की ओर से दिए गए आरक्षण का केन्द्र की भाजपा सरकार विरोध कर रही है। इसे लागू करने में बाधा डाल रही है। इसी के खिलाफ केंद्रीय नेतृत्व और प्रदेश कमेटी के आव्हान पर कांग्रेसियों ने रविवार को प्रदेशभर में धरना प्रदर्शन दिया और राष्ट्रपति के नाम से ज्ञापन सौंपा। इसी कड़ी में राजनांदगांव के कांग्रेस कार्यालय के सामने जिला कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों ने धरना प्रदर्शन दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सभा स्थल पर राज्य सरकार की ओर से एसटी,एससी व ओबीसी वर्ग के जारी किए गए आरक्षण के लाभ के बारे में बताया। किस प्रकार से इस आरक्षण को लागू नहीं होने दिया जा रहा है इस पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में कांग्रेस पार्टी ने छत्तीसगढ़ में एसटी,एससी,ओबीसी के आरक्षण को विशेष वर्ग के लोगों के लिए आवश्यक बताया। इसे  लागू करने की अपील की है। पूर्व सांसद करुणा शुक्ला और शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा ने धरना स्थल पर कांग्रेसियों को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों पर हमला बोला। इस दौरान प्रदेश,जिला,ब्लॉक कांग्रेस सहित मोर्चा,प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे। 

 

16-02-2020
छत्तीसगढ़ में सोशल-इकोनोमी इंडेक्स के अध्ययन से तैयार होंगी नई नीतियां : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 14 फरवरी को अपने अमेरिका प्रवास के दौरान बोस्टन में रहें जहां उनकी मुलाकात मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालॉजी और सोलन स्कूल ऑफ मेनेजमेंट के प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न और सोशल प्रोग्रेस इम्पेरेटिव के सीईओ माइकल ग्रीन से हुई। इस मुलाकात में छत्तीसगढ़ राज्य के इकोनॉमिक एवं सोशल इंडेक्स, सोशल इकानॉमी सर्वे और सोशल ऑडिट सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। यह चर्चा इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण रही कि पहले इस विषय पर इतने बड़े स्तर में सोशल इकोनॉमिक इंडेक्स के अध्ययन पर काम नही किया गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि इनके अध्ययन से राज्य सरकार को नई नीति तैयार करने में मदद मिलेगी।

प्रोफेसर स्कॉट स्टर्न ने इस अवसर पर एक प्रस्तुतीकरण भी दिया। जिसमें उपरोक्त आर्थिक-सामाजिक इंडेक्स के सर्वे के माध्यम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के आर्थिक विकास पर अध्ययन कर उनके विकास के लिए नए प्रोग्राम और नीति आदि तैयार करने में मदद मिलेगी ताकि ग्रामीण ग्रामीण क्षेत्रों का समुचित विकास हो सके और लोगों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो सके। इसके माध्यम से प्रमुख रूप से रोजगार उपलब्ध कराना एवं एक वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से आर्थिक सुधार पर कार्य करने के लिए यह अच्छे उपाए साबित होंगे।

इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में चलाए जा रहे सुपोषण अभियान, हॉट-बाजारों और शहरी स्लम इलाकों में चलित अस्पताल तथा बस्तर क्षेत्र में पिछले 15 सालों से बंद पड़े लगभग 300 स्कूलों को फिर से प्रारंभ करने और महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में दिए जा रहे विशेष ध्यान को बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख सोशल इंडेक्स के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आर.पी.मण्डल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, सीएसआईडीसी के एमडी अरूण प्रसाद सहित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अध्ययनरत आईएएस अधिकारी एम.गीता भी उपस्थित रहीं।

15-02-2020
जांजगीर जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा के जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के प्रतिष्ठा पूर्ण चुनाव में कांग्रेस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। यहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर कांग्रेस को जीत हासिल हुई है। अध्यक्ष पद पर यनीता चंद्रा और उपाध्यक्ष पद पर राघवेंद्र प्रताप सिंह जीते हैं। इस तरीके से जिले के जनपदों में अपना वर्चस्व स्थापित करने के बाद एक बार फिर जिला पंचायत में भी कांग्रेस का कब्जा हो गया है। जिला पंचायत अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद को लेकर गहमागहमी की स्थिति थी क्योंकि जिला पंचायत के सदस्यों को जिले से बाहर भेजा गया था। 25 सदस्यी जिला पंचायत में कांग्रेस समर्थित 14 उम्मीदवार विजयी हुए थे। जबकि 8 भाजपा समर्थित उम्मीदवार जीते थे। वहीं तीन अन्य उम्मीदवार विजयी हुए थे।

अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस और भाजपा में सीधा मुकाबला था और सुबह जब बस में सभी सदस्यों को लेकर जिला पंचायत मुख्यालय वोटिंग के लिए पहुंचे तो बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौजूद थी। दोपहर में वोटिंग के बाद अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी यनीता चंद्रा को 17 वोट मिले, जबकि भाजपा के टिकेश्वर गवेल को 8 मत प्राप्त हुए। इस तरीके से कांग्रेस प्रत्याशी यनीता चंद्रा ने 9 वोटों से जीत हासिल की। जबकि उपाध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस के राघवेंद्र प्रताप सिंह को 15 मत मिले तो वहीं भाजपा के गगन जयपुरिया को 10 मत मिले। इस तरह से उपाध्यक्ष पद पर भी 5 मतों के अंतर से कांग्रेस ने जीत दर्ज कर ली। जीत के बाद अध्यक्ष यनीता चंद्रा ने बताया कि शिक्षा स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वहीं उपाध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह ने राज्य की कांग्रेस सरकार की योजनाओं का लाभ आम जनता को दिलाने और राज्य सरकार की कार्ययोजना पर काम करने की बात कही।

08-02-2020
एनजीओ घोटाले की जांच पर सरकार की पुनर्विचार याचिका, भाजपा ने उठाए सवाल..

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने एक हजार करोड़ के एनजीओ घोटाले की सीबीआई जांच को लेकर राज्य सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को लेकर सवाल उठाया है। भाजपा नेता नरेशचन्द्र गुप्ता ने कहा कि जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है, प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री लगातार केन्द्रीय जांच एजेंसियों के मामले में केन्द्र से टकराव का काम कर रहे हैं। केन्द्र से सीधे टकराव लेकर संघीय ढांचे को क्षति पहुंचाने वाली प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर केन्द्र सरकार व जांच एजेंसियों के प्रति अकारण अविश्वास व्यक्त कर रही है। नरेश गुप्ता ने सवाल किया कि आखिर एनजीओ घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा कराए जाने पर प्रदेश सरकार को दिक्कत क्यों है? गुप्ता ने कहा कि जो सरकार प्रदेश को अपराधगढ़ बनने से रोकने में नाकाम हो रही है, वह पुलिस तंत्र को इस बड़े घोटाले की जांच का जिम्मा देना चाहती है।

08-02-2020
बेमौसम बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता

सूरजपुर। राज्य सरकार ने धान खरीदी 15 फरवरी तक किए जाने को लेकर अन्नदाता चिंतित है। सरकार ने धान खरीदी केंद्रों में लिमिट की बाध्यता भले ही खत्म कर दिया हो किंतु सूरजपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में लिमिट अभी भी बरकरार है। ऐसे में कई धान समितियों में लगभग 70 प्रतिशत ही धान किसान बेच पाए हैं। साथ ही किसान धान मंडियों में टोकन के लिए चक्कर लगा रहे हैं। सहकारी समितियों में व्यवस्था नहीं होने से किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बेमौसम की बारिश ने किसानों की समस्याओं को और भी बढ़ा दी है। ग्लिब्स टीम ने जिले के कई धान मंडियों का दौरा किया। कई किसानों ने अपना दर्द बयां किया। किसानों ने बताया कि धान बेचने के लिए पहले हमें धान मंडी का चक्कर लगाना पड़ा। कई दिन बाद टोकन मिला। निर्धारित टोकन तिथि के अनुसार धान समितियों में धान बेचने के लिए विभिन्न साधनों से धान मंडियों में गए। धान खरीदी केंद्रों में मौजूद अधिकारी,कर्मचारिओं ने बारदाना देने से मना कर दिया। किसानों ने बताया कि अगर तारीख आगे नहीं बढ़ती है तो आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। 

 

05-02-2020
वनोपज बनेगा ग्रामीणों की आजीविका का आधार, राज्य सरकार ने तैयार की कार्ययोजना

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप प्रदेश में लघु वनोपजों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका से जोड़ने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। राज्य सरकार ने 22 लघु वनोपजों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने का निर्णय लिया  है। परियोजना के माध्यम से वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी से लगभग 4 लाख संग्राहक लाभान्वित होंगे। वनोपज के व्यापार से महिला स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं हाट बाजारों में लघु वनोपजों का क्रय करेंगी और वन-धन विकास केन्द्रों पर लघु वनोपजों के प्राथमिक प्रसंस्करण के काम में भी जुटेंगी। इसके माध्यम से लगभग 5500 महिला स्व-सहायता समूहों की 50 हजार से अधिक महिलाएं लाभान्वित होंगी।

परियोजना तैयार करने के पहले लघु वनोपज बाजार का सर्वेक्षण वन क्षेत्रों के आसपास के 1082 हाट बाजारों में 480 प्रशिक्षित दल के सदस्यों द्वारा कराया गया। सर्वेक्षण से स्पष्ट हुआ कि 839 हाटबाजारों में 3000 से अधिक गांवों के ग्रामीणों द्वारा लघु वनोपज का संग्रहण कर विक्रय के लिए लाया जाता है। यह जानकारी भी मिली कि व्यापारिक महत्व की 80 प्रजाति की 1200 करोड़ रुपए मूल्य की वनोपजों का विक्रय ग्रामीणों द्वारा हाट बाजारों में किया जाता है।
    
लघु वनोपज संग्रहण और प्राथमिक प्रसंस्करण

बाजार सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर लघु वनोपज के उत्पादन की जानकारी तैयार की गयी, जिला यूनियनों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर्गत 200 करोड़ रूपए से अधिक मूल्य की वनोपजों के संग्रहण का लक्ष्य निर्धारण किया गया है। वर्तमान वर्ष में शासन द्वारा पूर्व वर्ष के 15 प्रजाति के स्थान पर 22 लघु वनोपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य योजनांतर्गत क्रय किए जाने का लक्ष्य है। बस्तर संभाग अंतर्गत 75 करोड़ रूपए की वनोपज क्रय का लक्ष्य रखा गया है। राज्य में लघु वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर 839 हाट बाजारों पर संग्रहण केन्द्र एवं 139 हाट बाजारों पर वन धन विकास केन्द्र की स्थापना की गई है, इसमें से बस्तर संभाग के अंतर्गत 317 संग्रहण केन्द्र एवं 47 वन धन विकास केन्द्र की स्थापना की जा रही है। वन धन विकास केन्द्र की स्थापना  के लिए भारतीय जनजातीय विपणन संस्थान ट्रायफेड द्वारा 20.85 करोड़ रूपए के परियोजना की स्वीकृति संघ को प्रदान की गयी है। इसी योजना के तहत वन धन विकास केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। इन केन्द्रों में लघु वनोपज के प्राथमिक प्रसंस्करण का कार्य किया जाएगा। हाट बाजार स्तर पर महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा लघु वनोपज का प्राथमिक प्रसंस्करण कार्य किया जाएगा। एक वन धन विकास केन्द्र में कम से कम 300 हितग्राही कार्य करेंगे।

 लघु वनोपज संग्रहण और प्रसंस्करण परियोजनाएं स्वीकृत 
लघु वनोपज संग्रहण, प्राथमिक प्रसंस्करण, हाट बाजार स्तर पर संग्रहण केन्द्र स्थापना, वन धन विकास केन्द्र स्थापना, प्रशिक्षण एवं स्थापित इकाईयों के सृदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जिला यूनियनों को 282 करोड़ रूपए लागत की परियोजनाएं स्वीकृत की गयी है। बस्तर संभाग में लगभग 108.56 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गयी है।

लघु वनोपज आजीविका से चार लाख संग्राहक होंगे लाभान्वित 
 न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय से लगभग 4 लाख संग्राहक लाभान्वित होंगे। सुदृढ़ सप्लाई चैन व्यवस्था से गांव-गांव तक शासन द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्यों का प्रचार-प्रसार होगा, जिससे ग्रामीणों को उनके द्वारा बेची जाने वाली वनोपजों का उचित मूल्य प्राप्त होगा।

स्व-सहायता समूह - विभिन्न स्तर जैसे 
 ग्राम स्तर, हाट बाजार स्तर एवं वन धन विकास केन्द्रों पर लगभग 5500 से अधिक महिला स्व-सहायता समूह के अंतर्गत 50 हजार से अधिक हितग्राहियों का चयन किया गया है। बस्तर संभाग में 1931 महिला स्व-सहायता समूहों के अंतर्गत 19310 हितग्राहियों को लाभ प्राप्त होगा।

युवाओं को मिलेगा रोजगार
हाट बाजारों एवं वन धन विकास केन्द्रों में समूह की सहायता एवं मार्गदर्शन के लिए लगभग एक हजार बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रेरक के रूप में चयनित किया गया है। चयनित प्रेरकों को एक ओर जहां रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, वहीं दूसरी ओर स्व-सहायता समूहों को लघु वनोपज आधारित आजीविका प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

 संग्रहण-प्रसंस्करण के लिए अधोसंरचना विकास
 राज्य में चयनित 839 हाट बाजारों एवं 139 वन धन विकास केन्द्रों में अंतर्गत राज्य शासन द्वारा अधोसंरचना विकास के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसके लिए संबंधित जिला यूनियन द्वारा जिला कलेक्टर से मनरेगा योजना अंतर्गत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत कर स्वीकृति प्राप्त की जा रही है, इससे महिला स्व-सहायता समूहों को लघु वनोपज खरीदी एवं प्रसंस्करण कार्यों के लिए सुविधा होगी। अभी तक लगभग 55 करोड़ 80 लाख  रूपए की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। संग्रहण केन्द्र में एक अस्थाई गोदाम तथा वनोपज सुखाने के लिए स्थान तथा वन धन विकास केन्द्र में वर्कशेड, सुखाने  के लिए स्थान एवं अस्थाई गोदाम का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश के चयनित 839 हाट बाजारों में 704 अधोसंरचना विकास के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार 139 वन धन विकास केन्द्रों में 103 कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

क्रय केन्द्रों को दी जाएगी इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन 
 लघु वनोपज खरीदी एवं प्राथमिक प्रसंसकरण कार्य हेतु समूहों को आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। प्रथम चरण में संग्रहण ग्राम (फड़), हाट बाजार एवं वन धन किास केन्द्रों में इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन देने का प्रस्ताव है। यह वेइंग मशीन संघ की योजनाओं के माध्यम से प्रदान की जा रही है। लगभग 4500 क्रय केन्द्र एवं 139 वन धन विकास केन्द्रों को इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन प्रदान किया जाएगा। इस पर लगभग 3 करोड़ 10 लाख रूपए की राशि व्यय की जाएगी।

परियोजना क्रियान्वयन के लिए दिया जा रहा है प्रशिक्षण 
 लघु वनोपज आधारित आजीविका विकास के लिए संचालित योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा हितग्राहियों के क्षमता विकास के लिए वृहद स्तर पर प्रशिक्षण कार्य संपादित किए जा रहे हैं। प्रथम चरण में सप्लाई चैन मैनेजमेन्ट विषय पर राज्य स्तरीय, वृत्त स्तरीय, जिला यूनियन स्तरीय एवं वन-धन विकास केन्द्र स्तर के प्रशिक्षण आयोजित किए गए, जिसमें लगभग 10 हजार हितग्राहियों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण कार्य अभी भी जारी है। उपरोक्त प्रशिक्षण से गांव-गांव तक लघु वनोपज संबंधी कार्यों के संचालन एवं संग्राहकों को शासकीय योजनाओं की जानकारी प्राप्त होगी। प्रदेश में लघु वनोपज आधारित विकास के लिए तैयार कार्य योजना के क्रियान्वयन का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। इससे एक ओर जहां संग्राहकों को उनकी वनोपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा, वहीं स्व-सहायता समूहों को रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे।
 


 

28-01-2020
हाईकोर्ट ने पाठ्य पुस्तक महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ जांच पर लगाई रोक

रायपुर। पाठ्य पुस्तक निगम के महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ जो ईओडब्लू द्वारा एक और मामले की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। इस पर कार्रवाई करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। आपको बता दे कि दो मामलों में कार्रवाई पर पहले ही हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। अब महाप्रबंधक अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ ईओडब्लू के प्राथमिक जांच क्रमांक 54/ 2019 पर भी कार्यवाही करने से रोक लगा दी है। जस्टिस संजय के अग्रवाल की एकल पीठ में हुई। सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले कार्यवाही करते हुए बाद में अनुमोदन लिया है, जो कि कानून के विपरीत है। मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी तय की गई है।
 

28-01-2020
राज्य व केंद्र की एजेंसियों से हाईकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

रायपुर। बिलासपुर में हवाई सेवा शुरू होने में देरी को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर  बीते दिन सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार की एजेंसियों से 7 फरवरी तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 10 फरवरी को होगी। हाईकोर्ट की संयुक्त पीठ की सुनवाई में राज्य सरकार की तरफ से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने बताया कि अभी टू सी हवाई सेवा का सेटअप चकरभाटा एयरपोर्ट पर उपलब्ध है। एक माह के भीतर इसे 3 सी एयरपोर्ट में तब्दील किया जा सकता है। राज्य शासन ने एक डीड जारी किया है। जिसमें विमानन कंपनियों से रुचि की अभिव्यक्ति भी मांगी गई है, जो 3 सी हवाई सेवा के लिए हैं। याचिकाकर्ता ने वकील ने कहा कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार के तत्कालीन सीएस विवेक ढांड को पत्र लिखकर 3 सी कैटेगरी का एयरपोर्ट विकसित करने के लिए भेजा था। फिलहाल तब कोई जवाब केंद्र को नहीं भेजा गया एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 2015 की बैठक में प्रस्ताव भी पास किया था।

24-01-2020
मिलावट की शिकायत करने टोल फ्री नंबर 9340597097

रायपुर। राज्य सरकार ने खाद्य पदार्थो में हो रही मिलावट को देखते हुए राजस्थान व मध्यप्रदेश की तरह अब छत्तीसगढ़ में भी इसकी शुरुआत करते हुए शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 9340597097 जारी किया है। इस नंबर पर शिकायत करते ही 24 घंटे में कार्यवाही किया जाएगा। उपभोक्ता सुरक्षा एवं शिक्षा फेडरेशन छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष नवीन श्रीवास्तव ने इस नंबर को लॉच करते हुए पत्रकारवार्ता में बताया कि खाद्य पदार्थो में हो रही मिलावट को देखते हुए राज्य सरकार ने हर जिले में एक यूनिट वैन तैयार किया है जो जैसे ही शिकायत उन्हें प्राप्त होगी वे तत्काल वहां पहुंचकर उक्त शिकायत की जांच करके लिए गए सैम्पल को उच्च अधिकारियों को दे देंगे। सैम्पल में अगर कोई मिलावट पाया गया तो उन्हें जुर्मानें के साथ ही जेल भी जाना पड़ सकता है। टोल फ्री नंबर को भले ही आज आम लोगों के लिए र्सावजिनक करते हुए जारी किया गया लेकिन ट्रायल के तौर पर इसे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में फेडरेशन की टीम द्वारा लोगों को जानकारी दी जा रही थी और विगत 6 माह में 60 लोगों ने इस नंबर पर अपनी शिकायतें भी दर्ज कराई हैं और उनका तत्काल निराकरण भी किया गया।      

 

19-01-2020
रेखा नायर की याचिका हाईकोर्ट में खारिज

रायपुर। प्रदेश में बहुचर्चित आईपीएस मुकेश गुप्ता की पूर्व स्टेनो रेखा नायर ने हाईकोर्ट में याचिका दर्ज कर राज्य शासन से बतौर दस्तावेज उन समाचार पत्रों की प्रतिलिपि उपलब्ध कराने की मांग की थी। जिसमें उनके खिलाफ खबरें प्रकाशित की गई है। मामले की सुनवाई के बाद बिलासपुर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप से घिरी रेखा नायर ने अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी याचिकाकर्ता के वकील हाई कोर्ट में आवेदन किया था कि राज्य सरकार द्वारा जो दस्तावेज उपलब्ध कराया है उसके पेज नंबर 31 अस्पष्ट है वकील ने हाईकोर्ट से मांग की थी कि दस्तावेज के पेज क्रमांक 31 जो राज्य सरकार के पास उपलब्ध है। उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील की मांग को अस्वीकृत करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। रेखा नायर पर आय से अधिक संपत्ति और गलत तरीके से फोन टेपिंग में स्टेनो रहते हुए पुलिस सेवा के अधिकारी मुकेश गुप्ता को सहयोग करने का आरोप है। फिलहाल मुकेश गुप्ता और रेखा नायर को हाईकोर्ट ने कुछ माह पूर्व ही राहत दी थी। हाईकोर्ट ने आगामी आदेश तक दोनों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं करने का आदेश भी जारी किया था। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद से ही बहुचर्चित नान घोटाला मामले में नए सिरे से जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। इसके कुछ दिन बाद ही आईपीएस मुकेश गुप्ता को निलंबित कर दिया गया।

17-01-2020
राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ किसानों ने किया प्रदर्शन, मंडी गेट के सामने किया चक्काजाम

कांकेर। ब्लाक मुख्यालय अन्तागढ़ में आज राज्य सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ मंडी परिसर के सामने अन्तागढ़ विकास खंड के सैकड़ों किसानों ने किसान संघर्ष समिति के बैनर तले विशाल धरना प्रदर्शन कर अन्तागढ़-आमाबेड़ा मार्ग में पर चक्काजाम किया। पुलीस प्रशासन मौके पर से आंदोलनकारी किसानों को हटाने का प्रयास करती रही लेकिन किसान सड़क पर डटे रहे। जहां कांग्रेस सरकार के खिलाफ किसानों ने जमकर हल्ला बोल नारेबाजी करते रहे, वहीं नाराज किसानों को मनाने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सीएल ओटी मौके पर तहसीलदार अंतागढ और राजस्व अमले के साथ पहुँचे और स्थिती को देखते हुए समझाने की कोशिश की लेकिन किसानों ने उनकी भी एक न सुनी, किसान कलेक्टर को बुलाने की उनके समक्ष मांग की। किसानों को भारतीय जनता पार्टी ने भी समर्थन दिया है। जहाँ पूर्व विधायक भोजराज नाग, नगर पंचायत अध्यक्ष राधेलाल नाग अमल नरवास, जीतेद्र मरकाम, सतीश ठाकुर, महेन्द्र सिह ठाकुर, राम विलास गुप्ता एवं क्षेत्रीय किसान बड़ी संख्या मे प्रमुख रूप से यहां मौजूद थे। जब किसान नही माने तो एसडीएम अंतागढ ने जिला कलेक्टर से किसानों की बात कराई। किसानों के प्रतिनिधि के तौर पर भोजराज नाग ने कलेक्टर से बात की और किसानों की सारी समस्या उन्हें बताई और कहा की लिखित मे हमें आप अंतागढ पहुंचकर इस कथन को दिजिऐ की किसानों का धान खरिदा जाऐगा तो ही हम यहां से हटेगे जब अंत तक आदोलन कारी किसान नही माने तो अंतागढ विधायक अनूप नाग उन्हें मनाने धरना स्थल पर पहुँच गये।

यहाँ कांग्रेस विधायक अनूप नाग के पहुँचते ही भाजपा के पूर्व विधायक भोजराज नाग और क्षेत्र के किसानों ने एक स्वर होकर विरोध जताते हुए मांगो को उनके समक्ष आक्रोशीत होकर रखा साथ ही धान खरीदी मे अव्यवस्था व वादा खिलाफी को लेकर सारा ठीकरा कांग्रेस सरकार पर फोड़ते हुए नाराजगी जाहीर की। कांग्रेस ने कहा था की धान 2500 रू कविंटल मे खरिदेगी पर कांग्रेस 1835 रू मे किसानों का धान खरीद रही है। वहीं ये भी कहा था की प्रति एकड़ 15 क्विंटल खरीदा जाऐगा मगर वर्तमान मे इन वादो से हटकर एकड़ पिछले केवल 5 क्विंटल ही किसानों का धान खरीदा जा रहा है वो भी अव्यवस्था के बीच। खास इन समस्याओं से क्षेत्रीय किसानों का गुस्सा राज्य सरकार पर फुटा है विधायक से किसानों ने कहा की वादे के मुताबिक धान सरकार खरिदे तो ठीक वरना हम किसान उग्र आदोलन के लिऐ बाध्य होंगे। भोजराज नाग ने कहा की मांगे जायज है। सरकार मानी तो ठीक नही तो हम धान लेकर रायपुर जाएंगे और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास के सामने किसानो संग आंदोलन करेंगे, धरना स्थल पर आंदोलनकारीयो को समझाते हुए अनूप नाग ने कहा कि  अव्यवस्था हो रही है, हम मानते है, आंदोलन मे तमाम पहलुओ पर पूर्व विधायक भोजराज नाग और वर्तमान विधायक अनूप नाग के बीच जवाबी जंग जमकर चली अंत मे विधायक नाग ने कहा की अब सरकार किसानों के साथ है। हम प्रति एकड 15 कविंटल धान 2500 रू मे खरीदेंगे, इस कथन को लेकर प्रशासन ने आंदोलन कारी किसानो को लिखित आश्वासन दिया है जिसके बाद ये आंदोलन स्थगित हुआ

Advertise, Call Now - +91 76111 07804