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15-03-2020
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने किया नई पार्टी का एलान, कई बड़े नेता हुए शामिल

नई दिल्ली। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अपनी नई पार्टी (आजाद समाज पार्टी) का एलान कर दिया है। जानकारी के मुताबिक 28 पूर्व विधायकों और 6 पूर्व सांसद भी पार्टी में शामिल हुए हैं। कार्यक्रम के आयोजन से पहले ही रविवार सुबह अनुमति को लेकर कार्यक्रम स्थल का माहौल बिगड़ गया था। रविवार सुबह जब भीम आर्मी के कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे, तो पुलिस की ओर से अनुमति ना होने की बात कहकर गेस्ट हाउस का ताला बंद कर दिया गया। हालांकि कुछ देर के लिए माहौल बिगड़ गया, लेकिन समझाने-बुझाने के बाद ताला खोलकर कार्यकर्ता हॉल में बैठ गए। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देश के कई राज्यों से भीम आर्मी समर्थक आए। चंद्रशेखर का यह कदम साल 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पश्चिमी यूपी की राजनीति में एक नया समीकरण बना सकता है। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर सहारनपुर में दलित और ठाकुरों में टकराव के बाद चर्चा में आए थे। सहारनपुर जेल से रिहा होने के बाद वे लगातार केंद्र व यूपी सरकार को चुनौती दे रहे हैं। भीम आर्मी के मेरठ जिलाध्यक्ष विकास हरित ने बताया कि पार्टी की घोषणा का कार्यक्रम दिल्ली में होना था। जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को जुटना था। लेकिन कोरोना वायरस के अलर्ट के चलते उन्हें दिल्ली में अनुमति नहीं मिली। इसके बाद नोएडा में कार्यक्रम निर्धारित किया गया। 

 

06-03-2020
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया की हुई शुरुआत, छत्तीसगढ़ में दो सीटों पर चुनाव, 26 को मतदान

रायपुर। राज्यसभा की 55 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत आज 6 मार्च से हो गई है, वहीं 26 मार्च को मतदान होना है। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होगा। राज्यसभा सदस्य मोतीलाल वोरा और रणविजय सिंह जूदेव का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त होने वाला है। प्रदेश में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सीट बढ़ने पर उनका पलड़ा भारी है। बता दें कि 6 मार्च को प्रक्रिया की शुरुआत हुई है। नामांकन प्रक्रिया 13 मार्च तक चलेगी। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल किए जा सकते हैं। 16 मार्च को नामांकन की जांच होगी। नाम वापसी के लिए 18 मार्च अंतिम तारीख है, वहीं 26 मार्च को मतदान की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।

05-03-2020
अनियमित कर्मचारियों ने लगाया सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, 17 को विधानसभा घेराव

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर अनियमित कर्मचारियों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। प्रदेश भर के अनियमित कर्मचारी 17 मार्च को विधानसभा का घेराव करेंगे। विधानसभा चुनाव के पूर्व नियमितिकरण का वादा पूरा नहीं करने का आरोप कर्मचारियों ने लगाया है। छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगीतिशील कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बजरंग मिश्रा ने कहा कि 3 मार्च को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया था। बजट में वादे के अनुरूप अनियमित कर्मचारियों के लिए प्रावधान नहीं किए जाने से कर्मचारियों का भविष्य अंधकार में जाता दिख रहा है। जबकि घोषणा पत्र में किए वादे के अनुसार अनियमित कर्मचारियों को नियमित किए जाने और छटनी नहीं किए जाने का वादा किया गया था।

मिश्रा ने कहा कि इसके विपरीत लगातार अनियमित कर्मचरियों की छटनी जारी है। अनियमित कर्मचारियों की मांगों पर सरकार उदासीन नजर आ रही है। सरकार का दूसरा बजट था जोकि 1 लाख करोड़ से ज्यादा का होने के बावजूद भी इसमें अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण किये जाने बजट में कोई प्रावधान नहीं किया गया। सरकार बनने के बाद कहा गया था कि वर्ष 2019 किसानों का,अगला वर्ष कर्मचारियों के लिए होगा। लेकिन इस विशाल बजट में अनियमित कर्मचारियों के लिए कुछ नहीं किया गया। इसके बाद सर्वसम्मति से 17 मार्च को विधानसभा घेराव किये जाने का निर्णय लिया गया है।

 

23-02-2020
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

कोंडागांव। विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश कांग्रेस द्वारा घोषणापत्र में वादा किया गया था सरकार बनने पर सभी अधिकारी कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान दिया जाएगा, लेकिन सरकार बनने के 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार इस पर गंभीरता पूर्वक कोई विचार नहीं कर रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष ब्याप्त होता जा रहा है। राज्य कर्मचारियों की वेतन विसंगति की इस समस्या के निराकरण के लिए 3 वर्ष पूर्व प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया गया था। आयोग ने अगर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और यदि आयोग ने प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया है तो उसे शीघ्र प्राप्त कर कर्मचारियों के हित की अनुशंसा को लागू किया जाए। लिपिक सहित सभी संवर्गों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए, महंगाई सूचकांक के आधार पर कर्मचारियों को देय 5% महंगाई भत्ते का आदेश शीघ्र जारी का राहत प्रदान की जाए।

कर्मचारियों को पुनरीक्षित वेतनमान के अनुसार प्रासंगिक भत्तों का पुनरीक्षण नहीं किया गया है। नए वेतनमान के अनुरूप इन भक्तों को पुनरीक्षण किया जाए साथ ही छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पदस्थ कर्मचारियों को नक्सल प्रोत्साहन भत्ता वेतन का 30% दिया जाय। 1 वर्ष से सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है इसे लागू किया जाए। साथ ही रिक्त पदों पर अनियमित कर्मचारी जो कि कार्य कर रहे हैं नियमित किया जाए, साथ ही अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण हेतु 10% पद की शर्त  को शिथिल किया जाए। विधानसभा चुनाव पूर्व पार्टी घोषणा पत्र में कर्मचारियों से किए गए वादों को निभाने एवं लंबित उल्लेखीत मांगों के निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार 22 फरवरी को प्रांत व्यापी ध्यानाकर्षण आंदोलन को सफल बनाते हुए सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

22-02-2020
सभा के दौरान दो राकांपा नेताओं के समर्थक भिड़े, सुप्रिया सुले ने लगाई फटकार

औरंगाबाद। महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के पैठण शहर में राकांपा सांसद सुप्रिया सुले को उस समय गु्स्सा आ गया जब उनके भाषण के दौरान 2 राकांपा नेताओं के समर्थक ने एक-दूसरे के सामने आ गए और नारेबाजी करने लगे। सुप्रिया ने कार्यकर्ताओं को जमकर फटकार लगाई। बारामती से सांसद सुले जब पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थीं तभी पार्टी नेता दत्ता गोर्डे के समर्थक और पूर्व विधायक भाऊसाहब वागचुरे के समर्थक आमने-सामने हो गए। गोर्डे 2019 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। दोनों धड़ों ने एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी,जिससे सुले का भाषण प्रभावित हुआ। इस पर सुले ने दोनों समूहों के कार्यकर्ताओं को शांत किया। नारेबाजी खत्म होने पर सुले ने अपना भाषण जारी रखा और पार्टी कार्यकर्ताओं के इस व्यवहार के लिए उन्हें फटकार लगाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा,'राकांपा प्रमुख शरद पवार ने पार्टी को खड़ा करने के लिए अथक प्रयास किए हैं। अगर पार्टी कार्यकर्ताओं ने फिर से ऐसा बर्ताव किया तो उन्हें मेरा सामना करना होगा।'

 

17-02-2020
पुराने चेहरों से ऊब चुके कार्यकर्ताओं में विजय बघेल का नाम आते ही उत्साह की लहर, अनहोनी नहीं हुई तो अध्यक्ष बनना तय

रायपुर। लोकसभा चुनाव को अगर छोड़ दिया जाए तो हर चुनाव में मुंह की खाने वाली भाजपा बुरी तरह निराश और निष्क्रिय नजर आ रही है। बड़े-बड़े मुद्दों पर कार्यकर्ताओं की खामोशी एक प्रकार से नेतृत्व के नहीं होने का संकेत दे रही है। ऐसे में कांग्रेस का हर चुनाव जीतना संयोग नहीं लगता है। कांग्रेस का नेतृत्व आज भी आक्रामक है और भूपेश बघेल मुख्यमंत्री होने के बाद भी संगठन और सत्ता दोनों को आक्रमक दिशा देने में सफल रहे हैं। विधानसभा चुनाव के बाद से जहां कांग्रेस का ग्राफ ऊपर उठता चला जा रहा है। भाजपा का ग्राफ लगातार नीचे आ रहा है। भाजपा के अंदर की गुटबाजी अब खुलकर सामने आ गई है और अंतरकलह से जूझ रही भाजपा लगातार कमजोर होते जा रही है।

नगरीय निकाय चुनाव में बुरी तरह हुई हार भाजपा के शहरी क्षेत्रों में मजबूत होने के दावे की पोल खोल गई और ग्रामीण क्षेत्रों में तो जैसे भाजपा का अब कोई नामलेवा नहीं रह गया है। लगातार पलायन हो रहा है भाजपा से कांग्रेस की ओर और ऐसे में संगठन में फेरबदल के जो भी संकेत आ रहे थे वह उत्साहजनक तो कतई नहीं माने जा सकते थे। वही घिसे पिटे चेहरे जो हार के जिम्मेदार थे उन्हीं का नाम बार-बार सामने आना कार्यकर्ताओं के लिए और निराशा का सबबा बना हुआ था। अब एक बार फिर संगठन में नेतृत्व के लिए नया नाम सामने आया है जो कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह लेकर आया है। सांसद विजय बघेल भी अपनी सादगी के लिए पहचाने जाते हैं और जमीन से जुड़े होने के कारण कार्यकर्ताओं के लिए सहज सरल उपलब्ध रहते हैं। विजय बघेल भाजपा में अचानक सामने आए फाइवस्टार कल्चर के विपरीत हैं और कार्यकर्ताओं के बेहद करीब। ऐसे में विजय बघेल का नाम  सामने आते ही उत्साही कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई तक दे डाली। इस बात का विजय बघेल ने खंडन तो जरूर किया लेकिन पार्टी सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक विजय बघेल का जनाधार लोकप्रियता और जुझारू पर उनके लिए प्लस पॉइंट माने जा रहे हैं। बहरहाल विजय बघेल पार्टी अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हो गए हैं और उनका अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है अगर कोई अनहोनी नहीं हुई तो।

14-02-2020
हवाई पट्टी पर बंदूक उठाने वाला आरक्षक बरी

छिन्दवाड़ा। विधानसभा चुनाव से पूर्व में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पर हवाई पट्टी में बंदूक उठाने के मामले मै निलंबित पुलिस आरक्षक रत्नेश पवार को न्ययालाय द्वारा आरोप सिध्द नहीं होने पर बरी कर दिया गया। गौरतलव है कि निलंबित पुलिस आरक्षक रत्नेश पवार पर वर्ष 2017 मै प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के उपर बंदूक तानने के मामले में खासा तूल पकडा था। इस पर पुलिस ने मामला पंजीबध्द कर इसे न्ययालाय के समक्ष प्रस्तुत किया था। न्यायाधीश अरविंद गोयल ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी आरक्षक को दोषमुक्त कर दिया है। रत्नेश पर हवाई पट्टी पर सर्विस बंदूक उठाने के मामले में अपराध पंजीबध्द किया गया था।  इसे पैरवी के बाद तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायालय द्वारा बरी कर दिया। इसकी पैरवी अधिवक्ता अनुपम गढेवाल, निपुण गढेवाल, अजय पालीवाल के द्वारा की गई। 

अरविंद वर्मा की रिपोर्ट 

14-02-2020
कवासी लखमा के बेटे निर्विरोध चुने गए सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष  

सुकमा। प्रदेश के उद्योग मंत्री कवासी लखमा के बेटे ने सुकमा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीत लिया है। हरीश कवासी निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए हैं। सुकमा के दो जनपद और जिला पंचायत पर कांग्रेस का कब्जा हो चुका है। इस तरह विधानसभा चुनाव में बस्तर में कांग्रेस के परचम लहराने के बाद पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस ने अपना कब्जा बरकरार रखा है।

13-02-2020
देर से सही मगर बेहद जरूरी निर्देश दे दिए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनैतिक पार्टियों को, ये हंटर शायद काम कर जाए

रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राजनैतिक पार्टियों से आपराधिक रिकार्ड वालों को टिकट देने का कारण पूछा है और सभी ऐसे प्रत्याशियों का क्रिमिनल रिकार्ड भी मांग है और उसे सर्वजनिक करने के भी लिया कहा है। हालांकि सारे चुनाव लगभग निपट चुके है फिर भी बिहार और बंगाल राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है। अगर राजनैतिक पार्टिया ईमानदारी से सुप्रीम कोर्ट के राजनीति से गंदगी साफ करने वाले कदम का समर्थन करती है तो हो सकता है राजनीति के शुद्धिकरण का श्रीगणेश हो जाये। ये शायद इस लोकतंत्र की जड़ो में लग रहे दीमक की रोकथाम करने का सबसे कारगर उपाय साबित होगा। बहरहाल सुप्रीम कोर्ट ने हंटर तो चला दिया है पर बेशर्मी में गेंडे को मात देने वाले नेताओं की मोटी चमड़ी पर कितना असर करेगी ये तो वक़्त ही बताएगा।

11-02-2020
ये मेरी नहीं दिल्लीवासियों की जीत है : अरविंद केजरीवाल 

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव की मतगणना जारी है। रूझानों में आप पार्टी अन्य विरोधी पार्टियों से आगे चल रही है। इस जीत के बाद अरविंद केजरीवाल  ने कार्यकर्ताओं को धन्यवाद कहा है। केजरीवाल ने कहा, सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद, उन्होंने रात दिन मेहनत की। मेरे परीवार ने भी खूब मेहनत की और आज मेरी पत्नी का जन्मदिन भी है। केजरीवाल ने कहा, नई राजनीति देश के लिए शुभ संदेश है। उन्होंने कहा कि नई राजनीति देश के लिए शुभ संदेश है। दिल्ली ने नई राजनीति को जन्म दिया। सीएम केजरीवाल ने कहा कि सभी दिल्लीवासियों की जीत है। दिल्ली ने तीसरी बार बेटे पर भरोसा जताया है।

11-02-2020
जीत और जन्मदिन की खुशी एक साथ मना रहे अरविंद केजरीवाल, आप कार्यालय में काटा गया केक

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार को आ गए और एक बार फिर आम आदमी पार्टी को जीत हासिल हुई। अरविंद केजरीवाल तीसरी बार दिल्ली के सीएम का ताज पहनेंगे। 11 फरवरी को ही केजरीवाल की पत्नी का जन्मदिन भी है, इस खुशी में आप दफ्तर में केक काटा गया। पत्नी सुनीता केजरीवाल के जन्मदिन के मौके पर चुनाव परिणाम आने के बाद आप दफ्तर में ही केक काटा गया। इस दौरान उनकी बेटी भी वहां मौजूद थीं। इसके अलावा आप नेता संजय सिंह भी उनके साथ थे। अरविंद केजरीवाल और उनकी पत्नी सुनीता ने एक-दूसरे को केक खिलाकर बधाई दी। दिल्ली चुनाव परिणाम के बाद आम आदमी पार्टियों के कार्यकर्ताओं में खासा जश्न देखा गया। सोमवार को काउंटिंग शुरू होने से पहले अरविंद केजरीवाल के निवास पर यह छोटू मफलरमैन खासा वायरल हो गया। एक छोटे बच्चे ने केजरीवाल जैसी वेशभूषा धारण कर रखी थी।

 

09-02-2020
एग्जिट पोल के बाद संजय सिंह ने कहा - स्ट्रांग रूम पर नजर रखेंगे आप कार्यकर्ता

नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के ख़त्म होते ही सभी एग्जिट पोल ने दावा किया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता राजधानी में सभी स्ट्रांग रूम के बाहर ही तैनात रहेंगे और नजर रखेंगे। आप ने कहा कि उन 30 स्ट्रांग रूम के बाहर वह अपने कार्यकर्ताओं को जहां ईवीएम मशीनें रखी गई हैं वहा खड़ा करेगी। यह कदम मंगलवार को मतगणना वाले दिन तक मशीनों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए उठाया गया है। आप के एक पदाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के साथ शनिवार रात बैठक की। बाद में आप नेता संजय सिंह ने बताया कि पार्टी के कार्यकर्ता पूरी राष्ट्रीय राजधानी में स्ट्रांग रूम के बाहर ही मौजूद रहेंगे और नजर रखेंगे।

संजय सिंह ने ईवीएम की सुरक्षा पर उठाए सवाल

हर बार चुनाव में ईवीएम की चर्चा जरूर होती है। दिल्ली चुनाव में भी वोटिंग के बाद अब ईवीएम का मुद्दा उठ चुका है। बीजेपी की तरफ से ईवीएम का बहाना न ढूंढने की बात कही गई तो आम आदमी पार्टी की तरफ से ट्वीट करके ईवीएम की सुरक्षा पर चिंता जताई जाने लगी। आप नेता संजय सिंह ने ईवीएम की सुरक्षा पर उठाए सवाल हैं।

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