GLIBS
12-03-2019
Video : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ली राजनीतिक दलों की बैठक

रायपुर। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने मंगलवार को राजनीतिक दलों की बैठक ली। इस दौरान बैठक में भाजपा, कांग्रेस व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता शामिल हुए। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने बताया कि सभी प्रत्यशियों को नामांकन भरने से पहले अकाउंट खुलवाना है। इससे चुनाव से जुड़े सभी खर्चे इसी अकाउंट से किया जाएगा। वहीं सभी राजनीतिक दलों के लोगों ने अपनी बात सुब्रत साहू के समक्ष रखी और हाल में हुए विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण कराने के लिए धन्यवाद दिया।

 

12-03-2019
ऐसे समझें..., जब रायपुर लोकसभा सीट से धराशायी हुए बड़े-बड़े दिग्गज

रायपुर। रायपुर संसदीय लोकसभा सीट पर पिछले छह चुनावों से भाजपा काबिज है। प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद बदले राजनीतिक हालातों में रायपुर लोकसभा सीट पर जीत बरकरार रखना आसान नहीं होगा। पिछले दो दशक से केन्द्र में सरकारें भले ही बदलती रही हो परंतु इस लोकसभा सीट पर रमेश बैस लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। बैस रायपुर संसदीय सीट से पहली बार 1989 में चुने गए। उन्हें 1991 में शिकस्त का समाना करना पड़ा था लेकिन उसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं। रायपुर लोकसभा सीट पर नजर डालें तो 1977 से हुए 11 चुनावों में एक बार जनता दल, तीन बार कांग्रेस और सात बार भाजपा का कब्जा रहा है। यह सीट 1996 से लगातार भाजपा के कब्जे में है। इस सीट से लगातार छह बार से सांसद चुने जा रहे 71 वर्षीय बैस को अविभाजित मध्यप्रदेश के समय भाजपा ने पहली बार 1984 में लोकसभा सीट के लिए मैदान में उतारा था।

उस समय उन्हें कांग्रेस की लहर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और दिग्गज नेता केयर भूषण से शिकस्त का समाना करना पड़ा था। बैस को 1991 में हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ला से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शुक्ला को जीत तो हासिल हुई लेकिन बैस ने उन्हें कड़ी टक्कर दी और महज 959 मतों से वह चुनाव हार गए। कद्दावर नेता विद्या चरण शुक्ला को बड़ी टक्कर देने की वजह से हार के बावजूद वह वे चर्चित हो गए। आपातकाल के बाद 1977 में हुए आम चुनाव में इस सीट पर जनता दल के टिकट पर पुरूषोत्तमलाल कौशिक निर्वाचित हुए थे। उन्होने आपातकाल में काफी चर्चित रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता विद्याचरण शुक्ला को लगभग 83 हजार मतों से शिकस्त दी थी। समाजवादी नेता कौशिक इस जीत के बाद केन्द्र में मंत्री भी बने। वर्ष 1980 में हुए चुनाव में कांग्रेस के केयरभूषण ने निर्दलीय पवन दीवान को 66 हजार से अधिक मतों से हराया। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के निधन के बाद 1984 में हुए चुनाव में कांग्रेस के केयर भूषण ने भाजपा के रमेश बैस को एक लाख से अधिक मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1989 में पिछली हार का अपना हिसाब चुकता करते हुए कांग्रेस के केयर भूषण को लगभग 84 हजार मतों से शिकस्त दी।

1991 में हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ला ने भाजपा के रमेश बैस को कड़े मुकाबले में 959 मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1996 में कांग्रेस के धनेन्द्र साहू को 50 हजार से अधिक मतों से हराया। 1998 में हुए चुनाव में बैस ने कांग्रेस के विद्याचरण शुक्ला को 83 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। बैस ने 1999 में फिर हुए मध्यावधि चुनाव में कांग्रेस के जुगुलकिशोर को 80 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। मध्यप्रदेश के विभाजन के बाद नवंबर 2000 में छत्तीसगढ़ अस्तित्व में आया और 2004 में पहली बार हुए संसदीय चुनाव में  बैस ने कांग्रेस के कद्दावर नेता एवं अविभाजित मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे श्यामाचरण शुक्ला को शिकस्त दी। 2009 में हुए आम चुनाव में बैस ने कांग्रेस उम्मीद्वार भूपेश बघेल को शिकस्त दी। बघेल वर्तमान में राज्य के मुख्यमंत्री हैं। लोकसभा के 2014 में हुए आम चुनाव में भाजपा ने फिर बैस को मैदान में उतारा। बैस ने इस चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज सत्यनारायण शर्मा को लगभग पौने दो लाख मतों से करारी शिकस्त दी। सात बार सांसद रहे और लगातार छह बार से चुनाव जीत रहे बैस को भाजपा लगातार 10वीं बार उम्मीद्वार बनाती है तो यह भी एक रिकॉर्ड होगा।

05-03-2019
CM Bhupesh Baghel : मुख्यमंत्री बघेल आज करेंगे बिलासपुर का दौरा
जोगी के गढ़ में भरेंगे गर्जना, नए संगठनों का करेंगे आगाज
23-02-2019
पश्चिम विधानसभा की समस्याओं से निपटने खुद निकले विकास उपाध्याय

रायपुर। विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष में रहकर विकास उपाध्याय ने आमजन की समस्याओं के लेकर सड़को पर उतरे थे। जनता की छोटी से छोटी समस्याओं के लिए उपाध्याय काफी एक्टीव मुड पर दिखते थे। इसके कारण रायपुर के सबसे ज्यादा हाईप्रोफाइल सीट पश्चिम पर राजेश मूणत को करीब 9500 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की। वर्तमान में पश्चिम के विधायक विकास उपाध्यय अभी भी उसी मुड में नजर आ रहें हैं वे इन दिनों खुद निगम के पार्षद, जोन कमिश्नर और अधिकारियों की बैठक बुलाकर निरीक्षण कर रहें हैं। 

बता दें पश्चिम विधानसभा के विधायक विकास उपाध्याय ने शनिवार सुबह गुढ़ियारी स्थित भारत माता चैक में बन रहे पानी टंकी का निरीक्षण किया एवं निगम के पार्षद,जोन कमिश्नर ओर अधिकारियों को जगह पर बुलाकर कार्य की जानकारी ली । इस दौरान उन्होंने पानी टंकी के साथ पाइपलाइन की भी जानकारी लेते हुए, गमीर्यों की पुरी तैयारी जल्द से जल्द करने अधिकारियों को कहा। 

पश्चिम के विधायक विकास उपाध्याय ने बताया कि पश्चिम विधानसभा में पानी की समस्या लगातार बनी हुई है पिछली सरकार ने भी सिर्फ भ्रष्टाचार का काम किया जनता के हित में कोई निर्णय न लेते हुए सिर्फ और सिर्फ कमीशन के चक्कर में अपना जेब भरने का काम किया है भारत माता चैक में बन रही पानी टंकी का आज वार्ड पार्षद एवं निगम के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया गया अधिकारियों को जगह पर बुलाकर उन्हें गर्मी को देखते हुए वार्ड में पानी की समस्या ना हो इसलिए इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने का कहा गया है।

 

19-02-2019
BJP : भाजपा फिर कर रही पन्ना प्रभारी फार्मूले पर भरोसा!

रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने पन्ना प्रभारी फाॅर्मूले पर भरोसा किया था। इसके तहत भाजपा बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत कर रही थी। लोकसभा चुनाव में भाजपा के इसी फाॅर्मूले पर काम करने की खबर सामने आ रही है। भाजपा अपने 15 साल के विकास और बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ को मजबूत आधार बताती रही है और लोकसभा चुनाव में भी भाजपा इसी तरह की चुनाव की तैयारियां कर रही हैं।

क्या है ये फाॅर्मूला

इस फाॅर्मूले के अन्तर्गत हर बूथ का लेखा-जोखा एक पन्ने पर होता है। मतदाता सूची के हर पन्ने पर 60 मतदाताओं के पीछे एक प्रभारी तैनात किया जाता है। इससे कार्यकर्ताओं और बूथ के बीच मजबूती निश्चित करने के लिए यह फाॅर्मूलेे को बनाया गया था। 

अमित शाह का था यह फाॅर्मूला

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस फार्मूले को विधानसभा चुनाव से पहले पांच राज्यों में जारी किया था। लेकिन यह फाॅर्मूला बुरी तरह फेल रहा। भाजपा को पन्ना प्रभारी भी नहीं जीता सके। अब लोकसभा चुनाव में इस फाॅर्मूले पर काम करके भाजपा अपनी जीत दर्ज करा पाएगी या नहीं यह देखने वाली बात होगी।

18-02-2019
Congress : कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूछे सवाल, कहा-गद्दारों का क्या होगा?

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले राजनेताओं में दल बदलने का दौरा काफी हद तक देखा गया। हाल में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीतिक सरगर्मियां तेज होनी शुरू हो गई है। ऐसे में कार्यकर्ताओं का नाराजगी जाहिर करनी लाजिमी है। जिन्होंने चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस का दामन थामा है या फिर इस लोकसभा चुनाव में थामने की सिफारिश कर रहें हैं। कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ताओ ने ऐसे नेताओं को गद्दार का नाम दिया है। आलम यह है कि कार्यकर्ता बिना नाम लिए लगातार कांग्रेस के बैठकों में आला नेताओं से सवाल कर रहें हैं। बता दें लोकसभा की चुनाव की तैयारियों के लिए कल रायपुर सीट की बैठक जिला कांग्रेस भवन में रखी गई थी। जहां कार्यकर्ताओ ने ऊंचे स्वर में प्रभारी चंदन यादव से सवाल किया था। गद्दारों का क्या? इस पर चंदन यादव ने कार्यकर्ताओं को समझाइस दी कि सभी की बातों को रखा जाएगा और आला कमान के निदेर्शों पर ही काम होगा।

सीटों की सुगबुगाहट के बीच समथकों में मनभेद

पीसीसी डेलिकेट गुरमीत कौर का कहना है कि कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं ने लिए काम किया। इसके अलावा कई कार्यकर्ता ऐसे हैं जिन्होंने आजीवन पार्टी के लिए सक्रिय रहें हैं। ऐसे में 15 साल बाद लौटी कांग्रेस के आला नेताओं से इन्हें अपेक्षाएं ज्यादा है। इसके कारण सभी बैठक में खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। जिन्हें आलाकमान सुन भी रहे हैं। उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव में हर निर्णय कार्यकर्ताओं की भागीदारी से ही ली जाएगी।

तीन फाड़ वाली स्थिति अभी भी

सूत्रों की माने तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं में अभी भी तीन फाड़ वाली स्थिति नजर आ रही है। एक तरफ टीएस सिंहदेव के समर्थक, दूसरी ओर ताम्रध्वज साहू के समर्थक, और तीसरा सबसे बड़ा समर्थक भूपेश बघेल का है। लोकसभा चुनाव होने वाले हैं परंतु अभी भी लोगों में एकमत नहीं बन पा रही है। 

इन नामों को लेकर कार्यकतार्ओं में असंतोष

कांग्रेस में शामिल होने वालों में जेसीसीजे के पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, चैतराम साहू, बालमुकुंद देवांगन और संतोष कौशिक, और विधानसभा से पूर्व कांग्रेस में शामिल हुए गजराज पगारिया  सहित कई अन्य नामों की अटकलें लगाई जा रही हैं। कहा जा रहा है कि ये सारे कांग्रेस में शामिल होने के लिए पार्टी पदाधिकारियों से संपर्क साध रहे हैं और यहीं कारण हैं कि सक्रिय कार्यकर्ताओं में असंतोष और नाराजगी दोनों है।

15-02-2019
लोकसभा चुनाव के लिए किसानों को साधने जुटी राजनीतिक पार्टियां 

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में मिले हार से अब तक छत्तीसगढ़ भाजपा उबर नहीं पाई है। वहीं यह भी बताया जा रहा है कि हाल में हुए विधानसभा चुनाव में हार का सबसे बड़ा कारण किसानों की नाराजगी भी है। किसानों के समर्थन को कांग्रेस एक मात्र जीत का कारण मान रही है। यहीं कारण है कि भाजपा जहां किसान मोर्चा के पदाधिकरियों के साथ सदस्यों को लोकसभा चुनाव के लिए प्रशिक्षित करने 24 फरवरी को गोरखपुर किसान कुभं में भेज रही है। वहीं कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी किसानों को साधने 16 फरवारी को बस्तर लोहरीगुड़ा पहुंच रहे हैं। आपकों बता दें होने वाले लोकसभा चुनाव में प्रदेश के किसान दोनों ही पार्टियों के लिए प्रमुख मुद्दा हो सकते हैं। ये पार्टियां किसानों को साधने अलग-अलग चुनावी पैंतरे आजमा रहे हैं। प्रदेश भाजपा 19 फरवरी को लोकसभा चुनाव को लेकर प्रदेशस्तरीय किसान मार्चा कर अपनी आवाज बुलंद कर सकती है। कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव जीत के तर्ज पर एक बार फिर लोकसभा चुनाव में अपना परचम लहराने की तैयारी में जुटी नजर आ रही है।

 

14-02-2019
विधानसभा चुनाव हार का बदला लोकसभा जीतकर लेंगे : गौरीशंकर अग्रवाल 

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने गुरुवार को ‘हमारा घर भाजपा का घर’ अभियान के तहत अपने घर में भाजपा का झंडा लगाकर शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव हार का बदला लोकसभा चुनाव में जीतकर लेंगे। छत्तीसगढ़ के 11 लोसकभा सीटों पर चुनाव लड़कर भारतीय जनता पार्टी जीत हासिल करेगी। लगातार भाजपा नेता लोगों से मिलकर संपर्क अभियान चला रहे हैं। 
आज के कार्यक्रम में भाजपा नेता छगन लाल मुदड़ा, सुनील सोनी समेत भाजपा नेता शामिल थे। विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय टीम देशभर में ‘हमारा घर भाजपा का घर’ कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 12 फरवरी से 2 मार्च तक कार्यक्रम किया जाना है, जिसमें 6 कार्यक्रम किया जाना है। भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए लघु विस्तार टीम बनाएगी जिसमें कम से कम समय देने वाले कार्यकर्ता शामिल होकर जनता के बीच जाकर भाजपा का प्रचार-प्रसार कर भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय योजनाओं की जानकारी देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से सासंद और विधायक छत्तीसगढ़ के सभी लोकसभा क्षेत्र में जाकर जनता से मिलकर चर्चा करेंगे और कार्यकर्ताओं के घर रहकर गांव में रात्रि बैठक भी लेंगे। गौरीशंकर अग्रवाल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो चुकी है और लगातार कार्यकर्ताओं का मंडल और बूथ स्तर की बैठक आयोजित किया जा रहा है। वहीं लोकसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं से चर्चा करने और उन्हें रिचार्ज करने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 15 फरवरी को रायपुर पहुंचने वाले हैं।

 

13-02-2019
BJP : विधानसभा में विधायकों के परफारमेंस से असंतुष्ट नजर आ रहे भाजपा के दिग्गज

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी इन दिनों लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। हाल में हुए विधानसभा चुनाव की हार से अब तक भाजपा उबर नहीं पा रही है, कहा तो यह भी जा रहा है कि विधानसभा में भाजपा के विधायकों पर वरिष्ठ नेताओं ने सहीं परफारमेंस नहीं कर पाने का आरोप लगाया है। मंगलवार रात भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत तमाम विधायक इस बैठक में शामिल रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विधानसभा में विधायकों के परफारमेंस से नाखुश हैं। इसी को लेकर यह बैठक बुलाई गई थी।

विधानसभा बजट सत्र चल रहा है जहां विधायकों को कैसे जवाब देना है इस पर भी रणनीति तैयार की गई। वहीं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 15 फरवरी को प्रदेश दौरे पर आ रहे हैं। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन की तैयारी के मुद्दा को भी शामिल किया गया था। कार्यकर्ताओं की नाराजगी कहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने खुल कर ना आ जाए पार्टी इस को लेकर भी रणनीति तैयार कर रही है। 15 साल से प्रदेश की सत्ता पर काबिज रहने वाली बीजेपी विधानसभा चुनाव 2018 में केवल 15 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। ऐसे में लोकसभा चुनाव भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण ही रहेगी। भाजपा लोकसभा चुनाव 2019 में कुछ नए चेहरे पर भी दांव खेलने की तैयारी में है। लोकसभा की 11 में से 10 सीटों पर भाजपा का वर्चस्व कायम है।

12-02-2019
मोहित केरकेट्टा ने झूठे हलफनामे के आरोपों को नकारा, कहा-राजनितिक बदले से प्रेरित 

कोरबा। विधानसभा चुनाव में उम्मीद्ववारी के दौरान निर्वाचन आयोग को सौंपे हलफनामे में कथित तौर पर अपने आपराधिक प्रकरण का जिक्र नहीं किए जाने का आरोप झेल रहे पाली-तानाखार के विधायक मोहित केरकेट्टा से मीडिया से बातचीत में कहा कि उन पर किसी भी थाने या चौकी में मामला दर्ज नहीं है उन्होंने बताया कि वह खुद आदिवासी समुदाय से हैं लिहाजा उन पर एट्रोसिटी कि धाराओं के तहत अपराध दर्ज भी नहीं किया जा सकता।

केरकेट्टा के मुताबिक आरोपों में जिस घटना दिनांक की बात की जा रही है उस तारीख को उसके घर उसकी नातिन का विवाह था उन्होंने अपने जवाब के साथ ही उच्च न्यायालय को शादी का कॉर्ड भी प्रेषित किया है जिससे इस बात की पुष्टि हो सके। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने इन आरोपों को सियासी बताया उनका मानना है की चुनावों में जीत हार लगी रहती है और इसमें जीत किसी एक की ही होती है लेकिन इस तरह के आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उनकी पार्टी ने कभी ऐसा नहीं किया।

 

12-02-2019
राजस्व मंत्री का भाजपा सांसद पर हमला, कहा- यहां से जो भी चुनाव लड़ेगा मुंह की खानी पड़ेगी

कोरबा। प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भारी भरकम जीत से साथ करीब पंद्रह साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस पार्टी का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है कांग्रेस का साफ मानना है की इस बार वह प्रदेश के सभी 11 के 11 सीटों पर जीत हासिल करेगी। यह बयानबाजी महज जुबानी नहीं है जमीनी स्तर पर भी तैयारियों की जा रही है। राष्ट्रीय नेताओ का दौरा लगातार सामने आने लगा है इसी तैयारी और रायशुमारी के लिए प्रदेश के प्रभारी सचिव अरूण उरांव ने कांग्रेस के जिला मुख्यालय में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस बैठक में राजस्व मंत्री जयसिंह के अलावा पाली-तानाखार के विधायक मोहित केरकेट्टा ले अलावा शहर कांग्रेस और ग्रामीण कांग्रेस के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

इस संबन्ध में राजस्व मंत्री जयसिंह ने बताया की पिछले चुनाव के पहले जिस तरह से अलग-अलग विधानसभाओं में संकल्प शिविर आयोजित किए गए थे उसी तरह इस बार भी कांग्रेस जनता से मिलकर उनसे चर्चा करेगी सांसद की उम्मीद्ववारी पर जयसिंह ने बताया की पार्टी के लिए जिन्होंने काम किया है पार्टी उन्हें ही टिकट देगी। हालांकि उन्होंने इस बात से साफ इंकार किया की यह बैठक उम्मीद्ववारी को लेकर की जा रही है। अग्रवाल ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि यहां से जो भी लड़ेगा उसे मुंह की खानी पड़ेगी। उन्होंने विश्वास जताया की इस बार कोरबा लोकसभा सीट से कांग्रेस के ही उम्मीद्ववार के सिर जीत का सेहरा बंधेगा। विधानसभा स्पीकर डॉ. चरणदास महंत की पत्नी ज्योत्सना महंत के उम्मीद्ववारी पर जयसिंह अग्रवाल ने कहा की यदि पार्टी को लगता है कि वह कोरबा के लिए बेहतर प्रत्याशी हो सकती हैं तो यह पार्टी को ही फैसला करना है की उन्हें टिकट दिया जाए या नहीं।

 

Advertise, Call Now - +91 76111 07804