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09-05-2020
महापौर ने कराया कोरोना टेस्ट, जांच रिपोर्ट आई निगेटिव

राजनांदगांव। महापौर हेमा देशमुख ने कोरोना टेस्ट करवाया और उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। बता दें कि जब से कोरोना वायरस का प्रकोप शुरू हुआ तब से महापौर लगातार जनता के बीच जाना-आना कर रहीं थीं। महापौर सफाई व सैनिटाइजेशन का कार्य अपनी देखरेख में शहर में करा रहीं थीं। अपने शुभचिंतकों की सलाह पर उन्होंने कोरोना आरटी-पीसीआर टेस्ट करवाया। एम्स रायपुर से उनकी जांच रिपोर्ट आ गई है, जो कि नेगेटिव है।

 

20-04-2020
गले में खराश और बुखार होने पर अस्पताल पहुंचे युवक की इलाज के दौरान मौत, 4 दिन से पीएम के लिए रखा है शव

रायपुर/रायगढ़। कोरोना की रिपोर्ट नहीं आने के कारण मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मर्च्युरी में 4 दिन से पड़ी लाश पोस्टमार्टम का इंतजार कर रही है। बता दें कि गुरूवार को अंबेडकर नगर निवासी युवक की संदिग्ध लक्षणों के बाद मौत हुई थी। रिपोर्ट नहीं आने के कारण शव का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। ज्ञातव्य है कि गले में खराश और बुखार का इलाज कराने मेडिकल कॉलेज अस्पताल गए युवक अश्वनी सूर्यवंशी ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। संदिग्ध मामला और कोरोना से मिला जुला लक्षण होने पर लाश को मर्च्युरी में रखा गया है। उसका कोरोना टेस्ट कराने के लिए सैंपल भेज दिया।

गुरूवार को हुई इस मौत के बाद भेजा गया सैंपल रिजेक्ट हो गया तो शनिवार को दोबारा से इसके सैंपल लिए गए और एम्स में भेजा गया। अब 4 दिन बीत चुके है। लेकिन लाश पोस्टमार्टम का इंतजार कर रही है। वहीं परिजन हर दिन सुबह-शाम अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने के लिए पोस्टमार्टम कर लाश देने के लिए गुहार लगा रहे हैं लेकिन डाॅक्टरों का कहना है कि जब तक कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक लाश का पोस्टमार्टम भी नहीं किया जा सकता है। इस स्थिति में 4 दिनों से युवक की लाश मेडिकल कालेज के मर्च्युरी में पड़ी हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृत युवक की रिपोर्ट नेगेटिव मिलने पर लाश को सुपुर्द कर परिजनों को सौंप दिया जाएगा। यदि रिपोर्ट कोरोना पाॅजिटीव आई तो डॉक्टरी स्टॉफ से लेकर अंबेडकर नगर कालोनी को भी क्वारेंटिन में भेजा जाएगा।

15-04-2020
निजी नर्सिंग होम के कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट आई नेगेटिव

 कोरबा। निजी नर्सिंग होम के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ को क्वारंटाइन किया गया था। उनकी जाँच रिपोर्ट आ गई है और सभी की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आई है। गौरतलब है कटघोरा निवासी एक कोरोना संक्रमित मरीज लगभग एक पखवाड़ा पूर्व इस निजी नर्सिंग होम में भर्ती थी। इस खबर के बाद जिला प्रशासन ने चिकित्सालय के सभी कर्मचारियों को क्वॉरेंटाइन कर दिया गया था। बताया तो यह भी जा रहा है कि निजी नर्सिंग होम प्रबंधन ने खुद ही अपने पूरे स्टाफ के साथ क्वॉरेंटाइन कर लिया था। बहरहाल अब जांच के बाद सभी कर्मचारियों की टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने से चिकित्सालय प्रबंधन  ने राहत की सांस ली।

 

08-04-2020
30 कुत्तों और 3 बंदरों की मौत भूख से या फिर कोई अन्य कारण ?

रायपुर/बिलासपुर। तीन बंदरों और तीस कुत्तों की मौत के बाद से वन विभाग और सरकार दोनों परेशान है। वहीं पशुपालन विभाग ने तत्काल मामले में जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए आदेश दिया है। डॉक्टरों की तीन सदस्यीय टीम घटनास्थल पर जांच करने के लिए मंगलवार को पहुंची। गांव में अन्य बंदरों के स्वास्थ्य जांच के साथ 105 किलो फल व सब्जी की व्यवस्था की गई। जांच टीम ने तीन बंदरों की मौत को मेटिंग सीजन की सामान्य घटना बताया है। कुत्तों को लेकर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
जांच टीम के सदस्य लैबोरेटरी एक्सपर्ट डॉ.अनुज चटर्जी, डॉ.तन्मय और डॉ.राम ओटलवार मंगलवार की सुबह ग्राम पंचायत मदकू पहुंचे।

डॉक्टरों ने बंदरों की मौत के कारणों का पता लगाया। गांव में पहुंचने वाले अन्य बंदरों के लिए 25 किलो बैगन, 40 किलो भिंडी और 40 किलो शकरकंद की व्यवस्था की गई। दोपहर तक एक भी बंदर नहीं पहुंचे। शाम को कुल 38 बंदर पहुंचे। डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर रिपोर्ट भी तैयार की। पता चला है कि जिन तीन बंदरों की मौत हुई है उन्हें कोरोना या अन्य कोई संक्रमण नहीं था। बंदरों का मेटिंग सीजन चल रहा है,लिहाजा लड़ाई में इस तरह शिकस्त मिलने पर जान चली जाती है। सूत्रों की माने तो पर्यटन स्थल होने के कारण इलाके के कुत्ते पर्यटकों द्वारा दिए गए भोजन पर निर्भर रहते हैं। लॉक डाउन के कारण 15 दिनों से यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। एक कुत्ते की अधिकतम इम्युनिटी पावर 10 से 12 दिनों भूख सहन करने की होती है। ऐसे में संभव है कि उनकी मौत भूख से हुई होगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।

 

23-03-2020
इंडोनेशिया घूमकर लौटे चार युवकों की जांच रिपोर्ट सामान्य

रायपुर / बिलासपुर। सिम्स अस्पताल के कोरोना ओपीडी में जनता कफ्यू के दिन सर्दी-खांसी से ग्रस्त 34 मरीजों की जांच की गई। इनमें चार युवक इंडोनेशिया घूमकर एक साथ लौटे थे। हालांकि जांच में उनकी हालत सामान्य मिली है। इसके बाद भी उन्हें होम आइसोलेशन के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने तीन संदेहियों को ब्लड सैंपल भी जांच के लिए भेजा है।
बता दें कि सिम्स में रविवार से 24 घंटे कोरोना ओपीडी का संचालन शुरू किया गया है। सुबह चार संदेही पहुंचे, जिन्होंने जानकारी दी कि वे इंडोनेशिया घूमकर 13 मार्च को लौटे हैं। डॉक्टरों ने चारों की जांच की,जाचं में चारों की हालत सामान्य मिली है। फिर भी उन्हें घर में रहने को कहा गया है।

 

29-11-2019
गरियाबंद जिले में मवेशियों में फैली अज्ञात बीमारी, पशुपालक दहशत में

गरियाबंद। गरियाबंद जिले में बीते एक महीने से पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है और यह पशु मालिकों में भारी दहशत का कारण बनी हुई है। बीमारी की शुरुआत पशुओं के शरीर में सूजन से होती है जो धीरे धीरे घाव में तब्दील हो जाती है। फिर कुछ दिन बाद पशु चारा खाना छोड़ देता है। किसानों के मुताबिक इस बीमारी से अब तक कई जानवरों की मौत  हो गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ओडि़शा सीमा से लगे 20 गांवों में 100 से अधिक जानवर इस बीमारी से पीडि़त हैं, हालांकि जमीनी हकीकत इससे कहीं अलग है। ग्रामीणों की मानें तो देवभोग और मैनपुर इलाके के अधिकांश गांवों में ये बीमारी अपनी दस्तक दे चुकी है। पशु चिकित्सक भी बीमारी को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति में है, अभी तक वे बीमारी का नाम भी पता नहीं लगा पाए हैं। पशु चिकित्सकों ने बीमार पशुओं के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सही इलाज होने की बात कह रहे है। फिलहाल डॉक्टर मक्खियों और मच्छरों से ये बीमारी फैलने का दावा कर रहे हैं और इसकी रोकथाम के लिए बीमार पशुओं को एंटीबायटिक दवाइयां दे रहे है।


 

29-08-2019
डॉक्टर कर रहे थे बुखार का इलाज, जांच रिपोर्ट आई तो मच गया हड़कंप  

चिरमिरी। शहरी स्वास्थ्य केंद्र डोमनहिल से करीब 10 मीटर दूर एक एसईसीएल कर्मचारी डेंगू पीडि़त मिला है। सैंपल रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद आनन-फानन में पीडि़त को बिलासपुर अपोलो रेफर कर दिया गया है। वहीं चिरमिरी में डेंगू पीडि़त मरीज मिलने की खबर के बाद हड़कंप मचा हुआ है। जानकारी के अनुसार चिरमिरी नगर निगम वार्ड क्रमांक-38 डोमनहिल प्रेमनगर दफाई में 55 वर्षीय कॉलरीकर्मी एसईसीएल एजेंसी की बरतुंगा भूमिगत खदान में मैकेनिकल हेल्पर के पद पर कार्यरत हैं। कॉलोनी से करीब 50 मीटर दूर शहरी स्वास्थ्य केंद्र डोमनहिल संचालित है। कॉलरी कर्मचारी की तबीयत खराब होने पर रिजनल अस्पताल कुरासिया में भर्ती कराया गया था। इस दौरान करीब एक सप्ताह तक सामान्य बुखार का इलाज किया गया। इसी दौरान मंगलवार को पीडि़त को क्षेत्रीय चिकित्सालय के एक अन्य चिकित्सक डॉ. के. मुखर्जी को दिखाने की सलाह दी गई। डॉक्टर ने पीडि़त मरीज का ब्लड सैंपल लेकर शहर के एक प्राइवेट जांच केंद्र भेजा था। बुधवार को पीडि़त की जांच रिपोर्ट में डेंगू  के लक्षण की पुष्टि की गई। मामले में अस्पताल प्रबंधन ने आनन-फानन में तत्काल बिलासपुर अपोलो रेफर किया गया है। बिलासपुर में कॉलरी कर्मी का उपचार जारी है और उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग व निगम प्रशासन में हड़कंप मचा है और कॉलोनी की सफाई सहित दवा छिड़काव कराने टीम गठित करने की बात कही जा रही है। रिजनल अस्पताल के डॉक्टर्स का कहना है कि डेंगू के मच्छर सिर्फ घुटनों के नीचे ही काटते हैं, जबकि अन्य मच्छर व्यक्ति के किसी भी हिस्से को काटते हंै। इससे मलेरिया, टाइफाइड एवं अन्य बीमारियां होती हंै। इनकी रोकथाम के लिए शहर को स्वच्छ बनाने की जरूरत है। बता दें कि वर्तमान में हर गली-मोहल्ले में बड़ी मात्रा में गाजर घास उगी है जिसमें मच्छर पनप रहे हैं। डोमनहिल की मुख्य सड़क, कालोनी, बाजार बैठकी से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर गाजर घास फैली है। जबकि शहर की सफाई व्यवस्था पर एसईसीएल व नगर पालिक निगम हर साल 3 करोड़ रुपए खर्च करते हैं।

 

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