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18-05-2020
तेंदूपत्ता फड़ो में कोरोना से बचाव के लिए नहीं है कोई सुविधा, विभाग और ठेकेदार लॉक डाउन की उड़ा रहे है धज्जियां

बीजापुर। जिले में इस समय तेंदूपत्ता की तोड़ाई जोरो पर है। ग्रामीण इस समय तेंदुपत्ता तोड़ने के लिए जम कर मेहनत कर रहे हैं। तेंदूपत्ता का सीजन ग्रामीणों के लिए कई मायने में फायदेमंद है। लेकिन बाहर राज्य से आए ठेकेदार व वन विभाग ग्रामीणों की जान मुसीबत में डाल रहे हैं। विदित हो कि जिले में कुल 54 हजार 240 संग्राहक परिवार है। इस वर्ष 80 हजार 500 मानक बोरो के खरीदी का लक्ष्य रखा गया है, जिससे संग्राहकों को 32 करोड़ 20 लाख रुपये परिश्रमिक के रूप में मिलेगा। ये संग्राहक तेंदूपत्ता को तोड़कर गड्डी बनाकर तेंदूपत्ता फड़ में पहुंच रहे हैं। लेकिन इन फड़ो में कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए वन विभाग के अधिकारियों व तेंदूपत्ता के ठेकेदारों ने कोई भी सुविधा ग्रामीणों के लिए नहीं रखी है। इन फड़ो में ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में हर दिन पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों के हाथ धुलाई की कोई व्यवस्था ठेकेदार और विभाग द्वारा नहीं किया गया। फडों में न तो किसी के चहेरे पर मास्क है और न ही सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग का भी मजाक उड़ाया जा रहा है।

 अगर वनविभाग इन तेंदूपत्ता फड़ो में ग्रामीणों और ठेकेदारों पर ध्यान नहीं देगा तो कोरोना को जिले में फैलने से कोई नहीं रोक सकता। सिर्फ ठेकेदार व वनविभाग के अधिकारी, कर्मचारी तेंदूपत्ता के नाम पर महज चांदी काटने में लगे है। जहां कोरोना का ज्यादा संक्रमण है उन्हीं राज्यों से आये है। तेंदूपत्ता ठेकेदार व उनके सहयोगी- हर वर्ष की भांति इस साल भी हरे सोने कहे जाने वाले तेंदुपत्ता का कार्य करने के लिए सेकड़ों तेंदुपत्ता ठेकेदार व उनके सहयोगी जिले में पहुंचे हैं। ये ठेकेदार बाहरी राज्यों जैसे तेलंगाना, महाराष्ट्र से आये है जहां पर कोरोना ने तबाही मचाई हुई है। जिले की जनता भी कह रही है कि इन ठेकेदारों को जिले में कैसे प्रवेश दे दिया गया। हमारे जिले में अगर कोरोना ने पाँव पसारा तो इसके जिम्मेदार बाहर से आये ठेकेदार व उनके सहयोगी होंगे।

16-05-2020
हितग्रहियों ने कहा, आवास बनाने ठेकेदार को दिया था पैसा,एक साल से काम है बंद

कवर्धा। बोड़ला विकासखण्ड के दूरस्थ आदिवासी अंचल ग्राम केसमर्दा में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना में फर्जीवाड़े की शिकायत मिली है। प्रति हितग्राही एक-एक लाख भुगतान के पश्चात भी एक वर्ष होने के बाद भी आवास नहीं बन पाया है। हितग्राहियों ने जनपद के अधिकारियों के कहने पर निर्माण कार्य कराने का कार्य एक ठेकेदार को दे दिया एवं दो किश्तों में हितग्राहियों के खाते में आये रकम को ठेकेदार द्वारा एक-एक लाख रुपए प्रति हितग्राही निकलवाकर अपने पास रख लिया गया। हितग्रहियों ने शिकायत करते हुए कहा कि जनपद सीईओ ने स्वयं ठेकेदार को लेकर आया था और आवास निर्माण कराने कहा गया। सीईओ के विश्वास में हमने आवास बनाने पैसे दे दिए।ग्राम पंचायत केसमर्दा पहुंचकर अनियमितता की जांच की गई। सांसद को पंचायत के ग्राम बोदर्रा के बैगा हितग्राहियों ने अपनी शिकायत बताई गई। ग्राम पंचायत केसमर्दा के आश्रित ग्राम बोदई के बैगा आदिवासी बुधराम पिता फगनू, गेलही पिता केजहा, चंदर सिंह वि. देवान, नानबाई पति जेठू, मोहित पिता सूनाराम, गहरू, पनकू, अंधियारो एवं अन्य ने बताया कि शासन द्वारा हमारा प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ है। सांसद के समक्ष इन लोगों ने बताया कि अधिकारी द्वारा कहा गया कि आवास बनाने की जिम्मेदारी ठेकेदार को दे दो, जिस पर एक वर्ष पूर्ण ही हितग्राहियों ने अपने खाते में जमा राशि एक-एक लाख रुपए बैंक से निकालकर राशि ठेकेदार को सौंप दी,जिसके बाद ठेकेदार द्वारा केवल नींव स्तर तक किसी का थोड़ा और वह भी मानक कार्य योजना के विरूद्ध स्तरहीन कार्य करा कार्य बंद कर दिया गया। इससे पिछले एक वर्ष से आवास निर्माण बंद पड़ा हुआ है।
 वर्जन 
हितग्रहियों का आवास निर्माण एक वर्ष से नहीं हुआ है। जनपद सीईओ स्वयं में ठेकेदार को हितग्रहियों को बोलकर काम दिया था। एक साल से काम बंद होने पर ठेकेदार व अधिकारी की शिकायत ग्रामीण कर रहे हैं।
काशीराम उइके, जनपद सदस्य बोड़ला

 

12-05-2020
पत्रकार को की गई जान से मारने की कोशिश, एफआईआर दर्ज

किरंदुल। न्यूज़ कवरेज करने जाते समय एक कंपनी में लगी हाइवा ट्रक ने पत्रकार आजाद सक्सेना को कुचलने की कोशिश की। पत्रकार अजाद सक्सेना पर उस वक्त जनलेवा हमला किया गया जब वह सुबह करीबन 8:30 बजे न्यूज कवरेज करने ग्राम हिरोली की तरफ जा रहे थे। तभी अचानक एक हाइवा ट्रक तेज रफ्तार में स्कूटी में जा रहे पत्रकार की ओर आने लगी। ट्रक बाई ओर से जा रहे आजाद सक्सेना की तरफ विपरीत दिशा में जाने लगी ये देख अजाद सक्सेना जान बचाते हुए अपनी स्कूटी को छोड़ खेत की तरफ जान बचाने कूद पड़े। इसके बाद हाइवा ट्रक कडमपाल की ओर भाग खड़ा हुआ। पत्रकार आजाद सक्सेना को कंधे एवं घुटने में चोट भी लगी है। हाइवा किरंदुल के किसी स्थानीय ठेकेदार की बताई जा रही है। आजाद सक्सेना ने इस घटना में किरंदुल थाना में एफआईआर भी दर्ज करवाई है आजाद सक्सेना ने ये आशंका जताई है की ट्रक चालक द्वारा जानबूझकर जान से मारने के लिए यह कृत्य किया गया।

11-05-2020
बोदेली रेत खदान में खनिज विभाग की कार्यवाही, 4 हाईवा, 1 चैन माउण्टेन जब्त

कांकेर। कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर जहाँ पूरा देश गम्भीर है वहीं कई गांवों में ग्रामीण भी इसे लेकर गम्भीर नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत पिपरौद के आश्रित ग्राम बोदेली में रेत खदान को ले कर ग्रामीण चिंतित है कि कोई भी रेडजोन की गाड़ी य व्यक्ति गांव में प्रवेश न करें इसकी भी रोकथाम के लिए ग्रामीण शासन-प्रशासन को लिखित आवेदन दिया। इसके बाद भी ठेकेदार अपनी मनमानी कर रहा है व गांव के लोगों को डरा धमकाकर अपनी धौस दिखाते हुए यह कहते है कि हम सीएम के आदमी है हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता यहाँ तक ग्रामीण स्तर पर यदि कोई बात कही जाती है तो उन्हें थाने में बैठाकर परेशान किया जाता है।

इसको लेकर ग्रामीणों में शासन-प्रशासन व सरकार के खिलाफ रोष व्याप्त है। रविवार की रात्रि ग्रामीणों ने 4 हाइवा, एक चैन माउण्टेन जोकि नियम विरुद्ध रेत रात के अंधेरे में निकाल रहे थे ग्रामीणों ने पकड़ कर उसे खनिज  विभाग को सौपा जिसके बाद चारामा थाना में वाहनों को कार्यवाही के लिए खड़ा किया गया है अब देखना यह है कि इस पर प्रशासन कितना गम्भीर है वह गांव वालों के साथ है या पहुँच का धौस दिखाने वालों के साथ ये कार्यवाही के बाद ही पता चलेगा।

07-05-2020
नक्सलियों को सामाग्री पहुंचाने वाले जनपद सदस्य सहित दो और पुलिस के गिरफ्त में

कांकेर। जिले के नक्सलप्रभावित क्षेत्र कोयलीबेड़ा के सिकसोड़ थानांतर्गत 24 मार्च को नक्सलियों को सामान पहुंचाने वाले आरोपियों में 2 और भी आरोपी पकड़े गए है। इसमें एक कोयलीबेड़ा का जनपद सदस्य है। विदित हो कि पिछले दिनों सड़क निर्माण कार्य करवा रहे ठेकेदार व कुछ और लोग इस पूरे मामले में संलिप्त थे। इसके बाद एक के बाद एक आरोपियों की संख्या बढ़ती गई। इस मामले में अबतक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि जिन दो आरोपी मुकेश सलाम, राजेन्द्र कुमार सलाम जनपद सदस्य की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। क्योंकि इन्ही लोगों के द्वारा नक्सली कमांडर राजू सलाम भास्कर को अंदरूनी क्षेत्र में नक्सलियों को जूता, वर्दी कपड़ा, वायरलैस सेट, दवाई, बिजली तार, रुपये सहित अन्य सामाग्री राजनादगांव एवं अन्य शहरों से खरीदकर पहुँचाया जाता था। पुलिस ने यह भी बताया है कि इस मामले में अभी और भी लोगों की गिरफ्तारी होनी है जिनकी तलाश जारी है।

02-05-2020
लॉक डाउन के नियमों का घोर उल्लंघन, प्रशासन जिम्मेदार : मुदलियार

बीजापुर। जिले के सीमावर्ती राज्य तेलंगाना और महाराष्ट्र में जहां इस वक्त कोरोना महामारी का अत्यधिक प्रकोप है। ऐसे राज्यों से तेंदूपत्ता ठेकेदारों व उनके सहयोगियों का बीजापुर जिले में प्रवेश करना तथा बिना किसी स्वास्थ्य परीक्षण के बीजापुर नगर में तथा व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आवश्यक सामानों का खरीददारी कर घूमना कंहा तक जायज़ है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर समूचा विश्व कोरोना महामारी के भयंकर विभीषिका से गुजर रही है। वहीं भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार ने समय-समय पर आवश्यक कदम उठाकर समूचे देश व प्रदेश को लॉक डाउन कर कोरोना महामारी से काफी हद तक नियंत्रण किया गया। इस वैश्विक महामारी के प्रति सरकार गंभीर व चिंतित है। समय-समय पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आवश्यक गाईडलाइन जारी कर जिला प्रशासन के माध्यम से लॉक डाउन कर लॉक डाउन के नियमों को शक्ति से पालन करने निर्देशित किया गया है।

इस वक्त मानव जीवन को कोरोना महामारी से नियंत्रण व बचाव के लिए एकमात्र विकल्प के रूप में लॉक डाउन होकर लॉक डाउन के नियमों का पालन करने की अनिवार्यता है। लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग किस के दबाब में व किस लालसा से दूसरे राज्यों के ठेकेदारों को पास उपलब्ध कराया यह जांच का विषय है। भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने मीडिया से चर्चा में कहा बीजापुर जिला महाराष्ट्र तेलंगाना सीमा पर स्थित है। वर्तमान समय में उक्त सीमावर्ती राज्य कोरोना के प्रकोप से अत्यंत पीड़ित है। इन राज्यों से बीजापुर जिले में कोरोना महामारी का नियंत्रण नहीं किया गया तो फैलाव होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन बीजापुर जिला प्रशासन के उदासीन रवैया से व वर्तमान तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य के लिए जिला प्रशासन व वन विभाग द्वारा अपना हित साधने के लिए नियमों को ताक में रखकर महाराष्ट्र और तेलंगाना के तेंदूपत्ता ठेकेदार व उनके सहयोगियों को रातों-रात पास बनाकर छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में प्रवेश करवाया जाना तथा मीडिया द्वारा खबर प्रकाशित होने के बाद लगभग 24 घंटे समय व्यतीत पश्चात भी उन्हें क्वारेंटाइन किया जाना प्रशासन की घोर लापरवाही प्रदर्शित करता है। यदि बीजापुर जिले में कोरोना  महामारी का प्रकोप व फैलाव होता है,तो इसका जिम्मेदार कौन होगा यह तय करना भी नितांत आवश्यक है।

इन ठेकेदारों के आड़ में कई मजदूरों का भी बीजापुर जिले में लॉक डाउन के नियमों का पालन किए बिना प्रवेश हुआ है, उनके माध्यम से भी कोरोना महामारी का फैलाव होने से इनकार नहीं किया जा सकता।जिसकी भी जवाबदेही प्रशासन की होगी। जब जिला प्रशासन व वन विभाग को तेंदूपत्ता के ठेकेदार व उनके सहयोगियों के प्रति इतनी ही संवेदना थी तो इस जिले में कई मजदूर अन्य सीमावर्ती राज्य में फंसे हुए हैं। उन्हें लॉक डाउन के नियमों को शिथिल कर वापस लाने में अपनी संवेदनशीलता क्यों नहीं दिखाई? क्यों उन्हें नियमों का हवाला देकर अपने राज्य जिला गांव घर आने से वंचित रखा गया है? और क्यों तेंदूपत्ता ठेकेदारों को व उनके सहयोगियों को प्रशासन द्वारा पास उपलब्ध करवाकर जिले में नगर में बेखौफ घूमने की अनुमति प्रदान की गई? जबकि बीजापुर जिला कोरोना महामारी के प्रकोप से मुक्त है। समय-समय पर सरकारों के साथ-साथ यहां के जिला प्रशासन भी काफी सजगता, गंभीरता से इस जिले की सुरक्षा करने में काफी संवेदनशील रही, किंतु ऐसा क्या कारण है कि तेंदूपत्ता ठेकेदारों को व उनके सहयोगियों के प्रति प्रशासन की उदासीनता होना समझ से परे है। जिला प्रशासन को काफी गंभीरता से चिंतन कर तथा सीमा पर अन्य राज्यों से आने वाले व्यक्तियों का प्रवेश पर निषेध कर लॉक डाउन के नियमों का उचित पालन करना होगा। तभी इस वैश्विक महामारी से बचाव हुआ नियंत्रित किया जा सकता है।

25-04-2020
ठेकेदार के प्रताड़ना से परेशान मजदूर रेलवे ट्रेक से ही पैदल बिलासपुर के लिए निकले भानुप्रतापपुर में रुके

कांकेर। रेलवे ट्रैक में काम करने वाले मजदूर ठेकेदार से परेशान होकर अपने घर बिलासपुर जाने निकले,जिन्हें भानुप्रतापपुर में रोका गया है।मिली जानकारी अनुसार अंतागढ़ में रेलवे ट्रेक पर काम कर रहे 19 मजदूर 30 किमी पैदल रेलवे ट्रैक से चलकर भानुप्रतापपुर होते हुए बिलासपुर जाने के लिए निकले थे,जिन्हें भानुप्रतापपुर के पास लोगों ने देखा और इसकी जानकारी पुलिस व स्थानीय प्रशासन को दी। इसके बाद मजदूरों से पूछताछ की गई तो मजदूरों ने बताया कि ठेकेदार के द्वारा उन्हें अत्यधिक काम करवाया जा रहा है और मजदूरी की राशि भी उन्हें नहीं दी जा रही।

इससे मजदूर परेशान होकर मजबूरी में अन्तागढ़ से पैदल ही निकल पड़े। मजदूरों ने बताया कि पैसे मांगने पर ठेकेदार  द्वारा घर जाना है तो चले जाओ मैं नहीं रोकता कहकर प्रताड़ित कर रहा था,जिससे परेशान होकर वे अपने घर बिलासपुर के लिए निकल पड़े। मौके पर पहुंचे तहसीलदार आनंद नेताम, डीएसपी राहुल उईके ने मजदूरों को समझाया और कहा खाने रहने की कोई समस्या नहीं होगी लॉक डाउन तक यहाँ आराम से रहे।

24-04-2020
ठेकेदार ने नहीं दिया मजदूरों को राशन, मजबूर होकर पैदल निकल पड़े गांव के लिए

दंतेवाड़ा। देश में चल रहा है कोरोना महामारी की वजह से लॉक डाउन किया गया, जिसमें सबसे ज्यादा परेशान मजदूर हैं। उड़ीसा से 6 मजदूर दंतेवाड़ा जिले के केके लाइन में डुमाम रेलवे में मजदूरी कर रहे थे। लॉक डाउन होने के बाद प्रशासन और ठेकेदार के द्वारा मजदूरों को खाने के लिए राशन दिया जाने लगा जिससे कि मजदूर वहां रुके रहे। कुछ समय बाद ठेकेदार ने राशन देने से मना कर दिया जिससे परेशान होकर मजदूर पैदल ही अपने गांव के लिए निकल पड़े। सभी मजदूर काँवड़गांव तक पैदल पहुँचे थे जहाँ सामाजिक कार्यकर्ता संजय पंत ने मजदूरों से पूछताछ की तो मामले का पता चला। सभी मजदूर बोले कि जैसे तैसे वो पैदल दोरनापाल तक पहुँच कर अपने घर तक पहुँच जाएंग।

24-04-2020
नक्सलियों को सामान व पैसा पहुंचाने वाले ठेकेदार सहित 5 लोग गिरफ्तार

कांकेर। नक्सलियों को सामान एवं पैसा पहुंचाने वाले राजनांदगांव के ठेकेदार सहित 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी अनुसार एक निजी कंपनी बिलासपुर के निशांत जैन एवं निजी कंपनी राजनांदगांव के वरुण के नाम से कांकेर जिला में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत नक्सलप्रभावित क्षेत्र अन्तागढ़, आमाबेड़ा, सिकसोड़, कोयलीबेड़ा में सड़क निर्माण कार्य अजय जैन व कोमल वर्मा के द्वारा करवाये जा रहे थे। इसके कारण वे नक्सलियों के सम्पर्क में आए जिसके बाद वे नक्सलियों को सामान व पैसा पहुंचाने लगे व भारी मात्रा में नक्सलियों के लिए वर्दी, जूता, वाकी-टाकी सेट व अन्य सामाग्री नक्सलियों तक पहुँचा रहे थे।

इसका आज पर्दाफाश करते हुए कोयलीबेड़ा के सिकसोड़ से कांकेर पुलिस 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें अजय जैन कौरीभाठा राजनांदगांव, कोमलप्रसाद वर्मा टेलीटोला टप्पा राजनांदगांव, रोहित नाग हेटारकसा कोयलीबेड़ा, सुशील शर्मा बिहारगढ़ उत्तरप्रदेश, सुरेश शरणागत पाडेवारा बालाघाट शामिल है। एक आरोपी पहले ही बोलेरो वाहन में नक्सलियों के लिए सामान पहुँचाते पकड़ाया है, जिसके बाद बाकी लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसकी जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांकेर पुलिस अधीक्षक एमआर अहिरे द्वारा दी गई।

30-03-2020
VIDEO: नक्सल सहयोगी राजनांदगांव से गिरफ्तार

राजनांदगांव। विगत दिनों नक्सलियों को पैसे, सामान व राशन मुहैय्या कराने वाले ठेकेदार को कांकेर पुलिस ने गिरफ्तार किया था साथ ही कई महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की थी, जिसमे वाहन, नक्सलियों की वर्दी, राशन आदि था। सूत्रों के अनुसार नक्सलियों को साजो सामान उपलब्ध कराने वालों में राजनांदगांव का एक बड़ा पेटी ठेकेदार सम्मिलित बताया जा रहा है।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पेटी ठेकेदार एक बड़ी कंस्ट्रक्शन फर्म का मालिक है व पिछले लंबे समय से धुर नक्सली इलाको में बेधड़क रोड अथवा अन्य कार्य कर रहा है, जिससे यह साफ समझा जा सकता है कि किस तरह उसे नक्सलियों का समर्थन प्राप्त है, सूत्र बताते हैं कि वह समय समय पर नक्सलियों को फंडिंग, राशन व अन्य ज़रूरत की सामग्री उपलब्ध कराता आया है।पुलिस को जब तापस नामक व्यक्ति जो कि नक्सलियों का मददगार है के बारे में पता चला तो कांकेर में घेराबंदी करते हुए उसे पकड़ लिया गया, उससे पूछताछ करने पर पता लगा कि राजनांदगांव का एक ठेकेदार इसके पीछे है जो कि नक्सलियों की मदद करता है।

तापस की निशानदेही पर कांकेर पुलिस ने कल राजनांदगांव में दबिश दी और उक्त मामले में राजनांदगांव से दयाशंकर नामक व्यक्ति को कमला कॉलेज के सामने स्तिथ निवास से गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए कांकेर ले गयी।अब सूत्रों के अनुसार दयाशंकर नक्सलियों का एक बड़ा मददगार था और राजनांदगांव में रहते हुए वह कांकेर, सुकमा, नारायणपुर, औंधी, मानपुर,  मोहला आदि नक्सल क्षेत्रो में धड़ल्ले से ठेकेदारी कर रहा था। दयाशंकर एक ऐसा व्यक्ति है जो बता सकता है कि राजनांदगांव में और कौन-कौन ऐसे ठेकेदार हैं जो नक्सलियों की मदद करते आये हैं। सूत्रों बताते हैं कि दयाशंकर तो एक छोटी मछली था जो नक्सलियों और बड़े ठेकेदारों के बीच सामंजस्य बैठता था नक्सलियों को जब रुपयों की जरूरत होती थी तो वह ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिये पैसे भेजता था, गौरतलब है दयाशंकर से सख्ती से पूछताछ होने पर और भी बड़े मगरमच्छों के नाम सामने आ सकते हैं।

24-03-2020
Breaking: नक्सलियों ने की सड़क निर्माण में लगे ठेकेदार की हत्या,वाहनों को किया आग के हवाले

बीजापुर। नक्सलियों ने मंगलवार को कायराना हरकत को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के पेटी ठेकेदार की हत्या कर दी। जिला मुख्यालय के आवापल्ली के पास चेरकडोडी से भण्डारपल्ली के बीच प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण किया जा रहा था। इस दौरान वहां काम करवा रहे पेटी कांट्रेक्टर शेखर की नक्सलियों ने हत्या कर दी। साथ ही दो वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। 

 

 

20-03-2020
सड़क निर्माण में रॉयल्टी चोरी का आरोपी ठेकेदार गुजरात से गिरफ्तार

जांजगीर चाम्पा। सड़क निर्माण में रॉयल्टी चोरी कर शासन को भारी नुकसान पहुंचाने वाला ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रॉयल्टी चोरी के मामले में ढाई महीने से फरार आरोपी ठेकेदार ध्रुव अग्रवाल को गुजरात के द्वारिका से गिरफ्तार किया गया। आरोपी विभिन्न शहरों में पहचान बदलकर पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा था, जिसे आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया। जिले के बाराद्वार से नगरदा के बीच बने सड़क में गुणवत्ताविहीन निर्माण व रेत, गिट्टी परिवहन में रॉयल्टी चोरी के मामले में आरोपी ध्रुव अग्रवाल ढाई महीने से फरार चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में प्रार्थी सुशील अग्रवाल की रिपोर्ट पर दिनांक 25 दिसंबर 2019 को थाना अकलतरा में दो आरोपियों के विरुद्ध धारा 420,418,409 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया था। 

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