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23-05-2020
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, अगले 10 दिनों में चलेगी 2600 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन

 

नई दिल्ली। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया कि रेलवे 1 मई से अबतक 2600 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन चला चुकी है और इनके जरिये 36 लाख प्रवासी श्रमिक अपने घर पहुंच चुके हैं। रेलवे ने अगले 10 दिनों में 2600 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन चलाने की योजना बनाई है और इनके लिए और 36 लाख मजदूरों को उनके घर पहुंचाने का लक्ष्‍य रखा गया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के अध्‍यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि सामान्य स्थिति की ओर लौटने के प्रयास में रेल मंत्रालय 1 जून से 200 मेल एक्सप्रेस ट्रेनें चलाएगा। उन्‍होंने बताया कि पिछले चार दिनों से औसतन प्रतिदिन 260 श्रमिक स्‍पेशल ट्रेन चलाई जा रही हैं और प्रतिदिन तीन लाख श्रमिक इनका फायदा उठा रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि किसी भी राज्‍य सरकार से हमें अनुरोध प्राप्‍त होता है तो हम राज्‍य के भीतर भी किसी भी स्‍टेशन से ट्रेन चलाने के लिए तैयार हैं। विनोद कुमार यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे एक मई को श्रमिक स्पेशल ट्रेनें शुरू की गई। सभी यात्रियों को मुफ्त भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रेनों और स्टेशनों में शारीरिक दूरी और स्वच्छता प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। 80 प्रतिशत ट्रेन यात्राएं उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी मजदूरों द्वारा की गई हैं।

23-05-2020
एसपी ने जिलावासियों से की पहल, क्या हैं यह पहल पढ़ें पूरी खबर....

धमतरी। देश में करोना वायरस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ते ही जा रही है। संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए केंद्र सरकार,राज्य सरकार,शासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में धमतरी जिले के एसपी बीपी राजभानु ने लोगों से एक पहल की है कि प्रत्येक व्यक्तियों को कुछ दिनों के लिए एक पेज या डायरी मेंटेन करनी चाहिए जिस पर वह प्रत्येक दिन में मिलने वालों की जानकारी व नाम दर्ज करें। एएसपी मनीषा ठाकुर रावटे के द्वारा एक प्रोफार्मा तैयार किया गया है,जो धमतरी के प्रत्येक सरहदी नाकेबंदी प्वाइंटों में वितरित किया गया है। नागरिकों द्वारा अति महत्वपूर्ण कार्यों से प्रशासन से अनुमति प्राप्त कर नाकेबंदी पॉइंट से जब भी गुजरेंगे तो प्रत्येक व्यक्ति/वाहन को वह फॉर्मेट उपलब्ध कराकर जानकारी भरने समझाइश दिया जावेगा और जब वह व्यक्ति अपना अति महत्वपूर्ण कार्य संपादित कर धमतरी वापस आएगा तो वह फॉर्मेट नाकेबंदी पॉइंट में वापस जमा कराकर जानकारी अद्यतन की जाएगी। उक्त प्राप्त जानकारी अत्यंत ही गोपनीय रखी जावेगी और विषम परिस्थितियों में आवश्यकता होने पर ही उसका उपयोग किया जावेगा। ऐसा करने से संक्रमित व्यक्ति से मिलने वालों की जानकारी जल्द मिल पाएगी और इसका फैलाव रोका जा सकेगा। इस कांटेक्ट ट्रेसिंग के जरिए प्रशासन को काफी मदद मिलेगी। बता दें कि अगर कोई संक्रमित व्यक्ति से मिलता है या खुद संक्रमित होता है तो वह किन किन लोगों से मिला है, उसकी पुष्टि जल्द की जा सकेगी,जिससे संक्रमण का फैलाव रोका जा सकेगा। इस छोटे से प्रयासों से संक्रमण का फैलाव रोका जा सकता है। साथ ही एसपी बीपी राजभानु ने लोगों से अपील की है की जरूरत पड़ने पर ही घर से निकले अगर अति आवश्यक कार्य के लिए निकलना पड़े तो सतर्कता बरतें और शासन द्वारा दिए गए नियमों का पालन करें।

 

22-05-2020
कोरोना महामारी के संबंध में गलत बयानी कर विक्रम उसेंडी भय फैला रहे : कांग्रेस

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी की ओर से राज्य सरकार पर कोरोना की जानकारियां छुपाने के आरोप पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के सदस्य सुशील आनंद शुक्ला ने कहा है कि भाजपाध्यक्ष का बयान आपत्तिजनक है। कोरोना जैसी महामारी के संबंध में लोगों की मौत की झूठी बयानबाजी कर विक्रम उसेंडी राज्य की जनता में भय पैदा कर रहे हैं। शुक्ला ने कहा कि ईश्वर का धन्यवाद है प्रदेश में कोरोना से एक भी मौत नहीं हुई है। शुक्ला ने कहा है कि क्वारेंटाइन सेंटरों में दीगर कारणों से हुई मौत को कोरोना से जोड़ कर गैर जिम्मेदाराना बयान के लिए भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ कार्यवाही करें। किसी व्यक्ति की संदिग्ध मौत की जांच की प्रक्रिया को कोरोना से जोड़ कर बयान देने के पहले उसेंडी को मामले और प्रक्रिया की पूरी जानकारी लेनी चाहिए थी। कोरोना के संबंध में कोई भी अधिकृत जानकारी बिना केंद्रीय संस्था भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) के परीक्षण और सहमति के बाद ही सार्वजनिक की जाती है। कोरोना के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय प्रतिदिन शाम को प्रेस कांफ्रेंस कर देश भर के हालात का विस्तृत ब्यौरा देता है। राज्य सरकार की ओर से कोरोना महामारी के संबंध में कोई भी जानकारी छुपाने का न तो कोई प्रश्न है और न ही कोई कारण।

 

20-05-2020
कांकेर जिले में अब तक 779 प्रवासी श्रमिकों को किया गया क्वारेंटाइन

कांकेर। प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा वापस लाने की अभियान चलाया गया, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों से अब तक कांकेर जिले में 779 श्रमिकों को वापस लाया गया है तथा ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन किया जा रहा है। कलेक्टर केएल चौहान ने जिले के सभी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना न पड़े़े इसके लिए पुख्ता इंतजाम करना सुनिश्चित करें। उन्होंने ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर भोजन, पेयजल, विद्युत, दवाईयां, इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किये हैं। क्वारेंटाइन सेंटर में रखे गये श्रमिकों में से कांकेर विकासखण्ड के 112 से में 101 पुरूष, 09 महिला एवं 02 बच्चें, कोयलीबेड़ा में 346 में से 324 पुरूष तथा 19 महिला और 03 बच्चें, नरहरपुर में 62 में से 41 पुरूष तथा 21 महिला, चारामा में 31 में से 26 पुरूष एवं 05 महिला, दुर्गूकोंदल 76 में से 73 पुरूष तथा 03 महिला, अंतागढ़ 68 में से 60 पुरूष तथा 08 महिला,  भानुप्रतापपुर में 84 में राज्य के बाहर से आये 62 और छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों से आये हुए 22 श्रमिकों को वापस लाया गया है तथा ग्राम पंचायतवार क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर उन्हें आइसोलेट किया गया है तथा मास्क का उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने की जानकारी देने निर्देशित किया गया है।

 

18-05-2020
भूपेश बघेल की पहल पर अन्य राज्यों में फंसे प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने 45 ट्रेनों के लिए सहमति

रायपुर। नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण छत्तीसगढ़ के बाहर अन्य राज्यों में फंसे प्रदेश के श्रमिकों तथा अन्य लोगों को लगतार वापसी जारी हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल एवं निर्देशन पर राज्य एवं राज्य के बाहर फंसे लगभग 3 लाख लोगों को त्वरित राहत पहुंचाई गई है। साथ ही प्रदेश के श्रमिकों को वापस लाने के लिए राज्य सरकारों से समन्वय कर 45 ट्रेनों की सहमति प्रदान की गई हैं। श्रम मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने बताया कि भवन एवं अन्य सन्ननिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा प्रवासी श्रमिकों को वापस छत्तीसगढ़ लाने के लिए स्पेशल ट्रेन के लिए विभिन्न रेल मण्डलों को श्रमिकों के यात्रा व्यय के लिए आवश्यक राशि का भुगतान किया जा रहा है। वर्तमान में 34 हजार 284 यात्रियों को 23 ट्रेनों से वापस लाने के लिए एक करोड़ 99 लाख 58 हजार 360 रूपए का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार इसके अलावा लॉकडाउन के कारण श्रमिकों एवं अन्य लोगों को जो छत्तीसगढ़ राज्य के सीमाओं पर पहुंच रहे है एवं राज्य की ओर से गुजरने वाले सभी श्रमिकों के लिए नाश्ता, भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं परिवहन की निशुल्क व्यवस्था ने श्रमिकों कोे काफी राहत पहुंचा रही है।

मुख्यमंत्री बघेल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के सभी सीमाओं पर पहुंचने वाले प्रवासी श्रमिकों को, चाहें वो किसी भी राज्य के हो, उन्हें छत्तीसगढ़ का मेहमान मान कर शासन-प्रशासन के लोग उनके हरसंभव मदद कर रहे है।  मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि लॉकडाउन से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण देश के अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के 2 लाख 51 हजार 867 श्रमिक तथा 22 हजार 168 अन्य लोगों इस तरह कुल 2 लाख 73 हजार 935 लोगों ने अब तक वापस अपने गृहग्राम आने के लिए राज्य शासन द्वारा जारी लिंक के माध्यम से ऑनलाईन पंजीयन करवाया है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा अन्य प्रदेशों में छत्तीसगढ़ के संकटापन्न प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने के लिए लगभग 45 ट्रेनों की सहमति राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा 34 हजार 284 श्रमिकों को छत्तीसगढ़ वापस लाने 23 ट्रेनों के लिए विभिन्न रेल मण्डलों को लगभग 2 करोड़ का भुगतान किया गया है। अब तक 15 ट्रेनों के माध्यम से लगभग 22 हजार प्रवासी श्रमिकों को वापस लाया जा चुका है। वाहन एवं अन्य माध्यमों से अन्य राज्यों में फंसे लगभग 83 हजार 172 श्रमिक सकुशल अपने गृहग्राम लौट चुके है। छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों के फंसे हुए लगभग 30 हजार से अधिक श्रमिकों को उनके गृह राज्य भेजा गया है।

इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के भीतर ही 11 हजार से अधिक श्रमिकों को एक जिले से अपने गृह जिला तक पहुंचाया गया है। छत्तीसगढ़ के 2 लाख 51 हजार 867 प्रवासी श्रमिक सहित तीन लाख से अधिक लोगों को जो देश के अन्य राज्यों में होने की सूचना मिलने पर उनके द्वारा बताई गई समस्याओं का त्वरित निदान करते हुए उनके लिए भोजन, राशन, नगद, नियोजकों से वेतन तथा रहने एवं चिकित्सा आदि की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही श्रम विभाग के अधिकारियों का दल गठित कर विभिन्न औद्योगिक संस्थाओं, नियोजकों एवं प्रबंधकों से समन्वय कर (राशन एवं नगद) आदि की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रदेश के 26 हजार 102 श्रमिकों को 36 करोड़ रूपए बकाया वेतन का भुगतान कराया गया है। लॉक डाउन के द्वितीय चरण में 21 अप्रैल से शासन द्वारा छूट प्रदत्त गतिविधियों एवं औद्योगिक क्षेत्रों में लगभग 98 हजार श्रमिकों को पुनः रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वहीं छोटे-बड़े 1246 कारखानों में पुनः कार्य प्रारंभ हो गया है।

 

16-05-2020
संबित पात्रा, रमन, सरोज पांडेय कर रहे झूठ और छल की राजनीति : राजेंद्र साहू

दुर्ग। वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र साहू ने गृहराज्य वापस भेजने के मामले में केंद्रीय रेल मंत्री सहित भाजपा नेताओं पर झूठ और छल की राजनीति करने का आरोप लगाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री राजेंद्र साहू ने अपने जारी बयान में कहा है कि लॉक डाउन लागू होने के बाद प्रवासी श्रमिकों को उनके गृहराज्य वापस भेजने के लिए केंद्र सरकार ने कोई भी कदम नहीं उठाया। राज्य सरकारों की लगातार मांग के बाद रेल मंत्रालय ने पर्याप्त ट्रेनें उपलब्ध नहीं कराई। डिमांड के अनुसार ट्रेन चलाने में विफल रहे रेल मंत्री श्रमिकों को गुमराह करने के लिए अब झूठे प्रपंच का सहारा ले रहे हैं। राजेंद्र साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों को उनके गृहराज्य में वापस भेजने की दिशा में एक भी कदम नहीं उठाया। यह केंद्र सरकार का दायित्व था कि भारत के श्रमवीरों को उनके घर वापस भेजती।

मगर ऐसा नहीं किया गया। जब राज्य सरकारों ने अपने प्रदेश के श्रमिकों को वापस बुलाने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलाने की मांग की तो रेल मंत्रालय ने गिनी चुनी ट्रेनें उपलब्ध कराई है। श्रमिकों से टिकट किराया न लेने की मांग को भी रेल मंत्रालय ने मंजूर नहीं किया। राजेंद्र ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के श्रमिकों की टिकट का खर्च वहन करने की घोषणा के बाद रेल मंत्रालय ने गिनी-चुनी ट्रेनें ही उपलब्ध कराई। श्रमिकों को उनके घर वापस भेजने के मामले में जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम हो चुकी भाजपा सरकार के रेल मंत्री अब गैर कांग्रेसी राज्यों की सरकार पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। वैश्विक संकट के दौर में श्रमिक वर्ग बेहद परेशान है। इतने परेशान मजदूरों से संकट के दौर में रेल किराया वसूलने वाले रेल मंत्री पीयूष गोयल का इस मामले में सफेद झूठ बोलना बेहद दुर्भाग्यजनक है। उन्होंने कहा कि गरीबी की मार झेल रहे प्रवासी श्रमिक लॉकडाउन के कारण दाने-दाने को मोहताज हो गए हैं।

बेहद परेशानहाल श्रमिकों के मामले में रेल मंत्री समेत भाजपा नेता डॉ. संबित पात्रा, डॉ. रमन सिंह, सरोज पांडेय जैसे केंद्रीय नेता छल-फरेब की राजनीति न करें। गोयल देश को गलत जानकारी देकर गुमराह करने का प्रयास न करें। गलत आरोप न मढ़ें। उनके झूठे आरोपों से मजदूरों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास सफल नहीं होगा। राजेंद्र ने कहा कि दुनिया जानती है कि सोनिया गांधी ही सबसे पहली नेता रही जिन्होंने लाखों मजदूरों के ट्रेन का किराया कांग्रेस पार्टी द्वारा वहन करने का ऐलान किया और श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का बीड़ा उठाया। संविधान की शपथ लेकर रेलमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर आसीन रेलमंत्री को इस मामले में झूठ की राजनीति से बचना चाहिए। राजेंद्र ने कहा कि रेल मंत्री को देश के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि छत्तीसगढ़ सहित सभी राज्यों ने कितनी ट्रेनों की मांग की थी और कितनी ट्रेनों को चलाने की अनुमति रेल मंत्रालय ने दी है। इससे सच सामने आ जाएगा।

20 लाख करोड़ के पैकेज में 80 प्रतिशत किसानों के लिए एक रुपए भी नहीं राजेंद्र ने केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की 65 प्रतिशत आबादी खेती करती है। इन किसान परिवारों को राहत देने के लिए केंद्र के पैकेज में कोई भी प्रावधान न होना दुर्भाग्यजनक है। इसमें कृषकों की आमदनी बढ़ाने या फसल नुकसान से राहत देने जैसा कोई भी प्रावधान नहीं है। राजेंद्र ने तीखे लहजे में कहा कि देश के अन्नदाताओं के लिए यह आर्थिक पैकेज किसी छलावे के सिवा कुछ नहीं है। राजेंद्र ने कहा कि पैकेज में मछली पालन, कृषि स्टार्टअप, हर्बल खेती और शहद उत्पादन के लिए प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री को इतनी जानकारी और समझ होना चाहिए कि देश में कुल फसल का लगभग 80 फीसदी उत्पादन गेहूं, धान, गन्ना, दलहन, तिलहन की फसल का होता है। इन फसलों के उत्पादक किसानों और सब्जी उत्पादकों के लिए पैकेज में कोई भी प्रावधान नहीं है। पैकेज से देश के 80 फीसदी फसल उत्पादक किसानों को कोई फायदा नहीं मिलेगा। राजेंद्र ने कहा कि किसानों को राहत देने धान, दलहन, तिलहन, गन्ना जैसी फसलों की कीमत में बढ़ोतरी की जा सकती थी। ओला वृष्टि और असमय बारिश से होने वाले नुकसान के कारण आर्थिक संकट झेल रहे किसानों, सब्जी उत्पादकों को प्रति एकड़ की दर से मुआवजा राशि या क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान भी पैकेज में किया जा सकता था। इस पैकेज से किसानों की आय दोगुना करने का वादा करने वाली मोदी सरकार का किसान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है।

15-05-2020
जिले में वापस आए 465 श्रमिकों को किया गया क्वारेंटाइन

कांकेर। प्रवासी श्रमिकों को राज्य सरकार द्वारा वापस लाने की अभियान चलाया गया, जिसके तहत देश के विभिन्न राज्यों से अब तक कांकेर जिले में 465 श्रमिकों को वापस लाया गया है तथा ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन किया गया है। कलेक्टर केएल चौहान ने जिले के सभी जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित कर कहा है कि क्वारेंटाइन सेंटर में प्रवासी मजदूरों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर भोजन, पेयजल, विद्युत, दवाइयां इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने निर्देशित किये हैं। अंतागढ़ विकासखण्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी पीके गुप्ता ने बताया कि 650 श्रमिकों में से 34 श्रमिकों को वापस लाकर क्वारेंटाइन किया गया है। इसी प्रकार कांकेर विकासखण्ड में 75, भानुप्रतापपुर में 50, कोयलीबेड़ा में 221, नरहरपुर में 32, चारामा में 18 और दुर्गूकोंदल में 35 श्रमिको को वापस लाया गया है तथा ग्राम पंचायतवार क्वारेंटाइन सेंटर बनाकर उन्हें आइसोलेट किया गया है।

 

13-05-2020
राज्य सरकार का अहम फैसला माशिमं की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं नहीं होगी

रायपुर। माशिमं की 10वीं और 12वीं की शेष बची हुई परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला दिया है। कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए सरकार ने बोर्ड की बची हुई परीक्षाएं नहीं लेने का निर्णय लिया है। अपने निर्णय में कहा है कि आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को नंबर दिए जाएंगे। ज्ञातव्य है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल ने हाल ही में 3 मई को हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी की शेष परीक्षाएं एक बार फिर से स्थगित किया था। दरअसल लॉक डाउन के कारण माध्यमिक शिक्षा मंडल ने परीक्षाएं स्थगित की थी। अब सरकार के फैसले के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे।

 

 

12-05-2020
छत्तीसगढ़ के लोगों को लाने 21 स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम, रेलवे को अब तक 71.93 लाख रुपए भुगतान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशन पर राज्य सरकार ने लॉक डाउन के कारण अन्य राज्यों में फंसे छत्तीसगढ़ के लोगों की वापसी के लिए 21 स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया है। इन स्पेशल ट्रेनों में श्रमिकों की राज्य वापसी का सिलसिला 11 मई से शुरू हो गया है। प्रदेश के श्रम मंत्री डॉ.शिवकुमार डहरिया ने बताया कि 9 ट्रेनों में आने वाले 11 हजार 946 श्रमिकों के लिए 6 रेलवे मंडलों को कुल 71 लाख 93 हजार 230 रुपए  का भुगतान भी किया जा चुका है। इन 21 स्पेशल ट्रेनों में अहमदाबाद से बिलासपुर के लिए 2 ट्रेन, विजयावाड़ा आंध्रप्रदेश से बिलासपुर 1 ट्रेन, अमृतसर पंजाब से चांपा 1 ट्रेन, विरामगम अहमदाबाद से बिलासपुर चांपा 1 ट्रेन, लखनऊ उत्तरप्रदेश से रायपुर के लिए 3 ट्रेन, लखनऊ से भाटापारा के लिए 2 ट्रेन, मुजफ्फरपुर बिहार से रायपुर 1 ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर के लिए 1  ट्रेन, मेहसाना गुजरात से बिलासपुर चांपा 1 ट्रेन, लिंगमपल्ली हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग, राजनांदगांव होते बिलासपुर 1 ट्रेन, हैदराबाद तेलंगाना से दुर्ग रायपुर होते हुए बिलासपुर 1 ट्रेन, दिल्ली से बिलासपुर-रायपुर 1 ट्रेन, खेड़ा नाडियाड गुजरात से बिलासपुर-चांपा एक ट्रेन, साबरमती अहमदाबाद से बिलासपुर-चांपा एक ट्रेन, कानपुर उत्तरप्रदेश से बिलासपुर, भांटापारा, रायपुर, दुर्ग एक ट्रेन और इलाहाबाद उत्तरप्रदेश से बिलासपुर,भाटापारा, रायपुर, दुर्ग 2 ट्रेन शामिल है।

डॉ.डहरिया ने बताया कि गुजरात-अहमदाबाद से बिलासपुर ट्रेन में 1208 श्रमिक छत्तीसगढ़ वापस लौटे हैं। इसी तरह साबरमती से बिलासपुर ट्रेन में 1212 श्रमिक, विरामगम-रायपुर ट्रेन से 1210 श्रमिक, मेहसाना-बिलासपुर ट्रेन से 1200 श्रमिक, दिल्ली से रायपुर ट्रेन में 1400 श्रमिक, लखनऊ से भाटापारा रायपुर ट्रेन में 1584 श्रमिक, खेड़ा नाडियाड से चांपा ट्रेन में 1710 श्रमिक, साबरमती से चांपा ट्रेन में 1222  और अमृतसर पंजाब से चांपा स्पेशल ट्रेन में 1200 श्रमिक लौटेंगे। राज्य सरकार ने इन ट्रेनों में सफर के लिए ऑनलाइन लिंक http:cglabour.nic.in/covid19MigrantRegistrationService.aspx भी जारी किया है। इस लिंक में एप्लाई कर लोग इन ट्रेनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ वापस आ सकेंगे। इसके अलावा 24 घंटे संचालित हेल्पलाइन नंबर 0771-2443809, 91098-49992, 75878-21800, 75878-22800, 96858-50444, 91092-83986 और 88277-73986 पर संपर्क किया जा सकता है।

 

12-05-2020
Video : नमक पर्याप्त मात्रा में,अफवाहों पर ध्यान न देने मंत्री की अपील

रायपुर। प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह भगत ने कहा है कि राज्य में कहीं नमक की कमी नहीं है। सभी जगह पर्याप्त मात्रा में नमक की उपलब्धता है। उन्होंने अपील की है कि नमक के संबंध में फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें। राज्य सरकार की ओर से नमक सहित खाद्य पदार्थों और आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता तय की जा रही है। साथ ही इनमें कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। राज्य सरकार प्रदेश के करीब 56 लाख 56 हजार राशन कार्डधारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली से उचित मूल्य की दुकानों से निःशुल्क नमक प्रदान कर रही है।

09-05-2020
जिला पूरी तरह से हुआ लॉक डाउन, सुरक्षा के पुख्ता इंतेजाम

बीजापुर। राज्य सरकार द्वारा पूरे प्रदेश मे मई महीने के शनिवार और रविवार को बंद के फैसले का जिले में असर दिखाई दे रहा है। मई महीने में सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार पूर्ण रूप से दुकानें बन्द रहेंगी। बन्द की जानकारी शुक्रवार को नगरपालिका अमला द्वारा मुनादी कर नगर में बताया गया और आज उस लॉक डाउन का असर दिख रहा है। लॉक डाउन के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ नगर के चौक चौराहा में ड्यूटी कर रहे हैं।

 

09-05-2020
अमित शाह के पत्र पर टीएमसी का पलटवार, कहा- गृह मंत्री आरोप साबित करें या माफी मांगें 

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्‍होंने ममता बनर्जी पर प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली ट्रेनों को मंजूरी नहीं देने का बड़ा आरोप लगाया है। गृह मंत्री के पत्र लिखने के बाद अब सियायत गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने पत्र को लेकर गृह मंत्री पर पलटवार किया है। उन्होंने अमित शाह से कहा कि आप आरोप साबित करें या माफी मांगें। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि शाह या तो आरोप साबित करें या फिर माफी मांगें। वहीं कांग्रेस भी मैदान में उतर गई है। पार्टी का कहना है कि गृह मंत्री को ऐसा ही पत्र कर्नाटक और गुजरात के मुख्यमंत्रियों को भी लिखना चाहिए।

वहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शाह को राज्य के साथ मिलकर काम करने की नसीहत दी है। गृह मंत्री शाह ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा, 'प्रवासियों को घर पहुंचने में मदद करने के लिए राज्य सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा है। बंगाल सरकार राज्य में प्रवासियों को ट्रेन तक नहीं पहुंचने दे रही है। पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार ट्रेनों को पश्चिम बंगाल पहुंचने की अनुमति नहीं दे रही है। यह पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों के साथ अन्याय है। यह उनके लिए और दिक्कतें खड़ी करेगा।'

गृह मंत्री आरोप साबित करें या माफी मांगें: टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल सरकार पर प्रवासियों को लेकर आने वाली ट्रेनों को न आने देने का आरोप लगाने वाले पत्र को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से कहा कि या तो आरोप साबित करें या माफी मांगें। उन्होंने शाह के पत्र पर पलटवार करते हुए कहा कि गृह मंत्री हफ्तों तक चुप्पी साधने के बाद केवल झूठ से लोगों को गुमराह करने के लिए बोलते हैं।

अमित शाह जी और राज्य मिलकर करें काम: अधीर रंजन चौधरी

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मैंने एक दिन पहले गृह मंत्री से बात की थी। उन्होंने मुझे बताया था कि वह लगातार बंगाल सरकार से पूछ रहे हैं कि उन्हें प्रवासी मजदूरों को वापस लाने के लिए कितनी ट्रेनों की जरूरत हैं लेकिन दो दिन पहले तक सरकार ने लिस्ट नहीं भेजी थी। उन्होंने कहा, 'मुझे आज पता चला कि राज्य सरकार ने आठ ट्रेनें मांगी हैं। मैं राज्य सरकार और अमित शाह जी से अपील करता हूं कि वे फंसे हुए मजदूरों को वापस लाने के लिए साथ मिलकर हर संभव प्रयास करें।'

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