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Rajim Assembly : भाजपा और जनता कांग्रेस के सैकड़ों युवाओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

गरियांबद। प्रदेश में विधानसभा चुनाव को कुछ महिने ही शेष हैं। वहीं इसे लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी तैयारियों में जुट गई है। सभी राजनीतिक पार्टियां संगठन को ग्रामीण स्तर पर मजबूत करने में लगी हैं। कुछ इसी तरह का राजनीतिक उथल पुथल राजिम विधानसभा में देखने को मिला है जहां लगभग 200 युवाओं ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। इससे भाजपा और जनता कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है।

राजिम विधानसभा में प्रथम पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ला के समक्ष लगभग 200 से अधिक युवाओं ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जिन युवाओं ने कांग्रेस से हाथ मिलाया है वो भाजपा और जनता कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता है।

राजिम विधानसभा के ग्राम परसदा जोशी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रथम पंचायत मंत्री अमितेश शुक्ला का युवा कांग्रेस ने राजिम से परसदा जोशी तक बाइक रैली निकालकर स्वागत किया। इसी कड़ी में भाजपा और जोगी पार्टी के कई कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए।

इस दौरान शुक्ला ने भाजपा और जनता कांग्रेस पर कई सवाल दागे। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि फ्री में मोबाइल देकर भाजपा सरकार जनता को प्रलोभन दे रही है। सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी नहीं दिला पा रही है। किसान विरोधी सरकार किसानों के साथ छल कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि विगत दिनों कांग्रेस का हाथ थामने वाले जनता कांग्रेस के पंचायती राज के प्रदेश अध्यक्ष राकेश तिवारी ने उन्हें बताया कि जनता कांग्रेस भाजपा का साथ दे रही है इस लिए लोग जनता कांग्रेस को छोड़ कर कांग्रेस का साथ दे रहे हैं।

वहीं भाजपा आम जनता के साथ वादा खिलाफी कर रहे है, जिसे लेकर लगातर भाजपा और जनता कांग्रेस को छोड़कर कार्यकर्ता कांग्रेस का हाथ थाम रहे हैं। अमितेश शुक्ला ने दावा किया है कांग्रेस का संगठन बेहद मजबूत होते जा रहा है आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ही सरकार बनेगी।

 
MP Congress: कांग्रेसी खा रहे ईमानदारी की कसम, बगावत से निपटने टिकट के दावेदारों से कांग्रेस भरवा रही शपथपत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में विधायक के लिए उम्मीदवारी कर रहे कांग्रेस नेता इन दिनों  टिकट मांगने वालों से आवेदन के साथ एक शपथ पत्र भी जमा करवा रहे हैं। शपथ पत्र में वे लिख रहे हैं कि विधानसभा क्षेत्र में पार्टी किसी को भी प्रत्याशी बनाएं। मैं उसके पक्ष में पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करुंगा। न ही  निर्दलीय चुनाव लड़ुगा न पार्टी विरोधी कार्य करुंगा। 

पूर्व चुनावों में बागी और भितरघातियों से बड़ा नुकसान झेलने के बाद  कांग्रेस इस बार विधानसभा चुनाव में भीतरघात और विरोध से बचने के लिए इस रणनीति पर काम कर रहा है। कांग्रेस टिकट के लिए उम्मीदवारों से आवेदन मांग ही रही है, साथ ही शपथ पत्र भी ले रही है। इसमें उम्मीदवार लिखित में  शपथपत्र भी जमा कर रहे हैं जिसमें वे पार्टी के अनुशासन में रहकर अधिकृत प्रत्याशी को जिताने में योगदान देने की बात कह रहे हैं। 


आगामी  विधानसभा चुनाव में कुछ महीनें ही बाकी हैं और राजनीतिक दलों ने अपने स्तर पर अच्छे उम्मीदवारों की तलाश तेज कर दी है। कांग्रेस ने इसके लिए खुला मंच उपलब्ध कर, टिकट के उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं लेकिन इसके साथ उन्हें इस बार शपथ पत्र भी देगा होगा। इसके जरिए पार्टी उम्मीदवारों से इस बात की शपथ ले रही है कि यदि उन्हें टिकट नहीं भी मिला तो वह पार्टी के अनुशासन में रहकर कार्य करेंगे। शपथ पत्र नए आवेदकों के साथ उन दावेदारों को भी देना होगा जो पूर्व में पार्टी को अपनी दावेदारी जता चुके हैं

CG Election Commission : दिव्यांग मतदाताओं की जानकारी नहीं देने पर 294 बीएलओ को नोटिस

रायपुर। विधानसभा चुनाव में दिव्यांग मतदाताओं की केन्द्रीय निर्वाचन आयोग ने अलग से जानकारी तैयार करने निर्देश दिया था। इसके लिए बीएलओ को घर-घर जाकर सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई थी। दिव्यांग मतदाताओं की जानकारी 15 अगस्त से 20 अगस्त तक एकत्रित कर निर्वाचन आयोग को देनी थी, लेकिन बीएलओ ने इस कार्य को अब तक पूरा नहीं किया है। इस वजह से 294 बीएलओ (बूथ लेबल आॅफिसर) ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इस वजह से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

बता दें कि केन्द्रीय निर्वाचन आयोग इस बार सौ वर्ष और उससे अधिक उम्र के मतदाताओं की जानकारी के अलावा दिव्यांग मतदाताओं की जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया है। इसी कड़ी में बीएलओ दिव्यांग मतदाताओं के सर्वे करने में घोर लापरवाही बरती। इस बात को लेकर अनुविभागीय अधिकारी (रा.) एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी संदीप अग्रवाल ने बीएलओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जानकारी नहीं देने वाले बीएलओ अफसरों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अनुशंसा की है।

Assembly Election: गठबंधन की कयास खटाई में, पूरे 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में बसपा

रायपुर। आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में प्रदेश कांग्रेस व बसपा के साथ होने वाली गठबंधन की कयास खटाई में पड़ते नजर आ रही है। बसपा को छत्तीसगढ़ में कमतर आंकते हुए कांग्रेस के स्थानीय नेता द्वारा 5 सीटों का ऑफर देने की पेशकश की मीडिया में खबरें आने से बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने तेवर सख्त करते हुए प्रदेश प्रभारियों को चुनाव की तैयारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

आगामी विधानसभा में बसपा छत्तीसगढ़ में पूरी दमदारी के साथ मैदान में प्रत्याशी उतारने की तैयारी में जुट गई है। बसपा  27 अगस्त तक सभी 90 विधानसभा सीटों में 4 से 5 दावेदारों की पैनल तैयार करेगी। प्रदेश कार्यकारणी की बैठक राजधानी में शुक्रवार को न्यू राजेंद्रनगर स्थित गुरुघासीदास सांस्कृतिक सतनाम भवन में प्रदेश व जिला पदाधिकारियों की हुई। बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा व लोकसभा चुनाव को लेकर संगठन में कसावट लाने के लिए प्रदेश को 4 जोन में बांट कर जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश प्रभारियों के साथ स्थानीय नेताओं को भी लोकसभावार आने वाले विधानसभा में संगठन को बूथ स्तर पर जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश प्रभारी लालजी वर्मा व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को जोन एक- रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, जांजगीर लोक सभा के अंतर्गत आने वाले विधानसभाओ की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश प्रभारियों के साथ स्थानीय पदाधिकारी देवकुमार कनेरी, संजय गजभिये, केडी टंडन , दयाराम खुराना, राधेश्याम सूर्यवंशी जोन में काम देखेंगे।

जोन दो में प्रदेश प्रभारी सत्य प्रकाश पंखा के साथ ओमप्रकाश खुसरो, टीकाराम मानिकपूरी, अनिल कुरील को कोरबा व सरगुजा लोकसभा के विधानसभा की जिम्मेदारी दी गई है।

जोन तीन के तहत महासमुंद, दुर्ग व राजनांदगांव लोगसभा का प्रदेश प्रभारी भीम राजभर व गोपाल ऋषिकर के साथ बसंत सिन्हा, देव चौहान, रामलाल दामले, लता गेडाम, जय प्रकाश बंजारे, शशि कपूर बंजारे व दिलीप रामटेके को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जोन चार में बस्तर व कांकेर लोकसभा के सभी विधानसभा की जिमेदारी प्रदेश प्रभारी अजय साहू को दी गई है। अजय  के साथ हेमंत पोयाम, अमोल बेदकर , शेखर गंजीर, देवलाल सूर्यवंशी को जोन की टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रदेश प्रभारी एमएल भारती को दुर्ग, महासमुंद, बस्तर, कांकेर, सरगुजा, राजनादगांव व कोरबा लोकसभा क्षेत्र की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दाउ राम रत्नाकर को जांजगीर लोकसभा की सभी 8 विधानसभा में मैदानी कार्यकर्ताओ को मोटिवेट कर बूथ स्तर पर वोटिंग प्रतिशत को बढ़ाने व ज्यादा सीटें जीताने की जिमेदारी दी गई है। पुराने जोन व जिला प्रभारियों को भंग कर लोकसभा के जोनवार नई जिम्मेदारी दी गई है।

बैठक में प्रदेश प्रभारी राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ, पूर्व मंत्री लालजी वर्मा, एमएल भारती, अजय साहू, भीम राजभर, सत्य प्रकाश पंखा, गोपाल ऋषिकर, प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश बचपेयी, विधायक केशव चंद्रा, दाउ राम रत्नाकर, दुजराम बौद्ध, कामदा जोल्हे, लालसाय खूंटे, एमपी मधुकर, केडी टंडन, संजय गजभिये, सन्तोष मारकंडेय, विजय शेंडे, लता गेडाम, हेमंत पोयाम , देवकुमार कनेरी व रोहित डहरिया सहित सभी जिला अध्यक्ष शामिल रहें।

Assembly Elections : जनता कांग्रेस से नरेंद्र प्रताप तय, भाजपा-कांग्रेस से रामसेवक और प्रेमसाय में संशय

प्रतापपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कुछ महीने का समय ही बचा है लेकिन प्रतापपुर विधानसभा से जनता कांग्रेस ने ही अपने उम्मीदवार के रूप में डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह का नाम तय किया,जहां भाजपा कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार तय नहीं किये हैं वहीं दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के साथ आम मतदाताओं में लंबे समय से ये सवाल गूंज रहे हैं कि क्या भाजपा से रामसेवक और कांग्रेस से प्रेमसाय ही अगले उम्मीदवार होंगे जबकि ये बातें दबे आवाजों में  दोनों राजनीतिक पार्टियों से आती रही हैं कि उनके इस बार के उम्मीदवार नए चेहरे होंगे।दूसरी तरफ कांग्रेस से जगत लाल आयाम,शिवभजन मरावी जैसे कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं जो विधानसभा क्षेत्र के स्थानीय नागरिक हैं वहीं भाजपा के पास कोई भी स्थानीय चेहरा नहीं है जो टिकट की दावेदारी कर रहा हो,भाजपा से टिकट मांगने वालों में दो नाम और सामने आ रहे हैं जिनमें एक विजय प्रताप सिंह ओड़गी क्षेत्र से हैं तो दूसरा नाम पुष्पा नेताम का है जो पाल क्षेत्र की हैं।दोनों पार्टियों में वर्तमान गृहमंत्री रामसेवक पैंकरा और पूर्व मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह अपनी टिकटों के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं और लोगों को समय का इंतजार है कि प्रतापपुर विधानसभा से इन पार्टियों के उम्मीदवार कौन होंगे।

उल्लेखनीय है कि अगले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होना है जिसके लिए स्थानीय सहित विधानसभा से बाहर के कई नेता प्रतापपुर विधानसभा से टिकट के लिए प्रयास में लग गए हैं,राजनीतिक पार्टियों की बात करें तो प्रतापपुर विधानसभा में भाजपा,कांग्रेस सहित जनता कांग्रेस की दावेदारी ही मजबूत है हालांकि आम आदमी पार्टी,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी,समाजवादी पार्टी,बसपा व अन्य पार्टियों के भी अपने अपने उम्मीदवार यहां से चुनाव मैदान में उतारने की तैयारी बताई जा रही है तो कई निर्दलीय उम्मीदवार भी होंगे जिन्हें पिछले चुनाव में भी देखा जा चुका है।प्रदेश की तीन प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की बात करें तो अभी तक प्रतापपुर विधानसभा से सिर्फ जनता कांग्रेस जोगी ने ही डॉ. नरेंद्र प्रताप सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है,भाजपा और कांग्रेस अपने पुराने उम्मीदवारों को टिकट देने को लेकर संशय में दिख रही हैं।

भाजपा की बात करें तो प्रदेश के गृहमंत्री और दूसरी बार विधायक चुनकर आये रामसेवक पैंकरा वर्तमान में भाजपा के प्रतापपुर विधानसभा से विधायक हैं जो पांच बार चुनाव लड़ने के बाद दो बार जीतकर आये हैं तो तीन बार चुनाव हारे हैं।उनकी फिर से टिकट को लेकर संशय बना हुआ है और भाजपा के हवाले से सूत्र बताते हैं कि उनकी इस बार टिकट कटने की पूरी संभावना है क्योंकि क्षेत्र से रुझान उनके पक्ष में नहीं है जिसका कारण मंत्री के तौर ओर उनका परफॉमेंस बढ़िया नहीं माना जा रहा और वे मंत्री के तौर पर आम जनता को संतुष्ट करने में नाकाम रहे हैं।सूत्रों के अनुसार भाजपा द्वारा कराए गए सभी अंदरूनी सर्वे उनकी स्थिति काफी कमजोर बता रहे हैं और तीन बार से सरकार में भाजपा इस बार कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहती जिस कारण रामसेवक पैंकरा की टिकट कटने की पूर्ण संभावना मानी जा रही है।

वर्तमान गृहमंत्री की टिकट कटने की स्थिति में भाजपा के पास यहां से चुनाव लड़ाने कोई मजबूत चेहरा भी  नजर नहीं आ रहा है जो स्थानीय हो क्योंकि क्षेत्र में हमेशा से ही स्थानीय उम्मीदवार की बातें उठती रहती हैं।भाजपा से दो नाम हैं जो स्थानीय तो नहीं हैं लेकिन बताया जाता है कि वे रामसेवक को पीछे कर अपनी टिकट के जुगाड़ में लगे हैं,एक नाम पुष्पा नेताम का है जो बलरामपुर जिला पंचायत की वर्तमान अध्यक्ष हैं तथा पूर्व मंत्री और वर्तमान राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम की पत्नी हैं,इन्हें लेकर चर्चा रहती है कि रामविचार अपनी पत्नी को यहां से टिकट दिलाने पूरा प्रयास कर रहे हैं क्योंकि खुद राज्यसभा सदस्य होने के कारण विधानसभा चुनाव लड़ने की स्थिति में नहीं हैं और भाजपा के पास पाल में चुनाव लड़ाने इनके अलावा दूसरा चेहरा भी नहीं दिख रहा है ऐसी स्थिति में सम्भावना है कि उनकी पत्नी पुष्पा  नेताम को भाजपा पाल से टिकट दे लेकिन पिछला चुनाव वृहस्पति सिंह से हारने के बाद उन्हें इस बार भी यह सीट सुरक्षित नहीं लग रही।और उन्हें प्रतापपुर विधानसभा सीट सुरक्षित महसूस हो रही है क्योंकि प्रतापपुर विधानसभा में वाड्रफनगर ब्लॉक भी है जो पहले उनके पाल विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था और दूसरा पहलू रामसवेक पैंकरा की स्थिति कमजोर होना है जिसका फायदा रामविचार नेताम उठाना चाहते हैं।

दूसरे दावेदार के रूप में विजय प्रताप सिंह का नाम आ रहा है जो भी स्थानीय नहीं वरन ओड़गी क्षेत्र से सम्बंधित हैं जहां से वे जिला पंचायत सदस्य हैं,बताया जा रहा की रामसवेक पैंकरा की टिकट कटने की सुगबुगाहट के बीच वे प्रतापपुर से अपनी टिकट पक्की करने के प्रयास में लगे हैं जिसके लिए उन्होंने अपनी लॉबिंग भी चालू कर दी है।फिलहाल उन्हें यहां का विधानसभा प्रभारी बनाया गया है जिस बहाने वे कार्यकर्ताओं के सम्पर्क में भी हैं,सूत्रों के अनुसार रामविचार नेताम जो भी अपनी पत्नी के लिए यहां से टिकट का प्रयास कर रहे हैं,खुद को टिकट न मिलने की स्थिति में विजय प्रताप के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।कांग्रेस से टिकट के लिए सबसे मजबूत दावेदार के रूप में पूर्व मंत्री और चार बार के विधायक डॉ. प्रेमसाय सिंह का नाम सामने आ रहा है,उनकी टिकट पक्की भी मानी जा रही थी लेकिन कई युवा दावेदारों के सामने आने और नए उम्मीदवार की अंदरूनी मांग के बाद उनकी टिकट पर भी संशय बना हुआ है।सूत्रों के अनुसार कांग्रेस का अंदरूनी सर्वे कांग्रेस को रामसवेक के विरोध के कारण मजबूत तो बता रहा है लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि प्रेमसाय की जगह नए चेहरे को लोग देखना चाहते हैं और उन्हें लोकसभा में भेजने के पक्ष में हैं।

प्रेमसाय सिंह की टिकट पक्की होने का कारण यह भी माना जा रहा था कि अब तक कोई मजबूत दावेदारी उनके खिलाफ सामने नहीं आ रही थी लेकिन कांग्रेस द्वारा टिकट वितरण से पहले दावेदारों से आवेदन मंगाने की प्रक्रिया के बाद कई युवा चेहरों ने अपनी मजबूत दावेदारी प्रस्तुत कर दी जिनमें सबसे मजबूत नाम जनपद सदस्य जगतलाल आयाम का माना जा रहा है जो जुझारू, तेज तर्राट होने के साथ विधानसभा में कांग्रेस के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पसंद भी हैं और आमलोगों के सम्पर्क में हैं तथा टिकट मिलती है तो जितने की क्षमता भी है।दूसरा नाम शिवभजन मरावी का है जो जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में गृहमंत्री की पत्नी के खिलाफ अपनी पत्नी को लड़ाकर जीता चूके हैं,शिवभजन मरावी को प्रतापपुर की राजनीति में तेजी से बढ़ता चेहरा माना जाता है।सरपंच संघ अध्यक्ष त्रिभुअन सिंह,कई बार के सरपंच और अपनी पत्नी को जिला पंचायत सदस्य का चुनाव जीतने वाले विद्या सागर सिंह,वाड्रफनगर में रामदेव जगते सहित कई नाम और हैं जिन्होंने टिकट की दावेदारी कर प्रेमसाय की मुसीबत बढ़ा दी है।बरहाल भाजपा कांग्रेस दोनों ने अपने उम्मीदवारों के नाम तय नहीं किये हैं लेकिन दोनों ही अपने पुराने चहेरों को लेकर खुद संशय में हैं,भाजपा के लिए लिए सबसे बड़ी परेशानी स्थानीय चेहरों का न होना है जो इस चुनाव में एक अहम मुद्दा होगा,इस स्थिति में वह रामसवेक पैंकरा पर ही फिर से दांव खेल सकती है।वहीं कांग्रेस के पास कई बड़े चहरे हैं जो स्थानीय तो हैं ही मजबूत भी हैं,प्रेमसाय सिंह को लेकर संशय की बातें तो सामने आती हैं लेकिन यह भी माना जा रहा है कि टिकट की प्रक्रिया का अंत प्रेमसाय सिंह के साथ ही हो सकता है क्योंकि प्रतापपुर में उम्मीदवार के रूप में नेता प्रतिपक्ष की पसंद खासी मायने रखती है।

डॉ. नरेंद्र की मजबूत दावेदारी से चुनाव होगा दिलचस्प

प्रतापपुर विधानसभा में अब तक भाजपा और कांग्रेस में ही सीधी टक्कर होती रही है,कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा के उम्मीदवार को यहां से जीत मिलती रही है जिसका एक बड़ा कारण इनका कोई विकल्प न होना माना जाता है लेकिन आगामी चुनाव में जोगी कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. नरेंद्र सिंह ने होने वाले चुनाव को अभी से दिलचस्प बना दिया है तथा अपनी लोकप्रियता के कारण भाजपा कांग्रेस के साथ लाकर खड़ा कर दिया है।अब चुनाव केवल भाजपा कांग्रेस के बीच नहीं वरन त्रिकोणीय होगा जिसमें डॉ. नरेंद्र भी जितने की स्थिति में हैं।इसका एक बड़ा कारण यह भी माना जा रहा है कि विधानसभा के लोग रामसवेक और प्रेमसाय सिंह दोनों को लेकर ही संतुष्ट नजर नहीं आते और इन दोनों को टिकट मिलने की स्थिति में नरेंद्र सबसे मजबूत उम्मीदवार के रूप मे सामने आ सकते हैं,टिकट बदलने की स्थिति में भी जोगी कांग्रेस के उस उम्मीदवार की स्थिति मजबूत है क्योंकि संगठन के साथ इनका खुद का क्षेत्रमें वजूद है जो प्रतापपुर विधानसभा में त्रिकोणीय स्थिति को बना रहा है।

भाजपा कमजोर,कांग्रेस के साथ जोगी कांग्रेस की स्थिति मजबूत

प्रतापपुर विधानसभा के लिए होने वाले चुनाव में जहां भाजपा की स्थिति कमजोर वहीं कांग्रेस के साथ जोगी कांग्रेस की स्थिति

बहुत मजबूत मानी जा रही है।अब तक जो भी रुझान या सर्वे सामने आ रहे हैं उनमें रामसवेक पैंकरा को उन्हीं के कार्यकर्ताओं की नाराजगी के साथ विधानसभा में आम जनता की नाराजगी भारी पड़ रही है जो रामसवेक पैंकरा के टिकट कटने की स्थिति में भाजपा को भारी पड़ सकती है।यहां भाजपा के कमजोर होने के कारण कांग्रेस के साथ जोगी कांग्रेस की स्थिति काफी मजबूत हो गई है,अंदरूनी सर्वे के अनुसार भाजपा के ही कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग इन दोनों पार्टियों के समर्थन में अंदर से खड़ा है।मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग डॉ. नरेंद्र के साथ दिखाई दे रहा है तो वहीं उन्हें कांग्रेस में टिकट फाइनल होने का इंतजार है।

हाथी, सड़क,अफसरशाही और भ्रष्टाचार सहित कई मुद्दे भाजपा पर भारी

प्रतापपुर विधानसभा के वाड्रफनगर और प्रतापपुर में कई ऐसे  गांव हैं जो विकास के दावों के बावजूद बिकास से अछूते हैं,बिजली ,सड़क,पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।अधिकारी राज और भ्रष्टाचार दोनों ही ब्लॉकों में चरम पर है जो आम आदमी के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।जंगली हाथियों की समस्या दोनों ब्लॉकों के लिए सबसे बड़ी है,जनहानि के साथ बड़े पैमाने पर फसलों और घरों को नुकसान के बावजूद सरकार और गृहमंत्री की चूप्पी के साथ राहत के नाम पर दिखावा आम आदमी की नाराजगी का बड़ा कारण है।प्रतापपुर क्षेत्र में घाट पेंडारी,जजावल घाट,शक्कर कारखाना में किसानों मजदूरों का शोषण व भ्रष्टाचार,अम्बिकापुर सड़क,हाथियों का उत्पात और इनके नाम पर भ्रष्टाचार,राजपुर सड़क,डोमहत सड़क,महान नदी पर पूल,शौचालय निर्माण में भ्र्ष्टाचार,अधिकारी राज सहित अन्य ऐसे कई मुद्दे हैं जो भाजपा पर भारी पड़ने वाले हैं और जिनका सीधा असर चुनाव में दिखने वाला है।

कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नेताओं को पड़ रही भारी

किसी भी चुनाव में राजनीतिक दल् का कार्यकर्ता ही उसकी सबसे मजबूत कड़ी होते हैं जो चुनाव में जीत दिलाते हैं,भाजपा की बात करें तो कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग रामसेवक पैंकरा से नाखुश दिखता है जिनका आरोप है कि वे उनकी उपेक्षा करते हैं तथा कुछ विशेष् लोगों को ही तबज्जो देते हैं,उनपर प्रतापपुर की बजाए सूरजपुर को ज्यादा तबज्जो देने के आरोप भी लगते हैं।इसी तरह प्रेमसाय को लेकर भी उनके बहुत से कार्यकर्ताओं की सोच है जिन पर प्रतापपुर की बजाए अम्बिकापुर के लोगों को तबज्जो देने के आरोप लगते हैं।कार्यकर्ताओं की उपेक्षा इन नेताओं पर भारी पड़ रही जिस कारण कार्यकर्ताओं का एक बड़ा वर्ग इन्हें टिकट न दे नए उम्मीदवार की मांग करने लगा है।हालांकि प्रेमसाय सिंह अब लंबे समय से कार्यकर्ताओं के बीच नजर आते हैं,कार्यकर्ताओं का साथ भी उन्हें मिलने लगा है और भाजपा के बाहर के बड़े लीडर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को करीब लाने का प्रयास कर रहे हैं जिसका कोई खास असर होता नजर नहीं आ रहा है।

निर्दलीय के साथ अन्य कई पार्टियों से होंगे प्रत्याशी

प्रतापपुर विधानसभा से भाजपा,कांग्रेस और जोगी कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी,गोंडवाना गणतंत्र पार्टी,समाजवादी,बसपा सहित अन्य कुछ पार्टियां भी अपना अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं।जिनके अलावा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी एक पूरी फौज रहती है जिन्होंने अपने अपबे स्तर पर चुनाव की तैयारी प्रारम्भ कर दी है जो किसी भी जीतते हुए उम्मीदवार का समीकरण बिगाड़ने के लिए तैयार बैठे हैं।

 
Amit shah : भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष 22 को रायपुर दौरे पर

रायपुर। प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियां सक्रिय हो गई हैं। पिछले दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के रायपुर प्रवास के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष 22 अगस्त को रायपुर आ रहे हैं। 

भारतीय जनता पार्टी के शक्तिकेंद्र स्तरीय कार्यकतार्ओं के  प्रांतीय सम्मेलन रायपुर में आयोजित है। इस कार्यक्रम में  भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन देंगे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कोशिक ने इस  सम्मेलन के संचालन के लिए  राजेश मूणत को संयोजक नियुक्त किया है । उक्त जानकारी भाजपा के मीडिया प्रभारी नलिनेश ठोकने ने दी है। 

 Ajit Jogi : अजीत जोगी 23 पारंपरिक नाच-गाने के साथ 23 अगस्त निकलेगें विजय रथ के साथ 

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी 23 अगस्त को दोपहर 1 बजे रायपुर ग्रामीण विधानसभा अंतर्गत मां बंजारी मंदिर भनपुरी से पूजा अर्चना कर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में विजयी होने की कामना लेकर विजय रथ में सवार होकर विजय यात्रा पर निकलेगें । विजय रथ का समापन   28 अगस्त को कोटा विधानसभा के महामाया मंदिर प्रांगण में संध्या 6 बजे महाआरती के साथ समाप्त होगी। 

जनता कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता संजीव अग्रवाल ने बयान जारी कर बताया कि  विजय रथ रायपुर ग्रामीण, धरसींवा, भाटापारा, आरंग, बलौदाबाजार, कसडोल, मस्तुरी, बिलासपुर, बेलतरा और कोटा विधानसभा के 10 विधानसभा में विजय यात्रा सड़क मार्ग से करेगें। इस दौरान सभी कस्बों एवं गांव में विशाल रोड शो के साथ अपने विजय रथ से दो दर्जन से अधिक आमसभा को ंबोधित  करेगें।  इस दौरान अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के दों पवित्र महानदी और शिवनाथ नदी के कछारों में पड़ने वाले स्थित गांवों में नदी की महाआरती भी करेगें एवं प्रण लेगें कि हम इन नदियों की रक्षा करेगें एवं इन नदियों का एक-एक बूंद पानी का उपयोग मात्र छत्तीसगढ़वासी ही अपने पेयजल, सिंचाई और अपने निस्तारी के लिए उपयोग करेगें।  जोगी के विजय यात्रा में जनता कांगे्रस छत्तीसगढ़ (जे) के पदाधिकारी, कार्यकर्ता बड़ी संख्या में वाहनों के साथ, पंथी और सुआ नृृत्य भी साथ लेकर चलेगें। 

 

Assembly Election : एनएसयूआई के 5 उम्मीदवारों को मिलेगा कांग्रेस से टिकट
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने भी दिए संकेत, नामों का नहीं किया खुलासा
Assembly Election: छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच भी उतारेगी विधानसभा चुनाव में अपना प्रत्याशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला लिया है। हालांकि अभी यह तय नहीं हुआ कि मंच किन-किन सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। बताया जा रहा है कि मंच चुनिंदा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अन्य सीटों उन पार्टियों को समर्थन देगी, जिनके विचार उनकी पार्टी की विचारधारा से मेल खाते हों।

स्वाभिमान मंच के स्थापना दिवस पर दुर्ग के तीर्थराज पैलेस में कार्यक्रम आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। मंच के केंद्रीय अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने कहा कांग्रेस हो या भाजपा वहां बाहरी लोगों का ही दबदबा है। श्रीगुप्त ने राजनीतिक प्रस्ताव में 1950 को आधार बनाकर राज्य के नागरिकों की रजिस्टर बनाने की मांग की गई है, ताकि यह पता चल सके कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों का लाभ कौन लोग उठा रहे हैं। स्थापना दिवस में पारित आर्थिक प्रस्ताव में विदेशी पूंजी को छत्तीसगढ़ में आमंत्रित करने और खाद्यान्न के आयात को शुल्क मुक्त करने और निर्यात पर भारी शुल्क लगाये जाने के लिए मोदी और रमन सरकार द्वारा किये गये अंतर्राष्ट्रीय संधि का तीव्र विरोध करते हुए कहा कि ऐसा होने से छत्तीसगढ़ के किसान तबाह और बर्बाद हो जाएंगे।

मंच के केंद्रीय अध्यक्ष राजकुमार गुप्त की अध्यक्षता और मंच के संस्थापक संयोजक आईएस मनु के आतिथ्य में आयोजित स्थापना दिवस कार्यक्रम की शुरूआत छत्तीसगढ़ महतारी और स्व.ताराचंद साहू की पूजा से की गई।

मंच के स्थापना दिवस कार्यक्रम में अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने उन परिस्थितियों का उल्लेख किया जिनके कारण अनेक लोग भाजपा, कांग्रेस या अन्य दलों में चले गए, मंच के सदस्यों को हौसला बनाये रखते हुए छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ी और छत्तीसगढ़ियों के हितों के लिये कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा राज्य के श्रमिकों के लिए न्यूनतम पारिश्रमिक केंद्र के बराबर करने की मांग भी की गई है।

 

 

 

BJYM Meeting: भाजयुमो की बैठक शुरू, अमित शाह के स्वागत और चुनावी रणनीतियों पर हो रही चर्चा 

रायपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में अमित शाह के कार्यक्रम को सफल बनाने और आगामी  विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा होगी। 22 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह छत्तीसगढ़ के दौरे पर आने वाले हैं। भाजयुमो श्री शाह के स्वागत के लिए विशाल बाइक रैली समेत अन्य आयोजन पर बड़ी भूमिका निभाएगी। साथ ही आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं को जुटाने का लक्ष्य भी दिया जाएगा। युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजयुमो के एक-एक कार्यकर्ता को बड़ी भूमिका निभाना है। प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में जुट जाएं। हमें हर हाल में चौथी बार प्रदेश में सरकार बनानी है। इसकी अहम जिम्मेदारी हम युवाओं पर हैं। 

 

बता दें कि इससे पहले अमित शाह अंबिकापुर आए थे। उन्होंने वहां रैली भी निकाली थी। इसके बाद उनका रायपुर में सभा का आयोजन पूरी तरह से आगामी विधानसभा चुनाव मतदाताओं को रिझाने के लिए होगा। इस आयोजन के साथ ही कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया जाएगा। 

प्रदेश के तमाम बड़े नेताओं ने पहले हुए कई बैठकों में यह बात कह चुके हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में बूथ, यूथ और सोशल मीडिया के सहारे लड़ा जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने के लिए किसान, मजदूर और महिला को साधने की जरुरत पर बल दिया जा रहा है। युवा मोर्चा को जिम्मेदारी दी गई है कि वह फिल्ड पर उतर कर समाज के तमाम वर्गों से संपर्क व संवाद कायम करें। सरकार की योजनाओं को आम लोगों तक पहुंचाएं। इन योजनाओं का पात्र हितग्राहियों को लाभ पहुंचाएं। ऐसे ही तमाम बिंदुओं पर आज भाजयुमो की बैठक में चर्चा की जा रही है। 

Jogi Congress : जनता कांग्रेस पंचायती राज के प्रदेश अध्यक्ष ने थामा कांग्रेस का हाथ, जोगी कांग्रेस को लगा झटका

गरियाबंद। प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी संगठन को मजबूत करने और विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने एड़ी चोटी एक कर रहे है वही एक बड़ी खबर ने गरियाबंद जिला व महासमुंद लोकसभा सहित जोगी कांग्रेस में हड़कंप मचा दिया है दरसअल बड़ी खबर ये है कि छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के पंचायतीराज प्रदेश अध्यक्ष राकेश तिवारी ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है।

राहुल गांधी के समकक्ष कांग्रेस का थामा दामन

राकेश तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मुख्य आतिथ्य में 10 अगस्त 2018 में सम्पन्न हुवे प्रदेश कांग्रेस पार्टी कार्यालय के उद्धाटन समारोह में के दौरान कांग्रेस का दामन थामा है, इस दौरान कांग्रेस के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे ।

जोगी कांग्रेस को बड़ा झटका

कांग्रेस में शामिल हुए राकेश तिवारी ने बताया कि उनके सामिल होते ही राजिम व बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तकरीबन500 से अधिक जोगी कांग्रेस कार्यकर्ता व पदाधिकारी भी कांग्रेस में सम्मलित होने के तैयारी में है जिससे कांग्रेस की संगठन और भी मजबूत हो सकती है तो वही जोगी कांग्रेस राजिम विधानसभा मे कमजोर हो सकती है ।

सत्तासिन भाजपा सरकार को वर्तमान चुनाव में परास्त करने कांग्रेस पार्टी एक मात्र विकल्प है :- राकेश तिवारी

छत्तीसगढ़ जनता काग्रेस के पंचायती राज प्रदेश अध्यक्ष राकेश तिवारी ने स्वस्फूर्त होकर काग्रेस में शामिल हुए,शामिल होने का कारण बताते हुए राकेश तिवारी ने बताया कि सत्तासिन भाजपा सरकार को वर्तमान चुनाव में परास्त करने कांग्रेस पार्टी एक मात्र विकल्प है । तिवारी का कहना है वे सोचे थे कि आगे जोगी कांग्रेस और  कांग्रेस का गठबंधन हो जाएगा लेकिन दोनों पार्टी की दूरियां काफी बढ़ गई और न अब गठबंधन होने का कोई असर नजर आ रहा  है । ऐसे में मत विभाजन से भाजपा की सरकार फिर से आ सकती है लेकिन उन्हें लगा कि भाजपा को खदेड़ कर कांग्रेस ही प्रदेश में सरकार बना सकती है जिसके वजह से कांग्रेस की संगठन को मजबूत करने वे कांग्रेस का दामन धामा है ।

जनता कांग्रेस में मचा हड़कंप, कांग्रेस को हुआ बड़ा फायदा ।

आप को बता दे कि राकेश तिवारी जिला गरियाबंद के फिंगेश्वर के निवासी है जो पहले कांग्रेस पार्टी के दमदार सक्रिय नेता थे लेकिन अचानक लगभग 1-2 साल पहले कांग्रेस को छोड़ कर जोगी कांग्रेस का दामन थाम लिया था, जिसके बाद ख़बर ये भी थी कि राजिम विधानसभा चुनाव में जोगी पार्टी से टिकट की दावेदारी की लिस्ट में नाम सुर्खियों में बना रहा, राकेश तिवारी ने जोगी कांग्रेस के लिए बड़ी मेहनत भी की है लेकिन अचानक कांग्रेस का दामन थामने से जोगी कांग्रेस को बड़ा झटका तो हुआ है वही राजनीतिक गलियारों में भी गहन चर्चा का  विषय ये भी बना हुआ है की कही और बड़े कार्यकर्ता जोगी कांग्रेस को बाय बाय न कर दे और कांग्रेस में सामिल हो जाये । हाला की ये वक्त बताएगा,  संकेत ये भी है राकेश तिवारी के कांग्रेस में शामिल होने से बड़ी तदात में जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल होने को बड़ी संभावनाएं है । ऐसे में कांग्रेस को एक बड़ा फायदा विधानसभा चुनाव से पहले होते नजर आ रहा है । राकेश तिवारी के अचानक जोगी पार्टी से बाय बाय कर कांग्रेस प्रवेश के बाद जोगी कांग्रेस के नेताओ का क्या प्रतिक्रिया सामने आता है ये देखना दिल चस्प होगा।

 
BSP : बसपा 30 अगस्त तक दावेदारों की सूची तैयार कर प्रत्याशी चयन करेगी 

रायपुर। राज्य गठन के बाद भाजपा, कांग्रेस के बाद प्रमुख पार्टी के रूप में बहुजन समाज पार्टी रही है। इस बार विधानसभा चुनाव में किंग मेकर बनकर तीसरी शक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापीत करने पार्टी कार्यकर्ता चुनाव तैयारी में अभी से जुट गई है। इसी कड़ी में आज प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में बहुजन समाज पार्टी का बूथलेबल से लेकर ब्लाक स्तर के पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पार्टी के नेताओं ने सभी कार्यकर्ताओं को चुनाव तैयारी में जुटने का आव्हान किया। 

रायपुर जिला की बैठक में विधानसभा कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं रायपुर शहर के कमेटी के सभी पदाधिकारी उपस्थित हुए। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी विधानसभा की तैयारियों को लेकर 17 अगस्त से 30 अगस्त तक विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर विधान सभा , सेक्टर, बूथ, वार्ड कमेटियों के प्रभारियों व सदस्यों की बैठक होगी। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा से कम से कम 4 दावेदारों की नामों की सूची 30 अगस्त तक तैयार करने पर चर्चा हुई। 

बसपा सुप्रिमो मायावती ने इस बार प्रत्याशी चयन के लिए पार्टी के मिशनिरी व जमीनी कार्यकतार्ओं जो चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक हैं उनको टिकट देने की रणनीति पर कार्य करने का निर्देश दिया है। वहीं चुनाव को लेकर संगठन की ताकत को मजबूत करने बूथ स्तर की कमेटी में 23 सदस्यों वाली टीम की सूची तैयार करना है। इसके अलावा सेक्टर व वार्ड कमेटी में 18 सदस्यों की सूची तैयार करना है।

बैठक में केंद्र की मोदी सरकार पर निष्क्रियता पर सवाल खड़ा किया गया। शेल्टर होम में बेटियों केसाथ हो रहे रेप की घटना पर पार्टी ने चिंता जताई और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की निष्क्रियता पर रोष प्रकट किया।  जिलाध्यक्ष बसंत कोसले ने राज्य  सरकार की मोबाइल बांटने की योजना को गरीबों के साथ छलावा बताया। बसपा जिलाध्यक्ष के मुताबिक राज्य सरकार चुनाव के समय लोगों को मोबाइल बांट कर भाजपा को वोट देने लालच दे रही है। बसपा नेताओं ने बारत  निर्वाचन आयोग  से ईवीएम मशीन की जगह वैलेट पेपर से वोटिंग कराने की मांग की है। बैठक में बसपा नेता अधिवक्ता संजय गजभिए , उमेश मानिकपुरी, जिला अध्यक्ष बसंत कोसले, शहर अध्यक्ष विजय शेंडे,

महासचिव अरुण बागडे, सचिव लक्ष्मी कांत भी शामिल रहे।  बैठक राजेन्द्र नगर स्थित सतनाम भवन में आयोजित की गई। 

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