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04-06-2020
Video: एनएसयूआई ने स्कूलों के खोले जाने को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

दुर्ग। एनएसयूआई ज़िला अध्यक्ष आदित्य सिंह ने विद्यालयों को विलंब से खोले जाने की माँग को लेकर गुरुवार को दुर्ग कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे को ज्ञापन सौंपा। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से स्कूलों को खोलें जाने के संबंध में निर्देश जारी किए है,परंतु देश भर में बढ़ते कोरोना के प्रकोप ने छत्तीसगढ़ में भी अपना प्रकोप बढ़ा दिया है जहाँ प्रतिदिन पॉजीटिव केस सामने आ रहे हैं। ऐसे में स्कूलों को प्रारंभ किए जाने से अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफ़ी चिंतित है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को स्कूल में मास्क और हाथ धोने पर कौन ध्यान देगा। किसी भी छात्र को अगर कोरोना संक्रमण ने अपने चपेट में ले लिया तो उसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा। लगातार परिजनों द्वारा छात्र नेताओं और जनप्रतिनिधियों को सोशल मीडिया में सवाल किया जा रहा है और मदद माँगी जा रही है। इसके मद्देनजर एनएसयूआई ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

30-05-2020
प्रवासी मजदूरों के बच्चों को मिलेगा स्कूलों में मिलेगा प्रवेश, पढ़े खबर..

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोविड-19 के संक्रमण के कारण प्रवासी मजदूरों को क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया है। इनके साथ केन्द्रों में उनके बच्चे भी रह रहे हैं। राज्य सरकार ने इन प्रवासी मजदूरों के बच्चों की नियमित शिक्षा की व्यवस्था के लिए उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिलाने का निर्णय लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.आलोक शुक्ला ने इस संबंध में कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया है।प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा ने जिला कलेक्टरों से कहा है कि प्रवासी मजदूरों के बच्चों के नियमित शिक्षा के लिए उनकी जानकारी निर्धारित प्रपत्र में एकत्रित किया जाना आवश्यक है। इस प्रपत्र में बच्चे का नाम, आयु, जन्मतिथि, लिंग, पिता का नाम, माता का नाम, कहां से छत्तीसगढ़ वापस आए हैं, निवास  स्थान का पूरा पता। ग्रामीण क्षेत्र के लिए - गांव, पंचायत, विकासखण्ड,जिला तथा शहरी क्षेत्र के लिए मकान नंबर, मोहल्ला, वार्ड, शहर, जिला, बच्चा कितने वर्ष का और किस कक्षा में पढ़ता है, इस वर्ष किस कक्षा में प्रवेश लेना है, माता-पिता छत्तीसगढ़ में रहेंगे अथवा काम के लिए बाहर जाएंगे, बच्चा छत्तीसगढ़ में रहेगा अथवा माता-पिता के साथ बाहर जाएगा कि जानकारी एकत्र की जाए। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि क्वारेंटाइन सेंटर छोड़ने के पूर्व प्रत्येक क्वारेंटाइन सेंटर में प्रपत्र अनुसार जानकारी एकत्र करा ली जाए। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शीघ्र ही इस जानकारी की ऑनलाइन एन्ट्री के लिए साफ्टवेयर उपलब्ध कराया जाएगा। तब तक यह जानकारी प्रत्येक क्वारेंटाइन सेंटर में एक पंजी में तैयार कराएं। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि यह सुनिश्चित करें कि सभी की जानकारी तैयार हो जाए। इससे कोई भी बच्चा स्कूल में प्रवेश से वंचित न रह जाए। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को भी आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

24-04-2020
डीईओ ने स्कूलों को लिखा पत्र,कहा- न बढ़ाये फीस, न मांगे बस किराया

दुर्ग। दुर्ग डीईओ ने जिले के सभी स्कूलों को लेटर लिखकर कहा है की इस साल फीस वृद्धि करते समय स्कूल प्रबंधन जरुरी बातों का ध्यान रखे ताकि पालकों पर आर्थिक बोझ न बढ़े। साथ ही डीईओ ने कहा है की लॉक डाउन की अवधि में स्कूल, बस का किराया न वसूले। इस संदर्भ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव अरुण सिंह सिसोदिया ने जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा था। दूरभाष पर चर्चा कर निजी स्कूलों द्वारा वार्षिक शुल्क बढ़ाये जाने पर रोक लगाने की मांग की थी। क्योंकि वर्तमान कोरोना के कारण लॉकडाउन का असर मध्यम और गरीब परिवारों पर साल भर रहेगा,जिसके चलते फीस पटाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही 3 माह तक बस किराया स्कूलों द्वारा ना लिया जाने की मांग की गई, क्योंकि इस अवधि में जब बस नही चली और डीजल का कोई खर्च नही हुआ और सेवाएं भी नही लिया गया ऐसी परिस्थिति में बस किराया लिया जाना अनुचित है। पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर व राज्य सरकार को भी भेजी गई।उपरोक्त संबंधित विषयों पर देश की कई राज्यों की सरकारों द्वारा आदेश दिया जा चुका है। अतः सभी मांगो पर सकारात्मक व न्यायोजित जनहित में निर्णय लेने की अपील प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव अरुण सिंह सिसोदिया ने की ताकि पालको पर ज्यादा बोझ न बढ़े।

03-04-2020
 स्कूलों में सूखा मध्यान्ह भोजन का वितरण शुरू,प्रदेश के लगभग 29 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ

रायपुर। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से राज्य शासन ने सभी स्कूल लॉकडाउन की स्थिति में 14 अप्रैल तक बंद कर दिए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अवकाश अवधि में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। राज्य के लगभग 29 लाख बच्चों को मध्यान्ह भोजन योजना का लाभ उठाते हैं। इसमें 18 लाख प्राथमिक स्कूल के और 11 लाख बच्चे अपर प्राथमिक शाला में अध्ययनरत हैं। शासन के निर्देशानुसार राज्य के सभी 28 जिलों में मध्यान्ह भोजन योजना अंतर्गत सूखा राशन वितरण किया गया। इसके वितरण के लिए 3 और 4 अप्रैल की तिथि निर्धारित है। यदि वितरण 2 दिन में पूरा नहीं होता तो इसे और आगे भी बढ़ाया जाएगा। स्कूलों में सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए राशन का वितरण किया जा रहा है। कुछ जिलों में परिस्थिति अनुसार घर-घर पहुंचाकर राशन दिया जा रहा है, तो कहीं स्कूल में ही इसका वितरण किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग को जिलों से प्राप्त सूचना के अनुसार आज राज्य के लगभग 65 प्रतिशत बच्चों को राशन का वितरण किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फ्लेक्सी मद से 4 जिलों में और मुख्यमंत्री अमृत योजना के तहत 2 जिलों में सुगंधित सोया मीठा दूध पूरी सावधानी से पिलाने के निर्देश दिए गए है। जिलों में भण्डारित सोया दूध को भी आज से बच्चों को पिलाने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इनमें गरियाबंद, सूरजपुर, कोरिया, कबीरधाम, बस्तर और दुर्ग जिले शामिल हैं। राज्य के दो विकासखण्ड पेण्ड्रा और खड़गवां में सुबह का नास्ता नवाचार के रूप में दिया जा रहा था। इसका सूखा खाद्य सामग्री भी स्कूल बंद होने के पहले से भंडारित थी आज से उसे भी सूखा राशन के साथ वितरण का कार्य प्रारंभ किया गया है। जिला एवं राज्य स्तर के अधिकारी सूखा राशन वितरण की सतत् माॅिनटरिंग कर रहे हैं।

 शासन के निर्देशानुसार मध्यान्ह भोजन मार्च एवं अप्रैल 2020 के लिए 40 दिन का सूखा दाल और चावल बच्चों के पालकों को स्कूल से प्रदाय किया जा रहा है। प्राथमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 4 किलोग्राम चावल और 800 ग्राम दाल तथा उच्चतर माध्यमिक शाला के प्रत्येक बच्चे को 6 किलोग्राम चावल और 1200 ग्राम दाल दिया जा रहा है। रायपुर ग्रामीण विधासभा क्षेत्र में वितरण की व्यवस्था का आज स्थानीय विधायक सत्यनारायण शर्मा ने जायजा लिया। बीरगांव नगर निगम क्षेत्र की पूर्व माध्यमिक शालाओं में पालकों को नियत वजन के अनुसार चावल और दाल का वितरण किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी जीआर चन्द्राकर और समन्वयक भी उपस्थित थे। विधायक सत्यनारायण शर्मा इस अवसर पर 3 फीट की दूरी और चेहरे पर कपड़ा या मास्क लगाने की बात लोगों से कही। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला मोवा में आज सुबह 7.30 बजे से 11.30 बजे तक दर्ज 375 बच्चों में से 281 बच्चों के पालकों को चावल-दाल का वितरण किया गया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला कांपा लोधीपारा में दर्ज 237 में से 192, प्राथमिक शाला शहीद भगत सिंह पंडरी में दर्ज 160 में से 118, पूर्व माध्यमिक शाला दलदल सिवनी में दर्ज 261 में से 172, पूर्व माध्यमिक शाला सड्डू में दर्ज 314 में से 249, प्राथमिक शाला सड्डू में दर्ज 577 में 424 और पूर्व माध्यमिक शाला मोवा में दर्ज 410 में से 253 बच्चों के पालकों को निर्धारित मात्रा अनुसार चावल और दाल का वितरण किया गया।

 

19-03-2020
जिले के कुछ निजी स्कूलों में अध्यापकों को बुलाकर की जा रही शासन के आदेशों की अवहेलना....

धमतरी। कोरोना वायरस के संभावित खतरे को भांपते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने का आदेश दिया गया है। यह आदेश शुक्रवार 13 मार्च से लागू कर दिया गया है। परंतु जिले में कुछ स्कूली संस्थाओं द्वारा आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुछ निजी स्कूलों में उनके अध्यापकों को स्कूल बुलाया जा रहा है। वही इस संबंध में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बिपिन देशमुख ने बताया कि सभी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। यह सूचना आपके माध्यम से मिल रही है जिसे संज्ञान में लेकर तुरंत बंद कराया जाएगा।

 

15-02-2020
छत्तीसगढ़ के 12 शासकीय स्कूलों में ऑनलाइन क्लास शुरू, कॉन्फ्रेंसिंग टू-वे कम्युनिकेशन से दिया जा रहा होमवर्क

रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई पहल करते हुए जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं है, वहां ऑनलाइन पढ़ाए जाने का नया फॉमूर्ला इजाद किया है। इसमें विभिन्न विषयों के ऑनलाइन वीडियो तैयार किए गए हैं। स्कूलों में जिन विषयों के शिक्षक नहीं है, वहां विषय विशेषज्ञों के माध्यम से पढ़ाई शुरू की गई है। पांच मिनट के वीडियो और लाइव-लेक्चर से पढ़ाई के बाद ऑनलाइन होमवर्क भी दिया जाता है। पॉयलेट प्रोजेक्ट के तौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के 12 शासकीय स्कूलों में इसकी शुरुआत 10 फरवरी से हो चुकी है। इसमें सभी विषयों की ई-कक्षाएं उपलब्ध है। आने वाले समय में इसी योजना से करीब एक हजार स्कूलों को लाभांन्वित करने का लक्ष्य है। स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कम्युनिकेशन के माध्यम से दोपहर 12 बजे विशेषज्ञ ऑनलाइन होते हैं। पहले पाठ से संबंधित वीडियो प्ले किया जाता है, फिर 20 मिनट के लेक्चर के बाद बच्चों के मन में जो प्रश्न होते हैं वे रियल टाइम पर अपने सवाल करते हैं। शिक्षक उनके प्रश्नों का उत्तर देते हैं। बच्चों को पढ़ाई ठीक से समझ में आ रही है या नहीं यह जानने के लिए जूम एप पर कॉन्फ्रेंसिंग टू-वे कम्युनिकेशन से बच्चों को होमवर्क भी दिया जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि चयनित स्कूलों में सिर्फ वाई-फाई कनेक्टिविटी के खर्च पर बच्चों को एलसीडी, प्रोजेक्टर, लैपटॉप या मोबाइल पर कनेक्ट करके लाइव (जीवंत) पढ़ाई कराई जा रही है। योजना के पीछे विभाग का उद्देश्य वंचित स्कूलों के बच्चों की ई-क्लास लगवाकर उनकी अधिगम प्रक्रिया सुनिश्चित करना और आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार करना है। प्रदेश के जिन स्कूलों में विशेष विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी है, वहां की समस्या को दूर करने के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र नवा रायपुर के माध्यम से शून्य बजट में दो जुगाड़ स्टूडियो बनाए गए है। यहां विषय विशेषज्ञ पहले तो अपनी विषय वस्तु का वीडियो शूट करवाते है और फिर उसका रिव्यू कर उसे राज्य के यू-ट्यूब चैनल डीइएल छत्तीसगढ़ पर अपलोड किया जाता है। विद्यार्थी इसे देखते है और समझ के आधार पर दिए गए कार्य को हल भी करते है। पॉयलेट प्रोजेक्ट में जिन 12 स्कूलों को चयनित किया गया है, उनमें चाम्पा, खरोरा, बेमेतरा, सेल, कोमाखान, बालोद, मुंगेली, खौना, सांकरा, नवापारा ( 2 स्कूल), बरना स्कूल शामिल हैं। इन स्कूलों में से प्रत्येक स्कूल में एक समन्वयक नियुक्त किया गया है। जो बच्चों को वीडियो दिखाकर और ऑनलाइन क्लास के दौरान तकनीकी सहायक के रूप में उपस्थित रहते हैं।

27-01-2020
विधायक से योग शिक्षक भर्ती की मांग, विधायक ने दिया आश्वासन

महासमुन्द। स्कूलों में नियमित योग शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर योग प्रशिक्षणार्थियों ने विधायक विनोद चन्द्राकर से मुलाकात की। इस पर विधायक चन्द्राकर ने इस मामले में शासन का ध्यान आकर्षित कराने का आश्वासन दिया। सोमवार को योग प्रशिक्षणार्थी कपिल पेंदारिया, सलमान खान, नन्दनी ध्रुव, नोखेलाल विश्वकर्मा, राहुल चन्द्राकर, अजय दोण्डेकर आदि विधायक कार्यालय पहुंचकर विधायक चन्द्राकर से मुलाकात की। इस दौरान योग प्रशिक्षणार्थियों ने विधायक चन्द्राकर को बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा पिछले 8-10 सालों से स्कूलों में योग पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। लेकिन योग शिक्षकों के अभाव व अकुशल शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे योग पाठ्यक्रम की उपयोगिता को लेकर सवाल उठ रहा है। वैसे भी विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बेरोजगारों को रोजगार देने की बात कही थी। ऐसे में सभी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को योग्य योग शिक्षक को नियमित शिक्षक के रूप में नियुक्त करने की जरूरत है। जिस पर विधायक चन्द्राकर ने उनकी मांगों की ओर शासन का ध्यान आकर्षित कराने का आश्वासन दिया।

 

23-01-2020
सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर निगम मुख्यालय के सामने आयोजित हुए कई कार्यक्रम

रायपुर। सुभाषचन्द्र बोस की जयंती के अवसर पर स्कूलों के बच्चों ने तेलीबांधा चौक से रैली का आयोजन किया। रैली कालीबाड़ी चौक से होते हुए व्हाइट हाउस में समाप्त हुई। बंगाली कालीबाड़ी समिति के पूर्व सचिव अरुण भद्रा ने कार्यक्रम के बारे में बताया कि ये कार्यक्रम सुबह से देर रात तक चलेगा। उन्होंने कहा कि ये आयोजन राजधानी में पहली बार किया जा रहा है। साथ ही नगर निगम मुख्यालय के सामने देशभक्ति कार्यक्रम एवं छत्तीसगढ़ी और बंगाली फूड स्टॉल का भी आनंद राजधानीवासी उठा सकते हैं। अरुण भद्रा ने बताया कि युवाओं एवं आम जनता के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्ष में इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों में देश भक्ति की भावना बनी रहे। देश की आजादी में महापुरुष के बलिदान और योगदान से युवा और आनेवाली पीढ़ी अवगत हो सके।

पूजा गर्ग की रिपोर्ट


 

22-01-2020
स्कूलों में रोजाना पढ़ाई जाएगी संविधान की प्रस्तावना, टीएस सिंहदेव ने किया स्वागत

रायपुर। महाराष्ट्र की तर्ज पर छत्तीसगढ़ की सभी स्कूलों में संविधान की प्रस्तावना पढ़ाने की पहल हो सकती है। कैबिनेट मंत्री टीएस सिंहदेव का कहना है कि यह एक शानदार कदम है, जिसे पूरे भारत में लागू किया जाना चाहिए। वे इस संबंध में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम से पहल करने की बात करेंगे। मंत्री टीएस सिंहदेव ने महाराष्ट्र की उस पहल को सराहनीय बताया है, जिसमें मंत्री वर्षा गायकवाड़ का कहना था कि 26 जनवरी से महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में अनिवार्य रूप से सुबह की सभा के दौरान संविधान की प्रस्तावना पढ़नी होगी।

 

06-01-2020
'वैष्णव जन तो तेने कहिए को' 25 हजार बच्चों ने एक साथ गाया, बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

छिंदवाड़ा। महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन तो....' का जिले के स्कूलों एवं कॉलेजों के लगभग 25 हजार विद्यार्थियों ने एक साथ गायन कर छिन्दवाड़ा जिले का नाम एक माह के अंदर दूसरी बार गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के साउथ एशिया के प्रमुख अधिकारी आलोक कुमार द्वारा इस गायन के गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण पत्र भेंट किया गया। कार्यक्रम के दौरान लगभग 100 बच्चे महात्मा गांधी की वेषभूषा में उपस्थित होकर महात्मा गांधी के सत्य अहिंसा और शांति का संदेश दिया।

छिंदवाड़ा से समीर सोनी की रिपोर्ट

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