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05-08-2020
आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी की वैकिल्पक व्यवस्था शुरू, दो दिन में 250 से अधिक मरीज हुए लाभांवित

रायपुर। राजधानी के डूंगाजी शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी वैकिल्पक व्यवस्था मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने शुरु की है। आयुर्वेदिक कॉलेज परिसर में दो दिनों से चालू सामान्य ओपीडी में महिला व पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग डॉक्टरों की टीम मरीजों का इलाज कर रहे हैं। सामान्य ओपीडी में मंगलवार और बुधवार को 250 से अधिक मरीज लाभांवित हुए। आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.जीएस बघेल ने बताया कि आयुर्वेदिक अस्पताल की आईपीडी व ओपीडी वार्ड को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोविड-19 अस्पताल का वार्ड बनाए जाने के बाद से 28 जुलाई से 3 अगस्त तक ओपीडी प्रभावित रही। डॉ.बघेल का है कोरोना संकट के बीच नॉन कोविड के मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए वैकिल्पक व्यवस्था शुरु की गई है। इससे आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों को दवाएं और डॉक्टरों से परामर्श भी मिल सकेंगे।

कॉलेज के भवन में ओपीडी का संचालन 4 अगस्त से सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक नियमित रूप से शुरू किया गया है। ओपीडी की वैकिल्पक व्यवस्था शुरू होने से आयुर्वेदिक अस्पताल में आने वाले प्रतिदिन 250 से अधिक मरीजों को डिस्पेंसरी खुलने से निशुल्क औषधियों का लाभ मिलने लगेगा। डिस्पेंसरी की औषधियों को कॉलेज के फिजीयोलॉजी हॉल में शिफ्ट किया गया है। ताकि दवाओं के लिए मरीजों व पेंशनरों को यहां वहां भटकने की जरुरत न पड़े। ताकि आयुर्वेद के इलाज में सेवा ले रहे मरीजों का चिकित्सकों का परामर्श का लाभ मिल सके। ओपीडी में इलाज कराने आए हीरापुर निवासी 40 वर्षीय प्रेमलाल साहू ने बताया कि उन्हें पक्षाघात की शिकायत है। यहां लगभग 3-4 महीने से इलाज चल रहा है। आयुर्वेदिक अस्पताल में इलाज का लाभ भी हुआ है। सप्ताह भर से ओपीडी बंद होने से दवा के लिए परेशानी हो रही थी। इसी तरह मुंगेली निवासी 52 वर्षीय रतनलाल उइके और उनकी 20 वर्षीया बेटी उर्मिला उइके को मधुमेह की बीमारी है। रतनलाल ने बताया काफी जगह भटकने के बाद आयुर्वेदिक दवाओं से उनको काफी राहत मिल रही है।

आयुर्वेदिक अस्पताल अधीक्षक डॉ.पीके जोशी ने बताया ओपीडी कक्ष को कोविड-19 वार्ड में तब्दील कर 300 बेड का अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए शुरु किया गया है। इसकी वजह से मरीजों की इलाज़ प्रभावित हो रहा था। आयुष संचालक जीएस बदेशा ने महाविद्यालय की मान्यता सहित पीजी करने वाले 70 छात्रों का रिसर्च वर्क प्रभावित ने हो इस लिए ओपीडी को नियमित रूप से प्रारंभ करने का निर्देश दिया है। डॉ.जोशी ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सा सेवा के लिए संचालित ओपीडी पंचकर्म,कायचिकित्सा, शल्य, बाल रोग, शालक्य,प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के मरीजों का इलाज अभी सामान्य ओपीडी में ही होंगे। ओपीडी में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच नियमित रूप से होगा। अस्पताल में आने वाले मरीजों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा। अस्पताल परिसर में गर्भवती महिलाओं के अलावा अन्य महिलाओं को भी स्त्री रोग से संबंधित इलाज व परामर्श प्रदान किए जाएंगे। 

 

01-08-2020
प्रदेश में अब तक 3.16 लाख से अधिक सैंपलों की जांच,बिलासपुर सिम्स में आरटीपीसीआर जांच शुरू

रायपुर। कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने राज्य शासन व्यापक और पुख्ता व्यवस्था में लगी है। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य निर्धारित कर सभी जिलों में पर्याप्त बिस्तरों के इंतजाम के निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस संक्रमितों की पहचान के लिए सैंपल जांच की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है। आरटीपीसीआर और ट्र-नाट विधि से जांच के साथ ही सभी जिलों में रैपिड एंटीजन किट से भी जांच की जा रही है। कोविड-19 की पहचान के लिए प्रदेश में 31 जुलाई तक 3 लाख 16 हजार 501 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। आरटीपीसीआर से शासकीय मेडिकल कॉलेजों में 2 लाख 58 हजार 841 और निजी लैबों के माध्यम से 1241 सैंपलों की जांच की गई है। शासकीय ट्रू-नाट लैबों में 25 हजार 148 और निजी क्षेत्र के ट्रू-नाट लैबों में 1905 सैंपलों की जांच हुई है। विभिन्न जिलों में रैपिड एंटीजन किट से 29 हजार 366 सैंपल जांचे गए हैं। ज्यादा से ज्यादा सैंपलों की जांच के लिए उच्च स्तरीय बीएसएल-2 लैबों में पूल टेस्टिंग भी की जा रही है।
प्रदेश के तीन और मेडिकल कॉलेजों राजनांदगांव,बिलासपुर और अंबिकापुर में आरटीपीसीआर जांच की अनुमति मिल गई है। इन तीन नए संस्थानों को मिलाकर अब आरटीपीसीआर जांच केंद्रों की संख्या सात हो गई है। एम्स रायपुर, डॉ.भीमराव अंबेडकर अस्पताल व रायगढ़ और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में पहले से ही सैंपलों की आरटीपीसीआर जांच हो रही है। बिलासपुर स्थित मेडिकल कॉलेज छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस (सिम्स)में आज से सैंपल जांच शुरू हो गई है। कोरोना वायरस संक्रमितों के इलाज के लिए विशेषीकृत कोविड अस्पतालों के साथ ही कोविड केयर सेंटर्स में भी बिस्तरों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों के इलाज के लिए जिलेवार लक्ष्य निर्धारित कर ज्यादा मरीजों वाले जिलों में इसके लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। राज्य शासन की ओर से प्रयोग के तौर पर बिना लक्षण वाले मरीजों के होम-आइसोलेशन और उपचार के लिए सभी जिलों को अनुमति दी गई है। इसके लिए शासन की ओर से कलेक्टरों को व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

 

29-07-2020
विधायकों और कलेक्टर ने मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित भूमि का किया निरीक्षण

कोरिया। भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो एवं मनेन्द्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल के साथ कलेक्टर एसएन राठौर ने बुधवार को विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत ग्राम चैनपुर में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए चयनित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कमरो एवं डॉ.जायसवाल के साथ मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए निर्धारित आवश्यक मापदण्डों के संबंध में चर्चा की। इस अवसर पर नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की अध्यक्ष प्रभा पटेल भी मौजूद थीं।
इसके पूर्व कलेक्टर राठौर ने विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के ग्राम मोरगा एवं सिरौली का भी दौरा किया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ तूलिका प्रजापति भी उपस्थित रहीं। यहां उन्होंने मनेन्द्रगढ़ के अंतर्गत ग्राम मोरगा में कृषि विभाग द्वारा रोपित अरहर-उर्द के खेत का निरीक्षण किया। यहां वर्ष 2020-21 के लिए आत्मा योजना के अंतर्गत 20 एकड़ भूमि पर अरहर-उर्द की खेती की गई है। कलेक्टर राठौर ने इस जगह का निरीक्षण कर खुली भूमि पर वृक्षारोपण के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वर्षा जल को रोकने के लिए वृक्षारोपण किया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही यहां कंटूर फार्मिंग पर भी चर्चा की।

कलेक्टर राठौर ने कहा कि भूमि के अनुरूप फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाये जिससे कि ग्राम वासियों को आर्थिक लाभ का जरिया भी मिल सके। उन्होंने केवीके, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के माध्यम से नर्सरी तैयार करने पर भी उपस्थित अधिकारियों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने नजदीकी ग्रामों में पेयजल व पहुंच मार्ग की जानकारी ली एवं आवश्यक सुधार के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। इसके बाद कलेक्टर ने मोरगा ग्राम गौठान का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने स्वसहायता समूह से सीधे संवाद कर गोधन न्याय योजना के तहत गोबर क्रय की जानकारी ली एवं पशुपालक पंजी व गोबर क्रय पत्रक का भी अवलोकन किया। उन्होंने गौठान में चारे की व्यवस्था की जानकारी ली। कलेक्टर ने चारे की व्यवस्था के संबंध में गौठान में उपयुक्त जगह चिन्हांकित कर नेपियर घास लगाने एवं चारागाह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गौठान में पौधों के रोपण के लिए भी निर्देश दिये। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ ने गौठान में आयमूलक गतिविधियों की शुरुआत करने कहा। जिससे स्वसहायता समूहों को भी आर्थिक लाभ मिल सके।  तत्पश्चात कलेक्टर राठौर ने सिरौली स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र में आरईएस द्वारा बनाये जा रहे अतिरिक्त भवन का निरीक्षण किया। यह भवन जनरल वार्ड व डे केयर मरीजों के लिए उपयोग किया जायेगा। इसके साथ ही उन्होंने उपस्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन कक्ष, ओपीडी एवं प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया तथा स्वास्थ्य केंद्र परिसर में कैंटीन एवं सामुदायिक शौचालय निर्माण के निर्देश दिये।

 

23-07-2020
मेडिकल कॉलेज अस्पताल से 36 कोरोना मरीज डिस्चार्ज

राजनांदगांव। कोविड 19 पेंड्री स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल से गुरूवार को 36 कोरोना मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि कल रात और सुबह इन सभी की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद इन्हें पूरी सावधानी रखने की समझाइश देकर डिस्चार्ज किया गया। अभी की स्थिति में कोविड-19 हॉस्पिटल पेंड्री में 26 मरीज शेष है।

10-07-2020
ज्योत्सना महंत की पहल से मरवाही में खुलेगा मेडिकल कॉलेज, डॉ. महंत के प्रयासों को भी पूरा करने जुटी हैं कोरबा सांसद

रायपुर। कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की पहल से उनके संसदीय क्षेत्र अंतर्गत नवनिर्मित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। सांसद के आग्रह पर अब मुख्यमंत्री ने जमीन तलाशने के निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया ने आदेश जारी कर अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग छग शासन को राज्य सरकार की ओर से विस्तृत प्रस्ताव केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजने व इससे मुख्यमंत्री सचिवालय व सांसद को भी अवगत कराने निर्देश दिए हैं।उल्लेखनीय है कि सांसद के लगातार प्रयासों और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गंभीरता से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने इस संबंध में त्वरित निर्णय लिया है। सांसद ने 25 जनवरी को एक पत्र केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ.हर्षवर्धन को प्रेषित कर नवनिर्मित जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए पहल शुरू की थी। तत्संबंध में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संज्ञान लेकर कार्यवाही को आगे बढ़ाया।

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा सांसद के लगातार प्रयासों को सार्थक कर मरवाही में मेडिकल कॉलेज की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर स्थापना के संबंध में आदेश जारी किया गया। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इसके लिए स्वीकृति मिलने बाद सांसद महंत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पुन: एक पत्र प्रेषित कर गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिला में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से विस्तृत प्रस्ताव शीघ्र ही केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजने का आग्रह किया। सांसद ने इसके लिए केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति लोकसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार जताया है।बता दें कि कोरबा में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग कोरबा प्रवास पर आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने की थी। इसके बाद सांसद के प्रयासों से केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कोरबा में मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति देते हुए केन्द्र व राज्य से 325 करोड़ की राशि की स्वीकृति भी मिल चुकी हैं। कोरबा मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ भूमि का भी चिन्हांकन किया जा चुका है।

ये भी परिणाम जल्द देखने मिलेंगे  

भारत सरकार के पूर्व केन्द्रीय मंत्री व विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत के अशासकीय पत्र पर तत्कालीन केन्द्रीय कोयला मंत्री ने मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान कर, 100 करोड़ की राशि भी जारी कर दी थी। बावजूद तत्कालीन भाजपा सरकार ने जमीन उपलब्ध नहीं कराई थी। इस कारण मेडिकल कॉलेज की स्थापना और 100 करोड़ की राशि का उपयोग नहीं हो सका। कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा है कि उनका किसी राजनीतिक दल पर आरोप-प्रत्यारोप नहीं है, लेकिन कोरोना कोविड-19 के इस वैश्विक महामारी के दौर में स्वास्थ्य सेवाओं की कितनी आवश्यकता पड़ रही हैं, इससे हम सभी भली-भांति परिचित हैं। सांसद का कहना है कि कोरबा के पूर्व सांसद डॉ.महंत के मेडिकल कॉलेज और कैंसर हास्पिटल खोलने के प्रयासों व कोरिया-बैकुंठपुर जिले में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं। परिणाम आने वाले दिनों में जल्द ही क्षेत्र की जनता को देखने को मिलेगा।

15-06-2020
मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज खोलने के संबंध में एटक के महासचिव ने लिखा कोयला मंत्री को पत्र

बिलासपुर। संयुक्त कोयला मजदूर संघ (एटक) के महासचिव हरिद्वार सिंह के द्वारा 9 वर्षो से घोषित मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के संबंध में कोयला मंत्री भारत सरकार को पत्र लिखा है। पूरे क्षेत्र के मध्य में मनेंद्रगढ़ होने के कारण 2011 में तत्कालीन कोयला मंत्री प्रकाश जायसवाल के द्वारा मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए घोषणा की गई थी। इसके बाद एसईसीएल द्वारा सर्वे हुआ तथा वित्तीय सहायता सीएसआर मत से देने की बात कही गई थी परंतु धरातल में आज तक कोई भी कार्य होता नहीं दिख रहा है,जिससे क्षेत्र के सभी श्रमिक एवं आम जनता काफी दुखी है। यदि मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना हो जाती है तो पूरे सीआईसी फील्ड चिकित्सा एवं शिक्षा क्षेत्र में प्रगति की ओर अग्रसर होगा। अतः अतिशीघ्र 9 वर्षो से घोषित स्वीकृत मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की स्थापना का कार्य प्रारंभ करने के लिए उचित दिशा निर्देश जारी करने का कष्ट करें। मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर जन आंदोलन बढ़ता जा रहा है। 

 

08-06-2020
कोरोना से नहीं हुई युवक की मौत, कोविड रिपोर्ट आई नेगेटिव

कोरबा। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती एक 16 साल के युवक की मौत कोरोना से नहीं हुई है। युवक की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। सावधानी वश जिला प्रशासन ने युवक का सैंपल जाँच के लिए भेजा था। रायपुर के मेडिकल कॉलेज लेब से जाँच रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। युवक के परिजन उसे सर्दी, खांसी, बुखार व सांस लेने में तकलीफ होने के बाद शनिवार को सुबह अस्पताल लेकर आए थे। कोरोना के सम्भावित लक्षण की वजह से किशोर को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। खुद से चल कर बेड तक पहुँचे किशोर ने उपचार के दौरान जिला अस्पताल में रात को दम तोड़ दिया था। शव को जिला अस्पताल के मर्च्युरी में रखा गया था। नेगेटिव रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी कर युवक का शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

07-06-2020
मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव से 7 मरीजों की होगी छुट्टी

राजनांदगांव। जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मरीजों के बीच एक सुखद खबर कोविड-19 हॉस्पिटल मेडिकल कॉलेज से आई। जहां रिपोर्ट नेगेटिव आने के कारण रविवार को 7 मरीजों को डिस्चार्ज किया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने पुष्टि करते हुए बताया कि 5 जून की रात जो मरीज आये थे उसके बाद जिले में कोई भी केस पॉजिटिव नहीं आया। जबकि टेस्टिंग लगातार जारी हैं।

01-06-2020
मनेंद्रगढ़ फ्रेंड्स ग्रुप ने मेडिकल कॉलेज के लिए नगरपालिका से प्रस्ताव भेजने की मांग

रायपुर/मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ में  मेडिकल कॉलेज खुलना अब एक सपना बन गया है। 2011 में तत्कालीन सांसद चरणदास महंत द्वारा मनेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के संबंध में घोषणा की गई थी,जो कि आज 2020 तक पूरा नहीं हो पाई है और ना ही निर्माण कार्य चालू किया गया। सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है की अब कोरबा में मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। ऐसे में मनेंद्रगढ़ के साथ लगातार छल हो रहा है। मनेंद्रगढ़ फ्रेंड्स क्लब लगातार इस विषय पर सोशल मीडिया,मुख्यमंत्री,सांसद,स्वास्थ्य मंत्री सभी को पत्र लिख चुका है।सोमवार को मनेन्द्रगढ़ की नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल से मनेन्द्रगढ़ फ्रेंड क्लब एवं शहर के सभी पार्षद मिले और इस संबंध में ज्ञापन सौंपा। मेडिकल कॉलेज मनेन्द्रगढ़ में खोले जाने संबंध में चर्चा की गई। चर्चा के दौरान मनेंद्रगढ़ फ्रेंड्स ग्रुप के अध्यक्ष ने विस्तृत जानकारी मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के संबंध में सभी को दी। सभी पार्षदों ने एवं नगर पालिका अध्यक्ष ने  अपना समर्थन देते हुए इस मांग के लिए भविष्य में जो भी करना पड़े उसके लिए संकल्पित हुए।

मनेंद्रगढ़ फ्रेंड्स ग्रुप के अध्यक्ष अंकुर जैन ने चर्चा के दौरान यह मांग रखी कि नगर पालिका परिषद मनेंद्रगढ़ में घोषित मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के लिए सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया जाए कि मनेंद्रगढ़ मेडिकल कॉलेज का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो और उसे राज्य सरकार एसईसीएल एवं संबंधित अधिकारियों को भेजा जाए और उसकी प्रतिलिपि विधायक सांसद एवं संबंधित विभागों को भेजा जाए। इसको सभी पार्षदों ने एकमत होते हुए इस प्रस्ताव का समर्थन किया। नगरपालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा है कि एक-दो दिन के अंदर ही विशेष मीटिंग बुलाई जाएगी और यह प्रस्ताव पारित करके राज्य सरकार और संबंधित सभी विभागों को भेजा जाएगा।  ज्ञापन देने वालों में मनेंद्रगढ़ फ्रेंड्स ग्रुप के आशीष मजूमदार, सुरेंद्र सिंधवानी,प्रदीप साहा,  मनोज सोनकर,रामशंकर गुप्ता,अमन केसरी, नितेश मेघानी,मानव सरकार,आनंद ताम्रकार,  गिरीश चंदेल उपस्थित थे।

25-05-2020
आइसोलेशन वार्ड में मरीज ने फांसी लगाकर की आत्महत्या 

अम्बिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पीछे बने आइसोलेशन वार्ड में एक कोरोना संदिग्ध मरीज़ ने फाँसी लगा लिया है। फांसी लगाने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व ही दिल्ली से उक्त व्यक्ति अपने गांव वापस लौटा था और उसे क्वॉरेंटाइन सेंटर में क्वॉरेंटाइन किया गया था। इसी बीच 23 मई को सर्दी खांसी की शिकायत होने पर चिकित्सकों के दल ने मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर स्थित आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट किया था। इसके बाद उक्त युवक का सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। इसकी जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी ही थी कि इसी बीच युवक के द्वारा आइसोलेशन वार्ड में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीम आइसोलेशन में भर्ती संदिग्ध मरीज के आत्महत्या किए जाने के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

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