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05-07-2020
मध्यप्रदेश के लूट खसोट केंद्रों को कब बंद करेंगे डॉ. रमन सिंह : कांग्रेस

रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बयान पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह को 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए यह क्यों पता नहीं चला कि, बैरियर लूट खसौट केंद्र होते हैं? 15 साल तक इन लूट खसोट केंद्रों से लूट चली है तो उस लूट का कितना हिस्सा किस किसको मिला? यह रमन सिंह को बताना चाहिए। मध्यप्रदेश सहित भाजपा शासित राज्यों में बैरियर संचालित हैं। रमन सिंह को भाजपा शासित राज्यों से बैरियर हटाकर इन लूट खसोट केंद्रों को समाप्त करने की पहल करनी चाहिए। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में यह रमन सिंह का कर्तव्य है।

रमन सिंह बताएं कि भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में अपने प्रभाव का उपयोग वे भाजपा शासित मध्यप्रदेश के लूट खसोट केंद्रों को बंद करने के  बारे में कब करेंगें ? त्रिवेदी ने कहा है कि प्रदेश सरकार बैरियर का उपयोग भाजपा सरकार की तरह लूट खसोट के तंत्र के रूप में नहीं बल्कि टैक्स चोरी रोकने, राज्य की सुरक्षा और ओवरलोडिंग रोकने के लिए इस्तेमाल करेगी। छत्तीसगढ़ एक संवेदनशील राज्य है और सुरक्षा की दृष्टि से राज्य में आने वाली हर गाड़ी की जांच आवश्यक है। आरटीओ बैरियर आरंभ होने से छत्तीसगढ़ की राजस्व आय बढ़ेगी और 200 करोड़ की राजस्व आय का इजाफा अनुमानित है। बैरियर के साथ-साथ वेब्रिज भी लगाया जा रहा है। इन बैरियरों में किसी गाड़ी को रुकना नहीं पड़ेगा।

05-07-2020
चुनाव के पहले भूपेश बघेल के पास झीरम के सबूत और रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट थे, सरकार में आने के बाद कुछ नहीं : रमन

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने चुनाव के पूर्व कांग्रेस और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से उठाए गए मुद्दों पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विभिन्न मुद्दों पर लगातार एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस बार डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पूर्व भूपेश बघेल के पास झीरम के सबूत थे, रोजगार के लिए ब्लू प्रिंट था, शराबबंदी के लिए योजना थी, रोजगार भत्ते के लिए पैसे थे और 2500 रुपए समर्थन मूल्य देने के पैसे थे। लेकिन भूपेश बघेल जब से सरकार में आए हैं तब से इनके पास कुछ नहीं है। डॉ. रमन सिंह ने वर्ष 2018 में भूपेश बघेल के एक ट्वीट को साझा किया है। इसमें भूपेश बघेल ने लिखा है कि बेरोजगारी दूर करना सिर्फ चुनावी नारा नहीं होना चाहिए, जुमला तो हरगिज नहीं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस बेरोजगारी दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और पूरे ब्लू प्रिंट के साथ तैयार है। युवा साथियों के लिए अब बस थोड़े दिन का सब्र और।

 

 

04-07-2020
जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक

रायपुर। स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने उन्हें नमन किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि जब तक जीना, तब तक सीखना, अनुभव ही जगत में सर्वश्रेष्ठ शिक्षक है। वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित भारतीय संस्कृति को वैश्विक पटल तक पहुँचाने वाले युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन। स्वामी विवेकानंद के विचार युगों-युगों तक अमर रहेंगे।

04-07-2020
राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अभिकल्पक पिंगली वेंकैया की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के प्रारूपकार व स्वतंत्रता सेनानी पिंगली वेंकैया की आज पुण्यतिथि है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। रमन सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं से लेकर शहरों तक जिस राष्ट्रीय ध्वज को फहरते देखकर प्रत्येक भारतीय गौरव का अनुभव करता है, उस राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अभिकल्पक माँ भारती के सपूत पिंगली वेंकैया जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। भारतवर्ष पिंगली वेंकैया जी के योगदान का सदैव ऋणी रहेगा।

 

04-07-2020
भाजपा सांसदों और डॉ. रमन सिंह के घर का आज घेराव करेगी एनएसयूआई, प्रधानमंत्री का जलाएंगे पुतला

रायपुर। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन शनिवार को छत्तीसगढ़ में भाजपा के 8 सांसदों और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के घर का घेराव करेगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। एनएसयूआई के प्रदेश प्रवक्ता तुषार गुहा ने बताया कि केंद्र सरकार की गरीब कल्याण रोजगार योजना में कांग्रेस शासित राज्य होने की वजह से भेदभाव करते हुए छत्तीसगढ़ के किसी भी जिले को सम्मिलित नहीं किया गया। आज भारतीय जनता पार्टी रोजगार के मुद्दे पर राजनीति कर रही है। इसी के विरोध में प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की अगुवाई में यह प्रदर्शन किया जाएगा। राजधानी में राजीव चौक सुभाष स्टेडियम के सामने से दोपहर में यह प्रदर्शन शुरु होगा।

01-07-2020
सिंहदेव के इस्तीफे की पेशकश कांग्रेस की नाकारा सरकार की चलाचली की बेला का अलार्म : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री टीएस सिंहदेव द्वारा इस्तीफे की पेशकश को कांग्रेस की नाकारा सरकार की चलाचली की बेला का अलार्म बताया है। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार की दगाबाजी, वादाखिलाफी और सियासी नौटंकियों का तो एक-न-एक दिन यही हश्र होना था। भाजपा लगातार जिन मुद्दों पर प्रदेश सरकार की आलोचना कर रही है, टीएस सिंहदेव के इस्तीफे की पेशकश से उस पर मुहर लग रही है। रमन सिंह ने कहा कि किसानों के धान समर्थन मूल्य की शेष अंतर राशि के अब अगली फसल से पहले पूरे भुगतान की बात को लेकर प्रदेश सरकार में दूसरे क्रमांक की हैसियत रखने वाले मंत्री सिंहदेव की यह पेशकश प्रदेश सरकार के राजनीतिक चरित्र के ताब़ूत की पहली और आखिरी कील साबित होगी। प्रदेश सरकार ने न किसानों के साथ न्याय किया, न शराबबंदी का वादा निभाया और न ही प्रदेश के शिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार के कोई अवसर बाकी रखे। बेरोजगार युवकों को प्रदेश की भूपेश सरकार ने इस कदर हताशा के गर्त में धकेल दिया है कि वे अब आत्मदाह तक करने जैसा कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं। यह प्रदेश सरकार के लिए चुल्लूभर पानी में शर्म से डूब जाने वाली स्थिति है।

किसानों के साथ कदम-कदम पर छलावा और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि टीएस सिंहदेव ने किसानों के साथ हुए अन्याय के खिलाफ आवाज उठाकर प्रदेश सरकार को सबक सिखाने का जो संकल्प व्यक्त किया है, भाजपा उसका स्वागत करती है। शराबबंदी के बजाय घर-घर शराब पहुँचाने में जुटी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के साथ भी छलावा करने का काम किया। महिला स्व-सहायता समूहों के कर्ज माफ करने का वादा तक अब प्रदेश सरकार के एजेंडे में कहीं नजर नहीं आ रहा है। कोरी सियासी लफ्फाजियाँ करने में मशगूल सरकार प्रदेश की मूलभूत समस्याओं व जरूरतों की लगातार अनदेखी करती रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट को लेकर भी प्रदेश सरकार ने जरा भी संवेदनशीलता और गंभीरता का परिचय नहीं दिया और चिठ्ठीबाजी करने में मुख्यमंत्री लगे रहे और संघीय व्यवस्था की अवहेलना मुख्यमंत्री का स्थायी राजनीतिक चरित्र बनकर सामने आया जिसके चलते वे बात-बेबात केंद्र सरकार के खिलाफ बेजा प्रलाप करते रहे हैं। अपनी चरणवंदना कराने में जुटे कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने भी प्रदेश के जमीनी सच को जानने की चेष्टा नहीं की और मुख्यमंत्री के झूठ के रायते का स्वाद ही लेता रहा। प्रदेश सरकार में उपजा यह असंतोष कांग्रेस नेतृत्व की इसी उदासीनता का परिणाम है। डॉ.सिंह ने कहा कि मंत्री सिंहदेव की यह पहल प्रदेश को इस नाकारा, नेतृत्वहीन सरकार से मुक्ति दिलाएगी।

24-06-2020
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, अध्यादेशों के संबंध में आदेश जारी करने की मांग

रायपुर। भारत सरकार की ओर से किसानों के हित में लाए गए अध्यादेश सीजी-डीएल-ई 05060-219745 दिनांक 5 जून के अनुपालन प्रदेश में नहीं हो रहा है। इस संबंध में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। बुधवार को लिखे अपने पत्र में डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि उक्त अध्यादेश का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। भारत सरकार के कृषि मंत्रालय की ओर से किसानों के व्यापक हित में प्रसारित अन्य अध्यादेशों के परिपेक्ष में भी राज्य शासन की ओर से आदेश जारी नहीं किए गए हैं।

22-06-2020
झीरमघाटी की जांच के लिए एसआईटी का गठन करना समझ से परे : डॉ. रमन सिंह

 रायपुर। झीरम घाटी कांड के मामले में कांग्रेस ने सोमवार को एक बार फिर पूर्व सरकार और एनआईए की जांच को कटघरे में खड़े किया है। कांग्रेस के आरोपों पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह ने कहा है कि 25 मई 2013 को बस्तर की झीरम घाटी में नक्सलियों की ओर से कांग्रेस पार्टी के नेताओं के नरसंहार की घटना बहुत ही दुखद थी। इस घटना में हमने अपने अच्छे  साथियों को गंवाया था। आज कांग्रेस सरकार की ओर से इस विषय को पुन: लाया गया है।  डॉ. सिंह ने कहा कि इस संबंध में यह कहना चाहता हूं कि जब यह घटना हुई तो उस वक्त कांग्रेस की यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और तत्कालीन गृहमंत्री सुशील शिंदे ने छत्तीसगढ़ का दौरा किया था। वापस जाकर तत्कालीन गृह मंत्री ने मुझे फोन पर ही एनआईए जांच की सहमति मांगी थी। हमने तुरंत एनआईए जांच की सहमति दे दी। यहां यह बताना भी जरूरी है कि एनआईए एक्ट यूपीए सरकार की ओर से ही लाया गया था और एनआईए देश में आतंकवाद, नक्सलवाद और उग्रवाद जैसी घटनाओं की जांच के लिए बनाई गई संस्था है। चूंकि झीरमघाटी की घटना नक्सलवादियों की ओर से की गई घटना थी। इसी कारण तत्कालीन यूपीए सरकार ने एनआईए को इस घटना की जांच के लिए सबसे उपयुक्त माना होगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से झीरमघाटी की जांच के लिए एसआईटी का गठन करना समझ से परे है। डॉ.रमन ने पूछा कि क्या राज्य की एसआईटी, देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी एनआईए से ऊपर है? हमारी सरकार ने इस घटना की स्वतंत्र जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था, जिसकी जांच जारी है। इस आयोग ने सामाचर पत्रों में कई बार विज्ञापन दिया

कि झीरमघाटी के संबंध में किसी भी तरह के सबूत किसी भी व्यक्ति के पास यदि है तो वह इस आयोग को सौंप सकता है। इसके बावजूद 7 साल बाद घटना की जांच के लिए एसआईटी की मांग करना समझ से परे है।डॉ. सिंह ने पूछा कि क्या राज्य की एसआईटी, एक सिटिंग जज की अध्यक्षता में बने आयोग से ऊपर है? 16 जून 2020 को एनआईए ने जगदलपुर की विशेष एनआईए अदालत में याचिका लगाकर आवेदन किया कि मई 2020 में जितेन्द्र मुदलियार की ओर से की गई एफआईआर की जांच भी एनआईए को सौंप दी जाए, क्योंकि इस घटना की जांच एनआीए पहले से कर रहा है।  एक बात और कही गई कि एनआईए ने जांच क्यों नहीं की। डॉ.सिंह ने कहा कि यह बताना चाहूंगा कि हमने गृह मंत्रालय को सीबीआई जांच के लिए आग्रह किया था चूंकि एनआईए सीबीआई के समकक्ष एजेंसी है, इस कारण एनआईए ने इस घटना की जांच ना करना उपयुक्त समझा होगा। एनआईए जैसी देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी के ऊपर आरोप लगाना सरासर गलत है। इस तरह की एजेंसी किसी भी घटना की जांच प्रोफेशनल तरीके से करती है और यदि आपके पास इस घटना से संबंधित कोई सबूत या जानकारी देना चाहते है तो एनआईए को या न्यायिक जांच आयोग को आज भी सौंप सकते हैं।

 

17-06-2020
शहीद गणेशराम कुंजाम ने बलिदान से जगाई राष्ट्रभक्ति की भावना, युगों-युगों तक रहेगी अमर : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में छत्तीसगढ़ के गणेशराम कुंजाम भी शहीद हुए हैं। हिंसक झड़प में गंभीर रूप से घायल गणेशराम ने अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। गणेशराम के शहीद होने की खबर से घर और गांव में मातम पसर गया है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज क्या लिखूं और क्या कहूँ कुछ समझ नहीं आ रहा है। उस घर की व्यथा को भलीभांति समझ सकता हूँ जिस घर का जवान सपूत शहीद हुआ हो। कांकेर के गणेशराम कुंजाम ने अपने प्राण भारत की सीमाओं को सुरक्षित रखने में बलिदान कर राष्ट्रभक्ति की जो भावना जगाई है, वह युगों-युगों तक अमर रहेगी।

16-06-2020
छत्तीसगढ़ को सम्हालने की जिम्मेदारी निभाने में कांग्रेस की प्रदेश सरकार विफल रही : डॉ. रमन सिंह

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने लॉकडाउन में फँसे प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों की चिंता नहीं करने पर प्रदेश सरकार की आलोचना की है। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने 4500 ट्रेनों से देशभर में फँसे लगभग 56 लाख और बसों से 45 लाख प्रवासी श्रमिकों को उनके घरों तक पहुँचाने का काम किया लेकिन प्रदेश सरकार ने अपने ही प्रदेश के प्रवासी मजदूरों की वापसी की चिंता तक नहीं की। उनके ट्रेन भाड़े को लेकर केंद्र से उलझने में लगी रही। डॉ. सिंह जिला जनसंवाद कार्यक्रम के तहत रायगढ़ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सभा को संबोधित कर रहे थे।  डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ को सम्हालने की जिम्मेदारी निभाने में कांग्रेस की प्रदेश सरकार विफल रही। वह प्रदेश के लोगों की वेदना को महसूस नहीं करती। देश के दीगर राज्यों ने अपने प्रवासी श्रमिकों के खातों में आर्थिक सहायता के रूप में पर्याप्त राशि जमा कराई लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपने ढाई लाख प्रवासी श्रमिकों के खाते में ढाई रुपए तक जमा नहीं कराए। प्रदेश के किसानों के साथ छल-कपट किया, शराबबंदी के वादे से मुकर रही है। शराब के धंधे में करोड़ों की हेराफेरी हो रही है। शराब की तस्करी में पुलिस के लोग पकड़े जा रहे हैं। कोरोना के मोर्चे पर प्रदेश सरकार को विफल बताते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि टेस्टिंग सुविधा नहीं बढ़ाए जाने के कारण जाँच रिपोर्ट का काम पेंडिंग पड़ा है और क्वारेंटाइन सेंटर्स यातना गृह बनकर रह गए हैं। केंद्र की राशि से संचालित मनरेगा को छोड़कर प्रदेश में कहीं कोई काम यह सरकार नहीं कर रही है। डॉ. सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं से मोदी सरकार की सारी उपलब्धियों और प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नाकामियों को प्रदेश के हर घर तक पहुँचाने की अपील की।

14-06-2020
रमन सिंह ने कहा, प्रदेश की शराब दुकानों में 30 प्रतिशत का अवैध कारोबार, हर महीने 100 करोड़ की होती है लूट

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के जनसंवाद कार्यक्रम में डॉ. रमन सिंह ने एक ओर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई तो दूसरी ओर छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना भी साधा। उन्होंने प्रदेश की जनता से वादाखिलाफी का आरोप सरकार पर लगाया। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि बड़े-बड़े नारों के बीच गंगाजल को हाथ में रखकर प्रदेश को छला गया है। वादों से बनी प्रदेश सरकार ने वादों को तोड़ा है। रमन सिंह ने कहा कि वे दावे के साथ बोल चुके हैं शराब के धंधे में 30 प्रतिशत शराब दुकान में बिकने वाला दारू अवैध होता है, भ्रष्टाचार में जाता है। हर महीने 100 करोड़ की लूट इस दारू दुकान से होती है। प्रदेश सरकार दो महीना इंतजार कर सकती थी। शराब दुकान खोलकर सारे मापदंड समाप्त कर दिए। सरकार ने दो साल का बोनस देने का वादा किया था। अभी तो 2500 की एक किश्त दे पाए हैं। तीन किश्त और दो साल का बोनस बचा रहेगा। सरकार का आर्थिक प्रबंधन फेल हो गया।  कोरोना काल में लोग तड़पते रहे और भूपेश बघेल को दया नहीं आई। प्रदेश में क्वारेंटाइन सेंटर को यातनागृह का नाम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा इस बीच केन्द्र सरकार की सफलता को याद दिलाना ही है साथ में छत्तीसगढ़ के 15 साल के विकास को बताना है जो भाजपा सरकार के दौरान हुए।

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कार्यकर्ताओं की शक्ति से सफलता पूर्वक संचालन हो रहा है। भाजपा सरकार ने देश में एक यात्रा पूरी की है। जनसंवाद में ना केवल एक साल की यात्रा की चर्चा होगी बल्कि 6 साल की यात्रा में हम कहां पहुंचे इसे जनता तक पहुंचाया जाएगा। 2014 का चुनाव देश में भ्रष्टाचार को समाप्त करने का चुनाव था। मोदी सरकार ने बताया कि ईमानदारी से, बेदाग रहते हुए सरकार कैसे चलाई जाती है। इसके बाद 2019 का चुनाव देश की आकांक्षाओं के लिए था। प्रधानमंत्री मोदी के पहले कार्यकाल में गरीब कल्याण की भूमिका बनी। आजादी के बाद भारत का नेतृत्व मजबूत नहीं था। सर्जिकल स्ट्राइक ने दिखा दिया कि भारत की ओर कोई आंख दिखाने का काम ना करें। आर्थिक आधार पर पहली बार गरीब सवर्णों को आरक्षण मिला। 

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पंडित नेहरू ने धारा 370 को नासूर बनाकर छोड़ दिया था। एक जम्मू कश्मीर जवाहरलाल नेहरू के हाथ में रहा और अंत तक तड़पता रहा। मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून से अल्पसंख्यकों को मान्यता देने का काम किया गया। कोरोना जैसे विश्वव्यापी संकट से निपटने के लिए भारत काम हुआ है। अमेरिका जैसा देश जहां स्वास्थ्य सुविधा भारत से 10 गुना बेहतर है, उनके मौत के आंकड़ों और संक्रमितों के आंकड़ों की तुलना भारत से कर अंतर देख सकते हैं। कम संसाधनों में अधिक काम हुआ है। डॉ. रमन सिंह ने भाजपा कार्यकर्ताओं को कोरोना वॉरियर्स की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि इस दौर में कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में लोगों तक भोजन और सूखा राशन पहुंचाया। भाजपा कार्यकर्ताओं के खून और संस्कार में सेवा का भाव है। लोग घर में छुपे रहते थे तब भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर थे। संकट अब भी सिर पर है। इस लड़ाई को भारत को जीतना है।

11-06-2020
Video: डॉ. रमन सिंह पहुंचे राजनांदगांव, लोगों की सुनी समस्या

राजनांदगांव। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह कुछ घंटों के प्रवास पर अपने विधानसभा क्षेत्र पहुंचे।भाजपा कार्यालय में उन्होंने आम जनता से मुलाकात की। उनसे मिलने वालों में ऑटो रिक्शा चालक, बैंड बाजे वाले, तथा अन्य लोग थे। लोगों ने लॉक डाउन के चलते रोजी रोटी की समस्या के बारे में अपने विधायक से बात की। सभी ने डॉ.रमन सिंह से अनुरोध किया कि अन्य लोगों की तरह उन्हें भी सरकार से सहायता मिलनी चाहिये। डॉ. रमन सिंह ने सहायता देने का आश्वासन दिया। उनके साथ जिला भाजपा अध्यक्ष मधुसूदन यादव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह थे। इसके बाद वे अपने विधानसभा क्षेत्र के कुछ गांवों की ओर रवाना हो गए।

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