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19-09-2020
डीईओ कार्यालय में ताला, शिकायतों को लेकर भटक रहे हैं पालक

रायपुर। कोरोना महामारी के कारण बढ़ते मरीजों की संख्या और शिक्षा विभाग में पॉजिटिव लोगों की बढ़ती संख्या के कारण कार्यालय को बंद कर दिया गया है, लेकिन यह एक समय है जब पालकों और प्रायवेट स्कूलों के बीच टकराव चरम सीमा पर है। पालक परेशान है क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा उनके बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस से बाहर किया जा रहा है। नेता, अधिकारी और प्रायवेट स्कूलों के बीच हुए समझौते सिर्फ अखबारों की सुर्खियां बन कर रहा गया है, लेकिन पालकों और उनके बच्चों को कोई राहत नहीं मिल पाया। पालक अब इन नेताओं, अधिकारी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब कोई सुनने को तैयार नहीं है, क्योंकि अभी भी सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है कि सब कुछ ठीक हो जाएगा। जिम्मेदार शिक्षा अधिकारी नेताओं के साथ फोटो खिचाने के बाद से लापता है, क्योंकि उनके कार्यालय में अब ताला लग चुका है और पालक अपनी शिकायत लेकर भटक रहे हैं। कानून और कई सख्त कार्यवाही करने के संबंध में जारी पत्र अब भी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दिलाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं।

ट्यूशन फीस को लेकर परेशान पालक अब तक नहीं समझ पाए है कि प्रायवेट स्कूलों द्वारा मांगी जा रही फीस क्या सिर्फ ट्यूशन फीस ही है, क्योंकि प्रायवेट स्कूलों के द्वारा वही फीस अब ट्यूशन फीस के नाम से लिया जा रहा है जो बीते वर्ष कई मदों में लिया जा रहा था। परिवहन शुल्क माफ कर दिया गया यही फीस में छुट में अब पालकों को दिया जा रहा जबकि स्कूल बस तो वैसे भी स्कूल बंद होने के कारण इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। कुल मिलकार प्रायवेट स्कूलों को सरकार का मौन समर्थन है और इसका कारण अब कोरोना बताया जा रहा है, जिसके कारण प्रायवेट स्कूलों पर कार्यवाही नहीं किया जा सकता है। अधिकारी संक्रमित हो गए है और कर्मचारी भी संक्रमित हो रहे है, कार्यालय में कर्मचारी नहीं है, इस कोरोना का खतरा बढ़ते जा रहा है। इसलिए अब कार्यालय में ताला जड़ दिया गया है। पालक और उनके बच्चे अब भगवान भरोसे हैं, जिनके पास पैसा है वही पढ़ेगा और ऐसा ही बढ़ेगा इंडिया।

16-09-2020
भूपेश सरकार के निर्णय से शिक्षक अभ्यर्थियों के चेहरों पर लौटी रौनक, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

रायपुर। भूपेश सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों के मुरझाए चेहरों पर  रौनक लौटा दी है। वित्त विभाग से प्राप्त सहमति के आधार पर व्यापम की ओर से आयोजित परीक्षा के लिए विज्ञापित 14580 शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति की अनुमति दे दी है। 8 बिंदुओं पर निर्धारित शर्तों के साथ शिक्षा विभाग ने नियुक्ति के संबंध में आदेश जारी किया है।  बता दें कि लोक शिक्षण संचनालय से विभिन्न संवर्गों के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए व्यापम की ओर से परीक्षा ली गई थी। विभिन्न संवर्ग के कुल 14580 शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जानी थी। व्यापम की ओर से परीक्षा के परिणाम 30 सितंबर 2019 और 22 नवंबर 2019 को घोषित किए गए थे।

व्यापम की ओर से जारी की गई प्रावीण्य सूची के आधार पर नियुक्तियां की जानी थी। मार्च में कोरोना वायरस के कारण लॉक डाउन होने के बाद वित्त विभाग की ओर से यह निर्देश जारी किए गए थे कि, विभागों में प्रचलित नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी रहेगी, परंतु नियुक्ति आदेश जारी करने के पूर्व वित्त विभाग से सहमति प्राप्त करना आवश्यक होगा। भर्ती प्रक्रिया अटकने से अभ्यर्थी खासे नाराज हो गए थे। लगातार प्रक्रिया पूरी कर भर्ती करने की मांग कर रहे थे।  अभ्यर्थियों ने हरसंभव प्रयास जारी रखा। ज्ञापन से लेकर प्रदर्शम किए गए। विगक्त दिनों अभ्यर्थियों ने राजधानी में सांकेतिक प्रदर्शन किया था। इसके बाद हालही में बड़ी संख्या में एकजूट होकर अभ्यर्थियों ने आंदोलन किया था। मंगलवार को जारी आदेश के बाद के बाद जरूर अभ्यर्थियों ने राहत की सांस ली होगी।

 

07-09-2020
भूपेश बघेल ने कहा- जल्द पूरी करें भर्ती प्रक्रिया,स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिपोर्ट देने 1 सप्ताह का समय

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संकट काल में बेरोजगार युवाओं को राहत देने के लिए उनके हित में एक और बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 14 हजार 580 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञापित पदों की भर्ती में हो रहे विलंब को गंभीरता से लिया है। उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर कड़ी अप्रसन्नता जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि, छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कहा है कि, विज्ञापित पदों पर भर्ती के संबंध में पूरी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर उनके समक्ष प्रस्तुत की जाए।


मुख्यमंत्री ने कहा है कि, शिक्षा विभाग के विज्ञापित पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि भर्ती की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन पदों के लिए व्यापम द्वारा ली गई परीक्षा के रिजल्ट की वैधता में एक वर्ष की अतिरिक्त वृद्धि की गई है। इस सबंध में मंत्रालय से आदेश जारी कर किए जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि, लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन की कण्डिका में यह उल्लेख था कि, व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची, परीक्षाफल जारी होने के दिनांक से एक वर्ष तक वैद्य होगी। कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण वर्तमान में भर्ती की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है, इसलिए विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन की ओर से व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल की सूची की वैधता को एक वर्ष और बढ़ा दिया गया है।

 

04-09-2020
नए इंग्लिश मीडियम स्कूल का शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव ने लिया जायजा, बच्चों के बनाए आर्ट की तारीफ

भिलाई। सेक्टर 6 में बन रहे नए इंग्लिश मीडियम स्कूल का निरीक्षण शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला ने किया। इस दौरान जिले के कलेक्टर डॉ.सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं आयुक्त ऋतुराज रघुवंशी उपस्थित रहे। सेक्टर 6 इंग्लिश मीडियम स्कूल के लिए किए जा रहे मॉडिफिकेशन कार्य का जायजा उन्होंने लिया! निरीक्षण में उन्होंने पेंटिंग कार्य, शौचालय, खिड़की, दरवाजे, खेल मैदान, पार्किंग एरिया आदि का जायजा लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने  प्राइमरी स्कूल के बच्चों के द्वारा बनाए गए शिक्षा संबंधी प्रेरणादायक आर्ट को देखकर इसकी तारीफ की। उल्लेखनीय है कि भिलाई में दो इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाने हैं खुर्सीपार के अंडा चौक स्थित स्कूल एवं सेक्टर 6 स्कूल का मोडिफिकेशन किया गया है।

सेक्टर 6 स्थित स्कूल में फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी लैब को एक नए रूप में तैयार किया गया है ताकि विद्यार्थी आसानी से अपने प्रैक्टिकल कार्य यहां पर कर सकें! लैब में गैस कनेक्शन, प्लेटफार्म, वाटर सप्लाई, इक्विपमेंट को सुरक्षित रखने के लिए छोटे-छोटे खंड तैयार किए गए है। लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें पूर्व से लगे हुए पार्टीशन को हटाया गया है। पहले छतों से सीपेज की शिकायत प्राप्त होती थी जिसे फ्लोरिंग कर ठीक किया गया है। स्कूल को आकर्षक बनाने के लिए बरामदा में पेंटिंग की गई है। बच्चे बारिश में भी प्रार्थना कर सकें इसके लिए बरामदा में लाइट लगाई गई है। स्कूल के पीछे पहले कचरा पसरा रहता था और टूटी हुई सेप्टिक टैंक थी,जिसे सफाई करा कर इसे खेल मैदान के रूप में विकसित किया जा रहा है, पानी जमा होने के कारण बीएसपी के मेन सीवर लाइन से जोड़ा गया है,जिसके कारण यह क्षेत्र खेल मैदान के लिए तैयार हो रहा है! शौचालयों का संधारण कर दरवाजा इत्यादि को व्यवस्थित कर दिया गया है। क्लास रूम में बैठक के लिए कुर्सी टेबल की उचित व्यवस्था की गई है।


 

04-09-2020
एक क्लास ऐसी भी,ग्राम मोतेसरा की क्लास में पढ़ाई के साथ मिट्टी के खिलौने बनाना भी सीख रहे है

रायपुर/बेमेतरा। कोरोना वायरस के संक्रमण के समय जब सभी स्कूल बन्द हैं तो बच्चों को अध्ययन अध्यापन, पढ़ाई से जोड़े रखने के लिए  मोहल्ला क्लास संचालित किया जा रहा है। ग्राम मोतेसरा में शिक्षा विभाग के दिशा निर्देश से शिक्षिका बसंती निर्मलकर व शिक्षक मनहरण अध्यापन कार्य करा रहे है साथ ही साथ बच्चों को पोर्टफोलियो बनाना मिट्टी के खिलौने बनाना सिखा रही है। मोहल्ला क्लास में 15 बच्चे उपस्थित रहते हैं और मन लगाकर अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल की ओर से सभी बच्चों के लिए मास्क एवं सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है और सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अध्ययन कर रहे हैं। बच्चों को कोरोना महामारी के समय कैसे सावधानी से रहना है और साफ सफाई में रहना है, किसी भीड़ वाले जगह में नहीं जाना है तथा नियमित क्लास आना है आदि जानकारी भी दी जा रही है। इस कार्य में ग्रामवासी भी सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

 

01-09-2020
स्कूल शिक्षा विभाग के सीधी भर्ती में व्यापमं से प्राप्त परीक्षाफल सूची की वैधता में एक वर्ष की वृद्धि

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग में 14 हजार 580 पदों पर भर्ती के लिए व्यापमं से प्राप्त परीक्षाफल सूची की वैधता में एक वर्ष की वृद्धि कर दी है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस संबंध में आज मंत्रालय से आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में उल्लेख किया गया है लोक शिक्षण संचालनालय ने 9 मार्च 2019 को 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। इस विज्ञापन की कण्डिका में यह उल्लेख था कि व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल सूची, परीक्षाफल जारी होने के दिनांक से एक वर्ष तक वैध होगी। कोरोना महामारी से उत्पन्न स्थिति के कारण वर्तमान में भर्ती की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है, इसलिए विशेष परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा व्यापम से प्राप्त परीक्षाफल की सूची में एक वर्ष की वृद्धि की है।

 

 

28-08-2020
वेतन विसंगति दूर करने की मांग को  लेकर  छ्त्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की ब्लॉक इकाई ने सौंपा ज्ञापन

कोरिया। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रांतव्यापी ज्ञापन के क्रम में शिक्षा विभाग में क्रमोन्नति,पदोन्नति देने व वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर जिले के प्रेमनगर ब्लॉक मुख्यालय में जिला उपाध्यक्ष प्रदीप दास की उपस्थिति में तथा ब्लॉक अध्यक्ष रामबरन सिंह की अगुवाई में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी आलोक सिंह को विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई है कि सभी विभाग में पदोन्नति जारी है, किंतु शिक्षा विभाग ने अब तक पहल नहीं की है, इससे सबसे ज्यादा प्रभावित सहायक शिक्षक संवर्ग है जिन्हें न्यूनतम वेतनमान मिलता है, 10 वर्ष की सेवा में क्रमोन्नति व 5 वर्ष की सेवा में पदोन्नति का नियम है किंतु हजारों शिक्षक संवर्ग को 23 वर्ष की शिक्षकीय सेवा में भी क्रमोन्नति और पदोन्नति नहीं दी गई है।

एक ही पद पर 10 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर क्रमोन्नति का प्रावधान है। इसको पूर्ण करने बीईओ को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष प्रदीप दास,जिला पदाधिकारी अनुगामी बड़ा, सुजाता जायसवाल,स्वाति एक्का,करुणा लकड़ा,टोपेश्वर सिंह, कृष्ण कुमार ध्रुव, नरेश्वर प्रसाद सिंह, हीरालाल प्रजापति, महाबली सिंह,  ऐगेश्वर सिंह ,दया राम सिंह,बालकरन सिंह, सहित भारी संख्या में शिक्षक शिक्षिका उपस्थित थे।

31-07-2020
तीन जिला शिक्षा अधिकारियों सहित 5 अधिकारियों की पदस्थापना, आदेश जारी..

रायपुर। राज्य शासन ने तीन जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के 5 अधिकारियों के पदस्थापना के आदेश जारी किए है। आदेश के मुताबिक मधुलिका तिवारी को शासकीय आदर्श कन्या उच्च विध्यालय दुर्ग से प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा बनाया गया है। वहीं बेमेतरा के डीईओ सीएस ध्रुव को बलौदाबाजार का नया जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह आरके वर्मा को जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर बनाया गया है। देखें आदेश ....

 

 

07-07-2020
शिक्षा विभाग के दोनों कर्मचारियों का डिमोशन आदेश हुआ निरस्त, अपने पद पर बने रहेंगे 

धमतरी । शिक्षा विभाग धमतरी कार्यालय में पदस्थ दो कर्मचारियों का चार दिन पहले डिमोशन किया गया था, कमिश्नर ने दोनों के डिमोशन आदेश को निरस्त कर दिया, अब वे अपने पद पर बने रहेंगे। रमेश कुमार देवांगन वरिष्ठ अंकेक्षक के विरूद्ध प्राप्त शिकायत पत्र में कलेक्टर धमतरी के द्वारा गठित जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यालयीन आदेश द्वारा लेखापाल के पद से सीधे वरिष्ठ अंकेक्षक के पद पर दी गई पदोन्नति को निरस्त करते हुए यथावत लेखापाल के पद पर पदस्थ किया गया था। उल्लेखित प्रकरण को पुन: परीक्षण किया गया। प्रकरण का परीक्षण उपरांत पाया गया कि छग राजपत्र  स्कूल शिक्षा विभाग, तृतीय श्रेणी (लिपिक वर्गीय एवं अलिपिक वर्गीय) सेवा भर्ती नियम 2009 के अनुसूची चार (ब)(अ)के सरल क्रमांक 3 अनुसार लेखापाल/कनिष्ठ लेखा परीक्षक से वरिष्ठ लेखा परीक्षक के पर पदोन्नति दिये जाने का प्रवधान अनुसार इस कार्यालय स्तर से जारी आदेश क्रमांक 1976/आयुक्त विकास शाखा /2020 रायपुर दिनांक 03 जुलाई को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए रमेश कुमार देवांगन वरिष्ठ अंकेक्षक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी के पद पर यथावत पदस्थ रहेंगे।

इसी तरह लेखनराम साहू सहायक ग्रेड 2 जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय धमतरी के विरूद्ध प्राप्त शिकायत पत्र में कलेक्टर धमतरी  द्वारा गठित जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यालयीन आदेश  के द्वारा भृत्य के पद पर केवल 08 माह के न्यूनतम वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नत किये जाने संबंधी प्रतिवेदन एवं सेवा भर्ती नियम का पालन नही होने के फलस्वरूप  लेखन राम साहू को भृत्य के पद से सहायक ग्रेड 3 के पद पर दी गई।  पदोन्नति को निरस्त किया गया था। उक्त जारी आदेश  को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए लेखन राम साहू पूर्ववत सहायक ग्रेड 2 के पद पर पदस्थ रहेंगे। लेखन राम साहू सहायक ग्रेड 2 के विरूद्ध प्राप्त शिकायत में उल्लेखित बिन्दूओं को छग राजपत्र स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर  छग शिक्षा विभाग तृतीय श्रेणी (लिपिक वर्गीय एवं अलिपिक वर्गीय) सेवा भर्ती नियम के अनुसार में दिये प्रावधानानुसार उक्त को दी गई भृत्य के पद से सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदोन्नति के संबंध में पदोन्नति समिति पुन: बैठक आहूत कर लिये निर्णय लेवे।

28-06-2020
'खेल गढिय़ा' में दलालों का खेल, योजना की मंशा फेल !

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार एक ओर जमीनी स्तर की नित नई योजनाओं के माध्यम से 'छत्तीसगढिय़ा सरकार' होने का एहसास कराने की दिशा लगातर काम रही है वहीं दूूसरी ओर कतिपय सरकारी नुमाईंदे और दलाल योजनाओं की आड़ में अपना उल्लू सीधा करने की कार्ययोजना में लगे हुए हैं। इसका एक बड़ा उदाहरण सामने आया है, खेल गढिय़ा योजना में...। पूरे प्रदेश में शिक्षा विभाग द्वारा संचालित होने वाली इस योजना की मंशा राजनांदगांव जिले में विभागीय दलालों,और सप्लायरों की काली करतूतों के चलते फेल होते नजर आ रही है। कमीशनखोरी के चक्कर में अपने चहेते फर्मों, दुकानों से खेलगढिय़ा योजना के खेल सामानों की खरीदी के लिए विभागीय अफसरों के जबरदस्त दबाव ने मिडिल स्तर से लेकर हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के कर्ता-धर्ताओं को पशोपेश में डाल दिया है। इसके चलते कई स्कूलों में खेल सामानों की खरीदी हुई है वहीं अधिकांश स्कूलों में खेल सामानों की खरीदी का मामला उलझकर रह गया हैं।
प्रदेश के दंतेवाड़ा, कांकेर, सरगुजा, अंबिकापुर, बलौदाबाजार, महासंमुद, मैनपुर में खेलगढिय़ा योजना में कमीशन का खेल की शिकायतों के बीच जब योजना के जमीनी क्रियान्वयन पर नजर डाली गई तो एक बड़ा तथ्य उभरकर सामने आया। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2019-20 के दिसंबर महीने में पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए करीब 39 करोड़, 23 लाख, 90 हजार रूपए का आवंटन आया था, जिसमें अकेले राजनांदगांव जिले को करीब ढाई करोड़ रूपए का आवंटन प्राप्त हुआ है। यह आवंटन भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्रालय नई दिल्ल्ली द्वारा समग्र शिक्षा के तहत छत्तीसगढ़ सरकार के माध्यम से प्रदेश के प्रत्येक जिलों को खेल गतिविधियों को बढावा देने के लिए पंसदीदा खेल सामग्रियों की खरीदी के लिए प्रदाय किया गया है। योजना तहत प्राथमिक स्तर को पांच हजार, मिडिल स्तर को दस हजार और हाईस्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों को 25 हजार रूपए की राशि दी जानी है। इस योजना की राशि को नोच खाने राजनांदगांव जिले में विभागीय अधिकारियों अलावा खेल सामग्रियों के सप्लायरों, दलालों, माफियाओं की गिद्द नजर है।

जिले में 128 हाई और 202 हायर सेकेंडरी स्कूल

जानकारी के अनुसार राजनांदगांव जिले के नौ विकासखंडों में 128 हाई स्कूल और 202 हायर सेकेंडरी स्कूलें है। दोनों स्तर के स्कूलों केे लिए प्रत्येक को 25 हजार रूपए के मान से करीब 82 लाख 50 हजार रूपए के आबंटन की जानकारी है। इसी प्रकार जिले 1837 प्राईमरी स्कूलें हैं जिन्हें खेलगढिय़ा योजना के तहत पांच हजार रूपए का आवंटन मिला है। यह राशि 91 लाख, 85 हजार के आसपास है। इसी प्रकार मिडिल स्तर के 787 स्कूलें है, जिन्हें प्रत्येक स्कूलों को दस हजार रूपए का आवंटन मिला हुआ है यह राशि 78 लाख 70 हजार के आसपास है। माना जा रहा है कि योजना के तहत हो चुकी खेल सामानों की खरीदी का सत्यापन किया गया तो बड़े  पैमाने पर कमीशनखोरी की सांठगांठ का मामला खुलकर सामने आएगा। वहीं योजना के तहत अब होने वाली खेल सामानों की खरीदी में यदि कड़ी निगरानी नहीं बरती गई तो यह योजना पूरी तरह से कमीशनखोरी की भेंट चढ़ जाएगी?

रिपोर्ट नहीं आई है: डीएमसी

खेल गढिय़ा योजना के बारे में जब समग्र शिक्षा अभियान के  राजनांदगांव जिला मिशन समन्वयक भूपेश साहू से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी कहां-कहां,किन-किन स्कूलों में खेल सामग्रियों की खरीदी हुई है,इसकी रिपोर्ट नहीं आई है। मार्च के बाद से लॉक डाउन की स्थिति के चलते जानकारी नहीं ली गई है। डीएमसी के ऐसे जवाब से इस बात की पुष्टि होती है कि योजना के क्रिन्यान्वयन को लेकर वे भी गंभीर नहीं है जबकि योजना की समीक्षा को लेकर 14 फरवरी 2020 को वृहद बैठक हो चुकी है। इधर राजनांदगांव के बीईओ एनके पंचभावे का कहना है कि जिन-जिन स्कूलों में खरीदी हो चुकी है उसकी रिपोर्ट डीएमसी को सौंप दी गई है।

 

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