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23-11-2020
सरकार की लापरवाही के कारण बारिश में किसानों का धान हुआ खराब : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने भूपेश सरकार की ओर से 1 नवंबर से धान खरीदी न करने पर गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों से कम से कम धान खरीदना पड़े, इसलिए रोज नए-नए षड़यंत्र रच रही है। सरकार धान खरीदने की व्यवस्था के लिए नहीं बल्कि धान कैसे कम से कम खरीदना पड़े इसके लिए रोज बैठक कर रही है। बृजमोहन अग्रवाल ने एक बयान जारी कर कहा है कि भूपेश सरकार 2500 रुपए क्विंटल में एक-एक धान खरीदी के अपने वादे से मुकर रही है। किसान के धान का पैसा साल-साल भर, घूमा घूमाकर किसानों को दिया जा रहा है। धान की खरीदी कम करना पड़े इसलिए अधिकारियों के माध्यम से किसानों पर दबाव बनाकर खेत का रकबा मेड़, पढार, पंप हाउस के नाम पर कम किया जा रहा है। बार-बार गिदावरी के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है।  भाजपा व किसान संगठनों और किसानों ने बार-बार 1 नवंबर से धान खरीदी चालू करने की मांग की। किंतु सरकार अपनी हठधर्मिता दिखाते हुए 1 नवंबर से धान खरीदी चालू नहीं की। धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ा दी। किसानों के सामने परेशानी खड़े कर दी है। अभी हुई बेमौसम बारिश में एक ओर जहां किसानों के कटे हुए धान कोठार में खराब हो गए तो वहीं अनेक किसानों के धान बारिश के कारण खेत में सो गए हैं। पानी से खराब हो गए हैं। आखिर इसके लिए जिम्मेदार ये सरकार की लापरवाह व्यवस्था ही है। अगर सरकार ने समय रहते तैयारी कर 1 नवंबर से धान खरीदी चालू कर देती तो बहुत सारे किसान इस आपदा में बच सकते थे। एक सप्ताह बाद पूरे प्रदेश में धान की खरीदी होनी है, पर सरकार ने पर्याप्त बारदाने सहित अन्य व्यवस्था अभी तक नहीं की है। प्रदेश के अनेक समितियों में पिछले धान खरीदी का धान अभी तक नहीं उठाया गया है। अनेक भंडारण स्थलों पर खराब हो चुके धान भारी तादात में अभी भी रखे हुए हैं।

 

 

22-10-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष सत्र पर कहा-छत्तीसगढ़ सरकार बहुमत का दुरुपयोग कर रही

रायपुर। भाजपा के पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि विधानसभा के विशेष सत्र का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस की प्रदेश सरकार बहुमत का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि कोई विशेष मामला हो तो उस समय विशेष सत्र बुलाया जाता है। कही बाढ़ आई हो, विकास रूकने की स्थिति हो या युद्ध का समय हो, ऐसी स्थिति में बुलाया जाना चाहिए। यदि बुलाना हो तो सत्र 10 दिन का बुलाए और रेत, शराब, बलात्कार, हत्या, कोकीन सब पर चर्चा कराई जाए।  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि केंद्र के कानून को निष्प्रभावी करने का अधिकार किसी को नहीं। केंद्र का कानून लागू न करने से छत्तीसगढ़ के किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह तानाशाह हो गई है। मुझे तो लगता है कि छत्तीसगढ़ में 1 मुख्यमंत्री नहीं प्रदेश में 27 मुख्यमंत्री है। यहां कोई कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। उन्होंने कहा कि कूपमंडूकता से बहार निकलकर पूरे देश के बारे में सोचना चाहिए। छत्तीसगढ़ में एथेनॉल प्लांट ने ही अधिक मात्रा में धान मांगना शुरू किया तो प्रदेश के राशन में कमी हो जाएगी। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार का नया कृषि कानून का प्रयास, खोदा पहाड़ निकली चुहिया होगा।

 

20-10-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा-कांग्रेस अपने किसान विरोधी चरित्र पर खुद ही मुहर लगा रही

रायपुर। पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर केंद्र सरकार के कृषि कानूनों को लेकर लगातार भ्रम फैलाकर किसानों को बरगलाने व उकसाने का आरोप लगाया है। बृजमोहन ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान के बयान को लेकर मुख्यमंत्री ने जान-बूझकर तथ्यों को अनदेखा किया है। नए कृषि कानूनों से किसानों के जीवन में आने वाले क्रांतिकारी बदलाव से घबराए कांग्रेस नेता 2019 के चुनाव घोषणा पत्र तक जिन प्रावधानों को लागू करने का वादा कर रहे थे, वह काम केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया तो मुख्यमंत्री बघेल को दर्द क्यों ? बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि बार-बार केंद्र सरकार के यह साफ करने के बावजूद कि इन कानूनों से न एमएसपी की व्यवस्था खत्म होगी, और न ही मंडी की व्यवस्था, कांग्रेस लगातार झूठ परोसने में उसी तरह लगी है, जैसा वह राफेल विमान सौदे के मामले में कर रही थी। न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रशासनिक निर्णय है जो अब तक जारी था, आज भी जारी है और भविष्य में जारी रहेगा।

मौजूदा खरीफ सत्र के साथ ही आगामी रबी सत्र तक की उपजों के लिए केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा करके कांग्रेस के दुष्प्रचार का मुंहतोड़ जवाब दे दिया है। स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक इन कानूनों में प्रावधान करने के बावजूद कांग्रेस अब झूठ की राजनीति कर किसानों को उकसाकर कोरोना काल में अराजकता फैलाने का कृत्य कर रही है। कृषि सुधार से संबंधित तीनों कानूनों का विरोध करके कांग्रेस अपने किसान विरोधी चरित्र पर खुद ही मुहर लगाने का काम कर रही है। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि जो बातें इन कानूनों के प्रावधान में नहीं हैं, जो प्रावधान इन कानूनों में नहीं होना चाहिए और नहीं हो सकते, कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल के लोग उन्हीं बातों को लेकर देश को गुमराह करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस किसानों की हितैषी होने का ढोंग करके हर बार किसानों के साथ छलावे की नित-नई साजिशों का जाल ही बुनने में लगी रहती है। कृषि संबंधी ये कानून किसानों के लिए एक विकल्प हैं और इनके प्रावधानों का चयन करना किसानों का अपना निर्णय होगा। कांग्रेस जिन मुद्दों को लेकर अब तक बातें करती रही है, उन क्रांतिकारी सुधारों के लागू करके प्रधानमंत्री श्री मोदी ने किसानों के सुनहरे भविष्य का दस्तावेज देश को सौंपा है। देश के किसान उनकी इस सोच और पहल के आभारी हैं।

 

10-10-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा-भूपेश सरकार के आते ही छत्तीसगढ़ को कांग्रेसियो की नजर लग गई है

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के अनुसूचित जनजाति मोर्चा और महिला मोर्चा के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश में महिलाओं के साथ लगातार घट रहीं अत्याचार और दुष्कर्म की वारदातों के खिलाफ धरना दिया गया। बाद में अजजा व महिला मोर्चा ने राज्यपाल अनुसुइया उइके को ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी,उचित मुआवजे व इन मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।धरना स्थल पर अपने संबोधन में पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि भूपेश-सरकार जब से प्रदेश की सत्ता में आई है, छत्तीसगढ़ को कांग्रेसियों की नजर लग गई है। बलात्कारों का सिलसिला चल पड़ा है। महिला सशक्तिकरण, महिला स्वाभिमान और अस्मत की सुरक्षा के तमाम सरकारी दावे दम तोड़ चुके हैं। अग्रवाल ने कहा कि जब शासक कमजोर होता है तो व्यवस्थाएं अनियंत्रित हो जाती है।

पुलिस की इतनी ताकत हो जाती है कि एफआईआर के लिए घूस मांगते है। इन अन्याय के खिलाफ भाजपा की बहनों, भाइयों को अब कोई पुलिस, जेल का भय नहीं रोक सकता।पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने भूपेश सरकार को चूड़ी और चुन्नी की गुनहगार सरकार बताया। उन्होंने कहा कि ला, दे, और ले जा मतलब पैसा ला के दे, और पद लेकर जा ही इस सरकार की परिभाषा रह गई है। ऐसी सरकार से जनता को जगाना है और दुराचार की व्यवस्था का अंत करना है।भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने कहा कि ये सरकार छत्तीसगढ़ के आदिवासी वर्ग के सम्मान की कीमत वसूलती है। एक थानेदार पीड़ित परिवार से 15 हजार रुपए मांगता है। इस सरकार को बताना पड़ेगा कि इसमें किस-किसकी कितनी हिस्सेदारी है? पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यहां के आदिवासी भोले हैं परंतु अगर उनके सम्मान से खिलवाड़ नहीं रुका तो वे भाला बनकर सरकार के खिलाफ चुभ सकते हैं।

कार्यक्रम को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने भी संबोधित किया।कार्यक्रम के अंत में रायपुर शहर जिला भाजपा अध्यक्ष श्रीचंद सुंदरानी ने आभार माना। इस दौरान प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष मोती साहू, पूर्व विधायक नंदकुमार साहू, सच्चिदानंद उपासने, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव, महिला मोर्चा की मीनल चौबे, लक्ष्मी वर्मा, सुभाषिनी अवस्थी, शशि अग्रवाल, पद्मा चंद्राकर,सुभाष शर्मा, शैलेन्द्री परगनिया, राजेश पांडेय, अजय शुक्ल, प्रफुल्ल विश्वकर्म, रमेश ठाकुर, रितेश सहारे, बसंत गोंड़, चन्द्रशेखर दीवान, वेद ध्रुव, रजयंत ध्रुव, दिग्विजय सिंह ठाकुर काफी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

 

28-09-2020
कांग्रेस का किसान मार्च, किसानों के साथ छलावा : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस के कृषि विधेयक को लेकर मंगलवार को निकाले जा रहे है पैदल मार्च को किसानों के साथ छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी किसानों के नाम पर घड़ियाली आंसू बहा रही है। यह वही पार्टी है, जिसने पांच दशक से अधिक समय तक राज करते हुए किसानों पर ध्यान नहीं दिया। किसानों को बिचैलियों के हवाले कर दिया। किसानों की उन्नति तरक्की के लिए कुछ नहीं किया और जब किसानों ने इन्हें नकार दिया तब किसान-किसान का रट लगाए हैं। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस का यह मार्च पांच दशक से अधिक समय तक किए गए किसान विरोधी कार्यों का पश्चाताप मार्च है। अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस केन्द्र के सत्ता से बाहर बिना पानी की मछली की तरह तड़प रही है। पूरे देश में कृषि विधेयक के खिलाफ झूठ व फरेब की फसल तैयार करने में लगी है। देश के माहौल को अपने तथाकथित अर्बन सहयोगियों के साथ मिलकर, तख्ती गैंग, अवार्ड वापसी गैंग के साथ मिलकर खराब करने तुली हुई है। अराजक माहौल बना रही है।

अग्रवाल ने प्रश्न खड़ा करते हुए कहा कि कांग्रेस इतनी ही किसान हितैषी है तो छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का 2500 रुपए  प्रति क्विंटल आज तक क्यों नहीं दिया? क्यों किसानों के खेत के रकबे मेड़ के नाम पर, पंप हाउस के नाम पर धान खरीदने कम किए जा रहे हैं? क्यों ओलावृष्टि, अतिवृष्टि से प्रभावित लाखों किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है? क्यों किसानों को नकली खाद-बीज दी जा रही है ? किसानों को कृषि उपकरण, क्यों नहीं दी जा रही है ? किसानों को केन्द्र सरकार की कृषि योजना के तहत मिलने वाले फायदा क्यों नहीं दिया जा रहा है ? अग्रवाल ने चुनौती देते हुए कहा है कि कांग्रेस बताए-विधेयक में कौन सी चीज किसानों से छिनी है। बल्कि कृषि विधेयक तो किसानों को उस बिचैलियों से मुक्ति देगी,जो कांग्रेस ने किसानों को दिया था। कृषि विधेयक किसानों को उस बंद बाजार से बाहर निकालकर एक देश एक बाजार की ओर ले जाएगा, जहां किसान अपने शर्तों पर, अपने दर पर, अपनी उपज कहीं भी बेच सकता है। यह विधेयक कृषि विकास का विधेयक है। यह विधेयक किसानों के उत्थान का विधेयक है और इसलिए कांग्रेस इसमें रोड़ा अटका रही है।

 

25-09-2020
नक्सल मोर्चे पर सरकार की कोई कारगर नीति नहीं : बृजमोहन अग्रवाल  

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने प्रदेश सरकार पर नक्सली मोर्चे पर पूरी तरह असफल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि यह सरकार आदिवासी जनता की रक्षा करने में पूरी तरह असफल रही है। पूरे प्रदेश में जब नक्सलवाद चरम में था, तब भी बस्तर की आदिवासी जनता की इतनी बड़ी संख्या में हत्या नहीं हुई,जो अब हो रही है। नक्सल मोर्चे को लेकर इस सरकार की कोई नीति नहीं है। सरकार को दो साल होने को हैं और यह तय नहीं कर पाई है कि उन्हें नक्सली मोर्चे पर मैदान में लड़ाई लड़नी है या बातचीत करनी है। सरकार के नक्सल मोर्चे पर कोई योजना नहीं होने व इसी नकारा रवैये के चलते ही पूरे बस्तर में नक्सली एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। अब बस्तर के निरीह आदिवासी जनता की लगातार हत्या कर रहे हैं। पिछले 6 माह में ही 75 से अधिक आदिवासी  ग्रामीणों की हत्या नक्सलियों ने की है।

कांग्रेस की सरकार आते ही नक्सली प्रदेश में हावी हो गए हैं। अग्रवाल ने कहा है कि सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते पूरे बस्तर में नक्सलियों ने आतंक व दहशत का साम्राज्य स्थापित कर लिया है। ग्रामीणों की लगातार हत्या हो रही है। अकेले बीजापुर जिले में इसी महीने 15 से अधिक आम लोगों की नक्सलियों ने हत्या कर दी है और यही स्थिति बस्तर के अन्य जिले में है। रोज नक्सली चुन चुन कर ग्रामीणों की शासकीय कर्मचारियों की हत्या कर जनता के मन में भय व दहशत का राज कायम कर रहे हैं। सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकार निरीह आदिवासियों की जान बचा पाने में पूरी तरह असफल है। अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने पहले दिन से ही अपने बयानों में यह स्पष्ट कर दिया था कि वे नक्सली साफ करने व लड़ने नहीं बातचीत से हल निकालने के पक्षधर है, सरकार का नक्सलियों के प्रति साफ्ट रवैय्या रहा है। नक्सली इसी को देखकर समझ गए कि सरकार ने तो लड़ने से पहले ही उनके सामने सरेंडर करने की नीति पर है। नक्सली बस्तर के गांवोें में जहां आम जनता की व शासकीय कर्मचारी की खुलेआम हत्या कर रहे है। बस्तर से बाहर धमतरी, गरियाबंद, कवर्धा, राजनांदगांव के अंदरूनी इलाकों, जहां उनके पैर उखड़ गए थे। बल्कि पूरी तरह इनका सफाया हो गया था अब वहां पर भी फिर अपनी सक्रियता लगातार बढ़ा रहे हैं।

02-09-2020
सरकार की लचर व्यवस्था के कारण प्रदेश कोविड 19 की लड़ाई में पिछड़ गया : बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर। भाजपा विधायक व पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की लापरवाही से रायपुर कोरोना के हॉटस्पॉट में तब्दील हो गया है। पूरे प्रदेश में जितने मरीज रोज निकल रहे हैं, उतने तो अकेले रायपुर में रोज निकल रहे हैं। सरकारी तंत्र कोरोना को काबू करने के बजाए हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सरकार के लचर व्यवस्था के कारण प्रदेश कोविड 19 की लड़ाई में पिछड़ गया है। देश में हमसे छोटे-छोटे व आर्थिक रूप से कमजोर प्रदेश में टेस्ट, रिकवरी, बेड,  स्पीटल व सुविधा के मामले में हमसे आगे निकल गया है। सरकार के बदइंतजामी के कारण पूरे प्रदेश में कोविड-19 को लेकर जनता में भय व दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। सरकार व प्रशासन के रवैये, राजनीतिक कार्यक्रमों, लोकार्पण, शिलान्यास व मेलो के आयोजन को देखकर तो लगता है कि सरकार व प्रशासन कोरोना को लेकर अभी भी गंभीर नहीं है। बृजमोहन ने कहा है कि रायपुर शहर के विभिन्न वार्डों में लोगों के जांच सैम्पल की रिर्पोट 2-2, 3-3 दिन नहीं आ रही है। रिर्पोट आने के बाद अगर पॉजिटिव हुआ तो लोगों को अस्पताल ले जाने 2-3 दिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अस्पतालों व कोविड सेंटरों में पर्याप्त बेड की व्यवस्था नहीं है। अव्यवस्था के दशहत में लोग या तो डर के मारे टेस्ट नहीं करा रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं, तो मौत के डर से निजी हॉस्पिटल में जा रहे हैं।  जहां का खर्च भी लोग जैसे-तैसे वहन करने मजबूर हैं।

इन्फेक्टेड व सिस्टम्स वाले व्यक्तियों के चिन्हित होने के उपरांत भी घर पर रहने के कारण पूरा घर व आस-पास के लोग प्रभावित हो रहे हैं। इसी कारण कोरोना की विस्फोट स्थिति तेजी से निर्मित हो रही है। बृजमोहन ने कहा है कि ब्राम्हणपारा, कंकालीपारा, टिकरापारा, चंगोराभाठा, मठपारा, संजय नगर, सुंदर नगर, संतोषी नगर, कुशालपुर,पुरानीबस्ती सहित शहर के अनेक वार्ड में जिन लोगों को 30 और 31 अगस्त को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है, उसे भी अभी तक हॉस्पिटल शिफ्ट नहीं किया गया है। 2-2, 3-3 दिनों से लोग घरों में एम्बुलेंस का इंतजार कर रहे हैं। जिन मरीजों के घर में पर्याप्त जगह व प्रसाधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, उनके घरों के पूरा परिवार अब प्रभावित हो रहे हैं। और फिर मोहल्ले में आस-पास के लोग प्रभावित हो रहे हैं। अग्रवाल ने कहा है कि, हॉस्पिटल मेंं जो लोग टेस्ट कराने जा रहे है 3-3 घंटे की लंबी लाइन व अव्यवस्था को लेकर बिना टेस्ट कराए वापस जा रहे हैं।

लोग अस्पतालों व कोविड सेंटरों की अव्यवस्था को देखकर डर कर अब टेस्ट कराने व भर्ती होने से बचना चाह रहे हैं। असल में यही कोरोना का राजधानी में विस्फोट का कारण भी है। मेकाहारा में 80 बिस्तर का वेंटीलेटर युक्त कक्ष का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से किया जाना था। आज 4 माह में भी उसका निर्माण नहीं हो पाया है। क्या सरकार कोरोना खत्म होने के बाद कक्ष बनायेगी। यह सब प्रशासन की कोरोना के प्रति उदासीनता को दिखाता है। प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को खुद मुख्यमंत्री को मिशन लीड में लेकर काम करने की आवश्यकता है,जिससे बढ़ते कोरोना से निपटा जा सके। बृजमोहन ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से फिर अनुरोध किया है कि रायपुर में कोरोना के बढ़ते प्रकरण को रोकने के लिए युद्धस्तर पर कार्य योजना बनाई जाएं। प्रतिदिन टेस्ट की संख्या व कलेक्शन सेंटर के स्थान बढ़ाया जाएं। कोविड हॉस्पिटलों की संख्या, बेड की संख्या बढ़ाई व इन हॉस्पिटल में इलाज की पर्याप्त व्यवस्था की जाएं। अस्पतालों की व्यवस्था में अमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है, जिससे जनता के मन में कोविड अस्पताल के प्रति विश्वास पैदा कर सके।

 

27-08-2020
बृजमोहन अग्रवाल ने शून्यकाल में उठाया मामला, कहा- उद्यानिकी विभाग ने केन्द्र की योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं दिया

रायपुर। भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने गुरूवार को शून्यकाल में उद्यानिकी विभाग का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी विभाग के द्वारा लगभग 100 करोड़ की राशि मिलना था। इस राशि के माध्यम से किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, परम्परागत खेती, राष्ट्रीय खाद्य मिशन, बांस मिशन, राज्य पोषित योजनाओं के तहत लगभग 5 लाख किसानों को फायदा मिलना था। वह 100 करोड़ रूपये की राशि 27 जिलों के जिला उद्यानिकी अधिकारी के खाते में जमा है और बीज विकास निगम के खाते में जमा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यह कितना बड़ा ब्लंडर अपराध है कि इसकी यूसी सेन्ट्रल गाॅरमेन्ट को भेज दी गई परन्तु वह पैसा खर्च नहीं हुआ है। किसानों के खाते में नहीं गया है। जबकि उनको बता दिया गया कि हमने इसको बांट दिया है और ऐसा अपराध लोगों के द्वारा, विभाग के द्वारा किया गया है। शायद सरकार की जानकारी में है या नहीं है, सरकार उसके ऊपर कार्यवाही करे। यहां तक कि सरकार ने जो लघु सिंचाई योजना है, सूक्ष्म सिंचाई योजना के अनुदान पर भी रोक लगा दी है और वह पैसे सरकार के पास पड़े हुए हैं। उसके ऊपर सरकार कार्यवाही करे।

 

05-08-2020
तेंदूपत्ता संग्राहकों के बीमा पर घड़ियाली आंसू बहाने वाले बृजमोहन केन्द्र से पूछे बीमा क्यों बन्द किया? : कांग्रेस

रायपुर। कांग्रेस ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए शुरू की गई तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त किया है। प्रदेश प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना। मोदी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहकों के लिए चलाई जाने वाले बीमा को बंद कर दिया था इस कारण राज्य सरकार को यह योजना लागू करना पड़ा ताकि तेंदूपत्ता श्रमिकों उनके परिवारों को  माजिक सुरक्षा दी जा सके। शुक्ला ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहकों के बीमा के बारे में लगातार बयानबाजी करने वाले बृजमोहन अग्रवाल में साहस हो तो अब वे मोदी सरकार से पूछे उसने तेंदूपत्ता संग्रहकों का बीमा करना क्यों बन्द किया था? राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सुदृढ़ता करने के लिए वचनबद्ध हैं। राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा की गई है। यह कांग्रेस सरकार की अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को बताता है। शुक्ला ने कहा कि शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु नहीं होने की स्थिति में) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी। योजना के अंतर्गत यदि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के समन्वय से यह योजना प्रारंभ की गयी है। इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा,जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक माह के अंदर प्रकरणों का निराकरण करते हुए सहायता अनुदान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में प्रदाय की जाएगी।

 

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