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10-11-2020
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार में मतगणना जारी, एनडीए आगे

रायपुर/पटना। बिहार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीन चरणों में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के मतों की गणना जारी है। रुझानों में एनडीए फिर एक बार महागठबंधन से काफी आगे पहुंच गई है। हालांकि दोनों के बीच मुकाबला कांटे भरा माना जा रहा है। दोनों गठबंधन सीटों के मामले में लगातार आगे-पीछे हो रही है। 129 सीटों पर एनडीए गठबंधन आगे चल रही है। वहीं 98 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। मुख्य मुकाबला एनडीए और महागठबंधन के बीच ही है। सत्ताधारी जेडीयू और बीजेपी के अलावा एनडीए गठबंधन में जीतन राम मांझी की ‘हम’ और ‘सन ऑफ मल्लाह’ मुकेश सहनी की पार्टी व्हीआइपी शामिल है। साथ ही महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया यानी सीपीआई शामिल हैं। वहीं चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी ने एनडीए से अलग चुनाव लड़ा है।

09-11-2020
ननकीराम कंवर ने भाजपा को आइना दिखाया : कांग्रेस

रायपुर। भाजपा के प्रशिक्षण सत्र में वरिष्ठ भाजपा नेता ननकीराम कंवर की ओर से उठाये गए सवाल-15 साल अच्छे  काम किए तो हारे क्यों? ने भाजपा और रमन एंड कंपनी को एक बार फिर से आइना दिखाया है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया है कि रमन सिंह के 15 साल के भ्रष्टाचार और कुशासन के कारण जनता ने भाजपा को विधानसभा चुनाव में नकारा था। इसके बावजूद भाजपा के कुछ  नेता जबरिया रमन सिंह और उनके कार्यो का गुणगान कर भाजपा की बची खुची साख भी मिटाने में लगे है। स्पष्टवादिता और बेबाकी के लिए मशहूर भाजपा के ही वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर ने यह बड़ा सवाल खड़ा कर यह बता दिया कि रमन राज में प्रदेश का कितना बड़ा नुकसान हुआ था।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि अपने सरकार के जिस कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार को रायगढ़ की भाजपा कार्यसमिति की बैठक में स्वयं रमन सिंह ने स्वीकारा था।

उसी सरकार की झूठी तारीफ में यदि अजय चंद्राकर जैसे नेता कसीदे पढ़ेंगे तो ननकीराम जैसे वरिष्ठ नेता सवाल तो खड़ा करेंगे ही। भाजपा सरकार के 15 साल छत्तीसगढ़ के इतिहास के झूठ, फरेब और वायदा खिलाफी कुशासन का काला अध्याय है। झलियामारी, नसबंदी कांड, अंखफोडवा कांड, गर्भाशय कांड ने प्रदेश के सिर को शर्म से झुका दिया था। प्रदेश की जनता झीरम जैसा दुर्दांत नरसंहार कैसे भूल सकती है। भाजपा ने किसान, गरीब, आदिवासी सभी को धोखा दिया था। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा है कि आज प्रदेश में वायदों को पूरा करने वाली सरकार बनी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानो का कर्ज माफ किया। धान की खरीदी 2500 रुपए में की गई। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, नरवा, गरवा, घुरवा, बारी गोधन न्याय योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था खेती किसानी को मजबूत किया गया। 400 यूनिट तक बिजली के दाम आधे किये गये, युवाओं के लिए सरकारी नौकरी की बंद पड़ी भर्तिया शुरू की गई। तेंदूपत्ता संग्रहण की राशि 2500 से बढ़ाकर 4000 रुपए किया गया। वनोपज समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की गई। पिछले 23 माह में छत्तीसगढ़ विकास और विस्तार के रास्तें पर चल रहा है। ऐसे में भाजपा के नेता अपनी ही पार्टी के प्रशिक्षण कार्यक्रम में झूठ बोलेंगे तो उन्हें अपने ही लोगों का विरोध सहना पड़ेगा, जैसा अजय चंद्राकर को ननकीराम के विरोध का सामना करना पड़ा।

 

03-11-2020
बिहार: शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने बेटे के साथ की वोटिंग,कहा-ईवीएम पर नजर रखने की जरूरत

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में दूसरे चरण के लिए वोटिंग प्रक्रिया की शुरुआत हो गई है। कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने बेटे व बांकीपुर विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी लव सिन्हा के साथ वोटिंग की। इसके साथ ही शत्रुघ्न सिन्हा ने चिंता भी जताई। शॉटगन ने ईवीएम को लेकर चिंता जताई है और कहा कि ईवीएम पर नजर रखने की जरूरत भी है।
कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि दूसरे चरण तक की वोटिंग को देखकर यह कह सकता हूं कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बनते हुए दिख रहे हैं। पिछली बार चुनाव के 300 नतीजे पेंडिंग हैं। ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत थी। उन्होंने कहा कि बिहार में लोकसभा चुनाव के वक्त 40 में 39 सीटें पिछली बार एनडीए के खाते में चली गयी थीं। लोगों का मानना है कि ईवीएम का खेल हुआ था। मैं भी मानता हूं इसलिए इस बार चौकन्ना रहने की जरूरत है। लव सिन्हा ने कहा कि परिणाम कुछ भी हो लेकिन जनता बदलाव चाहती है। कुश सिन्हा ने कहा कि मैंने पापा के लिए काम किया। फिर भाई के लिए काम किया। मुझे राजनीति में नहीं आना है। सोनाक्षी राजनीति में आएंगी या नहीं ये मैं नहीं बता सकता। बता दें कि बांकीपुर विधानसभा सीट से महागठबंधन की तरफ से लव सिन्हा के अलावा एनडीए की तरफ से बीजेपी ने नितिन नवीन को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि प्लूरल्स पार्टी की अध्यक्ष पुष्पम प्रिया चौधरी भी चुनावी मैदान में हैं।

03-11-2020
मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर बढ़—चढ़कर मतदान करने की अपील की, गढ़बो नवा मरवाही-नवा छत्तीसगढ़ का दिया नारा

रायपुर। प्रदेश के सबसे रोमांचक मरवाही विधानसभा चुनाव के लिए मतदान जारी है। इसी बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरवाही की जनता से विधानसभा चुनाव में बढ़—चढ़ कर मतदान करने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि गढ़बो नवा मरवाही-नवा छत्तीसगढ़, वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मरवाही की जनता से कहा कि 18 वर्ष बाद षडयंत्रकारियों से आजाद होने का समय आ गया है।

25-10-2020
श्यामनारायण सोनी को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बिहार की बेलदौर सीट के लिए बनाए गए कोऑर्डिनेटर

कोरबा। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास और प्रभारी कृष्णा अल्लवरु के निर्देश पर बिहार के बेलदौर विधानसभा चुनाव के लिए युवा कांग्रेस नेता श्यामनारायण सोनी को कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है। उनके अलावा प्रदेश से पंकज मिश्रा, दुर्गेश राय, मनहरण वर्मा को भी कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी दी गई। बता दें कि बेलदौर सीट से डॉ.चंदन यादव को प्रत्याशी बनाया गया है। डॉ.चंदन यादव छतीसगढ़ के प्रभारी सचिव है।

24-10-2020
नकली आदिवासी और भाजपा की सांठगांठ जगजाहिर : दीपक बैज

रायपुर/जगदलपुर। अमित जोगी, ऋचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र निरस्त होने के बाद उनके बचाव में उतरी भाजपा पर तीखा प्रहार करते हुए बस्तर लोकसभा सांसद दीपक बैज ने कहा है कि रमन सिंह और भाजपा अपनी सत्ता बचाने के लिए 15 साल तक नकली आदिवासी को कानूनी कार्यवाही से बचाते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह, धरमलाल कौशिक ने अमित जोगी, रिचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र निरस्तीकरण की कार्यवाही को गलत ठहरा कर प्रदेश के आदिवासी समाज का अपमान किया है। जबकि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता नंदकुमार साय पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर सहित भाजपा से जुड़े आदिवासी नेता भी नकली आदिवासी के जाति प्रमाण पत्र निरस्तीकरण को जायज ठहरा रहे हैं और छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज को 15 साल बाद न्याय मिलना बता रहे हैं। सांसद दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय आदिवासी समाज के सामने अपनी राय स्पष्ट करें। क्या वो भी पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक की तरह ही अमित जोगी रिचा जोगी के जाति प्रमाण पत्र  निरस्तीकरण के खिलाफ़ हैं।2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अजीत जोगी को नकली आदिवासी घोषित कर प्रदेश में चुनाव लड़ा था और उस दौरान नेता प्रतिपक्ष नंद कुमार साय ने उनके जाति प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी क्या ये भाजपा की भूल थी। क्या 2003 में भाजपा ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते आदिवासी समाज को गुमराह किया था? जोगी परिवार पर नकली आदिवासी होने का आरोप लगाकर चुनाव लड़ने वाली भाजपा ने 15 साल तक अजीत जोगी, अमित जोगी के जाति प्रमाण पत्र पर उचित कार्यवाही क्यों नहीं की? भाजपा और रमन सिंह के आदिवासी विरोधी कृत्य से प्रदेश के आदिवासी समाज के हक, अधिकार का हनन हुआ उसके लिए प्रदेश की ढाई करोड़ जनता और आदिवासी समाज से उन्हें माफी मांगना चाहिए।
सांसद दीपक बैज ने कहा कि नकली जाति प्रमाण पत्र के आधार पर मरवाही की जनता के हक और अधिकार का हनन करने वालों को मरवाही के घर घर में जाकर प्रायश्चित करना चाहिए और माफी मांगना चाहिए।

23-10-2020
विकास उपाध्याय ने केन्द्रीय चुनाव आयोग से की मुफ्त वैक्सिन मामले की शिकायत,भाजपा पर प्रतिबंध लगाने की मांग

रायपुर। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने बिहार के विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से मुफ्त में कोरोना वैक्सिन बांटे जाने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चुनाव आचार सहिंता का खुला उल्लंघन मानते हुए केंद्रीय चुनाव आयोग से अपने वकील के माध्यम से शुक्रवार को शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि  चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव के दौरान जारी घोषणा पत्र के लिए जो नियम बनाए गए हैं, जिसे चुनाव आचार संहिता का ही हिस्सा माना गया है। मुफ्त में किसी चीज को बांटना इसका खुला उल्लंघन है। भाजपा ऐसा कर चुनाव आचार सहिंता का उल्लंघन कर रही है। चुनाव आयोग को बिहार विधानसभा चुनाव से भाजपा को चुनाव में हिस्सा लेने प्रतिबंध लगाना चाहिए।विकास उपाध्याय ने अपने शिकायत में इस बात का उल्लेख किया है कि चुनाव आयोग आचार संहिता के सूची की धारा 8 में लिखा है, "कानून स्पष्ट है कि चुनाव घोषणा पत्र में वादों को रिप्रजेंटेशन एक्ट की धारा 123 के अंतर्गत 'भ्रष्ट व्यवहार' के तौर पर नहीं माना जा सकता, लेकिन इस बात को वास्तव में खारिज भी नहीं किया जा सकता कि मुफ़्त में चीजे बाँटने की परंपरा से लोग चुनाव में प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव पर प्रश्नचिन्ह है। ऐसे में  फ्री कोरोना वैक्सीन को चुनावी वादे में घोषणा करना इसका उल्लंघन है। इसे लेकर चुनाव आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
विकास उपाध्याय ने कहा है कि लोगों को कोरोना का डर दिखा कर वोट मांगने की कोशिश हो रही है। अभी वैक्सीन का पता नहीं, कब आएगी, कितने डोज लगेंगे, तो पहले से इन बातों को चुनावी वादे में कैसे शामिल किया जा सकता है? यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन तो है ही बल्कि जनता के साथ धोखा भी है। अगर चुनाव के मौसम में कोई पार्टी कहे कि तुम मुझे वोट दो, मैं तुम्हें तुम्हारा अधिकार (वैक्सीन) मुफ़्त में दूंगा, तो इसका मतलब ये हुआ कि आपके अधिकार आपके पास नहीं है और उसकी कीमत आपका वोट है। विकास उपाध्याय ने कहा है कि भारत में जितने राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, वो निशुल्क है।  सरकार के माध्यम से ये मुहैय्या हो रही है। उन्होंने महामारी के संदर्भ में कहा है कि इसमें और तेजी लाने की जरुरत है। इस तरह के टीकाकरण के मामलों में केंद्र सरकार निर्णय लेती है। निर्णय लेने में उनकी मदद स्वास्थ्य मंत्रालय की टीकाकरण पर बनी तकनीकी समिति करती है। कोरोना टीकाकरण अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जाएगा। ये मोदी सरकार को मंजूर नहीं है। तभी बिहार में अपने चुनावी घोषणा पत्र में की है। जबकि केंद्र सरकार इस टीकाकरण अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर करने की घोषणा करती तो उसका स्वागत होता।

14-10-2020
बिहार विधानसभा चुनाव: तेजस्वी यादव ने राघोपुर से भरा पर्चा, यादव परिवार की परंपरागत सीट

पटना। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को वैशाली की राघोपुर सीट से पर्चा भरा है। उन्होंने इससे पहले अपनी मां और बड़े भाई तेज प्रताप यादव का पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। तेजस्वी यादव का मुकाबला उनकी मां राबड़ी देवी को हराने वाले सतीश यादव से है,जो बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। तेजस्वी यादव ने कहा कि राघोपुर की जनता ने हमेशा हम लोगों का साथ दिया है। राघोपुर की जनता हमें एक बार फिर जीताने का काम करेगी। हमारी सरकार बनती है तो पहली कैबिनेट मीटिंग में पहला हस्ताक्षर 10 लाख नौजवानों को स्थायी रोज़गार देने के लिए होगा। उन्होंने कहा कि दूसरी बात ये है कि समान काम समान वेतन की जो मांग नियोजित शिक्षकों लंबे समय कर रहे हैं उनको मैं वादा करता हूं कि हमारी सरकार बनते ही हम उनकी मांगे पूरी करेंगे। ज्ञात हो कि सतीश यादव पहले राघोपुर सीट से विधायक रह चुके हैं। वे इस चुनाव में तीसरी बार यहां से अपना भाग्य आजमा रहे हैं। साल 2010 में सतीश यादव ने जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़ा था और पूर्व सीएम राबड़ी देवी को हराया था। लेकिन 2015 में तेजस्वी यादव ने सतीश यादव को हराकर अपनी मां की हार का बदला ले लिया। गौर हो कि राघोपुर सीट लालू यादव परिवार की परंपरागत सीट है। लालू प्रसाद यादव ने साल 1995 और 2000 में यहां से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। उसके बाद उन्होंने इस सीट से पत्नी को चुनाव लड़ाया था।

 

 

12-10-2020
विष्णुदेव साय युद्धवीर सिंह के प्रस्ताव को स्वीकार कर मरवाही से चुनाव लड़ लें : कांग्रेस 

रायपुर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय को भाजपा के ही पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह के मांग को स्वीकार कर मरवाही से चुनाव लड़ लेना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष के चुनाव लड़ने पर भाजपा को भी अपनी गहराई का अंदाजा लग जाएगा। मरवाही सीट अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित है विष्णुदेव साय इसी वर्ग से आते हैं। वर्तमान में वे कही से भी विधायक और सांसद नहीं हैं। ऐसे में उनके पास चुनाव नहीं लड़ने का कोई बहाना भी नहीं है। भाजपा के वे नेता जो लगातार राज्य सरकार के विरुद्ध अनर्गल बयान बाजी करते रहते हैं उन्हें जबाब देने का अवसर भी मरवाही की प्रबुद्ध जनता को मिल जाएगा।

यदि उनके प्रदेश अध्यक्ष ही चुनाव में उतरेंगे तो भाजपा को पता लग जाएगा कि उनके झूठ के गुब्बारे में कितनी हवा भरी हुई थी। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा दावा करती है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में हुई दुर्गति से उनकी स्थिति में अब सुधार हो रहा है। मरवाही से यदि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव लड़ते हैं तो जनाधार वापसी का मुगालता पाले बैठे भाजपाइयों को इस गलतफहमी से भी बाहर निकलने में मदद मिलेगी।

08-10-2020
पंद्रह साल की भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार की उपलब्धियों पर जनता के बीच खुली चर्चा करें : कांग्रेस

रायपुर। गंगाजल को भारत में बहुत पवित्र माना जाता है और भाजपा के धरमलाल कौशिक जैसे वरिष्ठ नेता द्वारा झूठ बोलने के लिए गंगा माता के नाम का दुरुपयोग किए जाने की कांग्रेस ने कड़ी निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में और 15 नवंबर 2018 को प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। शपथ लेने के 10 दिन के भीतर नहीं एक दिन के भीतर नहीं शपथ लेते ही तत्काल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई और किसानों की कर्ज माफी का फैसला लिया गया।गिरीश देवांगन और शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र का हर समयबद्ध वादा कांग्रेस सरकार ने समय पर पूरा किया है। भूपेश बघेल की सरकार ने घोषणा पत्र में जिन वादों को पूरा किया है उनको तो भाजपा पहले गिन ले। गंगाजल हाथ में लेकर किए गए किसानों की कर्जमाफी के वायदे का न केवल कांग्रेस सरकार ने निभाया है, बल्कि घोषणा पत्र के अन्य वादों को भी पूरा किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के 13 माह के जन कल्याणकारी कार्यों में किसानों का कर्जमाफी, धान का वादा अनुसार 2500 रू. दाम, छोटे प्लाटो की रजिस्ट्री से प्रतिबंध हटाना, आदिवासियों की जमीन लौटाना, तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 से बढ़ाकर 4000 रू. प्रति बोरा, 15 वनोपज को समर्थन मूल्य में खरीदने की नीति, बिजली बिल हाफ, युवाओं के लिए रोजगार, महिलाओं के लिए सुरक्षा, शासकीय कर्मचारियों को उनका अधिकार, जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण का ही नतीजा है।

छत्तीसगढ़ के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, युवाओं, गृहणियों, आदिवासियों सहित सर्वहारा वर्ग के चेहरे में खुशियां लौटी है। इनकी खुशहाली में भूपेश बघेल सरकार की सफलता यदि धरमलाल कौशिक को विफलता नजर आती है तो भाजपा को अपना नजरिया बदलने की जरूरत है। गिरीश देवांगन और और शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि 15 साल की किन उपलब्धियों की बात कर रहे हैं।   धरमलाल कौशिक बतायें कि 15 साल के रमन सिंह के शासनकाल के दौरान हुए झीरम घाटीकांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, पेद्दागेल्लूर झलियामारी कांड, 36 हजार करोड़ का नान घोटाला, डीकेएस घोटाला, सारकेगुड़ा, बिलासपुर कांग्रेस भवन में घुसकर हुआ लाठीचार्ज क्या भाजपा की उपलब्धियां है? किन उपलब्धियों की बात धरमलाल कौशिक कर रहे हैं? डॉ. रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल के दौरान हुए कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार की काली कमाई ही भाजपा की उपलब्धि है क्या? गिरीश देवांगन और और शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में सिर्फ चंद ठेकेदार चंद चाटुकार अधिकारी ही खुशहाल थे और छत्तीसगढ़ के किसान, युवा, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, दुखी रहे हैं। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों से छत्तीसगढ़ का जन-जन खुशहाल हो रहा है।

07-10-2020
कांग्रेस ने भाजपा को दी चुनौती,दोनों सरकारों की उपलब्धियों पर जनता के बीच हो खुली चर्चा

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन और प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा के धरमलाल कौशिक जैसे वरिष्ठ नेता के झूठ बोलने के लिए गंगा माता के नाम का दुरुपयोग किया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने 2018 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में और 15 नवंबर 2018 को प्रदेश कांग्रेस के मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में सत्ता में आने के 10 दिनों के भीतर किसानों की कर्ज माफी का वादा किया था। शपथ लेने के 10 दिन के भीतर नहीं 1 दिन के भीतर नहीं, शपथ लेते ही तत्काल राज्य मंत्रिमंडल की बैठक हुई और किसानों का कर्ज माफी का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा है कि 2018 के विधानसभा चुनाव में घोषणा पत्र का हर समयबद्ध वादा कांग्रेस सरकार ने समय पर पूरा किया है। भूपेश बघेल की सरकार ने घोषणा पत्र में जिन वादों को पूरा किया गया है, उनको तो भाजपा पहले गिन ले। गंगाजल हाथ में लेकर किए गए किसानों की कर्जमाफी के वायदे का न केवल कांग्रेस सरकार ने निभाया है, बल्कि घोषणा पत्र के अन्य वादों को भी पूरा किया है।

छत्तीसगढ़ के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, युवाओं, गृहणियों,आदिवासियों सहित सर्वहारा वर्ग के चेहरे में खुशियां लौटी है। इनकी खुशहाली में भूपेश बघेल सरकार की सफलता यदि धरमलाल कौशिक को विफलता नजर आती है, तो भाजपा को अपना नजरिया बदलने की जरुरत है।उन्होंने पूछा है कि 15 साल की किन उपलब्धियों की बात कर रहे हैं धरमलाल कौशिक? धरमलाल कौशिक बताएं कि 15 साल के रमन सिंह के शासनकाल के दौरान हुए झीरम घाटीकांड, नसबंदी कांड, गर्भाशय कांड, पेद्दागेल्लूर झलियामारी कांड, 36 हजार करोड़ का नान घोटाला, डीकेएस घोटाला, सारकेगुड़ा, बिलासपुर कांग्रेस भवन में घुसकर हुआ लाठीचार्ज क्या भाजपा की उपलब्धियां है? कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार की काली कमाई ही भाजपा की उपलब्धि है क्या? भाजपा के 15 साल के शासनकाल में सिर्फ चंद ठेकेदार,चाटुकार, अधिकारी ही खुशहाल थे।  छत्तीसगढ़ के किसान, युवा, मजदूर, महिलाएं, व्यापारी, दुखी रहे हैं। अब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के जनकल्याणकारी कार्यों से छत्तीसगढ़ का जन-जन खुशहाल हो रहा है। उन्होंने भाजपा को खुली चुनौती दी है कि 15 साल की भाजपा की उपलब्धियों और कांग्रेस की 2 साल से भी कम समय की उपलब्धियों पर जनता के बीच खुली चर्चा की जाए।

 

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