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17-05-2020
सर्चिंग के दौरान हुई पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़, 2 जवान शहीद, 4 घायल

कांकेर। गढ़चिरौली सीमा में नक्सलियों ने बड़ी नक्सल घटना को अंजाम दिया है। पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में 2 जवान शहीद हो गए हैं। साथ ही 4 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार धुर नक्सल क्षेत्र माने जाने वाले गढ़चिरौली के भारमगढ़ तहसील के कोपरशी होडरी जंगल मे पुलिस के जवान सर्चिंग पर निकले थे इसी दौरान घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर अचानक हमला कर दिया। इसमें गढ़चिरोली के भामरागड़ तहसील में हुई मुठभेड़ में 4 जवान घायल हुए है। गुडूरवाही के जंगल में हुई मुठभेड़ घायलों को हॅलीकॅप्टर से गढ़चिरोली ले जाया गया है। मुठभेड़ में सी सिक्स्टी कमांडो टीम के इंचार्ज सब इन्सपेक्टर  धनाजी और जवान किशोर आत्राम की मृत्यु हो गई है। जहां घटना हुई वह क्षेत्र बीजापुर और नारायणपुर दोनों जिलों की सीमा से सटा हुआ है।

 

 

15-05-2020
लाॅक डाउन के दौरान बिना अनुमति के बेटी को घर लाया, एफआईआर दर्ज

धमतरी। नगरी विकासखण्ड के ग्राम मल्हारी निवासी गेंदलाल बिसेन के विरूद्ध शासकीय आदेश की अवज्ञा एवं लापरवाहीपूर्ण कृत्य के लिए भारतीय दंड संहिता 1861 की धारा 188 के तहत थाना सिहावा में एफआईआर (प्राथमिकी) दर्ज कराई गई है। गेंदलाल बिसेन के द्वारा अपनी पुत्री को बिना अनुमति के ऑरेंज जोन वाला जिला कोरबा से घर पर लाया गया था।अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नगरी सुनील शर्मा ने बताया कि नगरी अनुविभाग में स्थित ग्राम मल्हारी निवासी गेंदलाल बिसेन के द्वारा अपनी पुत्री जो कि कोरबा जिले में अध्ययनरत थी, वहां से गरियाबंद आई थी, जहां से बिना किसी अनुमति या सूचना के अपनी पुत्री को अपने वर्तमान निवासरत घर पर लेकर आए और घर लाने के तत्काल बाद भी इसकी सूचना पंचायत को नहीं दी गई। जबकि इस बाबत सभी ग्रामों में मुनादी कराई गई थी कि रेड या ऑरेंज जोन से आने वाले व्यक्ति को क्वारेंटाइन सेंटर में अनिवार्य रूप से रखा जाएगा। तत्संबंध में पंचायत सचिव के संज्ञान में आने पर पूरे परिवार की स्वास्थ्य जांच की गई एवं सभी को उनके घर पर ही क्वारेंटीन किया गया। उक्त कृत्य के संबंध में कार्रवाई करते हुए पुत्री के पिता गेंदलाल बिसेन के विरुद्ध शासकीय आदेश की अवज्ञा एवं लापरवाहीपूर्ण कृत्य के लिए भारतीय दंड संहिता 1861 की धारा 188 के तहत पुलिस थाना सिहावा में एफआईआर दर्ज कराई गई है। एसडीएम एवं इंसीडेन्ट कमांडर नगरी ने सभी क्षेत्रवासियों से पुनः आग्रह किया है कि कलेक्टर रजत बंसल के आदेशानुसार बाहर से आने वाले किसी भी व्यक्ति की तत्काल सूचना संबंधित ग्राम सचिव को अनिवार्य रूप से दें, ताकि किसी भी बाहरी व्यक्ति की अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य जांच कराकर जिला को कोरोना मुक्त रखने में सहयोग करें।

 

14-05-2020
कोरोना योद्धाओं का सेनिटाइजेशन मार्च के दौरान हुआ स्वागत

दुर्ग। नगर निगम द्वारा निगम क्षेत्र में पिछले चार दोनों से लगातार सेनिटाइजेशन का कार्य जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को 5 घंटे चले सेनिटाइजेशन मार्च से जनता एवं व्यापारियों ने आभार प्रकट किया। आज चौथे चरण में राजेंद्र प्रसाद स्कूल तकिया पारा से लुचकी चौक से होते हुए चंडी मंदिर से पुलगांव चौक एव गंजमंडी से शनिचरी बाजार तक चार 6 किलो मीटर फ़ायरब्रिगेड टैंकर एवं सीकर से कोरोना मुक्ति के लिए दवाई का छिड़काव के दौरान आस पास के रहवासियों ने स्वस्थ्य के प्रति कर्तव्य निभाने के लिए कोरोना योद्धा बनकर हुए शामिल विधायक  अरुण वोरा महापौर धीरज बाकलीवाल, सभापति राजेश यादव ,शहर अध्यक्ष कांग्रेस दया पटेल,एमआईसी सदस्य अब्दुल गनी,ऋषभ जैन,मनदीप सिंह भाटिया,हमीद खोखर,वरिष्ठ पार्षद मदन जैन,विजेंद्र भारद्वाज,श्रद्धा सोनी,पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेश शर्मा,पूर्व पार्षद फत्ते सिंग भाटिया,प्रकास गीते,नंदू महोबिया,पप्पू श्रीवास्तव,स्वस्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता,कर्मशाला अधीक्षक वीरेंद्र ठाकुर,स्वस्थ्य निरीक्षक जसवीर भुवाल,सफाई दरोगा सुरेश भारती,राजू सिंह के साथ दुर्ग पुलिस एव निगम वाहन चालक व सीकर निगम कर्मीयो का अनेकों स्थानों पर फूलों से स्वागत व सम्मान किया गया।

 

11-05-2020
सूरजपुर की जनपद सदस्य बसंती सिंह मरकाम ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिए 10 हजार रुपए

रायपुर/सूरजपुर।  कोरोना महामारी के दौरान लॉक डाउन में राहत पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आव्हान पर विभिन्न स्तरों के लोगों और संस्थाओं की ओर से बड़ी संख्या में आगे आकर राहत कोष में दान किया जा रहा है। इससे शासन दिहाड़ी श्रमिक,गरीब बेसहारा, दिव्यांगों सहित बाहर से आकर प्रदेश में लॉक डाउन के वजह से फंसे हुए हैं को राहत पहुंच रही है। इसी क्रम में सोमवार को सूरजपुर के पूर्व जनपद सदस्य सूरजन सिंह मरकाम और उनकी पत्नी वर्तमान जनपद सदस्य बसंती सिंह मरकाम ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री सहायता कोष में 10 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की है। कलेक्टर दीपक सोनी ने इस पुनीत कार्य के लिए सूरजन सिंह मरकाम को धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

11-05-2020
रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शुरु की प्रकरणों की सुनवाई, दिशा निर्देश जारी

रायपुर। लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) ने विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई शुरु कर दी है। सोमवार से भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 31 के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई शुरु की गई है। रेरा के अध्यक्ष विवेक ढांड और सदस्य आरके टम्टा ने आज सुनवाई की। बताया गया कि आज आवेदक हरिद्वार से और अनावेदक प्रमोटर और अधिवक्ता रायपुर में अपने निवास से सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शामिल हुए।रेरा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके अनुसार पक्षकार और अधिवक्तागण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रकरणों की सुनवाई में शामिल हो सकते हैं। अध्यक्ष विवेक ढांड ने बताया कि रेरा की ओर से 11 मई से सुनवाई के लिए नियत प्रकरणों की केस लिस्ट प्राधिकरण के वेब पोर्टल https ://rera.cgstate.gov.in पर उपलब्ध है। वर्तमान परिदृश्य में प्राधिकरण के समक्ष पक्षकारों की उपस्थिति के स्थान पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। केस लिस्ट में उल्लेखित निर्धारित तिथि पर सुनवाई के लिए नियत  प्रकरणों से संबंधित पक्षकारों और अधिवक्तागणों को सुनवाई के एक दिन पूर्व और सुनवाई के एक घंटे पूर्व पुन: उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी पर सूचित किया जाएगा।उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के लिए सभी पक्षकारों को अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी की जानकारी रेरा की शासकीय मेलडी office.rera.cg@gov.in पर एक सप्ताह के भीतर निर्धारित प्रारूप में भेजने को कहा गया है। इसमें प्रकरण क्रमांक, पक्षकार तथा अधिवक्ता (यदि कोई हो) का नाम, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर स्पष्ट रूप से लिखा हो। प्राधिकरण की ओर से तीन कार्य दिवसों में ई-मेल प्राप्त होने की पुष्टि की जाएगी। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होने पर पक्षकार या अधिवक्ता प्रकरण की पेशी तिथि के तीन कार्य दिवस पूर्व तक नवीन मेल से सुधरी हुई जानकारी भेज कर प्राधिकरण के टेलीफोन नंबर 0771-4918927 पर सूचित कर सकेंगे।

08-05-2020
लॉक डाउन में सब्ज़ियाँ उगाकर महिलाएं कर रहीं आय अर्जित

दुर्ग। लॉक डाउन के दौरान जब सभी ओर सन्नाटा छाया था। बोरेन्दा की बाड़ी में ग्रामीण महिलाओं के सपनों के बीज अंकुरित हो रहे थे। 45 दिनों तक इन्होंने कड़ी मेहनत की। इनके साथ ही ग्रामीणजनों ने भी अपने गांव में नरवा, गरवा, घुरूवा, बाड़ी के सपने को मूर्त रूप देने की ठानी। सबकी मेहनत साकार हुई और कई तरह की भाजियों से बोरेन्दा की बाड़ी सज गई। अभी भाजी की पहली फसल काटी गई। चेज, चौलाई, पटवा भाजी गांव के हर घर में पकी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने शुरू की गई नरवा गरवा घुरवा बाड़ी योजना में सरकार की दूरदृष्टि और  प्रबंधन काबिले तारीफ है। इस योजना के कारण कोविड 19 की राष्ट्रीय आपदा के समय भी लोगों को रोजगार मिल रहा है। जिला पंचायत सीईओ कुंदन कुमार ने बताया कि लॉक डाउन में आजीविका से संकट से निबटने में नरवा गरवा घुरुआ बाड़ी योजना के सभी घटकों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रही। हमने गौठान(गरवा और घुरुआ),जल संरक्षण(नरवा)और बाड़ी सभी क्षेत्रों में मनरेगा के माध्यम से लोगों को रोजगार दिया।बाड़ी योजना के माध्यम से पौष्टिक और ऑर्गेनिक सब्ज़ियाँ उगाई जा रही हैं ताकि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जीती जा सके और महिलाओं को आर्थिक सबलता मिले। पाटन जनपद पंचायत के बोरेन्दा गांव की महिलाएं सामुदायिक बाड़ी के माध्यम से ऑर्गेनिक सब्ज़ियाँ उगा रही हैं। इससे गाँव के महिला समूहों को काम और आर्थिक लाभ मिला। साथ ही गांववालों को ताज़ी सब्ज़ियाँ मिल रही है।

 

08-05-2020
हैदराबाद से सिमगा पहुंचे 13 मजदूर क्वारेंटाइन,निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों की गैर मौजूदगी पर नाराज हुए कलेक्टर

रायपुर/बलौदाबाजार। देर रात बलौदाबाजार के सीमावर्ती बैरियर का निरीक्षण करने कलेक्टर कार्तिकेया गोयल और पुलिस अधीक्षक प्रशान्त ठाकुर पहुंचे। यहां वे अधिकारियों और कर्मचारियों की गैरमौजूदगी पर काफी नाराज हुए। निरीक्षण के दौरान एक वाहन से 13 मजदूर मिले,जो हैदराबाद से सिमगा के रोहासी गांव आ रहे थे। कलेक्टर ने सभी को गांव में ही क्वारेंटाइन करने और वाहन मालिक पर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने कहा गया।कलेक्टर-एसपी ने देर रात खुद सिमगा नाका पर एक ट्रक को रोका,जिसमें मजदूरों को ले जाया जा रहा था। पूछताछ में पता चला कि उनमें से 13 मजदूर हैदराबाद से सिमगा के ग्राम रोहासी आ रहे थे। सभी को नाके पर ही उतारा गया और तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कर गांव में ही क्वारेंटाइन करने के निर्देश दिए गए। वाहन सीजी 04 जीबी 1021 के वाहन मालिक और चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक सिमगा,एसडीएम धनीराम रात्रे, तहसीलदार हरिशंकर पैकरा, नायब तहसीलदार यशवंत राज,थाना प्रभारी हरीश कुमार साहू मौजूद थे।बता दें कि निरीक्षण के दौरान सिमगा नाका पर राजस्व और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी मौजूद नहीं थे,कर्मचारियों की गैरमौजूदगी पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तत्काल रात को ही ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को बुलाया और कहा कि स्वास्थ्य परीक्षण किए बिना किसी भी मजदूरों को उनके जिले में प्रवेश नहीं देना है। शासन के दिशा निर्देश के अनुसार ही कार्य करें। इसलिए इन बैरियर में कोई भी लापरवाही ना बरतें। नांदघाट,सिमगा और खरतोरा नाका पहुँचकर वहां तैनात पुलिस के जवानों और प्रशासन के कर्मचारियों की उपस्थिति का भी जायजा लिया। प्रत्येक नाका में जिला प्रशासन से 4 विभागों से कर्मचारियों की 24 घंटा ड्यूटी लगाई गई है। इसमें राजस्व,पंचायत, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी शामिल है।

07-05-2020
भूपेश सरकार की कोविड-19 के दौरान किए गए कार्यो को विधायक ने जनता के सामने रखा

बीजापुर। विधायक विक्रम मंडावी ने कोरोना संक्रमण कोविड-19 के प्रति राज्य सरकार की जागरूकता और उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए पूर्व अनुमान लगाकर तैयारी कर कार्य योजना बनाई।इसके कारण अन्य राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ में संक्रमण पर नियंत्रण रखने में सफल रहा।हमारी सरकार ने दूसरे राज्यो मै फंसे लोगों की हर संभव मदद की।पत्रवार्ता में विधायक ने बताया मुख्यमंत्री ने राज्य की जनता के नाम अपने संदेश में लिखा था कि राज्य के किसी को भूखा सोने नहीं देंगे। जो इस डेढ़ महीने के लॉक डाउन के दौरान धरातल पर देखने को मिला। राज्य के 56.48 गरीब परिवारों को अप्रैल-मई और जून तीन महीने का राशन निशुल्क दिया गया। वहीं बिना राशन कार्ड धारकों को 5 किलो देने का निर्णय भी लिया।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार दिया गया। देशभर में मनरेगा कार्यो में लगे कुल मजदूरों में से करीब 24 फ़ीसदी अकेले छत्तीसगढ़ से हैं जो देश में सर्वाधिक है। प्रदेश की 9883 ग्राम पंचायतों में चल रहा है विभिन्न मनरेगा का कार्यो मे लगभग 20 लाख मजदूर काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ श्रमिकों को वापस लाने के लिए ट्रेन चलाने की मांग की साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश प्राप्त होते ही राज्य सरकार ने 4 मई को रेलवे को पत्र लिखकर कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की वापसी में लगने वाले सारे खर्च कांग्रेस पार्टी वहन करेगी।

सेंटर फार मानीटरिंग इंडियन इकानामी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि छत्तीसगढ़ में अप्रैल माह में बेरोजगारी की दर केवल 3.4 प्रतिशत रही है जबकि इस समय देश की औसत बेरोजगारी दर 23.5 प्रतिशत रही है।प्रेस वार्ता के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुडियाम,उपाध्यक्ष कमलेश कारम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया,नगर पालिका अध्यक्ष बेनहुर रावतिया,उपाध्यक्ष परुषोत्तम सल्लुर,पार्षद प्रवीण डोंगरे,कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ कांग्रेसी जयकुमार नायर,कांग्रेस के रितेश दस,मनोज अवलम,जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महामंत्री,पार्षद एवं कांग्रेस के अन्य नेता उपस्थित थे।

27-04-2020
निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाये गए सचिव का एक दिन का वेतन कटा

 

दुर्ग। कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए मूलभूत सेवाओं के क्रियान्वयन के लिए सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार, गुरुवार तथा शनिवार को प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिव को अपने प्रभार के ग्राम पंचायत कार्यालय मे उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया गया है। जनपद पंचायत सीईओ दुर्ग ने 23 अप्रैल गुरुवार को ग्राम पंचायत महमरा जनपद पंचायत दुर्ग का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दिनांक को अरुण कुमार देशमुख सचिव ग्राम पंचायत महमरा ग्राम पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इस लापरवाही के चलते देशमुख के एक दिन का वेतन काटने का निर्णय लिया गया है।

 

26-04-2020
नाईट शिफ्ट में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से आरक्षक की मौत, पढ़िए पूरी खबर...

रायपुर। हार्ट अटैक से गोबरा नवापारा थाना क्षेत्र के डायल 112 में ड्यूटी पर तैनात आरक्षक तुलसीराम भोई की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक आरक्षक तुलसीराम भोई शनिवार को नाइट शिफ्ट में डायल 112 में तैनात थे। इस दौरान सुब​ह करीब 5 बजे अचानक बेचैनी महसूस हुई। उन्होंने डायल 112 वाहन के चालक उमेश साहू से अस्पताल ले जाने के लिए कहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा पहुंचने पर यहां तैनात चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरु किया लेकिन इस दौरान उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई।

चिकित्सकों ने तत्काल इसकी जानकारी थाना प्रभारी राकेश ठाकुर को दी। सूचना पर थाना प्रभारी स्टाफ सहित अस्पताल पहुंचे और महासमुंद जिले के सराईपाली निवासी आरक्षक तुलसीराम भोई के परिजनों को सूचित किया गया। जिसके बाद उनके भाई यहां पहुंचे। अस्पताल में ही मर्ग पंचनामा की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। बता दें कि बैच क्रमांक 1184 के आरक्षक तुलसीराम सरल और मृदुभाषी थे। आपात सेवा में रात में नाइट शिफ्ट में डायल 112 में ड्यूटी लगाई गई थी। तब उन्हें इस बात का जरा भी आभास नहीं था कि इमरजेंसी सेवा में उनकी तैनाती उनके लिए ही इस तरह का हादसा लेकर आएगा।

25-04-2020
लॉक डाउन के दौरान 1558 सत्र में 14,154 शिशुओं व 4436 गर्भवती महिलाओं को लगे टीके

रायपुर। कोविड -19 के रोकथाम के लिए लागू लॉक डाउन के दौरान जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के शत प्रतिशत लक्षय 1558 सत्र आयोजित किए गए। टीकाकरण केंद्रों में एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, मितानिन द्वारा सप्‍ताह के प्रत्‍येक मंगलवार व शुक्रवार को टीकाकरण के निर्धारित दिवस पर सत्र लगाए गए। लॉक डाउन के दौरान 3 अप्रेल से 24 अप्रेल के बीच जिले में 14,154 शिशुओं व 4436 गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण लगाया गया। इस दौरान बीसीजी के 745 और ओपीवी के 744 टीके बच्‍चों को लगाएं गएं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ विकास तिवारी ने बताया, टीकाकरण के दौरान सोशल व फिजीकल डिसटेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए प्रत्‍येक बच्‍चे का टीकाकरण से पूर्व स्‍वास्‍थ्‍यकर्मी अपने हाथों को सेनिटाइज करते हैं। इसके साथ चेहरे में मास्‍क, हाथे में गल्‍बस का भी उपयोग कर कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने सावधानियां बरती जा रही हैं।कोविड-19 के चैन को तोड़ने लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मिशन के एमडी डॉ.प्रियंका शुक्‍ला ने टीकाकरण कार्यक्रम को नियमित रुप से संचालित करने के लिए स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से जरुरी निर्देश भी दिए। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने टीकाकरण सत्र स्‍थल का निरीक्षण व मॉनिटरिंग के लिए जिला स्‍तर पर अधिकारियों की टीम गठित की है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. विकास तिवारी और एएसओ डीके बंजारे ने शुक्रवार को धरसींवा विकास खंड के अंतर्गत उप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के नियमित टीकाकरण सत्र दोंदेखुर्द, सारागांव, मौहागांव में  का निरीक्षण कर खंड चिकित्‍सा अधिकारी डॉ. एनके लकड़ा व बीपीएम जुबैदा खान को आवश्‍यक दिशा निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उप स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र सिलयारी के आ‍श्रित ग्राम मौहागांव में आयोजित सत्र में सोशल डिसटेंसिंग का पालन करते हुए गर्भवती महिलाओं एवं बच्‍चों को सुरक्षित तरीके अपनाते हुए टीकाकरण करने निर्देश आरएचओ को दिए गए।डॉ.तिवारी ने बताया, कुछ लोगों में लॉकडाउन की वजह से भ्रम की स्थिति है कि अस्‍पतालों में टीकाकरण बंद हैं। ऐसे लोगों को मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्‍यम से घर-घर जाकर सूचनाएं दी जा रही है। बच्चों को लगने वाले टीकों का एक तय शेड्यूल होता है। टीकाकरण अगर सही समय पर नहीं हो तो माता-पिता का चिंतित होना लाजिमी है। कोरोनावायरस के कारण इन दिनों लॉकडाउन है। ऐसे में कई समुदाय तक टीकाकरण वार्ड व आंगनबाड़ी केंद्र स्‍तर पर भी सुविधाएं दिया जा रहा है। लेकिन इस परिस्थिति में भी अभिभावकों को घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चों को लगने वाले अधिकांश टीके बाद में भी लगवाए जा सकते हैं। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. तिवारी ने अभिभावकों से अपील की है कि नियमित टीकाकरण के दौरान नजदीक के टीकाकरण सत्र केंद्र में उपस्थित होकर आने बच्‍चों को टिका जरुर लगवाएं। साथ सोशल डिसटेंसिंग का पालन भी किया जाए।

टीकों का सही समय

कुछ टीके बच्चे के जन्म के 24 घंटे के अंदर लगना अनिवार्य होते हैं। अगर लॉकडाउन के दौरान कोई बच्चा पैदा हुआ है तो कोशिश करें कि बच्चे को वहीं अस्पताल में ही जन्म के समय ही यह लगवा लें। वैसे तो टीकों को तय शेड्यूल के अनुसार ही लगवाना बेहतर होता है, लेकिन इन दिनों कोरोना वायरस से खुद को और अपने बच्चों को बचाना ज्यादा जरूरी है।जन्म के समय बीसीजी, पोलियो व हेपेटाइटिस बी का टीका। छह हफ्ते की उम्र में रोटावायरस, पेंटावेलेंट, न्यूमोकोकल और इंजेक्शन पोलियो का टीका। 10 सप्ताह की उम्र में पेंटावेलेंट, इंजेक्शन पोलियो और रोटावायरस। 14 सप्ताह की उम्र में पेंटावेलेंट, रोटावायरस, न्यूमोकोकल, इंजेक्शन पोलियो का टीका। 9 महीने की उम्र में एमआर, ओरल पोलियो और न्यूमोकोकल के टीके। कुछ टीके निजी अस्पतालों में लगवाए जाते हैं। फ्लू के दो टीके छह महीने व सात महीने की उम्र में। एक साल की उम्र में हेपेटाइटिस ए, 15 महीने की उम्र में एमएमआर और चिकनपॉक्स। 18 महीने की उम्र में पेंटावेलेंट, न्यूमोकोकल और ओरल पोलियो। पांच साल की उम्र में डीपीटी और पोलियो का टीका। नियमित टीकाकरण के लिए प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, उपस्‍वस्‍थ्‍य केंद्र, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक अस्‍पताल, जिला अस्‍पताल, शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्‍तर पर भी सुविधांए हैं।

 

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